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ASHOKNAGAR RATION SCAM: अशोकनगर में राशन घोटाले के आरोपियों को अदालत ने किया बरी, जांच में लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

RATION SCAM

HIGHLIGHTS: .85 लाख रुपये के राशन घोटाले में आरोपियों को बरी जांच में लापरवाही पर एसडीएम और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश मामला 2021 में कोरोना काल के दौरान दर्ज हुआ पीओएस रिकॉर्ड और गवाह समर्थन नहीं मिला अदालत ने एफआईआर बिना ठोस जांच के दर्ज करने पर कड़ी टिप्पणी की   ASHOKNAGAR RATION SCAM: ग्वालियर। अशोकनगर में 2.85 लाख रुपये के राशन घोटाले के मामले में सत्र न्यायाधीश सतीशचंद्र शर्मा की अदालत ने दोनों आरोपियों को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया है। अदालत ने टिप्पणी की कि बिना पुख्ता साक्ष्यों यह मामला न्यायालय के समय की बर्बादी साबित हुआ है। जानें सुबह की सैर का सही तरीका, जो बीपी और शुगर दोनों को नियंत्रित रखे जांच और प्रशासन पर सख्त टिप्पणी अदालत ने तत्कालीन एसडीएम रवि मालवीय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच में लापरवाही बरती गई। मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को उनके खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए गए। साथ ही जांच में दोषी पाए गए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हेतु डीजीपी भोपाल को फैसले की प्रति भेजने को कहा गया। तनाव मुक्त जीवन के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान.. मामला 2021 में दर्ज यह प्रकरण 2021 में थाना कचनार में दर्ज हुआ था। आरोप था कि 1 अप्रैल से 1 जून 2021 के बीच कोरोना काल में खेजराकला की शासकीय उचित मूल्य दुकान के प्रबंधक ग्याप्रसाद खरे और विक्रेता संजीव रघुवंशी ने हितग्राहियों को पूरा राशन नहीं दिया। शिकायत में कुल 2,85,685 रुपये के राशन के गबन का आरोप था। पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त सुनवाई में नहीं मिले ठोस सबूत सुनवाई के दौरान कथित हितग्राहियों ने कम राशन मिलने से इनकार किया। कई गवाहों ने भी जब्ती की कार्रवाई का समर्थन नहीं किया। पीओएस मशीन का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी पेश नहीं किया गया। अदालत ने नोट किया कि एफआईआर बिना प्राथमिक जांच और पर्याप्त दस्तावेजों के दर्ज कराई गई थी, जो गंभीर लापरवाही दर्शाता है। दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल आरोपी दोषमुक्त साक्ष्यों की कमी के चलते प्रबंधक ग्याप्रसाद खरे और विक्रेता संजीव रघुवंशी को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। इस फैसले के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानें सुबह की सैर का सही तरीका, जो बीपी और शुगर दोनों को नियंत्रित रखे

नई दिल्ली: आज के समय में लगभग हर घर में हाई बीपी और शुगर के मरीज मिल जाते हैं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही सुबह की सैर को स्वास्थ्य का संजीवनी मानते हैं। नियमित सुबह की सैर इन रोगों को नियंत्रित रखने में दवा की तरह काम करती है। कैसे होती है फायदा?सुबह के वक्त शरीर ‘बायोकेमिकल’ प्रक्रिया से गुजरता है। ठंडी हवा में निकलने से शरीर प्राकृतिक इंसुलिन का निर्माण करता है। तेज़ कदमों से सैर करने पर मांसपेशियां रक्त में मौजूद ग्लूकोज को ऊर्जा में बदल देती हैं। यह प्रक्रिया शुगर नियंत्रण में दवा की तरह काम करती है। सैर करने से धमनियों में रक्त का प्रवाह बढ़ता है और ‘नाइट्रिक ऑक्साइड’ बढ़ता है, जिससे हाई बीपी प्रभावित नहीं होता। शोध से पता चला है कि लगातार 3 महीने तक रोज़ाना 30 मिनट की सुबह की सैर शुगर लेवल कम कर सकती है। सैर के अन्य लाभ: गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और रक्त धमनियों पर दबाव कम होता है। दिल की सेहत बेहतर होती है और हार्ट अटैक का खतरा घटता है। रक्त संचार बेहतर होने से पूरे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है। सैर का सही तरीका: सैर ब्रह्म मुहूर्त में करें, जब वायुमंडल में ऑक्सीजन भरपूर हो। तेज़-तेज़ और लंबे कदमों से चलें, लेकिन हांफे नहीं। शुरुआत में 30 मिनट से करें, धीरे-धीरे समय और रफ्तार बढ़ाएं। रोजाना कम से कम 1 घंटे की सैर को लक्ष्य बनाएं। सुबह की नियमित सैर न केवल बीपी और शुगर, बल्कि हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इसे जीवनशैली में शामिल करना दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की एक छात्रा पर अन्य छात्राओं विशेषकर जूनियर्स को कॉलेज लाइफ एंजॉय करने के बहाने बॉयफ्रेंड बनाने का मानसिक दबाव डालने का आरोप लगा है। पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्रा को निष्कासित कर दिया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपी छात्रा मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उनसे संपर्क करने या बॉयफ्रेंड बनाने के लिए उकसाती थी। वह बार-बार कहती थी कॉलेज लाइफ एंजॉय करो बॉयफ्रेंड बनाओ। जांच में छात्रा के मोबाइल और कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है। हॉस्टल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है जो पूरे नेटवर्क और संभावित गतिविधियों की छानबीन कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि हैं। घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी छात्रा के समुदाय और संभावित जिहाद एजेंडा का भी जिक्र किया गया है हालांकि अभी आधिकारिक जांच जारी है। प्रशासन ने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

STRESS FREE LIFE : स्ट्रेस फ्री लाइफ के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान..

  STRESS FREE LIFE :  नई दिल्ली: शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए लोग जिम और कसरत का सहारा लेते हैं, लेकिन मन का स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मन को स्वस्थ रखने के लिए योग में चित्त की मुख्य 5 वृत्तियों का अभ्यास किया जाता है। इन वृत्तियों की समझ से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है और जीवनशैली सुधारने में मदद मिलती है। चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन का अध्ययन करना और उसे सभी प्रकार के बोझ और विकारों से मुक्त करना। योग में पांच प्रमुख वृत्तियां बताई गई हैं: प्रमाणवृत्ति, विपर्ययवृत्ति, विकल्प वृत्ति, निद्रावृत्ति और स्मृतिवृत्ति। 1. प्रमाणवृत्ति: यह ध्यान का पहला चरण है। इसमें मन को सही ज्ञान और धारणा की स्थिति में लाया जाता है। आँखों और कानों से प्राप्त अनुभव के माध्यम से मन को वास्तविकता से जोड़ा जाता है। 2. विपर्ययवृत्ति: इसमें मन में उत्पन्न भ्रम और गलत ज्ञान को दूर किया जाता है। विपर्ययवृत्ति का लक्ष्य मन के भीतर पल रहे विरोधाभासी विचारों को संशोधित करना है। 3. विकल्प वृत्ति: यह कल्पनाशील ज्ञान से संबंधित है, जिसे वस्तु से कोई लेना-देना नहीं होता। इसे शब्द ज्ञान या कल्पना द्वारा प्राप्त ज्ञान कहा जा सकता है। 4. निद्रावृत्ति: इसका अर्थ है ज्ञान की कमी। इस अवस्था में मन ज्ञान की स्थिति से दूर होता है और अज्ञान या तमस का अनुभव करता है। 5. स्मृतिवृत्ति: जब मन बार-बार पुरानी यादों को याद करता है और अतीत के सुखद पलों में खुद को डुबो देता है। इन पांच वृत्तियों का अभ्यास मानसिक विकारों और तनाव को हटाने में सक्षम है। योग के माध्यम से इन पर ध्यान केंद्रित कर मन को शांत, सशक्त और बोझ-मुक्त बनाया जा सकता है। तन की तरह मन को भी स्वस्थ रखना जरूरी है, और चित्त की ये पाँच वृत्तियां इसे संभव बनाती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दी शुभकामनाएं

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 1928 को महान वैज्ञानिक डॉ. सी.वी. रमन ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की थी जिसने विश्व विज्ञान जगत को नई दिशा दी। डॉ. यादव ने कहा कि इसी ऐतिहासिक उपलब्धि को स्मरण करते हुए 28 फरवरी को देश में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाना और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह अवसर विज्ञान के क्षेत्र में समर्पित प्रतिभाओं को विश्व कल्याण के लिए प्रेरित करता रहेगा और नई खोजों और नवाचारों को बढ़ावा देगा।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे, भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले लिया आशीर्वाद

कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 में अपना आखिरी सुपर-8 मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डेन में शाम 7 बजे खेलेगी। इस महत्वपूर्ण मैच से एक दिन पहले शनिवार को टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे। गौतम गंभीर ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर टीम की बड़ी जीत के लिए आशीर्वाद मांगा। भारत के लिए यह मुकाबला क्वार्टर फाइनल जैसा है। टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए वेस्टइंडीज को हराना बेहद जरूरी है। वेस्टइंडीज के लिए भी यही स्थिति है, अगर वह भारत को हराने में सफल रहती है तो उसका सेमीफाइनल में प्रवेश पक्का हो जाएगा। टीम इंडिया इस मैच में वेस्टइंडीज को हल्के में लेने वाली नहीं है। वेस्टइंडीज ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मैच गंवाए सुपर-8 में जगह बनाई थी। सुपर-8 में उसने जिम्बाब्वे पर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना किया। भारत का प्रदर्शन भी इसी तरह रहा है, सुपर-8 में टीम को केवल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार मिली। रविवार के मुकाबले में जो भी टीम जीतेगी, सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी। वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी और कमजोर गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए रणनीतिक फायदा हो सकती है। इस मैच में भारत के पास 2016 टी20 विश्व कप का बदला लेने का भी मौका है, जब वेस्टइंडीज ने उस साल सेमीफाइनल में भारत को हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया था। गौतम गंभीर का मंदिर दौरा टीम के मनोबल और शुभंशी संकेत का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि खिलाड़ी मानसिक रूप से तैयार होकर इस निर्णायक मुकाबले में उतरें।

T20 WORLD CUP: टी20 विश्व कप: पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें श्रीलंका के खिलाफ कांटे की टक्कर पर टिकी

  T20 WORLD CUP : कैंडी। टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 ग्रुप 2 का आखिरी मैच शनिवार को पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, कैंडी में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। श्रीलंका पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है, लेकिन पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। पाकिस्तान को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए श्रीलंका पर बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। बीएसई और एनएसई पर SMEs की बड़ी छलांग, 360 कंपनियां मुख्य स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच टी20 विश्व कप में अब तक 4 मुकाबले हुए हैं, जिसमें दोनों टीमों ने 2-2 बार जीत हासिल की है। आखिरी बार ये टीमें 2012 में आमने-सामने थीं, जब श्रीलंका ने पाकिस्तान को 16 रनों से हराया था। इस हिसाब से पाकिस्तान के लिए श्रीलंका पर जीत आसान नहीं होगी। पाकिस्तान के ओवरऑल हेड-टू-हेड आंकड़े तो बेहतर हैं। कुल 29 मैचों में पाकिस्तान ने 17 बार जीत दर्ज की है, जबकि श्रीलंका 12 बार विजयी रही। लेकिन सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए पाकिस्तान को सिर्फ जीत ही नहीं चाहिए, बल्कि न्यूजीलैंड के रन रेट (+1.390) से बेहतर रन रेट बनाना होगा। पाकिस्तान के पास अभी 2 मैचों में 1 अंक और रन रेट -0.461 है। ASHOKNAGAR RATION SCAM: अशोकनगर में राशन घोटाले के आरोपियों को अदालत ने किया बरी, जांच में लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश इसलिए पाकिस्तान के पास केवल दो विकल्प हैं। या तो उसे श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला 64 रन से जीतना होगा, या किसी भी लक्ष्य को 13.1 ओवर में हासिल करना होगा। इनमें से किसी भी एक समीकरण को पूरा करने पर ही पाकिस्तान को सुपर-8 से सेमीफाइनल का टिकट मिल सकेगा।इस मैच की नतीजे से ग्रुप 2 की अंतिम सेमीफाइनल की तस्वीर तय होगी और पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

Mahindra And Mahindra: इंडोनेशिया का भारत को बड़ा झटका! टाटा-महिंद्रा के 1.05 लाख ट्रकों का मेगा ऑर्डर फिलहाल रोका

Mahindra And Mahindra: नई दिल्ली । दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इंडोनेशिया ने भारत की ऑटो इंडस्ट्री को बड़ा झटका दिया है। स्थानीय नीति निर्माताओं और व्यापारिक संगठनों के तीखे विरोध के बाद इंडोनेशिया सरकार ने भारतीय कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा से 1 05 000 ट्रकों की खरीद के मेगा ऑर्डर पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह डील दोनों भारतीय कंपनियों के लिए अब तक के सबसे बड़े निर्यात ऑर्डरों में से एक मानी जा रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऑर्डर के तहत महिंद्रा को 35 ,000 स्कॉर्पियो पिक अप वाहन सप्लाई करने थे जिसे कंपनी अपने इतिहास का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर बता रही थी। वहीं टाटा मोटर्स की स्थानीय इकाई को 35,000 योद्धा पिक अप और 35 ,000 अल्ट्रा T.7 ट्रकों की डिलीवरी करनी थी। इंडोनेशिया के लिए यह टाटा का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर माना जा रहा था। हालांकि इस फैसले पर दोनों कंपनियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। दरअसल यह पूरा प्रोजेक्ट इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो की महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ा है। सरकार देशभर में 80,000 से ज्यादा सामुदायिक सहकारी समितियां स्थापित करना चाहती है। इन 4×4 और 6 पहिया ट्रकों का इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी वाली खाद और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए किया जाना था। साथ ही ये समितियां लोन सेवाएं भी देतीं जिससे सरकार सीधे ग्रामीण आबादी तक पहुंच बना सके। लेकिन जकार्ता में इस बड़े आयात का जबरदस्त विरोध हुआ। इंडोनेशिया में पहले से टोयोटा सुजुकी और मित्सुबिशी जैसी वैश्विक कंपनियों की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स मौजूद हैं। कमजोर घरेलू मांग और घटती कार बिक्री के बीच स्थानीय उद्योग पहले ही दबाव में है। ऐसे में बाहर से 1 लाख से ज्यादा वाहन आयात करने के फैसले को उद्योग संगठनों ने सरकार की औद्योगीकरण और रोजगार सृजन नीति के खिलाफ बताया। इंडोनेशिया के उद्योग मंत्री अगुस गुमीवांग कर्तासस्मिता ने कहा कि देश के ऑटो सेक्टर में सालाना लगभग 10 लाख पिक अप ट्रक बनाने की क्षमता है। उनके मुताबिक अगर 70, 000 पिक अप ट्रक देश में ही बनाए जाते तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को करीब 27 ट्रिलियन रुपिया लगभग 1.6 अरब डॉलर का फायदा होता और हजारों नौकरियां पैदा होतीं। यह खरीद सरकारी कंपनी पीटी अग्रिनास पंगन नुसंतारा द्वारा की जानी थी जिसे खाद्य आत्मनिर्भरता और कृषि परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में स्थापित किया गया है। शेष सरकार और संसद के बीच अहम बैठक तक इस आदेश को होल्ड पर रखा गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इंडोनेशिया सरकार स्थानीय निर्माण को प्राथमिकता देगी या भारत के साथ इस बड़े व्यापारिक समझौते को फिर से हरी झंडी मिलेगी। यह फैसला दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर भी असर डाल सकता है।

अमर अकबर एंथनी का फीमेल वर्जन बना, लेकिन कभी नहीं हो पाई रिलीज़ सुधा चंद्रन ने सुनाई अनसुनी कहानी

नई दिल्ली । बॉलीवुड की सदाबहार फिल्मों में शुमार अमर अकबर एंथनी आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखता है। अमिताभ बच्चन विनोद खन्ना और ऋषि कपूर जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने भाईचारे और मनोरंजन का अनोखा संगम पेश किया था। लेकिन अब अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा राज़ खोला है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुधा चंद्रन ने बताया कि अमर अकबर एंथनी का एक फीमेल वर्जन भी बनाया गया था। इस फिल्म का नाम था सीता सलमा सूज़ी । यह प्रोजेक्ट मूल फिल्म से प्रेरित था और इसमें तीन बहनों की कहानी दिखाई जानी थी। सुधा ने बताया कि वे इस फिल्म में लीड रोल निभा रही थीं और उनके साथ अर्चना पूरन सिंह और मुनमुन सेन भी मुख्य भूमिकाओं में थीं। सुधा ने याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी टीम को विश्वास था कि वे एक बड़ी और यादगार फिल्म बना रहे हैं। फिल्म में पुरुष कलाकारों में जीत उपेंद्र और शेखर सुमन जैसे नाम शामिल थे। सभी कलाकार बेहद समर्पण के साथ काम कर रहे थे लेकिन दुर्भाग्यवश यह फिल्म कभी रिलीज़ नहीं हो पाई। इसके पीछे क्या कारण थे यह साफ नहीं हो सका और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया। इस अनरिलीज़्ड फिल्म से जुड़ी एक और दिलचस्प बात यह है कि इसी के सेट पर सुधा चंद्रन की मुलाकात उनके भावी पति रवि डांग से हुई थी जो फिल्म में एसोसिएट डायरेक्टर थे। सुधा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें रवि का व्यवहार थोड़ा अजीब लगा क्योंकि वे उनके गुड मॉर्निंग का जवाब नहीं देते थे। जब उन्होंने इस बारे में पूछा तो रवि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें काम के लिए पैसे मिलते हैं औपचारिक अभिवादन के लिए नहीं। रवि की यह साफगोई और काम के प्रति समर्पण सुधा के दिल को छू गया। धीरे धीरे दोनों के बीच दोस्ती और फिर प्यार पनपा। हालांकि शादी का फैसला आसान नहीं था क्योंकि परिवार इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति को अपनाने को लेकर आशंकित था। लेकिन सुधा के आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय ने आखिरकार परिवार को मना लिया। उनकी मां ने भरोसा जताया कि उनकी बेटी कभी गलत फैसला नहीं ले सकती। सीता सलमा सूजी भले ही बड़े पर्दे तक नहीं पहुंच सकी लेकिन यह फिल्म सुधा चंद्रन के जीवन की एक अहम कड़ी बन गई। एक ओर जहां यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया वहीं दूसरी ओर इसी के जरिए उनकी जिंदगी में एक नया रिश्ता और नई शुरुआत जुड़ गई। बॉलीवुड के इतिहास में यह किस्सा आज भी एक दिलचस्प लेकिन अनकही कहानी के रूप में दर्ज है।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, नंदी हॉल में किया ध्यान

उज्जैन। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज तड़के उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल हुए। भस्म आरती में बाबा महाकाल के दर्शन लाभ लेने के बाद उन्हें श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इस दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है जो हमारी वर्षों पुरानी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास सराहनीय है। धनखड़ ने कहा मैं प्रशासन की सरलता सुगमता और लगनशीलता से बहुत प्रभावित हूं। यहां सभी से समानता का व्यवहार किया जा रहा है। मैं एक स्वच्छ छवि लेकर यहां से जा रहा हूं। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर में आकर अहंकार ईर्ष्या अहम और प्रतिशोध का त्याग होता है। इसके बाद पूर्व उपराष्ट्रपति नंदी हॉल में बैठकर ध्यान साधना में लीन हुए। उनका यह दौरा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है साथ ही यह महाकालेश्वर मंदिर की लोकप्रियता और अनुशासन को भी दर्शाता है।