पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भीषण झड़पें, अफगान सेना ने 8 पाकिस्तानी चौकियों पर किया कब्जा

काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर फिर से संघर्ष भड़क गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने सीमा पार करके पाकिस्तान में हमला किया और कई मिलिट्री पोस्टों पर कब्जा कर लिया। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात कंधार और जाबुल प्रांतों में डूरंड लाइन पार कर अफगान सेना ने कार्रवाई की। मंत्रालय के डेप्युटी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नुसरत ने बताया कि अब तक अफगान सेना ने 8 पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्टों पर कब्जा कर लिया है। झड़पों में हुए नुकसानसूत्रों के अनुसार, कंधार में पांच, खोस्त में दो और जाबुल में एक पोस्ट पर कब्जा किया गया। कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में अफगान सैनिकों ने तीन पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्ट पर कब्जा किया। इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि एक को जिंदा पकड़ लिया गया। अफगान सैन्य सूत्रों ने बताया कि तालिबान के शासन वाली सेना ने पाकिस्तान का एक और ड्रोन मार गिराया। यह जाबुल प्रांत के शामुलजई जिले में उस समय गिराया गया जब ड्रोन लक्ष्य पर हमला करने जा रहा था। सोमवार को कंधार में एक और ड्रोन मार गिराया गया, यानी सोमवार को अफगान सेना ने कुल चार पाकिस्तानी ड्रोन नष्ट किए। पाकिस्तानी मिलिट्री बेस पर एयर स्ट्राइकतालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पहले ही सोमवार को बताया था कि उसने पाकिस्तान के कई अहम मिलिट्री बेस पर हमले किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई काबुल और अन्य क्षेत्रों पर पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों के जवाब में की गई। अफगान एयर फोर्स ने रावलपिंडी, बलूचिस्तान के क्वेटा, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य जगहों पर मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। इस हमले में पाकिस्तानी सैन्य अड्डों को काफी नुकसान हुआ। सोमवार सुबह अफगान रक्षा बलों ने पक्तिका प्रांत में अंगूर अडा बेस के सामने पाकिस्तान के एक आर्मर्ड टैंक को नष्ट कर दिया। झड़पें केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहीं। अफगान रक्षा बलों ने अंगूर अडा इलाके में पाकिस्तान की सेना के खिलाफ जवाबी हमले भी किए। जवाबी हमलों का असरअफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन ऑपरेशनों के चलते पाकिस्तानी सेना को कई जगहों पर पीछे हटना पड़ा। तालिबान की सेना के जवाबी हमले शुरू होने के बाद से 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि अफगान बलों ने 30 से ज्यादा चौकियों पर कब्जा कर लिया है। यह स्थिति सीमा पर तनाव को और बढ़ा रही है और दोनों देशों के बीच लड़ाई अब व्यापक पैमाने पर दिखाई दे रही है।
Iran-Israel War: कतर में फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, एयरस्पेस बंद और एयरपोर्ट न जाएं

नई दिल्ली। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान बौखला गया है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कुवैत, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन तक ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के अलावा सिविलियन जगहों पर भी मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं। इस कारण खाड़ी देशों में ज्यादातर देशों ने अपने हवाई ऑपरेशंस पर फिलहाल रोक लगा दी है। ऐसे समय बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में फंस गए हैं। इसी बीच कतर में स्थित भारतीय दूतावास ने कतर में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि इजरायल-ईरान जंग के बीच भारतीय नागरिक किन दिशा-निर्देशों का पालन करें। बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलेंकतर के दोहा में भारतीय दूतावास ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि भारतीय समुदाय से अनुरोध है कि वे कतर के अधिकारियों द्वारा ऑफिशियल चैनलों से जारी की गई खबरों और गाइडलाइंस को ध्यानपूर्वक फॉलो करें। निवासियों से कहा गया है कि वे केवल वेरिफाइड और ऑफिशियल जानकारी पर भरोसा करें और केवल बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। सभी भारतीय नागरिकों से सख्ती से निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है। कब शुरू होगा फ्लाइट ऑपरेशनभारतीय दूतावास ने बताया कि कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी ने पुष्टि की है कि कतर का एयरस्पेस फिलहाल बंद है। इसी कारण हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट ऑपरेशन रोक दिए गए हैं। एयरस्पेस को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने की घोषणा के बाद ही फ्लाइट संचालन फिर से शुरू होंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पर न जाएं और लेटेस्ट अपडेट के लिए अपनी एयरलाइन से लगातार संपर्क बनाए रखें। इस एडवाइजरी के माध्यम से कतर में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रहने और केवल आधिकारिक चैनलों से जानकारी लेने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी तरह की अफवाह या गलत सूचना का असर न पड़े।
IND vs ENG T20 World Cup: 41 साल पुराना संयोग, जो टीम इंडिया को फाइनल में दे सकता है तीसरी ट्रॉफी

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में 5 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले को सिर्फ फाइनल में जगह बनाने की लड़ाई ही नहीं, बल्कि एक 41 साल पुराने ‘अजब-गजब’ संयोग की कहानी भी जोड़ रही है। इतिहास कहता है कि जब भी टीम इंडिया ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया है, तब वह टूर्नामेंट का खिताब जीतती रही है। बता दें कि 8 मार्च को मुकाबले का फाइनल मैच खेला जाएगा। 5वीं भिड़ंत और तीसरी ट्रॉफी का मौकाआईसीसी टूर्नामेंट्स के रिकॉर्ड के अनुसार, भारत और इंग्लैंड अब तक चार बार सेमीफाइनल में भिड़ चुके हैं। 2-2 के परिणाम के साथ 5वीं भिड़ंत तय करेगी कि कौन आगे बढ़ेगा। अगर टीम इंडिया इस बार जीतती है, तो यह उसका तीसरा खिताब होगा। इसका आधार यही है कि भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 1983 और 2024 के सेमीफाइनल में जीत दर्ज की और दोनों बार टूर्नामेंट जीतने में सफल रहा। भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल का ऐतिहासिक रिकार्डपहला सेमीफाइनल (1983 वनडे वर्ल्ड कप): कपिल देव की कप्तानी में ‘अंडरडॉग’ भारत ने मेजबान इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया। इंग्लैंड 213 रन पर ऑलआउट हुई, जबकि भारत ने 217 रन बनाकर जीत दर्ज की। दूसरा सेमीफाइनल (1987 वनडे वर्ल्ड कप): इंग्लैंड ने भारत को 254 रन बनाकर रोक दिया और भारत 219 रनों पर आउट हो गई। ग्राहम गूच ने 136 रनों की पारी खेली। यह मैच सुनील गावस्कर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच भी था। तीसरा सेमीफाइनल (2022 टी20 वर्ल्ड कप): इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से करारी हार दी। भारत ने 168 रन बनाए, लेकिन जोस बटलर और एलेक्स हेल्स की साझेदारी ने लक्ष्य सिर्फ 16 ओवर में पूरा कर दिया। चौथा सेमीफाइनल (2024 टी20 वर्ल्ड कप): टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 68 रनों से हराया। भारत ने 171 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड 103 रन पर ऑलआउट हुई। रोहित शर्मा ने 57 रन बनाए और कुलदीप यादव तथा अक्षर पटेल ने 3-3 विकेट लिए। क्या इतिहास फिर से दोहराया जाएगा?अगर टीम इंडिया इस बार इंग्लैंड को हराती है, तो 41 साल पुराने संयोग को सही ठहराते हुए तीसरी ट्रॉफी भी उसके नाम दर्ज हो जाएगी। इस बार का मुकाबला केवल फाइनल के टिकट की नहीं, बल्कि टीम इंडिया की जीत की परंपरा और इतिहास दोहराने की चुनौती भी लेकर आया है।
धरती की समृद्धि का उत्सव! पीएम मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस पर रखा पर्यावरण संरक्षण पर जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए संदेश में कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारे ग्रह को समृद्ध करने वाली अद्भुत जैव विविधता का उत्सव मनाने का अवसर है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पित व्यक्तियों के योगदान की सराहना की और कहा कि हमें वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि हमारा वन्य जीवन फलता-फूलता रहे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: संरक्षण हमारा संवैधानिक दायित्वलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने भारत में वन और वन्यजीव संरक्षण की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में रामसर आर्द्रभूमियों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है। बिरला ने वन्यजीवों की रक्षा को कानूनी और नैतिक दायित्व बताते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प साझा किया। जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: सतत विकास और तालमेलजम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस पर हमें वन्य जीवन बचाने, इकोसिस्टम की रक्षा करने और इंसानी तरक्की तथा प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। केंद्रीय मंत्रियों के संदेशकेंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस मनाते हुए हमें अपनी जैव विविधता को खतरों से बचाने और पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जंगलों से लेकर समुद्रों तक, हर प्रजाति प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। वन्यजीवों की रक्षा करना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा फर्ज है। विश्व वन्यजीव दिवस केवल जश्न का दिन नहीं, बल्कि जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का अवसर है। भारत में नेतृत्वकर्ता और नागरिक मिलकर वन्य जीवन, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प ले रहे हैं। यह दिन हर व्यक्ति को याद दिलाता है कि पृथ्वी की समृद्धि और संतुलन बनाए रखना हमारा साझा दायित्व है।
खाली पेट शराब पीना क्यों बन सकता है जानलेवा खतरा लिवर स्पेशलिस्ट की सख्त चेतावनी

नई दिल्ली :शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है लेकिन जब इसे खाली पेट पिया जाता है तो इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अक्सर लोग पार्टियों या त्योहारों के दौरान बिना कुछ खाए ही शराब पीना शुरू कर देते हैं और यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार खाली पेट शराब शरीर में बहुत तेजी से असर दिखाती है और यह तेजी ही सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। नई दिल्ली स्थित एक गैस्ट्रो और लिवर विभाग के डॉ .के अनुसार जब पेट में भोजन नहीं होता तब शराब पेट में ठहरने के बजाय सीधे छोटी आंत में पहुंच जाती है। छोटी आंत शराब को बेहद तेजी से अवशोषित कर लेती है और वह तुरंत रक्त प्रवाह में मिल जाती है। इससे ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यही वजह है कि खाली पेट शराब पीने वाला व्यक्ति जल्दी नशे में आ जाता है उसका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है उसे चक्कर आ सकते हैं और कई मामलों में बेहोशी तक हो सकती है। खाली पेट शराब पीने का सबसे बड़ा असर लिवर पर पड़ता है। लिवर का मुख्य कार्य खून में मौजूद विषैले तत्वों को फिल्टर करना है। जब शराब तेजी से अवशोषित होकर लिवर तक पहुंचती है तो उसे कम समय में अधिक मात्रा में अल्कोहल को प्रोसेस करना पड़ता है। इससे लिवर पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर फैटी लिवर हेपेटाइटिस और लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की परत न होने पर शराब की तीव्रता लिवर कोशिकाओं को सीधे नुकसान पहुंचा सकती है। सिर्फ लिवर ही नहीं बल्कि पेट भी इससे बुरी तरह प्रभावित होता है। शराब की अम्लीय प्रकृति पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती है। जब पेट खाली होता है तो शराब और पाचक अम्ल मिलकर गैस्ट्राइटिस अल्सर और तेज जलन का कारण बन सकते हैं। कई लोगों को उल्टी मतली और पेट दर्द की शिकायत होने लगती है। यदि यह आदत लंबे समय तक जारी रहे तो पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है और शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण भी प्रभावित हो सकता है। खाली पेट शराब का असर दिमाग पर भी तेजी से होता है। ब्लड में अल्कोहल की मात्रा अचानक बढ़ने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और ब्लैकआउट जैसी स्थिति भी बन सकती है। पोषक तत्वों की कमी के कारण नर्वस सिस्टम पर इसका प्रभाव और ज्यादा गहरा होता है जिससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों की साफ सलाह है कि यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता भी है तो उसे पहले पर्याप्त भोजन करना चाहिए और साथ में पर्याप्त पानी पीना चाहिए। इससे शराब का अवशोषण धीमा होता है और शरीर पर अचानक पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। खाली पेट शराब पीना शरीर के साथ गंभीर खिलवाड़ है जिसके परिणाम लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं।