विदेशी नागरिकों के आधार पर सख्ती: वीजा खत्म होते ही होगा निष्क्रिय, OCI और नेपाल-भूटान नागरिकों के लिए 10 साल तक वैध

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने विदेशियों के आधार कार्ड की वैधता को लेकर नए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब स्पष्ट कर दिया गया है कि भारत में वीजा लेकर रहने वाले सभी विदेशी नागरिकों का आधार कार्ड उनकी कानूनी स्थिति और वीजा की अवधि से सीधे जुड़ा रहेगा। इसका मतलब यह है कि वीजा समाप्त होते ही आधार कार्ड स्वतः निष्क्रिय डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा जिससे फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर कड़ी रोक लगेगी। सरकार ने बताया कि ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्डधारक जिनका भारतीय मूल से संबंध है और जिन्हें लंबी अवधि तक रहने की विशेष अनुमति प्राप्त है उनके आधार कार्ड 10 वर्षों तक मान्य रहेंगे। 10 साल के बाद उन्हें आधार को नवीनीकरण या अपडेट करवाना होगा। इस प्रकार OCI कार्डधारकों को स्थायी रूप से आधार से जुड़े लाभों और सेवाओं का फायदा मिलता रहेगा। लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत में रह रहे अन्य विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड केवल उनके वीजा की अवधि तक ही वैध होंगे। इसी तरह टूरिस्ट बिजनेस स्टूडेंट और अन्य श्रेणी के वीजा पर आने वाले विदेशी नागरिकों का आधार कार्ड भी वीजा समाप्त होते ही निष्क्रिय कर दिया जाएगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। भारत के साथ विशेष संबंध वाले इन देशों के नागरिकों के आधार कार्ड 10 वर्षों तक वैध रहेंगे। यह प्रावधान उन सुविधाओं और लंबी अवधि के प्रवास को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है ताकि उनके लिए आधार से जुड़े लाभ जारी रह सकें। सरकार का कहना है कि पिछली कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए थे जहां वीजा समाप्त होने के बावजूद विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार बनवा लेते थे और देश में रहते थे। नई व्यवस्था के तहत अब आधार कार्ड की वैधता सीधे व्यक्ति की कानूनी स्थिति और वीजा अवधि से जुड़ी होगी। इससे सरकारी योजनाओं बैंकिंग सेवाओं और अन्य सुविधाओं में किसी भी तरह के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आधार की निगरानी प्रणाली को और सख्त बनाया जाएगा। डिजिटल माध्यम और तकनीकी उपकरणों की मदद से वीजा समाप्त होते ही संबंधित आधार कार्ड स्वतः निष्क्रिय कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी विदेशी नागरिक केवल वैध आधार के माध्यम से ही सेवाओं का लाभ उठा सकें। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम न केवल सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि विदेशी नागरिकों और भारतीय नागरिकों के बीच पारदर्शिता और विश्वास को भी मजबूत करेगा। इससे फर्जी दस्तावेजों के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी और आधार प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
शिवपुरी सुसाइड मिस्ट्री: 'रेप' के आरोपी प्रेमी के संग नाबालिग ने दुनिया को कहा अलविदा, गले में मंगलसूत्र और नीम के पेड़ पर मिले दो शव

शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने कानून और मानवीय भावनाओं के बीच के द्वंद्व को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक प्रेमी युगल के शव नीम के पेड़ से लटके हुए मिले हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में प्रेम, पुलिस केस और जेल की एक लंबी कहानी छिपी है। मृतक की पहचान 19 वर्षीय जितेंद्र धाकड़ और 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के रूप में हुई है। यह घटना केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि उस जटिलता का उदाहरण है जहाँ एक प्रेमिका ने ही पहले अपने प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए थे। घटनाक्रम की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब जितेंद्र उक्त नाबालिग लड़की को लेकर भाग गया था। परिजनों की शिकायत पर बदरवास पुलिस ने कार्रवाई की और 8 नवंबर 2025 को जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच और नाबालिग के बयानों के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। कानूनी दस्तावेजों में जो शख्स एक अपराधी और बलात्कारी के रूप में दर्ज था, उसके लिए नाबालिग के मन में शायद कुछ और ही चल रहा था। 11 फरवरी को जितेंद्र जमानत पर जेल से बाहर आया। रिहाई के बाद दोनों ने फिर से संपर्क किया और बीते 24 फरवरी को वे एक बार फिर अपने-अपने घरों से रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए। परिजनों की तलाश और पुलिस की सक्रियता के बीच, बुधवार सुबह गुड़ा रोड स्थित एक खेत में नीम के पेड़ पर दोनों की लाशें फांसी के फंदे से लटकती पाई गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि मृत नाबालिग के गले में मंगलसूत्र मिला है, जो इस ओर इशारा करता है कि मरने से पहले या भागने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर विवाह कर लिया था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह वाकई सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे ‘ऑनर किलिंग’ जैसी कोई गहरी साजिश? पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं-लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस युवक को लड़की ने जेल भिजवाया था, उसी के साथ उसने मौत का रास्ता क्यों चुना। फिलहाल, पीएम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार है, जिसके बाद ही इस खौफनाक अंत की असली वजह साफ हो पाएगी।
सेवढ़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या, मुख्य आरोपी रवि बघेल गिरफ्तार

दतिया/ सेवढ़ा। अंगद सरकार मंदिर के पास स्थित व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 17 फरवरी की यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा बताई जा रही है। हत्या के मुख्य आरोपी रवि बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने अखलेश यादव पर हमला करने के लिए मौका देख कर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के समय क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। वारदात का तरीका और स्थान यह संकेत दे रहे थे कि हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। मंदिर परिसर के पास हत्या के दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई थी। पुलिस ने तुरंत ही क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना स्थल और साक्ष्यों को देखकर हमें शक हुआ कि यह किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा है। आरोपी की पहचान और उसके इरादों का पता लगाने के लिए तकनीकी और फील्ड साक्ष्यों का उपयोग किया गया। पुलिस ने लगातार दबिश दी और 25 फरवरी को पुख्ता सूचना मिलने पर रवि बघेल को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी के चलते की गई थी। उसने स्पष्ट किया कि उसका मकसद अखलेश यादव को रास्ते से हटाना था और मौका मिलते ही उसने पत्थर से हमला कर हत्या को अंजाम दिया। इस खुलासे के बाद इलाके में कुछ हद तक राहत महसूस की गई, क्योंकि मुख्य आरोपी अब पकड़ में आ चुका है। पुलिस फिलहाल यह भी जांच कर रही है कि इस हत्या में और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रवि बघेल के अलावा अन्य किसी की भूमिका है या नहीं, इसे लेकर छानबीन जारी है। सभी पहलुओं पर ध्यान देकर हम सुनिश्चित करेंगे कि न्याय के मार्ग में कोई बाधा न आए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मामले से संबंधित किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें ताकि जांच में तेजी लाई जा सके। यह हत्या मामले ने एक बार फिर इस बात को स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत रंजिश कभी-कभी जानलेवा हो सकती है।
भारतीय सिनेमा का गौरव: ‘बूंग’ फिल्म ने BAFTA 2026 में चिल्ड्रन्स एंड फैमिली कैटेगरी में धमाकेदार सफलता

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल आया है, जब लक्ष्मीप्रिया देवी की फिल्म बूंग ने BAFTA फिल्म अवार्ड्स 2026 में सर्वश्रेष्ठ चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म का पुरस्कार जीता। सूचना और प्रसारण मंत्रालय और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम ने फिल्म निर्माता लक्ष्मीप्रिया देवी और बूंग की पूरी टीम को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी। बूंग की सफलता भारतीय सिनेमा की विविधता और सार्थक कहानी कहने की परंपरा को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रतीक है। यह पुरस्कार न केवल फिल्म के निर्माता और कलाकारों के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग की गुणवत्ता और वैश्विक स्तर पर बढ़ती सराहना को भी दर्शाता है। आपको बता दें कि बूंग की यात्रा 2023 में शुरू हुई थी। फिल्म को वर्क इन प्रोग्रेस लैब और फिल्म बाजार रिकमेंड्स के तहत फिल्म बाजार में पेश किया गया था। यह पहल होनहार फिल्म निर्माताओं को आगे बढ़ाने और उन्हें वैश्विक उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से की गई थी। इसके बाद फिल्म को 2024 में 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित किया गया, जहां इसे सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर कैटेगरी में चुना गया। इस सफलता ने फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समालोचक प्रशंसा दिलाई और इसकी पहचान पक्की की। सूचना और प्रसारण मंत्रालय और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम ने फिल्म के निर्माण और प्रदर्शन में सहयोग करने वाले विभिन्न प्लेटफॉर्म्स की भी सराहना की। फिल्म बाजार, वर्क इन प्रोग्रेस लैब और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव जैसे प्लेटफॉर्म फिल्म निर्माताओं को वैश्विक दर्शकों से जोड़ते हैं और रचनात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देते हैं। इस प्रकार बूंग ने न केवल अपने कंटेंट के दम पर नाम कमाया बल्कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की अंतर्राष्ट्रीय पहुंच को भी मजबूती दी। फिल्म के निर्माता लक्ष्मीप्रिया देवी ने कहा कि यह पुरस्कार उनकी पूरी टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बूंग की कहानी बच्चों और परिवारों को जोड़ने के साथ-साथ जीवन के सकारात्मक संदेश देती है। इस पुरस्कार से भारतीय सिनेमा की नई और विविध कथाओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बूंग जैसी फिल्मों की सफलता यह दर्शाती है कि भारतीय फिल्म उद्योग केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता, भावनात्मक गहराई और सांस्कृतिक मूल्य भी पेश कर सकता है। इस उपलब्धि से फिल्म निर्माताओं में नए प्रोजेक्ट्स और नवाचार के लिए प्रेरणा मिलेगी।
होली 2026: रंगों का त्योहार सुरक्षित और खुशहाल बनाने के लिए जरूरी सावधानियाँ

नई दिल्ली। होली का त्योहार उमंग, उत्साह और रंगों के मेलजोल का प्रतीक है, लेकिन बिना तैयारी के खेली गई होली स्वास्थ्य के लिए खतरनाक भी साबित हो सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस बार होली खेलने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जाएँ ताकि त्योहार सुरक्षित और खुशहाल रहे। सबसे पहले त्वचा की सुरक्षा का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार होली खेलने से पहले चेहरे और शरीर पर नारियल तेल या मॉइस्चराइज़र लगाना चाहिए। यह एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है और रंगों को सीधे त्वचा से संपर्क करने से रोकता है। बाद में रंग आसानी से साफ भी हो जाते हैं। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है, उन्हें हर्बल या प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग करना चाहिए। केमिकल युक्त रंगों से त्वचा में जलन, एलर्जी और रैशेज जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। आंखों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि होली खेलते समय चश्मा पहनना या आंखों को रंग से बचाना चाहिए। यदि रंग आंखों में चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धोएं और जलन बनी रहने पर चिकित्सक से सलाह लें। बच्चों के साथ होली खेलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है क्योंकि उनकी त्वचा और आंखें संवेदनशील होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ पानी और भोजन की सुरक्षा पर भी जोर देते हैं। होली के दौरान शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी है। बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। स्वच्छ और घर का बना भोजन ही प्राथमिकता होनी चाहिए। यह न केवल पेट को सुरक्षित रखता है बल्कि संक्रमण के जोखिम को भी कम करता है। इसके अलावा, सुरक्षित होली खेलने के लिए कपड़ों और पर्यावरण का भी ध्यान रखना आवश्यक है। पुराने कपड़े पहनें जिन्हें रंग लगने पर फेंका जा सके। प्राकृतिक और इको-फ्रेंडली रंगों का इस्तेमाल करें ताकि त्वचा और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहें। पानी का अत्यधिक उपयोग न करें और आसपास के लोगों की सहमति के बिना रंग न डालें। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और संयम के साथ खेली गई होली ही सबसे आनंददायक होती है। थोड़ी सी तैयारी और सुरक्षा के उपाय अपनाकर लोग त्योहार का भरपूर मज़ा ले सकते हैं। घर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें और उन्हें हर्बल रंगों के महत्व के बारे में बताएं। इस तरह होली न केवल उमंग और उत्साह का त्योहार बनी रहती है बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी सुरक्षित और सुखद अनुभव बनती है। इस बार त्योहार के रंगों में सुरक्षा और आनंद दोनों का संगम सुनिश्चित करें और सभी के लिए खुशियाँ और उत्साह फैलाएं।
बीजापुर: सुरक्षा बलों और माओवादी के बीच मुठभेड़, दो माओवादी ढेर, हथियार बरामद

बीजापुर छत्तीसगढ़। आज इंद्रावती नदी के आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादी समूह के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई जिसमें दो वर्दीधारी माओवादी मारे गए। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी अभियान के तहत इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। मौके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं जो सुरक्षा बलों की सफलता को और बढ़ाते हैं। पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इंद्रावती नदी क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के बारे में सटीक सूचना मिलने पर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवान शामिल थे जो इलाके में सक्रिय माओवादी गुटों की जानकारी और संभावित खतरों का जायजा लेने के लिए रवाना हुए। जैसे ही सुबह सुरक्षा बलों ने सर्च अभियान शुरू किया माओवादी समूह ने अचानक हमला कर दिया। माओवादी अंधाधुंध फायरिंग करने लगे जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब एक घंटे तक चली यह मुठभेड़ इलाके में भारी तनाव पैदा कर गई। सुरक्षा बलों की सटीक कार्रवाई और प्रशिक्षण ने माओवादी समूह के दो सदस्यों को ढेर कर दिया जबकि बाकी माओवादी भागने में सफल रहे। मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए हथियारों और विस्फोटकों में असलहे कारतूस ग्रेनेड और शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी माओवादी गतिविधियों की गंभीरता और उनकी योजनाओं के खतरनाक स्वरूप को दर्शाती है। सुरक्षा बलों ने कहा कि बरामद हथियार और विस्फोटक आगे के हमलों को रोकने में मददगार साबित होंगे। डॉ. जितेन्द्र यादव ने आगे बताया कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल माओवादी तत्वों को निशाना बनाना था बल्कि इलाके में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नक्सली गतिविधियों को रोकना भी था। उन्होंने कहा कि बीजापुर जिले में नक्सलियों की सक्रियता पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बल हर समय तैयार हैं। स्थानीय लोगों ने भी सुरक्षा बलों की तारीफ की और कहा कि इस अभियान से उन्हें राहत मिली है क्योंकि माओवादी हमलों से इलाके में दहशत का माहौल बना रहता था। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर क्षेत्र में सुरक्षा बल और माओवादी के बीच संघर्ष लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
मार्च 2026 में बैंक 18 दिन बंद, जरूरी लेनदेन पहले निपटाएं

नई दिल्ली। मार्च 2026 में देशभर के बैंक कुल 18 दिन बंद रहेंगे। भारतीय रिज़र्व बैंक के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार इसमें पांच रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार के नियमित अवकाश के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों में 11 अतिरिक्त छुट्टियाँ शामिल हैं। यह अवधि शाखा-स्तरीय बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित करेगी इसलिए ग्राहकों को जरूरी वित्तीय काम पहले से निपटाने की सलाह दी जा रही है। अवकाश की व्यवस्था क्षेत्रीय त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और प्रशासनिक छुट्टियों के आधार पर तय की जाती है। इसलिए सभी राज्यों में एक साथ बैंक बंद नहीं रहेंगे। जहां संबंधित पर्व या स्थानीय छुट्टी घोषित होगी, वहीं शाखाएँ बंद रहेंगी। इस तरह बैंकिंग संचालन संतुलित रहता है और आवश्यक सेवाएँ पूरी तरह बाधित नहीं होतीं। हालांकि, बैंक बंद रहने के बावजूद डिजिटल माध्यमों की सेवाएँ सामान्य रूप से चालू रहेंगी। ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाओं के जरिए ग्राहक धन हस्तांतरण, बिल भुगतान और अन्य लेनदेन आसानी से कर सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल बैंकिंग ने छुट्टियों के दौरान सेवा व्यवधान के प्रभाव को काफी हद तक कम कर दिया है। फिर भी शाखा आधारित सेवाएँ जैसे चेक क्लियरेंस और कैश डिपॉजिट अवकाश के दौरान प्रभावित हो सकती हैं। वित्तीय गतिविधियों की दृष्टि से मार्च में शेयर बाजार में भी सीमित कारोबारी दिन रहेंगे। सप्ताहांत अवकाश और कुछ प्रमुख त्योहारों के कारण बाजार बंद रहेगा। निवेशकों और ट्रेडरों को अपने सौदों की योजना समय से बनानी होगी ताकि किसी तरह की वित्तीय हानि न हो। लगातार अवकाश वाले महीनों में नकदी प्रबंधन और भुगतान चक्र पर विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है। बैंकिंग क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि छुट्टियों की पूर्व जानकारी ग्राहकों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में मदद करती है। व्यापारियों, वेतनभोगी कर्मचारियों और लोनधारकों के लिए भुगतान तिथियों का समुचित प्रबंधन जरूरी है। समय पर ईएमआई, चेक जमा और अन्य भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल विकल्पों का उपयोग करना लाभकारी रहेगा। यह अवकाश सूची सार्वजनिक हित के लिए जारी की गई है ताकि आम नागरिक, व्यापारी और संस्थान अपनी वित्तीय गतिविधियों की पूर्व योजना बना सकें। बैंकिंग प्रणाली के सुचारु संचालन और उपभोक्ता सुविधा के लिए समय-समय पर ऐसे अपडेट जारी किए जाते हैं। मार्च 2026 के अवकाश कार्यक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि बदलते वित्तीय परिवेश में डिजिटल बैंकिंग अब वैकल्पिक नहीं बल्कि आवश्यक सेवा बन चुकी है। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने राज्य के अनुसार अवकाश सूची की पुष्टि कर अपने जरूरी कार्य समय रहते पूरा कर लें।
सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज भारत में 11 मार्च से बिक्री के लिए तैयार..

नई दिल्ली।सैन होजे। दक्षिण कोरियाई टेक कंपनी सैमसंग ने ग्लोबल लॉन्च इवेंट में अपनी नई फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 पेश की। इस सीरीज में तीन मॉडल शामिल हैं-S26, S26+ और S26 अल्ट्रा। भारतीय बाजार में इसकी शुरुआती कीमत ₹87,999 रखी गई है, जबकि टॉप मॉडल S26 अल्ट्रा की कीमत ₹1,89,999 तक जाती है। कंपनी के अनुसार भारत समेत वैश्विक बाजार में बिक्री 11 मार्च से शुरू होगी और प्री-बुकिंग तत्काल प्रभाव से चालू कर दी गई है। नई सीरीज में प्राइवेसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीचर्स पर विशेष जोर दिया गया है। S26 अल्ट्रा मॉडल में ‘प्राइवेसी डिस्प्ले’ तकनीक दी गई है, जो स्क्रीन को इस तरह नियंत्रित करती है कि सामने से देखने पर कंटेंट स्पष्ट दिखाई देता है, जबकि साइड एंगल से स्क्रीन धुंधली या काली दिखाई देती है। यह फीचर सेटिंग्स या पावर बटन के जरिए तुरंत सक्रिय किया जा सकता है और चुनिंदा एप्स पर भी लागू किया जा सकता है। सैमसंग ने डिवाइस में एडवांस्ड नॉक्स सुरक्षा प्रणाली भी शामिल की है। यह संवेदनशील डेटा को अलग हार्डवेयर चिप में सुरक्षित रखती है। साथ ही AI आधारित प्राइवेसी अलर्ट सिस्टम बैकग्राउंड में डेटा एक्सेस करने वाले एप्स की पहचान कर उपयोगकर्ता को तुरंत सूचना देता है। गैलरी में ‘प्राइवेट एल्बम’ फीचर व्यक्तिगत फोटो और वीडियो को अलग सुरक्षित फोल्डर में सुरक्षित रखने की सुविधा देता है। गैलेक्सी S26 में गैलेक्सी AI प्लेटफॉर्म को और उन्नत किया गया है। यूजर्स फोटो और वीडियो एडिटिंग, रियल-टाइम भाषा अनुवाद, मीटिंग रिकॉर्डिंग समरी और वेब कंटेंट सारांश जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा ‘सर्किल टू सर्च’ फीचर अब जटिल गणितीय सवाल और वैज्ञानिक सूत्रों का चरणबद्ध समाधान भी प्रदान करेगा। कैमरा तकनीक में लो-लाइट फोटोग्राफी और 8K वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी फीचर्स दी गई हैं। कंपनी का दावा है कि नया वीडियो कोडेक कम स्टोरेज में उच्च गुणवत्ता रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करेगा। इसके साथ कॉल स्क्रीनिंग फीचर अनजान कॉल करने वालों की पहचान कर संभावित स्पैम से बचाव में मदद करता है। विश्लेषकों के अनुसार स्मार्टफोन बाजार में प्राइवेसी और AI आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यह लॉन्च रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट का वादा प्रीमियम सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकता है। सैमसंग ने स्मार्टफोन के साथ नई वायरलेस ईयरबड्स सीरीज भी पेश की है, जिसे इकोसिस्टम इंटीग्रेशन को मजबूत करने के दिशा में कदम माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि गैलेक्सी S26 सीरीज नई तकनीकी मानक स्थापित कर सकती है और वैश्विक स्मार्टफोन प्रतिस्पर्धा में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।
माइनर ब्रेन हेमरेज के बाद सलीम खान का स्वास्थ्य अपडेट, परिवार और फिल्म जगत की नजरें अस्पताल पर
रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी का प्राइमल थीम: सादगी, परंपरा और प्रकृति का संगम

नई दिल्ली । उदयपुर की अरावली पहाड़ियों के बीच बसी मेमेंटोस बाय आईटीसी एकाया में इस समय एक बेहद खास उत्सव का माहौल है। फिल्म और टीवी की दुनिया के चर्चित पावर कपल, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा, अब कुछ ही पलों में सात फेरे लेकर एक दूसरे के जीवन में हमेशा के लिए शामिल होने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों से चल रहे शाही समारोह की झलकियां सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं, लेकिन अब उनकी शादी का थीम भी सामने आया है, जो बाकी सितारों की शादियों से बिल्कुल अलग और बेहद खास है। रश्मिका और विजय की शादी का थीम प्राइमल यानी मूल और आदिम पर आधारित है। इस थीम का मकसद है जड़ों की ओर लौटना और शादी की हर रस्म को उसी सादगी, पवित्रता और भावनात्मक गहराई के साथ निभाना, जैसे दशकों पहले विवाह होते थे। इस थीम में दिखावे से ज्यादा महत्व परंपराओं, रीति रिवाजों और रिश्तों की गहन भावनाओं को दिया गया है। सजावट में प्राकृतिक रंगों, मिट्टी, लकड़ी, फूलों और पारंपरिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। शादी का हर पल जीवन की मूल ऊर्जा, प्रकृति और पंचतत्व के साक्षी में संपन्न होगा। इस प्राइमल थीम के जरिए यह जोड़ा अपनी नई जिंदगी की शुरुआत सादगी और आध्यात्मिकता के साथ करना चाहता है। यह केवल एक शादी नहीं, बल्कि रिश्तों के वास्तविक अर्थ का उत्सव होगा, जहां विश्वास और संस्कार ही सबसे महत्वपूर्ण होंगे। संगीत समारोह में भी ट्रेडिशन को प्राथमिकता दी गई। विजय की मां माधवी देवरकोंडा ने इस मौके पर भावनाओं से भरा एक अनोखा पल साझा किया। उन्होंने रश्मिका को पारंपरिक चूड़ियां भेंट कीं, जो सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि रश्मिका का देवरकोंडा परिवार में स्वागत और खानदान की विरासत का प्रतीक हैं। यह पल दर्शाता है कि यह रिश्ता केवल दो सितारों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। पिछले कुछ दिनों में आयोजित विरोश प्रीमियर लीग, पूल पार्टी और हल्दी की रस्में सोशल मीडिया पर छाई रहीं। संगीत समारोह ने न केवल नाच गाने और रंग बिरंगी सजावट का जश्न पेश किया, बल्कि परिवार और परंपरा की गहराई को भी उजागर किया। रश्मिका और विजय की यह शादी दिखावे से परे, सादगी, प्राकृतिक सौंदर्य और पुरातन भारतीय संस्कृति के संगम का उदाहरण बन रही है। उदयपुर की शांत पहाड़ियों में सजाई गई यह शादी दर्शकों को याद दिलाती है कि वास्तविक खुशी और उत्सव केवल बाहरी चमक दमक में नहीं, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और प्रकृति के गहरे जुड़ाव में छिपी होती है। रश्मिका और विजय का यह प्राइमल थीम, उनकी नई यात्रा की शुरुआत को स्थायी, भावपूर्ण और यादगार बनाने का संकल्प है।