बताया जाता है कि इस हमले के पीछे पुराने विवाद था। हमलावर और पीड़ित एक ही कोचिंग में साथ पढ़ते थे और किसी पिछले झगड़े में थप्पड़ मारने का मामला भी शामिल था। इसी विवाद का बदला लेने के लिए दो नाबालिग आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में क्लब में घुसकर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जैसे ही छात्र ने खुद को बचाने की कोशिश की, दोनों हमलावर 30 सेकेंड के भीतर लगातार 27 बार चाकू से वार कर फरार हो गए।
हमले के कारण पीड़ित छात्र के हाथ में 10 से अधिक कट के निशान हैं। केवल इतना ही नहीं, छात्र की दो उंगलियां भी कट गई हैं और कंधे और पीठ पर गंभीर चोटों के निशान हैं। घटना के तुरंत बाद घायल छात्र को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बचाव में लगी हुई है।
पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों नाबालिग आरोपियों ने अपने आप को बिल्कुल फिल्मी हीरो की तरह प्रस्तुत किया और अचानक हमला किया। घटना ने आसपास के इलाके में लोगों को डर और आश्चर्य में डाल दिया है।टीला जमालपुरा थाना ने घटना के बाद तुरंत जांच शुरू की। साधारण धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराओं को बढ़ाया जाएगा। आरोपी नाबालिग होने के कारण फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के हमले बच्चों में बढ़ती हिंसा और तनाव का संकेत हैं। पुराने विवाद और आपसी झगड़ों का बदला लेने की मानसिकता नाबालिगों को गंभीर अपराध करने के लिए उकसाती है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि परिवार और शिक्षकों को बच्चों के बीच बढ़ते तनाव पर नजर रखनी कितनी जरूरी है।
घटना के बाद टीला जमालपुरा इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने आस-पास के क्लबों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस लगातार गश्त बढ़ा रही है और संदिग्धों की पहचान कर रही है।
भोपाल की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चिंता का विषय बन गई है। शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन को अब मिलकर नाबालिगों के बीच हिंसा और विवादों को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाना होगा। पुलिस और परिवार दोनों ही पीड़ित छात्र के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।आज का यह मामला एक चेतावनी की तरह है कि नाबालिग अपराध और हिंसा रोकने के लिए समय रहते जागरूकता संवाद और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।