इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष गहराया, लेबनान तक फैल रहा तनाव

तेहरान। इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब और अधिक भीषण होता जा रहा है। ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की खबरें सामने आई हैं, जिनमें शीर्ष सैन्य अधिकारियों, सैनिकों और आम नागरिकों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। लेबनान तक फैलता संघर्ष तनाव अब पड़ोसी लेबनान तक फैल गया है। ईरान के समर्थन में माने जाने वाले संगठन हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद इजरायल ने उत्तरी मोर्चे पर जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर गोलाबारी शुरू कर दी। मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के शहर तेल अवीव के पास मिसाइल गिरने और यरूशलम पर भी हमले की कोशिश की गई। इसके अलावा वेस्ट बैंक के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की बात कही गई। इन हमलों को पहले ईरान की सीधी प्रतिक्रिया माना जा रहा था, लेकिन बाद में हिज्बुल्लाह ने जिम्मेदारी ली। इजरायल का सैन्य अभियान इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने बताया कि उसने पहले से तैयार सैन्य योजना के तहत कार्रवाई शुरू की है। इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह, ईरानी नेतृत्व के निर्देश पर उसके नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है। अमेरिका का कड़ा रुख इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता, तब तक अभियान जारी रहेगा। उनका कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को समाप्त करना और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर बढ़ी चिंता लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से पूरे मध्य पूर्व में व्यापक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि यदि तनाव नहीं थमा तो यह संघर्ष बहु-देशीय युद्ध का रूप ले सकता है।
नेतन्याहू ने IDF को तेहरान पर हमले और तेज करने का आदेश दिया

तेल अवीव। इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा संकेत देते हुए सेना को ईरान के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। यह घोषणा उन्होंने रक्षा मुख्यालय ‘किर्या’ में उच्चस्तरीय बैठक के बाद की। बैठक में रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज, सेना प्रमुख इयाल जमीर और खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्नेया शामिल थे। इसके बाद नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना ईरान के खिलाफ अपने ऑपरेशन को और व्यापक रूप देगी। तेहरान पर लगातार हमलों का दावा इजरायल ने कहा कि उसकी सेना Israel Defense Forces पहले से ही तेहरान को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में यह और तेज होगी। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल अपने सुरक्षा लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। खामेनेई की मौत के बाद भड़का तनाव यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया जिसमें संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबरों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद ईरान ने हमलों को “अवैध कार्रवाई” बताते हुए जवाबी मिसाइल हमले शुरू किए। इजरायल में नागरिक हताहत नेतन्याहू ने बताया कि ईरानी हमलों में इजरायल के कई नागरिकों की मौत हुई। तेल अवीव में एक महिला की जान गई, जबकि बेत शेमेश में नौ लोगों के मारे जाने की सूचना है। उन्होंने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ‘पूरी ताकत से जारी रहेगा अभियान’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल की पूरी सैन्य क्षमता लगाई गई है और इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी मिल रहा है, जिसमें अमेरिका का सहयोग शामिल बताया गया है। उनके अनुसार यह अभियान लंबे समय से घोषित सुरक्षा नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य देश को भविष्य के खतरों से सुरक्षित करना है।
एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव तेज

नई दिल्ली। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव तेजी से बढ़ गया है। पाकिस्तान द्वारा कथित तौर पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई एयरस्ट्राइक के बाद अब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है। पिछले करीब 48 घंटों से जारी छिटपुट गोलीबारी अब भारी हथियारों के इस्तेमाल तक पहुंच गई है। तालिबान का जवाबी कार्रवाई का दावा तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि नागरिकों की मौत के जवाब में अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और ठिकानों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, कार्रवाई में मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर, टैंक, आर्टिलरी और मोर्टार जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया। 15 चौकियों पर कब्जे का दावा तालिबान प्रवक्ता ने दावा किया कि नंगरहार-खैबर और कुनार-बाजौर सीमाई इलाकों में हमले कर पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है। बताया गया कि नंगरहार सीमा के पास दो, गोश्ता क्षेत्र के आसपास तीन और कुनार सीमा पर दो चौकियों पर अफगान बलों की मौजूदगी है। हालांकि इन दावों की पाकिस्तान की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 22 फरवरी की एयरस्ट्राइक से बढ़ा विवाद तनाव की शुरुआत 22 फरवरी को हुई, जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पक्तिका के बेरमल और अर्गुन क्षेत्रों में हवाई हमले किए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में एक ही परिवार के 16 नागरिकों की मौत हुई। पाकिस्तान का कहना था कि कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई, जबकि तालिबान प्रशासन ने इसे नागरिकों पर हमला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता दोनों देशों के बीच सीमा पार गतिविधियों और उग्रवादी संगठनों को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। मौजूदा सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो यह संघर्ष व्यापक रूप ले सकता है।
बेटी दुआ के साथ जिंदगी का नया चैप्टर, दीपिका पादुकोण ने किया दिल छू लेने वाला खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड की प्रिय अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण फेज का अनुभव कर रही हैं। 8 सितंबर 2024 को उन्होंने अपनी बेटी ‘दुआ’ को जन्म दिया था और तभी से अपने काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने की पूरी कोशिश कर रही हैं। हाल ही में उनकी एक इंस्टाग्राम स्टोरी ने फैंस को इमोशनल कर दिया और यह दिखाया कि एक मां के जीवन में प्रेम और सैक्रिफाइज का संतुलन कितना जटिल होता है। दीपिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी ‘टॉक्सिक ट्रेट’ के बारे में बताया। नोट में लिखा था, “मेरा टॉक्सिक ट्रेट यह है कि मैं अपने बच्चे से इतना प्यार करती हूं कि मैं नहीं चाहती कि उसे कोई और देखे। मुझे ब्रेक की सख्त जरूरत है, लेकिन मैं उसके बिना रह भी नहीं सकती। मुझे 24 घंटे का सन्नाटा चाहिए, लेकिन साथ ही मुझे 24 घंटे बच्चे के साथ भी रहना है।” इस पोस्ट के जरिए दीपिका ने यह साफ कर दिया कि मां बनना केवल खुशी ही नहीं बल्कि लगातार निर्णय और आत्म-बलिदान से भरा अनुभव है। बेटी दुआ के जन्म के बाद दीपिका ने अपने काम के घंटों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्मों ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के मेकर्स से केवल 8 घंटे की शिफ्ट में काम करने की मांग की। हालांकि समय को लेकर हुए मतभेद के कारण दीपिका इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स से बाहर हो गईं। फिल्म ‘स्पिरिट’ में अब उनकी जगह तृप्ति डिमरी ने ले ली है, जबकि ‘कल्कि 2’ में उनकी जगह साई पल्लवी के आने की चर्चा है। हालांकि फिल्मों से थोड़े समय के लिए दूरी बनाने के बावजूद, दीपिका के पास बड़े प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं है। वह जल्द ही शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगी, जो 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में सुहाना खान, रानी मुखर्जी और अभिषेक बच्चन जैसे कई बड़े कलाकार भी शामिल हैं। साथ ही, दीपिका साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के साथ एक बड़े बजट की फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका निर्देशन एटली कर रहे हैं। यह वही निर्देशक हैं जिनके साथ दीपिका ने फिल्म ‘जवान’ में काम किया था, और उनके काम की खूब सराहना हुई थी। दीपिका पादुकोण का यह खुलासा मां बनने की जटिलताओं और फिल्मों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने साफ किया कि उनके लिए बेटी के साथ समय बिताना कितना महत्वपूर्ण है, और इसी वजह से उन्होंने अपने काम में सीमाएं तय की हैं। फैंस इस इमोशनल पोस्ट को बेहद रिलेटेबल मान रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसे शेयर कर उनकी भावना से सहमति जता रहे हैं। यह पोस्ट यह भी दिखाता है कि बड़े स्टार्स भी अपनी निजी जिंदगी और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं। दीपिका ने अपने फैंस को यह संदेश दिया कि मां बनना खुशी के साथ-साथ चुनौतियों और सैक्रिफाइज का अनुभव भी है।
फ्लाइट रद्द होने पर यात्रियों का UAE सरकार उठाएगी ठहरने-खाने का पूरा खर्च

दुबई। संयुक्त अरब अमीरातकी सरकार और General Civil Aviation Authority (GCAA) ने यात्रियों के हक में एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। क्षेत्र में चल रहे तनाव और एयरस्पेस बंद होने की वजह से जिनकी भी फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, उनके रहने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम अब सरकार की तरफ से किया जाएगा। बता दें कि क्षेत्रीय तनाव और एयरस्पेस बंद होने से प्रभावित हवाई यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने विशेष सहायता योजना लागू की है। इस फैसले के तहत जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उनके रहने, खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। यह व्यवस्था 1 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। यह निर्णय General Civil Aviation Authority (GCAA) के साथ समन्वय में लिया गया है, ताकि एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को असुविधा न हो और यात्रा व्यवस्था सुचारु बनी रहे। ट्रांजिट यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत नई व्यवस्था विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मददगार साबित हो रही है जो दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हब पर ट्रांजिट के दौरान फंस गए थे। अब उन्हें होटल, भोजन और आवश्यक सेवाओं के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा। अब तक हजारों यात्रियों को मिली सुविधा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लगभग 20,200 यात्रियों को होटल आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सहायता प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए एयरपोर्ट-स्तर पर विशेष प्रबंधन किया गया है। वीज़ा ओवरस्टे पर भी राहत के संकेत जिन यात्रियों का वीज़ा इस दौरान समाप्त हो रहा है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ओवरस्टे को दंडात्मक कार्रवाई से छूट दी जा सकती है। यात्रियों को केवल अपना मूल बोर्डिंग पास सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। यात्रियों के लिए जारी की गई एडवाइजरी बिना कन्फर्म टिकट के एयरपोर्ट न पहुंचें। उड़ान की स्थिति पहले ऑनलाइन जांचें। जरूरत पड़ने पर संबंधित एयरलाइन के कस्टमर केयर से संपर्क करें। टर्मिनल पर भीड़ कम रखने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करें। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आपात स्थिति में फंसे यात्रियों को राहत देना, एयरपोर्ट संचालन को व्यवस्थित बनाए रखना और मानवीय सहायता सुनिश्चित करना है।
फार्मा सेक्टर को बूस्ट! FY28 तक भारत का API बाजार 5–7% बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली। भारतीय एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट (API) उद्योग को लेकर ताजा रिपोर्ट में सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी CARE Ratings के अनुसार, वर्तमान में 15-16 अरब डॉलर के आकार वाला भारत का एपीआई बाजार वित्त वर्ष 27 और 28 तक 5-7 प्रतिशत की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है। यह वृद्धि सरकारी प्रोत्साहन, संरचनात्मक बदलाव और बढ़ती घरेलू व वैश्विक मांग के दम पर संभव मानी जा रही है। बेसिक से कॉम्प्लेक्स एपीआई की ओर बढ़ता कदमरिपोर्ट के मुताबिक भारतीय फार्मा कंपनियां अब कम मार्जिन वाले बेसिक एपीआई से हटकर जटिल और हाई-पोटेंसी एपीआई की ओर रुख कर रही हैं। इसका मकसद है-कीमतों में गिरावट के दबाव को कम करना, मुनाफा बढ़ाना और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत करना। विनियमित बाजारों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारतीय कंपनियों की पैठ लगातार गहरी हो रही है, जिससे निर्यात अवसर भी बढ़ रहे हैं। चीन पर निर्भरता चिंता, लेकिन सुधार के संकेत रिपोर्ट में प्रमुख कच्चे माल के लिए चीन पर आयात निर्भरता को अभी भी जोखिम माना गया है। हालांकि सरकार की उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन (PLI) योजना और बल्क ड्रग पार्क पहल से हालात में सुधार के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार 30 से अधिक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई कंपनियों ने नई उत्पादन क्षमताएं शुरू कर दी हैं। बल्क ड्रग पार्क से बदलेगा परिदृश्य सरकार समर्थित बल्क ड्रग पार्क परियोजनाएं एपीआई निवेश के अगले चरण को दिशा दे रही हैं। आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में 20 से 40 अरब रुपये की लागत वाली बड़ी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। करीब 80 प्रतिशत चल रही परियोजनाएं इसी पहल से जुड़ी बताई गई हैं। दीर्घकालीन मांग के मजबूत आधार रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले वर्षों में उम्रदराज आबादी की बढ़ती संख्या, स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच, बीमा कवरेज का विस्तार और पुरानी बीमारियों में वृद्धि से दवाओं की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा पेटेंट समाप्ति और उभरते बाजारों में विस्तार भी भारतीय एपीआई उद्योग के लिए अवसर पैदा करेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जटिल एपीआई परियोजनाओं का पूर्ण व्यावसायीकरण होने और बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू होने में अभी 2–4 वर्ष लग सकते हैं। लेकिन संकेत साफ हैं भारतीय एपीआई उद्योग धीरे-धीरे वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।
होली से पहले दिल्ली की महिलाओं और बेटियों को बड़ा तोहफा, राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने लॉन्च की चार नई योजनाएं

नई दिल्ली । होली से पहले दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दिल्ली सरकार की ओर से महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए चार महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। इसे नारी शक्ति को समर्पित एक बड़ा उपहार माना जा रहा है। इस अवसर पर 40,642 बालिकाओं को लगभग 100 करोड़ रुपये की डीबीटी सहायता प्रदान की गई। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने, उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण में भी यह कदम अहम माना जा रहा है। नई योजनाओं का विवरण सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड: महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए मुफ्त बस यात्रा की शुरुआत। यह कार्ड डीटीसी बस, मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन में उपयोगी होगा।मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना: होली पर महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए लगभग 15.50 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 129 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। दिल्ली लखपति बिटिया योजना: पुरानी लाडली योजना की तुलना में व्यापक और प्रभावी। इसमें बेटियों के लिए कुल 56,000 रुपये विभिन्न चरणों में जमा किए जाएंगे, जो 21 वर्ष की आयु तक ब्याज समेत 1 लाख रुपये से अधिक बन जाएंगे। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।महिला सशक्तिकरण और कल्याण कार्यक्रम: बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनकी शिक्षा और भविष्य को मजबूत करना, और समाज में उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।पुरानी लाडली योजना से क्या अंतर नई दिल्ली लखपति बिटिया योजना में शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा पर अधिक जोर दिया गया है। पहले जन्म और पढ़ाई के अलग-अलग चरणों पर सीमित राशि जमा होती थी, जबकि अब यह अधिक मजबूत वित्तीय आधार प्रदान करती है।मुफ्त LPG सिलेंडर और पिंक मोबिलिटी कार्ड मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना से लाखों परिवारों को महंगाई में राहत मिलेगी। पिंक मोबिलिटी कार्ड महिलाओं की यात्रा को और सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाएगा। इससे अलग-अलग टिकट या पास की जरूरत कम होगी और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुविधा बढ़ेगी।यह पहल न केवल महिलाओं और बेटियों के कल्याण को मजबूत करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज में समान अवसर देने की दिशा में भी अहम साबित होगी।
ईरान से तनाव कम करने जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने बातचीत बहाल करने पर दिया जोर

बर्लिन। जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर ईरान से हमले रोकने और कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है। तीनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हालिया घटनाएं हालात को और गंभीर बना सकती हैं। संयुक्त बयान में हमलों की निंदा तीनों देशों के नेताओं—फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर—ने संयुक्त बयान जारी कर क्षेत्र के अन्य देशों पर ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। बयान में कहा गया कि हालात को बिगाड़ने वाले कदमों से बचना जरूरी है और संवाद ही समाधान का रास्ता है। परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर भी चिंता नेताओं ने ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने, बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों पर रोक लगाने और अपने नागरिकों के खिलाफ कथित दमन व हिंसा बंद करने की अपील की। उनका कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए विश्वास बहाली के कदम आवश्यक हैं। सैन्य भागीदारी से किया इनकार तीनों देशों ने स्पष्ट किया कि वे हालिया हमलों में किसी भी तरह शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका, इजरायल और क्षेत्र के अन्य साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही इस बात पर बल दिया गया कि अंततः ईरान की जनता को अपना भविष्य स्वयं तय करने का अवसर मिलना चाहिए।
T20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का 'सिक्सर': सेमीफाइनल में एंट्री के साथ रचा इतिहास, मेजबान भारत के पास डबल धमाके का सुनहरा मौका

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ मुकाबले में संजू सैमसन की नाबाद 97 रनों की तूफानी पारी ने न केवल कैरिबियाई टीम को धूल चटाई, बल्कि टीम इंडिया के लिए इतिहास के नए दरवाजे भी खोल दिए हैं। भारत ने इस जीत के साथ छठी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जो कि एक कीर्तिमान है। इस उपलब्धि के साथ ही भारत ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल खेलने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल भारत के साथ-साथ इंग्लैंड भी छठी बार सेमीफाइनल का हिस्सा बन रहा है, जबकि पाकिस्तान सुपर-8 के दौर से ही बाहर होकर पिछड़ गया है। भारतीय क्रिकेट टीम का यह सफर साल 2007 के पहले एडिशन से शुरू हुआ था, जहाँ महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने न केवल सेमीफाइनल का सफर तय किया था बल्कि वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी चूमी थी। इसके बाद 2014, 2016, 2022 और 2024 के बाद अब 2026 में भी टीम इंडिया ने अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में यह टीम अब उस मुकाम पर खड़ी है जहाँ से इतिहास महज दो कदम दूर है। भारत इस समय न केवल डिफेंडिंग चैंपियन है, बल्कि इस टूर्नामेंट का मेजबान भी है, और यही दोनों कारक इस बार के सेमीफाइनल को और भी रोमांचक बना देते हैं। इतिहास गवाह है कि टी20 वर्ल्ड कप के अब तक के सफर में कोई भी टीम लगातार दो बार खिताब नहीं जीत पाई है। साथ ही, टूर्नामेंट के इतिहास में आज तक कोई भी मेजबान देश अपनी धरती पर ट्रॉफी उठाने में कामयाब नहीं रहा है। सूर्यकुमार यादव की ‘यंग ब्रिगेड’ के पास इन दोनों मिथकों को एक साथ तोड़ने का सुनहरा अवसर है। अगर भारत सेमीफाइनल में इंग्लैंड को शिकस्त देकर फाइनल जीतता है, तो वह न केवल अपने टाइटल को डिफेंड करने वाली पहली टीम बनेगा, बल्कि मेजबान के तौर पर खिताब जीतने का ‘सूखा’ भी खत्म कर देगा। सेमीफाइनल की राह अब एक चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी यानी इंग्लैंड की ओर जाती है। यह लगातार तीसरा मौका है जब टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड की टक्कर हो रही है। एक तरफ जहाँ संजू सैमसन की लय और गेंदबाजों का अनुशासन भारत की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैंपियन होने का दबाव भी टीम को प्रेरित कर रहा है। पाकिस्तान और इंग्लैंड के साथ 6-6 बार सेमीफाइनल खेलने का रिकॉर्ड साझा करने के बाद, अब भारतीय प्रशंसकों की निगाहें केवल उस चमचमाती ट्रॉफी पर टिकी हैं जो भारत को क्रिकेट जगत का निर्विवाद राजा बना देगी। शॉर्ट डिस्क्रिप्शन (Hindi):संजू सैमसन की शानदार पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर छठी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जहाँ उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद अब सूर्यकुमार यादव की सेना लगातार दो खिताब जीतकर नया इतिहास रचने के करीब है। प्रभावी टैग्स (English):T20WorldCup2026, TeamIndia, IndiaVsEngland, SanjuSamson, CricketHistory
जंग से कांपा बाजार, डिफेंस शेयरों ने भरी उड़ान! HAL-BEL समेत ड्रोन स्टॉक्स में तेजी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन 30 शेयरों वाला Bombay Stock Exchange सेंसेक्स 1,500 अंकों से ज्यादा टूटकर 78,543.73 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं 50 शेयरों वाला National Stock Exchange of India निफ्टी50 भी करीब 500 अंकों की गिरावट के साथ 24,645.10 तक फिसल गया। अधिकतर सेक्टर लाल निशान में रहे और निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट दर्ज की गई। गिरते बाजार में डिफेंस बना सहाराजहां ऑटो, बैंकिंग और एविएशन जैसे सेक्टर दबाव में दिखे, वहीं डिफेंस सेक्टर ने मजबूती दिखाई। बढ़ते वैश्विक सैन्य तनाव के बीच रक्षा खर्च में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीद ने इस सेक्टर में निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। सरकारी रक्षा कंपनी Bharat Electronics Limited (बीईएल) और Hindustan Aeronautics Limited (एचएएल) मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इन दिग्गज कंपनियों की तेजी ने पूरे डिफेंस इंडेक्स को सहारा दिया। ड्रोन कंपनियों में निवेशकों की होड़आधुनिक युद्ध में ड्रोन और सर्विलांस तकनीक की बढ़ती भूमिका ने ड्रोन से जुड़ी कंपनियों को चर्चा में ला दिया है। कारोबार के दौरान Paras Defence and Space Technologies, ideaForge Technology और Tejas Networks के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। कुछ शेयरों में 10 से 15 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि निगरानी, रडार, संचार उपकरण और ड्रोन तकनीक की मांग आने वाले समय में और बढ़ सकती है। रक्षा बजट बढ़ने की उम्मीद से बढ़ा भरोसाबाजार जानकारों के मुताबिक, जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या सैन्य तनाव बढ़ता है तो देशों के रक्षा बजट में इजाफा होने की संभावना प्रबल हो जाती है। भारत पहले से ही आत्मनिर्भरता की दिशा में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है और बजट आवंटन में लगातार वृद्धि कर रहा है। ऐसे में यदि मौजूदा संघर्ष लंबा खिंचता है तो घरेलू रक्षा कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। अस्थिरता बनी रह सकती हैहालांकि विशेषज्ञों ने चेताया है कि निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से एविएशन और ऑटो सेक्टर पर दबाव बन सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और डिफेंस सेक्टर की अगली चाल पर टिकी हुई है।