जानकारी के अनुसार बस पिपरिया से छिंदवाड़ा की ओर आ रही थी और रेनीखेड़ा के पास अचानक चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया। हादसे के समय बस में यात्रियों की संख्या अधिक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इसके बावजूद पंद्रह यात्रियों को चोटें आई हैं। इनमें से दस से ग्यारह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पिपरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी अन्य मामूली घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
बस चालक अमर के सिर में गंभीर चोट आई है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर है और उनकी निगरानी जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्रेन की मदद से पलटी हुई बस को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य किया। साथ ही पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज गति के कारण बस अनियंत्रित हो गई और पलटी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बस पलटते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ आए और घायलों की मदद की। कई लोग घायल यात्रियों को तामिया अस्पताल तक पहुंचाने में शामिल हुए। हादसे में गनीमत यह रही कि बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकता था।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि पिपरिया-छिंदवाड़ा मार्ग पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज गति से बचें। स्थानीय प्रशासन भी हादसे के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है।
बस हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। तेज गति और चालक की लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों और आम जनता से अपील की गई है कि सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनियंत्रित वाहन से बचने के लिए सतर्क रहें।