SIR 2026 ELECTION: देश के 12 राज्यों में SIR का तीसरा चरण इसी माह से….शेष 22 में अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

SIR 2026 ELECTION: नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची (Voter list) को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया को तेज करते हुए चुनाव आयोग (ईसीआई) Election Commission – ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision- SIR) के तीसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने गुरुवार को शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पत्र लिखकर संकेत दिया है कि SIR प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही अधिकारियों से तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है। अब तक का सफर: चरण 1 और 2 मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की यह प्रक्रिया चरणों में चल रही है। SIR का पहला चरण बिहार में लागू किया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2025 को आयोग ने दूसरे चरण की घोषणा की, जिसमें 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। इन दोनों चरणों में मिलाकर लगभग 60 करोड़ मतदाता कवर किए जा चुके हैं। हालांकि, आयोग ने पहले भी बिहार को छोड़कर सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा था, लेकिन दूसरे चरण में केवल 12 को शामिल किया गया। इससे संकेत मिलता है कि तीसरे चरण में भी सभी 22 शेष राज्यों/यूटी को शामिल किया जाना तय नहीं है। इन 22 राज्यों/यूटी का कुल निर्वाचन क्षेत्र लगभग 39 करोड़ मतदाताओं का है। कौन से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं शामिल? आयोग द्वारा संपर्क किए गए राज्यों की सूची में वे राज्य भी शामिल हैं जहां विधानसभा चुनाव नजदीक हैं (जैसे मणिपुर और उत्तराखंड, जिनका कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है)। सूची में शामिल प्रमुख नाम हैं: राज्य: उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना। केंद्र शासित प्रदेश: दिल्ली, चंडीगढ़, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव। हालांकि 22 राज्यों को पत्र लिखा गया है, लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि तीसरे चरण में इन सभी को एक साथ शामिल नहीं किया जाएगा; कुछ को अगले चरणों के लिए रोका जा सकता है। जनगणना 2027 के साथ टकराव की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि SIR का तीसरा चरण जनगणना 2027 के ‘हाउसलिस्टिंग’ (मकानों की सूची बनाना) चरण के साथ टकरा सकता है। समय सीमा: जनगणना का हाउसलिस्टिंग कार्य इस वर्ष 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच 45 दिनों की अवधि में होना है। चुनौती: दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों ने पहले ही अपनी हाउसलिस्टिंग समय सीमा अधिसूचित कर दी है। ऐसे में इन राज्यों को या तो अपनी जनगणना की तारीखों को संशोधित करना होगा या चुनाव आयोग से अनुरोध करना होगा कि उन्हें SIR के अगले चरण में रखा जाए। वहीं, जिन राज्यों ने अभी तारीखें तय नहीं की हैं, वे जनगणना को जून-जुलाई के बाद टाल सकते हैं। यह तीसरा चरण संभवतः जून या जुलाई की शुरुआत तक खिंच सकता है, खासकर यदि प्रक्रियाओं में विस्तार दिया जाता है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूचियों से मृत, स्थानांतरित या अयोग्य नामों को हटाना और पात्र नए मतदाताओं को जोड़ना है। आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी महीनों में यह स्पष्ट होगा कि तीसरे चरण में कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वास्तविक रूप से शामिल किया जाता है और जनगणना के कार्यक्रम के साथ तालमेल कैसे बैठाया जाता है।
MP VIDHANSABHA SESSION: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस

MP VIDHANSABHA SESSION: भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) में गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) द्वारा की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद उस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने अफसोस जताया और मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने माफी मांगी। दरअसल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी, इसी दौरान विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar.) के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे यह पूरा हंगामा खड़ा हो गया। सिंघार ने अदाणी का नाम लेकर सरकार पर लगाया आरोप चर्चा में हिस्सा लेते हुए सिंघार ने सिंगरौली में सरकार और अदाणी के बीच हुए करार का मुद्दा उठाया और दावा किया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में अदाणी की कंपनी को एक से सवा लाख करोड़ रुपए देने की तैयारी में है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए जबकि विजयवर्गीय ने सिंघार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए किया आपत्तिजन शब्द का इस्तेमाल सिंघार ने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ करते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रमाण दे सकते हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और इसी दौरान विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद, विपक्षी कांग्रेस के सदस्य हंगामा करते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हंगामा और नारेबाजी की गई। स्पीकर तोमर बोले- गुस्सा नहीं आना चाहिए लेकिन आज आ गया हंगामा बढ़ता देख तोमर ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। बाद में जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की एक गौरवशाली परंपरा रही है लेकिन आज असहज स्थिति बन गई, जिसका कि उन्हें अफसोस है। तोमर ने कहा, ‘गुस्सा आना नहीं चाहिए लेकिन आज आ गया, दोनों पक्षों की तरफ से। उसके कारण असहज स्थिति बनी। मुझे इसका रंज है इसके लिए पक्ष और प्रतिपक्ष जिम्मेदार हैं।’ सीएम यादव ने जाने-अनजाने में निकले शब्द के लिए मांगी माफी तोमर ने कहा, ‘संसदीय कार्य मंत्री बहुत अनुभवी हैं फिर भी आज सीमा कैसे टूट गई यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है।’ इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से विवाद का पटाक्षेप करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कुछ शब्द निकले हैं, इसके लिए वह सदन से माफी मांगते हैं। सिंघार ने भी खेद व्यक्त कर मामले का पटाक्षेप किया सिंघार ने कहा मुख्यमंत्री ने जो भाव दिखाया, वह उसका सम्मान करते हैं और संसदीय मर्यादा का ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर मेरी ओर से कुछ हुआ है तो मैं भी खेद व्यक्त करता हूं।’ विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर जताई नाखुशी इस बीच, विजयवर्गीय ने कहा कि करीब 37 साल का उनका राजनीतिक अनुभव रहा है लेकिन आज के अपने व्यवहार से वह खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अगर संसदीय मर्यादाओं का पालन नहीं करेंगे तो बाकी सदस्य कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि आज पता नहीं कैसे यह सब हो गया। विजयवर्गीय ने कहा, ‘उमंग के हाव-भाव थोड़े अलग थे… मैं उमंग को प्यार करता हूं… मैं अपने व्यवहार से दुखी हूं।’ विजयवर्गीय बोले- किसी ज्योतिष से पूछना पड़ेगा वहीं विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद मीडियाकर्मियों ने जब उनसे उनके गुस्से को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि ‘कभी-कभी आ जाता है’। वहीं एक अन्य मीडियाकर्मी ने जब उनसे पूछा कि ऐसा नहीं लगता कि पिछले एक-डेढ़ महीने से आपकी जुबान पर शनि बैठा हुआ है, तो विजयवर्गीय ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- ‘किसी ज्योतिष से पूछूंगा यार।’ सिंघार बोले- मैं अपनी ‘औकात’ में ही हूं बाद में सिंघार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संविधान की फोटो के साथ एक पोस्ट करते हुए विजयवर्गीय पर निशाना साधा और कहा कि ‘माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी, मैं अपनी औकात में हूँ।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है। मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भगीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया।’ उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है…।’ उन्होंने कहा, ‘सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं।’ पटवारी ने कहा- कांग्रेस पुतले जलाकर विरोध करेगी कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के व्यवहार को सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा करार दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नए भारत’ का नया परिचय है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस विजयवर्गीय के पुतले जलाकर इसका विरोध करेगी। पटवारी की इस घोषणा के कुछ ही देर बाद राजधानी भोपाल में युवक कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने विजयवर्गीय के आवास के बाहर उनका एक पोस्टर जलाया।
MP NEWS: 42 हेक्टेयर कृषि भूमि पर पुजारी का दावा खारिज, सरकार का अधिकार घोषित

HIGHLIGHTS: ग्वालियर हाईकोर्ट ने पुजारी का स्वामित्व दावा खारिज किया 42 हेक्टेयर कृषि भूमि पर राज्य सरकार का अधिकार देवता को माना कानूनी इकाई, पुजारी केवल सेवक मंदिर प्रबंधन और नियुक्ति का अधिकार सरकार को निचली अदालतों के फैसले पलटे गए MP NEWS: मध्यप्रदेश। ग्वालियर हाईकोर्ट ने अशोकनगर स्थित 200 साल पुराने श्री गणेशजी मंदिर की 42 हेक्टेयर कृषि भूमि पर राज्य सरकार का अधिकार घोषित कर दिया है। बता दें कि वर्ष 2006 से लंबित द्वितीय अपील पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ ने निचली अदालतों के आदेश पलट दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंदिर की पूरी जमीन माफी औकाफ विभाग की संपत्ति है और पुजारी का निजी स्वामित्व का दावा वैध नहीं है। GWALIOR RETIRED OFFICER: रिटायर्ड फौजी ने लाइसेंसी राइफल से खुद को किया शूट, मौके पर हुई मौत कोर्ट की टिप्पणी: देवता ही संपत्ति के मालिक राज्य सरकार ने दलील दी कि मंदिर की संपत्ति देवता की होती है और पुजारी मात्र सेवक होता है। भूमि रिकॉर्ड में भी यह संपत्ति माफी औकाफ विभाग के नाम दर्ज है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने अपने निर्णय में कहा कि देवता एक कानूनी इकाई (लीगल पर्सन) हैं और संपत्ति उन्हीं में निहित रहती है। पुजारी को केवल पूजा-अर्चना का अधिकार है, स्वामित्व का नहीं। MP BUDGET SATR 2026: भर्ती विवाद से गरमाएगा सदन, बजट सत्र के पांचवें दिन सरकार घिरने के आसार तीन गांवों में फैली है 42 हेक्टेयर जमीन यह मामला कुल 42 हेक्टेयर कृषि भूमि से जुड़ा है, जो तीन गांवों साडीता (35.003 हेक्टेयर), नागौदखेड़ी (4.922 हेक्टेयर) और मिस्टील (2.790 हेक्टेयर) में स्थित है। कोर्ट ने कहा कि मंदिर और उससे जुड़ी संपत्ति राज्य सरकार में निहित रहेगी। मंदिर का प्रबंधन और पुजारी की नियुक्ति का अधिकार भी सरकार के पास रहेगा। MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की उत्तराधिकार का प्रमाण नहीं दे पाए पुजारी पुजारी भालचंद राव ने दावा किया था कि मंदिर और जमीन उनके पूर्वजों को लगभग 200 वर्ष पूर्व उत्तराधिकार में मिली थी। इसी आधार पर निचली अदालतों ने उनके पक्ष में फैसला दिया था। हालांकि हाईकोर्ट में वे उत्तराधिकार का ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सके। कोर्ट ने कहा कि मंदिर को निजी संपत्ति बताना देवता के हितों के विपरीत है। प्रमाण के अभाव में पुजारी का दावा खारिज कर दिया गया।
GWALIOR RETIRED OFFICER: रिटायर्ड फौजी ने लाइसेंसी राइफल से खुद को किया शूट, मौके पर हुई मौत

HIGHLIGHTS: ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में देर रात वारदात रिटायर्ड फौजी ने लाइसेंसी .315 बोर राइफल से खुद को मारी गोली रात 1:30–2 बजे के बीच चली गोली मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी GWALIOR RETIRED OFFICER: ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक रिटायर्ड फौजी द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। बता दें कि घटना महाराजपुरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम इलाके की है। देर रात हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। MP BUDGET SATR 2026: भर्ती विवाद से गरमाएगा सदन, बजट सत्र के पांचवें दिन सरकार घिरने के आसार मृतक की पहचान 50 वर्षीय श्याम बिहारी भदौरिया के रूप में हुई है। वे मूल रूप से भिंड जिले के तुकेड़ा, मालनपुर के निवासी थे और वर्तमान में ग्वालियर में परिवार के साथ रह रहे थे। रात 1:30 बजे के करीब चली गोली परिजनों के अनुसार, गुरुवार रात खाना खाने के बाद श्याम बिहारी अपने कमरे में सोने चले गए थे। पत्नी और बच्चे दूसरे कमरे में थे। रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर परिजन जब कमरे में पहुंचे तो वे बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े मिले। पास में उनकी लाइसेंसी .315 बोर राइफल पड़ी थी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे सुबह से कर रहे थे शराब का सेवन परिवार का कहना है कि श्याम बिहारी सुबह से ही शराब पी रहे थे। रात में नशे की हालत में अपने कमरे में चले गए थे। उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण फिलहाल सामने नहीं आया है। सुसाइड नोट नहीं मिला, जांच जारी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और हथियार को जब्त कर लिया गया है। कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। MP BUDGET SATR 2026: भर्ती विवाद से गरमाएगा सदन, बजट सत्र के पांचवें दिन सरकार घिरने के आसार पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
MP WEATHER UPDATE: MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे

MP WEATHER UPDATE: भोपाल। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में जोरदार आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे। खासकर उज्जैन, मंदसौर और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन 23-24 फरवरी को प्रदेश में फिर से बारिश का अलर्ट रहने की संभावना है। पिछले दो दिन का हाल प्रदेश में पिछले दो दिन से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे ग्रामीण इलाकों में फसलें गिर गईं, जिससे दानों को नुकसान हुआ। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार का राशिफल बारिश का फैलाव पिछले 24 घंटे में 25 जिलों के करीब 80 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, उज्जैन, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, भोपाल, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर शामिल हैं। श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रति घंटे रही। भोपाल और सीहोर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम क्यों बदल रहा है मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात और प्रदेश में सक्रिय टर्फ सिस्टम के चलते बुधवार और गुरुवार को बारिश और ओले गिरे। गुरुवार को प्रदेश में एक और टर्फ और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रही। उत्तर से आने वाली सर्द हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट का कारण बना। GWALIOR RETIRED OFFICER: रिटायर्ड फौजी ने लाइसेंसी राइफल से खुद को किया शूट, मौके पर हुई मौत फरवरी में लगातार बदलता मौसम फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले और बारिश हुई थी, जिससे फसलें प्रभावित हुईं। 18 और 19 फरवरी को तीसरी बार बारिश दर्ज की गई। अब चौथी बार भी बारिश की संभावना है। तापमान का हाल बारिश के चलते दिन का तापमान गिरा। गुरुवार को ठंडी हवाओं के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। रात का तापमान बढ़ा और भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में यह 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खजुराहो और कल्याणपुर में 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। अगले दो दिन का मौसम 21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं। दिन में धूप खिल सकती है। 22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कोई बारिश की चेतावनी नहीं।
MP BUDGET SATR 2026: भर्ती विवाद से गरमाएगा सदन, बजट सत्र के पांचवें दिन सरकार घिरने के आसार

HIGHLIGHTS: सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय भर्ती पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने बीजेपी और कांग्रेस विधायक मिलकर सरकार को घेरेंगे राइस मिल उद्योग संकट पर सदन में चर्चा रेल और सिंचाई परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण संकल्प सीएजी रिपोर्ट पेश, बजट पर तीखी बहस के आसार MP BUDGET SATR 2026: भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन आज कई अहम मुद्दों को लेकर गरमाने वाला है। सबसे ज्यादा चर्चा ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में हुई कथित भर्ती अनियमितताओं को लेकर होने वाली है। खास बात यह है कि इस मामले में विपक्ष के साथ सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी सरकार को घेरेंगे। राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली सिंधिया एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी भर्ती मामला विश्वविद्यालय में गैर-शैक्षणिक और शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों को लेकर विवाद जारी है। बीजेपी विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह और बृजेन्द्र यादव के साथ कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने की मांग करेंगे। इसे सदन में ‘त्रिकोणीय घेराबंदी’ माना जा रहा है। MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की कर्मचारियों के वेतन और विस्थापितों का मुद्दा कांग्रेस विधायक अजय सिंह दैनिक वेतनभोगी और स्थाई कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान देने की मांग उठाएंगे। वहीं डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह बाण सागर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित भूमि की रजिस्ट्री की समस्या सदन में रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में होंगे शामिल, वैश्विक टेक कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा राइस मिल उद्योग और धान मिलिंग नीति कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और सचिन यादव प्रदेश में धान मिलिंग नीति में लंबित अपग्रेडेशन राशि का मुद्दा उठाएंगे। उनका कहना है कि इससे राइस मिल उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में होंगे शामिल, वैश्विक टेक कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा रेल और सिंचाई परियोजनाओं पर संकल्प होशंगाबाद विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा इटारसी-भोपाल के बीच नई मेमू ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव रखेंगे। वहीं विंध्य क्षेत्र में नई रेलवे लाइन निर्माण को लेकर भी संकल्प पेश होगा। बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस नेपानगर क्षेत्र में माइक्रो सिंचाई परियोजना की मंजूरी की मांग करेंगी। T20 World Cup: 0,0,0… अभिषेक शर्मा का टोटका नहीं आया काम! टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा ‘डक’ का अनचाहा रिकॉर्ड बना सीएजी रिपोर्ट और बजट चर्चा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सदन में सीएजी रिपोर्ट पेश करेंगे, जिसमें लोक निर्माण विभाग और नगर निवेश प्रबंधन से जुड़े ऑडिट शामिल हैं। इसके बाद वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट पर सामान्य चर्चा शुरू होगी।
TODAY’S RASHIFAL: शुक्रवार का राशिफल, जाने क्या कहते हैे आपके स्टार्स

TODAY’S RASHIFAL: युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीतफाल्गुन शुक्ल पक्ष तृतीया, शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, मेष राशि :- मित्तव्ययता रखें क्योंकि रुपये-पैसों की सुविधा आगे मिले न मिले। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बना रहेगा। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। शुभांक-4-5-7वृष राशि :- निकटस्थ व्यक्ति का सहयोग काम को गति दिला देगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। शुभांक-3-5-7मिथुन राशि :- कार्यारम्भ से पहले उचित मूल्याकंन कर लें। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। मेहमानों का आगमन होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। शुभांक-5-7-9कर्क राशि :- ज्ञानीजनों का सानिध्य प्राप्त होगा। आध्यात्मिक वातावरण बनेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। यार-दोस्तों के साथ सांझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। यात्रा का योग बन रहा है। शुभांक-2-6-7सिंह राशि :- विवादों व मुकदमे बाजी से राहत मिलेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8कन्या राशि :- भावनाओं में न बहें, सावधान रहें। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। अपने आपको अधिक सक्रिय पायेगें। अवरुद्घ कार्य सम्पन्न होंग। समाज में मान-सम्मान ब$ढेगा। आय-व्यय की स्थिति समान्य रहेगी। शुभांक-3-5-7तुला राशि :- शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। व्यापार में प्रगति होगी। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग है। शुभांक-2-4-6वृश्चिक राशि :- कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। हरि करे सो खरी अत: हानि का कोई भय नहीं, यथावत कार्य जारी रखें। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। मातृ पक्ष से विशेष लाभ। शुभांक-2-4-7धनु राशि :- मुंह मांगी मुराद मिलेगी यानि इच्छित फल की प्राप्ति होगी। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास सफल होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। शुभांक-3-5-8मकर राशि :- स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। शुभांक-3-6-9कुम्भ राशि :- अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढ़ने के आसार रहेंगे। अपने काम को प्राथमिकता से करें। किसी से निकटता प्रेम-प्रसंग में बदलेगी। सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। शुभांक-3-5-7मीन राशि :- नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से थोड़ी चिंता रहेगी। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। शुभांक-5-8-9