क्यों मनाया जाता है विश्व निद्रा दिवस
नींद के महत्व और नींद से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल World Sleep Day मनाया जाता है। यह दिन लोगों को यह याद दिलाता है कि अच्छी नींद स्वस्थ जीवन के लिए उतनी ही जरूरी है जितना संतुलित आहार और नियमित व्यायाम। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर में थकान, ऊर्जा की कमी, मांसपेशियों में दर्द, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार मानसिक तनाव, कैफीन का अत्यधिक सेवन, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी अनिद्रा के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में योग और ध्यान जैसे प्राकृतिक उपाय इस समस्या से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हस्तोत्तानासन से कम होता है तनाव
Hastottanasana को नींद सुधारने वाले प्रभावी योगासनों में माना जाता है। इसके अभ्यास के लिए पैरों में थोड़ा अंतर रखकर सीधे खड़े हों और सांस भरते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं। इसके बाद गर्दन को हल्का पीछे झुकाते हुए शरीर को पीछे की ओर खींचें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।
यह आसन कंधों और पीठ की मांसपेशियों को खोलता है, शरीर में तनाव कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
पादहस्तासन से मन होता है शांत
Padahastasana भी अनिद्रा में लाभकारी माना जाता है। इस आसन में सीधे खड़े होकर सांस भरते हुए हाथ ऊपर उठाए जाते हैं और फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को कमर से आगे झुकाया जाता है। हथेलियों को जमीन पर रखते हुए सिर को नीचे की ओर झुका दिया जाता है। यह आसन सिर की ओर रक्त संचार बढ़ाता है, मानसिक तनाव को कम करता है और मन को शांत करने में मदद करता है।
नियमित योग, संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर अनिद्रा की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है और बेहतर, गहरी तथा सुकून भरी नींद हासिल की जा सकती है।