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अजित पवार के बेटे ने वीडियो शेयर कर VSR वेंचर्स की उड़ानों पर रोक की मांग की

नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता Ajit Pawar के बेटे जय पवार ने 28 जनवरी 2026 को हुए विमान हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की उड़ानों को तुरंत रोकने की मांग की है। इस हादसे में उनके पिता का निधन हुआ था, जिसे लेकर जय पवार ने गंभीर सुरक्षा और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वीडियो में कंपनी के मालिक रोहित सिंह मुख्य पायलट सीट पर उड़ान के दौरान सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। जय पवार ने लिखा कि “मैंने अपने पिता को खो दिया है… यह पीड़ा जिंदगी भर मेरे साथ रहेगी। ऐसे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।” उन्होंने DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से अपील की है कि VSR की सभी उड़ानों को ग्राउंड किया जाए और रोहित सिंह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। DGCA की जांच के मुताबिक, 28 जनवरी को बारामती में VSR वेंचर्स के Learjet 45 (VT-SSK) विमान के क्रैश के बाद स्पेशल सेफ्टी ऑडिट कराया गया। ऑडिट में एयरवर्दीनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशन के नियमों के कई उल्लंघन सामने आए। इसके बाद DGCA ने चार एयरक्राफ्ट  को तुरंत ग्राउंड कर दिया। जय पवार ने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र में हुए इस हादसे की पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने VSR वेंचर्स की उड़ानों पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जोरदार मांग की। यह मामला न केवल पवार परिवार के लिए बल्कि देश की नागरिक हवाई सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। DGCA ने नियमों का उल्लंघन सामने आने के बाद सख्त कदम उठाए हैं और जांच जारी है।

मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन

भोपाल। मार्च माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम और राष्ट्र गान जन गण मन का सामूहिक गायन किया। यह कार्यक्रम मंत्रालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित किया गया। सामूहिक गान के दौरान पुलिस बैंड ने मधुर धुनों के माध्यम से कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सचिव एम. रघुराज मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों में राष्ट्रीय भावना को जागृत करना और शासकीय कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना बताया गया। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान गाकर देशभक्ति की अनुभूति साझा की।

विद्युत समाधान योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी, एकमुश्त भुगतान पर 90% तक सरचार्ज माफी

भोपाल। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश सरकार की विद्युत समाधान योजना 2025-26 के द्वितीय एवं अंतिम चरण की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह योजना 28 फरवरी तक लागू थी। अब तीन माह से अधिक समय से बकाया रखने वाले उपभोक्ता 31 मार्च तक एकमुश्त भुगतान कर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ ले सकेंगे। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि योजना की शुरुआत 3 नवम्बर 2025 को की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देना है जो सरचार्ज की अधिक राशि के कारण मूलधन जमा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने अपील की है कि जो उपभोक्ता अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं वे निर्धारित अवधि के भीतर पंजीयन कराकर इस विशेष छूट का लाभ उठाएं। 21 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत 28 फरवरी 2026 तक 21 लाख 67 हजार बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं। योजना के तहत कुल 1043 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि जमा हुई है जबकि 388 करोड़ 77 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तहत 6 लाख 38 हजार जमादार लाभार्थियों ने पंजीयन कराया। कंपनी को 616 करोड़ 42 लाख रुपये की मूल राशि प्राप्त हुई और 285 करोड़ 39 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। इसी प्रकार पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख से अधिक लाभार्थियों ने लाभ लिया। यहां 222 करोड़ 82 लाख रुपये जमा हुए और 73 करोड़ 7 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। वहीं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 7 लाख 29 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया। कंपनी के खाते में 204 करोड़ 29 लाख रुपये जमा हुए और 30 करोड़ 31 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। एकमुश्त भुगतान पर अधिक लाभ समाधान योजना जल्दी आएं एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। एकमुश्त भुगतान करने पर 70 से 90 प्रतिशत तक तथा किस्तों में भुगतान करने पर 50 से 60 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट दी जा रही है।योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित विद्युत वितरण कंपनी के पोर्टल पर पंजीयन करना होगा। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत राशि जमा कर पंजीयन कराना होगा। विस्तृत जानकारी संबंधित कंपनी की वेबसाइट या विद्युत वितरण केंद्र से प्राप्त की जा सकती है। सरकार का मानना है कि यह योजना बकायादार उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है और समय पर भुगतान की संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है।

BOARD EXAMS CHEATING VIRAL VIDEO: बोर्ड परीक्षा में सख्ती के दावों पर उठे सवाल, शिवपुरी से नकल की VIDEO वायरल

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HIGHLIGHTS: बैराड़ क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों से नकल के वीडियो वायरल छत पर चढ़कर पर्ची पहुंचाने की कोशिश कैमरे में कैद दीवार के बाहर से बोल-बोलकर नकल कराने का आरोप एक छात्रा की जगह दूसरी के परीक्षा देने का दावा शिक्षा विभाग ने जांच के निर्देश दिए   BOARD EXAMS CHEATING VIRAL VIDEO: शिवपुरी। जिले में चल रही 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बैराड़ क्षेत्र के कुछ परीक्षा केंद्रों से नकल के कथित वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। एक वीडियो में दो युवक परीक्षा केंद्र की छत पर चढ़कर नकल सामग्री पहुंचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। जैसे ही उन्हें वीडियो बनाए जाने की जानकारी हुई, वे तुरंत नीचे उतरकर मुंह छुपाते हुए भाग गए। करीब 13 सेकेंड के एक अन्य वीडियो में कुछ लोग परीक्षा केंद्र की दीवार के बाहर खड़े होकर अंदर बैठे छात्रों को उत्तर बताते दिखाई दे रहे हैं। KARNI SENA HOLI MILAN SAMAROH: करणी सेना परिवार का होली मिलन समारोह: क्षत्राणी महिला इकाई ने रंगों संग मनाया उत्सव डमी कैंडिडेट का आरोप सबसे गंभीर आरोप उस वीडियो को लेकर है, जिसमें दावा किया गया है कि एक छात्रा की जगह दूसरी छात्रा परीक्षा देने पहुंची। वीडियो में स्कूल के बाहर बैठी एक छात्रा से पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से कहा कि उसकी जगह ‘सोनम’ परीक्षा दे रही है, जबकि उसने अपना नाम ‘दीपा’ बताया। इस दावे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इजराइली राजदूत का दावा पीएम मोदी को हमले की जानकारी नहीं थी, 28 फरवरी को दी गई मंजूरी आधिकारिक पुष्टि बाकी सूत्रों के अनुसार, जिन केंद्रों से वीडियो वायरल हुए हैं, वे निजी स्कूलों में बनाए गए परीक्षा केंद्र बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। NATIONAL HIGHWAY 719: भिंड में हाईवे-719 को सिक्सलेन बनाने की मांग तेज, 11 मार्च को पूर्व सैनिकों का अर्धनग्न प्रदर्शन शिक्षा विभाग का पक्ष शिक्षा विभाग का कहना है कि जिले में नकल रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अब तक किसी भी केंद्र पर नकल का मामला दर्ज नहीं हुआ है। बैराड़ क्षेत्र के बीओ अवधेश तोमर ने भी कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कराई  

चैती छठ 2026: 22 मार्च से शुरू होगा महापर्व, जानिए नहाय खाय से पारण तक की सटीक तिथियां

नई दिल्ली । चैत्र मास की शुरुआत के साथ ही लोक आस्था का महापर्व चैती छठ आने वाला है। सूर्योपासना को समर्पित यह चार दिवसीय व्रत विशेष रूप से बिहार झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। छठ पर्व में भगवान Surya और Chhathi Maiya की उपासना की जाती है। मान्यता है कि यह व्रत संतान सुख दीर्घायु और परिवार की समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चैती छठ की शुरुआत 22 मार्च से होगी और 25 मार्च को उषा अर्घ्य व पारण के साथ इसका समापन होगा। चैती छठ 2026 की प्रमुख तिथियां नहाय खाय 22 मार्च 2026 पहला दिन इस दिन व्रती पवित्र नदी या घर में स्नान कर शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। परंपरागत रूप से कद्दू भात कद्दू की सब्जी और चावल बनाया जाता है। इसी के साथ व्रत की औपचारिक शुरुआत होती है। खरना 23 मार्च 2026 दूसरा दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर पूजा की जाती है। प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत आरंभ हो जाता है। संध्या अर्घ्य 24 मार्च 2026 तीसरा दिन इस दिन अस्ताचलगामी सूर्य को नदी तालाब या जलाशय के किनारे अर्घ्य अर्पित किया जाता है। यह छठ पर्व का सबसे भावनात्मक और भव्य दृश्य होता है जब घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। उषा अर्घ्य एवं पारण 25 मार्च 2026 चौथा दिन अगली सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही व्रत का समापन होता है और प्रसाद ग्रहण कर पारण किया जाता है। चैती छठ का धार्मिक महत्व यह पर्व शुद्धता संयम और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। मान्यता है कि व्रत करने से संतान सुख और परिवार की खुशहाली प्राप्त होती है। चैत्र मास में होने के कारण इसे विशेष आध्यात्मिक फल देने वाला माना जाता है।छठ पूजा में बनाया जाने वाला ठेकुआ मुख्य प्रसाद होता है जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। चैती छठ प्रकृति सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। चार दिनों तक चलने वाला यह व्रत आत्मसंयम भक्ति और पारिवारिक एकता का संदेश देता है।

फाल्गुन पूर्णिमा 2026: इस विधि से रखें व्रत, बरसेगी विष्णु लक्ष्मी की असीम कृपा

नई दिल्ली । फाल्गुन मास की पूर्णिमा सनातन परंपरा में अत्यंत पावन मानी गई है। इसे वसंत पूर्णिमा और होली पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह हिंदू वर्ष की अंतिम पूर्णिमा होती है और इस दिन भगवान Vishnu माता Lakshmi भगवान Narasimha तथा Radha Krishna की पूजा का विशेष विधान है। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से व्रत और पूजा करने से सुख समृद्धि सौभाग्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। फाल्गुन पूर्णिमा 2026 का शुभ मुहूर्त ज्योतिषीय गणना के अनुसार पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे तक रहेगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक लगने के कारण पूजा में बाधा रहेगी इसलिए 2 मार्च 2026 को व्रत रखना अधिक शुभ माना गया है। फाल्गुन पूर्णिमा का धार्मिक महत्व पूर्णिमा व्रत को अत्यंत फलदायी बताया गया है। इस दिन स्नान दान जप और पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इससे धन धान्य में वृद्धि होती है और कुंडली में चंद्र दोष होने पर मानसिक शांति मिलती है। व्रत करने वालों को अगले दिन स्नान दान अवश्य करना चाहिए तभी व्रत पूर्ण फलदायी माना जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा व्रत विधि प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें। संभव हो तो पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें। सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का संकल्प लें। घर में स्वच्छ स्थान पर लकड़ी की चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। तिलक पुष्प और वस्त्र अर्पित करें।  ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। भोग लगाकर पूर्णिमा व्रत कथा का पाठ करें और आरती करें। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्घ्य दें। इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करें। अगले दिन दान पुण्य अवश्य करें। विशेष मंत्र और महाउपाय फाल्गुन पूर्णिमा के दिन ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का 108 बार जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही जरूरतमंदों को अन्न वस्त्र या धन का दान करने से लक्ष्मी कृपा स्थायी होती है।यह दिन भक्ति श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। विधि विधान से श्री लक्ष्मीनारायण की आराधना करने पर जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

KARNI SENA HOLI MILAN SAMAROH: करणी सेना परिवार का होली मिलन समारोह: क्षत्राणी महिला इकाई ने रंगों संग मनाया उत्सव

HOLI MILAN SAMAROH

HIGHLIGHTS: निजी होटल में हुआ भव्य होली मिलन समारोह राजस्थानी फाग गीतों पर महिलाओं ने किया पारंपरिक नृत्य राधा-कृष्ण स्वरूप में कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति नव नियुक्त जिला अध्यक्ष अर्चना जादोन का सम्मान ग्वालियर संभाग की पदाधिकारियों की रही विशेष उपस्थिति KARNI SENA HOLI MILAN SAMAROH: गुना। करणी सेना परिवार की क्षत्राणी महिला इकाई द्वारा एक निजी होटल में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्वालियर संभाग, जिला और नगर की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर रंगोत्सव की शुभकामनाएं दीं और राजस्थानी पारंपरिक फाग गीतों पर जमकर नृत्य किया। NATIONAL HIGHWAY 719: भिंड में हाईवे-719 को सिक्सलेन बनाने की मांग तेज, 11 मार्च को पूर्व सैनिकों का अर्धनग्न प्रदर्शन दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राधा-कृष्ण के रूप में सजे कलाकारों की मनमोहक रासलीला रही। विभिन्न टीमों ने भी राजस्थानी गीतों पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, लोक देवता भीलट देव से समृद्धि की कामना नव नियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान इस अवसर पर संगठन की नव नियुक्त जिला अध्यक्ष अर्चना जादोन सहित अन्य पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। सभी सदस्यों ने उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इजराइल अमेरिका और ईरान तनाव पर पीएम Narendra Modi का बड़ा बयान, बोले हालात बेहद चिंताजनक मुख्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्वालियर संभाग अध्यक्ष प्रतीक्षा सिंह सिसोदिया और विशेष अतिथि संभाग प्रभारी नीतू सिंह पवार मौजूद रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष अंचाली राजपूत ने की। समारोह में रंग, उमंग और पारंपरिक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को दिखेगा ब्लड मून, जानिए ग्रहण से जुड़ी 15 जरूरी बातें

नई दिल्ली । 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। यह खगोलीय घटना इसलिए खास है क्योंकि इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। भारत में भी यह ग्रहण देखा जा सकेगा। आइए ग्रहण से जुड़े 15 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सरल भाषा में समझते हैं। चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 3 मार्च 2026 मंगलवार को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। भारत में ग्रहण का समय क्या रहेगा? भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। भारत में यह मुख्यतः चंद्रोदय के समय दिखाई देगा। क्या यह पूरे भारत में दिखेगा? हाँ, पूरे भारत में देखा जा सकेगा, लेकिन अधिकांश जगहों पर इसका अंतिम आंशिक चरण ही दिखाई देगा। पूर्वोत्तर राज्यों में दृश्य अधिक स्पष्ट रहेगा।सूतक काल कब से लगेगा? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है। यानी सुबह लगभग 6:20 बजे से सूतक मान्य होगा। ब्लड मून क्या होता है? पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुँचती, बल्कि पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर लाल प्रकाश चंद्रमा तक जाता है। इससे चंद्रमा तांबे या लाल रंग का दिखता है इसे ही ब्लड मून कहते हैं। क्या चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देख सकते हैं? हाँ, चंद्र ग्रहण को बिना किसी विशेष उपकरण के सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। क्या इसे देखने के लिए चश्मा जरूरी है?नहीं। सूर्य ग्रहण की तरह चंद्र ग्रहण देखने के लिए विशेष चश्मे की जरूरत नहीं होती। क्या गर्भवती महिलाओं को सावधानी रखनी चाहिए?वैज्ञानिक रूप से कोई हानिकारक प्रभाव सिद्ध नहीं है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।क्या ग्रहण के दौरान खाना खा सकते हैं?वैज्ञानिक दृष्टि से खाना खाने पर कोई रोक नहीं है। धार्मिक मान्यताओं में सूतक काल में भोजन न करने की परंपरा है। मंदिर कब बंद होंगे?अधिकांश मंदिर सूतक काल से ही बंद कर दिए जाते हैं और ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण के पश्चात खुलते हैं। क्या ग्रहण का असर राशियों पर पड़ता है?ज्योतिष के अनुसार कुछ राशियों पर प्रभाव बताया जाता है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसका कोई प्रमाण नहीं है। ग्रहण कितनी देर का होगा?कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी, लेकिन भारत में पूरा चरण दिखाई नहीं देगा। क्या यह साल का इकलौता चंद्र ग्रहण है?नहीं, 2026 में अन्य ग्रहण भी लग सकते हैं, लेकिन 3 मार्च का यह पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। ग्रहण क्यों लगता है?जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। यह घटना क्यों खास है?पूर्ण चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का लाल रंग में बदलना एक दुर्लभ और आकर्षक दृश्य होता है, जिसे देखने के लिए खगोल प्रेमी विशेष इंतजार करते हैं। 3 मार्च की शाम आसमान में दिखने वाला ब्लड मून विज्ञान और आस्था दोनों के लिए खास अनुभव होगा। यदि मौसम साफ रहा तो यह नजारा बेहद मनमोहक होगा।

डालर चने के दाम पर किसानों का गुस्सा, ट्रैक्टरों से हाईवे जाम

खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में डालर चने के कम दाम को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। किसानों ने बावड़ी बस स्टैंड के पास चित्तौड़गढ़-भुसावल राजमार्ग पर ट्रैक्टर खड़े कर रास्ता जाम कर दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि डालर चने का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। वर्तमान में 6 से 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी हो रही है, जबकि उनकी मांग है कि भाव कम से कम 10 से 12 हजार रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। किसानों के मुताबिक उत्पादन लागत, बीज, खाद और मजदूरी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए मौजूदा दर घाटे का सौदा साबित हो रही है। ट्रैक्टरों से रोका यातायात आक्रोशित किसानों ने अपने ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर हाईवे पूरी तरह जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। यात्री बसें, ट्रक और अन्य वाहन घंटों फंसे रहे। स्थिति की जानकारी मिलते ही एसडीएम वीरेंद्र कटारे और कर्नाटक टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की। बाद में किसानों और प्रशासन के बीच मंडी परिसर में बातचीत शुरू हुई। वाजिब दाम नहीं तो आंदोलन तेज होगा प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि डालर चने के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर समर्थन मूल्य बढ़ाना चाहिए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल प्रशासन किसानों से संवाद कर रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है। हालांकि किसानों के तेवर देखते हुए यह मुद्दा क्षेत्र में बड़ा आंदोलन बन सकता है।

मिडिल ईस्ट संकट का असर, दुबई एयरपोर्ट तीन दिन से बंद-3,000 से अधिक फ्लाइट रद्द

नई दिल्ली। सोमवार को दुनिया भर में हवाई यात्रा पर संकट जारी रहा। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद सैकड़ों उड़ानें रद्द की गईं, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हुए। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह तक 1,239 उड़ानें पहले ही रद्द हो चुकी थीं। शनिवार को लगभग 2,800 और रविवार को 3,156 उड़ानें रद्द हुई थीं। फ्लाइट रेडार 24 के अनुसार ईरान, इराक, कुवैत, इज़राइल, बहरीन, यूएई और कतर के ऊपर हवाई क्षेत्र लगभग खाली दिख रहा था। दुबई और खाड़ी के हवाई अड्डों पर सबसे बड़ा असर मध्य पूर्व के प्रमुख हवाई अड्डों को सबसे अधिक झटका लगा है। दुबई एयरपोर्ट तीसरे दिन भी बंद रहा। अबू धाबी और दोहा के एयरपोर्ट या तो पूरी तरह बंद रहे या सीमित सेवाओं के साथ ही संचालित हुए। एमिरेट्स ने दुबई से सभी निर्धारित उड़ानें निलंबित कर दीं, एतिहाद एयरवेज ने अबू धाबी के लिए सेवाएं रोक दीं, और कतर एयरवेज ने कतर के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ान संचालन स्थगित किया। इन तीनों एयरलाइंस ने मिलकर सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द कीं। भारत और एशिया पर असर संकट का असर भारत पर भी पड़ा। एयर इंडिया ने दिल्ली, मुंबई और अमृतसर से यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली कई उड़ानें रद्द कर दीं। यूरोप और एशिया तक कनेक्टिंग फ्लाइट्स बाधित होने से यात्री बाली से फ्रैंकफर्ट तक फंसे हुए हैं। रविवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 100 उड़ानें रद्द की गईं। अनिश्चितता और विमानन उद्योग पर दबाव विश्लेषकों का कहना है कि जैसे-जैसे संघर्ष लंबा खिंचेगा, विमानन उद्योग को वित्तीय नुकसान बढ़ता जाएगा। पायलट और क्रू अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं, जिससे हवाई क्षेत्र खुलने के बाद भी सेवाओं को तुरंत बहाल करना चुनौतीपूर्ण होगा। लेबनान तक संघर्ष फैलने और बेरूत में हवाई हमलों के कारण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बंद हवाई क्षेत्र में तब्दील हो गया। वैश्विक प्रभाव मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक टकराव, बंद हवाई क्षेत्र और बढ़ती अनिश्चितता ने वैश्विक हवाई यात्रा को फिर अस्थिर कर दिया है। यात्रियों और एयरलाइंस दोनों के लिए यह कोविड-19 महामारी के बाद का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इस संकट की लंबी अवधि में वैश्विक यात्रा की नियमितता पर गंभीर असर पड़ सकता है, और उद्योग को वित्तीय तथा परिचालन दोनों प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ेगा।