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SHAHDOLACCIDENT: शहडोल में सड़क हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दंपति की मौत, पुत्री गंभीर घायल

  SHAHDOLACCIDENT: शहडोल । मध्यप्रदेश शहडोल जिले के केशवाही थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें बाइक सवार दंपति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और हड़कंप का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना केशवाही थाना क्षेत्र के मझौली गांव के पास उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार अज्ञात बड़े वाहन ने पीछे से बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में बाइक चला रहे लल्लू बैगा और उनकी पत्नी सरस्वती बैगा को गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनकी पुत्री सोहनी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद मृतक दंपति के शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिवार में इस हादसे के बाद मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि दंपति मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे और अचानक हुए इस हादसे से पूरा गांव स्तब्ध है।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं, दो वार्डों के रहवासी प्रभावित:CMO ने कचरा शिफ्ट करने और मशीन लगाने का दिया आश्वासन

नई दिल्ली। पिपरिया के शांतिवन डंपिंग यार्ड से उठने वाला धुआं राजेंद्र वार्ड और महाराणा प्रताप वार्ड के निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। साड़िया रोड स्थित इस यार्ड में वर्षों से नगर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है, और खुले में पड़े कचरे में आग लगने से जहरीला धुआं निकल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट जलने से हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। परिवारों ने बच्चों में लगातार खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की है। नागरिकों का यह भी कहना है कि कचरा निष्पादन केंद्र पर पूर्व में लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन इसका प्रभावी संचालन नहीं हो रहा है। वार्डवासियों ने प्रशासन से खुले में कचरा जलाने पर तत्काल रोक लगाने, वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था लागू करने और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि सौंदर्यीकरण योजनाओं से पहले स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। स्थाई समाधान करेंगेइस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आरपी नायक ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और डंप कचरे के किनारे पानी की नली बनवाई गई है। उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए जमाडा में चार एकड़ जमीन लेने की जानकारी दी, जहां शांतिवन का कचरा शिफ्ट किया जाएगा। कचरे के निष्पादन के लिए एक मशीन भी मंगवाई गई है। सीएमओ नायक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलेगी।वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे और कचरा गाड़ियों को शांतिवन में जाने से रोकेंगे।

SUMMER GLOWUP: गर्मियों में भी रहेगा ग्लो बरकरार! बस रूटीन में करें ये 3 आसान बदलाव

  SUMMER GLOWUP: नई दिल्ली। गर्मियों की दस्तक के साथ ही त्वचा की परेशानियां भी सिर उठाने लगती हैं। तेज धूप, उमस और पसीने की वजह से चेहरा काला पड़ने लगता है और ऑयली स्किन वालों की समस्या दोगुनी हो जाती है। कई लोग महंगे क्रीम और फेसवॉश पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन सही रिजल्ट नहीं मिल पाता। दरअसल, गर्मियों में स्किन को खूबसूरत रखने का राज महंगे प्रोडक्ट्स में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में छिपा है। अगर आप अपनी डेली रूटीन में तीन छोटे लेकिन असरदार बदलाव कर लें, तो तपती धूप में भी चेहरा फ्रेश, साफ और चमकदार बना रह सकता है। चेहरा धोने का सही तरीका ही असली गेमचेंजर गर्मी में बार-बार चेहरा धोना आम आदत है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती भी साबित हो सकती है। जरूरत से ज्यादा फेसवॉश इस्तेमाल करने से त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे स्किन और ज्यादा ऑयली बन जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में दो से तीन बार माइल्ड फेसवॉश से चेहरा साफ करना काफी है। बाहर से आने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धोना या हल्के छींटे मारना धूल-मिट्टी और पसीना हटाने में मदद करता है। वहीं रात को सोने से पहले चेहरा जरूर साफ करें, ताकि त्वचा को सांस लेने का मौका मिले और पोर्स बंद न हों। women skin careधूप में निकलना हो या घर की खिड़की के पास बैठना-सूरज की यूवी किरणें हर जगह असर डालती हैं। यही किरणें टैनिंग, पिग्मेंटेशन और झुर्रियों का कारण बनती हैं। इसलिए सनस्क्रीन को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा वाली सनस्क्रीन को बाहर निकलने से 20 मिनट पहले लगाएं। खास बात यह है कि हर 3 से 4 घंटे में इसे दोबारा लगाना जरूरी है, खासकर अगर आप धूप में ज्यादा समय बिता रहे हों। यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बनाकर कालेपन और समय से पहले एजिंग से बचाती है। अंदर से ठंडक, बाहर से चमक सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि अंदर से शरीर को हाइड्रेट रखना भी उतना ही जरूरी है। गर्मियों में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, ताकि शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल सकें। अपनी डाइट में खीरा, तरबूज, संतरा और नींबू पानी जैसी चीजें शामिल करें, जो शरीर को ठंडक देती हैं। ज्यादा तेल-मसाले वाला और तला हुआ खाना कम करें, क्योंकि इससे पिंपल्स और ऑयली स्किन की समस्या बढ़ सकती है। जितना संतुलित और हल्का खानपान होगा, उतनी ही त्वचा प्राकृतिक रूप से दमकेगी। Tags:skincare tipssummer caresummer fashionsummer skin carewomen carewomen skin care

KHARGONE FIRE: खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत

  KHARGONE FIRE: खरगोन । मध्यप्रदेश खरगोन जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के ढेर में लगी आग को प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित कर लिया है। आग बुझाने के बाद भी कई दिनों तक कचरे से धुआं निकलता रहा जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसी बीच धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के बाद अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए दो वर्षीय बच्चे की मौत हो जाने से इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है। प्रशासन के अनुसार ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के बड़े ढेर में आग लगने से लगातार धुआं निकल रहा था जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आग पर काबू पाने और धुएं को समाप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू किए। कलेक्टर भव्या मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है। हालांकि सोमवार तक कचरे के ढेर से धुआं निकलता रहा जिसके कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार को धुएं को पूरी तरह खत्म करने के लिए आठ फायर टेंडर तैनात किए गए थे। इसके अलावा करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से कचरे को पलट पलटकर भीतर सुलग रही आग और धुएं को समाप्त करने का काम किया गया। आग और धुएं को नियंत्रित करने के लिए कचरे के ढेर पर फोम का भी छिड़काव किया गया। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद बीती रात तक धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। इसी दौरान धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर एक दो वर्षीय बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया था। दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और दुख का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और ट्रेंचिंग ग्राउंड से निकलने वाले धुएं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कचरा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र के लोगों से भी सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की अपील की है।

BHOPAL SUICIDE CASE: भोपाल: पत्नी को आखिरी कॉल कर कहा- ‘सब खत्म, अब मैं जा रहा हूँ’, फिर युवक ने लगा ली फांसी; मांडवा बस्ती में पसरा मातम

BHOPAL SUICIDE CASE: भोपाल। राजधानी के मांडवा बस्ती (IIFM के पास) में मंगलवार देर रात एक युवक ने मौत को गले लगा लिया। 24 वर्षीय राकेश खातेकर ने सुसाइड करने से ठीक पहले अपनी पत्नी को फोन किया और खौफनाक लहजे में कहा कि “मैं जा रहा हूँ… अब सब खत्म है।” जब तक परिजन और पत्नी कुछ समझ पाते और घर पहुँचते, राकेश फंदे पर झूल चुका था। कमला नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनाक्रम: मायके गई थी पत्नी, फोन पर दी ‘मौत की सूचना’ पुलिस जांच में सामने आया है कि राकेश की पत्नी सोमवार को अपने दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। घर में राकेश अकेला था।मंगलवार रात का वो कॉल: देर रात राकेश ने अपनी पत्नी को फोन लगाया। बातचीत के दौरान उसने अचानक अपनी जीवनलीला समाप्त करने की बात कही। राकेश की बातें सुनकर घबराई पत्नी ने तुरंत भोपाल में रहने वाले अन्य रिश्तेदारों को फोन किया। परिजन आनन-फानन में मांडवा बस्ती स्थित घर पहुँचे, लेकिन अंदर का नजारा देख उनकी चीख निकल गई। राकेश का शव फंदे पर लटका हुआ था। जांच का दायरा: सुसाइड की वजह अब भी रहस्य कमला नगर पुलिस के अनुसार, राकेश ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है।पत्नी और परिजनों से शुरुआती पूछताछ में अब तक किसी ठोस विवाद की बात सामने नहीं आई है। राकेश ने फोन पर भी मौत की बात कही, लेकिन वजह का जिक्र नहीं किया।पुलिस सभी पहलुओं (मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी या पारिवारिक विवाद) से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए आत्महत्या की असली वजह तलाशने की कोशिश की जा रही है। मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma) भोपाल सुसाइड न्यूज़, कमला नगर थाना, मांडवा बस्ती सुसाइड, राकेश खातेकर भोपाल, आईआईएफएम भोपाल क्राइम, एमपी न्यूज़ अपडेट, पारिवारिक कलह, आखिरी कॉल सुसाइड।

IAS DARMOUSE GAMBLING CASE: महिला IAS के फार्म हाउस में जुए का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार, 13 लाख नकद जब्त

IAS DARMOUSE GAMBLING CASE: महू । महू के मानपुर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के पुलिस ने अवलीपुरा स्थित एक फार्म हाउस पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर जुए का भंडाफोड़ किया। यह फार्म हाउस IAS वंदना वैद्य और उनके पति अम्बरीश वैद्य के नाम पर दर्ज है। वंदना वैद्य वर्तमान में वित्त विकास निगम, इंदौर की प्रबंध संचालक (MD) हैं। सूत्रों के अनुसार फार्म हाउस की देखभाल फिलहाल गांव के एक व्यक्ति द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया, जबकि पांच आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। जब्त सामग्री और संपत्ति कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 13 लाख 67 हजार 971 रुपए नकद, 52 ताश के पत्ते, 10 नई ताश की गड्डियां, 30 मोबाइल फोन और दो कारें जब्त की हैं। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 28 लाख 67 हजार 971 रुपए बताई जा रही है। दबिश की कहानी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवलीपुरा के फार्म हाउस में बड़े पैमाने पर जुआ चल रहा है। पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और मौके पर दबिश दी। मुख्य गेट बाहर से बंद था, लेकिन अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। पुलिस ने पीछे से प्रवेश किया और बरामदे में रोशनी में जुआ खेलते लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। 18 गिरफ्तार आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस अभी भी भागे हुए पांच आरोपियों की तलाश कर रही है। जुए का प्लान और सरगना जानकारी के अनुसार यह जुआ 1 मार्च को जमने वाला था, लेकिन किसी कारणवश कैंसिल हो गया। नई तारीख 10 मार्च तय की गई थी। पकड़े गए जुआरियों का कहना है कि वे पहली बार यहां आए थे। पुलिस ने मुख्य सरगना जगदीश राठौर उर्फ कूबड़ा की पहचान की है, जो लगातार जगह बदलकर जुए के अड्डे चलाता है। मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र हीहोर ने बताया कि कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई थी और पकड़े गए आरोपियों से नकदी, मोबाइल और वाहन जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम सतर्क है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। कीवर्ड्स (comma-separated): महू, मानपुर, फार्म हाउस, वंदना वैद्य, अम्बरीश वैद्य, जुआ, जुआरियों गिरफ्तार, नकद जब्त, पुलिस कार्रवाई, एसडीएम कोर्ट, मध्य प्रदेश, अवलीपुरा, जुआ अड्डा, जगदीश राठौर

भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में क्रम्पटन फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड पर बदमाशों ने फायर, हालत गंभीर

भिंड।  मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात एक गंभीर वारदात हुई, जब क्रम्पटन फैक्ट्री में तैनात सुरक्षा गार्ड मजीद अली को बदमाशों ने गोली मार दी। घटना रात करीब 1:57 बजे हुई, जब मोटरसाइकिल पर सवार चार अज्ञात बदमाश फैक्ट्री के मुख्य द्वार से घुसे और चोरी करने का प्रयास किया। गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने सीधे मजीद अली के सिर में गोली चला दी। गोली लगने के बाद घायल गार्ड को तुरंत फैक्ट्री के अन्य सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया। मजीद अली को गंभीर हालत में ग्वालियर के बिरला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। फैक्ट्री प्रबंधन ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। मालनपुर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी का सुराग नहीं मिला। पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पैट्रोलिंग कर संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चोरी और बदमाशी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह भी दो गुटों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं। इस बार फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड पर हमला होने से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर दहशत और चिंता फैल गई है। कर्मचारियों और फैक्ट्री प्रबंधन ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि यदि क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो वे सामूहिक रूप से सुरक्षा के लिए कदम उठाएंगे। पुलिस और प्रशासन को आवश्यकतानुसार सीसीटीवी निगरानी, गार्डिंग और पेट्रोलिंग को सख्त करने की दिशा में काम करना होगा। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच सुरक्षा की संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है। पुलिस की नजरें अब बदमाशों पर टिकी हैं, और आरोपी जल्द पकड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है। भिंड, मालनपुर, क्रम्पटन फैक्ट्री, मजीद अली, सुरक्षा गार्ड, गोली, बदमाश, औद्योगिक क्षेत्र, चोरी, पुलिस जांच, सीसीटीवी, दहशत, सुरक्षा चिंता, मध्य प्रदेश

Agricultural loans India: देश में 7.72 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड सक्रिय, बकाया लोन 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक

   Agricultural loans India: नई दिल्ली। देश में 7.72 करोड़ से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सक्रिय हैं और इनमें बकाया लोन 10.2 लाख करोड़ रुपए के करीब है। यह जानकारी बुधवार को आधिकारिक फैक्टशीट में दी गई। सरकारी बयान में कहा गया कि केसीसी प्लेटफॉर्म से 457 बैंक जुड़े हुए हैं और इस पर 1,998.7 लाख से ज्यादा क्रेडिट एप्लीकेशन प्रोसेस की गई हैं, जिसमें से 631.5 लाख कमर्शियल बैंकों, 337.2 लाख रीजनल बैंकों और 1,030 लाख एप्लीकेशन कॉरपोरेटिव बैंकों द्वारा प्रोसेस की गई हैं। ये आंकड़े केसीसी के कार्यान्वयन में व्यापक संस्थागत भागीदारी को दर्शाते हैं और कृषि ऋण प्रदान करने में सहकारी बैंकों की केंद्रीय भूमिका को उजागर करते हैं। हालिया सुधारों, जिनमें ऋण सीमा में वृद्धि, संबद्ध क्षेत्रों तक विस्तारित कवरेज और किसान ऋण पोर्टल के माध्यम से डिजिटल एकीकरण शामिल हैं, ने केसीसी की पहुंच और पारदर्शिता में मजबूत सुधार किया है। आंकड़ों पर आधारित निगरानी को सक्षम बनाकर, ऋण प्रक्रिया को तेज करके और पारदर्शी दावा निपटान सुनिश्चित करके, इन उपायों ने कृषि ऋण वितरण की परिचालन दक्षता को मजबूत किया है। सरकार ने संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत फसल ऋण सीमा को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है और मत्स्य पालन और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण सीमा को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत, सीमांत और गैर-सीमांत किसानों के लिए उनकी भूमि जोत के आकार, निवेश क्षमता और आजीविका आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सावधि ऋण और समग्र ऋण सीमाएं अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। भूमि जोत के आकार और फसल पैटर्न जैसे कारकों के आधार पर 10,000 रुपए से 50,000 रुपए तक की लचीली सीमा स्वीकृत की जा सकती है। समग्र केसीसी सीमा पांच साल की अवधि के लिए निर्धारित की जाएगी। किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और उनकी पहुंच में सुधार लाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कई सुगम उपाय लागू किए गए हैं।

निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन जिला जेल परिसर के पास जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस के अनुसार यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कढ़ाई इलाके में स्थित जंगल की है, जहां निर्माणाधीन जिला जेल के पास एक पेड़ पर युवक का शव लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने जब पेड़ से लटका शव देखा तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान हर्रावाड़ी निवासी सुनील उर्फ अपाचे लगभग 30 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि सुनील पिछले करीब पांच वर्षों से कढ़ाई क्षेत्र में अपने ससुराल में रह रहा था। वह यहां एक ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था और मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था। घटना के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है। घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

भारत का डिजिटल पेमेंट मॉडल दुनिया के विकासशील देशों के लिए बना मिसाल: रिपोर्ट

नई दिल्ली। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने आधुनिक इतिहास में सबसे महत्वाकांक्षी फिनटेक (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी) परिवर्तन में से एक को अंजाम दिया है, जिसकी बदौलत देश आज दुनिया के सबसे उन्नत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में से एक बन गया है। यह मॉडल अब अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक उदाहरण बन रहा है।अजरबैजान स्थित न्यूज डॉट एजेड की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का मॉडल दिखाता है कि सरकारी नीतियां, तकनीकी नवाचार और व्यापक मोबाइल कनेक्टिविटी मिलकर किस तरह एक प्रभावी भुगतान ढांचा तैयार कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति ने वैश्विक स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया है। अर्थशास्त्री और तकनीकी विशेषज्ञ इसे अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक सफल मॉडल के रूप में अध्ययन कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल पहचान प्रणाली, तेजी से बढ़ती मोबाइल कनेक्टिविटी, आधुनिक पेमेंट प्लेटफॉर्म और सरकार की सहायक नीतियों के संयोजन ने दुनिया के सबसे बड़े और कुशल डिजिटल इकोसिस्टम में से एक को जन्म दिया है। रिपोर्ट में सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा गया कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और लाखों लोगों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने वाले सरकारी कार्यक्रमों ने इस व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार की। साथ ही सस्ते स्मार्टफोन और तेजी से बढ़ती मोबाइल इंटरनेट सेवाओं ने डिजिटल भुगतान को बड़े पैमाने पर अपनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वानी) कार्यक्रम के जरिए सार्वजनिक इंटरनेट सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। फरवरी 2026 तक इस पहल के तहत 4,09,111 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जा चुके हैं, जिन्हें 207 PDO एग्रीगेटर और 113 ऐप प्रदाता सपोर्ट कर रहे हैं। इसका उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती और तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इन सभी विकासों ने बड़े स्तर पर डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के लिए जरूरी माहौल तैयार किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल पहचान को बैंकिंग और मोबाइल सेवाओं से जोड़ने से वित्तीय संस्थान उपयोगकर्ताओं की पहचान सुरक्षित तरीके से सत्यापित कर सकते हैं और लेनदेन को तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने नकदी पर निर्भरता कम करने में भी मदद की है, जिससे वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आर्थिक लेनदेन अधिक कुशल हुए हैं। सरकार ने हाल ही में एक बयान में कहा कि जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई के जरिए हर महीने लगभग 28.33 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन होते हैं। इस दौरान 21.7 अरब डिजिटल ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो मोबाइल फोन के माध्यम से शून्य लागत पर रियल-टाइम भुगतान की सुविधा देते हैं और शहरों से लेकर गांवों तक तथा हर आय वर्ग में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।