टी20 वर्ल्ड कप में फिसड्डी प्रदर्शन, पाक खिलाड़ियों पर गिरी गाज-भारी जुर्माना लगाया गया

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का अभियान उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा। टीम सुपर-8 चरण से आगे नहीं बढ़ सकी और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ मिली बड़ी हार ने टीम के आत्मविश्वास को झटका दिया, हालांकि छोटी टीमों को हराकर वह किसी तरह सुपर-8 तक पहुंची। सुपर-8 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच बारिश में धुल गया, इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और श्रीलंका पर 5 रन से जीत के बावजूद रन रेट के कारण टीम बाहर हो गई। 50-50 लाख का जुर्माना, पीसीबी सख्तपाकिस्तान के अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, Pakistan Cricket Board (पीसीबी) ने खिलाड़ियों पर 50-50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि बोर्ड की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारत से हार के बाद ही सख्त कार्रवाई का मन बना लिया गया था।बताया जा रहा है कि पीसीबी प्रमुख Mohsin Naqvi टीम के प्रदर्शन से बेहद नाराज हैं और बड़े फैसले लेने के मूड में हैं। कप्तानी और सीनियर खिलाड़ियों पर संकट?रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान आगा से टी20 कप्तानी छीनी जा सकती है। साथ ही Babar Azam, शादाब खान और अन्य सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि टीम में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हेड कोच Mike Hesson ने कथित तौर पर सुझाव दिया है कि अब टीम को युवाओं पर दांव लगाना चाहिए और आधुनिक टी20 क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक आक्रामक और फिट संयोजन तैयार करना चाहिए। आगे क्या? पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव की आहट साफ सुनाई दे रही है। खराब प्रदर्शन के बाद सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि टीम के ढांचे में भी बड़े फेरबदल संभव हैं। अब देखना होगा कि पीसीबी आधिकारिक रूप से क्या फैसला लेता है और क्या पाकिस्तान टीम नए चेहरे और नई रणनीति के साथ वापसी कर पाती है।
सपना चौधरी ने ‘द 50’ में किया खुलासा, 35 केस और हथियारों से भरे शो में डरावना अनुभव, मां के साथ जिंदा बचीं

नई दिल्ली। बॉलीवुड और हराियाणवी इंडस्ट्री की डांस क्वीन सपना चौधरी ने हाल ही में रिएलिटी शो ‘द 50’ में अपने करियर और निजी जिंदगी से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा किया। सपना ने बताया कि उनके खिलाफ लगभग 35 केस दर्ज हैं और भारत के कई शहरों में उन्हें परफॉर्म करने से बैन किया गया है। उन्होंने कहा कि साल 2018 के बाद उनका करियर बिग बॉस के जरिए बदलना शुरू हुआ, लेकिन पहले उनके इवेंट्स में असुरक्षा और अराजकता होती थी। कुर्सियां फेंकी जाती थीं, झगड़े होते थे और भगदड़ मचती थी। यही कारण है कि उनके खिलाफ इतने केस दर्ज हुए और कुछ जगहों पर उनके नाम से शो की परमिशन नहीं दी जाती। सपना ने अपने शुरुआती दिनों की स्ट्रगल की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि घर में पैसों की कमी थी और वह अपनी मां के साथ प्रार्थना कर रही थीं कि कोई शो ऑफर हो जाए। अचानक देर रात उनका फोन बजा। फोन करने वाले ने पूछा कि क्या वह उनके लिए शो करेंगी। सपना ने बिना किसी सवाल के तुरंत हां कह दी, यह भी नहीं पूछा कि शो कैसा है, कहां हो रहा है या उन्हें क्या करना होगा। जैसे ही वे शो के वेन्यू पर पहुंचीं, उन्होंने देखा कि सामने 25-26 टेबल लगी हुई थीं और हर टेबल पर खुलेआम हथियार रखे हुए थे। सपना ने कहा कि वहां के लोग ऐसा लग रहे थे जैसे अभी-अभी जेल से छूटे हों और जश्न मना रहे हों। पहले उन्होंने सोलो गाना गाया और फिर डुएट गाना शुरू किया। सोलो परफॉर्मेंस के दौरान उनमें से एक व्यक्ति बार-बार उनके पास आता और कान में कुछ फुसफुसाता। उनकी मां ने पूछा कि वह क्या कह रहा है, लेकिन इतना शोर था कि सपना कुछ समझ नहीं पाईं। वहां कम से कम 50-55 लोग मौजूद थे। सपना ने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा कि प्लीज हमें जाने दो। लेकिन लोगों ने उनकी मां से कहा कि डांस खत्म करो, पैसे मिल गए हैं, और तभी आप जा सकते हैं। सपना स्टेज पर लौटीं और डांस करने लगीं। तभी वही आदमी पीछे से आया, उनके गाल पर किस किया और चला गया। सपना ने डांस रोक दिया और बैकस्टेज चली गईं। उनकी मां ने कहा कि किसी की बेटी या बहन को इस तरह बुलाया जाता है और फिर ऐसा बर्ताव किया जाता है। सपना और उनकी मां ने डरते हुए धीरे-धीरे गेट की ओर बढ़ना शुरू किया। सपना ने बताया कि वे गोली चलाने वालों से घबरा रही थीं, लेकिन मां ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें बाहर ले लिया। आखिरकार, दोनों सुरक्षित गाड़ी में बैठीं और राहत की सांस ली। सपना ने यह अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह घटना बेहद खतरनाक थी और आज भी याद करके कांप उठती हैं। सपना चौधरी ने यह खुलासा न केवल अपने फैंस के लिए किया, बल्कि यह भी दिखाया कि उनके करियर की सफलता के पीछे कितनी हिम्मत, संघर्ष और जोखिम शामिल हैं। बिग बॉस के बाद उनके करियर में सकारात्मक बदलाव आए, लेकिन शुरुआती दौर की यह खतरनाक घटना दर्शाती है कि सपनों की उड़ान में कितनी चुनौतियां होती हैं।
देश में सबसे पहले होलिका दहन महाकाल मंदिर में, वैदिक मंत्रो के साथ जलेगी होली; आरती का समय बदलेगा

उज्जैन । देश में होली का पर्व इस बार महाकालेश्वर मंदिर में सबसे पहले मनाया जाएगा। सोमवार को होने वाले इस पर्व में परंपरा अनुसार भगवान महाकाल को केवल एक किलो हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान पुजारी भगवान को गुलाल अर्पित करेंगे जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर परिसर में गोबर के उपलों से बनी होलिका का दहन किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इस बार भी आम श्रद्धालुओं को होलिका दहन स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रशासन ने पूर्व में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए विशेष सावधानी बरती है। होलिका दहन के दौरान संभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। धुलेंड़ी पर विशेष शृंगार और भस्म आरती महाकाल मंदिर में धुलेंड़ी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान का भांग और चंदन से विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा के अनुसार महाकाल मंदिर में सबसे पहले होली मनाने की यह प्राचीन परंपरा है जिसमें भगवान को प्रतीकात्मक रूप से गुलाल अर्पित किया जाता है। आरती के समय में बदलाव महाकाल मंदिर में साल में दो बार भगवान की दिनचर्या में बदलाव होता है। कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से ठंड के अनुसार आरती का समय तय होता है जबकि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से गर्मी के अनुसार आरती का समय बदला जाता है। इस बार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 3 मार्च होली के दूसरे दिन से भगवान महाकाल की दिनचर्या में बदलाव आएगा। इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। भगवान महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। ठंडे जल से स्नान का क्रम शरद पूर्णिमा तक रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय भी बदल जाएगा।
इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष गहराया, लेबनान तक फैल रहा तनाव

तेहरान। इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब और अधिक भीषण होता जा रहा है। ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की खबरें सामने आई हैं, जिनमें शीर्ष सैन्य अधिकारियों, सैनिकों और आम नागरिकों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। लेबनान तक फैलता संघर्ष तनाव अब पड़ोसी लेबनान तक फैल गया है। ईरान के समर्थन में माने जाने वाले संगठन हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद इजरायल ने उत्तरी मोर्चे पर जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर गोलाबारी शुरू कर दी। मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के शहर तेल अवीव के पास मिसाइल गिरने और यरूशलम पर भी हमले की कोशिश की गई। इसके अलावा वेस्ट बैंक के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की बात कही गई। इन हमलों को पहले ईरान की सीधी प्रतिक्रिया माना जा रहा था, लेकिन बाद में हिज्बुल्लाह ने जिम्मेदारी ली। इजरायल का सैन्य अभियान इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने बताया कि उसने पहले से तैयार सैन्य योजना के तहत कार्रवाई शुरू की है। इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह, ईरानी नेतृत्व के निर्देश पर उसके नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है। अमेरिका का कड़ा रुख इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता, तब तक अभियान जारी रहेगा। उनका कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को समाप्त करना और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर बढ़ी चिंता लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से पूरे मध्य पूर्व में व्यापक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि यदि तनाव नहीं थमा तो यह संघर्ष बहु-देशीय युद्ध का रूप ले सकता है।
नेतन्याहू ने IDF को तेहरान पर हमले और तेज करने का आदेश दिया

तेल अवीव। इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा संकेत देते हुए सेना को ईरान के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। यह घोषणा उन्होंने रक्षा मुख्यालय ‘किर्या’ में उच्चस्तरीय बैठक के बाद की। बैठक में रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज, सेना प्रमुख इयाल जमीर और खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्नेया शामिल थे। इसके बाद नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना ईरान के खिलाफ अपने ऑपरेशन को और व्यापक रूप देगी। तेहरान पर लगातार हमलों का दावा इजरायल ने कहा कि उसकी सेना Israel Defense Forces पहले से ही तेहरान को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में यह और तेज होगी। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल अपने सुरक्षा लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता। खामेनेई की मौत के बाद भड़का तनाव यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया जिसमें संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबरों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद ईरान ने हमलों को “अवैध कार्रवाई” बताते हुए जवाबी मिसाइल हमले शुरू किए। इजरायल में नागरिक हताहत नेतन्याहू ने बताया कि ईरानी हमलों में इजरायल के कई नागरिकों की मौत हुई। तेल अवीव में एक महिला की जान गई, जबकि बेत शेमेश में नौ लोगों के मारे जाने की सूचना है। उन्होंने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ‘पूरी ताकत से जारी रहेगा अभियान’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल की पूरी सैन्य क्षमता लगाई गई है और इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी मिल रहा है, जिसमें अमेरिका का सहयोग शामिल बताया गया है। उनके अनुसार यह अभियान लंबे समय से घोषित सुरक्षा नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य देश को भविष्य के खतरों से सुरक्षित करना है।
एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव तेज

नई दिल्ली। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव तेजी से बढ़ गया है। पाकिस्तान द्वारा कथित तौर पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई एयरस्ट्राइक के बाद अब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है। पिछले करीब 48 घंटों से जारी छिटपुट गोलीबारी अब भारी हथियारों के इस्तेमाल तक पहुंच गई है। तालिबान का जवाबी कार्रवाई का दावा तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि नागरिकों की मौत के जवाब में अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और ठिकानों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, कार्रवाई में मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर, टैंक, आर्टिलरी और मोर्टार जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया। 15 चौकियों पर कब्जे का दावा तालिबान प्रवक्ता ने दावा किया कि नंगरहार-खैबर और कुनार-बाजौर सीमाई इलाकों में हमले कर पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है। बताया गया कि नंगरहार सीमा के पास दो, गोश्ता क्षेत्र के आसपास तीन और कुनार सीमा पर दो चौकियों पर अफगान बलों की मौजूदगी है। हालांकि इन दावों की पाकिस्तान की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 22 फरवरी की एयरस्ट्राइक से बढ़ा विवाद तनाव की शुरुआत 22 फरवरी को हुई, जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पक्तिका के बेरमल और अर्गुन क्षेत्रों में हवाई हमले किए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में एक ही परिवार के 16 नागरिकों की मौत हुई। पाकिस्तान का कहना था कि कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई, जबकि तालिबान प्रशासन ने इसे नागरिकों पर हमला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता दोनों देशों के बीच सीमा पार गतिविधियों और उग्रवादी संगठनों को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। मौजूदा सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो यह संघर्ष व्यापक रूप ले सकता है।
बेटी दुआ के साथ जिंदगी का नया चैप्टर, दीपिका पादुकोण ने किया दिल छू लेने वाला खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड की प्रिय अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण फेज का अनुभव कर रही हैं। 8 सितंबर 2024 को उन्होंने अपनी बेटी ‘दुआ’ को जन्म दिया था और तभी से अपने काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने की पूरी कोशिश कर रही हैं। हाल ही में उनकी एक इंस्टाग्राम स्टोरी ने फैंस को इमोशनल कर दिया और यह दिखाया कि एक मां के जीवन में प्रेम और सैक्रिफाइज का संतुलन कितना जटिल होता है। दीपिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी ‘टॉक्सिक ट्रेट’ के बारे में बताया। नोट में लिखा था, “मेरा टॉक्सिक ट्रेट यह है कि मैं अपने बच्चे से इतना प्यार करती हूं कि मैं नहीं चाहती कि उसे कोई और देखे। मुझे ब्रेक की सख्त जरूरत है, लेकिन मैं उसके बिना रह भी नहीं सकती। मुझे 24 घंटे का सन्नाटा चाहिए, लेकिन साथ ही मुझे 24 घंटे बच्चे के साथ भी रहना है।” इस पोस्ट के जरिए दीपिका ने यह साफ कर दिया कि मां बनना केवल खुशी ही नहीं बल्कि लगातार निर्णय और आत्म-बलिदान से भरा अनुभव है। बेटी दुआ के जन्म के बाद दीपिका ने अपने काम के घंटों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्मों ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के मेकर्स से केवल 8 घंटे की शिफ्ट में काम करने की मांग की। हालांकि समय को लेकर हुए मतभेद के कारण दीपिका इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स से बाहर हो गईं। फिल्म ‘स्पिरिट’ में अब उनकी जगह तृप्ति डिमरी ने ले ली है, जबकि ‘कल्कि 2’ में उनकी जगह साई पल्लवी के आने की चर्चा है। हालांकि फिल्मों से थोड़े समय के लिए दूरी बनाने के बावजूद, दीपिका के पास बड़े प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं है। वह जल्द ही शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगी, जो 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में सुहाना खान, रानी मुखर्जी और अभिषेक बच्चन जैसे कई बड़े कलाकार भी शामिल हैं। साथ ही, दीपिका साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के साथ एक बड़े बजट की फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका निर्देशन एटली कर रहे हैं। यह वही निर्देशक हैं जिनके साथ दीपिका ने फिल्म ‘जवान’ में काम किया था, और उनके काम की खूब सराहना हुई थी। दीपिका पादुकोण का यह खुलासा मां बनने की जटिलताओं और फिल्मों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने साफ किया कि उनके लिए बेटी के साथ समय बिताना कितना महत्वपूर्ण है, और इसी वजह से उन्होंने अपने काम में सीमाएं तय की हैं। फैंस इस इमोशनल पोस्ट को बेहद रिलेटेबल मान रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसे शेयर कर उनकी भावना से सहमति जता रहे हैं। यह पोस्ट यह भी दिखाता है कि बड़े स्टार्स भी अपनी निजी जिंदगी और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं। दीपिका ने अपने फैंस को यह संदेश दिया कि मां बनना खुशी के साथ-साथ चुनौतियों और सैक्रिफाइज का अनुभव भी है।
फ्लाइट रद्द होने पर यात्रियों का UAE सरकार उठाएगी ठहरने-खाने का पूरा खर्च

दुबई। संयुक्त अरब अमीरातकी सरकार और General Civil Aviation Authority (GCAA) ने यात्रियों के हक में एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। क्षेत्र में चल रहे तनाव और एयरस्पेस बंद होने की वजह से जिनकी भी फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, उनके रहने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम अब सरकार की तरफ से किया जाएगा। बता दें कि क्षेत्रीय तनाव और एयरस्पेस बंद होने से प्रभावित हवाई यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने विशेष सहायता योजना लागू की है। इस फैसले के तहत जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उनके रहने, खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। यह व्यवस्था 1 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। यह निर्णय General Civil Aviation Authority (GCAA) के साथ समन्वय में लिया गया है, ताकि एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को असुविधा न हो और यात्रा व्यवस्था सुचारु बनी रहे। ट्रांजिट यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत नई व्यवस्था विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मददगार साबित हो रही है जो दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हब पर ट्रांजिट के दौरान फंस गए थे। अब उन्हें होटल, भोजन और आवश्यक सेवाओं के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा। अब तक हजारों यात्रियों को मिली सुविधा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लगभग 20,200 यात्रियों को होटल आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सहायता प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए एयरपोर्ट-स्तर पर विशेष प्रबंधन किया गया है। वीज़ा ओवरस्टे पर भी राहत के संकेत जिन यात्रियों का वीज़ा इस दौरान समाप्त हो रहा है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ओवरस्टे को दंडात्मक कार्रवाई से छूट दी जा सकती है। यात्रियों को केवल अपना मूल बोर्डिंग पास सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। यात्रियों के लिए जारी की गई एडवाइजरी बिना कन्फर्म टिकट के एयरपोर्ट न पहुंचें। उड़ान की स्थिति पहले ऑनलाइन जांचें। जरूरत पड़ने पर संबंधित एयरलाइन के कस्टमर केयर से संपर्क करें। टर्मिनल पर भीड़ कम रखने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करें। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आपात स्थिति में फंसे यात्रियों को राहत देना, एयरपोर्ट संचालन को व्यवस्थित बनाए रखना और मानवीय सहायता सुनिश्चित करना है।
फार्मा सेक्टर को बूस्ट! FY28 तक भारत का API बाजार 5–7% बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली। भारतीय एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट (API) उद्योग को लेकर ताजा रिपोर्ट में सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी CARE Ratings के अनुसार, वर्तमान में 15-16 अरब डॉलर के आकार वाला भारत का एपीआई बाजार वित्त वर्ष 27 और 28 तक 5-7 प्रतिशत की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है। यह वृद्धि सरकारी प्रोत्साहन, संरचनात्मक बदलाव और बढ़ती घरेलू व वैश्विक मांग के दम पर संभव मानी जा रही है। बेसिक से कॉम्प्लेक्स एपीआई की ओर बढ़ता कदमरिपोर्ट के मुताबिक भारतीय फार्मा कंपनियां अब कम मार्जिन वाले बेसिक एपीआई से हटकर जटिल और हाई-पोटेंसी एपीआई की ओर रुख कर रही हैं। इसका मकसद है-कीमतों में गिरावट के दबाव को कम करना, मुनाफा बढ़ाना और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत करना। विनियमित बाजारों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारतीय कंपनियों की पैठ लगातार गहरी हो रही है, जिससे निर्यात अवसर भी बढ़ रहे हैं। चीन पर निर्भरता चिंता, लेकिन सुधार के संकेत रिपोर्ट में प्रमुख कच्चे माल के लिए चीन पर आयात निर्भरता को अभी भी जोखिम माना गया है। हालांकि सरकार की उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन (PLI) योजना और बल्क ड्रग पार्क पहल से हालात में सुधार के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार 30 से अधिक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई कंपनियों ने नई उत्पादन क्षमताएं शुरू कर दी हैं। बल्क ड्रग पार्क से बदलेगा परिदृश्य सरकार समर्थित बल्क ड्रग पार्क परियोजनाएं एपीआई निवेश के अगले चरण को दिशा दे रही हैं। आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में 20 से 40 अरब रुपये की लागत वाली बड़ी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। करीब 80 प्रतिशत चल रही परियोजनाएं इसी पहल से जुड़ी बताई गई हैं। दीर्घकालीन मांग के मजबूत आधार रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले वर्षों में उम्रदराज आबादी की बढ़ती संख्या, स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच, बीमा कवरेज का विस्तार और पुरानी बीमारियों में वृद्धि से दवाओं की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा पेटेंट समाप्ति और उभरते बाजारों में विस्तार भी भारतीय एपीआई उद्योग के लिए अवसर पैदा करेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जटिल एपीआई परियोजनाओं का पूर्ण व्यावसायीकरण होने और बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू होने में अभी 2–4 वर्ष लग सकते हैं। लेकिन संकेत साफ हैं भारतीय एपीआई उद्योग धीरे-धीरे वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।
होली से पहले दिल्ली की महिलाओं और बेटियों को बड़ा तोहफा, राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने लॉन्च की चार नई योजनाएं

नई दिल्ली । होली से पहले दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दिल्ली सरकार की ओर से महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए चार महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। इसे नारी शक्ति को समर्पित एक बड़ा उपहार माना जा रहा है। इस अवसर पर 40,642 बालिकाओं को लगभग 100 करोड़ रुपये की डीबीटी सहायता प्रदान की गई। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने, उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण में भी यह कदम अहम माना जा रहा है। नई योजनाओं का विवरण सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड: महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए मुफ्त बस यात्रा की शुरुआत। यह कार्ड डीटीसी बस, मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन में उपयोगी होगा।मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना: होली पर महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए लगभग 15.50 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 129 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। दिल्ली लखपति बिटिया योजना: पुरानी लाडली योजना की तुलना में व्यापक और प्रभावी। इसमें बेटियों के लिए कुल 56,000 रुपये विभिन्न चरणों में जमा किए जाएंगे, जो 21 वर्ष की आयु तक ब्याज समेत 1 लाख रुपये से अधिक बन जाएंगे। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।महिला सशक्तिकरण और कल्याण कार्यक्रम: बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनकी शिक्षा और भविष्य को मजबूत करना, और समाज में उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।पुरानी लाडली योजना से क्या अंतर नई दिल्ली लखपति बिटिया योजना में शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा पर अधिक जोर दिया गया है। पहले जन्म और पढ़ाई के अलग-अलग चरणों पर सीमित राशि जमा होती थी, जबकि अब यह अधिक मजबूत वित्तीय आधार प्रदान करती है।मुफ्त LPG सिलेंडर और पिंक मोबिलिटी कार्ड मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना से लाखों परिवारों को महंगाई में राहत मिलेगी। पिंक मोबिलिटी कार्ड महिलाओं की यात्रा को और सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाएगा। इससे अलग-अलग टिकट या पास की जरूरत कम होगी और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुविधा बढ़ेगी।यह पहल न केवल महिलाओं और बेटियों के कल्याण को मजबूत करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज में समान अवसर देने की दिशा में भी अहम साबित होगी।