धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। हालांकि आमतौर पर लोग इस दिन सोना या चांदी खरीदते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के कुछ छोटे-छोटे उपाय भी उतने ही प्रभावशाली माने जाते हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक बताया गया है। इस समय विधिपूर्वक पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। वहीं सोना या चांदी खरीदने के लिए 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से 20 अप्रैल सुबह 5:51 बजे तक का समय अत्यंत शुभ रहेगा।
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि इस दिन सोना खरीदा जाए तो उसे घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से धन में वृद्धि होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसके अलावा घर की उत्तर दिशा को साफ और व्यवस्थित रखना भी बेहद जरूरी माना गया है, क्योंकि यह दिशा धन के देवता कुबेर से जुड़ी होती है। इस दिशा में तिजोरी या अलमारी रखना आर्थिक स्थिरता लाने में सहायक माना जाता है।
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ सरल उपाय भी किए जा सकते हैं। तिजोरी या अलमारी पर हल्दी या रोली से स्वास्तिक चिन्ह बनाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह उपाय घर में धन के आगमन के द्वार खोलता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
इसके अलावा इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में कभी कमी नहीं आती। यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि केवल धन अर्जित करना ही नहीं बल्कि उसे सही दिशा में उपयोग करना भी उतना ही जरूरी है।
अक्षय तृतीया का यह पावन अवसर हर व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मौका देता है। यदि इस दिन सही विधि से पूजा और छोटे-छोटे वास्तु उपाय किए जाएं तो जीवन में स्थायी सुख और समृद्धि प्राप्त की जा सकती है।