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नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के राकई बसेड़ी गांव में मंगलवार रात एक भयावह वारदात सामने आई। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार अज्ञात हमलावर ने 25 वर्षीय महिला वंदना ठाकुर की हत्या कर दी। घटना स्थल पर महिला का शव गेहूं और गन्ने के खेत की मेढ़ पर पड़ा मिला जिसे देखकर आसपास के लोग और पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। मृतका वंदना ठाकुर अपने पति पुष्पेंद्र ठाकुर के साथ मजदूरी के काम में लगी रहती थी। वे राकई हार में रिजवान पटेल के खेत में बटाई लेकर काम करती थीं। घटना वाले दिन पुष्पेंद्र अपने किसी काम से बाहर गए हुए थे। शाम को जब वह घर लौटे तो उनकी पत्नी नजर नहीं आई। घर और आसपास ढूंढने के बाद उन्होंने टार्च जलाकर खेत की मेढ़ की ओर देखा तो उनकी पत्नी का रक्तरंजित शव वहां पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। घटना स्थल और शव की स्थिति से स्पष्ट था कि वंदना की हत्या सिर और मुंह पर किए गए वार से की गई है। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों और खेत में काम करने वालों ने भी पुलिस को तुरंत सूचना दी। सूचना मिलते ही करेली थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में अपराध क्रमांक 232/26 के तहत धारा 103(1) 238(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मृतका के सिर और मुंह पर कई वार के निशान मिले हैं जिससे हत्या की शंका पुष्टि हुई है। पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी संभावित सुराग जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता नहीं चल सका है कि हत्या का कारण क्या था और किसने यह घटना अंजाम दी। मृतका के परिवार वालों का कहना है कि वंदना मेहनत करने वाली और शांत स्वभाव की महिला थी। मृतका के भाई सोनू ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बहन मजदूरी करती थी और कुछ लोगों पर हत्या का शक भी जताया गया है। उन्होंने पुलिस से मामले की शीघ्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा भी मौके पर पहुंचे और जांच प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने थाने की टीम को जरूरी मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश दिए ताकि आरोपी जल्द गिरफ्तार हो और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। पूरा क्षेत्र इस खौफनाक घटना से स्तब्ध है। स्थानीय लोग और पुलिस अब इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही हैं। हत्या की यह वारदात यह सवाल भी खड़ा करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

उज्जैन में धुलेंडी पर शुरू हुई गणगौर पूजा, महिलाएं करेंगी 16 दिन तक आराधना

उज्जैन। धुलेंडी के अवसर पर उज्जैन में पारंपरिक गणगौर पूजा का शुभारंभ हो गया। अविवाहित और विवाहित महिलाएं अगले 16 दिनों तक प्रतिदिन सुबह-शाम गणगौर और ईश्वर जी की पूजा-अर्चना करेंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणगौर भगवान शिव और माता पार्वती का स्वरूप हैं। अविवाहित महिलाएं अच्छे वर और सुखी परिवार की कामना के लिए पूजा करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं अपने दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि और घर की शांति के लिए गणगौर की आराधना करती हैं। राजस्थान से विशेष पोशाक और लकड़ी की मूर्तियांभार्गव नगर निवासी पूर्वा व्यास ने बताया कि वह 8 साल की उम्र से गणगौर पूजा कर रही हैं और आज भी अपनी मम्मी और भाभी के साथ यह परंपरा निभाती हैं। उनके घर में गणगौर जी, ईश्वर जी और भाया जी की विशेष लकड़ी की मूर्तियां हैं, जिन्हें हर साल बीकानेर से लायी गई पोशाक और आभूषण पहनाकर सजाया जाता है। पूर्वा के अनुसार, उनके पास 15 से अधिक पोशाकें हैं, और पूजा के दौरान प्रतिदिन मूर्तियों को नहलाया जाता है। इसके बाद फूल-माला, नए कपड़े और आभूषण पहनाकर भजन, गीत और आरती की जाती है, जिसमें लगभग एक-दो घंटे का समय लगता है।पूर्वा के अनुसार, उनके पास 15 से अधिक पोशाकें हैं, और पूजा के दौरान प्रतिदिन मूर्तियों को नहलाया जाता है। इसके बाद फूल-माला, नए कपड़े और आभूषण पहनाकर भजन, गीत और आरती की जाती है, जिसमें लगभग एक-दो घंटे का समय लगता है। पूजा विधि और अनुष्ठानगणगौर पूजा की विधियां अलग-अलग स्थानों पर भिन्न होती हैं। कुछ जगहों पर पुरुषों को पूजा में प्रवेश की अनुमति नहीं होती, जबकि अन्य जगहों पर सभी लोग शामिल हो सकते हैं।शाम को कलश में अंगूठी या नए रूमाल के माध्यम से जल अर्पित किया जाता है।शीतला सप्तमी से समाज में फूलपाती भी निकाली जाती हैं, जिसमें महिलाएं और लड़कियां दूल्हा-दुल्हन बनकर नाच-गाते हुए पूजा की परंपरा निभाती हैं।

Share Market: शेयर बाजार के लड़खड़ाए कदम, 435 अंक गिरा Sensex; Nifty भी 110 अंक नीचे

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह के कारोबार में हल्की बढ़त के बाद बाजार में अचानक गिरावट आ गई। BSE Sensex करीब 435 अंक गिरकर 77,770.74 पर कारोबार करता नजर आया। यह अपने पिछले बंद 78,205.98 के मुकाबले लगभग 0.56% नीचे है। वहीं Nifty 50 भी करीब 110 अंक गिरकर 24,150 के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में दिखी तेजीजहां भारतीय बाजार में गिरावट देखी गई, वहीं एशियाई बाजारों में तेजी का रुख नजर आया। Nikkei 225 में 1.36% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि TOPIX इंडेक्स 1.22% ऊपर रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 2.52% चढ़ा, जबकि स्मॉल-कैप इंडेक्स KOSDAQ में 1.39% की बढ़त देखी गई। वहीं Hang Seng Index फ्यूचर्स 25,936 के स्तर पर कारोबार करते नजर आए। वॉल स्ट्रीट लाल निशान में बंदमंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति पर बनी हुई है। S&P 500 0.21% गिरकर 6781.48 पर बंद हुआ। वहीं Dow Jones Industrial Average 34.29 अंक गिरकर 47,706.51 पर बंद हुआ। हालांकि Nasdaq Composite में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह 0.01% बढ़कर 22,697.10 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावटबुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। WTI Crude की कीमत 0.03% गिरकर 83.43 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। वहीं Brent Crude पिछले सत्र के हाई लेवल 119.50 डॉलर से गिरकर अब 87 से 90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार International Energy Agency ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। एजेंसी ने अपने इतिहास के सबसे बड़े Emergency Oil Reserve को जारी करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत 182 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल बाजार में जारी किया जा सकता है ताकि कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।

सेल ने वित्त वर्ष 26 में अप्रैल-फरवरी तक की अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की

नई दिल्ली सरकारी स्टील कंपनी Steel Authority of India Limited (सेल) ने वित्त वर्ष 26 के अप्रैल-फरवरी अवधि में 18.24 मिलियन टन स्टील बेचकर अब तक की सबसे अधिक बिक्री का रिकॉर्ड बनाया। यह सालाना आधार पर 14 प्रतिशत अधिक है। स्टील मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी साझा की और बताया कि इस अवधि में कैश कलेक्शन 1.11 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। फरवरी में विशेष प्रदर्शनमंत्रालय ने बताया कि अकेले फरवरी 2026 में सेल ने 1.58 मिलियन टन की कुल बिक्री की। इसके साथ ही कंपनी ने जनवरी की तुलना में स्टॉक में 1.05 लाख टन की कमी की और अपने ऋण को 1,000 करोड़ रुपए घटाया। ये आंकड़े वित्तीय अनुशासन और कुशल संचालन का संकेत देते हैं। रिटेल बिक्री और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोणसेल ने रिटेल बिक्री के क्षेत्र में भी सुधार दिखाया। स्टॉकयार्ड बिक्री और घर-घर डिलीवरी दोनों में मजबूत सुधार हुआ, जो कंपनी के ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को उजागर करता है। चेकर प्लेट उत्पादन की शुरुआतबाजार की बदलती मांग के अनुसार, सेल ने झारखंड के Bokaro Steel Plant में चेकर प्लेट का उत्पादन फिर से शुरू किया है। यह उत्पाद पहली बार बोकारो में बनाया जा रहा है और प्रमुख क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादक क्षमता बढ़ाने का कदम है। वित्तीय अनुशासन और बाजार तालमेलकंपनी के निदेशक (वाणिज्यिक) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे A.K. Panda ने कहा कि कंपनी बाजार की जरूरतों को पूरा करते हुए वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया, “हम इन्वेंट्री और कार्यशील पूंजी का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करके वित्तीय अनुशासन प्रदर्शित कर रहे हैं, जो कंपनी की नींव को मजबूत करता है।” रिकॉर्ड बिक्री और ग्राहक भरोसापांडा ने आगे कहा कि रिकॉर्ड बिक्री और नकद संग्रह हमारे ग्राहकों के हम पर भरोसे का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी बाजार के साथ तालमेल बिठाने और आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। सेल का यह प्रदर्शन न केवल वित्तीय मजबूती को दर्शाता है बल्कि यह संकेत भी देता है कि कंपनी अपने ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और कुशल प्रबंधन के साथ भविष्य में भी स्थिर और सतत विकास की राह पर आगे बढ़ रही है।

खंडवा में आग का कहर: 6 मकान जलकर खाक, 20 बकरियां जिंदा जलीं

खंडवा। खंडवा जिले के आदिवासी फाल्या में बुधवार दोपहर को आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पंधाना तहसील की शेखपुरा ग्राम पंचायत, जामली खुर्द खापरी गांव में धनतर मामा के फाल्या पर बने एक ही परिवार के 6 मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 बकरियां भी जिंदा जल गईं, जबकि मकानों में रखा पूरा घरेलू सामान राख में तब्दील हो गया। घटनास्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 🔥 घटना का समय और शुरुआती जानकारीघटना दोपहर 1 बजे की बताई जा रही है। आग लगने के समय परिवार के सदस्य गेहूं की कटाई के लिए बाहर गए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग को रोकने के लिए ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों का उपयोग किया और खेतों में कल्टीवेटर चलाकर आग की लपटों को गेहूं की खड़ी फसलों तक फैलने से रोका। 🐐 जान-माल का भारी नुकसानमौके पर पहुंचे पटवारी प्रेमसिंह रावत ने बताया कि आग लगने के कारण फिलहाल अज्ञात हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई गई है, लेकिन जांच अभी जारी है। 20 बकरियां जिंदा जल गईं। 6 मकान पूरी तरह खाक हो गए, जिसमें 100 फीसदी नुकसान हुआ। घरों में रखी नकदी और चांदी भी आग की भेंट चढ़ गई। पीड़ितों ने बताया कि घरों में लगभग 5 लाख रुपए की नकदी रखी थी। एक परिवार के पास 2 लाख रुपए ट्रैक्टर की किश्त भरने के लिए थे। इसके अलावा महिलाओं के पास लगभग 5 किलो चांदी की ज्वैलरी थी। 📝 प्रशासन की कार्रवाईपटवारी रावत ने कहा कि पंचानामा बनाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसे जल्द ही तहसीलदार के समक्ष पेश किया जाएगा, ताकि सरकारी मदद और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो सके। ⚡ ग्रामीणों का सहयोगग्रामीणों ने आग के फैलाव को रोकने के लिए तत्काल ट्रैक्टर और खेतों में कल्टीवेटर का इस्तेमाल किया। इससे आसपास की फसलें सुरक्षित रह सकीं और आग और अधिक व्यापक नहीं फैल सकी। 🏷️ कीवर्ड्स (comma-separated)खंडवा आग हादसा, आदिवासी फाल्या, 6 मकान जले, 20 बकरियां जिंदा जलीं, शॉर्ट सर्किट संभावना, फायर ब्रिगेड, पंधाना तहसील, जामली खुर्द खापरी, नकदी और चांदी जल गई, ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से आग रोकी, पंचानामा, तहसीलदार रिपोर्ट, घरेलू नुकसान, मध्य प्रदेश न्यूज, आग से परिवार प्रभावित

रियल एस्टेट निवेश में भारत की चमक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बना प्रमुख केंद्र

नई दिल्ली। कॉलियर्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नौ प्रमुख बाजारों में रियल एस्टेट निवेश के मामले में 2025 में सबसे तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की है। इस दौरान कुल निवेश 162 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया कि साल के दूसरे हिस्से में निवेश गतिविधियों में तेजी आई, क्योंकि खरीदार और विक्रेता कीमतों को लेकर एक-दूसरे के करीब आए। भारत और सिंगापुर में निवेश में सबसे अधिक बढ़ोतरीरिपोर्ट में उल्लेख है कि सिंगापुर और भारत में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा निवेश वृद्धि हुई। सिंगापुर में 35 प्रतिशत और भारत में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार की बेहतर स्थिति और निवेश के आकर्षक अवसरों को दर्शाती है। विदेशी निवेशकों की मजबूत भागीदारीकॉलियर्स इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर Badal Yagnik ने कहा कि भारत में विदेशी निवेशकों की भागीदारी भी काफी मजबूत रही। 8.5 अरब डॉलर के निवेश में से करीब 43 प्रतिशत हिस्सा विदेशी निवेशकों का था। उन्होंने कहा कि घरेलू और विदेशी निवेश दोनों ने मिलकर भारत को रियल एस्टेट निवेश का आकर्षक केंद्र बना दिया है। ऑफिस प्रॉपर्टी में सबसे अधिक निवेशरिपोर्ट में बताया गया कि 2025 में भारत में सबसे ज्यादा निवेश ऑफिस प्रॉपर्टी में हुआ। इसकी वजह उच्च गुणवत्ता वाले ऑफिस स्पेस की लगातार मांग और प्रमुख केंद्रीय व्यापार क्षेत्र (सीबीडी) में सीमित नई आपूर्ति रही। भारत में 2025 में ऑफिस प्रॉपर्टी में करीब 4.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल संस्थागत निवेश का आधे से अधिक हिस्सा है। रिटेल और वैकल्पिक एसेट्स में भी निवेश बढ़ारिटेल सेक्टर में निवेश सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा। बेहतर एसेट प्रदर्शन और उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इसके अलावा, वैकल्पिक एसेट क्लास सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर बना, जहां संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग देखने को मिली। 2026 में निवेश की संभावनाएंरिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में भी भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश मजबूत रहने की संभावना है। इसकी वजह देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियों की लगातार मांग है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताएं निवेश पर असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञों की रायकॉलियर्स इंडिया के रिसर्च नेशनल डायरेक्टर Vimal Nadar ने कहा कि भारत में संस्थागत निवेशकों की पहली पसंद ऑफिस सेक्टर ही बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 2025 में नौ प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में से पांच में रियल एस्टेट निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा ऑफिस सेक्टर का रहा। रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार, भारत न केवल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर रियल एस्टेट निवेश के लिए आकर्षक और स्थिर केंद्र बनता जा रहा है। देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि, निवेशकों के भरोसे और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियों की मांग इस स्थिति को और मजबूत करती है।

अंजना हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया, पूर्व मंत्री पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के बरोदिया नौनागिर में हुए बहुचर्चित अंजना हत्याकांड में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने मध्य प्रदेश पुलिस की जांच थ्योरी को खारिज करते हुए पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया। यह आदेश जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने जारी किया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीड़ित परिवार शुरू से ही आरोप लगाता रहा है कि आरोपियों को पूर्व मंत्री और स्थानीय रसूखदारों का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण पुलिस ने कभी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। रसूखदारों का साया और राजनीतिक संरक्षणपीड़ित परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपियों को पूर्व मंत्री का संरक्षण मिला था। इसी कारण 2019 में अंजना के साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत पर पुलिस ने कड़ी धाराएं नहीं लगाईं। इसके बाद गवाहों को धमकाने और हत्या की घटनाओं का सिलसिला शुरू हुआ। पहले अंजना के भाई नितिन की पीट-पीटकर हत्या की गई। इसके बाद मुख्य गवाह चाचा राजेंद्र की हत्या हुई। पुलिस इन हत्याओं को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही। अंजना की मौत और पुलिस की लापरवाहीसबसे बड़ी लापरवाही तब हुई जब मुख्य गवाह अंजना की संदिग्ध मौत हुई। चाचा राजेंद्र का शव एम्बुलेंस से लाते समय अंजना की मौत हो गई। पुलिस ने इसे गाड़ी से गिरना बताकर केस को रफा-दफा करने की कोशिश की। हालांकि पोस्टमार्टम में अंजना के शरीर पर 14 गंभीर चोटें और सिर की हड्डी में 9 सेंटीमीटर का बड़ा फ्रैक्चर पाया गया, जो स्पष्ट हत्या की कहानी बयान करता है। सियासी गलियारों में हलचलमामला राज्य की सियासत में भी गरमा गया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मृतका की मां से राखी बंधवाकर न्याय दिलाने की कसम खाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी परिवार से मिलकर सांत्वना दी। लेकिन स्थानीय राजनीतिक दबाव के चलते पीड़ित परिवार को पुलिस जांच पर अविश्वास था। अब होगी CBI जांचसुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता (अंजना की मां ‘बड़ी बहू’) की ओर से वकील कोलिन गोंजाल्विस, मीनाक्षी अरोरा और मिनेश दुबे ने पक्ष रखा। अब CBI की टीम सागर आएगी, पुलिस के अब तक के सभी रिकॉर्ड जब्त करेगी और मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।गवाहों को धमकाने वाले ‘सफेदपोश’ चेहरे और पुलिस-नेताओं के गठजोड़ की जांच होगी।राजनीतिक संरक्षण देने वाले बड़े नेताओं से भी पूछताछ हो सकती है।पूरे मामले में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की संभावना बढ़ गई है। 

भारत अमेरिका का अहम साथी, तेल की कीमतें स्थिर रखने में भी निभा रहा भूमिका: राजदूत सर्जियो गोर

नई दिल्ली। भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि भारत दुनिया में तेल की कीमतों को स्थिर रखने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर लिखा कि भारत की रूस से निरंतर तेल खरीद ऊर्जा बाजार को स्थिर करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। राजदूत ने इसे अमेरिका और भारत के बीच वैश्विक तेल मार्केट में स्थिरता लाने वाले सहयोग का उदाहरण बताया। भारत: तेल का बड़ा उपभोक्ता और रिफाइनरSergio Gor ने आगे कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और रिफाइनर है, इसलिए भारत की नीतियां वैश्विक तेल बाजार पर सीधे असर डालती हैं। उन्होंने कहा, “अमेरिका और भारत को मिलकर मार्केट में स्थिरता लाने के लिए काम करना जरूरी है।” इस बयान के साथ उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रूस से भारत की लगातार तेल खरीद इस वैश्विक स्थिरता प्रयास का हिस्सा है। ईरान संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य की भूमिकायह बयान ऐसे समय आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में खतरा पैदा हुआ है। इसके चलते तेल कीमतों में उथल-पुथल होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका ने इस स्थिति में भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए विशेष छूट दी थी, ताकि तेल की आपूर्ति को बनाए रखा जा सके और बाजार में स्थिरता बनी रहे। व्हाइट हाउस की पुष्टिव्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Caroline Leavitt ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रपति, ट्रेजरी विभाग और नेशनल सिक्योरिटी टीम की बैठक के बाद लिया गया। उनका कहना था कि भारत अमेरिका के लिए भरोसेमंद सहयोगी रहा है और इस फैसले से वैश्विक तेल सप्लाई में ईरान संकट से पैदा हुए अंतर को कम करने में मदद मिली। रूस को आर्थिक लाभ का कोई खास असर नहींलेविट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस छूट से मास्को को आर्थिक रूप से कोई खास फायदा नहीं होगा। इसका उद्देश्य केवल वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति और स्थिरता बनाए रखना था। उन्होंने बताया कि छूट मिलने से पहले ही भारत के लिए शिपमेंट भेज दिए गए थे, जिससे तेल आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आई। राजदूत Sergio Gor के बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत न केवल खुद के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल बाजार की स्थिरता सुनिश्चित करने में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। रूस से भारत की तेल खरीद को भी इसी दृष्टिकोण से देखा जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण

भोपाल । भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनका शौर्य एवं पराक्रम आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। डॉ. यादव ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज की गौरव गाथा सदैव भारतीय इतिहास और मराठा गौरव का प्रतीक बनी रहेगी। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे महाराज के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपनाएं और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें। मुख्यमंत्री के इस स्मरण कार्यक्रम में अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और महाराज के सम्मान में पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर प्रदेश में शौर्य और वीरता की भावना को जागरूक रखने पर जोर दिया गया।

Vijaypur Assembly by-election: विजयपुर उपचुनाव विवाद अब सुप्रीम कोर्ट में, मल्होत्रा की SLP की तैयारी; रावत भी दिल्ली पहुंचे

SUPREME COURT

HIGHLIGHTS:  विजयपुर उपचुनाव विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुकेश मल्होत्रा हाईकोर्ट के फैसले को देंगे चुनौती सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) की तैयारी रामनिवास रावत भी केविएट दाखिल करने दिल्ली पहुंचे हाईकोर्ट ने मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित किया था Vijaypur Assembly by-election: श्योपुर। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर चल रहा राजनीतिक और कानूनी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। ग्वालियर स्थित हाईकोर्ट की बेंच द्वारा दिए गए फैसले के बाद विधायक मुकेश मल्होत्रा ने उसे चुनौती देने का फैसला किया है। इसके लिए वे दिल्ली पहुंच गए हैं और विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले को दी जाएगी चुनौती कांग्रेस नेताओं के अनुसार, बुधवार तक सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करने की कोशिश की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हाईकोर्ट के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी जाएगी। भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा हाईकोर्ट ने अपने फैसले में विजयपुर उपचुनाव में मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया था। साथ ही अदालत ने पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को निर्वाचित घोषित किया था, जिसके बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। रावत की ओर से केविएट दाखिल करने की तैयारी उधर पूर्व मंत्री रामनिवास रावत भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। वे सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। केविएट दाखिल करने का उद्देश्य यह है कि यदि मल्होत्रा की ओर से कोई अपील दायर की जाती है, तो अदालत उनके पक्ष को सुने बिना कोई अंतरिम आदेश न दे। भोपाल सुसाइड: रेप केस में फंसे हारमोनियम वादक ने तोड़ा दम, जमानत के बाद डिप्रेशन में था नेशनल अवार्ड विनर राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर काफी हलचल है और अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और फैसले पर टिकी हुई है।