तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन ने स्पोर्ट्स, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री, एजुकेशन और टूरिज्म में एआई का लाभ लेने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य में काम करने के लिए कंपनियों को आमंत्रण भी दिया है। मध्यप्रदेश भविष्य में एआई सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी शक्ति के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020
मैहर में पुतला दहन के दौरान हादसा, यातायात प्रभारी झुलसे, जांच के निर्देश

मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर शहर के अलाउद्दीन तिराहे पर कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ड्यूटी पर तैनात यातायात प्रभारी विक्रम पाठक की वर्दी में आग लगने से वे झुलस गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इंडियन नेशनल कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदेश के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, राजेंद्र शुक्ला, विजय शाह और कैलाश विजयवर्गीय के विरोध में पुतला दहन कर रहे थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि पुतले पर ज्वलनशील पदार्थ डालने के दौरान कुछ छींटे यातायात प्रभारी की वर्दी पर भी पड़ गए, जिससे अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पाया और घायल अधिकारी को सिविल अस्पताल पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक अधिकारी के शरीर के कई हिस्से झुलस गए हैं। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपाय किए हैं।
उमरिया में आवारा कुत्ते का हमला: 6 माह का मासूम गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में भर्ती

उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर के ग्राम बिलासपुर में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। घर के आंगन में खेल रहे छह माह के मासूम पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार ग्राम बिलासपुर निवासी अनिल कोल का छह माह का पुत्र आर्यन घर के आंगन में खेल रहा था, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त थी। इसी दौरान एक स्ट्रीट डॉग घर के भीतर घुस आया और बच्चे पर झपट पड़ा। बच्चे के रोने की आवाज सुनते ही मां और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे तथा किसी तरह कुत्ते को भगाकर मासूम को छुड़ाया, लेकिन तब तक वह बुरी तरह जख्मी हो चुका था। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई, जिसके जरिए बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने बताया कि बिलासपुर से लाए गए छह माह के बच्चे को आवारा कुत्ते ने काटा है। बच्चे को कई जगह चोटें आई हैं और उसका उपचार जारी है। फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र सहित पूरे जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव-मोहल्लों में स्ट्रीट डॉग और सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, जनपद एवं नगरीय निकाय से इस समस्या पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।
TATA.ev ने नए Punch.ev के साथ मेनस्ट्रीम EV अपनाने में तेज़ी लाई
मुंबई! ईवी को मेनस्ट्रीम करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, भारत में जीरो एमिशन पर्सनलमोबिलिटी सॉल्यूशंस के लीडिंग प्रोवाइडर, TATA.ev ने आज अपने पॉपुलर Punch.ev का नया अवतार लॉन्च किया, जिससेभारत में बड़े पैमाने पर EV अपनाने की नई लहर शुरू हो गई है। एंट्री लेवल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को डेमोक्रेटाइज़ करने के लिएडिजाइन की गई, नई Punch.ev उन सभी चीज़ों को एक साथ लाता है जो कस्टमर न सिर्फ अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार मेंबल्कि अपनी पहली घरेलू कार में भी चाहते हैं। यह EV ओनरशिप को रोकने वाली मुख्य रुकावटों – अफोर्डेबिलिटी, रेंजकॉन्फिडेंस, चार्जिंग सुविधा और बैटरी एश्योरेंस – को पूरी तरह से दूर करता है; जिससे बड़े पैमाने पर मेनस्ट्रीम EV अपनाने कापूरा समीकरण हल हो जाता है।सिर्फ़ ₹ 9.69 लाख (एक्स-शोरूम, मुंबई) की आकर्षक शुरुआती कीमत पर लॉन्च की गई, नई Punch.ev एंट्री-लेवल स्मॉल-कारसेगमेंट में ICE ऑफ़रिंग के साथ EV ओनरशिप को लगभग ऑन-रोड कीमत के बराबर लाता है।TATA.ev BaaS का ऑप्शन भी दे रहा है, जो ₹ 9.69 लाख से शुरू होता है और बैटरी EMI ₹2.6 /किमी है, जिससे कस्टमरके लिए एक दूसरा फाइनेंसिंग ऑप्शन मिलता है।नई Punch.ev को लॉन्च करते हुए टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड केमैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश चंद्रा ने कहा, “नई Punch.ev, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को हर घर के लिए सच में आसान, प्रैक्टिकल औरचिंता-मुक्त बनाती है। ~355 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज, फास्ट चार्जिंग कैपेबिलिटी, लाइफटाइम HV बैटरी वारंटी और बहुत हीकिफायती कीमत के साथ, यह उन मुख्य चिंताओं को दूर करती है जो अब तक ग्राहकों को अपनी मुख्य कार के रूप में एंट्रीलेवल EV चुनने से रोकती थीं। रोज़ाना और लंबी दूरी की यात्रा के लिए ग्राहक अपनी पसंदीदा कार में जो कुछ भी चाहते हैं, उसेएक साथ लाकर, नई Punch.ev भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के डेमोक्रेटाइजेशन में एक बड़ी छलांग है।” कीमतों का टेबल नई Punch.ev – बियॉन्ड लिमिट्स के बारे में एडवांस्ड acti.ev आर्किटेक्चर पर बनी नई Punch.ev प्योर EVs को अगले लेवल पर ले जाती है। सबकॉम्पैक्ट SUV कैटेगरीमें सबसे आगे रहने के साथ-साथ भारत की सबसे पसंदीदा SUV में से एक के तौर पर अपनी जगह बनाए रखने वाली, Punchअपने EV अवतार में कई खरीदारों के लिए एक पक्की पसंद है। ज्यादा रियल-वर्ल्ड रेंज और बड़े बैटरी पैक के साथ रेंज की चिंता दूर करनाबड़े 40 kWh LFP प्रिज़्मैटिक सेल बैटरी पैक के साथ, जो ज्यादा काम की रियल-वर्ल्ड C75 रेंज ~355 किमी* और ARAIसर्टिफाइड (P1+P2) रेंज 468 किमीs** देता है, नई Punch.ev रोज़ाना शहर में इस्तेमाल और छोटी इंटरसिटी यात्राओं के लिएबहुत अच्छी है, जिसमें बार-बार चार्जिंग स्टॉप की ज़रूरत कम होती है। इसके अलावा नई Punch.ev एक नए 30kWh बैटरीपैक ऑप्शन के साथ भी मिलेगी। इन दोनों ऑप्शन को मिलाकर नई Punch.ev ग्राहकों को ICE से इलेक्ट्रिक में आसानी सेबदलने में मदद करती है, जिससे बेहतर ड्राइव क्वालिटी, कम रनिंग और मेंटेनेंस कॉस्ट, और एक बार चार्ज करने पर रोजाना यालंबी दूरी की यात्रा में कोई समझौता नहीं होता है।फास्टर चार्जिंग, ज्यादा ड्राइविंग:फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ, बैटरी सिर्फ़ 26 मिनट* में 20% से 80% तक तेज़ी से चार्ज हो सकती है। इसके अलावा, यह सिर्फ 15 मिनट* में बैटरी को आसानी से 135 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज दे देती है, जो लगभग लंबी ड्राइव पर एक छोटीचाय या कॉफ़ी ब्रेक के समय के बराबर है।अनलिमिटेड किमी कवर करने वाली लाइफ़टाइम बैटरी वारंटी:नया Punch.ev अनलिमिटेड किमी*** कवर करने वाली लाइफ़टाइम HV बैटरी वारंटी के साथ आता है, जो सबसे जरूरी EVपार्ट्स पर लंबे समय तक कवरेज देता है, जिससे पहली बार मालिक बनने वाले ग्राहकों को मालिकाना हक के दौरान ज्यादाभरोसा मिलता है।तेजी से बढ़ता चार्जिंग इकोसिस्टम:TATA.ev का चार्जिंग नेटवर्क घर, कम्युनिटी और पार्टनर्स की पब्लिक चार्जिंग के ज़रिए 1,500 शहरों में 2.3 लाख से ज़्यादाचार्जिंग पॉइंट को कवर करता है। TATA.ev ने 30 से ज्यादा चार्ज पॉइंट ऑपरेटर के साथ मिलकर 30,000 से ज्यादा पब्लिकचार्जर जोड़े हैं। ग्राहक IRA.ev ऐप के जरिए एक्टिव चार्जर की रियल टाइम अवेलेबिलिटी/स्टेटस चेक कर सकते हैं ताकि आसानीसे नेविगेशन और एंड-टू-एंड पेमेंट हो सके। TATA.ev पब्लिक चार्जर कितने भरोसेमंद हैं, इस पर नजर रखता है और इसने एक‘.ev वेरिफाइड’ चार्जर नेटवर्क बनाया है, जिसमें 500 शहरों और कस्बों में 2,500+ तेज़, सुरक्षित और बहुत भरोसेमंद चार्जिंगपॉइंट हैं। चार्जिंग के अनुभव को वर्ल्ड क्लास लेवल तक ले जाते हुए, TATA.ev ने भारत का सबसे बड़ा सुपरफास्ट चार्जिंगनेटवर्क बनाया है – 80 हाईवे पर 130+ मेगा चार्जिंग हब पर 450+ चार्जिंग पॉइंट – यह संख्या FY26 तक 800 चार्जिंग पॉइंटतक बढ़ जाएगी। Share this:
प्रियंका चतुर्वेदी फिर जाएंगी राज्यसभा? उद्धव गुट की सांसद ने खुद बोलीं, 'मैं उसे लेकर कोई…'

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी गहमागहमी तेज हो गई है. उद्धव गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी का राज्यसभा का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. राज्यसभा में फिर से जाने के सवाल पर प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे लेकर खुद स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि जनता से मुझे भरपूर समर्थन मिला है. भविष्य में क्या होगा मैं उसे लेकर कोई कयास नहीं लगाना चाहती हूं लेकिन देश और जनता के हित में काम करती रहूंगी. पिछले 6 सालों में मैंने जनता के मुद्दों का उठाया- प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना UBT सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि जनता ने मुझ पर जो विश्वास जताया है मुझे भरपूर समर्थन मिला है. पिछले छह वर्षों में मैंने कड़ी मेहनत की है जनता के मुद्दों को उठाया है. मेरी पार्टी ने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है जिसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी.”मैं हमेशा लोगों का शुक्रगुजार रहूंगी- प्रियंका चतुर्वेदी उन्होंने आगे कहा एक महिला जिनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं था उनको राज्यसभा में आने का मौका मिला मैं इसके लिए हमेशा आभारी और शुक्रगुजार रहूंगी. आने वाले समय में क्या होगा क्या नहीं होगा मैं उसे लेकर कोई अनुमान नहीं लगाना चाहती हूं लेकिन ये जरूर कहूंगी कि देश और जनता के हित में काम करना जारी रखूंगी.” MVA से कौन जाएगा राज्यसभा? उद्धव ठाकरे की पार्टी एमवीए का हिस्सा है. विधायकों के आंकड़ों के हिसाब से MVA से एक ही सांसद राज्यसभा जा सकता है. वो नेता कौन होगा इसको लेकर अभी इस गठबंधन में तस्वीर साफ नहीं है. महाविकास आघाड़ी का गणित कांग्रेस 16 + राष्ट्रवादी शरद पवार गुट 10 + शिवसेना ठाकरे गुट 20 = 46छोटे सहयोगी दल सपा 2 + माकपा 1 = 3कुल = 49 विधायक49 ÷ 37 = 1.32अर्थात MVA का 1 सांसद निश्चित राज्यसभा को लेकर चुनावी कार्यक्रम बता दें कि 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा. नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च है. वहीं 6 मार्च को नामांकन पत्र की जांच होगी. जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 मार्च है. 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी जबकि शाम पांच बजे से मतगणना होगी.
T20 वर्ल्ड कप के प्रमोशन पर उठे सवाल, 'फुकरे' इंसान को चुनेंगे तो विज्ञापन भी ‘फुकरा’ ही बनेगा

नई दिल्ली। भारत बनाम पाकिस्तान के हाई-वोल्टेज T20 वर्ल्ड कप मुकाबले के लिए बनाए गए हालिया प्रोमो ने उत्साह से ज्यादा उलझन पैदा कर दी है। स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर ने इस बड़े मैच के प्रचार के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फुकरा इंसान को चेहरा बनाया, लेकिन नतीजा उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। जब मुकाबला क्रिकेट की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विता का हो, तो प्रस्तुति भी उसी स्तर की होनी चाहिए। मगर प्रोमो में दिखी सतही हास्य-शैली और बनावटी संवादों ने इसकी गंभीरता को हल्का कर दिया। ऐसा लगा मानो रचनात्मक टीम ने गहराई से सोचने के बजाय आसान और जल्दबाजी वाला रास्ता चुन लिया हो। इससे स्पष्ट है कि जब आप फुकरे को हायर करते हैं, तो विज्ञापन भी फुकरा ही बनता है, जो भद्दा, बेस्वाद और बेमानी लगता है। दरअसल, फुकरा इंसान, जो यूट्यूब पर रिएक्शन वीडियो के लिए लोकप्रिय हैं, अक्सर दूसरों के कंटेंट पर अपनी प्रतिक्रियाओं से पहचान बनाते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे बड़ी भिड़ंत को सिर्फ हल्के-फुल्के तंज और कृत्रिम मुस्कानों तक सीमित कर देना दर्शकों की भावनाओं के साथ न्याय नहीं करता। इतने बड़े मंच पर रचनात्मकता, जोश और गरिमा की उम्मीद की जाती है, सिर्फ ट्रेंडिंग चेहरे से काम नहीं चलता।भारत-पाक भिड़ंत को सिर्फ आंकड़ों में क्यों समेट दिया गया? भारत-पाकिस्तान मुकाबले के ताजा प्रोमो में आईसीसी नॉकआउट चरण में भारत के 8-1 रिकॉर्ड को इस तरह पेश किया गया मानो यही पूरी दास्तान हो। तथ्य सही है, लेकिन सिर्फ सही होना काफी नहीं, रचनात्मक होना भी उतना ही जरूरी है। जब आपके पास क्रिकेट की सबसे बहुचर्चित प्रतिद्वंद्विता का विशाल कैनवास हो और आप उसी पुराने आंकड़े पर टिक जाएं, तो सवाल उठना लाजिमी है कि कल्पना आखिर गई कहां? फैंस को वाह वाला पल चाहिए, ये तो पहले से पता है वाली ऊब नहीं। दर्शक नई दृष्टि चाहते हैं, न कि वही पुरानी सांख्यिकी का दोहराव। क्रिकेट भावनाओं का खेल है, सिर्फ स्कोरलाइन का नहीं। याद कीजिए 2007 का टी20 विश्व कप फाइनल। कमेंट्री गूंजी थी इन द एयर… और श्रीसंत ने कैच पकड़ लिया! उस एक पल ने मैच की दिशा ही नहीं, एक खिलाड़ी की छवि भी बदल दी। मिस्बाह-उल-हक का वह स्कूप शॉट और फिर सालों तक गूंजती एक चुभती पंक्ति मिस्बाह, पांच रन। यही तो ट्रोलिंग की असली बारीकी है: एक लम्हा, एक जुमला, जो इतिहास बन जाए। भारत-पाक मुकाबले ने हमेशा असली नाटक रचा है। वसीम अकरम और वकार यूनिस की स्विंग, जावेद मियांदाद का शारजाह में आखिरी गेंद पर छक्का, शोएब अख्तर बनाम सचिन तेंदुलकर का 2003 विश्व कप टकराव, इन पलों को किसी कृत्रिम मसाले की जरूरत नहीं थी। ये अपने आप में दंतकथाएं हैं। यह प्रतिद्वंद्विता बनावटी गर्मजोशी से नहीं चलती। इसके पीछे इतिहास की परतें हैं, जज्बातों की तीव्रता है और दो देशों की वह क्रिकेटीय जिद है जो मैदान पर खुलकर सामने आती है। ऐसे में इसे महज एक चेहरे या सतही तंज तक सीमित कर देना, विरोधी टीम पर कटाक्ष नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक टकराव की गरिमा को कम करना है। व्यंग्य की आड़ में विज्ञापन का स्तर गिरा दक्षिण अफ्रीका पर केंद्रित हालिया विज्ञापन ने व्यंग्य की आड़ में स्तर गिरा दिया। चोकर्स का तंज कसते हुए एक साउथ अफ्रीकी फैन के हाथ में कपकेक थमाना और सामने खड़े भारतीय फैन की तिरछी मुस्कान दिखाना, यह सूक्ष्म हास्य नहीं, सतही चुभन थी। रचनात्मकता के नाम पर यह दृश्य ज्यादा शोर करता है, असर कम छोड़ता है। दक्षिण अफ्रीका कोई मामूली टीम नहीं है। वे मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका कद बेहद ऊंचा है। चोकर्स टैग के पीछे सिर्फ असफलता नहीं, कई दिल तोड़ देने वाली कहानियां दबी हैं, जो खेल की त्रासदी और रोमांच दोनों को समेटे हुए हैं। 1992 विश्व कप सेमीफाइनल को याद कीजिए, बारिश और अचानक बदले लक्ष्य ने मुकाबले की दिशा ही बदल दी। वह साधारण हार नहीं, परिस्थितियों की मार थी। फिर 1999 का सेमीफाइनल, लांस क्लूजनर की अविश्वसनीय पारी टीम को जीत की दहलीज तक ले आई, लेकिन आखिरी क्षण का रन-आउट इतिहास बन गया। यह कमजोरी नहीं, खेल का निर्मम मोड़ था। और हाल का फाइनल, जहां आखिरी ओवर तक लड़ाई खिंची, वह भी साबित करता है कि यह टीम आखिरी सांस तक मुकाबला करती है। हर बार वे गिरे जरूर, मगर हर बार एक नई कहानी भी छोड़ गए। ऐसे संघर्षों का मजाक उड़ाना, वह भी भोजन गले में अटकने जैसे दृश्य से, हास्य नहीं, संवेदनहीनता है। व्यंग्य तब प्रभावी होता है जब उसमें बुद्धिमत्ता हो; यहां सिर्फ ऊपरी तंज है, गहराई नहीं। क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता को धार देने के लिए इतिहास और भावनाएं काफी हैं। उन्हें सस्ते प्रतीकों में समेट देना खेल और उसके किरदारों दोनों के साथ अन्याय है। ये भी है बड़ा सवाल सबसे हैरानी की बात यह है कि Star Sports आधिकारिक प्रसारक है। उसकी भूमिका कहानी गढ़ने वाले सूत्रधार की होनी चाहिए, न कि किसी एक पक्ष के ट्रोल की। जब मंच इतना बड़ा हो, तो भाषा और दृष्टि भी उतनी ही परिपक्व होनी चाहिए। एक दौर था जब मौका-मौका जैसा अभियान हल्की चुटकी लेते हुए भी प्रतिद्वंद्वी की गरिमा बनाए रखता था। व्यंग्य था, मगर मर्यादा भी थी। उसमें धार थी, लेकिन फूहड़ता नहीं। अब जो दिख रहा है, वह जल्दबाजी में गढ़ी गई सनसनी जैसा लगता है। विडंबना यह है कि विरोधियों को छोटा दिखाकर भारत को बड़ा साबित करने की कोशिश में कहीं न कहीं भारतीय दर्शकों को ही कमतर आंक लिया गया। मानो दर्शक सिर्फ बनावटी मुस्कानों और उथले तंज पर हंस पड़ेंगे। मानो उन्हें समझ नहीं कि तीखे व्यंग्य और भोंडे कटाक्ष में फर्क क्या होता है। जब टीआरपी की होड़ में आसान और सस्ती तरकीबें अपनाई जाती हैं, तो अंततः हंसी प्रसारक पर ही लौटती है। याद है वह सबक? 1987 विश्व कप के दौरान पाकिस्तान के प्रशंसक अक्सर गुनगुनाते थे आ देखें जरा, किसमें कितना है दम। मगर सेमीफाइनल में उनकी टीम बाहर हो गई। खेल का यही स्वभाव है, अंतिम नतीजा मैदान पर तय होता है, प्रचार के मंच पर नहीं। इतिहास का यही सबक आज भी प्रासंगिक है। जब आप प्रतिद्वंद्वी का मजाक उड़ाने में ऊर्जा खर्च करते हैं, तो कहानी
एकनाथ शिंदे से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हलचल, राज ठाकरे बोले- मैं कल CM से मिल सकता हूं

नई दिल्ली । राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपनी हालिया मुलाकात को लेकर उठे राजनीतिक कयासों पर साफ प्रतिक्रिया दी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दो नेताओं की हर मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा चुनाव खत्म हो चुके हैं। यदि राज्य के हित में सकारात्मक काम करने हैं, तो क्या हमें एक-दूसरे से नहीं मिलना चाहिए? मैं कल मुख्यमंत्री से भी मिल सकता हूं। महाराष्ट्र के कई अहम मुद्दे हैं, उन्हीं पर चर्चा के लिए उनसे मिलूंगा। अगर आप वहां होते, तो आपसे भी यही बात करता। उन्होंने विकास की परिभाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ सड़कें बनाना ही डेवलपमेंट नहीं है। उन्होंने कहा कि शहरों की हालत ऐसी हो गई है मानो उन पर सूजन आ गई हो, जगह वही है, सड़कें वही हैं, लेकिन आबादी और वाहनों की संख्या बेतहाशा बढ़ चुकी है। उन्होंने खास तौर पर पार्किंग की अव्यवस्था को गंभीर समस्या बताया। इमारतों में पार्किंग की जगह होने के बावजूद गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे यातायात और भी बदहाल होता है। राज ठाकरे ने शहरी अव्यवस्था पर उठाए सवाल राज ठाकरे ने शहरी भीड़ और अव्यवस्था को लेकर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शहरों में जो लोग रोजगार या अन्य कारणों से आते हैं, वे वापस नहीं लौटते, जिससे बुनियादी ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी भूषण गगरानी से भी फोन पर चर्चा करने की बात कही। मनसे प्रमुख ने ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्किंग और यातायात नियमों को लेकर अनुशासन की कमी साफ दिखती है। उन्होंने कहा जब तक नियम तोड़ने वालों से सख्ती से जुर्माना नहीं वसूला जाएगा, तब तक शहरों में व्यवस्था बहाल नहीं हो सकती। उन्होंने व्यवस्था पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं मानो बाड़ ही खेत को खा रही हो। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों द्वारा कागजात और अनुमति दी जाती है, उन पर जवाबदेही कब तय होगी? आगे उन्होंने कहा कि क्या राज्य को यह तय नहीं करना चाहिए कि किसी शहर की क्षमता कितनी है और वहां कितनी आबादी रह सकती है? उन्होंने कहा कि अनियंत्रित शहरीकरण से शहरों की स्थिति बिगड़ती जा रही है। एक नागरिक और विपक्षी नेता होने के नाते इन मुद्दों पर बोलना उनकी जिम्मेदारी है। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि पहले चुनाव के बाद नेता आपसी मतभेद भुलाकर संवाद करते थे, लेकिन अब राजनीतिक दूरी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल अलग-थलग रहकर समस्याओं का समाधान नहीं निकलेगा, संवाद और समन्वय जरूरी है।
T20 World Cup 2026: क्या भारत-पाक का फिर होगा मुकाबला? जाने सेमीफाइनल या फाइनल में होगी भिंडत

नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लीग मुकाबले अब लगभग खत्म हो चुके हैं। आज, 20 सितंबर को ओमान और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी लीग मैच खेला जाएगा, लेकिन इस मुकाबले का कोई खास महत्व नहीं है क्योंकि दोनों टीमें सुपर-8 की रेस से बाहर हो चुकी हैं। सुपर-8 में शामिल होने वाली आठ टीमें पहले ही तय हो चुकी हैं और इन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है, हर ग्रुप में चार-चार टीमें हैं, जो एक-दूसरे के खिलाफ तीन-तीन मैच खेलेंगी। ग्रुप 1 में भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका हैं, जबकि ग्रुप 2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड हैं। अब यह सवाल उठता है कि टी20 वर्ल्ड कप में दो चिर प्रतिद्वंदी, भारत और पाकिस्तान, कब आमने-सामने हो सकते हैं। सुपर-8 के चरण में दोनों देश एक-दूसरे से नहीं खेलेंगे क्योंकि वे अलग-अलग ग्रुप में हैं। भारत-पाक मुकाबला सेमीफाइनल या फाइनल में ही संभव पहला सवाल है कि क्या भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में आमने-सामने हो सकते हैं। दूसरा सवाल यह कि क्या दोनों पड़ोसी फाइनल में भी भिड़ सकते हैं। आइए इन दोनों सवालों का जवाब समझते हैं।टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। टूर्नामेंट में दो सेमीफाइनल होंगे, पहला 4 मार्च 2026 को कोलंबो या कोलकाता में और दूसरा 5 मार्च 2026 को मुंबई में। भारत-पाक का सेमीफाइनल तभी संभव है जब दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप-2 में आ जाएं, यानी सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करें, और एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर हो और दूसरी दूसरी पोजीशन पर। इस स्थिति में क्रॉस-ओवर मुकाबले में भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं। खासकर अगर पाकिस्तान क्वालिफाई करता है, तो उनका सेमीफाइनल कोलंबो में होगा।टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला भी संभव है। फाइनल 8 मार्च 2026 को अहमदाबाद या कोलंबो में खेला जाएगा। अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचती हैं, तो भारत-पाक का आमना-सामना फाइनल में भी हो सकता है। इस स्थिति में अगर पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है तो मैच कोलंबो में होगा, नहीं तो अहमदाबाद में आयोजित होगा। अभी 21 फरवरी से सुपर-8 की रेस शुरू हो रही है, जहां दोनों टीमों को पहले सेमीफाइनल तक पहुंचना होगा, क्योंकि फैन्स एक बार फिर भारत-पाक मुकाबले का रोमांच देखना चाहते हैं।बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप 1 में भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका हैं, जबकि ग्रुप 2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड शामिल हैं। सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान के मैच कब-कब हैं? सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान अलग-अलग ग्रुप में हैं, इसलिए दोनों टीमों का आमना-सामना सुपर-8 में नहीं होगा। भारत ग्रुप 1 का हिस्सा है और उसका शेड्यूल इस प्रकार है:- 22 फरवरी को भारत vs साउथ अफ्रीका नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद, शाम 7 बजे , 26 फरवरी को भारत vs जिम्बाब्वे एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेन्नई, शाम 7 बजे और 1 मार्च को भारत vs वेस्टइंडीज ईडन गार्डन्स, कोलकाता, शाम 7 बजे । पाकिस्तान ग्रुप 2 में है और उसके मैच 21 फरवरी को न्यूजीलैंड vs पाकिस्तान आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, शाम 7 बजे , 24 फरवरी को इंग्लैंड vs पाकिस्तान पल्लेकेले क्रिकेट इंटरनेशनल स्टेडियम, पल्लेकेले, शाम 7 बजे और 28 फरवरी को पाकिस्तान vs श्रीलंका पल्लेकेले क्रिकेट इंटरनेशनल स्टेडियम, पल्लेकेले, शाम 7 बजे तय हैं। इस तरह, सुपर-8 में भारत और पाकिस्तान सीधे भिड़ेंगे नहीं, दोनों केवल सेमीफाइनल या फाइनल में ही आमने-सामने आ सकते हैं।
T20 World Cup: पूर्व PAK खिलाड़ियों का मजाक उड़ाने पर घिरे शादाब खान, PCB ने बयान पर लगाई फटकार

नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप में नामीबिया को हराकर सुपर-8 में जगह बनाने के बाद पाकिस्तान टीम के शादाब खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा बयान दे दिया जिससे विवाद खड़ा हो गया। भारत के खिलाफ मिली 61 रनों की हार पर सवाल पूछे जाने पर शादाब ने पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना करते हुए उनका मजाक उड़ाया। शादाब ने कहा कि पुराने दिग्गज खिलाड़ियों की अपनी राय होती है, लेकिन वे वही नहीं कर पाए जो वर्तमान टीम ने किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को हराया है, इसलिए आलोचना सामान्य है। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने साफ किया कि टीम के पूर्व खिलाड़ियों का अपमान या मजाक करना स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में ऐसे बयान देने से बचा जाए। शादाब खान के बयान पर PCB की फटकार टी20 वर्ल्ड कप 2021 में भारत के खिलाफ मिली जीत का जिक्र करते हुए शादाब खान ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों पर कटाक्ष किया। शादाब उस टीम का हिस्सा थे और यह आईसीसी इवेंट्स में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की एकमात्र जीत थी। सूत्रों ने पीसीबी के हवाले से बताया कि बोर्ड ने शादाब के बयानों से नाराजगी जताई और उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह दी। यह विवाद पाकिस्तान की नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद सामने आया। पीसीबी ने टीम मैनेजर के जरिए शादाब को स्पष्ट संदेश दिया कि टीम के पूर्व महान खिलाड़ियों के लिए अपमानजनक या मजाकिया भाषा का प्रयोग न किया जाए। पूर्व खिलाड़ियों का सम्मान रखने की दी हिदायत सूत्रों के अनुसार, नवीद चीमा ने शादाब खान को फोन करके समझाया कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी हद पार कर दी थी। उन्हें बताया गया कि सभी पूर्व खिलाड़ी, जिनमें उनके ससुर सकलैन मुश्ताक भी शामिल हैं, इज्जतदार और महान खिलाड़ी हैं। शादाब को उनकी इज्जत का ध्यान रखना चाहिए और अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने अन्य खिलाड़ियों से भी कहा है कि वे अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें और प्रेस कांफ्रेंस या इंटरव्यू में अपनी हद पार न करें। बता दें कि पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 में पहुंच चुका है, जहां टीम का सामना श्रीलंका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड से होगा।
पिता सलीम की मेडिकल जानकारी लीक होने पर भड़के सलमान खान, लीलावती अस्पताल के डॉक्टर से नाखुश

नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान अस्पताल में भर्ती हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं। डॉक्टर ने बताया कि सलीम खान को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन इस बयान से सलमान खान नाराज हैं। सलमान चाहते हैं कि उनके पिता की हेल्थ से जुड़ी जानकारी मीडिया में सार्वजनिक न हो और अस्पताल की रिपोर्ट्स को निजी रखा जाए। उनका यह भी कहना है कि सलीम खान की निजी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।सलमान खान नाराज, चाहते हैं पिता सलीम की हेल्थ पूरी तरह प्राइवेट रहे एक रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान और उनके परिवार ने लीलावती अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ से साफ कहा है कि कोई भी जानकारी मीडिया के साथ साझा न की जाए। परिवार का मानना है कि सलीम खान की हेल्थ एक निजी मामला है और इसे लेकर अनावश्यक अफवाहें न फैलेसलमान और उनके परिवार के मुताबिक, हेल्थ अपडेट केवल परिवार की अनुमति से ही साझा किए जाएंगे। डॉक्टर के पिछले बयान से नाराज होकर उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब अस्पताल सलीम खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया में कोई विवरण नहीं देगा। इससे स्पष्ट है कि सलमान खान अपने पिता की प्राइवेसी पर कड़ा ध्यान दे रहे हैं और किसी भी तरह की अनावश्यक जानकारी लीक नहीं होने देंगे। डॉक्टर ने सलीम खान के स्वास्थ्य को लेकर दी जानकारी बुधवार को जटिल पारकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सलीम खान को हल्का ब्रेन हेमरेज हुआ था। डॉक्टर ने कहा कि उनकी हालत गंभीर नहीं थी, लेकिन उन्हें झटके लग रहे थे और ब्लड प्रेशर अधिक था, इसलिए सावधानी के तौर पर उन्हें वेन्टिलेटर पर रखा गया। उन्होंने आगे कहा “हमने सभी जरूरी चेकअप और इलाज कर लिया है। बुधवार को एक छोटा प्रोसिजर किया गया, जिसकी डिटेल्स मैं साझा नहीं कर सकता। वह अब पहले से बेहतर हैं और कल तक वेन्टिलेटर से हट जाएंगे। उम्र भी एक बड़ा फैक्टर है, इसलिए इस प्रक्रिया में समय लग रहा है।” सलीम खान का ख्याल रख रहा परिवार सलीम खान को 17 फरवरी को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनके पूरे परिवार सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान, अर्पिता खान और अलवीरा खान हर दिन अस्पताल आकर उनका हाल-चाल लेते हैं और उनकी देखभाल कर रहे हैं। इसके अलावा, कई बॉलीवुड सेलेब्स जैसे रमेश तौरानी, संजय दत्त, आमिर खान और अन्य सितारे भी अस्पताल जाकर सलीम खान से मिले। कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके जल्दी ठीक होने की कामना की है।