मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रचना टॉवर परिसर का दौरा किया, सौंदर्यीकरण और पार्क बनाने के दिए निर्देश

भोपाल । भोपाल सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत स्थित रचना टॉवर परिसर का दौरा कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मिलकर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं पर चर्चा की। नागरिकों द्वारा बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और परिसर के सौंदर्यीकरण की मांग उठाए जाने पर मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को रचना टॉवर के सामने स्थित पेविंग के पास सौंदर्यीकरण कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देने के लिए पार्क का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराना है और क्षेत्र की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। मंत्री ने पार्क के साथ ही ओपन जिम की स्थापना करने के भी आदेश दिए ताकि नागरिक नियमित रूप से व्यायाम कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बढ़ती आबादी को देखते हुए इस प्रकार की सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क और ओपन जिम की फेंसिंग कर उसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर मंत्री श्री सारंग ने रचना टॉवर परिसर के सामने पोल लाइट लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रकाश व्यवस्था से न केवल परिसर आकर्षक बनेगा बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सौंदर्यीकरण और पार्क निर्माण के सभी कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्रता से क्रियान्वयन किया जाए ताकि नागरिक जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद थे। नागरिकों ने क्षेत्र में विकास के लिए मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया और उनकी पहल की सराहना की। मंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे परियोजना के दौरान अपनी सुझाव और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराते रहें ताकि कार्य अधिक प्रभावी और सभी के लिए लाभकारी हो। रचना टॉवर परिसर का यह सौंदर्यीकरण और पार्क निर्माण केवल एक जगह को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे क्षेत्र के जीवन स्तर को सुधारने और नागरिकों के लिए बेहतर सामाजिक और मनोरंजन सुविधाओं की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मंत्री की इस पहल से स्थानीय जनता को स्वच्छता सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली की सुविधा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि निर्देशानुसार सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएंगे और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई: महिलाओं की शिकायतों पर फौरन कार्रवाई का भरोसा

भोपाल। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर बुधवार को एमएलबी कॉलेज, भोपाल में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को सुनने और समाधान कराने के लिए पहुंची। आयोग ने मौके पर ही कई मामलों का समाधान करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान एक महिला, जो एक साल के बच्चे के साथ आई थी, ने आयोग के सामने बताया कि वर्ष 2025 से कोई उसका पीछा कर परेशान कर रहा है। उसने यह शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और महिला को भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा। इसी बीच करोंद क्षेत्र की सुधीर राय की पत्नी भी बेंच के सामने आईं और बताया कि उनका विवाद सुलझ गया है, लेकिन आयोग को दी गई शिकायत में उनका नाम अब तक नहीं हटाया गया, इसलिए उन्हें फिर से आना पड़ा। इस पर अध्यक्ष रहाटकर ने गुलदस्ता देकर विवाद समाप्त कराया और महिला को राहत दिलाई। 📝 आयोग का उद्देश्य और कार्यप्रणालीअध्यक्ष रहाटकर ने बताया कि कई महिलाएं सीधे राष्ट्रीय या राज्य महिला आयोग तक अपनी शिकायतें नहीं पहुंचा पाती, इसलिए आयोग स्वयं महिलाओं के बीच जाकर जनसुनवाई कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं आसानी से अपने अधिकारों के लिए शिकायत दर्ज करा सकें और मौके पर समाधान पा सकें। भोपाल में इस जनसुनवाई के दौरान करीब 50 मामलों की सुनवाई की जाएगी। सुनवाई में कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, संबंधित थानों के अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। इससे कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया जा सकता है और शिकायतकर्ता को तुरंत राहत मिलती है। ⚡ प्रशासनिक तैयारी और व्यवस्थाअध्यक्ष के आने से पहले ही भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उनकी पूरी टीम सुनवाई स्थल पर पहुंच गई थी। दरअसल, पिछले वर्ष आयोग अध्यक्ष के समय पर आने पर कलेक्टर की देरी से नाराजगी जताई गई थी, इसलिए इस बार प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया गया। अधिकारियों ने सुनवाई स्थल की तैयारियों की समीक्षा की और महिलाओं के स्वागत के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की। 🔹 प्रमुख बातेंमहिलाओं की शिकायतें गंभीर और संवेदनशील थीं, जिनमें घरेलू हिंसा, पीछा करने वाले, और पुलिस की लापरवाही शामिल थी। आयोग ने 50 मामलों की सुनवाई शुरू की और कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का पद फिलहाल खाली है। इस संबंध में वे उचित मंच पर अपनी बात रखेगी। आयोग का उद्देश्य है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आसानी से शिकायत कर सकें और तुरंत न्याय और सुरक्षा प्राप्त कर सकें। भोपाल, राष्ट्रीय महिला आयोग, विजया रहाटकर, जनसुनवाई, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, पीछा करने वाला, पुलिस शिकायत, एमएलबी कॉलेज, मध्य प्रदेश, महिलाओं की समस्याएं, समाधान मौके पर, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, 50 मामलों की सुनवाई, राज्य महिला आयोग, महिला शिकायतें, कानूनी कार्रवाई, गंभीर मामलों की सुनवाई, महिला अधिकार, आयोग बेंच, सरकारी प्रोटोकॉल, न्यायिक समाधान
जीतू पटवारी का बड़ा आरोप: जल संसाधन विभाग में टेंडर सिंडिकेट

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जल संसाधन विभाग (WRD) में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं में सिर्फ ठेकेदारी और कमीशन का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि बड़े टेंडरों में केवल चुनिंदा कंपनियों का कब्जा है और प्रतिस्पर्धा खत्म कर दी गई है। पटवारी ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस दस्तावेजों के साथ सीबीआई जाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार इसे ‘कृषि वर्ष’ कह रही है, जबकि यह ‘कमीशन वर्ष’ है। कल ही सरकार ने 5800 करोड़ का कर्ज लिया, लेकिन यह पैसा किसानों के पास नहीं, बल्कि चहेते ठेकेदारों की जेब में जा रहा है।” 💥 पटवारी के 5 प्रमुख आरोपटेंडर सिंडिकेट: बड़े टेंडरों में केवल फलोदी और गुप्ता कंस्ट्रक्शन जैसी कंपनियां ही L1 रोटेशन सिस्टम के तहत जीतती हैं। कभी एक कंपनी, कभी दूसरी – प्रतिस्पर्धा खत्म। दुबई कनेक्शन और मनी ट्रेल: पटवारी ने दो नामों नौशाद और अश्विन नाटू का जिक्र किया। आरोप लगाया कि इन लोगों के साथ मंत्रियों के रिश्तेदारों के दुबई बिजनेस हैं। मामला सीधे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है। फर्जी बैंक गारंटी: विभाग में ठेकेदार फर्जी बैंक गारंटी जमा कर करोड़ों का एडवांस ले रहे हैं। जल निगम में फर्जीवाड़ा पकड़ने के बाद भी e-BG सिस्टम लागू नहीं किया गया। भाजपा कार्यालय और केन-बेतवा लिंक: केन-बेतवा प्रोजेक्ट का ठेका उसी कंपनी को मिला जो भाजपा कार्यालय का निर्माण कर रही है। पटवारी ने कहा कि यह पार्टी दफ्तर बनाओ, कमीशन लो और फिर काम करो या रोक दो का खेल है। तकनीकी धोखाधड़ी: जमीन पर सस्ते HDPE पाइप डाले गए और कागजों में महंगे DI पाइप दिखाकर करोड़ों का भुगतान किया गया। ❓ सवाल और चेतावनीपटवारी ने पूछा: “नौशाद और अश्विन नाटू कौन हैं?” सरकार से पूछा कि सभी बैंक गारंटियों की जांच कब होगी। 2023-24 के टेंडरों की न्यायिक जांच अभी तक क्यों नहीं कराई गई? उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो सीबीआई शिकायत दी जाएगी। सिंचाई के रकबे का सरकारी दावा झूठा है, कांग्रेस स्वयं सत्यापन कर सच सामने लाएगी। 🏷️ कीवर्ड्स (comma-separated)जीतू पटवारी, जल संसाधन विभाग, WRD, टेंडर सिंडिकेट, भ्रष्टाचार, ठेकेदारी, कमीशन, केन-बेतवा प्रोजेक्ट, भाजपा कार्यालय, नौशाद, अश्विन नाटू, फर्जी बैंक गारंटी, e-BG सिस्टम, HDPE पाइप, DI पाइप, मध्य प्रदेश, सीबीआई शिकायत, सिंचाई परियोजनाएं, L1 रोटेशन, कांग्रेस अल्टीमेटम
व्हाइट हाउस: अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

वाशिंगटन । वाशिंगटन: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित नहीं होने देंगे और इस रणनीति का एक मुख्य हिस्सा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शामिल है। दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की आपूर्ति लगातार जारी रहनी चाहिए ताकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को उनकी ऊर्जा जरूरतें मिलती रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने का प्रयास करता है तो उसे कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। लेविट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर है और होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट को रोकने के लिए अब तक से भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे ज़रूरी एनर्जी चेकपॉइंट्स में से एक है जहां से वैश्विक तेल शिपमेंट का बड़ा हिस्सा गुजरता है। कोई भी रुकावट तेल की कीमतों को तेजी से बढ़ा सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार को अस्थिर कर सकती है। व्हाइट हाउस ने बताया कि ईरान संघर्ष के दौरान ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने की संभावना को पहले से भांपा गया था। इसी वजह से प्रशासन ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। अब तक ट्रंप प्रशासन ने टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा और अस्थायी राहत प्रदान की है। सुरक्षा उपायों में अमेरिकी नौसेना की संभावित भूमिका भी शामिल है। जरूरत पड़ने पर नौसेना तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने के लिए उनके साथ चल सकती है। व्हाइट हाउस ने कहा कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे के कदमों पर लगातार विचार कर रहा है। लेविट ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी ऊर्जा टीम बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उद्योग जगत के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी सेना को निर्देश दिए गए हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए अतिरिक्त विकल्प तैयार किए जाएं। बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर चिंतित अमेरिकी नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए लेविट ने कहा कि हाल की बढ़ोतरी अस्थायी है और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के सफल होने से लंबी अवधि में तेल और गैस की कीमतों में गिरावट आएगी। उन्होंने कहा एक बार जब ऑपरेशन के नेशनल सिक्योरिटी मकसद पूरे होंगे तो अमेरिकी तेल और गैस की कीमतें तेजी से गिरेंगी। व्हाइट हाउस के अनुसार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना उसकी नेवी फोर्स को सीमित करना और उसे न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकना है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है और दुनिया के बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं जैसे भारत चीन जापान और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं की भी सुरक्षा पर नजर है।
भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा

भोपाल। राजधानी भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर बुधवार सुबह आयकर विभाग (IT Department) की दिल्ली टीम ने छापेमारी की। टीम ने शहर के कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई का विवरणआयकर अधिकारी कारोबारी से जुड़े कागजात, बैंक लेनदेन और वित्तीय दस्तावेज की पड़ताल कर रहे हैं।टीम आय और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।मामले में जांच अभी जारी है, और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भी दिलीप गुप्ता के भोपाल स्थित दो ठिकानों पर छापा मार चुका है।उस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी, दस्तावेज और महत्वपूर्ण फाइलें जब्त की गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है, और मामले की पूरी जानकारी दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
भारत ने दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में अमेरिका के लिए निभाई अहम भूमिका: राजदूत सर्जियो गोर

नई दिल्ली । अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में भारत की वैश्विक ऊर्जा बाजार में भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में अमेरिका का बहुत बड़ा साथी रहा है। गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह बात साझा करते हुए विशेष रूप से भारत की रूस से लगातार तेल खरीद को वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के लिए जरूरी बताया। राजदूत गोर ने लिखा भारत तेल के सबसे बड़े कंज्यूमर और रिफाइनर में से एक है। अमेरिका और भारत के लिए मार्केट में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार भारत की नीति न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी गहरा असर डालती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक तेल बाजार में ईरान संकट के चलते भारी अस्थिरता देखी जा रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित बंदी की वजह से तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में भारत की सक्रिय भूमिका और रूस से तेल खरीद की नीति को अमेरिका ने विशेष महत्व दिया है। व्हाइट हाउस ने पहले ही प्रेस बयान में कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए तत्कालीन छूट दी थी। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि यह फैसला राष्ट्रपति ट्रेजरी विभाग और नेशनल सिक्योरिटी टीम के संयुक्त विचार-विमर्श के बाद लिया गया। लेविट के अनुसार भारत में हमारे सहयोगी अच्छे रहे हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। उन्होंने बताया कि ईरान संकट के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई में पैदा हुए अस्थायी अंतर को कम करने के मकसद से यह तत्कालीन उपाय किया गया। छूट मिलने से पहले ही भारत को शिपमेंट भेज दिए गए थे। व्हाइट हाउस का मानना है कि इस व्यवस्था से मास्को को आर्थिक रूप से कोई खास लाभ नहीं होगा। विश्लेषकों का कहना है कि भारत का यह कदम न केवल घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता है बल्कि वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लाने में भी मददगार साबित होता है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल कंज्यूमर और रिफाइनर है। ऐसे में देश की नीति और तेल खरीद की रणनीति वैश्विक स्तर पर भावनाओं और कीमतों को प्रभावित करती है। इस पूरे परिप्रेक्ष्य में अमेरिका और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग की नई चुनौतियों और अवसरों का संकेत मिलता है। वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता और ईरान-संबंधी संकट के बीच भारत की भूमिका और रणनीतिक महत्व बढ़ गया है। राजदूत गोर के बयान से यह भी साफ होता है कि अमेरिका भारत को एक भरोसेमंद और सक्रिय साझेदार के रूप में देखता है जो अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
भोपाल सुसाइड: रेप केस में फंसे हारमोनियम वादक ने तोड़ा दम, जमानत के बाद डिप्रेशन में था नेशनल अवार्ड विनर

भोपाल। राजधानी के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली हारमोनियम वादक विवेक तिवारी (24) ने मंगलवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। विवेक हाल ही में अपनी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था। बुधवार सुबह अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रतिष्ठा का बोझ: पुजारी पिता और ‘राष्ट्रीय सम्मान’ का सायाविवेक तिवारी केवल एक सामान्य युवक नहीं था, बल्कि हारमोनियम वादन में उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका था। पिता की साख: विवेक के पिता गांव के मंदिर में पुजारी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि विवेक इस बात को लेकर गहरे मानसिक तनाव में था कि उसके ऊपर लगे ‘रेप’ के आरोपों से उसके पुजारी पिता की समाज में प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।करीब 6 महीने जेल में रहने के बाद विवेक 20 दिन पहले ही रिहा हुआ था। घर लौटने के बाद से ही वह गुमसुम और तनावग्रस्त रहने लगा था। मामले की पृष्ठभूमि: नवंबर 2025 में दर्ज हुआ था केसयह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब नवंबर 2025 में विवेक के खिलाफ उसकी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ।दोनों परिवारों के बीच सहमति थी कि लड़की के बालिग होते ही दोनों का विवाह कर दिया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही मामला पुलिस तक पहुँच गया।रेप की शिकायत के बाद जब पीड़िता के माता-पिता विवेक के घर पहुँचे, तो वहां विवाद हुआ। इस दौरान विवेक की माँ और बहन पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी मामला दर्ज किया गया था। पुलिस कार्रवाई: सुसाइड नोट गायब, कमरा सीलबिलखिरिया टीआई उमेश चौहान के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने विवेक के कमरे को सील कर दिया है और एफएसएल (FSL) टीम की मौजूदगी में कमरे की विस्तृत तलाशी ली जाएगी।फिलहाल परिजनों की स्थिति बयान देने योग्य नहीं है, जल्द ही उनके और पीड़िता के परिवार के बयान दर्ज कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।
स्वराज्य ही उनके लिए सर्वस्व था : छत्रपति संभाजी महाराज

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय इतिहास के पन्नों को जब भी पलटा जाएगा, तब वीरता, संघर्ष और स्वराज्य की रक्षा के प्रेरणापुंज छत्रपति संभाजी महाराज का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाएगा। उनका संपूर्ण जीवन अदम्य साहस, अटूट आत्मसम्मान और धर्म तथा स्वराज्य के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरक गाथा है। 11 मार्च 1689 का दिन भारतीय इतिहास में उस अमर क्षण के रूप में अंकित है, जब ‘स्वराज्य’ के इस महान रक्षक ने औरंगजेब की इस्लामिक जिहादी क्रूर यातनाओं के सामने झुकने की बजाय अपने प्राणों का बलिदान देना ही उचित माना। यही कारण है कि उन्हें भारत के राष्ट्रीय चेतना के हिन्दू-सनातन भाव भरे इतिहास में स्वराज्य रक्षक के रूप में स्मरण किया जाता है। छत्रपति संभाजी महाराज का जन्म 14 मई 1657 को पुरंदर किले में हुआ था। उनकी माता साईबाई थीं, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रथम पत्नी थीं। दुर्भाग्य से संभाजी महाराज की माता का निधन तब हो गया जब वे मात्र दो वर्ष के थे। इसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी दादी वीरमाता जीजाबाई ने किया। जीजाबाई ने बचपन से ही उनमें धर्म, साहस, स्वाभिमान और स्वराज्य की रक्षा के संस्कार भर दिए। यही संस्कार आगे चलकर उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी शक्ति बने। प्रसिद्ध इतिहासकार जदुनाथ सरकार अपनी पुस्तक ‘शिवाजी एंड हिज टाइम्स’ में लिखते हैं, “शिवाजी की पहली पत्नी साईबाई से 14 मई 1657 को उनके ज्येष्ठ पुत्र संभाजी का जन्म हुआ।” (पृष्ठ 64) यह दिन उस महान व्यक्तित्व की शुरुआत है जिसने आगे चलकर मराठा साम्राज्य की रक्षा में अद्वितीय भूमिका निभाई। संभाजी महाराज बचपन से ही अत्यंत तेजस्वी, साहसी और बुद्धिमान थे। मात्र नौ वर्ष की आयु में उन्हें 1665 की पुरंदर संधि के बाद मुगलों के पास राजनीतिक बंधक के रूप में भेजा गया। वहाँ उन्हें आमेर के राजा जयसिंह प्रथम के साथ रहना पड़ा। मुगल दरबार की राजनीति, कूटनीति और शक्ति के स्वरूप को उन्होंने बहुत निकट से देखा। यह अनुभव उनके जीवन का पहला राजनीतिक पाठ था, जिसने उनके व्यक्तित्व को और अधिक दृढ़ बना दिया। इतिहासकार स्टुअर्ट गॉर्डन ‘द मराठाज 1600–1818’ पुस्तक में लिखते हैं कि “बचपन में ही संभाजी ने असाधारण बुद्धिमत्ता और साहस का परिचय दिया, जिसने आगे चलकर उनके नेतृत्व को आकार दिया।”(पृष्ठ 88)। वस्तुत: 1680 में छत्रपति शिवाजी महाराज के निधन के बाद मराठा साम्राज्य में उत्तराधिकार को लेकर संकट उत्पन्न हो गया। शिवाजी महाराज की दूसरी पत्नी सोयराबाई अपने पुत्र राजाराम को सिंहासन पर बैठाना चाहती थीं। इससे राज्य में राजनीतिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। लगभग नौ महीनों तक चली इस स्थिति के बाद सेनापति हम्बीरराव मोहिते और अन्य प्रमुख मराठा सरदारों के समर्थन से 1681 में संभाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ और वे मराठा साम्राज्य के छत्रपति बने। इसका विस्तारित उल्लेख इतिहासकार गोविंद सखाराम सरदेसाई ने पुस्तक ‘न्यू हिस्ट्री ऑफ द मराठाज खंड 1’ में बहुत विस्तार से किया है, उनका कहना हैकि “संक्षिप्त संघर्ष के बाद 1681 में संभाजी ने प्रमुख मराठा सरदारों के समर्थन से सिंहासन ग्रहण किया।”(पृष्ठ 322)। छत्रपति बनने के बाद संभाजी महाराज ने अपने पिता की स्थापित हिंदवी स्वराज्य की परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने प्रशासन को सुदृढ़ किया, योग्य अधिकारियों की नियुक्ति की और आठ मंत्रियों की परिषद को सक्रिय बनाए रखा। उन्होंने न्याय व्यवस्था को मजबूत किया और प्रजा के कल्याण को सर्वोपरि माना। उनके शासन में अनुशासन, संगठन और प्रशासनिक क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलता है। संभाजी महाराज एक महान योद्धा होने के साथ ही विद्वान और साहित्यप्रेमी भी थे। उन्हें संस्कृत और मराठी भाषा का गहन ज्ञान था। उन्होंने बुधभूषण, नायिकाभेद और सतशतक जैसी साहित्यिक रचनाएँ भी कीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे युद्ध के साथ-साथ संस्कृति और ज्ञान के भी संरक्षक थे। इतिहासकार कमल गोखले अपनी पुस्तक ‘संभाजी’ में उनके इस व्यक्तित्व के गुण पर गहराई से प्रकाश डाला है, वे लिखती हैं, “लगातार युद्धों के बावजूद संभाजी ने साहित्य और विद्वता को प्रोत्साहित किया और स्वयं संस्कृत ग्रंथों की रचना की।”(पृष्ठ 145)। दूसरी ओर यह भी उनके जीवन का बड़ा सत्य है कि संभाजी महाराज का अधिकांश शासनकाल युद्धों में बीता। मुगल सम्राट औरंगजेब इस्लाम की जिहादी मानसिकता की पराकाष्ठा तक भरा हुआ था, उसे हिन्दू एक आंख नहीं सुहाते थे, ऐसे में वो हिन्दवी स्वराज्य को कैसे स्वीकार्य कर सकता था, वो मराठा साम्राज्य को समाप्त करना चाहता था। इसी उद्देश्य से वह स्वयं विशाल सेना लेकर दक्षिण भारत आ गया। 1682 से 1688 तक संभाजी महाराज ने मुगलों, पुर्तगालियों और अन्य शत्रुओं के विरुद्ध लगातार युद्ध किए। उन्होंने अपने पिता शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्ध नीति को अपनाया। इस युद्ध नीति में अचानक आक्रमण करना, घात लगाकर हमला करना और तुरंत पीछे हट जाना शामिल था। इस रणनीति के कारण मुगलों की विशाल सेना भी मराठों के सामने कई बार असहाय हो जाती थी। इतिहासकार जदुनाथ सरकार शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्ध नीति पर विस्तार से लिखते हैं, और अपनी पुस्तक में संभाजी द्वारा इसके उपयोग पर गहराई से बात करते हैं, वे कहते हैं- “संभाजी ने शिवाजी की गुरिल्ला युद्ध नीति को आगे बढ़ाया और औरंगजेब का अत्यंत दृढ़ता से प्रतिरोध किया।”(जदुनाथ सरकार, हिस्ट्री ऑफ औरंगजेब, खंड 5, पृष्ठ 231)। हालाँकि 1687 में वाई के युद्ध में मराठा सेना के महान सेनापति हम्बीरराव मोहिते वीरगति को प्राप्त हो गए। इससे मराठा सेना का मनोबल प्रभावित हुआ और परिस्थितियाँ धीरे-धीरे कठिन होती गईं। अंततः 1 फरवरी 1689 को संगमेश्वर में शिरके कबीले के कुछ लोगों के विश्वासघात के कारण मुगल सेनापति मुकर्रब खान ने संभाजी महाराज को बंदी बना लिया। उनके साथ उनके प्रिय मित्र और विद्वान कवि कलश भी बंदी बनाए गए। संभाजी महाराज को औरंगजेब के सामने प्रस्तुत किया गया। औरंगजेब ने कई दिनों तक उन्हें अमानवीय यातनाएँ दीं और इस्लाम स्वीकार करने के लिए दबाव डाला। लेकिन संभाजी महाराज अपने धर्म, स्वाभिमान और स्वराज्य के आदर्शों से तनिक भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इतिहासकार सरदेसाई इस प्रसंग का वर्णन कुछ इस तरह से करते हैं, “अत्यंत कठोर यातनाओं के बावजूद संभाजी ने औरंगजेब के सामने झुकने से इंकार कर दिया।” उन्हें भयंकर प्रताड़नाएं दी गईं, कई दिन भूखा रखा गया, शरीर का रोम-रोम अलग कर दिया गया, किंतु स्वधर्म की
बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन

भोपाल । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल का आज बुधवार को दुखद निधन हो गया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। सुरभि खंडेलवाल के निधन से क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। उनकी अंतिम यात्रा आज शाम 5:00 बजे उनके निज निवास बैतूल गंज से कोठी बाजार मोक्ष धाम के लिए रवाना होगी। अंतिम संस्कार कोठी बाजार मोक्ष धाम में किया जाएगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
ASHOKNAGAR ACCIDENT: अशोकनगर में विधानसभा अध्यक्ष के काफिले का एक्सीडेंट: गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित होकर टकराईं दो गाड़ियां

HIGHLIGHTS: अशोकनगर-देहरदा रोड पर विधानसभा अध्यक्ष के काफिले का हादसा निर्माणाधीन सड़क पर गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित हुई गाड़ी काफिले की दो गाड़ियां आपस में टकराईं एएसआई और पीएसओ को चोट, अस्पताल में कराया इलाज विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर पूरी तरह सुरक्षित ASHOKNAGAR ACCIDENT: अशोकनगर। जिले में मंगलवार शाम विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के काफिले की दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यह हादसा अशोकनगर-देहरदा मार्ग पर जंघार गांव के पास हुआ। निर्माणाधीन सड़क के किनारे पड़े गिट्टी के ढेर से गाड़ी अनियंत्रित हो गई, जिसके कारण यह टक्कर हुई। सीएम डॉ. मोहन यादव आज हटा में महिला सम्मेलन में शामिल, करोड़ों के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित हुई गाड़ी जानकारी के अनुसार काफिला ईसागढ़ से देहरदा मार्ग की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में सड़क निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान काफिले में पीछे चल रही पीएसओ (PSO) की गाड़ी सड़क किनारे पड़े गिट्टी के ढेर से टकराकर अचानक रुक गई। इसके पीछे चल रही फॉलो गाड़ी भी ब्रेक नहीं लगा पाई और आगे वाली गाड़ी से जा भिड़ी। शानदार बयान! आफरीदी ने टीम इंडिया को लेकर कहा कुछ ऐसा, जो बन गया चर्चा का विषय एएसआई और पीएसओ घायल हादसे में एएसआई प्रकाश बुनकर और पीएसओ को चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए ईसागढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अमेरिका ने भारत को दी 30 दिन की रूसी तेल खरीदने की छूट, कहा मुश्किल समय में जिम्मेदार साथी श्रद्धांजलि कार्यक्रम से लौट रहा था काफिला घटना उस समय हुई जब विधानसभा अध्यक्ष का काफिला महुअन गांव से वापस लौट रहा था। अध्यक्ष नरेंद्र सिंह महुअन गांव में पूर्व विधायक स्वर्गीय राव राजकुमार सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। विधानसभा अध्यक्ष सुरक्षित हादसे के समय विधानसभा अध्यक्ष जिस मुख्य गाड़ी में सवार थे, वह काफिले में सबसे आगे चल रही थी और दुर्घटना स्थल से पहले ही आगे निकल चुकी थी। इसलिए वह पूरी तरह सुरक्षित रहे। हालांकि टक्कर में पीएसओ और फॉलो वाहन के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है।