मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में दो चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन सिस्टम्स के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा, 30 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में कहीं-कहीं बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। 28 मार्च को हल्की बारिश, जबकि 30 मार्च को सिस्टम का असर सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है।
शुक्रवार से शुरू हो रहे इस बदलाव से पहले प्रदेश में तेज गर्मी देखने को मिली। नर्मदापुरम के अलावा रतलाम में 39.6 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, धार, रायसेन और मंडला में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। खरगोन में 38.2 डिग्री, शाजापुर और खंडवा में 38.1 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और खजुराहो में पारा 38 डिग्री तक पहुंचा।
अन्य जिलों जैसे छिंदवाड़ा, दमोह, बैतूल, श्योपुर, सागर और सतना में भी तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 37.7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.6 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री तापमान रहा।
मार्च महीने में इससे पहले भी दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे गेहूं, पपीता और केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने आगे के महीनों को लेकर भी चेतावनी दी है। अनुमान के मुताबिक अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहेगा।