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बैतूल जेल में महिला कैदी ने चूड़ियां निगलकर आत्मघाती प्रयास किया, गम्भीर हालत में भोपाल रेफर

नई दिल्ली। बैतूल जिला जेल की महिला बैरक में शनिवार सुबह हड़कंप मच गया, जब पति की हत्या के आरोप में बंद 21 वर्षीय कैदी पूनम उईके ने कांच की चूड़ियां पीसकर निगल लीं। घटना के बाद जेल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। पूनम अपने पति राजू उईके की हत्या के मामले में 18 दिसंबर 2025 से जेल में बंद है। घटना के समय बैरक में 18 अन्य महिला कैदी मौजूद थीं, लेकिन किसी को इसका पता नहीं चला। जेल में कड़ा सुरक्षा नियम होने के बावजूद पूनम के पास चूड़ियां कैसे पहुंचीं, यह एक गंभीर सवाल बन गया है। प्रभारी जेलर योगेश शर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन के अनुसार, पूनम के गले के अंदरूनी हिस्से में कांच के टुकड़ों से गहरे जख्म हुए हैं। इन जख्मों को और गंभीर नुकसान न पहुंचे, इसके लिए महिला को बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। पूनम की पर्सनल लाइफ और आपराधिक रिकॉर्ड काफी जटिल है। वह अपने पति की हत्या में महाराष्ट्र के तीन युवकों के साथ शामिल थी। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि पूनम ने आत्मग्लानि या मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया। चर्चा है कि पूनम का जेल में बॉयफ्रेंड भी मौजूद है, और यह घटना किसी दबाव या डिप्रेशन का नतीजा हो सकती है। घटना के बाद जेल प्रशासन ने महिला बैरक की निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन दोनों ही महिला के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं और उसके विस्तृत बयान लेने की तैयारी कर रहे हैं। इस घटना ने न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और कैदियों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया है।

उपराष्ट्रपति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में 1.2 लाख विद्यार्थियों को दी उपाधियां, महिला शिक्षा और राष्ट्र सेवा पर दिया जोर

नई दिल्ली । दिल्ली उपराष्ट्रपति एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और 1.2 लाख से अधिक स्नातकों को उपाधियां प्रदान कीं। समारोह में उन्होंने विश्वविद्यालय की 104 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा की सराहना करते हुए इसे भारत के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की शुरुआत मात्र तीन कॉलेजों दो संकायों आठ विभागों और 750 विद्यार्थियों से हुई थी वहीं आज यह 16 संकाय 86 विभाग 90 कॉलेज और छह लाख से अधिक विद्यार्थियों वाला एक विशाल शैक्षणिक संस्थान बन चुका है। उन्होंने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार का भी उल्लेख किया और कहा कि यह शिक्षा में निरंतरता और उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने स्नातकों को संबोधित करते हुए कहा कि उपाधि केवल प्रमाण-पत्र नहीं है बल्कि समाज की सेवा राष्ट्र के कल्याण और राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत को निभाने की प्रतिबद्धता है। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि विकसित भारत @2047 को साकार करने की कुंजी युवाओं में निहित है और हर विद्यार्थी चाहे वह वैज्ञानिक शिक्षक कलाकार उद्यमी या नवोन्मेषक बने वह इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेष रूप से उन्होंने महिला शिक्षा में हुई प्रगति की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने बताया कि स्नातकों में 50 प्रतिशत से अधिक और स्वर्ण पदक विजेताओं में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं जो देश में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास का प्रतीक है। स्नातकों को सामाजिक जिम्मेदारी नवाचार और प्रौद्योगिकी अनुसंधान तथा उद्यमिता के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें नशीले पदार्थों से दूर रहने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की सलाह दी।

हैवानियत की पराकाष्ठा! खेलने के बहाने गोद में उठाया और उजाड़ दी मासूम की दुनिया; दमोह पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि समाज के सुरक्षा दावों पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। नोहटा थाना क्षेत्र के एक शांत गांव में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक नरपिशाच पड़ोसी ने महज 9 माह की मासूम बच्ची को अपनी दरिंदगी का शिकार बना डाला। इस जघन्य कृत्य के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। घटना के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक पीड़ित परिवार का पड़ोसी बताया जा रहा है। वह अक्सर बच्ची के घर आता-जाता था और परिवार का उस पर भरोसा था। वारदात वाले दिन, आरोपी ने मासूम की मां के पास जाकर उसे अपनी गोद में लिया और यह कहकर बाहर ले गया कि वह बच्ची के साथ कुछ देर खेलना चाहता है। मां को अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वह अपना पड़ोसी और शुभचिंतक समझ रही है, वह वास्तव में एक भेड़िया है जो उसकी कोख से जन्मी नन्हीं सी जान को नोंचने की ताक में बैठा है। आरोपी मासूम को एकांत स्थान पर ले गया और वहां उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। कुछ देर बाद जब बच्ची की चीखें बंद हुईं और उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो आरोपी घबरा गया। वह मरणासन्न हालत में मासूम को उसकी मां के पास छोड़कर मौके से फरार हो गया। बच्ची की नाजुक स्थिति और उसके शरीर पर चोट के निशान देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में मासूम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बताई है। इस बर्बरता की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के साथ-साथ उसे बीच चौराहे पर सख्त सजा देने की मांग करने लगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकASP सुजीत सिंह भदोरिया सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्टPOCSO Act और दुष्कर्म की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई कराकर उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। फिलहाल, पूरा गांव गम और गुस्से में डूबा हुआ है और हर कोई बस यही दुआ कर रहा है कि वह मासूम इस मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आए।

आधी रात भड़की आग ने मचाया तांडव: ग्वालियर के टेंट गोदाम में 50 लाख राख, 10 फीट तक उठीं लपटें

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात भीषण आग की घटना सामने आई। नाका चंद्रवदनी इलाके में स्थित एक टेंट गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं, जो दूर सड़क से साफ दिखाई दे रही थीं। धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास के रहवासी इलाकों में हड़कंप मच गया। घटना हीरा भूमिया मंदिर के पास स्थित टेंट व्यवसायी अवधेश सिंह यादव के गोदाम की बताई जा रही है। अवधेश शादी समारोहों में टेंट और डेकोरेशन का काम करते हैं और उनका पूरा सामान इसी गोदाम में रखा था। बताया गया कि होलिका अष्टक के चलते विवाह समारोह फिलहाल बंद थे, इसलिए अलग-अलग स्थानों से लाया गया सारा टेंट और सजावटी सामान एक ही जगह स्टोर कर दिया गया था। रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अचानक आग भड़क उठी। जब तक लोगों को जानकारी मिली, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सात दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन संकरी गलियों के कारण उन्हें गोदाम तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। आग इतनी भीषण थी कि चारों ओर से पानी डालने के बावजूद काबू में नहीं आ रही थी। अंततः दमकल कर्मियों को गोदाम की दीवार तोड़नी पड़ी, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके। टेंट का कपड़ा, प्लास्टिक और डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाली वायरिंग के कारण आग तेजी से फैलती रही। करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7 बजे आग पर काबू पाया जा सका। घटना में गोदाम में रखा टेंट, सजावटी सामग्री, सीजन के लिए खरीदा गया नया सामान, एक लोडिंग वाहन और एक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गोदाम मालिक के अनुसार कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि आग रिहायशी इलाके तक नहीं फैली। यदि लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच जातीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा नुकसान टल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

GUNA SUICIDE CASE: बुजुर्ग ने अपने घर की दुकान में फांसी लगाकर की आत्महत्या, सुसाइड का कारण स्पष्ट नहीं!

GWALIOR GUNA SUICIDE

HIGHLIGHTS: अशोक राठौर ने अपने घर की दुकान में फांसी लगाई 55 वर्षीय राठौर हाट बाजार में अनाज खरीदने का काम करते थे परिवार में तीन बेटियां हैं, जो शादी के बाद घर छोड़ चुकी हैं पत्नी ने सुबह पड़ोसियों की मदद से शव को फंदे से उतारा पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी; सुसाइड नोट नहीं मिला GUNA SUICIDE CASE: ग्वालियर। गुना शहर के बूढ़े बालाजी इलाके में शुक्रवार रात 55 वर्षीय अशोक राठौर ने अपने घर की दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।बता दें कि शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में किया गया और इसके बाद परिवार को सौंप दिया गया। ASHOKNAGAR RATION SCAM: अशोकनगर में राशन घोटाले के आरोपियों को अदालत ने किया बरी, जांच में लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश रोजमर्रा का काम और पारिवारिक स्थिति अशोक राठौर हाट बाजार में अनाज खरीदने का काम करते थे। उनके परिवार में तीन बेटियां हैं, जो अपनी शादी के बाद अपने घर बस चुकी हैं। वर्तमान में घर में केवल पति-पत्नी ही मौजूद थे। दुकान में ही वह खरीदा हुआ अनाज रखते थे। टी20 वर्ल्ड कप 2026: गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे, भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले लिया आशीर्वाद घटना का विवरण शुक्रवार रात उन्होंने खाना खाया और सो गए। रात में वह उठकर दुकान में गए और वहीं फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह उनकी पत्नी जब जागी तो उन्हें दिखाई नहीं दिया। पत्नी ने पड़ोसियों को बुलाया, जिन्होंने शव को फंदे से उतारकर पुलिस को सूचना दी। टी20 विश्व कप: पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें श्रीलंका के खिलाफ कांटे की टक्कर पर टिकी पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम शनिवार सुबह किया गया। फिलहाल सुसाइड का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।    

सतना में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला, घर से गहने लेकर भागा था युवक

सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक गंभीर घटना ने क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। नागौद थाना क्षेत्र के डुडहा के जंगल में मंगलवार को एक युवक का शव रक्तरंजित अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि युवक कुछ समय पहले घर से गहने लेकर भागा था। वहीं, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक की हत्या किसी व्यक्तिगत विवाद, लूटपाट या किसी और कारण से हुई है। अधिकारियों ने बताया कि शव की पहचान करने और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। आसपास के इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की भी छानबीन की जा रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने घटना के समय कुछ देखा हो या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी हो तो तत्काल सूचना दें। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों तक पहुँचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टीम तैनात की है। पुलिस ने कहा कि इस तरह की क्रूर घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को जल्द ही कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।

INDIAN STOCK MARKET: BSE और NSE पर SMEs की बड़ी छलांग, 360 कंपनियां मुख्य स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड

  INDIAN STOCK MARKET: नई दिल्ली :भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों की बढ़ती परिपक्वता का संकेत देते हुए लगभग 360 कंपनियां एनएसई और बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म से मुख्य स्टॉक एक्सचेंज पर माइग्रेट हो चुकी हैं। बी2के एनालिटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म की 199 कंपनियां और एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म की 158 कंपनियां अब मेनबोर्ड पर लिस्टेड हैं। माइग्रेशन का मतलब है कि कंपनियां अपने शेयरों को एसएमई एक्सचेंज से मुख्य स्टॉक एक्सचेंज पर शिफ्ट करती हैं जिससे उन्हें अधिक निवेशकों तक पहुंच और बाजार में बेहतर पहचान मिलती है। बी2के एनालिटिक्स के सीईओ रिताबन बसु का कहना है कि मेनबोर्ड पर जाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी रिटेल और संस्थागत निवेशकों से पूंजी जुटा सकती है और साथ ही उसकी साख भी बढ़ती है। इससे प्रतिभा को आकर्षित करना आसान होता है और शेयरों में अधिक तरलता आती है जिससे निवेशकों को आसानी से बाहर निकलने का विकल्प मिलता है। माइग्रेशन के लिए कंपनियों को कुछ मानक पूरे करने होते हैं। उदाहरण के लिए औसत बाजार पूंजीकरण 100 करोड़ रुपए से अधिक होना चाहिए और लगातार तीन साल तक परिचालन लाभ 15 करोड़ रुपए से ज्यादा होना चाहिए। कंपनी का मुख्य व्यवसाय तीन साल से अधिक समय तक सक्रिय होना चाहिए और कुल आय का आधे से अधिक हिस्सा मुख्य कारोबार से आना चाहिए। सेक्टर के हिसाब से देखा जाए तो टेक्सटाइल कंपनियों ने सबसे ज्यादा मेनबोर्ड माइग्रेशन किया है जहां 44 कंपनियां लिस्टेड हुईं। इसके बाद मशीनरी उपकरण और कंपोनेंट सेक्टर की 33 कंपनियां और फूड व तंबाकू सेक्टर की 29 कंपनियां मुख्य एक्सचेंज में पहुंचीं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2023 से एसएमई लिस्टिंग और फंड जुटाने में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 2023 में 179 कंपनियों ने 4823 करोड़ रुपए जुटाए जबकि 2025 में यह आंकड़ा 268 कंपनियों और 12105 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह सिर्फ दो साल में दोगुने से भी ज्यादा वृद्धि दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार एसएमई कंपनियों का मेनबोर्ड पर माइग्रेशन निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा करता है और छोटे उद्यमों को बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाने में मदद करता है। यह प्रवृत्ति भारत के शेयर बाजार में SMEs की बढ़ती परिपक्वता और निवेशकों के लिए विविध विकल्पों का संकेत देती है।

सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त

बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक गंभीर बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजगार का झांसा देकर वहां ले जाया गया और तीन महीने तक जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। इस दौरान उन्हें ना तो उचित वेतन मिला और ना ही उनकी स्वतंत्रता का सम्मान किया गया। मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा गया और काम के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि बकाया वेतन न मिलने के कारण उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और इस मामले में न्याय की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बकाया मेहनताना मजदूरों को दिलाने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बंधुआ मजदूरी जैसी अवैध प्रथाओं को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने सामाजिक और कानूनी मोर्चे पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर बंधक बनाना गंभीर अपराध है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के अंतर्गत आता है। उन्होंने लोगों से जागरूक रहने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी। मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई ने यह भी संकेत दिया कि राज्य और केंद्र सरकार बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है और प्रभावित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस प्रकार यह घटना न केवल बैतूल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक चेतावनी स्वरूप भी है।

पीएम मोदी ने राजस्थान से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से सर्विकल कैंसर के खिलाफ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया और पांच लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस टीका लगाया गया। इस अभियान का उद्देश्य हर साल लगभग 1.15 करोड़ 14 साल की लड़कियों को हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में टीका मुफ्त उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि परिवार में जब मां बीमार होती है तो घर बिखर जाता है लेकिन मां स्वस्थ हो तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। यही कारण है कि महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले शौचालय की सुविधा न होने के कारण लड़कियों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, यह किसी ने महसूस नहीं किया। उन्होंने बताया कि उस समय यह मुद्दा सत्ता के लिए छोटी बात था लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे संवेदनशीलता के साथ हल किया। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान कुपोषण और माताओं की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया। सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत माताओं को पोषक आहार मुहैया कराया गया और पांच हजार रुपए उनके खातों में जमा किए गए। प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला गैस योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि घर में धुएं के कारण महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना से यह समस्या दूर हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल सत्ता के लिए नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ काम करती है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि इस अभियान के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा और अवसर मिले और वे आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने आगे कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं है बल्कि यह नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभियान के तहत लड़कियों को टीका तय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर मुफ्त मिलेगा और यह कार्यक्रम देशभर में समान रूप से लागू होगा। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने और इसे सफल बनाने की अपील भी की। इस अभियान के माध्यम से न केवल सर्विकल कैंसर की रोकथाम होगी बल्कि महिलाओं और लड़कियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर हों। उन्होंने युवाओं को भी प्रेरित किया कि वे इस तरह की पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। इस तरह पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान न केवल लड़कियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगा बल्कि नारीशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

STOCK MARKET: साप्ताहिक शेयर बाजार: सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 1.5% गिरे, वैश्विक तनाव से निवेशक सतर्क

STOCK MARKET: नई दिल्ली:भारतीय शेयर बाजार इस सप्ताह वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच कमजोरी के साथ बंद हुआ। अमेरिका-ईरान वार्ता और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सतर्क रहे। साप्ताहिक कारोबार में सेंसेक्स 961.42 अंक (1.17%) गिरकर 81,287.19 और निफ्टी 317.90 अंक (1.25%) गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 1% से अधिक की गिरावट देखी गई। सेक्टरवार हालात: ऑटो, बैंकिंग, एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी में 1–2% की गिरावट। आईटी, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल में कुछ मजबूती। बैंक निफ्टी में मुनाफावसूली और नकारात्मक पैटर्न, 60,000–61,750 के दायरे में कारोबार संभव। विशेषज्ञों की राय: निफ्टी हालिया ट्रेडिंग रेंज से नीचे आ गया, इमीडिएट रेजिस्टेंस 25,400। घरेलू आर्थिक मजबूती और कुछ सेक्टरों की ताकत से बाजार को सहारा मिल सकता है। वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और संस्थागत निवेश प्रवाह बाजार की दिशा तय करेंगे। वैश्विक घटनाक्रम: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में ठोस नतीजा नहीं निकला। अगले सप्ताह फिर बातचीत होने के संकेत हैं, लेकिन ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।