Chambalkichugli.com

विदेश में UPI का विस्तार, India-Bhutan के बीच जल्द शुरू होगी क्रॉस-बॉर्डर मनी ट्रांसफर सेवा


नई दिल्ली। भारत की डिजिटल क्रांति अब सीमा से बाहर कदम रखने जा रही है। भारत और भूटान के बीच जल्द ही UPI आधारित क्रॉस-बॉर्डर मनी ट्रांसफर सेवा शुरू होने जा रही है। यह पहल दोनों देशों के बीच आर्थिक और डिजिटल क्रांति को नई बढ़त देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

UPI से आसान होगा विदेश में पैसा खुशनुमा

इस नई व्यवस्था के तहत यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के पोस्टल ट्रांसफर सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके जरिए लोग डाक नेटवर्क का इस्तेमाल कर बेहद आसान, तेज और सस्ते तरीकों से एक देश से दूसरे देश में पैसे भेज और हासिल कर सकेंगे। यह सुविधा जरूरी पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी, जो छोटे ट्रांजैक्शन करते हैं या जिनके पास पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सीमित है।

डाक सेवाओं के जरिए मजबूत होगा सहयोग

इस पहल को सफल बनाने के लिए इंडिया पोस्ट और भूटान पोस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया गया है। यह समझौता केवल मनी ट्रांसफर तक सीमित नहीं है, बल्कि डाक सेवाओं के कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाएगा। इसमें लॉजिस्टिक्स, टेक्निकल डेवलपमेंट, डाक टिकट (फिलेटली), और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे दोनों देशों के बीच सेवा गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा।

ट्रेनिंग और टेक्नीक पर खास फोकस

समझौते के तहत भूटान के डाक अधिकारियों को भारत में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए रफी अहमद किदवई राष्ट्रीय डाक अकादमी जैसे विद्यार्थियों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन ट्रेनिंग प्रोग्राम में आधुनिक टेक्नीक, ऑपरेशन मैनेजमेंट और डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी जाएगी, जिससे भूटान की डाक सेवाएं और अधिक उन्नत हो सकें।

डिजिटल और लॉजिस्टिक्स सिस्टम मजबूत होगा

भारत अपने डिजिटल पोस्टल सिस्टम और डिजिटल एड्रेस कोड जैसी तकनीकों का अनुभव भूटान के साथ साझा करेगा। इससे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और सेवाओं की गति व सेवाएं जहां।
साथ ही, यह सहयोग फाइनेंशियल इन्क्लूजन (वित्तीय समावेशन) को भी बढ़ावा देगा, जिससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी आसानी से बैंकिंग और पेमेंट सेवाएं मिल सकेंगी।

वैश्विक स्तर पर बढ़ेगा भारत का डिजिटल प्रभाव

यूपीआई का यह विस्तार भारत की डिजिटल ताकत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है। इससे न सिर्फ दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा, बल्कि भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *