T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला

T20 World Cup : चेन्नई। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में भारत (India) ने जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 72 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार वापसी की। एमए चिदंबरम स्टेडियम खेले गए इस मैच में भारत की जीत के साथ ही जिम्बाब्वे टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 184/6 तक ही पहुंच सकी। अर्शदीप का घातक स्पेल तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने सिकंदर रज़ा, रयान बर्ल और टोनी मुन्योंगा को आउट कर मैच भारत की झोली में डाल दिया। ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाकर संघर्ष किया। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हालांकि, वह शतक से तीन रन दूर रह गए। भारत की ओर से स्थानीय खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती ने भी कसी हुई गेंदबाजी की, जबकि अक्षर पटेल ने तादिवानाशे मारुमानी का अहम विकेट लिया। बल्लेबाजी में भी दम संजू सैमसन को इस बार प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जो 24 रन बनाकर आउट हो गए। संजू ने लगातार फ्लॉप चल रहे अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 22 गेंदों पर 48 रन जोड़े। इसके बाद अभिषेक शर्मा (55 रन) ने ईशान किशन के साथ न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। दोनों के बीच अगले 7 ओवर में 72 रन की साझेदारी हुई। ईशान किशन ने 38 रन की पारी खेली। कप्तान सूर्यकुमार ने भी अच्छे हाथ दिखाए और 3 चौके और 2 छक्कों की मददसे 13 गेंदों में 33 रन जड़ दिए। हालांकि मैच का आनंद तब आया जब हार्दिक पंड्या (23 गेंदों पर 50 रन) और तिलक वर्मा (16 गेंद में 44 रन) 31 गेंदों पर 84 रन जोड़ डाले। इस बल्लेबाजी वर्चस्व से भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा और टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया। अब वेस्टइंडीज से निर्णायक भिड़ंत इस जीत से भारत का नेट रन रेट बेहतर हुआ और टीम की अभियान पटरी पर लौट आया। अब 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला ‘वर्चुअल नॉकआउट’ होगा। इस मैच का विजेता सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगा। भारत के लिए जीत का अंतर भले ही बड़ा रहा हो, लेकिन गेंदबाजी संयोजन में सुधार की जरूरत स्पष्ट दिखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन इन पहलुओं पर खास ध्यान देगा।
सेमीफाइनल की राह अब भी खुली, T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के सामने 3 बड़े समीकरण

नई दिल्ली । T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण में टीम इंडिया की शुरुआत भले ही निराशाजनक रही हो लेकिन सेमीफाइनल की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार ने भारतीय फैंस को झटका दिया वहीं वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 100 से ज्यादा रनों से हराकर नेट रन रेट की जंग को और कठिन बना दिया। मौजूदा हालात में ग्रुप 1 की चारों टीमों ने एक-एक मैच खेला है। दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम जीत के साथ आगे हैं जबकि भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में भारत के लिए आगे के दोनों मुकाबले करो या मरो जैसे हो गए हैं। पहला और सबसे सीधा सिनेरियो भारत के लिए राहत भरा है। अगर साउथ अफ्रीका अपनी बाकी दोनों मैच जीतकर 6 अंकों के साथ सुपर 8 खत्म करती है तो भारत को बस अपने शेष दोनों मुकाबले जीतने होंगे। इस स्थिति में भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहेगा और नेट रन रेट की चिंता किए बिना सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। वेस्टइंडीज अधिकतम 2 अंकों पर रुक जाएगी और जिम्बाब्वे बाहर हो जाएगी। यानी भारत को अपने प्रदर्शन के साथ-साथ साउथ अफ्रीका की निरंतर जीत की भी उम्मीद करनी होगी। दूसरा सिनेरियो थोड़ा पेचीदा है और यहीं नेट रन रेट की असली परीक्षा होगी। मान लीजिए साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज से हार जाए लेकिन जिम्बाब्वे को हरा दे। वहीं भारत अपने दोनों मैच जीत ले। तब साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज और भारत तीनों के 4-4 अंक हो जाएंगे। ऐसे में सेमीफाइनल की दो सीटों का फैसला नेट रन रेट से होगा। फिलहाल भारत इस मामले में पीछे है क्योंकि शुरुआती हार ने उसका औसत बिगाड़ दिया है। हालांकि एक सकारात्मक पहलू यह है कि भारत अपना आखिरी सुपर 8 मुकाबला सबसे अंत में खेलेगा जिससे उसे साफ पता होगा कि कितने अंतर से जीत दर्ज करनी है। बड़ी जीत यहां निर्णायक साबित हो सकती है। तीसरा सिनेरियो पूरी तरह साउथ अफ्रीका की हार पर निर्भर करता है। यदि साउथ अफ्रीका अपने दोनों शेष मैच वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे से हार जाती है तो वह केवल 2 अंकों पर सिमट जाएगी। ऐसे में भारत अगर अपने दोनों मुकाबले जीत लेता है तो उसके 4 अंक हो जाएंगे। वेस्टइंडीज भी 4 अंकों तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में भारत और वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में पहुंचेंगे जबकि साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे बाहर हो जाएंगे। यहां नेट रन रेट की भूमिका सीमित हो सकती है यदि अंकों का अंतर स्पष्ट रहता है। साफ है कि भारत के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। एक और हार का मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना होगा। बल्लेबाजी में मजबूती गेंदबाजी में धार और दबाव में संयम इन तीनों मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन ही टीम इंडिया को अंतिम चार में पहुंचा सकता है। समीकरण जटिल जरूर हैं लेकिन उम्मीद अभी कायम है।