मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई… प्रोड्यूसर की वजह से एक महीने से काम से दूर रहीं अदा शर्मा, वीडियो में बयां किया दर्द

नई दिल्ली। फिल्म The Kerala Story से सुर्खियों में आईं बॉलीवुड एक्ट्रेस Adah Sharma इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। अदा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रोड्यूसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शूटिंग की तारीखों को बार-बार बदलने की वजह से उन्हें पिछले एक महीने से बिना काम के बैठना पड़ रहा है। अदा शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक साथ तीन फिल्मों के लिए अपनी तारीखें तय की थीं। लेकिन एक फिल्म के प्रोड्यूसर ने लगातार शूटिंग डेट्स में बदलाव किया। जब यह बात अन्य प्रोड्यूसर्स को पता चली तो उन्होंने भी अपनी शूटिंग की तारीखों में बदलाव कर लिया ताकि शेड्यूल टकराए नहीं। एक्ट्रेस के मुताबिक समस्या तब और बढ़ गई जब पहले प्रोड्यूसर ने अचानक फिर से अपनी शूटिंग डेट्स बदल दीं और कहा कि अब उन्हें पहले तय की गई तारीखें नहीं चाहिए। इस वजह से बाकी फिल्मों का शेड्यूल भी बिगड़ गया और अदा को नए प्रोजेक्ट्स लेने में परेशानी होने लगी। अदा ने अपने वीडियो में कहा, “मैं पिछले एक महीने से खाली बैठी हूं। पूरी तरह से इमोशनली, मेंटली, प्रोफेशनली और फाइनेंशियली प्रभावित हुई हूं। ऐसा लगता है जैसे मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सभी लोग ऐसे नहीं होते, कई अच्छे लोग भी हैं जो कलाकारों का सम्मान करते हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो अदा शर्मा ने फिल्म The Kerala Story से बड़ी पहचान हासिल की थी। कम बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और अदा के अभिनय की भी काफी तारीफ हुई। हाल ही में एक इंटरव्यू में अदा ने The Kerala Story 2 को लेकर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि किसी फिल्म में उनका हिस्सा होना या न होना कलाकार और निर्माता के बीच की बात होती है, इसलिए वे बिना वजह चर्चा में नहीं रहना चाहतीं। फिलहाल अदा के फैंस उनके अगले प्रोजेक्ट का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही वह नए और दमदार किरदार में स्क्रीन पर नजर आएंगी।
मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट

भोपाल । मध्य प्रदेश में 19 जून 2026 को तीन राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा के डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन के नाम हैं जबकि कांग्रेस की सीट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पास थी। हालांकि दिग्विजय सिंह ने पहले ही राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया है और अपनी सीट खाली करने की घोषणा की है। दिग्विजय के इनकार के बाद कांग्रेस के भीतर इस सीट के लिए कई छोटे बड़े नेताओं ने दावेदारी शुरू कर दी है। पार्टी के अंदर इस सीट को जीतने को लेकर टेंशन का माहौल है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें तो यह सीट भाजपा के हाथ में जा सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा विधायकों को अगले चुनाव की टिकट और अन्य ऑफर देकर क्रॉस वोटिंग के लिए प्रेरित कर सकती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा हर जगह तोड़फोड़ का प्रयास करती है लेकिन कांग्रेस मजबूत है और राज्यसभा सीट पार्टी की ही रहेगी। वहीं बीजेपी के अभिलाष पांडे का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं और भाजपा अपने काम पर भरोसा रखती है। इस बार तीन सीटों पर चुनाव में 230 विधायक वोटिंग करेंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं जिनमें से एक विधायक अब भाजपा के साथ हैं। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा शून्य कर दिया गया है इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो कांग्रेस के पास 63 विधायक ही रहेंगे। ऐसे में यदि 5 से 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं तो सीट हाथ से जा सकती है। भाजपा के पास विधानसभा में 164 विधायक हैं बीना विधायक के समर्थन से संख्या 165 हो सकती है। इसके अलावा बीएपी के एक मात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार का वोट भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्रॉस वोटिंग का इतिहास भी सामने है। 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में क्रॉस वोटिंग हुई थी। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केवल 79 वोट मिले थे जबकि अपेक्षित संख्या 103 थी। 2020 के राज्यसभा चुनाव में भी दिग्विजय सिंह 52 वोटों की आवश्यकता के बावजूद 57 वोट लेकर जीत गए थे। राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक चुनते हैं। हर दो साल में राज्यसभा का एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। कुल 245 सीटों में से 233 पर अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव में जीत के लिए विधायकों की संख्या और सीटों के आधार पर कोटा तय होता है। एक विधायक का वोट मूल्य 100 माना जाता है। इस बार कांग्रेस में दिग्विजय सिंह वाली सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं जैसे प्रदीप अहिरवार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को भी दावेदारी में शामिल किया गया है। पार्टी के भीतर सीट को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
स्मृति मंधाना शीर्ष पर बरकरार, हरमनप्रीत कौर और अन्य स्टार खिलाड़ियों ने रैंकिंग में लगाई छलांग

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना एक बार फिर आईसीसी महिलाओं की वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बरकरार हैं। मंगलवार, 10 मार्च को जारी रैंकिंग में मंधाना ने अपनी स्थिरता और बेहतरीन फॉर्म का परिचय देते हुए टॉप पायदान बनाए रखा। उनके अलावा भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल हैं और वर्तमान में वे 8वें स्थान पर हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत की 0-3 से हार के बावजूद टीम के अन्य खिलाड़ियों ने रैंकिंग में अच्छे अंक जुटाए। जेमिमा रोड्रिग्स 12वें स्थान पर खिसक गई हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन भविष्य में उन्हें फिर से शीर्ष पायदान दिला सकता है। न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने भी मचाया धमालन्यूजीलैंड की टीम शानदार फॉर्म में है। नई कप्तान मेलानी केर ने सीरीज के पहले मैच में चार विकेट और दूसरे मैच में सात विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। केर अब एकदिवसीय गेंदबाजों की सूची में पांच पायदान ऊपर बढ़कर 11वें स्थान पर हैं और ऑलराउंडर रैंकिंग में पांचवें नंबर पर बनी हुई हैं। टीम की अन्य स्टार खिलाड़ियों में ब्रुक हैलीडे ने आठ पायदान ऊपर उठकर 11वें स्थान पर कब्जा किया, वहीं मैडी ग्रीन चार पायदान ऊपर आकर 22वें स्थान पर पहुंचीं। हैलीडे ने पहले मैच में 117 गेंदों में नाबाद 157 रन बनाए, जबकि ग्रीन ने लगातार दो मैचों में 94 रन का योगदान दिया। वेस्टइंडीज और श्रीलंका की झलकवेस्टइंडीज की बल्लेबाज हसिनी परेरा ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे मैच में नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को जीत दिलाई। इससे हसिनी रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर उठकर 28वें पायदान पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा इमेशा दुलानी को 17 स्थान का फायदा हुआ और वे 72वें नंबर पर आ गई हैं। उनकी हमवतन कविशा दिलहारी ने गेंदबाजी रैंकिंग में तीन स्थान ऊपर जाकर 21वें और ऑलराउंडर रैंकिंग में 11वें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत की। गेंदबाजी में भी वेस्टइंडीज की एफी फ्लेचर ने आखिरी दो मैचों में तीन विकेट लेकर चार स्थान ऊपर चढ़कर सातवें पायदान पर जगह बनाई। इस रैंकिंग से साफ है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्टार खिलाड़ियों की निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन टीम की मजबूती को दर्शाता है। स्मृति मंधाना का शीर्ष स्थान बरकरार रहना और हरमनप्रीत कौर की टॉप 10 में मौजूदगी टीम के भविष्य के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है।
जब टीवी पर सुनी श्रेया घोषाल की आवाज, संजय लीला भंसाली ने दिया पहला बड़ा मौका

नई दिल्ली। अक्सर आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को यह भी स्पष्ट नहीं होता कि वे आगे किस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, लेकिन उसी उम्र में एक लड़की बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने का सपना देख रही थी। वह नहीं जानती थी कि एक दिन उसकी आवाज हिंदी सिनेमा की पहचान बन जाएगी। हम बात कर रहे हैं मशहूर गायिका Shreya Ghoshal की, जो 12 मार्च को अपना 41वां जन्मदिन मना रही हैं। कोटा के एक छोटे से गांव से निकलकर संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली श्रेया आज भारतीय फिल्म संगीत की सबसे लोकप्रिय आवाजों में से एक मानी जाती हैं। मां से मिली संगीत की पहली सीखकहा जाता है कि मां ही बच्चे की पहली गुरु होती है और श्रेया घोषाल के जीवन में भी यह बात पूरी तरह सच साबित हुई। उनकी मां स्वयं बहुत अच्छा गाती थीं और उन्होंने ही छोटी उम्र में श्रेया की प्रतिभा को पहचान लिया था। महज छह साल की उम्र में ही उन्होंने श्रेया को संगीत की शिक्षा दिलानी शुरू कर दी। स्कूल के वार्षिक समारोहों में जब भी श्रेया मंच पर गातीं, उनकी आवाज सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते। आगे चलकर उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार Kalyanji और गुरु Mukta Bhide से शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसने उनकी गायकी को मजबूत आधार दिया। पढ़ाई में साइंस, दिल में संगीतबहुत कम लोग जानते हैं कि श्रेया घोषाल पढ़ाई में साइंस की छात्रा रही हैं। उन्होंने 12वीं तक साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की थी, लेकिन संगीत के प्रति उनके जुनून ने उन्हें आगे चलकर आर्ट्स की पढ़ाई और संगीत प्रशिक्षण की ओर मोड़ दिया। हालांकि तब तक उनकी आवाज लाखों लोगों तक पहुंचने लगी थी और उनका करियर एक नए मोड़ की ओर बढ़ रहा था। टीवी शो से मिला बड़ा मौकाश्रेया घोषाल के करियर का सबसे अहम मोड़ तब आया जब उन्होंने लोकप्रिय म्यूजिक रियलिटी शो Sa Re Ga Ma Pa में हिस्सा लिया। इस शो में उनकी गायकी ने जजों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया और वे फाइनल तक पहुंचीं। इसी दौरान एक दिन निर्देशक Sanjay Leela Bhansali अपनी मां के साथ टीवी पर यह शो देख रहे थे। उस समय वे फिल्म Hum Dil De Chuke Sanam बना रहे थे और उनके मन में भविष्य में Devdas बनाने का विचार भी चल रहा था। श्रेया की आवाज सुनते ही वे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तय कर लिया कि आने वाली फिल्म में पारो के किरदार के लिए यही आवाज उपयुक्त रहेगी। ‘बैरी पिया’ से बदल गई किस्मतभंसाली ने शो के जरिए ही श्रेया से संपर्क किया और उन्हें फिल्म देवदास का गाना Bairi Piya गाने का मौका दिया। उस समय श्रेया की उम्र सिर्फ साढ़े पंद्रह साल थी। शास्त्रीय संगीत की मजबूत पृष्ठभूमि होने के कारण यह गाना उनके लिए बहुत कठिन नहीं था। कहा जाता है कि रिकॉर्डिंग के दिन उन्होंने पहली ही कोशिश में गाना इतनी खूबसूरती से गाया कि सभी लोग हैरान रह गए। भंसाली उनकी गायकी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें गले लगा लिया। पहले ही गाने से मिला राष्ट्रीय पुरस्कारश्रेया घोषाल के करियर की शुरुआत ही ऐतिहासिक रही। देवदास के इस गाने ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी और उन्हें अपने पहले ही फिल्मी गीत के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छूती चली गईं। 20 से अधिक भाषाओं में गाए गीतआज श्रेया घोषाल हिंदी ही नहीं बल्कि 20 से अधिक भाषाओं में गाने गा चुकी हैं। उनकी मधुर आवाज ने भारतीय संगीत जगत को कई यादगार गीत दिए हैं। उन्होंने Sun Raha Hai Na Tu, Tujh Mein Rab Dikhta Hai, Jadu Hai Nasha Hai और Manwa Laage जैसे कई सुपरहिट रोमांटिक गीत गाए हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका नाम सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली महिला गायिकाओं में भी दर्ज किया जाता है। संगीत की दुनिया की अमिट आवाजटीवी के एक मंच से शुरू हुआ यह सफर आज भारतीय संगीत जगत की सबसे चमकदार कहानी बन चुका है। श्रेया घोषाल की आवाज ने न सिर्फ फिल्मों को नई पहचान दी बल्कि लाखों श्रोताओं के दिलों में भी खास जगह बनाई है। उनकी गायकी आज भी उतनी ही ताजगी और भावनाओं से भरी हुई है, जितनी उनके करियर की शुरुआत में थी।
ग्वालियर में HPV वैक्सीन लगने के बाद 5 किशोरियों की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती; परिजन बोले बिना जानकारी वैक्सीन लगाई गई

ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में सर्वाइकल कैंसर बचाव अभियान के तहत HPV वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन लगवाने के बाद पांच किशोरियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित बच्चियां पिछोर के बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली बताई जा रही हैं। उनका नाम क्रमशः अनजली, पूनम, रजनी, भारती और रेखा है। मिली जानकारी के अनुसार सभी बच्चियां 14 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी थीं और राज्य सरकार के मुफ्त वैक्सीनेशन अभियान के तहत टीका लगवाया गया था। वैक्सीन लगने के कुछ ही समय बाद सभी बच्चियों को चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसी शिकायतें हुईं। तुरंत उन्हें डबरा के सिविल अस्पताल डबरा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की और इलाज के बाद स्थिति में सुधार हुआ। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनकी सहमति और जानकारी के बिना ही वैक्सीन लगा दी। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले जानकारी दी जाती तो वह टीका लगवाने से पहले तैयार हो सकते थे। परिवार का यह भी कहना है कि वैक्सीन के बाद उनकी बच्चियों की अचानक तबीयत बिगड़ना चिंता का विषय है और इस पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। मध्य प्रदेश सरकार ने फरवरी मार्च 2026 में 14 15 वर्ष की लगभग 8 लाख किशोरियों को मुफ्त HPV वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया है। यह वैक्सीन बाजार में लगभग 4000 रुपये प्रति डोज की कीमत वाली है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर से बचाव करना है, जो महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है और HPV वायरस के संक्रमण से होता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन सुरक्षित है और सभी जरूरी मानक का पालन करते हुए लगाई जाती है। वहीं इस घटना की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्या वैक्सीन के बाद होने वाली समस्याएं वैक्सीन से संबंधित थीं या किसी अन्य कारण से हुईं। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सभी प्रभावित बच्चियों का उचित इलाज किया जा रहा है और उन्हें पूर्ण स्वास्थ्य लाभ दिलाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम संभव है और यह किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। परिजनों और स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर सूचना और जागरूकता के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
एलपीजी संकट के बीच चमके इंडक्शन चूल्हा कंपनियों के शेयर, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच भारत में इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और रिटेल बाजारों में इन उपकरणों की खरीदारी बढ़ने लगी है। इसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है, जहां घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बुधवार को तेज उछाल देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एलपीजी की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है तो आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग और बढ़ सकती है। घरेलू उपकरण कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजीइलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की बढ़ती मांग का सीधा फायदा होम अप्लायंसेज कंपनियों को मिला है। किचन अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनी Butterfly Gandhimathi Appliances के शेयर में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। दोपहर करीब 12:45 बजे कंपनी का शेयर करीब 7.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 651 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान इसने 660 रुपये का उच्चतम स्तर भी छुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग बढ़ने से कंपनी के कारोबार को फायदा मिल सकता है। टीटीके प्रेस्टीज और स्टोव क्राफ्ट के शेयर भी चढ़ेइसी तरह किचन उपकरण क्षेत्र की एक और प्रमुख कंपनी TTK Prestige के शेयर में भी तेज उछाल देखा गया। कंपनी का शेयर करीब 9.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 530 रुपये के आसपास पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 556 रुपये तक भी गया। वहीं Stove Kraft, जो ‘पिजन’ ब्रांड के नाम से उत्पाद बेचती है, के शेयर में भी करीब 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। कंपनी का शेयर लगभग 510 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया और दिन के दौरान इसने 525 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। बाजार विश्लेषकों के अनुसार निवेशक यह मानकर चल रहे हैं कि एलपीजी की संभावित कमी से इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की बिक्री में तेजी आ सकती है। विशेषज्ञों ने इंडक्शन स्टोव को बताया बेहतर विकल्पऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी आपूर्ति में संभावित दबाव को देखते हुए शहरी परिवारों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव जैसे विकल्पों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े शोध संस्थान Council on Energy, Environment and Water (सीईईडब्ल्यू) के फेलो Abhishek Kar ने कहा कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है। इसमें से 90 प्रतिशत से अधिक आपूर्ति पश्चिम एशियाई देशों से आती है, जिनमें United Arab Emirates, Qatar और Saudi Arabia प्रमुख हैं। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है। ‘गिव इट अप’ अभियान जैसे नए प्रयास का सुझावअभिषेक कर ने सुझाव दिया कि घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को आवश्यक वस्तु अधिनियम जैसे प्रावधानों का उपयोग करना चाहिए। इसके साथ ही एलपीजी सब्सिडी के लिए चलाए गए ‘गिव इट अप’ अभियान की तर्ज पर एक नया अभियान शुरू किया जा सकता है। इस अभियान का उद्देश्य उन परिवारों को एलपीजी का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित करना हो सकता है, जिनके पास पहले से इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव हैं या जो इसे आसानी से खरीद सकते हैं। इससे घरेलू एलपीजी की मांग पर दबाव कम किया जा सकता है। रेस्तरां उद्योग को भी सतर्क रहने की सलाहएलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच होटल और रेस्तरां उद्योग को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। National Restaurant Association of India (एनआरएआई) ने अपने सदस्यों से गैस की खपत कम करने के उपाय अपनाने का आग्रह किया है। संगठन ने सुझाव दिया है कि रेस्तरां ऐसे मेनू पर अधिक ध्यान दें जिनमें कम गैस की खपत होती हो या जिनका खाना जल्दी तैयार हो सके। इलेक्ट्रिक कुकिंग विकल्प अपनाने पर जोरएनआरएआई ने अपने सदस्यों को जारी सलाह में कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं आ सकती हैं। यदि स्थिति और गंभीर होती है तो रेस्तरां उद्योग को संचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जहां संभव हो, वहां खाना पकाने के लिए इलेक्ट्रिक उपकरणों के विकल्प अपनाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उद्योग की स्थिरता के लिए जरूरी कदमसंगठन ने कहा कि व्यापार की निरंतरता, रोजगार और पूरे खाद्य सेवा क्षेत्र की स्थिरता को बनाए रखने के लिए ईंधन संरक्षण के उपाय अपनाना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा स्रोतों में विविधता और वैकल्पिक कुकिंग तकनीकों को बढ़ावा देना भविष्य में इस तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण रणनीति साबित हो सकता है।
Crime Control Indore: इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग

Crime Control Indore: इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अपराध पर लगाम लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस लगातार नई तकनीकों का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाने वाले विजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाईटेक निगरानी व्यवस्था शुरू की है। क्षेत्र में फिलहाल 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनके माध्यम से पूरे इलाके की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में इन कैमरों की संख्या बढ़ाकर 150 से अधिक करने की योजना भी तैयार की गई है। जानकारी के मुताबिक इन सभी कैमरों का कंट्रोल सीधेमध्य प्रदेश पुलिस के विजय नगर पुलिस स्टेशन से किया जा रहा है। खास बात यह है कि थाना प्रभारी के कक्ष में ही एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से पुलिसकर्मी लगातार कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रख सकती है और किसी भी घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकती है। विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के इस इस्तेमाल से अपराधियों पर नजर रखना आसान हो गया है। उनके अनुसार सीसीटीवी कैमरे अपराध रोकने और वारदात के बाद आरोपियों की पहचान करने में बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। कैमरों के माध्यम से न केवल क्षेत्र की निगरानी की जा रही है बल्कि कई मामलों में अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस अब इस निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। अगले चरण में क्षेत्र के घरों अस्पतालों मॉल दुकानों और अन्य निजी संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी पुलिस के कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो पूरे विजयनगर क्षेत्र की निगरानी एक ही जगह से संभव हो सकेगी। इससे पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। थाना प्रभारी के मुताबिक कैमरे लगने के बाद क्षेत्र में चोरी और अन्य अपराधों की घटनाओं में कमी देखने को मिली है। कई मामलों में कैमरों में कैद फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे कैमरों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे अपराधियों के लिए क्षेत्र में वारदात करना और भी मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल पुलिस का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द विजयनगर थाना क्षेत्र में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था से न केवल अपराध पर नियंत्रण मिलेगा बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
MORENA BALIKA SUDHAR GRILS: वार्डन पर हमला कर भागीं 3 लड़कियां: मुरैना बालिका सुधार गृह में सुरक्षा पर सवाल

HIGHLIGHTS: मुरैना के बड़ोखर बालिका सुधार गृह से 3 लड़कियां फरार वार्डन का गला दबाया, हाथ में दांत से काटकर चाबी छीनी दो नाबालिग और एक बालिग युवती शामिल पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की तलाश जांच में कई सीसीटीवी कैमरे बंद और खराब मिले MORENA BALIKA SUDHAR GRILS: ग्वालियर। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के बड़ोखर स्थित बालिका सुधार गृह से मंगलवार देर रात तीन लड़कियां फरार हो गईं। बता दें कि आरोप है कि लड़कियों ने वार्डन पर हमला कर गेट की चाबी छीन ली और ताला खोलकर वहां से भाग निकलीं। फरार लड़कियों में दो नाबालिग और एक बालिग युवती शामिल है। ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का फोकस, वैकल्पिक मार्गों से LPG-LNG की आपूर्ति सुनिश्चित गला दबाया, हाथ में दांत से काटा महिला सुधार गृह की अधीक्षिका शशि कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, घटना के दौरान एक लड़की ने वार्डन का गला दबाया, जबकि दूसरी ने उनके उस हाथ में दांत से काट लिया जिसमें चाबी थी। इसके बाद तीसरी लड़की ने चाबी लेकर मुख्य गेट का ताला खोला और तीनों मौके से फरार हो गईं। नेतन्याहू का ईरान की जनता से सीधा संदेश, कहा—अयातुल्ला शासन हटाने का मौका न गंवाएं वार्डन ने बताई पूरी घटना वार्डन रामस्नेही सोलंकी के अनुसार, मंगलवार रात उन्होंने मुख्य गेट पर ताला लगया इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चली गई थीं। अचानक देर रात तीनों लड़कियां उन्हें जबरन कमरे में ले गईं और उनके साथ मारपीट करने लगी। बताया जा रहा है कि घटना के बाद वार्डन काफी घबरा गईं और पड़ोसी की मदद से अधिकारियों को फोन कर पूरी जानकारी दी। बुलियन मार्केट में नरमी, गोल्ड-सिल्वर के दाम घटे; ग्लोबल डेटा पर टिकी नजर पुलिस ने शुरू की तलाश सूचना मिलने के बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वार्डन का मेडिकल कराया गया। थाना प्रभारी एसआई संजय वरैया के मुताबिक, तीनों लड़कियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। ऑयल संकट: पहाड़ की गुफाओं से बना टैंकर, बुरे से बुरे वक्त के लिए है तैयारी, जानें भारत ने कहां छिपाया तेल भंडार? CCTV कैमरों में भी आई खामी पुलिस सुधार गृह के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन जांच के दौरान कई कैमरे बंद और कुछ खराब पाए गए। पुलिस के अनुसार, फरार लड़कियों में एक बालिग युवती 23 फरवरी को सुधार गृह लाई गई थी, जबकि दो नाबालिग लड़कियां 9 मार्च को यहां लाई गई थीं।
ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का फोकस, वैकल्पिक मार्गों से LPG-LNG की आपूर्ति सुनिश्चित

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच भारत ने एलपीजी और एलएनजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। देश में कुकिंग गैस की संभावित कमी को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स के बीच सरकार ने वैकल्पिक आयात मार्गों और नए स्रोतों से गैस आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न देशों और वैकल्पिक समुद्री मार्गों से प्राप्त की गई एलपीजी और एलएनजी की खेप जल्द ही भारत पहुंचने वाली है, जिससे घरेलू बाजार में आपूर्ति संतुलित बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बावजूद भारत की यह रणनीति घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों के लिए राहत देने वाली साबित हो सकती है। घरेलू रिफाइनरियों ने बढ़ाया एलपीजी उत्पादनसरकार द्वारा तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए जाने के बाद देश की रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। अधिकारियों के अनुसार भारतीय रिफाइनरियों ने कुकिंग गैस के घरेलू उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसका उद्देश्य संभावित आयात बाधाओं के बावजूद देश में गैस की उपलब्धता बनाए रखना है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने से आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है और बाजार में कीमतों पर भी नियंत्रण बनाए रखने में सहूलियत होती है। जामनगर रिफाइनरी में उत्पादन बढ़ाने पर जोरदेश की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी Reliance Industries Limited ने भी इस दिशा में अहम कदम उठाए हैं। कंपनी का Jamnagar Refinery परिसर कुकिंग गैस एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम स्तर तक पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जारी अस्थिरता के बीच भारतीय घरों के लिए जरूरी ईंधनों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। कंपनी के अनुसार जामनगर स्थित रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स में उत्पादन बढ़ाने के लिए संचालन को लगातार अनुकूलित किया जा रहा है और टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। केजी-डी6 गैस से भी मिलेगी मददकंपनी ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय ऊर्जा प्राथमिकताओं और सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप KG‑D6 Basin से उत्पादित प्राकृतिक गैस को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की आपूर्ति के लिए डायवर्ट किया जाएगा। इससे घरेलू गैस वितरण नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और शहरों में पाइप्ड गैस और सीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू गैस उत्पादन का बेहतर उपयोग देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने नागरिकों को किया आश्वस्तइस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता ला रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद देश विभिन्न देशों और मार्गों से ऊर्जा आयात प्राप्त कर रहा है। इससे देश में ईंधन की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है और आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सीएनजी और पीएनजी आपूर्ति भी सामान्यसरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे। अधिकारियों के अनुसार शहरों में गैस वितरण कंपनियों को पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वाहनों के लिए सीएनजी और घरों में पीएनजी की आपूर्ति प्रभावित न हो। इसके साथ ही आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए गैस वितरण का प्रबंधन किया जा रहा है। उद्योगों को भी मिल रही पर्याप्त गैसभू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद उद्योगों को भी गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा मिल रहा है। सरकार के अनुसार उद्योगों को उनकी कुल गैस आवश्यकताओं का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उत्पादन गतिविधियों पर अधिक असर नहीं पड़ने की संभावना है। सरकार का कहना है कि देश भर में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का फोकसकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार देश के हर घर तक सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वैकल्पिक आयात स्रोतों की तलाश, घरेलू उत्पादन में वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार इन उपायों से वैश्विक संकट के बावजूद भारत में गैस आपूर्ति स्थिर रहने की उम्मीद है।
नेतन्याहू का ईरान की जनता से सीधा संदेश, कहा—अयातुल्ला शासन हटाने का मौका न गंवाएं

तेल अवीव। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Benjamin Netanyahu ने ईरान की जनता को सीधा संदेश देते हुए उन्हें अपने देश में बदलाव के लिए तैयार रहने की अपील की है। इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात एक ऐतिहासिक मौका बन सकते हैं, जब ईरान के लोग अयातुल्ला शासन के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि यह संघर्ष केवल सैन्य टकराव नहीं बल्कि आजादी और बदलाव की लड़ाई है। उनके मुताबिक यह अवसर बार-बार नहीं आता और ईरान की जनता को इसे पहचानकर अपने भविष्य के लिए निर्णायक कदम उठाना चाहिए। ईरान की जनता से क्या बोले नेतन्याहू नेतन्याहू ने अपने संदेश में कहा कि ईरान के लोग लंबे समय से आजादी चाहते हैं और मौजूदा हालात उन्हें बदलाव का मौका दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब सही समय आएगा तो बदलाव की मशाल ईरान की जनता के हाथ में होगी, इसलिए लोगों को उस पल के लिए तैयार रहना चाहिए। ईरान में सर्वोच्च धार्मिक नेतृत्व का प्रतीक अयातुल्ला प्रणाली है, जिसका नेतृत्व वर्तमान में Ali Khamenei के हाथ में है। अमेरिका-इजरायल की रणनीति नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल और अमेरिका मिलकर तेहरान की सत्ता पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिका और इजरायल की रणनीति का उद्देश्य ईरान के शासकों को कमजोर करना और क्षेत्र में स्थिरता लाना है। उनके अनुसार सैन्य और रणनीतिक दबाव के जरिए ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं, जिनसे ईरान के भीतर राजनीतिक बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। ईरान की आंतरिक राजनीति पर असर विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान ईरान की घरेलू राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। ईरान लंबे समय से धार्मिक नेतृत्व वाले शासन के तहत चल रहा है और बाहरी दबाव या युद्ध जैसी स्थितियां देश के भीतर राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती हैं। हालांकि तेहरान की सरकार ऐसे बयानों को अक्सर विदेशी हस्तक्षेप बताकर खारिज करती रही है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका पश्चिम एशिया में पहले से ही हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद Iran कई जगह जवाबी कार्रवाई कर चुका है। ऐसे में नेतन्याहू का यह बयान क्षेत्रीय राजनीति को और संवेदनशील बना सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे संघर्ष पर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर पूरे मध्य-पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है।