भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, स्टाइपेंड बढ़ोतरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन जूडा ने राजधानी में मार्च निकालकर अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। जूडा के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अन्य डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा दिया है लेकिन जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में कोई वृद्धि नहीं की गई। अधिकारियों की तरफ से अब तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है जिसके चलते जूडा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि एमपी के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने और काम करने वाले डॉक्टर्स लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ोतरी और लंबित भुगतान के इंतजार में हैं। जूडा ने बताया कि प्रदेश सरकार के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से CPE आधारित स्टाइपेंड बढ़ोतरी और लंबित एरियर का भुगतान होना था लेकिन यह अब तक लागू नहीं हुआ है। डॉक्टरों का मानना है कि यह सिर्फ आर्थिक मसला नहीं है बल्कि उनके मानसिक और पेशेवर मनोबल पर भी असर डाल रहा है। जूडा ने अपनी विरोध की रणनीति चरणबद्ध तरीके से तैयार की है। सबसे पहले डॉक्टर काली पट्टी बांधकर अपनी नाराजगी जताएंगे इसके बाद मार्च निकाला गया। यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो जूनियर डॉक्टर नॉन-इमरजेंसी सेवाओं जैसे कि OPD रूटीन चेकअप आदि का बहिष्कार करेंगे। जूडा ने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी लेकिन अन्य सेवाओं में रुकावट आने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि स्टाइपेंड बढ़ोतरी और लंबित एरियर का भुगतान उनके लिए बेहद जरूरी है। इसके बिना न केवल उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है बल्कि काम के प्रति मनोबल और पेशेवर जिम्मेदारी निभाने की क्षमता पर भी असर पड़ता है। डॉक्टरों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लें और शीघ्र कार्रवाई करें। इस प्रदर्शन में जूनियर डॉक्टरों के साथ मेडिकल कॉलेज के अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता की। जूडा का कहना है कि यह आंदोलन केवल अपनी मांगों तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र में कर्मचारियों के हक और सम्मान की लड़ाई भी है। प्रदर्शन के दौरान जूडा ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो सोमवार से वे नॉन-इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार शुरू करेंगे। यह आंदोलन भोपाल के कई अस्पतालों में मरीजों और आम जनता के लिए चुनौती बन सकता है। जूडा का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल आर्थिक न्याय हासिल करना है और इसके लिए वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं।
धुरंधर का बॉक्स ऑफिस तूफान: बजट से कितने गुना कमाई, और अब धुरंधर 2 का मिशन

नई दिल्ली.:स्पाई-एक्शन फिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के बाद जिस तरह धमाका किया, वह आज भी चर्चा में है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और आर. माधवन जैसे बड़े कलाकार नजर आए। हाई-स्टेक काउंटर-टेररिज्म मिशन पर आधारित यह फिल्म दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स पाई और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। धुरंधर का भारत में लाइफटाइम कलेक्शन:फिल्म ने पहले दिन ही लगभग 28 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली। पहले वीकेंड तक कमाई 100 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई। पहले हफ्ते में 207.25 करोड़ रुपये, दूसरे हफ्ते में 253.25 करोड़ रुपये और तीसरे हफ्ते में 172 करोड़ रुपये की कमाई हुई। चौथे हफ्ते में 106.5 करोड़ रुपये और अगले हफ्तों में क्रमशः 51.25, 26.35, 13.9, 5.35, 1.75, 0.72 और ग्यारहवें हफ्ते में 0.18 करोड़ रुपये की कमाई रही। कुल मिलाकर 11 हफ्तों में भारत में फिल्म ने लगभग 838.5 करोड़ रुपये नेट कमाए। धुरंधर का वर्ल्डवाइड कलेक्शन और बजट:तीन हफ्तों के भीतर फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 1,349–1,428 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर लिया। बड़े स्टारकास्ट, इंटरनेशनल लोकेशंस और भव्य एक्शन सीक्वेंस के कारण फिल्म का बजट 250 करोड़ रुपये से अधिक था।विवाद और सेंसर की चुनौतियां:धुरंधर की कहानी एक भारतीय अंडरकवर एजेंट के मिशन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें कराची में आतंकी नेटवर्क को खत्म करने का मिशन दिखाया गया। फिल्म में कई वास्तविक घटनाओं से प्रेरणा ली गई, जैसे 1999 का IC-814 विमान अपहरण और 2008 के मुंबई हमले। इसी वजह से कुछ विवाद भी उठे और कुछ देशों में फिल्म की रिलीज पर रोक भी लगी। धुरंधर 2 की तैयारी:पहली फिल्म के अंत में ही सीक्वल का संकेत दे दिया गया था। अब मेकर्स ने इसका ट्रेलर रिलीज कर दिया है और फिल्म धुरंधर: द रिवेंज 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। पहले पार्ट की रिकॉर्ड कमाई और फैंस के उत्साह को देखते हुए यह साफ है कि धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर नया धमाका करने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की समाज देश और परिवार में भूमिका को सराहा और कहा कि महिलाएं हर चुनौती का सामना साहस और धैर्य के साथ करती हैं। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान को अद्भुत बताते हुए कहा कि देश की प्रगति समाज की मजबूती और परिवार की खुशहाली में महिलाओं का योगदान अनमोल है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज की महिलाएं शिक्षा स्वास्थ्य खेल कला विज्ञान और प्रशासन सभी क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। महिलाएं केवल घर या पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं और प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के प्रयासों और संघर्षों को नमन किया जाना चाहिए क्योंकि उनके बिना समाज का संतुलन अधूरा है। डॉ. यादव ने यह भी कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा रोजगार और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महिलाएं इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने जीवन को और अधिक सशक्त और स्वतंत्र बनाएंगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे हर चुनौती को अवसर में बदलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और नई मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि महिला दिवस केवल समारोह या एक दिन की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान उनके अधिकारों और उनके योगदान की सराहना का दिन है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करें और उनके विकास में सहयोग दें। डॉ. यादव ने अपने संदेश में विशेष रूप से महिलाओं की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं समाज की दिशा निर्धारित करती हैं और राष्ट्र की शक्ति का आधार होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का हर क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायक है और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके प्रयासों को उचित मान्यता और सम्मान मिले। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी माताओं बहनों बेटियों और महिलाओं को एक बार फिर से शत-शत नमन करते हुए उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मेरी मंगलकामनाएं हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों नए प्रतिमान गढ़ें और समाज को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।
भदभदा कचरा स्टेशन पर बड़ा हादसा: निगम के कचरा वाहन ने ड्राइवर को कुचला, CCTV में कैद लापरवाही

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के भदभदा कचरा स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। नगर निगम के कचरा वाहन की टक्कर से एक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो रविवार को सामने आया, जिसमें कचरा वाहन चालक की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक Bhopal Municipal Corporation के जोन-21 का कचरा वाहन चालक पवन और जोन-8 का चालक अरुण घावरी शनिवार को अपनी-अपनी गाड़ियां लेकर Bhadbhada Garbage Transfer Station पहुंचे थे। पवन के वाहन की एंट्री पहले ही हो चुकी थी, जबकि अरुण अपने वाहन की एंट्री कराने के लिए विंडो के पास खड़े थे। इसी दौरान पवन ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे अरुण वाहन और दीवार के बीच फंस गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अरुण गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका एक पैर बुरी तरह टूट गया। घटना के बाद आरोपी चालक भी वाहन से गिर पड़ा, लेकिन कुछ देर बाद उठकर दूर खड़ा हो गया। घायल अरुण को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पूरा घटनाक्रम कचरा स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद Kamla Nagar Police Station ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद नगर निगम में कामकाज और ड्राइवरों की भर्ती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष Shabista Zaki ने आरोप लगाया कि निगम में लेबर क्लास के कर्मचारियों से वाहन चलवाए जा रहे हैं, जबकि जिन ड्राइवरों के पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस है उन्हें हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण ही इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं और इसकी जांच होना चाहिए। वहीं नगर निगम कर्मचारी नेता Hamid Khan ने दावा किया कि जिस चालक की लापरवाही से हादसा हुआ, उसके पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। इसके बावजूद उसे नौकरी पर रखा गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि उसे भर्ती करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कर्मचारी संगठन जल्द ही इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। घटना के बाद नगर निगम के कचरा प्रबंधन और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
रंगपंचमी पर इंदौर हुआ रंगों से सराबोर: मिसाइलों और टैंक से बरसा गुलाल, उज्जैन में थिरके मुख्यमंत्री

नई दिल्ली। रंगपंचमी के मौके पर मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन में रंगों का भव्य उत्सव देखने को मिला। इंदौर में प्रसिद्ध गेर के दौरान आसमान गुलाल से रंगीन हो गया। टोरी कॉर्नर की गेर में तीन टैंकरों पर मिसाइलनुमा उपकरण लगाकर रंग बरसाया गया, जबकि ऑपरेशन सिंदूर की याद में टैंक से रंगीन पानी की बौछार की गई। नगर निगम की गेर में हाथी की प्रतिकृति की सूंड से रंगीन पानी की फुहारें छोड़ी गईं, जिससे पूरा माहौल रंगों से सराबोर हो गया। मॉरल क्लब समिति की गेर में 15 ब्लोअर मशीनों से गुलाल उड़ाया गया, वहीं 6 डीजे गाड़ियां, एक बड़ी बोरिंग मशीन और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अलग-अलग झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। संगम कॉर्नर समिति की गेर में बरसाना की टीम ने लट्ठमार होली खेली, जबकि राधा-कृष्ण की झांकी ने रास रचाया। होली गीतों और देशभक्ति के तरानों पर युवाओं की टोली जमकर झूमती नजर आई। इधर उज्जैन में रंगोत्सव की शुरुआत विश्व प्रसिद्ध Mahakaleshwar Temple में भगवान महाकाल को केसरयुक्त जल अर्पित कर की गई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने ध्वज पूजन किया और बाबा महाकाल का अभिषेक कर प्रदक्षिणा की। इसके बाद वे संतनगर की गेर में शामिल हुए, जहां उन्होंने लोगों पर फूल और गुलाल बरसाए और होली गीतों पर हाथ उठाकर थिरकते भी नजर आए। हालांकि उज्जैन के संतनगर में गेर के दौरान किसी ने अचानक पटाखा फोड़ दिया, जिससे हल्की भगदड़ मच गई। इस दौरान गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। उधर इंदौर में पूर्व विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव Satyanarayan Patel गेर पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा नहीं कर पाए। जिला प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। पटेल ने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि प्रयागराज कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों में हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की अनुमति दी जाती रही है, ऐसे में इंदौर की प्रसिद्ध गेर के लिए अनुमति न मिलना समझ से परे है। प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने पर पटेल का हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। परंपरा को निभाने के लिए उन्होंने हेलिपैड पर ही तिलक होली खेलकर अपना संकल्प पूरा किया। रंगपंचमी के इस भव्य आयोजन में हजारों लोग शामिल हुए और पूरा शहर रंगों के उत्सव में डूबा नजर आया।
हेमा मालिनी का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस संदेश: आप ईश्वर की अनमोल रचना हैं
नई दिल्ली :8 मार्च का दिन हर महिला के लिए खास होता है क्योंकि इस दिन नारी शक्ति और महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस खास मौके पर हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी महिलाओं को अपना प्रेरक संदेश दिया। हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें विभिन्न प्रकार के फूल दिखाई दे रहे थे। यह सिर्फ फूल नहीं बल्कि महिलाओं के गुणों और उनकी विविध क्षमताओं का प्रतीक हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, सभी महिलाओं के लिए एक संदेश – हर कोई अपने तरीके से असाधारण है, सभी कुशल मल्टीटास्कर हैं, उद्यमी हैं, अनुभवी व्यवसायी हैं जिन्होंने कार्य-जीवन संतुलन की कला में महारत हासिल कर ली है. आप सभी को मेरा हार्दिक संदेश, आप जहां भी हों! याद रखें, आप ईश्वर की एक अनूठी, अनमोल रचना हैं. बस अपने तरीके से जीवन का आनंद लेना सीखें! हेमा मालिनी स्वयं सशक्त महिला की मिसाल हैं। 80 के दशक में हिंदी सिनेमा पर राज करने वाली इस अभिनेत्री ने न केवल अपने सपनों को पूरा किया बल्कि अपने परिवार को भी संभाला। उन्होंने अपनी बेटी ईशा को हमेशा यही सलाह दी कि शादी के बाद भी अपने करियर और पहचान को जारी रखें। ईशा ने इंटरव्यू में खुलासा किया कि मां ने हमेशा काम करने की प्रेरणा दी और घर के साथ अपनी पहचान बनाए रखने की सीख दी। दो बेटियों की मां होने के बावजूद हेमा मालिनी आज भी राजनीति में सक्रिय हैं और मथुरा की सांसद हैं। भले ही वे फिल्मी पर्दे से दूर हैं, लेकिन उनका नाम आज भी देश की सशक्त महिलाओं में लिया जाता है। पति धर्मेंद्र के निधन के सिर्फ महीने भर बाद उन्होंने फिर से अपने काम में वापसी की थी। 70 से 80 के दशक में हेमा मालिनी का नाम सबसे अधिक फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में भी शामिल था। उन्होंने ‘शोले’ और ‘रजिया सुल्तान’ जैसी फिल्मों में अपने समय की सबसे ऊंची फीस ली थी। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हेमा मालिनी का संदेश महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उनका कहना है कि हर महिला अपने तरीके से खास है और उसे जीवन का आनंद लेने और अपने सपनों को पूरा करने से कोई रोक नहीं सकता।
JDU में शामिल हुए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, कहा पापा ने जो 20 साल में किया उसे

नई दिल्ली । बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब दिल्ली की ओर चल पड़े हैं तो वहीं उनके बेटे निशांत कुमार आखिरकार सक्रिय राजनीति का हिस्सा हो गए हैं। परिवारवाद से दूर रहने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने रविवार को जनता दल यूनाइटेड जॉइन कर ली है। पार्टी में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार पिता नीतीश से मिलने पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा, बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी जैसे बड़े नेता उपस्थित रहे। सदस्यता ग्रहण के दौरान निशांत कुमार ने सबका आभार व्यक्त किया। निशांत कुमार ने कहा, यहां पर मौजूद आप सभी लोगों का अभिनंदन करता हूं। आभार व्यक्त करता हूं। मैं जेडीयू कार्यालय आया हूं। यहां जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करने आया हूं। मैं एक सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी का ख्याल रखने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है, ये उनका निजी फैसला है। मैं इसको स्वीकार करता हूं। आदर करता हूं। पापा ने जो 20 साल में किया उसे निशांत ने कहा पार्टी ने और जनता ने जो विश्वास मुझ पर किया है मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। पार्टी कार्यकर्ता के हिसाब से मैं पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश करूंगा। पापा ने जो 20 साल में किया उसे जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता जी ने जो 20 साल में किया वो सबको याद रहेगा। पिता ने जो 20 साल में किया है उससे पूरे देशवासियों को गर्व है। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे। नीतीश कुमार के कभी करीबी रहे आरसीपी सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है, प्रिय निशांत आपको सक्रिय राजनीति में आने के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद। इस सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को लेकर काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यकर्ता निशांत कुमार जिंदाबाद का नारा लगाते नजर आए। बता दें कि इससे पहले निशांत कुमार ने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष के घर पर बीते शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ बैठक की थी। बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और पार्टी को कैसे अच्छे से आगे बढ़ाया जाए, इस पर चर्चा हुई थी।
सलीम खान: जो खुद नहीं बने सुपरस्टार, लेकिन बेटे ने कर दिखाया कमाल..

नई दिल्ली: सलीम खान का नाम सुनते ही हिंदी सिनेमा के कई क्लासिक फिल्में और सुपरस्टार याद आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सलीम खान खुद एक्टर बनने मुंबई आए थे? बचपन में अनाथ होने के बावजूद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और छोटी-छोटी भूमिकाओं से शुरुआत की। सलीम अब्दुल रशीद खान के पूर्वज अफगानिस्तान से भारत आए थे और परिवार बाद में इंदौर में बस गया। बचपन में ही माता-पिता का साया खोने के बाद दस साल की उम्र में वह अनाथ हो गए। फिर भी बड़े सपने लेकर मुंबई आए। मरीन ड्राइव के गेस्ट हाउस में 55 रुपये महीने देकर आधा कमरा किराए पर लिया और गुजारे के लिए मॉडलिंग की। 1960 में फिल्म ‘बारात’ से डेब्यू किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। कई फिल्मों में काम किया, लेकिन एक्टर के तौर पर पहचान नहीं बन पाई। खुद सलीम मानते थे कि वह बड़े एक्टर नहीं हैं, लेकिन किरदार को समझने और गढ़ने में माहिर थे। एक्टर के रूप में संघर्ष के बाद सलीम खान ने लेखन की राह चुनी। जावेद अख्तर के साथ उनकी जोड़ी ‘सलीम-जावेद’ बनी, जिसने हिंदी सिनेमा में इतिहास रचा। उनकी लेखनी से बनी फिल्में जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन ने अमिताभ बच्चन को ‘एंग्री यंग मैन’ का टाइटल दिलाया और सलीम-जावेद को भी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिली। सलीम खान ने 1964 में सलमा से शादी की। बाद में उन्होंने हेलेन से भी निकाह किया। वक्त के साथ परिवार ने हर रिश्ते को अपनाया और आज उनके बेटे सलमान खान बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं। सलीम खान की कहानी यह सिखाती है कि कभी-कभी किस्मत और हुनर अलग-अलग राह चुनते हैं। खुद सुपरस्टार नहीं बने, लेकिन अपने जादुई कलम के दम पर न केवल अमिताभ बच्चन को एंग्री यंग मैन बनाया, बल्कि बेटे सलमान के जरिए बॉलीवुड में एक नई पीढ़ी का सितारा चमकाया।
छोटी फैन ने पूछा, मुझे शादी में क्यों नहीं बुलाया? विजय देवरकोंडा ने दिया क्यूट रिएक्शन

नई दिल्ली: 26 फरवरी 2026 को रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने अपनी इंटिमेट ग्रैंड वेडिंग की। इस खास मौके पर उनके परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल हुए, लेकिन शादी की खुशियां देशभर में फैला दी गईं। कपल ने अलग-अलग शहरों में मिठाई के डिब्बे भेजे और मंदिरों में खाने का आयोजन किया। इसके बाद 4 फरवरी को हैदराबाद में इंडस्ट्री के दोस्तों के लिए वेडिंग रिसेप्शन रखा गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। हालांकि अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटी बच्ची, जो रश्मिका-विजय की फैन है, अपनी नाराजगी जाहिर कर रही है। वीडियो में बच्ची कहती है, क्या मैं आपकी फैन नहीं हूं? हमारा क्या? उसकी मासूम नाराजगी और क्यूट सवाल ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। विजय देवरकोंडा ने इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कमेंट सेक्शन में लिखा, प्यारी बच्ची। मैं तुम्हें लंच के लिए घर बुलाऊंगा। मुझे अपना पसंदीदा खाना और मिठाई बताओ। हम सब घर पर ही पकाएंगे और खुशी-खुशी खाएंगे। यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फैंस को एक्टर की मासूमियत और क्यूट अंदाज दिखा दिया। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की सगाई अक्टूबर 2025 में हुई थी, जो कि एक इंटिमेट इवेंट था। इसके बाद 26 फरवरी को कपल शादी के बंधन में बंधे। शादी के बाद कपल ने अपने रिश्ते पर कोई पब्लिक रिएक्शन नहीं दिया। 1 मार्च को उन्होंने ऐलान किया कि वे देशभर में कई शहरों में मिठाई भेजेंगे और मंदिरों में खाने का आयोजन करेंगे। हैदराबाद वेडिंग रिसेप्शन में बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के कई सितारे पहुंचे। कृति सेनन और राम चरण जैसी हस्तियों ने भी इस रिसेप्शन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। हालांकि इस छोटी फैन का सवाल और विजय का क्यूट जवाब फैंस के लिए इस शादी का सबसे प्यारा और वायरल मोमेंट बन गया है।
ईरान पर हमलों के बीच ट्रंप ने ब्रिटेन के PM पर साधा निशाना, कहा युद्ध जीतने के बाद सहयोग की ज़रूरत नहीं

नई दिल्ली । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच ब्रिटेन के समर्थन की कमी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को ट्रंप ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर निशाना साधते हुए कहा कि यूरोपीय देश अब पश्चिम एशिया में एयरक्रॉफ्ट कैरियर भेजने पर विचार कर रहे हैं लेकिन अमेरिका को युद्ध जीतने के बाद ऐसे सहयोगियों की ज़रूरत नहीं है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा यूनाइटेड किंगडम जो कभी हमारा महान सहयोगी था अब मिडिल ईस्ट में 2 विमानवाहक पोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ठीक है प्रधानमंत्री स्टार्मर हमें उनकी अब ज़रूरत नहीं है। हमें ऐसे लोग चाहिए ही नहीं जो युद्ध जीतने के बाद इसमें शामिल हों। इससे पहले ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने 7 मार्च के ऑपरेशन अपडेट में बताया कि अमेरिका ने ईरान पर रक्षात्मक अभियानों के लिए ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग शुरू कर दिया है। इसका मकसद क्षेत्र में मिसाइल दागने से रोकना और ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। ट्रंप ने इससे पहले भी ईरान पर ब्रिटेन के रुख को असहयोगी बताया था। उन्होंने कीर स्टार्मर की आलोचना करते हुए कहा कि वे विंस्टन चर्चिल नहीं हैं और दोनों देशों के संबंधों को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ब्रिटेन की संसद में बुधवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी विमान ब्रिटिश ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं और ब्रिटिश जेट संयुक्त ठिकानों से मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए ड्रोन और मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा यही स्पेशल रिलेशनशिप है – अपने लोगों की सुरक्षा के लिए रोज़ खुफिया जानकारी साझा करना। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का बयान अमेरिका-यूके के बीच संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है जबकि ब्रिटेन अपनी भूमिका को रक्षात्मक और सुरक्षा-केंद्रित बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। इस बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है क्योंकि ईरान अमेरिका और इजराइल के बीच सैन्य गतिवधियों की तीव्रता बढ़ रही है।