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NATIONAL HIGHWAY 719: भिंड में हाईवे-719 को सिक्सलेन बनाने की मांग तेज, 11 मार्च को पूर्व सैनिकों का अर्धनग्न प्रदर्शन

BHIND HIGWAY PROTEST

HIGHLIGHTS: हाईवे-719 को सिक्सलेन बनाने की मांग तेज 11 मार्च को मेहगांव में अर्धनग्न प्रदर्शन शहीद स्मारक पर पूर्व सैनिकों की सर्वसम्मति से बैठक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पहले ही हो चुकी मुलाकात टोल प्लाजा बंद करने और गौवंश सुरक्षा की मांग NATIONAL HIGHWAY 719: ग्वालियर। भिंड जिले में नेशनल हाईवे 719 को सिक्सलेन में अपग्रेड करने की मांग को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बता दें कि समाजसेवियों और संत समाज के बाद अब पूर्व सैनिक संगठन भी आंदोलन की राह पर है। संगठन का कहना है कि लगातार सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, लोक देवता भीलट देव से समृद्धि की कामना शहीद स्मारक पर हुई बैठक शहीद स्मारक पर आयोजित बैठक में पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आंदोलन को तेज किया जाएगा। साथ ही संगठन का आरोप है कि लंबे समय से ज्ञापन और चेतावनी देने के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहे हैं। POLICE BIRTHDAY PARTY CONTROVERSY: मुरैना थाने में बाइक चोर के साथ जन्मदिन पर नाचते दिखे टीआई: वीडियो वायरल होते ही सस्पेंड 11 मार्च को मेहगांव में प्रदर्शन पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष सूबेदार राकेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि 11 मार्च को मेहगांव क्षेत्र में हाईवे किनारे जिलेभर के पूर्व सैनिक एकत्रित होंगे और अर्धनग्न प्रदर्शन करेंगे। साथ ही टोल प्लाजा बंद करने, गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग रखी जाएगी। HOLI 2026: ग्वालियर में होली से पहले यात्रियों की भीड़: AC कोच भी जनरल जैसी भरी, महंगा हुआ सफर केंद्रीय मंत्री से हो चुकी है मुलाकात संत समाज द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की जा चुकी है। संगठन का कहना है कि बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि टोल कंपनी के दबाव में आमजन की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है। पूर्व सैनिक संगठन ने जिलेभर के सैनिकों से 11 मार्च को बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

जन्मदिन पर अपराधी को कंधे पर बैठाया, टीआई दर्शन शुक्ला निलंबित; सीएम डॉ. मोहन यादव की सख्त कार्रवाई

भोपाल/मुरैना। मध्यप्रदेश में पुलिस की छवि को धक्का पहुंचाने वाले एक वायरल वीडियो पर मुख्यमंत्रीमोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए मुरैना जिले के जौरा थाना प्रभारी निरीक्षक दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टीआई शुक्ला कथित बाइक चोर गिरोह के सरगनालवकुश शर्मा के कंधे पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि यह वीडियो थाना परिसर में मनाए गए जन्मदिन समारोह का है, जहां केक काटा गया और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे। सीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाईमामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कड़ी नाराजगी जताई और शासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश के बाद मुरैना एसपी कार्यालय से निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में उल्लेख है कि 28 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी जौरा निरीक्षक दर्शन शुक्ला अपने जन्मदिन समारोह के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति लवकुश शर्मा के साथ उपस्थित थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लवकुश शर्मा पर थाना कोतवाली क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी और थाना जौरा क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे मामले दर्ज हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ थाना परिसर में जश्न मनाना पुलिस आचरण संहिता के विपरीत माना गया। पुलिस रेगुलेशन का उल्लंघनआदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह आचरण मध्यप्रदेश पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64(3)(11) का उल्लंघन है और इससे पुलिस की निष्पक्ष छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसी आधार पर निरीक्षक दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, मुरैना निर्धारित किया गया है। उन्हें बिना लिखित अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और प्रत्येक गणना में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। कर्तव्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या आपराधिक तत्वों से निकटता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस महकमे के लिए कड़ा संकेत मानी जा रही है कि शासन अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी को स्वीकार नहीं करेगा।

नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, लोक देवता भीलट देव से समृद्धि की कामना

भोपाल/बड़वानी। किसान कल्याण वर्ष के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश सरकार की पहली कृषि कैबिनेट की शुरुआत आस्था और परंपरा के वातावरण में हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्रि परिषद के सदस्यों ने बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित भीलट देव मंदिर में निमाड़ मालवा के लोक देवता भीलट देव के दर्शन कर प्रदेश के किसानों की सुख समृद्धि की कामना की। सतपुड़ा की सुरम्य पहाड़ियों पर बसे इस तपोभूमि में आयोजित कैबिनेट बैठक ने विकास और संस्कृति के समन्वय का संदेश दिया। दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निमाड़ मालवा क्षेत्र के आराध्य भीलट देव के आशीर्वाद से जो भी निर्णय लिए जाएंगे, वे किसानों और प्रदेशवासियों के हित में होंगे। मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र को मां नर्मदा का वरदान बताते हुए कहा कि नर्मदा के जल से सिंचित यह भूमि किसानों को समृद्ध और प्रगतिशील बना रही है। सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी सहित पूरे निमाड़ क्षेत्र में खेती को नई मजबूती मिली है। उन्होंने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उत्पादन कम हो सकता है, लेकिन इससे मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ेगी और दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता में स्थायी वृद्धि होगी। किसानों की आर्थिक उन्नति को ही प्रदेश की समग्र उन्नति का आधार बताते हुए उन्होंने कृषि सुधारों को सरकार की प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की भव्यता और सकारात्मक ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि सतपुड़ा की वादियों में बसा नागलवाड़ी का यह धाम आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण है। मंदिर के जीर्णोद्धार में संत श्री सियाराम बाबा के योगदान का भी उन्होंने स्मरण किया। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रि परिषद सदस्यों ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर में फोटो भी खिंचवाया। कैबिनेट बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र की कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में प्राकृतिक खेती के प्रभावी मॉडल, वोकल फॉर लोकल, केला विकास मॉडल, डॉलर चना की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला, बड़वानी मिर्च प्लास्टर, तिल को उभरती फसल के रूप में प्रोत्साहन, गन्ना आधारित आर्थिक मॉडल, मिशन सिकलसेल उन्मूलन और वन्य ग्राम समृद्धि अभियान जैसी थीम प्रस्तुत की गईं। बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने विभिन्न कृषि पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया। नागलवाड़ी में आयोजित यह पहली कृषि कैबिनेट केवल प्रशासनिक बैठक नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सरकार परंपरा, प्रकृति और प्रगति को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। लोक आस्था के आंगन से शुरू हुआ यह संकल्प किसानों की समृद्धि और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रंग नहीं, राख की होली! कर्नाटक के इस मंदिर में अनोखी परंपरा, शिव-कामदेव से जुड़ा इतिहास

नई दिल्ली। देशभर में 4 मार्च को होली का उल्लास छाएगा। जहां उत्तर भारत में यह पर्व प्रह्लाद और होलिका की कथा से जुड़ा है, वहीं दक्षिण भारत में इसका संबंध भगवान शिव और कामदेव की कहानी से माना जाता है। यहां होली को अहंकार के नाश और आत्मशुद्धि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। गर्भगृह में साथ विराजते हैं शिव और कामदेव कर्नाटक का Rama Lingeshwara Kamanna Temple अपनी अनोखी परंपरा के कारण प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि यह दक्षिण भारत का पहला मंदिर है, जहां गर्भगृह में भगवान शिव के साथ कामदेव की प्रतिमा स्थापित है। शिवलिंग के समीप ध्यान मुद्रा में विराजमान कामदेव की मूर्ति इस मंदिर को विशेष बनाती है। मान्यता है कि होली के दिन यहां दोनों के एक साथ दर्शन करने से पापों का नाश होता है और जीवन से अहंकार दूर होता है। कामदेव और शिव की कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवी सती के देह त्याग के बाद भगवान शिव गहन तपस्या में लीन हो गए थे। सृष्टि के संतुलन को बनाए रखने के लिए देवताओं ने कामदेव से मदद मांगी। कामदेव ने शिव की तपस्या भंग करने के लिए कामबाण चलाया। तप भंग होने पर भगवान शिव ने क्रोधित होकर अपना तीसरा नेत्र खोला, जिसकी ज्वाला से कामदेव भस्म हो गए। यह घटना अहंकार के अंत का प्रतीक मानी जाती है। राख से खेली जाती है होली इसी कथा की स्मृति में इस मंदिर में होली के दिन रंगों की जगह राख का प्रयोग किया जाता है। श्रद्धालु माथे पर राख लगाते हैं, जिसे कामदेव के दहन और अहंकार के नाश का प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि शक्ति या सौंदर्य का घमंड क्षणभर में मिट सकता है। पांच दिन चलता है उत्सव रामलिंगेश्वर कामन्ना मंदिर में होली का उत्सव पांच दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान होते हैं। भक्त चांदी की वस्तुएं, खासकर चांदी का पालना अर्पित करते हैं। मान्यता है कि संतान की इच्छा रखने वाले दंपत्ति अगर श्रद्धा से चांदी का झूला चढ़ाते हैं तो उनकी मनोकामना पूर्ण होती है।

इजराइली राजदूत का दावा पीएम मोदी को हमले की जानकारी नहीं थी, 28 फरवरी को दी गई मंजूरी

नई दिल्ली । प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के हालिया इजराइल दौरे के बाद ईरान पर हुए हमलों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पीएम मोदी 25 और 26 फरवरी को इजराइल के दौरे पर थे और ठीक दो दिन बाद 28 फरवरी को इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर स्ट्राइक की। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या भारत को पहले से इस ऑपरेशन की जानकारी थी। भारत में इजराइल के राजदूतरूवेन अजार ने इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीएम मोदी को इस हमले की पूर्व जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक ऑपरेशन की मंजूरी 28 फरवरी की सुबह दी गई तब तक प्रधानमंत्री मोदी अपना दौरा पूरा कर भारत लौट चुके थे। न्यूक्लियर खतरे को खत्म करना लक्ष्य राजदूत अजार ने कहा कि इजराइल का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है। उनका आरोप है कि ईरान दशकों से मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम विकसित करने की कोशिश कर रहा है और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान क्षेत्र में अपने प्रॉक्सी समूहों को फंडिंग हथियार और तकनीक मुहैया कराता है। इजराइल के अनुसार ईरान ने 2027 तक इजराइल को खत्म करने की धमकी दी थी। जून में भी इजराइल ने ईरान पर हमले किए थे और अब सहयोग से इनकार के बाद फिर ऑपरेशन शुरू किया गया।भारत से हुई बातचीतराजदूत ने बताया कि इजराइल के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से फोन पर बात की थी। भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए संवाद और स्थिरता का समर्थन किया। भारत लगातार कूटनीतिक समाधान की वकालत करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि मौजूदा संकट का हल केवल बातचीत और डिप्लोमेसी से ही संभव है। नेतन्याहू की भूमिकाइस पूरे घटनाक्रम के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भूमिका भी चर्चा में है। इजराइल ने इन हमलों को प्रिएंपटिव स्ट्राइक बताया है। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इन हमलों में अमेरिका की भागीदारी की पुष्टि की। इजराइल में माहौलराजदूत अजार के मुताबिक इजराइल में सुरक्षा को लेकर गंभीर माहौल है। उनका कहना है कि देश लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को लेकर भी इजराइल में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। भारत ने साफ किया है कि वह शांति और स्थिरता का पक्षधर है तथा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पश्चिम एशिया में हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

इजराइल अमेरिका और ईरान तनाव पर पीएम Narendra Modi का बड़ा बयान, बोले हालात बेहद चिंताजनक

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में इजराइल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गंभीर चिंता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात बेहद चिंताजनक हैं और मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत शांति और स्थिरता का पक्षधर है और विश्व में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं तो शांति की आवाज और भी मजबूत हो जाती है। वर्तमान संकट का हल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही निकलेगा इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत सभी देशों के साथ मिलकर शांति बहाली के प्रयासों में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि भारत का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता कायम रखना और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नेतन्याहू से फोन पर बातचीत इससे पहले सोमवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच मौजूदा क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई और उन्होंने दुश्मनी को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जोशी ने चिंतित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार पहले भी संकटग्रस्त देशों से भारतीयों को सुरक्षित निकाल चुकी है जैसे यूक्रेन संकट के दौरान किया गया था। उन्होंने कहा जहां भी भारतीय नागरिक हैं उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। घबराने की जरूरत नहीं है सरकार हर संभव कदम उठा रही है। मिडिल ईस्ट में जारी इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत का रुख स्पष्ट है संवाद कूटनीति और शांति का मार्ग। अब वैश्विक समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि क्षेत्र में हालात कब सामान्य होते हैं और तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

हिंसा और ब्लैकआउट: ईरान में बढ़ता मौत का आंकड़ा, दुनिया से कटा देश

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली हमलों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार को संघर्ष का तीसरा दिन है और राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट के अनुसार, Iranian Red Crescent Society ने पुष्टि की है कि देशभर में हुए हमलों में कम से कम 555 लोगों की जान गई है। इंटरनेट बंद, बाहरी दुनिया से कटा देश साइबर मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks ने बताया है कि ईरान में 48 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट सेवाएं ठप हैं। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह शटडाउन सरकार की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में आंशिक कनेक्टिविटी की बात भी कही गई है। तेहरान और सनंदाज में ताजा हमले  मीडिया के अनुसार, पश्चिमी शहर सनंदाज पर मिसाइलों की बौछार की गई, जिसमें रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। समाचार एजेंसी Tasnim News Agency ने मलबे में राहत और बचाव कार्य की तस्वीरें जारी की हैं। वहीं सरकारी एजेंसी Islamic Republic News Agency (आईआरएनए) ने बताया कि सनंदाज में तीन लोगों की मौत हुई है। राजधानी तेहरान में भी एक अस्पताल को नुकसान पहुंचने की खबर है। सरकारी ब्रॉडकास्टर Islamic Republic of Iran Broadcasting (आईआरआईबी) द्वारा जारी फुटेज में अस्पताल के बाहर मलबा और टूटी खिड़कियां देखी गईं। चीन ने की नागरिक की मौत की पुष्टि इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि तेहरान में एक चीनी नागरिक की मौत हुई है। प्रवक्ता माओ निंग ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई और बताया कि 2 मार्च तक लगभग 3,000 चीनी नागरिकों को ईरान से निकाला जा चुका है। लगातार हो रहे हमलों और इंटरनेट बंदी के बीच ईरान के हालात पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा, इस पर वैश्विक चिंता बनी हुई है।

POLICE BIRTHDAY PARTY CONTROVERSY: मुरैना थाने में बाइक चोर के साथ जन्मदिन पर नाचते दिखे टीआई: वीडियो वायरल होते ही सस्पेंड

MORENA TI NEWS

HIGHLIGHTS: थाना परिसर में टीआई का जन्मदिन समारोह, वीडियो वायरल हिस्ट्रीशीटर बाइक चोर के कंधे पर बैठकर नाचे थाना प्रभारी 18 बाइक चोरी के आरोपी के साथ दिखे टीआई एसपी ने तत्काल प्रभाव से किया सस्पेंड, जांच शुरू टीआई की सफाई: आरोपी मुखबिर था, केस की जानकारी नहीं थी POLICE BIRTHDAY PARTY CONTROVERSY: मुरैना। जौरा थाना परिसर में 28 फरवरी की रात लगभग 9 बजकर 15 मिनट पर थाना प्रभारी टीआई दर्शन लाल शुक्ला का जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर थाने के कर्मचारियों ने प्रभारी को मालाएँ पहनाई और केक काटा। बधाई देने वालों की लाईन लगी रही। अचानक पुलिस परिसर में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें थाना प्रभारी को बाइक चोरी के मुख्य आरोपी लवकुश शर्मा ने अपने कंधे पर बैठाकर नृत्य करते हुए घुमाया। डॉक्टर नहीं, बना देश का चैंपियन! योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो में दिलाया पदक आरोपी के साथ नृत्य और वायरल वीडियो वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि हिस्ट्रीशीटर लवकुश शर्मा थाना प्रभारी को कंधे पर उठाकर पूरे थाना परिसर में घुमा रहा है, जबकि पीछे पुलिस स्टाफ व अन्य लोग पैदल चल रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से फैल गया, जिससे पुलिस में हड़कम्प मच गया। सपना चौधरी ने ‘द 50’ में किया खुलासा, 35 केस और हथियारों से भरे शो में डरावना अनुभव, मां के साथ जिंदा बचीं टीआई को किया सस्पेंड हतप्राय एसपी समीर सौरभ ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए टीआई दर्शन लाल शुक्ला को सस्पेंड कर दिया। उन्हें पुलिस लाइन में अटैच किया गया है। मामले की जांच एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप को सौंपी गई है। देश में सबसे पहले होलिका दहन महाकाल मंदिर में, वैदिक मंत्रो के साथ जलेगी होली; आरती का समय बदलेगा लवकुश शर्मा के खिलाफ दर्ज मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 12 जून 2025 को लवकुश शर्मा को 13 लाख रुपए की 18 बाइक चोरी के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद जनवरी 2026 में उसने बिजली कर्मचारियों पर हमला किया था, जिस पर भी मामला दर्ज है। इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष गहराया, लेबनान तक फैल रहा तनाव टीआई की सफाई टीआई दर्शन लाल शुक्ला ने कहा कि भीड़ में कौन कब आ गया, उन्हें पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि लवकुश उनके थाने का मुखबिर है और कई मामलों में सूचना दी है। उनका कहना था कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि लवकुश चोरी के मामलों में आरोपी है।

भारत कनाडा साझेदारी का नया अध्याय: यूरेनियम सप्लाई पर समझौता, रक्षा और एनर्जी सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा

नई दिल्ली । भारत और कनाडा के बीच ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौते का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को हैदराबाद हाउस दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात हुई । इस बैठक में भारत को यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति रक्षा ऊर्जा और कृषि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर मुहर लगी। यूरेनियम सप्लाई समझौता पीएम कार्नी के दौरे का मुख्य उद्देश्य 10 साल का यूरेनियम सप्लाई समझौता है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 अरब डॉलर है। कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है और भारत अपनी तेजी से बढ़ती परमाणु ऊर्जा जरूरतों के लिए अधिक यूरेनियम खरीदना चाहता है। 2013 में लागू भारत-कनाडा न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट के बाद यह कदम दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। व्यापार और निवेश में बढ़ावा बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत-कनाडा के बीच 50 बिलियन डॉलर के व्यापार का लक्ष्य है। कृषि कृषि प्रौद्योगिकी और खाद्य सुरक्षा में सहयोग को बढ़ावा देने के साथ ही भारत में पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। रक्षा और सुरक्षा सहयोग दोनो देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति व्यक्त की। रक्षा उद्योगों समुद्री डोमेन जागरूकता और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए भारत-कनाडा रक्षा संवाद स्थापित करने का निर्णय लिया गया। नवाचार और तकनीकी सहयोग पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों की नवाचार साझेदारी वैश्विक समाधानों को जन्म देगी। AI क्वांटम सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स पर हस्ताक्षरित समझौता आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन मजबूत करेगा। अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ने के प्रयास भी तेज होंगे। ऊर्जा और पर्यावरण ऊर्जा क्षेत्र में अगली पीढ़ी की साझेदारी स्थापित की जाएगी जिसमें हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर विशेष जोर रहेगा। पीएम मोदी ने कहा “भारत-कनाडा की साझेदारी दुनिया को नए वैश्विक समाधान देने में सक्षम होगी। यह सहयोग केवल ऊर्जा या रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि नवाचार तकनीकी और वैश्विक विकास के कई क्षेत्रों को छूएगा।

डॉक्टर नहीं, बना देश का चैंपियन! योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो में दिलाया पदक

नई दिल्ली। 3 मार्च 1997 को हरियाणा के बहादुरगढ़ में जन्मे Yogesh Kathuniya के माता-पिता चाहते थे कि बेटा डॉक्टर बने। लेकिन किस्मत ने उनके लिए अलग रास्ता चुना। महज 9 साल की उम्र में उन्हें गुइलेन-बैरे सिंड्रोम नाम की गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का पता चला। इस बीमारी में मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। योगेश के लिए खड़ा होना भी मुश्किल हो गया था। मगर यहां से शुरू हुई एक मां की जिद और बेटे का संघर्ष। लगातार फिजियोथेरेपी और मां मीना देवी के अथक प्रयासों से योगेश बैसाखी के सहारे खड़े हो पाए। यही वह मोड़ था, जिसने जिंदगी की दिशा बदल दी। कॉलेज से शुरू हुआ खेलों का सफरकिरोड़ीमल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान 2016 में उन्हें पैरा एथलेटिक्स के बारे में जानकारी मिली। प्रेरणा मिली और उन्होंने डिस्कस थ्रो को अपना लक्ष्य बना लिया। मेहनत रंग लाई और 2018 में बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में एफ36 कैटेगरी में 45.18 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। पैरालंपिक में देश को दिलाया गौरवटोक्यो में आयोजित 2020 Summer Paralympics में योगेश ने डिस्कस थ्रो एफ56 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति Ram Nath Kovind द्वारा अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। चोट, बीमारी और फिर वापसी2022 में उन्हें सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी की समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे रीढ़ की नसें प्रभावित होती हैं। छह महीने तक रिकवरी चली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद 2024 Summer Paralympics में फिर से रजत पदक जीतकर साबित कर दिया कि उनका जज्बा किसी भी मुश्किल से बड़ा है। 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने एफ56 वर्ग में रजत पदक हासिल किया। संघर्ष से सफलता तकयोगेश कथुनिया की कहानी सिर्फ पदकों की नहीं, बल्कि हिम्मत, परिवार के समर्थन और अडिग विश्वास की कहानी है। शारीरिक अक्षमता को उन्होंने अपनी पहचान नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी ताकत बना लिया।