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बुध गोचर 2026: अप्रैल के अंत में बनेगा बुधादित्य राजयोग, इन राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली। अप्रैल 2026 के आखिरी दिनों में ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ता है। इस बार बुध गोचर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहा है। बुध को बुद्धि, व्यापार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। इसी समय सूर्य पहले से ही मेष राशि में मौजूद रहेंगे, जिससे दोनों ग्रहों की युति बनकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। यह योग ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है और माना जाता है कि यह आर्थिक उन्नति और करियर में सफलता दिला सकता है। इस गोचर का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहने की संभावना है। मेष राशि:-मेष राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद अनुकूल माना जा रहा है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। निवेश से लाभ और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। मिथुन राशि:-मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर आय में वृद्धि का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और पारिवारिक जीवन में खुशहाली बढ़ सकती है। मकर राशि:-मकर राशि के लिए यह गोचर भाग्यवृद्धि लेकर आ सकता है। अटके हुए कार्य पूरे होंगे और कर्ज से राहत मिलने की संभावना है। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है और नौकरी में पदोन्नति के योग भी बन रहे हैं।

कुंभ राशि में 17 फरवरी को ग्रहों का लगेगा जमवाड़ा, देश-दुनिया को करेगा प्रभावित, इन राशियों पर भी पड़ेगा प्रभाव

भोपाल । एक ही राशि में पांच ग्रह इकट्ठे हो रहे हैं। यह पूर्व से चला आ रहा चतुरग्रह योग अब पंचग्रही योग में परिवर्तन हो रहा है। ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के प्रमुख आचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया कि आगामी 17 फरवरी मंगलवार को चंद्रमा के कुंभ राशि में पहुंचने के पश्चात सूर्य, बुध, शुक्र, राहु, चंद्रमा का पंचग्रही योग बनेगा, यह योग देश दुनिया को प्रभावित करेगा, कई देशों में तनाव की स्थिति लगातार बढ़ती जाएगी। इस योग के प्रभाव से कुंभ राशि वाले देशों के अतिरिक्त मेष, तुला वृश्चिक, वृष राशि वाले देश प्रभावित होंगे। इन देशों को सावधानी की आवश्यकता है । क्योंकि आगामी मार्च में धीरे-धीरे यह योग शक्तिशाली होगा, जिसके परिणाम भयंकर हो सकते हैं। ऐसे योग संयोग का निर्माण 1962 ईस्वी में एवं 1971 ई में बना था जब देश ,दुनिया को संकट का सामना करना पड़ा था। 23 फरवरी को मंगल के राशि परिवर्तन से यह पंचग्रही योग और भी शक्तिशाली हो जाएगा । पंडित गौतम के अनुसार यह योग भारत सहित दुनिया के लिए अशुभ है इसके प्रभाव से युद्ध आदि के प्रभाव में बढ़ोतरी होगी, टकराव की स्थिति के साथ प्राकृतिक प्रकोप भूकंप आदि के योग भी निर्मित हो रहे हैं । भारत की प्रभाव राशि कुंभ पर बनने वाला यह पंचर्ग्रही योग भारत को भी प्रभावित कर सकता है। अतः सावधानी की आवश्यकता है। कुंभ राशि शनि प्रधान राशि है। यह न्याय के देवता शनि के आधिपत्य में आती है। अन्याय से संबंधित युद्ध आदि धर्म युद्ध की ओर संकेत करती है। ग्रह स्थिति के अनुसार इस योग के प्रभाव से 12 राशियों में प्रभाव पड़ेगा। मंगलवारी अमावस्या के दिन परिधि योग एवं पंचक की स्थिति भी प्रारंभ हो रही है यह भी। अशुभ कारक है। ज्योतिष संहिता शास्त्र में पंचग्रही योग को अशुभ माना गया है। पंचग्रही योग में 12 राशियों पर प्रभाव इस प्रकार से होंगे- मेष- स्थानांतरण, शरीर कष्ट, तनाव वृष- रोग, प्रॉपर्टी से लाभ, पुत्र सुख मिथुन -शुभप्रसंग, यात्रा, परेशानी, कष्ट कर्क- पुत्र सुख, भूमि लाभ, यात्रा, सिंह- शुभ समाचार, धन लाभ, मतभेदकन्या- व्यर्थ की चिंता, सहयोग तुला- भूमि लाभ, प्रतिष्ठा में वृद्धि वृश्चिक- स्वास्थ्य चिंता, धोखा धनु- मेहमान से मतभेद बढ़ेगामकर -चिंता निवारण वृद्धि कुंभ- लाभ, श्रम अधिक, तनाव मीन -सफलता, धन लाभ, विवाद