निवेशकों के लिए सुनहरा मौका या चेतावनी, सोना और चांदी के दाम नई ऊंचाई पर

नई दिल्ली।आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान खींच लिया है। कीमती धातुओं में तेज उछाल दर्ज किया गया है। India Bullion and Jewellers Association के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 3362 रुपये बढ़कर 1 लाख 58 हजार 428 रुपये पर पहुंच गई है। वहीं एक किलो चांदी 15236 रुपये की बढ़त के साथ 2 लाख 65 हजार 550 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। साल 2026 की शुरुआत से ही सोना और चांदी लगातार मजबूती दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष अब तक सोने की कीमत में लगभग 25 हजार रुपये और चांदी में करीब 35 हजार रुपये की वृद्धि हो चुकी है। जनवरी महीने में सोने ने 1 लाख 76 हजार रुपये और चांदी ने 3 लाख 86 हजार रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी छुआ था। पिछले वर्ष भी कीमती धातुओं ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76 हजार रुपये के स्तर पर था जो वर्ष 2025 के अंत तक 1 लाख 33 हजार रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह चांदी 86 हजार रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2 लाख 30 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंची, जो करीब 167 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। वैश्विक निवेश बैंक UBS के अनुसार 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था और 2026 में यह आंकड़ा 950 टन तक पहुंच सकता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी बढ़कर 825 टन तक जाने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में अनुमान है कि 2026 के मध्य तक सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत 6200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। भारतीय मुद्रा में इसका अर्थ है कि 10 ग्राम सोने का भाव 1 लाख 80 हजार रुपये तक जा सकता है। बढ़ती कीमतों के बीच विशेषज्ञ निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। सोना खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही लेना चाहिए। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है। साथ ही खरीदारी से पहले दिन की कीमत विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांच लें क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी निवेशकों के लिए अवसर भी है और जोखिम भी। लंबी अवधि के निवेशक गोल्ड ईटीएफ या फिजिकल गोल्ड में रणनीतिक निवेश कर सकते हैं। वहीं ज्वेलर्स के लिए भी यह दौर मांग और कारोबार दोनों के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।
MP BUGET SESSION: हेमंत कटारे का बड़ा बयान: पद छोड़ा, पर सरकार के खिलाफ लड़ाई रहेगी जारी

HIGHLIGHTS|: राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा पद से कार्यमुक्ति का पत्र विधानसभा में गंभीर मुद्दों पर चर्चा न होने से नाराजगी इस्तीफा दबाव में नहीं, आवाज और बुलंद होगी केस री-ओपन पर बोले – FIR से नहीं डरते बीजेपी में जाने की अटकलों को किया खारिज MP BUGET SESSION: मध्यप्रदेश। बजट सत्र के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अटेर विधायक हेमंत कटारे ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ किया कि उनका निर्णय किसी दबाव में नहीं, बल्कि विधानसभा की कार्यप्रणाली से निराश होकर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर पद से कार्यमुक्त करने की भावना व्यक्त की है। जबलपुर में भाजपा पर कांग्रेस ने लगाया कार्यालय पर हमले का आरोप, पुलिस से धक्का-मुक्की कटारे ने कहा कि सदन में गंभीर और जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही। उन्होंने उदाहरण देते हुए भोपाल के गौमांस प्रकरण और भागीरथपुरा में हुई मौतों का जिक्र किया। उनका कहना है कि वे पूरी तैयारी के साथ मुद्दे उठाने जाते हैं, लेकिन सरकार चर्चा से बचती नजर आती है। इस्तीफा प्रचार के लिए नहीं कटारे ने स्पष्ट किया कि उनका पत्र न तो सार्वजनिक करने के लिए था और न ही किसी दबाव की रणनीति का हिस्सा, यह उनके मन की भावना थी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वे उसका सम्मान करेंगे। पुलिस एबीवीपी झड़प: छतरपुर की काया विधि महाविद्यालय में धांधली के आरोप पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठा मेरी आवाज पहले से ज्यादा गूंजेगी उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस्तीफा देने का मतलब चुप होना नहीं है। उनकी जुबान पहले की तरह धारदार रहेगी और भाजपा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे और मजबूती से उठाए जाएंगे। केस री-ओपन पर दिया दो टूक जवाब केस दोबारा खुलने और दबाव के सवाल पर कटारे ने कहा, “हम चंबल की मिट्टी से हैं, FIR से डरने वाले नहीं। जब FIR आती है, तो हम पार्टी करते हैं।” उन्होंने बीजेपी में जाने की अटकलों को भी सिरे से खारिज किया। FAKE DAIRY PROTDUCTS: भिंड में अवैध डेयरी पर छापा: रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज से बन रहा था नकली मावा लंबी राजनीति की बात कटारे ने कहा कि उनकी राजनीतिक उम्र लंबी है और जो लोग उनके परिवार या कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, उन्हें भविष्य में जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष में रहते हुए वे सरकार का उतनी ही ताकत से विरोध करेंगे, जितनी ताकत सरकार में है।
पुलिस एबीवीपी झड़प: छतरपुर की काया विधि महाविद्यालय में धांधली के आरोप पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठा

छतरपुर । मध्य प्रदेश के छतरपुर कन्या विधि महाविद्यालय परिसर में सोमवार दोपहर को माहौल गरम हो गया जब महाविद्यालय में कथित धांधली के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने पहुंचे और उनसे पहले से मौजूद पुलिस बल के बीच तीखी झड़प हो गई। मामला प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच सीधे टकराव का रूप ले लिया जिससे परिसर में अफरातफरी और नारेबाजी का सीन बन गया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता और महिला छात्राओं का आरोप है कि महाविद्यालय में चल रही अनियमितताओं के पीछे प्राचार्य एचडी अहिरवार का हाथ है। उनका कहना था कि प्राचार्य के खिलाफ एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें वह कमीशन लेने के आरोपों से घिरे हैं और इसी के विरोध में उन्होंने प्राचार्य के तत्काल निलंबन की मांग करते हुए ज्ञापन देने का प्रयास किया। जब विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि महाविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के लिए आगे बढ़े तब पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिये प्रतिक्रिया दी। इस दौरान双方 बौद्धिक बहस के बजाय धक्का मुक्की और नारे लगने लगे जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शनकारी महिलाएँ और कार्यकर्ता दोनों ही पुलिस से कोई समझौता न होने पर और अधिक आक्रोशित दिखे। प्रदर्शनकारी समूह ने कहा कि महाविद्यालय में केवल एक ऑडियो वायरल होना ही पर्याप्त नहीं बल्कि कई अनियमितताएँ समय से चली आ रही हैं जिनके समाधान के लिए प्रशासन निष्क्रिय रहा। इसी निष्क्रियता के चलते विरोध प्रदर्शन तेज हुआ और पुलिस ने कुछ समय के लिये कार्यकर्ताओं को भगाने की कोशिश की। इस दौरान कदाचार से बचने के लिए पुलिस बल ने कुछ छात्रों और कार्यकर्ताओं को पकड़ने का प्रयास भी किया जिससे वातावरण तनावपूर्ण बन गया। घटना के बाद स्थानीय छात्रों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि उनके हलके की नहीं सुनी गई तो वे आंदोलन को और आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि पुलिस और महाविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि विद्यार्थी परिषद जैसे छात्र संगठनों द्वारा अभाविप नेताओं के नेतृत्व में इस प्रकार के प्रदर्शनों के बढ़ते स्वर से शिक्षा संस्थानों में प्रशासन छात्र संपर्क और मानक संचालन प्रक्रियाओं के प्रति गंभीरता की आवश्यकता जताई जा रही है। अशांति को काबू में रखने के लिये पुलिस का कड़ा रुख और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिये चुनौती बन सकता है।
जबलपुर में भाजपा पर कांग्रेस ने लगाया कार्यालय पर हमले का आरोप, पुलिस से धक्का-मुक्की
जबलपुर। दिल्ली में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में बलदेव बाग चौराहे पर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर दिया। इसके बाद तीखी झड़प हो गयी। कांग्रेस ने भाजपा पर कार्यालय में हमले का आरोप लगाया और धरने पर बैठ गए।कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने और जबरन कार्यालय में घुसने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाती है, तो उसे दबाने के लिए इस तरह की दमनकारी कार्रवाई की जाती है।प्रदर्शन के दौरान माहौल तब गरमा गया जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और कई जगहों पर बैरिकेडिंग गिरने जैसी स्थिति बन गई।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को प्रदर्शन और पुतला दहन की सूचना पहले से थी, जिसके चलते पर्याप्त बल तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस ने समझाइश देकर और बीच-बचाव कर प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया।भाजयुमो का रौनक अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘अर्धनग्न’ होकर प्रदर्शन किया था। भाजपा नेताओं का कहना है कि इतने बड़े वैश्विक मंच पर इस तरह का व्यवहार देश की छवि को धूमिल करने वाला और अत्यंत निंदनीय है। इसी घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जबलपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय को घेरने और जवाबदेही तय करने की मांग के साथ प्रदर्शन किया।कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय की सुरक्षा के लिए मोर्चा संभाला और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CM. MOHAN YADAV: किसानों के लिए बड़ी तैयारी: कृषि शोध और नई निर्यात नीति पर जोर

CM. MOHAN YADAV: भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ‘कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में सियासत तेज, अखिलेश यादव ने दिया खुला समर्थन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ‘कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे। वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।
जायका टीम ने किया एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं सब स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण

भोपाल! जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण हेतु मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। ढीमरखेडा लाइन एवं सब स्टेशन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन ढीमरखेड़ा तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी पनागर–ढीमरखेड़ा ट्रांसमिशन लाइन का अवलोकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण उपरांत उन्होंने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए स्थानीय नागरिकों से भी की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ-साथ जायका टीम ने स्थानीय महिलाओं को बुलाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। महिलाओं ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई के लिए भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर और स्काडा का भी किया अवलोकन जायका टीम ने एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी )एवं स्वदेशी तकनीकी एवं उपकरणों से निर्मित स्काडा कंट्रोल सेंटर का भी अवलोकन किया और उसकी कार्य प्रणाली की प्रशंसा की। ये अधिकारी रहे उपस्थित निरीक्षण के दौरान एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री के.एम. सिंघल, अधीक्षण अभियंता श्री आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ए.पी.एस. चौहान, श्री शशि शेखर, श्री रविराज पटेल, सहायक अभियंता श्री जितेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
खंडवा में दरिंदगी पर कड़ा प्रहार, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास, मौत तक जेल में रहेगा बंद

खंडवा /मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से न्याय व्यवस्था का एक बड़ा और सख्त संदेश सामने आया है। हरसूद न्यायालय ने महिला से दुष्कर्म और उसके बाद की गई निर्मम हत्या के मामले में आरोपी हरिराम उर्फ हरि को दोषी ठहराते हुए तिहरा आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराध की क्रूरता और अमानवीयता को देखते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी को मृत्यु तक जेल में ही रहना होगा। यह फैसला देर शाम सुनाया गया और कोर्ट कक्ष में सन्नाटा छा गया। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यदि ऐसे जघन्य अपराध में दोषी को कम दंड दिया जाता है तो समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे। इसलिए आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 66, 70(1) और 103(1) के तहत दोषी पाते हुए प्रत्येक धारा में आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। इस प्रकार तीनों सजाएं मिलाकर आरोपी को तिहरा आजीवन कारावास अर्थात मृत्यु तक कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के वकील जाहिद अहमद के अनुसार घटना 23 मई 2025 की है। खालवा थाना क्षेत्र की रोशनी पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि शादी समारोह में गई एक महिला रात भर घर नहीं लौटी। अगली सुबह गांव की एक वृद्ध महिला ने उसे एक घर के पीछे खून से सने कपड़ों में जमीन पर पड़ा देखा। घर लाए जाने पर पीड़िता ने बताया कि गांव के ही हरिराम ने उसके साथ गलत काम किया है। घटना की भयावहता यहीं समाप्त नहीं हुई। घर की अन्य महिलाओं ने देखा कि पीड़िता गंभीर रूप से घायल थी और उसके शरीर पर गहरे घाव थे। कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई, जिससे आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को एकत्रित कर अदालत में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने ठोस तर्कों और प्रमाणों के आधार पर आरोपी के अपराध को सिद्ध किया। न्यायालय ने भी अपने फैसले में कहा कि यह अपराध न केवल पीड़िता के प्रति बल्कि पूरे समाज के प्रति अत्यंत क्रूर कृत्य है। इस फैसले को जिले में न्याय की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे कठोर निर्णय ही समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करते हैं और अपराधियों में भय पैदा करते हैं। खंडवा में आए इस फैसले ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि न्यायालय गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा। यह निर्णय न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि कानून से बड़ा कोई नहीं।
FAKE DAIRY PROTDUCTS: भिंड में अवैध डेयरी पर छापा: रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज से बन रहा था नकली मावा

HIGHLIGHTS: ग्राम तारौली की अवैध डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज से बन रहा था नकली मावा करीब 50 किलो मावा और एक क्विंटल दूध जब्त डेयरी संचालक के पास नहीं मिला खाद्य लाइसेंस अन्य डेयरियों से भी लिए गए मावा के सैंपल जांच के लिए भेजे गए FAKE DAIRY PROTDUCTS: ग्वालियर। भिंड जिले के मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अवैध रूप से संचालित एक डेयरी पर छापामार कार्रवाई कर मिलावटी मावा बनाने के गोरखधंधे का खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया कि डेयरी में दूध से क्रीम निकालने के बाद उसमें रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ड्रायड ग्लूकोज पाउडर मिलाकर कृत्रिम रूप से मावा तैयार किया जा रहा था। बीआरटीएस मार्ग पर बदलेगा ट्रैफिक का चेहरा, इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की फिर से हुई शुरुआत ग्राम तारौली में दी दबिश खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी और रीना बंसल की टीम ने मौ स्थित ग्राम तारौली निवासी लल्लू सिंह परिहार की डेयरी पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर में बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री पाई गई, जिससे मिलावट की पुष्टि हुई। US-ईरान तनाव के बीच अलर्ट: भारतीय दूतावास, तेहरान ने भारतीयों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा भारी मात्रा में जब्ती कार्रवाई के दौरान तीन टीन रिफाइंड पामोलिन ऑयल, 10 किलोग्राम ड्रायड ग्लूकोज पाउडर, तीन टीन घी, लगभग 50 किलोग्राम तैयार मावा और करीब एक क्विंटल दूध जब्त किया गया। विभाग ने सभी सामग्री को कब्जे में लेकर सील कर दिया। अमिताभ बच्चन का बड़ा एलान: अब संडे को ‘जलसा’ के बाहर नहीं दिखेगी प्रशंसकों की भीड़, महानायक ने कहा- अपनी एनर्जी बचाकर रखें बिना लाइसेंस चल रही थी डेयरी जांच में यह भी सामने आया कि डेयरी संचालक के पास खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। यह खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। नमूने भेजे गए प्रयोगशाला खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दूध, मावा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज पाउडर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। AI समिट में शर्टलेस विरोध पर दिल्ली कोर्ट का सख्त रूख, कहा- देश की कूटनीतिक छवि को पहुंचा नुकसान अन्य डेयरियों से भी सैंपल इसी क्रम में मौ स्थित रघुराज डेयरी, ग्राम खेरियाचांद और सावित्री डेयरी से भी मावा के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
बंदियों के पुनर्वास को मिले मानवीय दृष्टि: मंगूभाई पटेल ने कहा सकारात्मक सोच से ही होगा नव-निर्माण

भोपाल । भोपाल स्थित लोकभवन में सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्र बहुआयामी और मानवीय दृष्टिकोण से संचालित करने पर जोर दिया। गृह एवं जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड देने का स्थान नहीं बल्कि सुधार और पुनर्स्थापन का केंद्र होना चाहिए। बंदियों की सोच को सकारात्मक दिशा देना और उन्हें आत्मविश्वास से भरना पुनर्वास प्रक्रिया की मूल भावना होनी चाहिए। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास का उद्देश्य बंदियों को अपराध की पहचान से मुक्त कर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि मामूली अपराधों में विचाराधीन कैदियों को केवल सजा देना पर्याप्त नहीं बल्कि उन्हें रचनात्मक गतिविधियों और नैतिक मार्गदर्शन के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में लौटने योग्य बनाना आवश्यक है। इस दिशा में उत्पादक गतिविधियों का संयोजन कर बंदियों को रोजगारपरक कार्यों से जोड़ने की आवश्यकता बताई गई ताकि वे अपने परिवारों के जीवन-निर्वाह में भी आर्थिक सहयोग दे सकें। बैठक में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि इसका नियमित प्रसारण जेलों में कराया जाए। उनका मानना है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को देश की प्रगति प्रेरक व्यक्तित्वों और सकारात्मक पहल से जुड़ने का अवसर मिलेगा जिससे उनके भीतर आशावाद आत्मबल और आत्म-सुधार की भावना विकसित होगी। जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों के लिए यह कार्यक्रम मानसिक और नैतिक संबल का कार्य कर सकता है। राज्यपाल ने महिला बंदियों और उनके बच्चों के समुचित लालन-पालन बुजुर्ग एवं दिव्यांग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता तथा लंबित दया याचिकाओं के त्वरित निराकरण जैसे मुद्दों पर भी विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। बैठक में उपस्थित अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है और पिछले पांच वर्षों में आई सभी याचिकाओं की समीक्षा की प्रक्रिया भी जारी है। त्वरित निपटान के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जा रहा है जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि जेल विभाग द्वारा एक अभिनव पहल के तहत गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में साप्ताहिक प्रसारण किया जा रहा है जिसमें श्लोकों का शुद्ध उच्चारण और भावार्थ समझाया जाता है। यह पहल बंदियों में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के विकास में सहायक सिद्ध हो रही है।
किसान विरोधी बताकर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, अटल पथ पर लगेगी किसानों की महाचौपाल

भोपाल /भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है। राजधानी के अटल पथ पर किसानों की विशाल चौपाल लगाई जाएगी, जिसमें देशभर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। कांग्रेस के अनुसार यह ट्रेड डील किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। पार्टी का आरोप है कि यदि यह समझौता मौजूदा स्वरूप में लागू होता है तो देश के कृषि क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ेगा और स्थानीय बाजारों में विदेशी दबाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने इसे जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी की है। कार्यक्रम के तहत दोपहर एक बजे दोनों वरिष्ठ नेता भोपाल पहुंचेंगे और लगभग दो बजे सभा स्थल पर उपस्थित होकर किसानों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए किसानों की भागीदारी होगी। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस आंदोलन में करीब एक लाख किसान शामिल होंगे। विशेष रूप से भोपाल के आसपास के 11 जिलों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास है। चौपाल के माध्यम से किसान अपनी समस्याएं, आशंकाएं और सुझाव खुलकर रख सकेंगे। पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस व्यापारिक संगठनों से भी संवाद करेगी। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भोपाल के श्यामला हिल्स और लखेरापुरा क्षेत्रों में व्यापारियों से मुलाकात करेंगे। अमेरिका ट्रेड डील के संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी और व्यापारियों की राय जानी जाएगी। दोपहर साढ़े तीन बजे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बाजार क्षेत्रों में पहुंचकर आम व्यापारियों से संवाद करेंगे। भोपाल में प्रस्तावित यह मेगा प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। कांग्रेस इसे किसान हितों की रक्षा का आंदोलन बता रही है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अटल पथ पर होने वाली यह किसानों की चौपाल केवल एक सभा नहीं बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस आंदोलन का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव कितना व्यापक होता है।