Chambalkichugli.com

MP PARLIAMEN: षित जल कांड को लेकर कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस

MP PARLIAMEN: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहा। गुरुवार को अदाणी मुद्दे पर तीखी बहस, भागीरथपुरा मौत कांड पर टकराव और लाड़ली बहना योजना को लेकर उठे सवालों के बीच सदन का माहौल दिनभर गरमाता रहा। अंत में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।मप्र विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर प्रदर्शन किया और बजट को “ख्याली पुलाव” बताया। सदन के भीतर अदाणी को लेकर चर्चा छिड़ी तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में एक से सवा लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी में है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। बहस तेज हुई और इसी दौरान “औकात में रहो” टिप्पणी ने आग भड़का दी। करीब 40 मिनट तक जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए। विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं और दुख व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे पर्याप्त बताया, लेकिन कांग्रेस ने स्पष्ट माफी की मांग रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं। इसके बाद उमंग सिंघार ने भी खेद जताया और सदन की स्थिति सामान्य हुई।सड़क पर गूंजा विरोध, मंत्री का फूंका पुतलामंत्री की टिप्पणी से भड़के यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर में पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 35 सरकारी हत्याओं के जिम्मेदार, आपराधिक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहो” कहा है। इसे उन्होंने सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा बताया। पटवारी ने कहा कि मंत्री ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता को औकात की गाली दी है। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाकर कांग्रेस विरोध दर्ज कराएगी।इसके साथ ही इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों का मामला भी विधानसभा में उठा। कांग्रेस नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़ी रही। लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का इस्तीफा भी मांगा गया। इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस हुई।विपक्ष ने आरोप लगाया कि ये मृत्यु नहीं हत्या है। सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से कैलाश विजयवर्गीय का बचाव किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने आरोपों को नकारते हुए इस्तीफे की मांग पर कहा कि इस तरह के सवालों के जवाब देना मैं उचित नहीं समझता हूं। जिम्मेदार पद पर बैठे हुए लोगों की यह जिम्मेदारी है कि ऐसी घटना होने पर तत्काल राहत, बचाव और सुरक्षा के काम करें न कि इस प्रकार की मांगों को पूरा करें।इसके बाद हंगामा प्रारंभ हो गया। विपक्ष और फिर सत्ता पक्ष के सदस्य आसंदी के समक्ष आमने-सामने आ गए। चार बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अंत में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि शुक्रवार को इस विषय पर वे चर्चा कराएंगे।दूषित जल का प्रश्न आने से पहले मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व अध्यक्ष डा.सीतासरन शर्मा ने इस पर चर्चा न कराने के पक्ष में तर्क रखे। उन्होंने कहा कि इसकी न्यायिक जांच चल रही है, ऐसे में चर्चा नहीं करवाई जा सकती। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब सदन में 45 मिनट कुत्तों पर चर्चा कराई जा सकती है तो फिर जिस मामले में इतने व्यक्तियों की जान गई है तो उस पर क्यों नहीं? सरकार की असंवेदनशीलता का यह आलम है कि सांप, बिच्छू के काटने से मौत होने पर चार लाख रुपये दिए जाते हैं लेकिन यहां दो-दो लाख रुपये दिए गए। छिंदवाड़ा में कफ सीरप का मामला हो या भागीरथपुरा का नैतिकता के आधार पर मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल को इस्तीफा देना चाहिए।इस पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, प्रहलाद सिंह पटेल, रामेश्वर शर्मा सहित अन्य भाजपा सदस्यों ने यूनियन कार्बाइड, सिख दंगे के आधार पर पलटवार करते हुए कहा कि तब कांग्रेस की नैतिकता कहां गई थी। मरीजों में मिला ई-कोलाई व कालरा बैक्टीरिया विधानसभा में राजेंद्र शुक्ल ने भागीरथपुरा के 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से होने की बात स्वीकारी। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज इंदौर और इंदौर की जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की लैब में बीमार मरीजों के मल की जांच में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया भी मिले हैं।लाड़ली बहना, आरक्षण और ब्रांडिंग पर सवालअभिभाषण पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दो साल से नई लाड़ली बहनों के पंजीयन बंद होने का मुद्दा उठाया। आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण न होने, ब्रांडिंग पर 200 करोड़ खर्च और जीआईएस पर 81 करोड़ रुपये के उपयोग पर भी सवाल खड़े किए। साइबर फ्रॉड और किसानों के 1.69 लाख करोड़ कर्ज का मुद्दा भी उठाया।सिंघार ने लाड़ली बहन में पंजीयन नहीं करने का मामला उठाते हुए कहा कि 18 साल से अधिक उम्र की बहनों को पंजीयन में क्यों शामिल नहीं किया जा रहा है, 2 साल से पंजीयन क्यों नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सीएम जगदीश देवड़ा बार-बार एक ही बात को घुमा फिरा कर बता रहे हैं सरकार को जमीनी हकीकत में फर्क समझने की जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सामाजिक न्याय की बात करते हुए कहा कि कुछ विभाग में 27% आरक्षण दिया जा रहा है जबकि कुछ भी विभागों में नहीं दिया जा रहा है आखिर यह स्थिति क्यों है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स में कोई आरक्षण नहीं है आखिर ऐसा क्यों है?मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अपने दल को सुनने की नसीहत देनी चाहिए थी। लोकतंत्र की खूबसूरती यही है, इसलिए जनता उन्हें लंबे समय से विपक्ष में बैठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जो कहती है, करके दिखाती है, प्रधानमंत्री ने उनके क्षेत्र में टेक्सटाइल

MP CELEBRATION NEWS: 52वाँ अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह आज से, 7 दिन शास्त्रीय शैलियों के नृत्य एवं संवाद का होगा समागम

MP CELEBRATION NEWS: खजुराहो। विश्वविख्यात मंदिर की पृष्ठभूमि में आयोजित होने वाला 52वां अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह इस वर्ष भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। इस 7 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह में भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी और मोहिनीअट्टम जैसी प्रमुख शास्त्रीय शैलियों की प्रस्तुति दी जाएगी। प्राचीन मंदिरों की भव्यता और प्रकाश सज्जा के बीच कलाकारों की अभिव्यक्ति भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत करेगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और कलारसिक शामिल होंगे। यह समारोह न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की वैश्विक पहचान को भी सशक्त करता है। संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर एवं जिला प्रशासन – छतरपुर के सहयोग से ‘52वाँ खजुराहो नृत्य समारोह’ 20 से 26 फरवरी, 2026 तक मंदिर परिसर, खजुराहो में आयोजित किया जा रहा है। इस 7 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आयोजन में देश के सुप्रतिष्ठित एवं उदीयमान नर्तक – नृत्यांगनाएं अपनी साधनारत प्रस्तुतियों से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध परम्पराओं को मंच पर साकार करेंगी। साथ ही इस समारोह को सांस्कृतिक समागम बनाने की दृष्टि से विविध कला विधाओं से सम्बंधित गतिविधियों को आयोजित किया जा रहा है, ताकि यह समारोह भव्य और स्मरणीय बन सके।   ‘नटराज’ थीम : नृत्य, लय और सृजन का प्रतीक   मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन अनुसार इस वर्ष खजुराहो नृत्य समारोह को शास्त्रीय नृत्य की प्रेरणा और आधार ‘नटराज’ की थीम पर केंद्रित किया गया है। यह थीम भारतीय दर्शन, सृजन और लयबद्ध जीवन दृष्टि का प्रतीक है, जो समारोह को एक गहन आध्यात्मिक आयाम प्रदान करेगा। पद्म पुरस्कार प्राप्त, संगीत नाटक अकादमी सम्मानित एवं राष्ट्रीय – राज्य स्तरीय अलंकरणों से विभूषित कलाकारों के साथ उदीयमान प्रतिभाओं को समान मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे नृत्य की गुरु – शिष्य परम्परा और निरंतर एवं सुदृढ़ हो सके। समारोह में कथक की 6, भरतनाट्यम की 4, ओडिसी की 5, मणिपुरी की 2, कथकली की 1, कुचिपुड़ी की 2, मोहिनीअट्टम की 1, सत्रिया की 1 एवं छाऊ नृत्य की 1 प्रस्तुतियाँ होगी। 52वें खजुराहो नृत्य समारोह में प्रथम बार सांस्कृतिक रैली में विभिन्न विधाओं एवं परंपराओं के नृत्य कलाकार खजुराहो के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। महोत्सव में देश के 10 से 16 वर्ष आयु वर्ग के युवा शास्त्रीय नृत्य कलाकारों को सहभागिता के लिए एक राष्ट्रीय मंच “राष्ट्रीय बाल नृत्य महोत्सव – 2026” प्रदान किया जा रहा है। प्रस्तुति देने के लिए वरिष्ठ कला गुरुओं द्वारा 31 नृत्य कलाकारों का चयन किया गया है। पर्यटकों और संस्कृति प्रेमियों के लिए खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान आनुषंगिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इसमें खजुराहो कार्निवाल, ‘नटराज’ प्रदर्शनी में 50 नृत्यरूपों का प्रदर्शन, लयशाला : नृत्य शैलियों के श्रेष्ठ गुरुओं एवं शिष्यों का संगम, कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद, आर्ट – मार्ट : चित्रकला प्रदर्शनी, सृजन : पारम्परिक शिल्प निर्माण तकनीक का प्रदर्शन, हुनर : पारम्परिक शिल्पों का प्रदर्शन सह विक्रय और स्वाद : देशज व्यंजन प्रमुख आकर्ष होंगे। खजुराहो पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक एवं लोकप्रिय स्थल है। खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। विगत वर्षों में भी पर्यटन गतिविधियों ने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। इस वर्ष विशेष रूप से घुमन्तू समुदायों के साथ गाँवों की सैर, एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम (कैम्पिंग गतिविधि), नेचर वॉक, खजुराहो विलेज टूर, ई – बाइक टूर, वॉटर स्पोर्ट्स, हॉट एयर बैलून एवं फेम टूर जैसी रोमांचकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।   20 से 26 फरवरी तक की नृत्य प्रस्तुतियां सायं 6:30 बजे से 20 फरवरी, 2026   पद्मश्री ममता शंकर, कोलकत्ता – कथक अनुराधा वेंकटरमन, चेन्नई – भरतनाट्यम शुभदा वराडकर, मुम्बई – ओडिसी   21 फरवरी, 2026   विश्वदीप, दिल्ली – कथक अक्मादल काईनारोवा, कजाकिस्तान – भरतनाट्यम प्रभात मेहतो, झारखंड – छाऊ   22 फरवरी, 2026   एसएनए अवार्डी थोकचोम इवेमुबि देवी, मणिपुर – मणिपुरी पद्मश्री दुर्गाचरण रनवीर, ओडिसा – ओडिसी सत्रिया केन्द्र समूह, असम – सत्रिया   23 फरवरी, 2026   नव्या नायर, चेन्नई – भरतनाट्यम एसएनए अवार्डी कोट्टक्कल नंदकुमार नायर, केरल – कथकली पद्मश्री पद्मजा रेड्डी, हैदराबाद – कुचिपुड़ी   24 फरवरी, 2026   शिंजनी कुलकर्णी, दिल्ली – कथक पद्मश्री इलियाना सिटर, भुवनेश्वर – ओडिसी पद्मश्री कलामंडलम क्षमावेती, केरल – मोहिनीअट्टम   25 फरवरी, 2026   एसएनए अवार्डी शाश्वती सेन, दिल्ली – कथक मोहंती, भुवनेश्वर – ओडिसी एसएनए अवार्डी नयनसखी देवी, मणिपुर – मणिपुरी खुशबू पांचाल, उज्जैन – कथक समूह     26 फरवरी, 2026   सुनयना हजारीलाल, मुम्बई – कथक पद्मश्री प्रतिभा प्रहलाद, बैंगलुरु – भरतनाट्यम एसएनए अवार्डी सुश्री भावना रेड्डी, दिल्ली – कुचीपुड़ी प्रभुतोष पाण्डा, भुवनेश्वर – ओडिसी।    

MP ECONOMY: एआई से आर्थिक विकास और सुशासन को सशक्त करेगा मध्यप्रदेश

MP ECONOMY: भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में शामिल होंगे। समिट में वे उच्च-स्तरीय पैनल से चर्चा करेंगे। इसमें राज्य स्तर पर एआई के उपयोग से आर्थिक विकास को गति देने, डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने और मजबूत अवसंरचना विकसित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। BHIND HARSH FIRING CASE: भिंड में हर्ष फायरिंग पड़ी महंगी: मासूम को लगी गोली, आरोपी को 5 साल की सजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआई कंप्यूटिंग, सायबर सुरक्षा संरचना, क्लाउड इको सिस्टम, जनरेटिव एआई एकीकरण और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ वन टू वन बैठक भी करेंगे। बैठक में एडवांस्ड सेमीकंडक्टर ऐक्सीलरेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और सॉवरेन एआई मॉडलिंग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टियर-2 शहरों से उभर रहे स्टार्ट-अप और नव प्रवर्तकों से भी मुलाकात कर उनके एआई आधारित कार्यों की जानकारी लेंगे। थायरॉइड और एंटीबायोटिक दवाओं पर सख्त अलर्ट, Central Drugs Standard Control Organization और Drug Controller General of India ने जारी किए नए निर्देश समिट में मध्यप्रदेश पेवेलियन हॉल 4, प्रथम तल,बूथ संख्या 4F-32 और 4F-34 में “एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर ऐन एम्पावर्ड भारत” थीम पर लगाया गया है। इसमें 14 एआई स्टार्ट-अप, आईआईटी इंदौर और आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन जैसे शैक्षणिक संस्थान और 4 प्रमुख शासकीय विभाग शामिल हैं। मध्यप्रदेश पेवेलियन में धरातल पर लागू किए जा चुके एआई समाधान प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यह पेवेलियन दर्शाता है कि पारदर्शिता बढ़ाने, सेवाएं समय पर पहुंचाने और बेहतर निर्णय लेने के लिए एआई का उपयोग शासन व्यवस्था में कैसे किया जा रहा है। मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एमपीएसईडीसी के सहयोग से, इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य की योजनाबद्ध और लक्ष्य-आधारित एआई पहलों को प्रस्तुत कर रहा है।

Gold and Silver Prices: US-Iran टेंशन के बीच सुरक्षित निवेश… फिर 3 लाख के पार जा सकते हैं चांदी के दाम

Gold and Silver Prices: नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच बढ़ते तनाव से सोने-चांदी की कीमतों (Gold and Silver Prices) में एक बार फिर उछाल आया है। देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को चांदी जहां 2.6 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई तो सोना 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम की ऊंचाई पर पहुंच गया। यह उछाल वैश्विक रुख तथा अमेरिका एवं ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की मांग में बढ़ोतरी की वजह से आया। अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो चांदी की कीमत (Silver Prices) एक बार फिर से 3 लाख रुपये के पार जा सकती है। वहीं, सोना भी अपने ऑल टाइम हाई के करीब जा सकता है। बता दें कि चांदी की कीमत जनवरी महीने में 4 लाख रुपये के स्तर को पार कर गई थी। 18 हजार रुपये महंगी हुई चांदी स्थानीय बाजार के जानकारों के मुताबिक, चांदी बुधवार के 2,46,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद स्तर से 18,000 रुपये या 7.32 प्रतिशत बढ़कर 2,64,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर मिलाकर) हो गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 1,950 रुपये या 1.24 प्रतिशत बढ़कर 1,58,650 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर मिलाकर) हो गया। पिछले सत्र में यह 1,56,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर चांदी 1.03 प्रतिशत बढ़कर 77.97 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी, जबकि सोना थोड़ा बढ़कर 4,991.24 डॉलर प्रति औंस पर था। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सौमिल गांधी ने कहा-ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की बढ़ती अटकलों के बीच भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने के कारण सुरक्षित निवेश परिसंपत्तियों की मांग में नई लहर से समर्थन पाकर सोने की कीमतें बढ़कर लगभग 5,000 डॉलर प्रति औंस हो गईं। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच नई बातचीत के विफल होने से भी वैश्विक अनिश्चितता फिर से बढ़ गई है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश वाली परिसंपत्तियों में आवंटन बढ़ा रहे हैं। ऑगमोंट में रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने कहा कि निवेशक अमेरिकी जीडीपी और व्यक्तिगत खपत खर्च (पीसीई) मुद्रास्फीति आंकड़े सहित मुख्य वृहद आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो आने वाले महीनों में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की उम्मीदों को आकार दे सकता है। शेयर बाजार में भी कोहराम अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से उपजी चिंताओं के बीच गुरुवार को शेयर बाजार में भी कोहराम रहा। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स तीन सत्रों से जारी तेजी पर विराम लगाते हुए 1,236.11 अंक यानी 1.48 प्रतिशत टूटकर 82,498.14 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 1,470.05 अंक फिसलकर 82,264.20 अंक पर आ गया था। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 365 अंक यानी 1.41 प्रतिशत लुढ़ककर 25,454.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी एक समय 430.6 अंक के नुकसान के साथ 25,388.75 अंक तक आ गया था।

AMERICA VS IRAN: US-Iran तनाव का असरः शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट से निवेशकों ने गंवाए 8 लाख करोड़ रुपये…

AMERICA VS IRAN: नई दिल्ली। गुरुवार को सेंसेक्स (Sensex) में 1236 अंक की जोरदार गिरावट (Strong Decline) में निवेशकों के करीब ₹आठ लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई। बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग ₹464 लाख करोड़ पर आ गया, जो पिछले सत्र में करीब ₹472 लाख करोड़ था। बाजार की यह गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) और स्मॉलकैप इंडेक्स (Smallcap Indices) भी आधे प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। इससे साफ है कि बिकवाली व्यापक थी। बुधवार को एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी सेना मिलिट्री (US Army Military) इस सप्ताहांत ही ईरान (Iran) पर हमला करने वाली है। बताया गया कि ईरान पर अमेरिकी हमला शायद एक ‘बड़ा, हफ्तों तक चलने वाला अभियान’ होगा जो सीमित हमले के बजाय पूरे युद्ध जैसा होगा। बाजार अमेरिका-ईरान रिश्तों से जुड़े घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। जानकारों का कहना है कि निवेश तनाव के और बढ़ने की उम्मीद में बाजार से रकम निकाल रहे हैं। विदेशी हिस्सेदारी 15 साल के निचले स्तर पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कुछ महीनों में एनएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों से रिकॉर्ड 18.9 अरब डॉलर यानी लगभग ₹1.6 लाख करोड़ से अधिक निकाल लिया है, जिससे उनका कुल स्वामित्व पिछले 15.5 वर्षों के सबसे निचले स्तर 16.7% पर पहुंच गया है। इस गिरावट का असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखा। निफ्टी 50 में एफपीआई का हिस्सा 23.8% तक गिर गया, जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम रहा। आईटी कंपनियों से हाथ खींचे फरवरी के पहले छह महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय आईटी सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लगभग ₹11,000 करोड़ के शेयर बेचे, क्योंकि इस सेक्टर में एआई से पैदा होने वाली चुनौतियों को लेकर चिंता बढ़ रही थी। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के मुताबिक, एक से 15 फरवरी के बीच एफपीआई ने भारतीय आईटी शेयरों में ₹10,956 करोड़ के शेयर बेचे। इससे पहले जनवरी 2026 में एफपीआई ने आईटी सेक्टर से ₹1,835 करोड़ निकाले थे। इस वजह से, 15 फरवरी, 2026 तक आईटी शेयरों में कुल एफपीआई निवेश लगभग 16% घटकर ₹4,48,938 करोड़ रह गया, जो जनवरी के आखिर में ₹5,33,953 करोड़ था। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने संभाला मोर्चा एफपीआई की निरंतर निकासी के बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों जैसे म्यूचुअल फंड, बैंकों, बीमा कंपनियों ने भारतीय शेयरों में खरीदारी में तेजी बनाई रखी। घरेलू बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशकों का कुल हिस्सा अब 19% तक पहुच गया है, जो एफपीआई से अधिक है। इस दौरान म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग्स 11.1% के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची हैं। यह प्रवाह मुख्यतः एसआईपी यानी सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान के जरिये मजबूत निवेश और घरेलू संस्थानों की निरंतर खरीद के कारण रहा है। ऐसे माहौल में शेयर खरीदने कितना सही? जानकारों के मुताबिक, निफ्टी इस समय वित्त वर्ष 27 की अनुमानित कमाई के करीब 20 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि एनएसई मिडकैप इंडेक्स 28 गुना और स्मॉलकैप इंडेक्स 24 गुना के आसपास है। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में यह स्टॉक पिकर का बाजार बन जाता है, जहां सही शेयर चुनना ही असली खेल है। 1. प्रॉफिट-बुकिंग के कारण बिकवाली हाल के तेजी के बाद निवेशक मुनाफा सुरक्षित करने के लिए शेयर बेच रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा है। 2. वैश्विक संकेत कमजोर अंतरराष्ट्रीय बाजारों के कमजोर रुख और अस्थिरता के कारण विदेशी निवेशक सतर्क हैं, जिससे भारतीय बाजार में बिकवाली बढ़ी। 3. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें तेल की बढ़ती कीमतों से लागत और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है, जो निवेशकों के मनोबल को कमजोर करता है। 4. प्रमुख शेयरों में भारी गिरावट बैंक, वित्तीय सेवाएँ, मेटल, एफएमसीजी जैसे बड़े समूहों के शेयरों में बिकवाली से इंडेक्स को बड़ी चोट लग रही है। 5. वैश्विक नीतिगत अनिश्चितता यूएस फेडरल रिज़र्व की नीति समेत ग्लोबल नीतिगत असमंजस ने विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रभावित किया है। 6. बाजार में व्यापक मंदी मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी गिरावट के साथ व्यापक बिकवाली देखने को मिल रही है।

American President Donald Trump: एलियन, UAP और UFO से जुड़े सारे दस्तावेजों को सार्वजनिक करेगा US, ट्रंप ने दिए निर्देश

American President Donald Trump: वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि एलियन (Alien.), अनजान हवाई घटनाओ (UAP) और अनजान उड़ने वाले ऑब्जेक्ट्स (Unidentified Flying Objects- UFO) से जुड़ी घटनाओं और दस्तावेजों की पहचान करें और उन्हें जारी करें। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल हैंडल पर कहा, लोगों की रुचि को देखते हुए मैं युद्ध सचिवऔर अन्य एजेंसियों व वभागों को निर्देश देता हूं कि वे एलियन्स, न्य ग्रहों पर जीवन, यूएपी और यूएफओ से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू करें। ट्रंप ने कहा कि लोगों के इंटरेस्ट और इसकी अहमियत को देखते हुए जो फाइल्स जारी की जाएंगी उसने सभी जानकारियों को शामिल करने की कोशिश होगी। बता दें कि हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक पॉडकास्ट के दौरान एलियन्स की बातें की थीं। उन्होंने कहा था, एलियन वास्तव में हैं लेकिन मैंने अपनी आखों से उन्हें नहीं देखा है। यह बात भी सच है कि एरिया 51 में कोई एलियन नहीं है। ओबामा पर गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा पर आरोप लगाया कि ओबामा ने गुप्त जानकारियां लीक की हैं। ट्रंप ने कहा कि ओबामा ने बड़ी गलती कर दी है। मुझे भी नहीं पता कि एलियन हैं या नहीं लेकिन ओबामा ने जो सीक्रेट इन्फॉर्मेंशन लीक की है, उसकी कोई जरूरत नहीं थी। एलियन्स को लेकर क्या बोले थे बराक ओबामा ओबामा ने एलियन्स को लेकर सवाल किए जाने पर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि यह ब्रह्मांड बहुत बड़ा है। ऐसे में धरती से बाहर के जीवन के बारे में नकारा तो नहीं जा सकता। उन्होंने कहा था,मेरे कार्यकाल के दौरान एलियन्स को लेकर कोई प्रमाण नहीं मिला था। एरिया 51 से जुड़े मामलों को लेकर उन्होंने कहा था कि वहां कोई एलियन या गुप्त जीव नहीं है। लोग मानते हैं कि एरिया 51 में एलियन के शव हैं लेकिन यह पूरी तरह से गलत धारणा है। ओबामा के बयान के बाद ही ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह बात लीक नहीं करनी चाहिए थे। उन्होंने कहा, ओबामा ने जो कुछ भी बताया है वह बेहद संवेदनशील जानकारी थी। हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट तौर पर यह नहीं बताया कि आखिर उन्होंने कौन सी सीक्रेट जानकारी लीक कर दी है। ट्रंप से जब एलियन्स को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने खुद भी कहा कि उन्हें एलिन्स के अस्तित्व के बारे में कोई जानकारी नहीं है। क्या है एरिया 51? अमेरिका के नेवादा में एक बेहद गोपनीय अमेरिकी वायुसेना का अड्डा है जिसे एरिया 51 के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां एलिनय के शवों और क्रैश हुए यूएफओ को रखा जाता है। 2013 में सीआईए ने इससे जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए बताया था कि शीत युद्ध के दौरान इस ठिकाने का इस्तेमाल जासूसी विमानों के परीक्षण के लिए किया जाता था। 2022 में भी अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दावा किया था कि एलियन्स के धरती पर आने से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला है। ऐसी अगर कोई भी वस्तु मिली है तो जांच के बाद ये सामान्य उपकरण या फिर तकनीकी भ्रम ही पाई गई हैं।

GWALIOR SUSPICIOUS DAETH: चार दिन बाद मिला शव: इंदौर के कार डेकोरेटर की ग्वालियर में संदिग्ध मौत

SUSPICIOUES DEATH CASE

HIGHLIGHTS:  इंदौर निवासी युवक का शव ग्वालियर में मिला 16 फरवरी से लापता था प्रमोद सिसौदिया गोला का मंदिर क्षेत्र के ब्रिगेडियर तिराहा पर मिला शव मदद में देरी के आरोप, वीडियो वायरल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण होगा स्पष्ट GWALIOR SUSPICIOUS DAETH: ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में गुरुवार रात एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फुटपाथ पर पड़ा मिला। बता दें कि मृतक की पहचान इंदौर निवासी 30 वर्षीय प्रमोद सिसौदिया के रूप में हुई है, वह पिछले चार दिनों से लापता था। पुलिस के अनुसार, घटना गोला का मंदिर क्षेत्र के ब्रिगेडियर तिराहा की है। रात करीब 11:45 बजे युवक के फुटपाथ पर पड़े होने की सूचना मिली। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के पास मिले दस्तावेजों से उसकी पहचान की और शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। MP NEWS: 42 हेक्टेयर कृषि भूमि पर पुजारी का दावा खारिज, सरकार का अधिकार घोषित 16 फरवरी को दर्ज हुई थी गुमशुदगी परिजनों के मुताबिक प्रमोद इंदौर में कार डेकोरेशन का काम करता था। वह चार दिन पहले अचानक लापता हो गया। जिसके बाद 16 फरवरी को इंदौर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ग्वालियर से सूचना मिलने के बाद परिजन वहां पहुंचे और शुक्रवार सुबह शव लेकर इंदौर के लिए रवाना हो गए। देश के 12 राज्यों में SIR का तीसरा चरण इसी माह से….शेष 22 में अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया कैसे पहुंचा ग्वालियर? परिजनों ने सवाल उठाया है कि प्रमोद इंदौर से ग्वालियर कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में फुटपाथ पर पड़ा मिला। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसे किसी ने ग्वालियर बुलाया था या वह किसी अन्य कारण से ग्वालियर गया था। MP: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस मदद में देरी के आरोप सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में समाजसेवी गणेश समाधिया ने दावा किया है कि युवक शाम करीब 6 बजे तक जीवित था। उन्होंने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन कथित रूप से देर रात तक सहायता नहीं पहुंची। इस बीच युवक ने दम तोड़ दिया। हालांकि पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। फिलहाल युवक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

Swami Avimukteshwaranan: MP: मुस्लिम MLA ने गाय को लेकर उठाई मांग पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुश… बोले-ये हिंदू विधायकों पर कलंक जैसा

Swami Avimukteshwaranan: भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल के एक मुस्लिम विधायक (Muslim MLA) ने गौमाता को लेकर ऐसी कुछ मांग कर दी है कि जिससे ज्योतिर्मठ पीठ (Jyotirmath Peeth) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) बहुत खुश हो गए हैं और उन्होंने विधायक की जमकर तारीफ करते हुए हिंदू विधायकों को उनसे सीख लेने के लिए कहा है। दरअसल भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने हाल ही में मध्य प्रदेश विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है, साथ ही गाय की मृत्यु पर उसकी अंतिम संस्कार करने और उसके मांस व चमड़े के व्यापार पर रोक लगाने की मांग भी की है। विधायक की इस मांग के बारे में जानने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रतिक्रिया देते हुए ना केवल मुस्लिम MLA की तारीफ की बल्कि यहां तक कह दिया कि अगर उनका यह प्रस्ताव असफल रहता है तो यह हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा। इस मामले को लेकर जारी एक वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘उस वक्त बड़ा आश्चर्य होता है, जब हम जिससे आशा करते हैं वह हमारी आशा को पूरा नहीं करता है, और जिससे हमारी आशा ही ना हो, वह आगे बढ़कर के हमारे हृदय के पास खड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक दृश्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से निकलकर आया है। जहां पर भोपाल उत्तर सीट से विधायक आतिफ अकील ने विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने गौमाता के मांस और चमड़े के व्यापार पर भी पूरी तरह से रोक लगाने और गोकशी करने वाले लोगों के ऊपर सख्ती बरतने के लिए कहा है।’ शंकराचार्य ने बताया कि अकील ने गौमाता की मृत्यु होने पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था करने की मांग भी की है।’ ‘हिंदू अपना धर्म पालन करने में चूक रहे’ आगे राज्य के हिंदू विधायकों को निशाने पर लेते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ‘यह मांग स्वयं को हिंदू कहने वाले विधायकों के द्वारा की जानी चाहिए थी, यह संकल्प उनके द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन हिंदू ना केवल अपना धर्म पालन करने में चूक रहे हैं, बल्कि अपने आप को हिंदू कहलवाने में भी चूक रहे हैं।’ ‘हिंदू विधायकों के पास अब भी एक मौका’ आगे अकील की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज MP विधानसभा में जितने भी हिंदू विधायक हैं, आतिफ अकील कहीं ना कहीं उनसे बढ़त ले चुके हैं। लेकिन कोई बात नहीं, अभी भी मौका है, इनके द्वारा जो संकल्प प्रस्तुत किया गया है, उस संकल्प को पारित करके सभी विधायक, इस अच्छे कार्य में अपने आप को सहभागी बना सकते हैं और सभी अभिनंदनीय हो सकते हैं।’ ‘तो हिंदू विधायकों पर होगा बहुत बड़ा कलंक’ आगे उन्होंने मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों को कहीं ना कहीं चुनौती देते हुए कहा कि ‘अगर यह प्रस्ताव असफल रहता है तो मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा, यही हम कहना चाहते हैं। साथ ही हम भोपाल उत्तर विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील का खूब-खूब अभिनंदन करना चाहेंगे, साथ ही उनके परिवार को और उनके इष्ट मित्रों का भी अभिनंदन करना चाहेंगे जिन्होंने उनको यह बल दिया कि वह विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव ला सकें।’ ‘संसद में भी यही हाल, मुस्लिम सांसद कर रहे मांग’ आगे उन्होंने कहा कि संसद में भी हम देख रहे हैं कि मुस्लिम सांसद तो कह रहे हैं कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करो, लेकिन तथाकथित जो अपने आप को हिंदू कहने वाली पार्टी है, या जो अपने आप को हिंदू कहने वाले सांसद हैं, दूसरी पार्टियों के, वो लोग कहीं ना कहीं इस मामले में चूक रहे हैं। इसलिए इस मामले में हमारा सबसे यही कहना है कि, आपकी जो भी आस्था है, या आपकी आस्था अगर मर भी गई है तो भी आप जिनके प्रतिनिधि हैं उस जनता की तरफ से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की और इस तरह का प्रस्ताव लाने की आवश्यकता है। हिंदुओं से की गौमाता के पक्ष में खड़े होने की अपील अपनी बात खत्म करते हुए अंत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘हर हिंदू से हम कहना चाहेंगे, गौमाता के पक्ष में खड़े होकर के अपने आपको असली हिंदू घोषित करिए, नहीं तो जनता की नजर में आप नकली हिंदू होंगे, नकली हिंदू का कोई मतलब नहीं। इसलिए गौमाता के पक्ष में खड़े होइये।’ आतिफ अकील बोले- भाजपा की कथनी और करनी में फर्क बता दें कि भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मंगलवार 17 फरवरी को विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी। इस बारे में बताते हुए आतिफ अकील ने कहा था, ‘मैंने गाय को लेकर विधानसभा में अशासकीय संकल्प लगाया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म अगर गाय को माता मानता है तो बिल्कुल उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। वहीं गाय की मौत होने पर उसका अंतिम संस्कार भी होना चाहिए और गाय के चमड़े का व्यापार भी बंद होना चाहिए।’ आगे उन्होंने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2017 में मेरे पिता ने भी यही मांग की थी, और उस वक्त भी भाजपा की सरकार थी, लेकिन बहुमत होने के बाद भी यह संकल्प पारित नहीं हो पाया था।

NIGERIA GAS LEAK:नाइजीरिया में खदान में हुआ जहरीली गैस का रिसाव…. 37 लोगों की मौत, 26 घायल

NIGERIA GAS LEAK: अबुजा। उत्तर-मध्य नाइजीरिया (North-central Nigeria) में एक खदान में जहरीली गैस (Poisonous Gas.) के रिसाव से कम से कम 37 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 26 अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रवक्ता अल्फ्रेड अलाबो (Alfred Alabo) ने एक बयान में बताया कि यह घटना मंगलवार तड़के पठार राज्य के वासे क्षेत्र में स्थित कम्पानी जुरक समुदाय में हुई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि खनिकों को लेड ऑक्साइड और इससे जुड़ी अन्य गैसों जैसे सल्फर तथा कार्बन मोनोऑक्साइड के अचानक रिसाव का सामना करना पड़ा, जो मनुष्यों के लिए बेहद विषाक्त और खतरनाक होती हैं। खासकर बंद या खराब हवादार जगहों में इन गैसों का प्रभाव जानलेवा साबित होता है। GWALIOR SUSPICIOUS DAETH: चार दिन बाद मिला शव: इंदौर के कार डेकोरेटर की ग्वालियर में संदिग्ध मौत अलाबो ने आगे बताया कि मृतकों के शवों को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। फिलहाल नाइजीरिया सरकार ने खनन स्थल को सील कर दिया है और रिसाव के कारणों की जांच जारी है। ठोस खनिज विकास मंत्री डेले अलाके ने एक बयान में कहा कि खनिक खनन के दौरान जहरीली गैस के उत्सर्जन से अनजान थे और उन्होंने अपना काम जारी रखा, जिस कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उस जगह पर किस खनिज का खनन हो रहा था और क्या खदान कानूनी रूप से संचालित थी। नाइजीरिया सरकार देश भर में सोने और अन्य खनिजों के अवैध खनन पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है, जिसमें पिछले कई वर्षों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।

INDIA’S THIRD NUCLEAR SUBMARINE: भारत ने बनाई घातक मिसाइलों से लैस तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी, नौसेना के बेड़े में जल्द होगी शामिल

INDIA’S THIRD NUCLEAR SUBMARINE: नई दिल्ली। भारत (India) अपनी समुद्री सैन्य शक्ति और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। देश की तीसरी स्वदेशी परमाणु-सक्षम पनडुब्बी (Indigenous Nuclear-Capable Submarine) (SSBN), INS अरिधमन (S4) इस साल अप्रैल-मई तक नौसेना (Navy) में शामिल होने की संभावना है। भारत की ‘सेकंड स्ट्राइक’ क्षमता में बड़ा इजाफा भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने पिछले दिसंबर में संकेत दिया था कि INS अरिधमन को 2026 में कमीशन किया जाएगा। वर्तमान में यह पनडुब्बी अपने समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है। INS अरिधमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास पहली बार तीन परिचालन परमाणु पनडुब्बियां होंगी। यह भारत को ‘कंटीन्यूअस एट-सी डिटरेंस’ की रणनीति हासिल करने के करीब ले जाएगा, जिसका अर्थ है कि साल के 365 दिन भारत की कम से कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में गश्त पर तैनात रहेगी। INS अरिधमन: क्यों है यह खास? एक रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विशाखापत्तनम में निर्मित यह पनडुब्बी अपने पूर्ववर्तियों (INS अरिहंत और INS अरिघात) की तुलना में अधिक घातक और एडवांस है। बड़ा आकार और क्षमता: अरिधमन का वजन 7,000 टन है, जबकि पिछली पनडुब्बियां 6,000 टन की थीं। हथियार प्रणाली: यह पनडुब्बी K-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस होगी, जिसकी मारक क्षमता 3,500 किलोमीटर है। इसके अलावा, यह 24 K-15 ‘सागरिका’ मिसाइलों (750 किमी रेंज) को भी ले जा सकती है। इंजन और तकनीक: इसमें 83 मेगावाट का प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर लगा है। दुश्मन की नजरों से बचने के लिए इसमें उन्नत ‘एनेकोइक टाइल्स’ लगाई गई हैं, जो शोर को कम करती हैं और इसे रडार की पकड़ से दूर रखती हैं। स्वदेशी सेंसर: बेहतर लक्ष्य पहचान के लिए इसमें भारत में विकसित ‘उषस’ (USHUS) और ‘पंचेंद्रिय’ सोनार सिस्टम लगाए गए हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा जरूरी भारत की यह तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में सैन्य संतुलन बदल रहा है। पाकिस्तान की तैयारी: पाकिस्तान चीन से $5 बिलियन के सौदे के तहत आठ उन्नत ‘हंगोर-क्लास’ पनडुब्बियां खरीद रहा है। रूस से मदद: भारत रूस से एक अकुला-क्लास परमाणु हमलावर पनडुब्बी (चक्र-III) को भी लीज पर लेने की प्रक्रिया में है, जो 2027-28 तक आने की उम्मीद है। जर्मनी के साथ डील: भारत और जर्मनी के बीच $8-10 बिलियन का प्रोजेक्ट-75(I) समझौता अंतिम चरण में है, जिसके तहत एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक वाली छह अत्याधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी। एक बार चालू होने के बाद, INS अरिधमन को विशाखापत्तनम के पास ‘प्रोजेक्ट वर्षा’ नामक एक उच्च-सुरक्षा वाले भूमिगत बेस पर तैनात किया जाएगा। यह विकास भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में मजबूती से खड़ा करता है जिनके पास समुद्र के नीचे से परमाणु हमले को विफल करने और उसका जवाब देने की अचूक क्षमता है।