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BOLLYWOOD STARS: पैसे से ऊपर कला: नवाजुद्दीन, सोनम, अमिताभ और दीपिका ने फिल्मों को बनाया यादगार

  BOLLYWOOD STARS: नई दिल्ली । बॉलीवुड की कई फिल्मों ने न सिर्फ दर्शकों के दिलों में जगह बनाई बल्कि अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से भी यादगार साबित हुईं। कम लोग जानते हैं कि इन फिल्मों के लीड एक्टर्स ने अपनी फीस तक नहीं ली और सिर्फ प्यार और जुनून के लिए काम किया। साल 2018 में रिलीज़ हुई फिल्म मंटो में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने किरदार में ऐसा दम दिखाया कि हर दर्शक उनकी अदाकारी का मुरीद हो गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवाजुद्दीन ने इस फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली थी? उन्होंने सिर्फ अपने किरदार में पूरी तरह डूबकर काम किया। इससे पहले भी नवाजुद्दीन ने हरामखोर जैसी फिल्मों में बिना फीस काम किया था जो उनके पेशेवर समर्पण की मिसाल है। वहीं फिल्म भाग मिल्खा भाग में सोनम कपूर ने अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इंडस्ट्री की टैलेंटेड अभिनेत्रियों में शुमार सोनम ने इस फिल्म के लिए भी फीस नहीं ली सिर्फ नाम के लिए 11 रुपये स्वीकार किए। फिल्म में उनके काम को क्रिटिक्स और दर्शकों ने दोनों ने सराहा। इस फिल्म में फरहान अख्तर ने भी लीड रोल निभाया और उन्होंने भी बिना किसी फीस के काम किया। फरहान की मेहनत और फिल्म की तकनीकी दक्षता ने इसे बॉक्स ऑफिस पर हिट बनाना सुनिश्चित किया। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की बात करें तो संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक में उनके अभिनय को हर किसी ने सराहा। यह फिल्म आज भी आइकॉनिक मानी जाती है और कम लोग जानते हैं कि अमिताभ ने इसके लिए एक भी रुपया फीस नहीं लिया था। उनके समर्पण और किरदार के प्रति ईमानदारी ने फिल्म की सफलता में अहम भूमिका निभाई। सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ फिल्म ओम शांति ओम में दीपिका पादुकोण ने लीड रोल प्ले किया। उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों ने बहुत सराहा लेकिन दीपिका ने इस फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली। उनकी मेहनत और स्क्रीन पर दमदार उपस्थिति ने फिल्म को और भी यादगार बना दिया। इसी तरह फिल्म ट्रैप्ड में राजकुमार राव ने एक लड़के का किरदार निभाया जो ऊंची और वीरान इमारत में फंस जाता है। राजकुमार ने इस चुनौतीपूर्ण रोल के लिए कोई भुगतान नहीं लिया। उनकी ईमानदार अदाकारी ने फिल्म के थ्रिल और सस्पेंस को और मजबूती दी। इन कहानियों से यह साबित होता है कि कभी-कभी सितारों का जुनून समर्पण और किरदार के प्रति ईमानदारी पैसे से भी बड़ी होती है। इन फिल्मों ने दर्शकों के दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई और यह साबित किया कि अच्छी कहानी बेहतरीन परफॉर्मेंस और एक्टर्स का समर्पण ही असली सफलता की कुंजी है।

ग्वालियर कृषि मंथन में डॉ. यादव का संदेश : कृषि में शोध और मंडी निर्यात नीति लाकर बढ़ाएंगे उत्पादन

भोपाल  /मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ‘कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ‘कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे। वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।

नरसिंहपुर में सड़क हादसा, निर्माणाधीन ब्रिज से पिकअप वाहन गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 7 गंभीर घायल

नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सूआतला थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर सोमवार को मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन निर्माणाधीन ब्रिज से गिरकर पलट गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें करेली के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, छिंदवाड़ा जिले के हर्रई क्षेत्र के ग्राम सुरलाखापा से मजदूरी कार्य के लिए पिकअप वाहन में सवार होकर मजदूर नरसिंहपुर की ओर आ रहे थे। वाहन में कुल 10 मजदूर सवार थे। वे नरसिंहपुर के राजमार्ग क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के लिए जा रहे थे। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग -44 पर बरमान के पास बने ओवरब्रिज पर अचानक एक बाइक चालक पिकअप के सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन मोड़ा, जिससे वह अनियंत्रित हो गया और ओवरब्रिज की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे बरमान कनेक्टिंग रोड पर जा गिरा और पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर बरमान चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सात घायलों को करेली के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में वाहन का अनियंत्रित होना दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। बरमान उप थाना प्रभारी आशीष बोपचे ने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शिनाख्त के बाद ही उनके नाम और पते स्पष्ट हो सकेंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी मजदूर हर्रई क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं और किसी गार्डन में कार्य करने के लिए जा रहे थे।

दतिया नगरपालिका में सिस्टम की बलि चढ़ा एक बाबू: प्रताड़ना से तंग आकर लिपिक ने दी जान, मौत से पहले वीडियो में सीएमओ की काली करतूतों का किया पर्दाफाश

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया नगरपालिका से एक हृदयविदारक और प्रशासनिक तंत्र को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ कार्यरत एक लिपिक बाबू दिलीप सिंह गौड़ ने मानसिक प्रताड़ना की इंतहा के बाद मौत को गले लगा लिया। दिलीप सिंह का शव रविवार को उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित उनके निवास पर बरामद हुआ। लेकिन यह केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि एक ईमानदार कर्मचारी के स्वाभिमान की हत्या का मामला प्रतीत होता है, जिसकी गवाही खुद मृतक ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने से ठीक पहले एक वीडियो रिकॉर्ड कर दी है। दिलीप सिंह ने मरने से पहले अपनी मौत का जिम्मेदार दतिया नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर और दो अन्य कर्मचारियों को ठहराया है। दिलीप का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। वीडियो में उन्होंने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमओ द्वारा उन पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भ्रष्टाचार में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया था। जब उन्होंने इस गलत काम का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया और प्रलोभन को ठुकरा दिया, तो उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई शुरू हो गई। प्रताड़ना का स्तर इस कदर गिर गया कि एक पढ़े लिखे लिपिक को सजा देने के उद्देश्य से उनकी ड्यूटी ट्रेचिंग ग्राउंड कचरा डंपिंग साइट पर लगा दी गई। दिलीप ने वीडियो में रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि एक बाबू होने के बावजूद उन्हें कचरा गाड़ियों की गिनती करने जैसा काम सौंपा गया, जिसने उनके मानसिक आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाई। यह कदम उन्हें नीचा दिखाने और मानसिक रूप से तोड़ने के लिए उठाया गया था। हद तो तब हो गई जब दिलीप इस अपमानजनक स्थिति से राहत पाने के लिए और शाखा बदलने का आवेदन लेकर सीएमओ नागेंद्र सिंह के पास पहुंचे। दिलीप के अनुसार, मदद करने के बजाय सीएमओ ने उन्हें मां-बहन की भद्दी गालियां दीं और जलील किया। इसी अपमान और मानसिक आघात से दुखी होकर दिलीप सिंह गौड़ ने आत्मघाती कदम उठा लिया। उन्होंने वीडियो में स्पष्ट मांग की है कि उनकी मौत के बाद सीएमओ और अन्य दो कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। दूसरी ओर, जब इन गंभीर आरोपों को लेकर सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर से सवाल किए गए, तो उन्होंने किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से इनकार कर दिया। हालांकि, मृतक का वीडियो अब पुलिस के पास है और झांसी व दतिया पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में जुट गई है।

SYBER CRIMES: रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी से 2 करोड़ 52 लाख की ठगी, जाने साइबर ठग कैसे करते है फ्रॉड?

GWALIOR CYBER CRIMES

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में एयरफोर्स के रिटायर्ड अफसर से 2.50 करोड़ की ठगी सीबीआई-ईडी अधिकारी बनकर ठगों ने किया कॉल दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर जेल भेजने की दी धमकी सेविंग अकाउंट और एफडीआर तुड़वाकर कराई रकम ट्रांसफर साइबर पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी SYBER CRIMES: ग्वालियर। मध्यप्रदेश में साइबर ठगी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। बता दें कि ताजा मामला ग्वालियर से सामने आया है, जहां साइबर बदमाशों ने एयरफोर्स के 90 वर्षीय सेवानिवृत्त रेडियोलॉजिस्ट नारायण महादेव को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने खुद को सीबीआई और ईडी का अधिकारी बताकर उन्हें और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और 2.50 करोड़ रुपए ठग लिए। सोमवार के अचूक शिव उपाय, सुख शांति और मनोकामना पूर्ति का सरल आध्यात्मिक मार्ग.. 28 जनवरी से थे ‘डिजिटल अरेस्ट’ पुलिस शिकायत के अनुसार 28 जनवरी से साइबर ठग लगातार उन्हें कॉल कर-कर धमका रहे थे। बताया जा रहा है कि ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी थी। जिसके बाद डर के कारण दंपती मानसिक दबाव में रहे और ठगों के निर्देशों का पालन लगातार करते रहे। 23 फरवरी 2026 का पंचांग, फाल्गुन षष्ठी पर ब्रह्म योग का शुभ संयोग, अनुशासन और साधना का संदेश सेविंग अकाउंट से लेकर एफडीआर तक तुड़वाई पहले सेवानिवृत्त अधिकारी ने अपने सेविंग अकाउंट से रकम ट्रांसफर की। इसके बाद भी धमकियां जारी रहीं तो उन्होंने बैंक में जमा अपनी एफडीआर तक तुड़वाकर ठगों के खातों में पैसे भेज दिए। इस तरह कुल 2.50 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया। साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला नारायण महादेव की शिकायत पर साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस का 3100 करोड़ का IPO खुला, 25 फरवरी तक मौका, न्यूनतम निवेश 14742 रुपये उच्च शिक्षित भी बन रहे शिकार बता दें कि एयरफोर्स के रेडियोलॉजिस्ट आमतौर पर आर्मी मेडिकल कोर से जुड़े कमीशन्ड अधिकारी होते हैं और स्पेशलिस्ट डॉक्टर के रूप में कार्य करते हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी ठगी होना साइबर अपराधियों के बढ़ते हौसले को दर्शाता है।

सोमवार के अचूक शिव उपाय, सुख शांति और मनोकामना पूर्ति का सरल आध्यात्मिक मार्ग..

नई दिल्ली। सोमवार का दिन देवों के देव शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से की गई पूजा जीवन में सुख शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। नियमित रूप से सोमवार व्रत और शिव साधना करने से मानसिक तनाव कम होता है और बाधाएं दूर होने लगती हैं। सुबह स्नान के बाद मंदिर जाकर या घर में स्थापित शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। शिवलिंग पर बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से सुख समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया अभिषेक शिव कृपा को शीघ्र आकर्षित करता है। धन और आर्थिक स्थिरता की कामना रखने वाले श्रद्धालु सोमवार की शाम शिवलिंग के समीप देसी घी का दीपक जलाएं। शहद मिश्रित जल से अभिषेक करना भी आर्थिक कष्टों को दूर करने वाला प्रभावी उपाय माना जाता है। यह साधना घर में समृद्धि और सकारात्मक वातावरण को बढ़ाने में सहायक मानी गई है। मनोकामना पूर्ति के लिए लगातार पांच सोमवार तक नियमपूर्वक जल, दुर्वा और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा है। बेलपत्र पर शहद लगाकर अर्पण करने से इच्छित कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है। यह साधना धैर्य और अनुशासन के साथ की जाए तो अधिक फलदायी मानी जाती है। यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो तो दूध, चावल, सफेद वस्त्र या भोजन का दान करना शुभ बताया गया है। ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है। ऐसे में यह दान मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करने में सहायक माना जाता है। मानसिक शांति और बाधा निवारण के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप विशेष प्रभावी माना गया है।जप मंत्रॐ नमः शिवायॐ नमो भगवते रुद्राय इन मंत्रों का नियमित जप आत्मविश्वास बढ़ाता है और भय तथा नकारात्मकता को दूर करता है। शिव चालीसा का पाठ भी आध्यात्मिक ऊर्जा को मजबूत करने में सहायक माना जाता है। सोमवार की पूजा में सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है। दूध, दही और चावल जैसी सफेद वस्तुओं का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पूजा के समय शुद्धता, संयम और शांत मन बनाए रखना आवश्यक है। ध्यान रखें कि शिव पूजा में तुलसी, हल्दी और केतकी के फूल अर्पित नहीं किए जाते। साथ ही क्रोध, असत्य और अपवित्रता से बचना चाहिए। नियमित श्रद्धा और सरलता से की गई शिव उपासना जीवन में संतुलन, धैर्य और सकारात्मक परिणामों का मार्ग प्रशस्त करती है।

23 फरवरी 2026 का पंचांग, फाल्गुन षष्ठी पर ब्रह्म योग का शुभ संयोग, अनुशासन और साधना का संदेश

नई दिल्ली। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर सोमवार 23 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व लेकर आया है। वैदिक पंचांग के अनुसार प्रातःकाल ब्रह्म योग का प्रभाव रहा, जिसे शुभ कर्म, जप, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। प्रातः लगभग 9 बजे तक षष्ठी तिथि रही और इसके पश्चात सप्तमी तिथि का आरंभ हुआ। धर्माचार्यों के अनुसार यह समय आत्मसंयम, दृढ़ संकल्प और धर्मपालन के लिए अनुकूल माना गया है। पंचांग गणना के अनुसार चंद्रमा मेष राशि में भरणी नक्षत्र पर स्थित हैं। यमराज को भरणी नक्षत्र का अधिष्ठाता माना जाता है। इस कारण यह दिन जीवन में अनुशासन, कर्तव्य पालन और आचरण की शुद्धता का संदेश देता है। धार्मिक परंपराओं में भरणी नक्षत्र को कर्मफल की स्मृति और आत्मनियंत्रण से जोड़ा गया है। विद्वानों का मत है कि आज लिया गया सकारात्मक संकल्प दीर्घकालिक फल प्रदान कर सकता है और व्यक्ति को नैतिक दृढ़ता की दिशा में अग्रसर करता है। ज्योतिषीय दृष्टि से आज ग्रहों की स्थिति भी विशेष मानी जा रही है। कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु का संयोग विचार शक्ति और निर्णय क्षमता को प्रभावित करने वाला योग बना रहा है। इसे सामाजिक समन्वय, नई योजनाओं और बौद्धिक सक्रियता के लिए प्रेरक माना गया है। वहीं मकर राशि में स्थित मंगल को कर्मबल और साहस का कारक बताया गया है। यह स्थिति कठिन कार्यों को पूरा करने की ऊर्जा प्रदान करती है और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज मांगलिक कार्य, पूजन, जप और दान शुभ मुहूर्त में करना हितकारी रहेगा। राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से परहेज करने की परंपरा का पालन करने की सलाह दी गई है। श्रद्धालु मंदिरों में विशेष आराधना, दीपदान और प्रार्थना कर रहे हैं। कई स्थानों पर फाल्गुन मास के उपलक्ष्य में सामूहिक पाठ, भजन और अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। धर्मशास्त्रों के जानकारों का कहना है कि फाल्गुन मास आंतरिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का काल माना जाता है। इस अवधि में संयमित जीवन, सेवा भावना और सत्कर्म को विशेष पुण्यदायी बताया गया है। आज का दिन व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए तो ब्रह्म योग और भरणी नक्षत्र का यह संयोग साधना, आत्मचिंतन और सकारात्मक संकल्पों के लिए उपयुक्त समय माना गया है। पंचांग की यह जानकारी न केवल धार्मिक आस्था रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि दैनिक जीवन में शुभ-अशुभ समय के चयन के लिए भी मार्गदर्शक मानी जाती है।

क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस का 3100 करोड़ का IPO खुला, 25 फरवरी तक मौका, न्यूनतम निवेश 14742 रुपये

नई दिल्ली। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Clean Max Enviro Energy Solutions का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक 25 फरवरी तक इस आईपीओ में बोली लगा सकते हैं। कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग 3100 करोड़ रुपये जुटाने की योजना के साथ बाजार में उतरी है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 1000 से 1053 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 14 शेयर शामिल हैं और ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार न्यूनतम निवेश 14742 रुपये होगा। यह इश्यू फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों का मिश्रण है। कंपनी के मुताबिक फ्रेश इश्यू से प्राप्त लगभग 1122.6 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों के कर्ज के आंशिक या पूर्ण भुगतान में किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और विस्तार योजनाओं में खर्च की जाएगी। आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है, जबकि 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स और 15 प्रतिशत नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए निर्धारित किया गया है। इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में Axis Capital, JPMorgan और SBI Capital Markets को नियुक्त किया गया है। कंपनी के शेयर Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange of India पर सूचीबद्ध होंगे। आईपीओ से पहले कंपनी प्री आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 1500 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। इस चरण में Temasek और Bain Capital जैसे बड़े निवेशकों की भागीदारी रही, जिससे बाजार में इस इश्यू को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। उद्योग आकलनों के अनुसार कंपनी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए रिन्यूएबल एनर्जी समाधान और नेट जीरो पहलों पर फोकस कर रही है। क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी की परिचालन क्षमता 2.80 गीगावाट रही, जबकि 3.17 गीगावाट की अतिरिक्त परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। कार्बन क्रेडिट और स्वच्छ ऊर्जा अनुबंधों पर कॉर्पोरेट सेक्टर का बढ़ता जोर कंपनी के लिए दीर्घकालिक मांग का आधार तैयार कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर हरित ऊर्जा में निवेश की प्रवृत्ति और भारत में ऊर्जा संक्रमण की नीतियां इस तरह के आईपीओ को समर्थन दे रही हैं। हालांकि निवेशकों को मूल्यांकन, ब्याज दरों की दिशा और सेक्टर से जुड़े जोखिमों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

शेयर बाजार में मजबूती, IPO बाजार में हलचल, विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों का सहारा

नई दिल्ली।/मुंबई से शेयर बाजार के लिए आज का दिन उत्साह भरा रहा। Bombay Stock Exchange का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 500 अंकों की मजबूती के साथ 83300 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि National Stock Exchange of India का निफ्टी 150 अंक की बढ़त लेकर 25700 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में मजबूत खरीदारी के कारण देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही सरकारी बैंकों और प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक रुख दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की आक्रामक खरीद और वैश्विक बाजारों से मिले स्थिर संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया। घरेलू निवेशकों का लगातार समर्थन इस समय बाजार के लिए संबल बना हुआ है। हालांकि बाजार की इस तेजी के बीच एक बड़ा झटका भी देखने को मिला। IDFC First Bank के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ स्थित एक शाखा में करीब 590 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद बैंक का शेयर लगभग 20 प्रतिशत टूटकर 67 रुपये तक पहुंच गया। सरकारी विभाग की ओर से संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट मिलने के बाद मामला उजागर हुआ। बैंक प्रबंधन ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेत मिश्रित रहे। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेजी दर्ज की गई, जबकि जापान का बाजार अवकाश के कारण बंद रहा। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में सकारात्मक बंदी ने एशियाई बाजारों को सीमित समर्थन दिया। निवेश प्रवाह के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीद जारी रखी है। फरवरी माह में विदेशी निवेशकों की शुद्ध बिकवाली और घरेलू निवेशकों की मजबूती बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही है। प्राथमिक बाजार में भी हलचल तेज रही। Clean Max Enviro Energy Solutions का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम निवेश के लिए खुल गया है। कंपनी इस आईपीओ के माध्यम से पूंजी जुटाकर ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की योजना बना रही है। इससे निवेशकों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अवसर मिल सकते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अल्पकाल में बाजार की चाल बैंकिंग सेक्टर के प्रदर्शन, वैश्विक संकेतों और निवेश प्रवाह पर निर्भर रहेगी। यदि घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है। फिलहाल निवेशक सतर्क आशावाद के साथ बाजार की अगली दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।

कम कीमत में बड़ा दावा, itel A100 लाया अल्ट्रा लिंक कॉलिंग और दमदार बैटरी बैकअप

नई दिल्ली से बजट स्मार्टफोन बाजार के लिए एक नई पेशकश सामने आई है। itel ने अपना नया एंट्री लेवल मॉडल itel A100 लॉन्च किया है, जो कम कीमत में प्रीमियम डिजाइन और कुछ अनोखे फीचर्स के कारण चर्चा में है। कंपनी का दावा है कि यह फोन खास तौर पर उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो सीमित बजट में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने वाला भरोसेमंद स्मार्टफोन चाहते हैं। इस डिवाइस की सबसे खास बात इसकी अल्ट्रा लिंक तकनीक है। इस फीचर के जरिए बिना सिम नेटवर्क के भी दूसरे संगत डिवाइस पर कॉल की जा सकती है। कंपनी का कहना है कि कमजोर नेटवर्क या ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा कंपनी 100 दिनों के भीतर स्क्रीन डैमेज होने पर मुफ्त रिप्लेसमेंट की सुविधा भी दे रही है, जो इस प्राइस सेगमेंट में कम ही देखने को मिलती है। डिजाइन के लिहाज से फोन पॉलीकार्बोनेट बॉडी और मैट फिनिश के साथ आता है। 8.49 मिमी मोटाई वाला यह डिवाइस हाथ में हल्का और स्लिम महसूस होता है। MIL STD 810H सर्टिफिकेशन के साथ इसे रोजमर्रा के उपयोग में टिकाऊ बताया गया है। पीछे की ओर टेक्सचर्ड पैनल, फिंगरप्रिंट सेंसर और सादा कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इसके साथ ट्रिपल कार्ड स्लॉट और IR ब्लास्टर जैसे फीचर भी मिलते हैं, जो इस कीमत में अतिरिक्त उपयोगिता जोड़ते हैं। फोन में 6.6 इंच का HD प्लस IPS डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 90Hz रिफ्रेश रेट का सपोर्ट है। इससे सामान्य ब्राउजिंग और वीडियो देखने का अनुभव स्मूथ रहता है। डायनामिक बार इंटरफेस नोटिफिकेशन और बैटरी स्टेटस को स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में दिखाता है, जिससे उपयोग में सुविधा मिलती है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें 8 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। यह सेटअप फुल HD वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। हालांकि यह डिवाइस प्रोफेशनल फोटोग्राफी के लिए नहीं बल्कि बेसिक फोटो और वीडियो जरूरतों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें यूनिसोक T7100 प्रोसेसर और एंड्रॉयड 15 गो एडिशन दिया गया है। यह कॉन्फिगरेशन भारी गेमिंग के लिए नहीं बल्कि कॉलिंग, सोशल मीडिया और सामान्य एप्स के लिए बेहतर माना जा रहा है। 5000mAh की बैटरी एक दिन तक का बैकअप देने में सक्षम बताई गई है और इसके साथ 10W चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। 3GB 64GB और 4GB 64GB वेरिएंट में उपलब्ध यह स्मार्टफोन लगभग 7 हजार रुपये की कीमत के आसपास बाजार में उतारा गया है। विश्लेषकों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी बजट बाजार में यह मॉडल स्टाइल, टिकाऊपन और वैकल्पिक कॉलिंग फीचर के कारण अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है। खासकर उन यूजर्स के लिए यह उपयोगी विकल्प हो सकता है जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी स्थिर नहीं रहती।