कई लोगों के मन में सवाल होता है कि आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद इसका उपयोग कैसे किया जाए और मुफ्त इलाज की प्रक्रिया क्या है दरअसल इसका लाभ उठाने के लिए कुछ आसान स्टेप फॉलो करने होते हैं
सबसे पहले आपको यह पता करना होता है कि आपके शहर या जिले में कौन से अस्पताल इस योजना में पंजीकृत हैं इसके लिए आप योजना की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के जरिए जानकारी ले सकते हैं केवल वही अस्पताल मुफ्त इलाज की सुविधा देते हैं जो योजना से जुड़े होते हैं
इसके बाद आपको उसी पंजीकृत अस्पताल में जाना होता है अस्पताल पहुंचने पर आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क पर संपर्क करना होता है यहां मौजूद अधिकारी आपके आयुष्मान कार्ड की जांच करते हैं और आपकी पहचान व पात्रता को सत्यापित करते हैं सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित बीमारी या उपचार के अनुसार आपको कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है
योजना के तहत लाभार्थी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करवा सकता है यह सीमा हर साल रिन्यू होती है यानी अगले वित्तीय वर्ष में फिर से पूरी लिमिट उपलब्ध हो जाती है इसमें कई प्रकार की गंभीर बीमारियों और सर्जरी को कवर किया गया है
कौन लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं यह भी जानना जरूरी है वे लोग जो गरीब या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं पीएफ या ईएसआईसी का लाभ नहीं लेते या जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है वे पात्रता मानदंड के अनुसार आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं पात्रता का निर्धारण सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर किया जाता है
यह योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है जो गंभीर बीमारी के इलाज के खर्च के कारण आर्थिक संकट में आ जाते थे अब आयुष्मान कार्ड के जरिए वे बिना पैसे की चिंता किए पंजीकृत अस्पतालों में उपचार करा सकते हैं
यदि आपके पास आयुष्मान कार्ड है तो समय समय पर इसकी स्थिति और पात्रता की जांच करते रहें और इलाज की जरूरत पड़ने पर केवल अधिकृत अस्पताल में ही जाएं ताकि योजना का पूरा लाभ मिल सके