America’s New report: US में हिंदू सबसे अधिक शिक्षित धार्मिक समुदाय, प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

America’s New report: वाशिंगटन। अमेरिका (America) में हिंदू सबसे अधिक शिक्षित धार्मिक समूह (Hindus most Educated Religious Group) हैं। प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) की नई रिपोर्ट (New report ) से यह सामने आया है। 2023-24 के रिलिजियस लैंडस्केप स्टडी (RLS) में पाया गया कि यूएस में रहने वाले 70 प्रतिशत हिंदू वयस्कों के पास कम से कम बैचलर डिग्री या उससे उच्च शिक्षा है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, जहां सभी अमेरिकी वयस्कों में मात्र 35 प्रतिशत के पास ही बैचलर डिग्री या उससे ज्यादा है। यह अध्ययन अमेरिका में धर्म और सार्वजनिक जीवन पर सबसे व्यापक सर्वेक्षणों में से एक माना जाता है, जिसमें 36908 वयस्कों से जुलाई 2023 से मार्च 2024 तक जानकारी ली गई। रिपोर्ट 19 फरवरी 2026 को जारी की गई। हिंदू समुदाय की यह उपलब्धि इमिग्रेशन पैटर्न से जुड़ी हुई है, क्योंकि अधिकांश हिंदू उच्च शिक्षा या कुशल वीजा के माध्यम से अमेरिका आए हैं। इस अध्ययन में हिंदुओं के बाद यहूदी दूसरे स्थान पर हैं, जहां 65 प्रतिशत वयस्कों के पास बैचलर डिग्री या उससे अधिक शिक्षा है। मुसलमान, बौद्ध और ऑर्थोडॉक्स ईसाई भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं। इनमें 40 प्रतिशत से अधिक (मुसलमानों में 44 प्रतिशत) वयस्कों के पास उच्च शिक्षा है। ये अल्पसंख्यक धार्मिक समूह अमेरिकी आबादी का छोटा हिस्सा हैं- हिंदू लगभग 0.5-1 प्रतिशत, मुसलमान 1-1.3 प्रतिशत और यहूदी लगभग 2 प्रतिशत। ईसाई समुदाय कुल आबादी का 70% अमेरिका में ईसाई समुदाय कुल आबादी का बड़ा हिस्सा लगभग 70 प्रतिशत है, लेकिन उनके कई उपसमूह जैसे इवैंजेलिकल प्रोटेस्टेंट (29 प्रतिशत) और ऐतिहासिक रूप से ब्लैक प्रोटेस्टेंट (24 प्रतिशत) में कॉलेज ग्रेजुएट्स का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम है। रिपोर्ट बताती है कि शिक्षा स्तर में अंतर मुख्य रूप से इमिग्रेशन और जनसांख्यिकीय कारकों से जुड़ा है। हिंदू, मुसलमान और बौद्ध समुदायों में से अधिकांश विदेशी मूल के हैं, जो अमेरिका में उच्च शिक्षा या स्किल्ड जॉब वीजा पर आते हैं। इससे इन समूहों में उच्च शिक्षित व्यक्तियों का अनुपात बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए हिंदुओं में 77 प्रतिशत विदेश में जन्मे हैं। रिसर्च के नतीजे क्या कह रहे यह पैटर्न दिखाता है कि अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियां कुशल और शिक्षित प्रवासियों को आकर्षित करती हैं, जिससे छोटे धार्मिक समूहों में शिक्षा का स्तर ऊंचा रहता है। कुल मिलाकर यह अध्ययन US में धार्मिक विविधता और शिक्षा के बीच संबंध को उजागर करता है। हिंदू और यहूदी जैसे समूह सबसे आगे हैं, जबकि मुसलमान और अन्य अल्पसंख्यक भी औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह निष्कर्ष अमेरिकी समाज में अल्पसंख्यक समुदायों की सफलता और योगदान को सामने रखता है। साथ ही, इमिग्रेशन के सकारात्मक प्रभाव को भी दर्शाता है।
Jabalpur highway: MP: जबलपुर में रेलवे क्रॉसिंग ब्रिज का हिस्सा गिरा… NH-15 पर करोड़ों की लागत से 5 साल पहले ही बना था पुल

Jabalpur highway: जबलपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में रविवार शाम नेशनल हाइवे (National Highway) नंबर-45 का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हाइवे का ये क्षतिग्रस्त हिस्सा शहपुरा के पास रेलवे क्रॉसिंग (Railway crossing) के ऊपर बने ब्रिज का है। सड़क धंसने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मार्ग को बंद कर दिया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बैरेकेडिंग कर दी है और ताकि कोई भी वाहन ब्रिज के इस हिस्से तक न पहुंच सके। मौके पर पुलिसबल भी मौजूद है और स्थिति को संभालने में जुटा है और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था को भी संभाल जा रहा है। आपको बता दें कि इस ब्रिज पर हैवी ट्रैफिक रहता है और नीचे से ट्रेनें गुजरती हैं। इस ब्रिज पर आने और जाने के दो रास्ते हैं। एक हिस्सा दिसंबर में भी क्षतिग्रस्त हुआ था बताया जा रहा है कि ब्रिज का एक हिस्सा दिसंबर में भी क्षतिग्रस्त हुआ था जिसके चलते एक ही लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा था। मगर अब मरम्मत के बीच ही ब्रिज का एक और हिस्सा टूट चुका है। टेक्नीकल टीम मौके ने पहुंचकर ब्रिज के धंसे हुए हिस्से का मुआयना किया है। अधिकारियों ने कहा कि निर्माण पूरा होने तक आवागमन पर असर जारी रहेगा। ट्रैफिक वैकल्पिक रूट पर शिफ्ट जबलपुर-भोपाल मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित होने के चलते ट्रैफिक को शहपुरा बस्ती मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। इस वैकल्पिक रूट पर सिर्फ हल्के वाहनों को जाने की अनुमति दी गई है जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। बहरहाल ब्रिज के दो हिस्सों के बीते कुछ दिनों में ही टूटने पर गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अभी गारंटी पीरियड में है ब्रिज इस ब्रिज का निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था और 2020 में इस पूरा कर लिया गया था। बताया जा रहा है कि ये ब्रिज अभी गारंटी पीरियड में है। ब्रिज का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की देखरेख में हुआ था। इसके निर्माण में करीब 628.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
Temple Management course: MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रबंधन का कोर्स

Temple Management course: भोपाल। एमपी (MP) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने घोषणा की है कि अब राज्य के विश्वविद्यालयों (Universities) में मंदिर प्रबंधन (Temple Management) को एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसका मकसद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इन पाठ्यक्रमों में मंदिरों की सुरक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय (Vikram University) ने डिप्लोमा और पीजी कोर्स शुरू भी कर दिए हैं। अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के विश्वविद्यालयों में मंदिर प्रबंधन को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इंदौर में संवाददाताओं से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने मंदिर प्रबंधन को यूनिवर्सिटी की पढ़ाई से जोड़ने और इस विषय पर अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई सीएम मोहन यादव ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में धार्मिक पर्यटन के साथ ही मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई कराई जाएगी। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल करते हुए मंदिर प्रबंधन विषय पर डिप्लोमा और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को विद्वानों द्वारा सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। 13 तीर्थस्थलों पर बनाए जा रहे धार्मिक गलियारे मोहन यादव ने कहा कि मंदिर हमेशा से हमारी आस्था और विश्वास के केंद्र रहे हैं। हम मंदिरों के सही प्रबंधन से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उज्जैन के महाकाल महालोक की तरह राज्य के 13 तीर्थस्थलों पर धार्मिक गलियारे बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने महाकाल महालोक परिसर से फाइबर की मूर्तियां हटाकर वहां पत्थर और धातु की प्रतिमाएं लगाने का फैसला किया है। उज्जैन में बनाई जा रही प्रतिमाएं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि देश की प्राचीन स्थापत्य कला पर आधारित ये प्रतिमाएं उज्जैन में ही गढ़ी जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को एक अन्य कार्यक्रम में कहा कि मध्य प्रदेश दिव्यांग खेलों का प्रमुख केंद्र बन रहा है और यहां के खिलाड़ी दुनिया भर में नाम रोशन कर रहे हैं। सीएम भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
Gold-Silver Rate: टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल….

Gold-Silver Rate: नई दिल्ली। सोने और चांदी के भाव (Gold-Silver Rate) में आज सोमवार को जबरदस्त उछाल (Tremendous Surge) देखने को मिला। सोने की कीमतों में 1.61% और चांदी की कीमतों में 5% तक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) के एक फैसले के बाद आई है, जिसमें अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को खारिज कर दिया। निवेशक अब इसके बाद अमेरिका की ओर से संभावित नए कदमों का आकलन कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में आज स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.61% बढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5% उछलकर 86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर पर “पारस्परिक” टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का उल्लंघन किया था। इस फैसले के साथ ही ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लगाए गए कई महत्वपूर्ण टैरिफ अब समाप्त हो गए हैं। इस फैसले के जवाब में ट्रंप ने कहा है कि रद्द किए गए टैरिफ को बदलने के लिए वैकल्पिक तंत्र लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा शुल्कों के अलावा, कानून की धारा 122 के तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लागू करेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मामलों से जुड़े मौजूदा टैरिफ पूरी तरह से लागू रहेंगे। वहीं, जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है। ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले से वहां पहले से मौजूद आंतरिक अस्थिरता और गहरी हो सकती है और यह अमेरिका के लिए एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। क्या सोना-चांडी के भाव में और तेजी आ सकती है? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें कीमतों में तेज उछाल को फिलहाल रोक सकती हैं, लेकिन लगातार बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हरीश ने कहा, “निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संकटों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, क्योंकि ये धातुएं मूल्य संरक्षण करती हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और मुद्राओं व वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के समय एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में काम करती हैं।” नई ऊंचाई छूने की संभावना एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने सोने की कीमतों के तकनीकी परिदृश्य पर कहा कि कीमतों में हालिया गिरावट मुनाफावसूली का हिस्सा है और व्यापक रुझान तेजी वाला ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 4,500-4,700 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है और अगर कीमतें 5,100-5,200 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं, तो नई ऊंचाई छूने की संभावना बन सकती है। वहीं, चांदी के भाव पर पोनमुडी ने कहा कि हालिया गिरावट के बावजूद, बड़े समय के फ्रेम में तेजी वाली संरचना बरकरार है। 65-70 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी का समर्थन स्तर है। अगर यह आधार बना रहता है और कीमतें 85-92 डॉलर के स्तर को पार करके वापसी करती हैं, तो तेजी का रुख फिर से मजबूत हो सकता है। मिड टू लॉन्ग टर्म नजरिए से चांदी के लिए संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।
ISI ATTACK NEWS: ISI ने रची थी दिल्ली में होली पर बड़े हमले की साजिश… पकड़े गए आतंकियों की जांच में हुए चौकाने वाले खुलासे

ISI ATTACK NEWS: नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के संदिग्ध मॉड्यूल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (Pakistan’s Intelligence Agency ISI) की साजिश के तहत बांग्लादेशी मूल के युवकों का नेटवर्क तैयार किया गया। इस नेटवर्क का संचालन बांग्लादेश में बैठा लश्कर का एक कमांडर कर रहा था, जिसने वहीं बैठक कर हमलों की पूरी रूपरेखा बनाई। जांच में सामने आया है कि मॉड्यूल के निशाने पर देश के बड़े मेट्रो शहर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई थे। सूत्रों के मुताबिक कुछ स्थानों की रेकी भी कर ली गई थी और होली के मौके पर हमले की तैयारी थी। खुफिया इनपुट के बाद स्पेशल सेल ने कार्रवाई तेज की और मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया। हाफिज सईद और लखवी से सीधा संपर्क जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर अहमद लोन सीधे लश्कर प्रमुख हाफिज सईद और आतंकी सरगना जैकी उर रहमान लखवी के संपर्क में था।पुलिस का कहना है कि आईएसआई भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के जरिए लोकल मॉड्यूल खड़ा कर रही थी। इसके लिए फंडिंग भी की जा रही थी, ताकि बड़े शहरों में समन्वित हमले किए जा सकें। शब्बीर इस नेटवर्क में आईएसआई और बांग्लादेशी मूल के आतंकी सैदुल इस्लाम के बीच कड़ी का काम कर रहा था। सैदुल संदिग्धों को निर्देश देता था और उन्हें टारगेट तय करने में मदद करता था। 2007 में पकड़ा गया, 2018 में फिर सक्रिय स्पेशल सेल के अनुसार शब्बीर अहमद लोन 2007 में आत्मघाती हमले की साजिश में एके-47 और हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था। सजा पूरी करने के बाद 2018 में जेल से बाहर आया और दोबारा लश्कर से जुड़ गया। उसने अपना बेस बांग्लादेश में बनाया, जबकि कनेक्शन पाकिस्तान से बनाए रखे। अधिकारियों का कहना है कि जेल से रिहाई के बाद उसने पुराने नेटवर्क को फिर सक्रिय किया और सोशल मीडिया के जरिए युवकों को जोड़ना शुरू किया। जांच एजेंसियों को उसके डिजिटल ट्रेल से कई अहम सुराग मिले हैं। सोशल मीडिया से जोड़ा गया मॉड्यूल पुलिस के मुताबिक पकड़े गए संदिग्धों को पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में लाया गया। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश बुलाकर बैठक की गई। कोलकाता से पकड़े गए उमर फारूक को संवेदनशील स्थानों की रेकी का जिम्मा दिया गया था। संदिग्धों को किराए पर अपार्टमेंट लेने और सुरक्षित ठिकाने बनाने के निर्देश भी दिए गए। मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में हथियार जुटाने की कोशिशों से जुड़े वीडियो और चैट सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इनपुट मिला था कि लश्कर होली के दौरान बड़ी वारदात की फिराक में है। ऑपरेशन जारी, कई राज्यों में छापे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का ऑपरेशन अभी जारी है। कुछ संदिग्धों के फरार होने की आशंका में कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है। सभी आरोपियों को दिल्ली लाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि समय रहते साजिश नाकाम कर दी गई, लेकिन नेटवर्क के बाकी सिरों तक पहुंचना अभी बाकी है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और देश के बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मॉड्यूल लंबी योजना का हिस्सा था। अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो होली के मौके पर बड़ा नुकसान हो सकता था। विवादित पोस्टर से खुला मॉड्यूल का राज स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े आठ संदिग्धों में से चार दिल्ली में ‘फ्री कश्मीर’ जैसे विवादित पोस्टर लगाकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल लौट गए थे। जांच यहीं से आगे बढ़ी और नेटवर्क का सिरा हाथ लगा। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टरबाजी महज ट्रायल रन थी, असली मकसद बड़े हमले की तैयारी था। खुफिया एजेंसियों ने पहले अलर्ट जारी किया था कि आईएसआई समर्थित लश्कर लोकल मॉड्यूल तैयार कर रहा है। एक अन्य इनपुट में लाल किले के आसपास हमले की आशंका जताई गई थी। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इनपुट मिला था कि लश्कर होली के दौरान बड़ी वारदात की फिराक में है।
INDIA US TRADE DEAL: टैरिफ पर ट्रंप को SC के बड़े झटके के बाद अटकी भारत-अमेरिका ट्रेड डील…. अब नए सिरे से होगी चर्चा

INDIA US TRADE DEAL: वाशिंगटन। अमेरिका (America) की सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से टैरिफ (Tariff) को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को करारा झटका लगने के बाद भारत (India) के साथ व्यापार समझौते (Trade Agreements) को अंतिम रूप देने के लिए प्रस्तावित बैठक को भी नए सिरे से तय करने का फैसला किया गया है। भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन में अपने मुख्य वार्ताकारों की प्रस्तावित बैठक को नए सिरे से तय करने का फैसला किया है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। फिर से तय की जाएगी तारीख भारतीय दल 23 फरवरी से तीन दिन की बैठक शुरू करने वाला था। वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन इस समझौते के लिए भारत के लिए मुख्य वार्ताकार हैं। एक सूत्र ने कहा, ”भारत-अमेरिका व्यापार करार के लिए भारतीय वार्ताकारों की अमेरिका यात्रा के संदर्भ में दोनों पक्षों का मानना है कि अब यह बैठक तब होनी चाहिए जबकि दोनों पक्ष ताजा घटनाक्रमों और उसके प्रभाव का आकलन कर लें। इसके लिए दोनों पक्षों को समय चाहिए। अब इस बैठक की तारीख दोनों पक्षों की सुविधा के हिसाब से नए सिरे से तय की जाएगी।’ डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पहले के बड़े शुल्क के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो जाता है। ट्रंप ने शुक्रवार को भारत समेत सभी देशों पर 24 फरवरी से 150 दिन के लिए 10 प्रतिशत शुल्क लगाया था। हालांकि, शनिवार को उन्होंने शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनके आर्थिक एजेंडा को एक बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी शीर्ष अदालत ने उनके द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्कों को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक अधिकार कानून (आईईईपीए) का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने अगस्त, 2025 में भारत पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाया था। बाद में, रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। इससे भारत पर कुल शुल्क दर 50 प्रतिशत हो गई थी। 15 फीसदी किया टैरिफ भारत और अमेरिका इस महीने की शुरुआत में एक अंतरिम व्यापार करार को अंतिम रूप देने के लिए रूपरेखा पर सहमत हुए। इसके तहत अमेरिका शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। साथ ही रूस से तेल खरीद के लिए लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त शुल्क को भी हटाएगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फिर से इन शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान किया है। अगर यह शुल्क अधिसूचित होता है, तो यह अमेरिका में मौजूदा एमएफएन या आयात शुल्क के अलावा होगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी उत्पाद पर पांच प्रतिशत एमएफएन शुल्क लगता है, तो 15 प्रतिशत और जोड़कर यह 20 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, इस बारे में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है कि 150 दिन के समय के बाद भारत जैसे देशों पर अमेरिकी शुल्क क्या होगा। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत और आयात में 6.22 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2024-25 में, दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर था।
BAFTA AWARDS 2026: आलिया भट्ट ने ‘ BAFTA अवॉर्ड्स के मंच पर हिंदी में स्पीच देकर बटोरी सुर्खियां….

BAFTA AWARDS 2026: नई दिल्ली। लंदन (London) में कुछ घंटों पहले ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (British Academy Film Awards- BAFTA) का आयोजन हुआ, जहां फिल्मी जगत के कई कलाकार शामिल हुए. इंडिया की तरफ से भी फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) वहां पहुंचे. फरहान के प्रोडक्शन में बनीं मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ को वहां बेस्ट चिल्ड्रन और फैमिली फिल्म की कैटेगरी में अवॉर्ड भी मिला. वहीं, आलिया ने पहली बार BAFTA में किसी अवॉर्ड को प्रेजेंट किया। आलिया ने BAFTA में बोली हिंदी आलिया भट्ट को BAFTA में बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म प्रेजेंट करने के लिए स्टेज पर बुलाया गया. एक्ट्रेस ने आते ही अपनी स्पीच हिंदी में कही, जिसका बाद में उन्होंने मतलब भी समझाया. उनका ये वीडियो हर तरफ वायरल भी हो रहा है. लोग आलिया की हिंदुस्तानी कल्चर दुनियाभर में फैलाने को लेकर सराहना कर रहे हैं। आलिया ने कहा, ‘नमस्कार, अगला अवॉर्ड एक ऐसी फिल्म के लिए है, जो अंग्रेजी में नहीं है. अभी से आप सबटाइटल की तरफ ना जाएं. मैं हिंदी में ये कह रही थी कि जो हमारा अगला अवॉर्ड है, वो एक ऐसी फिल्म के लिए है जिसकी भाषा अंग्रेजी नहीं है. क्योंकि फिल्में तो ढेर सारी अलग-अलग भाषाओं में बोलती हैं, लेकिन हम हमेशा जिस चीज की तारीफ करते हैं, वो है सिनेमा की भाषा. और वो भाषा तो हम सब बहुत अच्छे से समझते और बोलते हैं।’ BAFTA में बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म का अवॉर्ड फिल्म ‘सेंटिमेंटल वैल्यू’ को मिला है, जो इसी साल ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेटेड है. फैंस को आलिया का BAFTA लुक भी बेहद पसंद आया है. एक्ट्रेस ने गुच्ची का सिल्वर गाउन पहना था, जिसके साथ उन्होंने एक सफेद स्टॉल भी कैरी किया. रेड कार्पेट पर आलिया का जलवा खूब जोर-शोर से बिखरा तीसरी इंडियन एक्ट्रेस बनीं आलिया आलिया से पहले इंडिया की दो और हीरोइन प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण को भी BAFTA में अवॉर्ड प्रेजेंट करने का मौका मिल चुका है. अब ऐसा करके आलिया तीसरी इंडियन एक्ट्रेस बन चुकी हैं. फैंस उनकी तरक्की देखकर बेहद खुश हैं. बात करें आलिया के वर्क फ्रंट की, तो उनकी दो फिल्में ‘अल्फा’ और ‘लव एंड वॉर’ आनी हैं, जिसकी रिलीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है।
HERBAL FACEWASH: घर पर ऐसे बनाएं हर्बल फेस वॉश मुलायम और ग्लोइंग त्वचा का आसान नुस्खा

HERBAL FACEWASH: नई दिल्ली । हमारी त्वचा दिनभर प्रदूषण, धूल-मिट्टी, पसीना और गंदगी के संपर्क में रहती है, जिससे स्किन बेजान, रूखी या पिंपल्स जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। कई बार लोग बाजार के महंगे फेस वॉश प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं, लेकिन उनमें कई रसायन केमिकल्स भी होते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में घर पर मौजूद सरल नेचुरल सामग्री से बनने वाला हर्बल फेस वॉश एक बेहतर, सुरक्षित और सस्ता विकल्प है। DIY फेस वॉश पाउडर को आप अपनी स्किन टाइप के हिसाब से तैयार कर सकते हैं और यह त्वचा को अंदर से साफ, पोषित और चमकदार बनाता है। इस हर्बल फेस वॉश में मुल्तानी मिट्टी, चंदन, बेसन और कस्तूरी हल्दी जैसी पारंपरिक सामग्री होती हैं, जिनके प्राकृतिक फायदे त्वचा साफ करने, एक्ने को रोकने और निखार लाने में मदद करते हैं। मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी निकालती है, चंदन ठंडक और ग्लो प्रदान करता है, बेसन डेड स्किन हटाता है और कस्तूरी हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंहासों के खिलाफ मदद करते हैं। सामग्री चम्मच कस्तूरी हल्दी – प्राकृतिक रंग निखारने में मदद चम्मच चंदन पाउडर – ठंडक और चमक के लिए चम्मच बेसन – त्वचा से गंदगी हटाने वाला चम्मच चावल का आटा – स्क्रब जैसा असर चम्मच मुल्तानी मिट्टी – डीप क्लींजिंग के लिए बनाने की विधि सभी सूखी सामग्री को अच्छे से मिलाएँ और एक एयर-टाइट कंटेनर में भरकर स्टोर करें। जब इस्तेमाल करना हो, तो 2 चम्मच पाउडर लें और उसमें थोड़ा गुलाब जल, दूध या शहद मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। पेस्ट को गीले चेहरे पर लगाएँ और 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इसे सुबह या शाम नियमित रूप से लगाने से त्वचा में साफ-सुथरा ग्लो और मुलायम निखार दिखाई देने लगता है। क्यों यह हर्बल फेस वॉश काम करता है गहरा क्लेंज़िंग: मुल्तानी मिट्टी और बेसन त्वचा के पोर्स से गंदगी निकालते हैं। त्वचा का निखार: चंदन और हल्दी त्वचा को टोन और ग्लो देते हैं। घरेलू और सुरक्षित: बिना रसायनों के, नेचुरल सामग्री से तैयार। नई सामग्री को चेहरे पर लगाने से पहले एक छोटे हिस्से पर पैच-टेस्ट जरूर करें ताकि कोई एलर्जी न हो। नियमित उपयोग से त्वचा में धीरे-धीरे बदलाव नजर आता है।
AI Impact Summit प्रोटेस्ट: ग्वालियर से यूथ कांग्रेस नेताओं पर हुई FIR

HIGHLIGHTS: यूथ कांग्रेस के दो और नेता ग्वालियर से गिरफ्तार। मामला AI इंपैक्ट समिट 2026 विरोध प्रदर्शन से जुड़ा। सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर पहचान और कार्रवाई। आरोपियों को दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए ले गई। स्थानीय राजनीतिक माहौल त्योहार के बीच गर्म। AI Impact Summit: ग्वालियर। दिल्ली पुलिस ने AI इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान विरोध प्रदर्शन के आरोप में दो और यूथ कांग्रेस नेताओं को ग्वालियर, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम राजा गुर्जर और अजय कुमार बताया जा रहा है, जो स्थानीय राजनीतिक दल से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया है। इससे पहले इसी मामले में जितेंद्र यादव को भी हिरासत में लिया गया था। Holi 2026 Date: 3 या 4 मार्च, कब मनाई जाएगी होली? जानें पंडित के द्वारा होली से जुड़े सभी पर्वों की सही तिथि व मुहूर्त क्या था प्रदर्शन? 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध प्रदर्शन की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ कार्यकर्ताओं को शर्ट उतारे हुए और नारे लिखी टी-शर्ट पहने देखा गया था। Holashtak 2026: 24 फरवरी से शुरू होलाष्टक, 8 दिनों तक वर्जित होंगे विवाह और मांगलिक कार्य गिरफ्तारी के तरीके दिल्ली पुलिस की एक टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय थाना और झांसी रोड थाना के इलाके में पहुंची और तीनों नेताओं को हिरासत में लिया। पूछताछ के लिए आरोपियों को दिल्ली ले जाया गया है। साथ ही पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के तहत की जा रही है। GWALIOR WEATHER REPORT: ग्वालियर में गर्मी की एंट्री: दिन के साथ तपी राते, पारा 31 डिग्री के करीब परिजन और सरेंडर की बात सूत्रों की माने तो राजा गुर्जर और अजय कुमार ने परिजनों पर बनाए गए दबाव के बाद स्वयं झांसी रोड थाने में सरेंडर किया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। बॉक्स ऑफिस पर रोमांस vs कोर्टरूम क्लैश! तीसरे दिन कौन बना असली विजेता? राजनीतिक माहौल गरम गिरफ्तारि के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी फैल गयी है। साथ ही पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई क़ानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत है और आगे पूछताछ व अदालती प्रक्रिया जारी रहेगी।
Holi 2026 Date: 3 या 4 मार्च, कब मनाई जाएगी होली? जानें पंडित के द्वारा होली से जुड़े सभी पर्वों की सही तिथि व मुहूर्त

Holi 2026 Date: नई दिल्ली । Holi 2026 Date: हर साल की तरह इस बार भी होली और होलिका दहन की तिथि को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है. कुछ लोगों के अनुसार, होली 3 मार्च को मनाई जाएगी और कुछ लोगों का मानना है कि 4 मार्च को मनाई जाएगी. तो आइए जानते हैं कि होली और होलिका दहन की सही तिथि क्या है. कब है होली, यहां से दूर करें तिथि का कंफ्यूजन होली का पर्व देशभर में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. हिंदू धर्म में होली का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण कहलाता है. पंचांग के अनुसार, चैत्र मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होली का पर्व मनाया जाता है और इससे ठीक एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है. लेकिन, इस बार लोगों में होली और होलिका दहन की तारीख को लेकर काफी ज्यादा कंफ्यूजन बना हुआ है. तो आइए पंडित अरुणेश कुमार शर्मा जी से जानते हैं कि किस दिन रंगों का पर्व होली खेली जाएगी और किस दिन होलिका दहन होगा. 3 मार्च या 4 मार्च, कब मनाई जाएगी होली? हर पंचांग में होली और होलिका दहन की तिथि व डेट अलग अलग लिखी है, कुछ लोगों का मानना है कि होली इस बार 3 मार्च को मनाई जाएगी तो कुछ लोगों का मानना है कि होली का पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा. वहीं, पंडित अरुणेश कुमार शर्मा से बात करते हुए बताया कि होली इस बार 4 मार्च 2026, बुधवार को मनाई जाएगी. होलिका दहन 3 मार्च 2026, मंगलवार को अर्धरात्रि में किया जाएगा. पंडित अरुणेश कुमार शर्मा के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 3 मार्च को शाम 4 बजकर 40 मिनट पर होगा. इसी के साथ भद्रा की भी शुरुआत हो जाएगी. यानी 2 मार्च 2026, सोमवार को भद्रा शाम 5 बजकर 55 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जिसका समापन 3 मार्च की सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर होगा. ऐसे में होलिका दहन का सही समय 3 मार्च को किया जाएगा. 3 मार्च को होलिका दहन का मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 50 मिनट के बीच होगा. क्या 4 मार्च को मनाई जाएगी होली? पंचांग की तिथि के अनुसार, 3 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और उसी दिन चंद्रग्रहण भी लग रहा है. यह चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 06 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जो कि भारत में भी दृश्यमान होगा. 3 मार्च की शाम को लगने जा रहे इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 बजे तक रहेगा. ऐसे में रंगभरी होली 4 मार्च 2026, बुधवार को ही खेली जाएगी. क्या है होलाष्टक और रंगभरी एकादशी की तिथि पंडित अरुणेश कुमार शर्मा के मुताबिक, इस बार होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी 2026, मंगलवार से होगी और इसका समापन 3 मार्च 2026 को होगा. वहीं, रंगभरी एकादशी 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी. कैसे किया जाता है होलिका दहन? फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन से पूर्व होलिका माई की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. शाम के समय पूजा की थाली लेकर होलिका दहन स्थल पर जाएं और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें. सबसे पहले होलिका को उपलों से बनी माला अर्पित करें. इसके बाद रोली, अक्षत, फल, फूल, माला, हल्दी, मूंग, गुड़, गुलाल, रंग, सतनाजा, गेहूं की बालियां, गन्ना और चना आदि अर्पित कर पूजा संपन्न करें.