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टिक्की खाने निकली लड़की को किडनैप कर 3 लड़कों ने गैंगरेप किया

ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 20 साल की एक लड़की के साथ गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 20 साल की एक लड़की के साथ गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डबरा देहात थाना पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। जानकारी के अनुसार, डबरा देहात क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती अपनी बुआ के घर गई थी। गुरुवार रात करीब 10 बजे जब वह पास ही में टिक्की खाने गई। उसी दौरान ई-रिक्शा सवार दो युवकों ने उसका मुंह दबाकर उसे जबरन बैठा लिया। रास्ते में उन्होंने अपने एक और साथी को साथ लिया और युवती को ‘अरु तिराहा’ स्थित एक कॉलेज परिसर में ले गए। वहां तीनों ने बारी-बारी से युवती के साथ रेप किया। शुक्रवार सुबह आरोपियों ने युवती को वापस दुकान के पास छोड़ दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। खौफ के कारण युवती चुप रही, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उसने अपनी चाची को आपबीती सुनाई। शुक्रवार रात परिजन पीड़िता को लेकर डबरा देहात थाने पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। डबरा देहात थाना प्रभारी सुधाकर सिंह तोमर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।

10 नए बैटलशिप बना रहा अमेरिका, पुराने युद्धपोतों से 100 गुना ज्यादा ताकतवर होंगे: ट्रंप

 वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में अमेरिकी सैन्य रणनीति और विदेश नीति को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे 10 अत्याधुनिक बैटलशिप तैयार कर रहा है, जो पुराने युद्धपोतों की तुलना में करीब 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली होंगे। ट्रंप के मुताबिक इन युद्धपोतों का मकसद दुश्मनों को सीधे टक्कर देने से पहले ही डर पैदा करना है, ताकि वे किसी तरह का जोखिम उठाने से बचें। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने महंगे रॉकेट सिस्टम की जगह बड़े बैटलशिप्स के इस्तेमाल का सुझाव दिया था। उनके अनुसार 30 लाख डॉलर तक के महंगे रॉकेट दागने के बजाय बड़े गोले दागने वाले युद्धपोत अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं। उनका कहना है कि इन नए बैटलशिप्स की मौजूदगी ही दुश्मनों को चुनौती देने से रोकने के लिए काफी होगी। ‘शक्ति से शांति’ की नीति पर जोर डोनाल्‍ड ट्रंप ने खुद को शांतिवादी बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कई बड़े संघर्षों को खत्म किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध समाप्त करवाए और यूरोप की सुरक्षा के लिए भी लगातार प्रयास किए। ट्रंप का कहना था कि महासागरों से घिरे होने के कारण अमेरिका पर सीधे खतरे अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन फिर भी वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए मजबूत सैन्य शक्ति जरूरी है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का भी जिक्र किया और कहा कि व्यापार और टैरिफ जैसे आर्थिक उपायों के जरिए संकट को कम करने में मदद मिली, जिससे संभावित बड़ा युद्ध टल गया। वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ ट्रंप ने लैटिन अमेरिका की स्थिति पर बोलते हुए बताया कि जनवरी 2026 में अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला में एक विशेष कार्रवाई की। उनके मुताबिक इस ऑपरेशन में देश के तत्कालीन नेता Nicolás Maduro को पकड़ लिया गया। ट्रंप ने इस अभियान को “18 मिनट की शुद्ध सैन्य कार्रवाई” बताते हुए कहा कि इसके बाद वेनेजुएला में नई सरकार बनी है, जिसके साथ अमेरिका सहयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव के बाद देश में तेल उत्पादन बढ़ा है और अमेरिका के साथ सोने तथा अन्य खनिजों को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ है। ईरान पर कार्रवाई का दावा राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को भी बड़ी सफलता बताया। उन्होंने दावा किया कि तीन दिनों के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान के 42 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया। ट्रंप के अनुसार इस कार्रवाई में कुछ बड़े युद्धपोत भी शामिल थे, जिससे ईरान की नौसैनिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने ‘मिडनाइट हैमर’ नामक बी-2 बमवर्षक हमले का भी जिक्र किया और कहा कि इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा। ट्रंप के मुताबिक उस समय ईरान परमाणु हथियार बनाने से कुछ ही महीनों दूर था, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई से इस खतरे को टाल दिया गया। आक्रामक लेकिन निर्णायक विदेश नीति ट्रंप ने अपने बयानों में बार-बार कहा कि उनकी नीति “शक्ति के जरिए शांति” बनाए रखने की है। उनके अनुसार मजबूत सैन्य तैयारी, आर्थिक दबाव और रणनीतिक कार्रवाई के जरिए दुनिया में स्थिरता कायम की जा सकती है। उन्होंने नए बैटलशिप्स के निर्माण, वेनेजुएला में कार्रवाई और ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन को अपनी विदेश नीति की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर पेश किया। ट्रंप का कहना है कि उनकी रणनीति का उद्देश्य युद्ध शुरू करना नहीं, बल्कि संभावित संघर्षों को रोकना है।

शाहरुख के बाद अब सलमान संग दिखेंगी हीरोइन बनेंगी साउथ एक्ट्रेस नयनतारा?

मुंबई। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) जल्द ही साउथ की चर्चित अभिनेत्री नयनतारा (Nayanthara) के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आ सकते हैं। खबर है कि निर्देशक वामशी पैदिपल्ली (Vamshi Paidipally) की अगली बड़े बजट की फिल्म में यह नई जोड़ी दिखाई दे सकती है। हालांकि फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक वामशी पैदिपल्ली एक बड़े स्केल की एंटरटेनर फिल्म बना रहे हैं, जिसमें सलमान खान मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म को निर्माता Dil Raju प्रोड्यूस कर सकते हैं। चर्चा है कि इस पैन इंडिया हिंदी फिल्म के लिए नयनतारा को लीड एक्ट्रेस के तौर पर अप्रोच किया गया है। अगर सब कुछ तय होता है, तो पहली बार सलमान और नयनतारा की जोड़ी बड़े पर्दे पर नजर आएगी। शाहरुख के साथ ‘जवान’ में नजर आई थीं नयनतारा नयनतारा को हिंदी दर्शकों ने सबसे ज्यादा Jawan में देखा था, जिसमें उन्होंने Shah Rukh Khan के साथ अहम भूमिका निभाई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना था कि फिल्म में Deepika Padukone के कैमियो के कारण नयनतारा का रोल थोड़ा फीका पड़ गया था। वामशी पैदिपल्ली दे चुके हैं कई हिट फिल्में निर्देशक वामशी पैदिपल्ली साउथ सिनेमा के सफल फिल्मकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने Munna से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने Brindavanam, Yevadu, Oopiri और Maharshi जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। फिल्म महार्षि को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। सलमान पर बड़ी हिट देने का दबाव पिछले कुछ वर्षों में Salman Khan की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan, Tiger 3 और Sikandar को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। ऐसे में फैंस को उनकी अगली बड़ी हिट का इंतजार है। आने वाले प्रोजेक्ट्स सलमान खान इन दिनों बैटल ऑफ गलवान पर आधारित फिल्म में व्यस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास Kick 2 और Babbar Sher जैसे प्रोजेक्ट्स की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वामशी पैदिपल्ली वाली फिल्म की शूटिंग अप्रैल से शुरू हो सकती है और इसे अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज किया जा सकता है। अगर यह प्रोजेक्ट फाइनल होता है तो सलमान खान और नयनतारा की नई जोड़ी फैंस के लिए खास सरप्राइज साबित हो सकती है।

रंगपंचमी पर मालवा में रंगों की धूम: इंदौर उज्जैन भोपाल में भव्य गेर, सीएम मोहन यादव ने महाकाल मंदिर में किया शौर्य प्रदर्शन

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में होली के पांचवें दिन मनाई जाने वाली रंगपंचमी इस बार भी पूरे मालवा क्षेत्र में रंगों गुलाल और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इंदौर उज्जैन और भोपाल सहित कई शहरों में पारंपरिक गेर निकल रही है जिसमें लाखों लोग शामिल होकर इस अनूठी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बन रहे हैं। ढोल नगाड़ों रंग गुलाल और आकर्षक झांकियों के बीच सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया है। इंदौर की ऐतिहासिक गेर इस बार भी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। राजवाड़ा से शुरू होने वाली यह गेर करीब 75 वर्षों से चली आ रही है और अब इसकी पहचान देश विदेश तक पहुंच चुकी है। इस बार करीब पांच लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है जिनमें 100 से अधिक विदेशी पर्यटक भी मौजूद हैं। शहर की सड़कों पर गुलाल मशीनों और पिचकारियों से रंगों की बरसात हो रही है जबकि छतों से फूलों की वर्षा कर पर्यटकों और गेर में शामिल लोगों का स्वागत किया जा रहा है। इंदौर की गेर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है जिससे इस आयोजन की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है। उधर उज्जैन में रंगपंचमी का पर्व धार्मिक आस्था और वीर परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और विधि विधान से पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पारंपरिक महाकाल गेर में भाग लिया और अखाड़ों की परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन तथा शस्त्र संचालन का प्रदर्शन किया। तलवार सहित पारंपरिक हथियारों के संचालन से उन्होंने अखाड़ा संस्कृति और शौर्य परंपरा को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की गेर और अखाड़ों की परंपरा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है जो वीरता आध्यात्मिकता और सामाजिक एकता का प्रतीक है। भोपाल में भी रंगपंचमी को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के पुराने बाजारों और गलियों से निकलने वाली गेर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। रंग गुलाल ढोल ताशों और पारंपरिक संगीत के बीच पूरा शहर रंगों से सराबोर हो गया है। पुराने शहर की हवेलियों और बाजारों के बीच निकलने वाली यह गेर राजधानी की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करती है। खंडवा में भी रंगपंचमी के अवसर पर नगर निगम तिराहे से फाग यात्रा निकाली जा रही है जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 350 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रंगपंचमी के इन आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस द्वारा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है। लाखों की भीड़ के बीच स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दरअसल रंगपंचमी मालवा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है जहां रंगों के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी मिलता है। ढोल ताशों की गूंज भजनों की धुन और झांकियों की झलक के बीच यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था को व्यक्त करता है बल्कि प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक वैभव को भी नई पहचान देता है।

फिनलैंड के राष्ट्रपति को पसंद आई रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म ‘धुरंधर’, (Dhurandhar) ने देश ही नहीं, विदेशों में भी चर्चा बटोरी है। हाल ही में अलेक्जेंडर स्टब (Alexander Stubb) ने भारत दौरे से पहले यह फिल्म देखी और इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्म की कहानी काफी पसंद आई और अब वे इसके सीक्वल का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के दूसरे भाग ‘धुरंधर’, का ट्रेलर पहले ही रिलीज हो चुका है, जिसे दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। बेटे के सुझाव पर देखी फिल्म फिनलैंड के राष्ट्रपति Alexander Stubb ने बातचीत में बताया कि भारत आने से पहले उनके बेटे ने उन्हें धुरंधर देखने की सलाह दी थी। उन्होंने फिल्म देखने के बाद कहा कि कहानी काफी प्रभावशाली है और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को जिस तरह दिखाया गया है, वह उन्हें पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे धुरंधर 2 में मुख्य किरदार हमजा की आगे की कहानी देखने के लिए उत्साहित हैं। ट्रेलर को मिला शानदार रिस्पॉन्स धुरंधर 2 के ट्रेलर को सोशल मीडिया और यूट्यूब पर शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। ट्रेलर में हमजा के साथ जसकीरत सिंह रंगी का किरदार भी अहम भूमिका में नजर आ रहा है। फिल्म में Sanjay Dutt का चौधरी असलम और R. Madhavan का किरदार भी कहानी को नया मोड़ देता दिखाई दे रहा है। ट्रेलर में एक्शन और ड्रामा के साथ-साथ दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक भी देखने को मिला है। वहीं यालीना के किरदार को भी इस बार एक्शन अवतार में दिखाया गया है। 19 मार्च को रिलीज होगी फिल्म बताया जा रहा है कि फिल्म के दोनों हिस्सों की शूटिंग एक साथ की गई थी, लेकिन पहले भाग की सफलता के बाद दूसरे पार्ट के कुछ सीन दोबारा फिल्माए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म में Yami Gautam भी अहम भूमिका में नजर आ सकती हैं। अब दर्शकों को 19 मार्च का इंतजार है, जब रणवीर सिंह की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म बड़े पर्दे पर दस्तक देगी। फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं।

हजारों साल पहले ही समझ लिया गया था सिनेमा का रहस्य!

नई दिल्ली। आज के दौर में फिल्में देखना आम बात है, लेकिन सिनेमा का जन्म मानव इतिहास की सबसे अनोखी खोजों में से एक माना जाता है। जिस तकनीक के जरिए आज पर्दे पर चलती-फिरती तस्वीरें दिखाई देती हैं, उसकी बुनियादी समझ हजारों साल पहले ही दी जा चुकी थी। माना जाता है कि यूनानी दार्शनिक Aristotle ने लगभग 300 ईसा पूर्व ही उस सिद्धांत को समझ लिया था, जिस पर आधुनिक सिनेमा टिका हुआ है। हजारों साल पहले समझा गया था सिद्धांत लेखक और गीतकार Varun Grover ने एक बातचीत में बताया कि सिनेमा की तकनीक का मूल सिद्धांत प्राचीन समय में ही सामने आ चुका था। उनके अनुसार, आज फिल्मों में जो तकनीकी प्रक्रिया इस्तेमाल होती है, उसकी झलक अरस्तू के विचारों में मिलती है। वरुण ग्रोवर ने बताया कि अरस्तू ने एक घटना के जरिए यह समझा था कि इंसानी आंख और दिमाग किस तरह तस्वीरों को ग्रहण करते हैं। यही सिद्धांत आगे चलकर सिनेमा की बुनियाद बना। आंख और दिमाग का खेल कहानी के अनुसार, एक बार अरस्तू आसमान की ओर देख रहे थे। सूरज को देखने के बाद जब उन्होंने नजर दूसरी दिशा में घुमाई, तो उन्हें वहां भी सूरज जैसा प्रतिबिंब दिखाई दिया। इस घटना से उन्होंने अंदाजा लगाया कि जब कोई तस्वीर हमारी आंखों पर बनती है, तो उसका प्रभाव कुछ समय तक बना रहता है। दरअसल, किसी भी इमेज का असर लगभग एक चौथाई सेकंड तक हमारी आंखों में बना रहता है। अगर इसी दौरान दूसरी तस्वीर दिखाई जाए तो दिमाग दोनों को अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ जोड़कर देखता है। इसी वजह से स्थिर तस्वीरों की तेज़ सीरीज हमें चलती हुई दिखाई देती है। इसी सिद्धांत को आगे चलकर ‘पर्सिस्टेंस ऑफ विज़न’ कहा गया, जो सिनेमा और एनीमेशन की मूल तकनीक है। वरुण ग्रोवर का फिल्मी सफर Varun Grover हिंदी सिनेमा के चर्चित लेखक और गीतकार हैं। उन्होंने Masaan और Sandeep Aur Pinky Faraar जैसी फिल्मों के लिए सराहना हासिल की है। इसके अलावा वह Sacred Games जैसी चर्चित वेब सीरीज से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने Gangs of Wasseypur, Udta Punjab, Newton, Sui Dhaaga और RRR (हिंदी संस्करण) जैसे प्रोजेक्ट्स में लेखन का काम किया है। इस तरह, आज जिस सिनेमा को हम बड़े पर्दे पर देखते हैं, उसकी वैज्ञानिक नींव हजारों साल पहले रखे गए विचारों से जुड़ी मानी जाती है।

टटीरी गाने पर घमासान: बादशाह ने मांगी माफी, विजेंद्र सिंह बोले गलती मान ली तो अब विवाद खत्म करो

नई दिल्ली । रैपर Badshah का नया गाना टटीरी इन दिनों भारी विवादों में घिरा हुआ है। गाने के लिरिक्स और वीडियो में दिखाई गई कुछ झलकियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आरोप है कि गाने में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद बादशाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है लेकिन मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है। इस बीच भारतीय बॉक्सर Vijender Singh ने आगे आकर बादशाह का समर्थन किया है और लोगों से इस विवाद को खत्म करने की अपील की है। दरअसल कुछ दिन पहले रिलीज हुए टटीरी गाने के वीडियो में स्कूल की बच्चियों को दिखाया गया था। इसके साथ ही गाने के कुछ लिरिक्स को लेकर भी लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे महिलाओं और नाबालिगों के प्रति अपमानजनक बताते हुए इसकी आलोचना की। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस तक पहुंच गया और हरियाणा में बादशाह के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई जाने लगीं। इसी बीच विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लोगों से संयम बरतने और कलाकार को माफ करने की अपील की। उन्होंने लिखा कि हरियाणा के लोगों की भावनाओं को कई बार गानों के जरिए ठेस पहुंचती है। कभी कोई सिंगर माफी मांगता है तो कभी किसी का गाना हटवा दिया जाता है। उनका कहना था कि कलाकारों से भी गलती हो सकती है और कई बार उनके शब्दों का मतलब बदलकर समझा जाता है। विजेंद्र सिंह ने आगे कहा कि समाज को भी बड़ा दिल दिखाते हुए माफी को स्वीकार करना चाहिए। अगर हर छोटी बात पर विवाद बढ़ता रहेगा तो इससे हरियाणा की कला और संस्कृति को नुकसान होगा। कलाकार भविष्य में मनोरंजन से जुड़े किसी भी काम को करने से पहले डरने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छे काम की तारीफ भी जरूरी है और गलत काम पर रोक लगाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि बादशाह से गलती हुई है और उन्होंने माफी भी मांग ली है इसलिए अब इस मुद्दे को खत्म कर आगे बढ़ना चाहिए। विजेंद्र ने यह भी कहा कि बादशाह हरियाणा का ही बेटा है और वह अपने काम के जरिए हरियाणा की पहचान को आगे बढ़ा रहा है। दूसरी ओर बादशाह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर इस पूरे मामले पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनके नए गाने के एक हिस्से में इस्तेमाल किए गए लिरिक्स और विजुअल रिप्रेजेंटेशन की वजह से कई लोगों खासकर हरियाणा के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। बादशाह ने स्पष्ट किया कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था कि वे हरियाणा की किसी महिला या बच्चे के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करें। उन्होंने कहा कि वह खुद हरियाणा से हैं और अपनी भाषा संस्कृति और पहचान पर गर्व करते हैं। उनके मुताबिक हिप-हॉप जॉनर में कई बार लिरिक्स प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाकर लिखे जाते हैं लेकिन उनका उद्देश्य कभी भी महिलाओं या बच्चों का अपमान करना नहीं था। उन्होंने लोगों से उन्हें हरियाणा का बेटा समझकर माफ करने की अपील की। हालांकि विवाद अभी थमा नहीं है। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बादशाह के खिलाफ केस दर्ज किया है। उन्हें देश छोड़कर जाने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की और उन्हें जल्द पेश होने के निर्देश दिए। इसके अलावा हरियाणा महिला आयोग ने भी बादशाह को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।

जैसलमेर में पहली बार चादर महोत्सव: महामरी से बचाने वाले जैन-संत की 872 साल पुरानी चादर के दर्शन, 74 लाख की बोली

नई दिल्ली । राजस्थान के जैसलमेर में जैन समाज के पहले चादर महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हो गई। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश विदेश से लगभग 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण थे जैन संत दादा श्री जिनदत्त सूरी महाराज के 872 साल पुराने वस्त्र जिन्हें करीब 144 साल बाद पहली बार श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बाहर लाया गया। वस्त्रों का विशेष अभिषेक मानसरोवर के पवित्र जल से किया गया। अभिषेक और पूजा के लिए बोली लगाई गई जिसमें फलोदी के रहने वाले रविंद्र कुमार ने 74 लाख रुपये की बोली लगाई। पूजा के लिए भी क्रमशः 21 लाख और 11 लाख की दो बोली लगी। महोत्सव के दौरान जैसलमेर के प्रसिद्ध सोना किले से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा गढ़ीसर होते हुए देदांसर ग्राउंड पहुंची। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने वरघोड़ा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान ड्रोन से फूलों की बारिश की गई। सोनार किले से विंटेज कार में चादर को महोत्सव स्थल तक ले जाया गया जहां पानी के जहाज जैसी रथ में चादर को दर्शन के लिए रखा गया।महोत्सव स्थल पर परंपरानुसार चादर का विधिवत अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही देश विदेश से आए श्रद्धालु दादागुरु इकतीसा का 1 करोड़ 8 लाख सामूहिक पाठ करेंगे।जैसलमेर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र सिंह भंसाली ने बताया कि इतिहास में विक्रम संवत 1211 में अजमेर में दादा गुरुदेव का स्वर्गवास हुआ। उनके शरीर का अंतिम संस्कार हुआ लेकिन वस्त्र सुरक्षित रहे और बाद में पाटन में रखे गए। लगभग 145 साल पहले जैसलमेर में महामारी फैलने पर महारावल ने पवित्र वस्त्रों को पाटन से मंगवाया। मान्यता है कि वस्त्रों के आते ही जैसलमेर महामारी से मुक्त हो गया। तब से ये वस्त्र जैसलमेर के ज्ञान भंडार में सुरक्षित रखे गए हैं। जैन समाज के इतिहास में यह पहला अवसर है जब चादर महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालु न केवल जैन धर्म के ऐतिहासिक प्रतीकों को देख सकते हैं बल्कि उनकी पूजा अर्चना और अभिषेक में भाग लेकर धार्मिक पुण्य भी प्राप्त कर सकते हैं।

महिला दिवस पर जबलपुर की महिलाओं के लिए समदड़िया मॉल का खास तोहफा: फ्री मूवी, मेहंदी और सरप्राइज से भरा वीकेंड सेलिब्रेशन

जबलपुर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जबलपुर की महिलाओं के लिए इस बार खुशियों का खास पिटारा खुलने जा रहा है। शहर के समदड़िया मॉल ने 8 मार्च को महिलाओं के सम्मान में एक विशेष आयोजन की घोषणा की है जिसमें मनोरंजन सरप्राइज और ऑफर्स का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए मॉल प्रबंधन ने महिलाओं के लिए फ्री मूवी शो मेहंदी और कई अन्य आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया है जिससे पूरा दिन उत्सव के माहौल में बदल जाएगा। समदड़िया मॉल के सिनेमा मैनेजर संकेत दुबे ने बताया कि महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को पूरी तरह मुफ्त में फिल्में देखने का मौका दिया जाएगा। यह सुविधा सुबह के पहले शो से लेकर रात के अंतिम शो तक उपलब्ध रहेगी। पूरे दिन में करीब 20 शो आयोजित किए जाएंगे जिनमें दर्शकों के मनोरंजन के लिए 11 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन फिल्मों में ओ रोमियो मर्दानी और द केरला स्टोरी जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। महिलाओं को इस ऑफर का लाभ लेने के लिए शो शुरू होने से लगभग आधे घंटे पहले सिनेमा काउंटर पर पहुंचकर अपनी फ्री टिकट लेनी होगी। हालांकि इस खास ऑफर के लिए मॉल प्रबंधन ने कुछ नियम और शर्तें भी तय की हैं। यह विशेष सुविधा मुख्य रूप से 25 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और विवाहित महिलाओं के लिए रखी गई है। यदि महिलाएं अपने परिवार के साथ आती हैं तो 3 साल तक के बच्चों की एंट्री पूरी तरह मुफ्त रहेगी। वहीं 3 साल से अधिक उम्र के बच्चों और साथ आने वाले पुरुष सदस्यों या पति को नियमानुसार टिकट खरीदना होगा क्योंकि यह ऑफर विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान में दिया जा रहा है। मॉल प्रबंधन ने इस दिन को सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं रखा है बल्कि इसे एक उत्सव के रूप में मनाने की पूरी तैयारी की है। मॉल की पहली मंजिल पर महिलाओं के लिए मुफ्त मेहंदी लगाने की व्यवस्था की गई है जहां वे अपने हाथों में खूबसूरत मेहंदी रचा सकती हैं। इसके अलावा फूड लवर्स के लिए फूड कोर्ट में बाय वन गेट वन यानी एक के साथ एक फ्री का आकर्षक ऑफर भी रहेगा। इस ऑफर का फायदा उठाकर लोग अपने पसंदीदा व्यंजनों का दोगुना आनंद ले सकेंगे। बच्चों के मनोरंजन का भी खास ध्यान रखा गया है। उनके लिए मॉल में फ्री ड्राइविंग एक्टिविटी की व्यवस्था की गई है जिससे वे खेल खेल में ड्राइविंग का अनुभव ले सकेंगे और दिनभर मस्ती कर सकेंगे। मॉल की कुल क्षमता करीब 1200 सीटों की है इसलिए बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। समदड़िया मॉल की यह पहल न केवल महिलाओं को सम्मान देने का प्रयास है बल्कि उन्हें एक दिन पूरी तरह मनोरंजन और खुशी के साथ बिताने का अवसर भी प्रदान करती है। महिला दिवस के इस खास आयोजन से शहर की महिलाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है और उम्मीद है कि यह दिन उनके लिए यादगार साबित होगा।

क्रिकेट जगत में भेदभाव का आरोप! वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका भारत में फंसे, माइकल वॉन और डी कॉक ने ICC की 'पावर पॉलिटिक्स' को घेरा।

नई दिल्ली :टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल का उत्साह उस समय विवादों के घेरे में आ गया, जब दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज क्विंटन डी कॉक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष (Military Conflict) के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसका खामियाजा टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी टीमों को भुगतना पड़ रहा है। मामला तब गरमाया जब यह सामने आया कि 1 मार्च को बाहर हुई वेस्टइंडीज और 4 मार्च को सेमीफाइनल हारने वाली साउथ अफ्रीका की टीमें अभी भी कोलकाता के होटलों में फंसी हैं, जबकि महज एक दिन पहले (5 मार्च को) बाहर होने वाली इंग्लैंड की टीम को घर भेजने के लिए विशेष इंतजाम कर दिए गए। इस स्पष्ट “भेदभाव” को देखकर क्विंटन डी कॉक का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे आईसीसी का “मजाक” करार दिया। डी कॉक ने तंज कसते हुए लिखा कि यह देखना वाकई हैरान करने वाला है कि वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें अभी भी पूरी तरह अंधेरे में हैं और उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही, वहीं इंग्लैंड की टीम रातों-रात उड़ान भरने की तैयारी में है। उन्होंने इशारों-इशारों में आईसीसी के भीतर “पावर गेम” की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ खास टीमों का असर दूसरों की तुलना में कहीं अधिक है। विवाद केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा; इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी इस मुद्दे पर आईसीसी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दोटूक शब्दों में कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि क्रिकेट जगत में सत्ता का संतुलन कितना बिगड़ा हुआ है। वॉन ने सवाल उठाया कि जब सभी टीमें एक ही टूर्नामेंट का हिस्सा हैं, तो उनके साथ व्यवहार अलग-अलग क्यों? सिर्फ इसलिए कि कोई टीम आईसीसी की टेबल पर अधिक शक्तिशाली है, उसे प्राथमिकता मिलना खेल भावना के विपरीत है। वॉन का यह बयान डी कॉक के गुस्से को और अधिक वजन देता नजर आया। लॉजिस्टिक संकट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ी पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड की टीम शनिवार को मुंबई के रास्ते लंदन के लिए रवाना हो सकती है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों को रविवार तक का इंतजार करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि इन दोनों टीमों को एक साथ चार्टर प्लेन से पहले जोहान्सबर्ग ले जाया जाएगा, जिसके बाद कैरेबियाई खिलाड़ी एंटीगुआ के लिए उड़ान भरेंगे। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले से ठीक पहले इस तरह के विवाद ने आईसीसी के प्रबंधन और निष्पक्षता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।