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8 मार्च महाकाल भस्म आरती: पंचमी पर दिव्य श्रृंगार में दर्शन दिए बाबा महाकाल, गूंजे जयकारे

उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर रविवार तड़के भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। अलसुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन प्राप्त हुए। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ और जय श्री महाकाल के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी देवताओं का विधि विधान से पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। जलाभिषेक के पश्चात दूध दही घी शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न इस अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक और दिव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के दौरान बाबा महाकाल के मस्तक पर बेलपत्र से ॐ और चंद्र अर्पित किया गया। इसके साथ ही उन्हें विभिन्न आभूषणों और पुष्प मालाओं से अलंकृत किया गया। भगवान को रुद्राक्ष की माला रजत की मुण्डमाल शेषनाग का रजत मुकुट और सुगंधित फूलों की मालाएं अर्पित कर दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया। इस अद्भुत श्रृंगार में भगवान महाकाल का रूप अत्यंत मनमोहक और भव्य दिखाई दे रहा था। भस्म आरती की परंपरा के अनुसार सबसे पहले मंदिर में प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती संपन्न होने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म अर्पित की गई। यह भस्म आरती भगवान महाकाल की सबसे प्राचीन और विशेष परंपराओं में से एक मानी जाती है जिसे देखने के लिए देश विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। अल सुबह संपन्न हुई इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित नंदी महाराज के दर्शन भी किए। मान्यता के अनुसार भक्त नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कहते हैं और भगवान महाकाल से उसे पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं। भक्तों ने नंदी महाराज के कान के पास जाकर अपनी इच्छाएं व्यक्त कीं और भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर परिसर में लगातार हर हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयकारे गूंजते रहे। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया। हर दिन होने वाली भस्म आरती की तरह आज की आरती भी अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुई। भगवान महाकाल के इस दिव्य श्रृंगार और भस्म आरती के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे और बाबा से सुख समृद्धि तथा मंगल की कामना की।

रंग पंचमी पर महाकाल की शरण में CM मोहन यादव: दंडवत कर लिया आशीर्वाद, महाकाल गेर के ध्वज का किया पूजन

उज्जैन । रंग पंचमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रीमोहन यादव धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बाबा महाकाल के चरणों में दंडवत होकर प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में इस दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। रंग पंचमी के इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन की पारंपरिक और ऐतिहासिक महाकाल गेर से जुड़ी परंपराओं का भी पालन किया। उन्होंने महाकाल की गेर के ध्वज का विधि-विधान से पूजन किया। यह गेर उज्जैन की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है और हर वर्ष रंग पंचमी के अवसर पर बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान वीरभद्र का भी पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने अखाड़ों में रखे पारंपरिक शस्त्रों का पूजन कर उनका संचालन और प्रदर्शन भी किया। अखाड़ा परंपरा के अनुसार यह शस्त्र पूजन वीरता और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री द्वारा शस्त्र संचालन के प्रदर्शन ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और संत समाज का उत्साह बढ़ाया। दरअसल उज्जैन में रंग पंचमी के दिन महाकाल की गेर का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर शहर में पारंपरिक गेर और चल समारोह निकाले जाते हैं जिनमें हजारों श्रद्धालु और भक्त शामिल होते हैं। शाम के समय भगवान वीरभद्र ध्वज चल समारोह भी निकाला जाएगा जिसमें संत समाज अखाड़ों के साधु और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। ढोल-ताशों गुलाल और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा शहर भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आता है। महाकाल मंदिर में दर्शन और पूजन के साथ ही मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने इस पर्व को और भी विशेष बना दिया।

केंद्र सरकार के मंत्रालयों में नौकरी का मौका SSC CGL 2025 में 15130 पदों पर भर्ती प्रिफरेंस विंडो मार्च में खुलेगी

नई दिल्ली:सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा SSC CGL 2025 के लिए फाइनल वैकेंसी चार्ट जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 15130 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह संख्या पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी अच्छी मानी जा रही है और इससे बड़ी संख्या में युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में काम करने का अवसर मिलेगा। कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों विभागों और संगठनों में की जाएगी। SSC CGL परीक्षा के माध्यम से ग्रुप B और ग्रुप C के पदों पर भर्ती की जाती है। इस भर्ती के जरिए आयकर विभाग केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग प्रवर्तन निदेशालय विदेश मंत्रालय और सीबीआई जैसे प्रतिष्ठित विभागों में काम करने का मौका मिलता है। आयोग द्वारा जारी वैकेंसी चार्ट के अनुसार कुल 15130 पदों को अलग अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें सबसे ज्यादा 6464 पद अनारक्षित यानी जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 3834 पद निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति के लिए 2223 पद और अनुसूचित जनजाति के लिए 1134 पद तय किए गए हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 1475 सीटें आरक्षित की गई हैं। इस वैकेंसी चार्ट के जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों को अपनी पसंद के पद और विभाग चुनने का अवसर मिलेगा। कर्मचारी चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के लिए ऑप्शन कम प्रिफरेंस विंडो मार्च 2026 में खोली जाएगी। इसी विंडो के माध्यम से उम्मीदवार अपनी पसंद के पदों और विभागों को प्राथमिकता के आधार पर चुन सकेंगे। उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर SSC CGL भर्ती से संबंधित सैंपल फॉर्म भी जारी किया है। इस सैंपल फॉर्म की मदद से अभ्यर्थी यह समझ सकते हैं कि ऑनलाइन फॉर्म किस प्रकार भरना है और किस तरह अपनी प्राथमिकताओं को दर्ज करना है। इससे फॉर्म भरते समय होने वाली सामान्य गलतियों से बचा जा सकता है। कर्मचारी चयन आयोग ने उम्मीदवारों को विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी है। आयोग के अनुसार एक बार ऑप्शन कम प्रिफरेंस फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपनी शैक्षणिक योग्यता और पदों के लिए निर्धारित शारीरिक मानकों की पहले से जांच कर लें और उसी के आधार पर अपनी प्राथमिकताएं तय करें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दस्तावेज सत्यापन के दौरान कोई उम्मीदवार किसी पद के लिए निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करता पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को पूरी सावधानी के साथ फॉर्म भरना चाहिए और आयोग के सभी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। SSC CGL 2025 की यह भर्ती लाखों स्नातक युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित मंत्रालयों और विभागों में नौकरी पाने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मौका साबित हो सकता है। भर्ती से जुड़ी सभी ताजा जानकारी कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर उपलब्ध रहेगी जहां उम्मीदवार समय समय पर अपडेट देख सकते हैं।

केसरी चैप्टर 2 की कामयाबी अनन्या पांडे बनीं न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 की रील आइकॉन

नई दिल्ली:बॉलीवुड अभिनेत्री Ananya Panday इन दिनों अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रही हैं। हाल ही में उन्हें News18 Showsha Reel Awards 2026 में रील आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें फिल्म Kesari Chapter 2 में उनके शानदार अभिनय के लिए मिला है। इस खास उपलब्धि के बाद एक्ट्रेस बेहद खुश नजर आईं और उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी फैंस के साथ साझा की। दरअसल 7 मार्च की रात आयोजित हुए न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 का यह समारोह कई सितारों के लिए खास रहा लेकिन अनन्या पांडे के लिए यह शाम और भी यादगार बन गई। अवॉर्ड मिलने के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ट्रॉफी के साथ एक फोटो शेयर की जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। अनन्या पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में ट्रॉफी की तस्वीर साझा करते हुए आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि केसरी चैप्टर 2 के लिए यह अवॉर्ड मिलने पर वह बेहद आभारी हैं और उन्होंने @cnnnews18 और @showsha को धन्यवाद दिया। एक्ट्रेस की इस पोस्ट पर फैंस लगातार कमेंट कर उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके काम की तारीफ कर रहे हैं। फिल्म केसरी चैप्टर 2 में अनन्या पांडे ने एक ऐसा किरदार निभाया है जो ऐतिहासिक और देशभक्ति से जुड़ी कहानी की भावनात्मक गहराई को सामने लाता है। उनके अभिनय ने फिल्म की कहानी को और प्रभावी बना दिया। दर्शकों का कहना है कि इस फिल्म में उनका किरदार उनके पिछले रोल्स से काफी अलग है और उन्होंने अपने अभिनय से इस भूमिका में जान डाल दी है। फिल्म में अनन्या के साथ बॉलीवुड सुपरस्टार Akshay Kumar और अभिनेता R. Madhavan भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। इस फिल्म की कहानी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है जिसमें Jallianwala Bagh Massacre से जुड़ी सच्चाई और उस दौर के संघर्ष को दिखाया गया है। फिल्म में अनन्या का किरदार इस कहानी को भावनात्मक और प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाता है। बताया जाता है कि फिल्म केसरी चैप्टर 2 18 अप्रैल 2025 को रिलीज हुई थी और रिलीज के बाद इसे दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इस फिल्म को अनन्या पांडे के करियर के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है क्योंकि इस भूमिका के जरिए उन्होंने अपने अभिनय का एक नया पक्ष दर्शकों के सामने रखा है। न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 में मिला यह सम्मान अनन्या पांडे के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे उनके करियर को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

औरत को तारीफ नहीं सम्मान चाहिए इंटरनेशनल वूमेन्स डे पर समाज के आईने में झांकती एक बात

नई दिल्ली:हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में International Women’s Day मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं के सम्मान अधिकार और उपलब्धियों की बात की जाती है। लेकिन सच यही है कि हर साल यह दिन हमें यह याद दिला देता है कि समाज अब भी औरत के असली वजूद को पूरी तरह समझ नहीं पाया है। हम अक्सर कहते हैं कि हमारी बेटियां बेटों से कम नहीं हैं लेकिन इस वाक्य के भीतर ही एक छिपा हुआ सच है कि कहीं न कहीं हम अभी भी बराबरी को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाए हैं। जब हम कहते हैं कि औरत आजाद है तो इसका मतलब यह भी होता है कि उसकी आजादी अभी अधूरी है। जब हम कहते हैं कि बेटियों को भी पढ़ाना चाहिए उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए तो यह भी इस बात का संकेत है कि इस दिशा में अभी बहुत काम बाकी है। आज की महिला जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। राजनीति से लेकर विज्ञान खेल से लेकर सेना और कला से लेकर व्यापार तक महिलाएं हर जगह अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि उसे बार बार खुद को साबित करने की जरूरत क्यों पड़ती है। समाज अक्सर किसी महिला की सफलता को तब स्वीकार करता है जब वह उन सीमाओं को पार कर लेती है जिन्हें लंबे समय तक पुरुषों ने तय किया था। कई बार तो महिला की कामयाबी को इस तरह देखा जाता है जैसे उसने किसी पुरुष की भूमिका निभाकर यह उपलब्धि हासिल की हो। असल में हमें यह समझना होगा कि औरत केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज का ताना बाना है। परिवार रिश्तों और भावनाओं को जोड़कर रखने वाली सबसे मजबूत कड़ी अक्सर वही होती है। बचपन से अपने सपनों को सहेजने वाली और फिर अपनों की खुशियों के लिए उन्हें पीछे छोड़ देने वाली भी अक्सर वही होती है। बेटी के रूप में वह रहमत है मां के रूप में जन्नत है बहन के रूप में इज्जत है और दोस्त के रूप में भरोसा है। लेकिन समाज का दूसरा चेहरा भी उतना ही कड़वा है। महिलाओं के साथ हिंसा और अपमान की घटनाएं समय समय पर सामने आती रहती हैं। देश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने पूरे समाज को झकझोर दिया। Manipur women parading case 2023 हो या Kanjhawala case 2023 Delhi जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। इसी तरह Bilkis Bano का मामला भी बार बार यह सवाल उठाता है कि न्याय और संवेदनशीलता के मामले में समाज कहां खड़ा है। समस्या की जड़ कहीं और भी है। हम अक्सर महिलाओं का सम्मान उनके रिश्तों के आधार पर करते हैं। हमें लगता है कि हमें अपनी मां बहन बेटी या पत्नी की ही इज्जत करनी चाहिए। लेकिन असली सम्मान तब होगा जब सड़क पर चलने वाली या दफ्तर में काम करने वाली हर महिला को वही सम्मान मिले जो हम अपने घर की महिलाओं को देते हैं। हमारी संस्कृति और साहित्य में भी कई बार औरत की खूबसूरती को केवल उसके चेहरे उसकी आंखों या उसकी जुल्फों तक सीमित कर दिया गया है। शायरियों और कविताओं में उसकी आंखों की गहराई और उसके होंठों की नाजुकी का खूब जिक्र मिलता है। इसमें कोई शक नहीं कि महिला की सुंदरता बेमिसाल होती है लेकिन उसकी असली पहचान केवल उसके रूप में नहीं बल्कि उसके व्यक्तित्व उसकी सोच उसकी मेहनत और उसकी संवेदनशीलता में होती है। आज की महिला शायद केवल तारीफ नहीं चाहती बल्कि सम्मान चाहती है। उसे यह एहसास चाहिए कि समाज उसे बराबरी की नजर से देखता है। क्योंकि सच यही है कि किसी महिला को खूबसूरत कहना अच्छी बात हो सकती है लेकिन उसकी इज्जत करना उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है।

जंग की आंच से महंगाई तेज: कच्चे तेल में उछाल, भारत में गैस महंगी, पड़ोस में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर

नई दिल्ली:मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। तेल बाजार में आई तेज उथल-पुथल ने कई देशों में महंगाई की आग भड़का दी है और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। हाल ही में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। माना जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की वजह से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इसी कारण सरकार को आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए देश की ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश देने पड़े। हालांकि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम जिस तेजी से बढ़ रहे हैं उससे आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। युद्ध की वजह से वैश्विक तेल बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। एक सप्ताह के भीतर ही कच्चे तेल की कीमतों में करीब 35 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। अमेरिकी क्रूड ऑयल के फ्यूचर्स में यह अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है। WTI Crude Oil की कीमत लगभग 9.89 डॉलर बढ़कर करीब 90.90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है जबकि Brent Crude भी करीब 7.28 डॉलर की तेजी के साथ 92.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में इस तेजी ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि भारत सरकार ने फिलहाल लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कोई बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी। इसके बावजूद कई शहरों में लोगों के बीच आशंका का माहौल बन गया है और पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पुणे मसूरी और नोएडा जैसे शहरों में लोग एहतियात के तौर पर अपनी गाड़ियों की टंकी फुल कराने पहुंच रहे हैं ताकि संभावित बढ़ोतरी से पहले ईंधन का स्टॉक किया जा सके। जहां भारत में फिलहाल कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है वहीं पड़ोसी देश Pakistan में ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। वहां पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। लगभग 20 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 335.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। अगर भारत की बात करें तो राजधानी Delhi में 8 मार्च 2026 को पेट्रोल की कीमत लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। वहीं सीएनजी की कीमत करीब 77.09 रुपये प्रति किलो और पीएनजी लगभग 47.89 रुपये प्रति एससीएम के आसपास है। दरअसल इस पूरे संकट की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz भी है जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। युद्ध के चलते इस मार्ग पर जोखिम बढ़ने के बाद भारत ने वैकल्पिक रास्तों से तेल आयात बढ़ाने की रणनीति अपनाई है और अन्य मार्गों से तेल खरीद में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और इसका असर पेट्रोल डीजल तथा गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महासंग्राम आज भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल में खिताब की जंग नरेंद्र मोदी स्टेडियम में धोनी की मौजूदगी से बढ़ा रोमांच

नई दिल्ली:आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला आज क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। पूरे देश में इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें खिताब के लिए आमने सामने होंगी। शाम 6.30 बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे और इसके बाद तय होगा कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का नया चैंपियन कौन बनेगा। भारत के लिए यह मुकाबला बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि टीम इंडिया लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और टीम ने सिर्फ एक ही मुकाबले में हार का सामना किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन ने टीम इंडिया को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम भी इस बार अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप खिताब के बेहद करीब पहुंच चुकी है। न्यूजीलैंड ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है और कई मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी है। हालांकि इस अभियान के दौरान टीम को दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा जबकि एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इसके बावजूद टीम ने लगातार दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड ने कई बार भारतीय टीम को मुश्किल में डाला है। टी20 वर्ल्ड कप के पिछले मुकाबलों में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल करने में कठिनाई हुई है। 2007 2016 और 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर बड़ा झटका दिया था। यही वजह है कि इस फाइनल मुकाबले को बेहद रोमांचक माना जा रहा है। फाइनल से पहले एक और दिलचस्प बात चर्चा में है और वह है भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी। सेमीफाइनल मुकाबले के बाद से ही सोशल मीडिया पर धोनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया था। मुंबई में मौजूद रहने के बाद अब धोनी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं और माना जा रहा है कि फाइनल मुकाबले के दौरान स्टेडियम में उनके नाम की गूंज सुनाई दे सकती है। भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव के हाथों में है जबकि न्यूजीलैंड की कमान मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। भारत के पास संजू सैमसन ईशान किशन तिलक वर्मा हार्दिक पांड्या शिवम दुबे अक्षर पटेल जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव जैसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं न्यूजीलैंड की टीम में फिन एलन रचिन रविंद्र ग्लेन फिलिप्स डेरिल मिशेल मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे खिलाड़ी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। अहमदाबाद के विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज लाखों क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी रहेंगी। भारत जहां लगातार दूसरी ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास लिखना चाहता है वहीं न्यूजीलैंड पहली बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर नया अध्याय शुरू करने की कोशिश करेगा। ऐसे में यह फाइनल मुकाबला रोमांच और दबाव से भरपूर होने की पूरी संभावना है।

राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर: ममता बनर्जी के व्यवहार पर CM मोहन यादव की कड़ी आपत्ति, माफी की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रपति पद की गरिमा को लेकर कड़ा बयान देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यवहार पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद लोकतंत्र का सर्वोच्च और प्रतिष्ठित पद है, जो राजनीति से ऊपर है और इसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान जो परिस्थितियां बनीं और जिस तरह का अमर्यादित व्यवहार सामने आया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर हों, तब उस राज्य की सरकार और मुख्यमंत्री का दायित्व होता है कि वे पूरे सम्मान और गरिमा के साथ उनका स्वागत करें तथा मर्यादा का पालन करें। सीएम यादव ने कहा कि ऐसे हालात बनाना, जिससे देश और दुनिया के सामने राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचे, यह किसी भी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पद पूरे राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है और इस पद का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि और नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को हल्की राजनीति का हिस्सा बनाना और स्थानीय या दलीय राजनीति में घसीटना भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, यह मानसिकता लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद को राजनीतिक विवादों से दूर रखना चाहिए और सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह पद पूरे देश की गरिमा और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर राष्ट्रपति पद का अपमान हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र अपनी मजबूत संस्थाओं और संवैधानिक पदों की गरिमा के कारण ही विश्व में सम्मानित है। ऐसे में राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद के प्रति सम्मान और मर्यादा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और उसके सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता।

ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”

नई दिल्ली। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी जंग का नौवां दिन बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इज़राइल ने ईरान में तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इज़राइली मीडिया के अनुसार, ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी रुख:पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। उनका कहना है कि या तो ईरान खुद आत्मसमर्पण करे या उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने लायक ही न बचे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं, बल्कि ‘लूजर’ बन गया है। ईरान की चेतावनी:ईरानी सेना ने भी धमकी दी है कि अगर अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में आए, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने खाड़ी में ऑयल टैंकर भेजने की बात कही थी, जो आमतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं। जंग के आँकड़े: सिविल इलाकों पर हमला: 6,668 घर और दुकानें नष्ट: 5,535 घर और 1,041 दुकानें मेडिकल सेंटर और स्कूल: 14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूल मृत्यु: 1,483 इज़राइल में घायल: 1,765 लोग रेड क्रिसेंट सेंटर: 13 हमले का शिकार अंतरराष्ट्रीय दबाव और ईरान की प्रतिक्रिया:ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और कहा कि अब सिर्फ तब हमला होगा जब उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला किया जाए। ट्रम्प ने इसे अमेरिका और इज़राइल के लगातार हमलों का नतीजा बताया। संक्षेप में:इज़राइल के हमलों ने ईरान के तेल भंडारों को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है। अमेरिका की धमकियों और ट्रम्प के बयान ने ईरान की स्थिति को कमजोर कर दिया है। अब युद्ध का रुख सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेल और ऊर्जा ढांचे पर भी असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है।

टी-20 फाइनल से पहले उज्जैन में मिर्ची यज्ञ: मां बगलामुखी धाम में रातभर मंत्रोच्चार, टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना

उज्जैन । भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टी 20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जहां मैदान पर टिकी हैं, वहीं कई जगहों पर टीम इंडिया की जीत के लिए धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शनिवार रात प्रसिद्ध मां बगलामुखी धाम में टीम इंडिया की जीत की कामना को लेकर विशेष मिर्ची यज्ञ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु संत और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। भैरवगढ़ रोड स्थित मां बगलामुखी धाम में आयोजित इस अनुष्ठान की शुरुआत विधि विधान के साथ हुई। करीब 51 पुजारियों ने मंत्रोच्चार करते हुए हवन कुंड में आहुति दी और टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की। यज्ञ के दौरान पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां बगलामुखी की कृपा से भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में जीत हासिल करेगी। इस अवसर पर मंदिर के महंत पीर रामनाथ महाराज ने भी विशेष पूजा अर्चना कर टीम इंडिया की जीत की कामना की। उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी संकटों को दूर करने वाली देवी मानी जाती हैं और उनकी कृपा से हर बाधा समाप्त होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ियों को देवी का आशीर्वाद मिलेगा और भारत विजय हासिल करेगा। रविवार शाम सात बजे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी 20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेला जाना है। इस अहम मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। इसी उत्साह और आस्था के संगम के रूप में उज्जैन में यह विशेष मिर्ची यज्ञ किया गया। यज्ञ में क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया भी शामिल हुए और हवन में आहुति देकर टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना की। अनुष्ठान के दौरान बटुकों ने हाथों में तिरंगा और भारतीय खिलाड़ियों की तस्वीरें लेकर मंत्रोच्चार किया। भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव सहित अभिषेक शर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और ईशान किशन के नाम से विशेष प्रार्थनाएं की गईं। पूरे आयोजन में आस्था और देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि मिर्ची यज्ञ का विशेष महत्व होता है। परंपरागत रूप से यह यज्ञ शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस यज्ञ में खड़ी लाल मिर्च, सरसों, जायफल, श्रीफल, शुद्ध घी, बहेड़ा और अन्य हवन सामग्री से आहुति दी जाती है। सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि प्राचीन समय में राजा युद्ध पर जाने से पहले विशेष यज्ञ करवाते थे, ताकि विजय सुनिश्चित हो सके। उसी परंपरा के तहत आज टीम इंडिया की सफलता के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान किया गया है। महंत रामनाथ जी ने भी बताया कि पहले भी इस तरह के अनुष्ठानों के बाद भारतीय टीम को सफलता मिली है। रातभर चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने मां बगलामुखी से प्रार्थना की कि भारतीय टीम फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करे और देश का नाम रोशन करे।