IPL 2026: CSK में विकेटकीपिंग करेंगे Rajasthan Royals Sanju Samson या MS Dhoni? आर अश्विन के पोस्ट से मिला संकेत

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपरकिंग्स (आईपीएल) ने अपने कैंप में नई इकाई जोड़ी है। संजू सैमसन के सीएसके में शामिल होने के बाद से ही प्रशंसक और विशेषज्ञ यह जानने के इच्छुक हैं कि इस बार विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कौन संभालेगा – अनुभवी सुपरस्टार धोनी या नए स्टार संजू सैमसन। इस सवाल का जवाब शायद टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर आर अश्विन की टॉयलेट सोशल मीडिया पोस्ट में छिपा हो। आर अश्विन ने सोशल मीडिया पर संजय सैमसन को ग्राउंड फील्डिंग का अभ्यास दिखाया। सैमसन के फील्डिंग कोच जेम्स फोस्टर के साथ आउटफील्ड में कैच पकड़ने का अभ्यास कर रहे थे। पोस्ट के चिप्स में अश्विन ने लिखा, “संकेत हैं या चीजें धीरे-धीरे-धीरे-धीरे आसान हो रही हैं।” इस संदेश के बीच चर्चा का एक नया विषय बन गया है और कई लोगों का मानना है कि यह सुझाव देता है कि इस सीजन में धोनी फिर से विकेट के पीछे रह सकते हैं। नमूना या आउटफील्डर?आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले माना जा रहा था कि सीएसके में संजू सैमसन विकेटकीपिंग की भूमिका हो सकती है, जबकि एमएस धोनी को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। लेकिन अब अश्विन की पोस्ट के मुताबिक, खास बात यह है कि धोनी इस बार भी विकेटकीपिंग करेंगे और सैमसन आउटफील्डर की टीम मजबूत होगी। संजू का फील्डिंग कौशलविकेटकीपिंग के अलावा संजू सैमसन बेहतरीन फील्डर के रूप में जाने जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भी उन्होंने डीपी में एथलेटिक और पेशेवर फील्डिंग का प्रदर्शन किया है। उनके पास लंबे समय तक कैच लेने और दबाव में शानदार प्रदर्शन करने का अनुभव है। इस कारण से, आउटफील्डर के रूप में उनके पास सीएसके के लिए बहुत बढ़िया साबित हो सकता है। टी20 विश्व कप 2026 का अनुभवटी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में संजू सैमसन की अहम भूमिका रही थी। इस अनुभव का प्रदर्शन और इसके बाद उनकी सीएसके टीम में एंट्री ने टीम के टॉप-क्रम प्लेटफॉर्म को पहले से मजबूत और खतरनाक बना दिया है। उनकी चुनौतीपूर्ण शैली और रणनीति टीम को अधिक लचीला और खतरनाक बनाने में मदद मिलेगी। सीएसके के लिए प्रतिष्ठित लाभअगर संजू सैमसन आउटफील्डर की भूमिका में प्रतियोगी हैं, तो इससे टीम को उनकी बल्लेबाजी और मैदान पर उनके सहयोगियों का सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इससे धोनी को भी विकेटीपिंघ और विद्वान में ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। ऐसे में टीम को पुराने और आक्रामक विकल्प मिलेंगे, जो सीज़न के दौरान कई मुकाबलों में आखिरी साबित हो सकते हैं।
अगले माह चांद के लिए रवाना होगा NASA, लेकिन सूरज की क्यों कर रहा निगरानी ? जानिए कारण

नई दिल्ली। साल 1972 के बाद NASA का आर्टेमिस II मिशन अगले महीने 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने जा रहा है। यह मिशन इंसानों को पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से बाहर लेकर चांद के करीब ले जाएगा। हालांकि रोमांचक यह सफर, सूर्य से निकलने वाले घातक रेडिएशन के खतरे के साथ भी है। सौर कणों से खतरा और 24 घंटे निगरानी चांद की यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्री लगभग 10 दिनों तक रहेंगे। इस दौरान सबसे बड़ा खतरा सूरज से निकलने वाले सोलर एनर्जेटिक पार्टिकल्स सौर कण का होगा। ये कण सूरज पर होने वाले विस्फोटों के समय इतनी तेज़ी से यात्रा करते हैं कि एक घंटे से भी कम समय में अंतरिक्ष यान तक पहुँच सकते हैं। ये न केवल यान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर की कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। मंगल पर परसीवरेंस रोवर देगा एडवांस वार्निंग NASA ने सूरज के इस खतरे से निपटने के लिए मंगल ग्रह पर मौजूद परसीवरेंस रोवर की मदद लेने का अनोखा तरीका निकाला है। रोवर का मास्टकैम-Z कैमरा सूरज के उस हिस्से की तस्वीरें खींचेगा, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता। इससे वैज्ञानिकों को दो हफ्ते पहले पता चल जाएगा कि कौन से सनस्पॉट्स पृथ्वी और चांद की ओर आने वाले हैं। यह एडवांस वार्निंग वैज्ञानिकों को संभावित सौर तूफानों के लिए तैयार रहने का समय देगी। Orion यान में रेडिएशन सुरक्षा आर्टेमिस II मिशन के Orion अंतरिक्ष यान में HERA हाइब्रिड इलेक्ट्रॉनिक विकिरण मूल्यांकन नामक एडवांस सेंसर लगाया गया है। यह सेंसर लगातार रेडिएशन के स्तर की निगरानी करेगा। यदि रेडिएशन खतरनाक स्तर पर पहुंचता है, तो यान अलार्म बजाएगा। ऐसी स्थिति में अंतरिक्ष यात्री इम्प्रोवाइज्ड स्टॉर्म शेल्टर अस्थायी सुरक्षा घेरा बनाने के लिए प्रशिक्षित होंगे। यान के अंदर मौजूद सामान और वजन का इस्तेमाल करके वे सुरक्षा दीवार बनाएंगे, जिससे सौर कणों के सीधे हमले से बचा जा सके।
रवीना टंडन के कॉस्टयूम पर ऐसे नजर रखती थीं करिश्मा कपूर, दोनों के बीच था तगड़ा विवाद

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन और करिश्मा कपूर 90 के दशक की दो बड़ी हीरोइन रही हैं। दोनों ने साथ फिल्मों में काम किया और इनके बीच विवाद की खबर भी सामने आई। लेकिन क्या आप जानते हैं उन दिनों करिश्मा, रवीना टंडन के आउटफिट्स पर नजर रखती थीं। बाद में अपने लिए भी कुछ वैसे ही स्टाइलिंग करती थीं। उस दौर में दोनों के बीच अच्छा रिश्ता नहीं था, इस बारे में खुद फराह खान ने भी अपने व्लॉग में बात की थी। अब दोनों के डिज़ाइनर रहे एशले रेबेलो ने इनके बीच कॉस्टयूम, स्क्रीन अपीयरेंस कम्पटीशन की बात की है। एशले ने बताया कि करिश्मा के आउटफिट्स पर नजर रखती थीं। ऐसे डिज़ाइनर की मदद के लिए आगे आई थीं रवीनाएशले ने हाल में अविनाश त्रिपाठी के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने आमिर खान की फिल्म जो जीता वही सिकंदर के एक्टर्स के आउटफिट्स के लिए काम किया था। बाद उन्हें अच्छा काम नहीं मिला तो वो प्रोडक्शन के काम से जुड़ गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात रवीना टंडन से हुई। एशले ने बताया कि वो एक ऐड शूट के दौरा रवीना से मिले। आखिरी मिनट पर उन्होंने ही रवीना के फेल हुए डिज़ाइनर आउटफिट को फिक्स किया। रवीना उस समय जानती नहीं थीं कि वो वही एशले रेबोलो हैं जिन्होंने जो जीता वही सिकंदर के लिए काम किया था। एशले ने बताया कि उन्हें अच्छा काम नहीं मिल रहा है। तब रवीना ने कहा था कि उन्हें लोगों का इंतजार नहीं करना चाहिए कि वो काम देंगे, उन्हें मांग लेना चाहिए। रवीना की ये बातें सुन एशले ने उन्हीं से काम मांग लिया। इसके बाद उन्हें रवीना के डिज़ाइनर के तौर पर फिल्म अंदाज अपना अपना मिली। रवीना के आउटफिट पर नजर रखती थीं करिश्माफिल्म अंदाज अपना अपना के लिए एशले ने ही रवीना के आउटफिट डिज़ाइन किए थे। इसी फिल्म में करिश्मा कपूर भी हीरोइन थीं। एशले ने कहा कि उस समय करिश्मा अपनी टीम में से किसी को रवीना का कॉस्टयूम चेक करने के लिए भेजती थीं। एशले ने कहा कि करिश्मा पता करती थीं कि रवीना के आउटफिट क्या है, उन्हें किसने डिज़ाइन किया है, क्या बनाया गया है। उसके बाद वो अपने स्टाइलिश को ये सब नोट करने को कहती थीं। एशले ने बताया कि उस फिल्म में रवीना बहुत सुंदर लग रही थीं। उन्हें नहीं पता था कि इसके बाद वो करिश्मा कपूर के साथ भी कई फिल्मों में साथ काम करेंगे। आमिर ने कही थीं दोनों एक्ट्रेसेज के बीच टेंशन की बातबता दें, अंदाज अपना अपना की शूटिंग के दौरान रवीना और करिश्मा के बीच का विवाद सेट पर मौजूद सभी लोगों को पता चल गया था। आमिर खान ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो अकेले एक्टर थे जो शूटिंग के लिए सेट पर टाइम पर आते थे। उन्होंने बताया कि उस रवीना-करिश्मा के बीच दिक्कतें चल रही थीं। हालांकि, दोनों एक्ट्रेसेज ने इस बारे में कभी खुलकर बात नहीं की। रवीना ने फराह के व्लॉग में उस समय को बचपना बताया था।
अब आपके स्मार्टफोन और गैजेट्स भी हो सकते हैं महंगे, मिडिल ईस्ट संघर्ष का पड़ेगा असर!

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब दुनिया भर में महसूस होने लगा है। पहले लोगों की चिंता पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर थी, लेकिन अब स्मार्टफोन, लैपटॉप और कारों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। पर्दे के पीछे: हीलियम और ब्रोमीन स्मार्टफोन और अन्य गैजेट्स में इस्तेमाल होने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण में कच्चा माल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चिप बनाने में हीलियम का उपयोग कूलिंग और लेजर सिस्टम के लिए किया जाता है। दुनिया की एक-तिहाई हीलियम सप्लाई अकेले कतर से आती है। इसके अलावा, चिप की पैकेजिंग के लिए ब्रोमीन जरूरी है, जो डेड सी क्षेत्र इजराइल और जॉर्डन से आता है। चिप की सफाई में प्रयुक्त सल्फ्यूरिक एसिड का लगभग 40% हिस्सा भी इसी क्षेत्र से ता है। युद्ध के कारण इन सामग्रियों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। स्मार्टफोन और गैजेट्स की कीमतें बढ़ने का खतरा चिप्स बनाने में बिजली का ज्यादा इस्तेमाल होता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, महंगी ढुलाई और इंश्योरेंस प्रीमियम की वजह से चिप की लागत 20-30% तक बढ़ सकती है। अगर युद्ध 8 हफ्ते से ज्यादा चलता है, तो अमेरिका की दिग्गज चिप कंपनी Nvidia की AI चिप सप्लाई और ऑटोमोबाइल सेक्टर प्रभावित होंगे। इसका सीधा असर स्मार्टफोन और अन्य गैजेट्स की कीमतों पर पड़ सकता है। भारत पर क्या होगा असर भारत अभी अपनी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री खड़ी कर रहा है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें नए प्रोजेक्ट्स के बजट पर दबाव डाल सकती हैं। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के लिए अवसर भी है। अब भारत को केवल चिप बनाने पर नहीं बल्कि चिप में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और गैसेस के घरेलू उत्पादन पर भी ध्यान देना होगा।
मई जून में बदलेगा देश का सैन्य नेतृत्व, CDS समेत कई शीर्ष पदों पर होंगी नई नियुक्तियां

नई दिल्ली। देश के शीर्ष सैन्य ढांचे में अगले कुछ महीनों में बड़े बदलाव होने वाले हैं। इसकी शुरुआत नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति से होगी। वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है जिसके बाद सरकार अप्रैल में नए सीडीएस के नाम पर फैसला ले सकती है। इसके साथ ही सेना प्रमुख नौसेना प्रमुख और डीआरडीओ अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी बदलाव तय माने जा रहे हैं। जनरल अनिल चौहान जो देश के दूसरे सीडीएस हैं लगभग चार वर्षों से इस पद पर कार्यरत हैं और उनका विस्तारित कार्यकाल मई के अंत में खत्म होगा। वहीं नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी भी 62 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद मई के अंत तक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून को 62 वर्ष की अधिकतम आयु पूरी कर पद छोड़ेंगे। इसी क्रम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर कामत भी 31 मई को रिटायर होने जा रहे हैं। हालांकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल अभी जारी रहेगा जो इस वर्ष अक्टूबर में समाप्त होगा। रक्षा मंत्रालय के संशोधित नियमों के अनुसार नए सीडीएस के चयन के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। तीनों सेनाओं के वे सभी थ्री स्टार अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एयर मार्शल और वाइस एडमिरल जो वर्तमान में सेवारत हैं या पिछले दो वर्षों में रिटायर हुए हैं इस पद के लिए योग्य माने जाएंगे। हालांकि चयन के समय उनकी आयु 62 वर्ष से कम होना अनिवार्य है। सरकार के पास करीब 150 से अधिक अधिकारियों का विकल्प मौजूद है जिनमें से नए सीडीएस का चयन किया जाएगा। संभावना है कि अप्रैल के अंत तक कैबिनेट की नियुक्ति समिति इस पर अंतिम निर्णय ले लेगी।
टी20 सीरीज: न्यूजीलैंड ने चौथा मैच जीतकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3-1 की अजेय बढ़त बनाई

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए चौथे टी20 मैच में 6 विकेट से जीत दर्ज की और सीरीज में 3-1 से अजेय बढ़त बनाई। हेग्ले ओवल, क्राइस्टचर्च में खेले गए इस गोदाम में दोनों टीमों ने रोमांचक खेलों का प्रदर्शन किया। न्यूजीलैंड की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और बैलेंस के दम पर मुकाबले को अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका की मजबूत शुरुआतदक्षिण अफ़्रीका ने टेस्ला पर पहली बार फ़्लोटिंग करने का निर्णय लिया और 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाए। टीम की ओर से एनेरी डर्कसेन ने 32 स्ट्राइकर, 8 स्टील और 1 बॉलर की मदद से सबसे ज्यादा 55 रन बनाए। सबसे बड़ी बल्लेबाज सुने लुस ने 30 रन बनाए, दूसरा टॉप स्कोरर रही। हालाँकि न्यूजीलैंड की ओर से दक्षिण अफ्रीका को समयबद्ध नियंत्रण प्रदान किया गया। न्यूज़ीलैण्ड की नोटबुकन्यूजीलैंड के जेस केर ने 4 ओवर में केवल 16 रन देकर 3 विकेट झटके, जिससे मैच में निर्णायक मोड़ आ गया। कैप्टन एमेलिया केर और सोफी डिवेन को 1-1 विकेट मिला, समर्पित टीम ने महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं। जेस केर की शानदार गेंदबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका तक का स्कोर सीमित रखा। लक्ष्य का सफल पीछा160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। सोफी डिवेन ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 34 गेंदों में 64 रन बनाए, जिसमें 6 सिल्विया और 4 सेल्स शामिल थे। इसके अलावा कैप्टन एमेलिया केर ने 31 और जॉर्जिया प्लिमर ने 29 रन का योगदान दिया। ब्रुक हैलिडे 16 और मैडी ग्रीन 9 रन रेस्टेड रिले, जिससे टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। दक्षिण अफ्रीका का प्रयासदक्षिण अफ्रीका की ओर से क्लो ट्रायोन ने 2 विकेट लिए, जबकि एनेरी डर्कसेन और एन माल्बा को 1-1 सफलता मिली। हालाँकि टीम की ओर से न्यूजीलैंड के माउंट बोल्ट को दौरे में सफलता नहीं मिली। प्लेयर ऑफ द मैच और आगामी मुकाबलाइस क्लब के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के लिए जेस केर को चुना गया, उन्होंने अपनी टीम को मजबूती से आगे बढ़ाया और बढ़त हासिल की। सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला 25 मार्च को हेग्ले ओवल, क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा, जिसमें न्यूजीलैंड सीरीज को अपना नाम देने की पूरी कोशिश की जाएगी। महिला और पुरुष टीमों का शानदार प्रदर्शनइस समय दक्षिण अफ्रीका की महिला और पुरुष टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं, जहां वे 5-5 टी20 मैच खेल रही हैं। महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही सीरीज में 3-1 की बढ़त बना ली है। वहीं, पुरुष टीम ने भी 2-1 से अहम बढ़त हासिल कर ली है, जिससे दोनों ही न्यूजीलैंड चैंपियनशिप के घरेलू प्रदर्शन पर नजरें टिकी हुई हैं।
अमेरिका के ईरान तेल निर्यात पर अस्थायी पाबंदी हटाने पर भारत को राहत, वैश्विक तेल संकट हो सकता है कम

नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात पर अस्थायी पाबंदी हटाने का ऐलान किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक तेल संकट में कुछ राहत मिल सकती है। सीमित समय के लिए यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को कम करने में मदद कर सकता है और भारत को ऊर्जा संकट से निपटने में कुछ राहत मिल सकती है। भारत की रिफाइनरियों की तैयारी भारत की तेल रिफाइनरियों के पास उच्च तकनीक और लॉजिस्टिक क्षमता है जिससे वे कच्चे तेल को प्रोसेस करने में कुशल हैं। हाल के वर्षों में ये रिफाइनरियां रूसी तेल को प्रोसेस करने में भी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय फिलहाल अमेरिका की ओर से स्पष्ट शर्तों का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही भारत की रिफाइनरियां खरीद का अंतिम निर्णय लेंगी।ईरानी तेल की स्थिति और भारत की लाभकारी स्थिति इस समय ईरान के 140 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल समुद्र में जहाजों पर हैं जिनमें बड़ा हिस्सा चीन के लिए निर्धारित है। शेष मात्रा अन्य देशों के लिए उपलब्ध है। भारत अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है क्योंकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है। वर्तमान में कच्चे तेल के दाम 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। भारत का ईरान से तेल आयात इतिहास भारत अपनी ऊर्जा का लगभग 85 प्रतिशत विभिन्न देशों से आयात करता है। वर्ष 2018-19 में भारत के कुल क्रूड ऑयल आयात में ईरान की हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत थी। 2019 में अमेरिका द्वारा ईरान पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत का आयात घटा और अब सीमित मात्रा में ही ईरान से आयात होता है। साल 2025 में ईरान से भारत का आयात केवल 0.44 बिलियन डॉलर रहा जबकि ईरान का भारत को निर्यात 1.24 बिलियन डॉलर रहा।
मियामी ओपन में सिनर का धमाका, जोकोविच के रिकॉर्ड के बराबर पहुँचने के साथ दामिर जुमहुर को हराया

नई दिल्ली। मियामी ओपन के पहले राउंड में इटालियन टेनिस स्टार जैनिक सिनर ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए दामिर जम्हुर को सीधे सेटों में 6-3, 6-3 से हराया। हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस क्लब में सिनर ने अपनी मजबूत सेवा और अटैकिंग स्ट्रोक्स के दम पर मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखा। केवल आठ बजे पीछे वे अपने खेल की स्थिरता प्रदर्शित करते हैं, जो दर्शकों को रोमांचित और रोमांचित करते हैं। जोकोविच के रिकॉर्ड के बराबरइस जीत के साथ सिनर ने दिग्गज नोवाक जोकोविच के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड की प्रशंसा कर ली है। नवंबर में पेरिस मास्टर्स और इंडियन वेल्स में खिताबी जीत दर्ज करने के बाद, सिनर अब एटीपी मास्टर्स 1000 इवेंट में लगातार 24 सेट जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में जोकोविच के साथ बने हुए हैं। यह उपलब्धि उनकी ऑटोमोबाइल और साइकोलोजी का प्रमाण है। तीसरे दौर में चुनौतीअब सिनर का मुकाबला तीसरे राउंड में 30वें सीड कोरेंटिन माउटेट से है। इस मैच में पहले सेट की जीत के साथ ही सिनर के पास जोकोविच से आगे का मौका मिलेगा। जोकोविच ने हाल ही में टॉमस माचाक को 6-0, 1-6, 6-4 से मात दी, जिससे इस स्कोरर के लिए चुनौती और भी बढ़ गई। सिनर की प्रतिक्रियामैच के बाद सिनर ने कहा, “मुझे लगता है कि कभी-कभी स्कोरबोर्ड का महत्व होता है, लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं एक खिलाड़ी के रूप में हमेशा के लिए बेहतर बन गया हूं। मैं हर विरोधी के साथ समान व्यवहार करता हूं और अदालत पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश करता हूं।” उनके इस सामान और खेल भावना ने दर्शकों को भी प्रभावित किया। मियामी में दूसरा खिताब और ‘सनशाइन डबल’ की कोशिशसिनर मियामी ओपन में अपना दूसरा खिताब की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले 2024 में उन्होंने यह खिताब जीता था। इस बार, उनके पास के साउथ फ्लोरिडा में किसी एटीपी रैंकिंग प्वाइंट जमावड़े की जरूरत नहीं है, जिससे उन्हें विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज के साथ अपने इवेंट में मोमेंटम बनाने का मौका मिल रहा है। इंडियन वेल्स में अपनी 2026 की पहली ट्रॉफी के बाद, सिनर 2017 में रोजर फेडरर के बाद ‘सनशाइन डबल’ पूरा करने वाले पहले खिलाड़ी बनने की कोशिश कर रहे हैं। एटीपी मास्टर्स 1000 में अलेक्जेंडर शेवचेंको की जीतदूसरी ओर, कजाकिस्तान के खिलाड़ी अलेक्जेंडर शेवचेंको ने बेन शेल्टन को मात देकर शानदार वापसी की। 6-7(3), 7-6(3), 6-3 के साथ उन्होंने तीसरे टॉप-10 में जीत दर्ज की और फ्लोरिडा में सबसे बड़े टूर्नामेंट में शेल्टन को 1-4 से हराया। शेवचेंको की यह जीत एटीपी मास्टर्स 1000 में उनके स्थिर प्रदर्शन का परिचय है। उत्साहवर्धक मुकाबलों का दौर जारीमियामी ओपन में अभी भी कई मनोरंजक सुपरस्टार्स हैं और प्रशंसकों को जानिक सिनर, कोरेंटिन माउटेट, अलेक्जेंडर शेवचेंको जैसे खिलाड़ियों के हाई वोल्टेज टेनिस देखने को मिलेंगे। इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड्स टूट रहे हैं और नए रिकॉर्ड सामने आ रहे हैं।
ईरान के राष्ट्रपति ने PM मोदी से की अमेरिका-इजरायल को हमला करने से रोकेने की अपील

तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष (Middle East Conflict) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन (Iranian President Masoud Pezeshkian) से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मार्ग को सुरक्षित रखने की भी अपील की। ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के समक्ष विदेशी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए पश्चिम एशियाई देशों को शामिल करते हुए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। वार्ता के ईरानी ब्योरे के अनुसार, पेजेश्कियन ने भारत से आग्रह किया कि वह ब्रिक्स (BRICS) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की शत्रुता को रोकने के लिए अपनी स्वतंत्र भूमिका का लाभ उठाए। आपको बता दें कि ब्रिक्स दुनिया की पांच सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। ब्रिक्स के सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। वर्ष 2024 में समूह में विस्तार के बाद अब इसके सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। नए सदस्यों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। परमाणु हथियारों के पक्ष में नहीं थे खामेनेईब्योरे के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने उस अमेरिकी दावे को खारिज कर दिया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उसके खिलाफ सैन्य हमला शुरू किया था। ब्योरे में कहा गया है कि पेजेश्कियन ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों का दृढ़ता से विरोध किया था और उनके विकास की दिशा में किसी भी कदम को प्रतिबंधित करने के लिए प्रशासनिक और धार्मिक दोनों तरह के निर्देश जारी किए थे। पीएम मोदी ने दी ईद की बधाईईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि त्योहार का यह मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बात की और ईद एवं नवरोज की शुभकामनाएं दीं। हमने आशा व्यक्त की कि त्योहार का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए।” ईरान के समर्थन की सराहनामोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। उन्होंने कहा, ”नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।” प्रधानमंत्री ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की भी सराहना की। मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर यह दूसरी बातचीत थी। पश्चिम एशियाई गैस केंद्रों पर नए हमलों को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता हुई। अमेरिका-इजरायल को रोकना होगाईरान द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र से इतर विश्व नेताओं के साथ संवाद करने के लिए ईरान की निरंतर तत्परता को दोहराया जिसमें तेहरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों की पुष्टि और निगरानी के लिए वार्ताएं शामिल हैं। वार्ता के ब्योरे के अनुसार, ”राष्ट्रपति ने पश्चिमी एशिया के देशों से मिलकर एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसका उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है। ब्योरे के मुताबिक, ”उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में युद्ध और संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और इजरायल द्वारा आक्रामकता का तत्काल समापन आवश्यक है।” ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता का जिक्र करते हुए पेजेश्कियन ने समूह से ईरान के खिलाफ आक्रामकता रोकने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता की रक्षा करने में स्वतंत्र भूमिका निभाने का आह्वान किया। ईरान की ओर से जारी वार्ता के ब्योरे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और फारस की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी थी और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में उभर रही सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने अपने पड़ोसी देशों और इजरायल को निशाना बनाया। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को भी नियंत्रित करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग है। इसके माध्यम से विश्व के 20 प्रतिशत ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है। संघर्ष के बाद से, ईरान ने बहुत कम जहाजों को इससे गुजरने की अनुमति दी है। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं से भी बात की है। इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस और मलेशिया के नेता शामिल हैं।
वाशिंगटन एक्सामिनर का दावा- भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर बन सकता है एक समृद्ध राष्ट्र

नई दिल्ली। भारत (India) को दुनिया एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति (Emerging Economic Power) के रूप में देख रही है। 2047 में अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर देश एक समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। यह दावा वाशिंगटन एक्सामिनर की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दशक में भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। 2003 से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था ने औसतन 7 फीसदी से अधिक वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है। अगर यह आर्थिक गति अगले 20 साल तक बनी रहती है तो भारत उच्च-आय श्रेणी को पार कर सकता है। 2025 की कीमतों पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 15,000 डॉलर के पार निकल सकती है। लगातार इस स्तर पर वृद्धि करने से भारत मध्य-आय के जाल यानी मध्य आय वर्ग से बाहर निकलने में सफल हो सकता है। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाएं इस जाल में उलझकर रह गई हैं। भारत की वृद्धि के प्रमुख कारणभारत की आर्थिक संभावनाओं को कई सकारात्मक बातों से समर्थन मिल रहा है। इसमें सरकार की प्रगतिशील नीतियां, जनसांख्यिकीय ताकत और बढ़ता हुआ तकनीकी आधार है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। इसकी औसत आयु लगभग 28 साल है। यह अमेरिका और चीन के मुकाबले काफी कम है। आने वाले दशक में बड़ी संख्या में युवा श्रम बाजार में प्रवेश करेंगे। इससे उत्पादकता में वृद्धि होगी और उपभोक्ता मांग बढ़ेगी। यह जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति घरेलू बाजार को मजबूत करेगी और भारत को निर्यात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। बुनियादी ढांचे में निवेशभारत के नीति निर्माता उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सड़कें, हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचों में निवेश तेजी से हो रहा है। एक कुशल परिवहन नेटवर्क आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करेगा और घरेलू अर्थव्यवस्था के विस्तार में मदद करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव भी भारत के पक्ष में जा रहा है। अमेरिकी कंपनियां चीन से अपना कारोबार बाहर निकाल रही हैं। एपल जैसी बड़ी कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। इससे पूंजी और तकनीक के साथ विशेषज्ञता भारत में आ रही है। ये उत्पादकता और नवाचार को बढ़ा सकती है। भारत की डिजिटल ताकतभारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा भी इसकी वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है। नागरिक पहचान प्रणालियां, मोबाइल भुगतान और ऑनलाइन सार्वजनिक सेवाएं लाखों लोगों को अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद कर रही हैं। यह डिजिटल दक्षता को बढ़ा रहा है। कर राजस्व में सुधार हो रहा है और छोटे व्यवसायों को फंडिंग मजबूत हो रही है। स्टार्टअप इकोसिस्टम से बड़े बदलावभारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम एक बड़ी ताकत है। ये नई टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में नए प्रयोगों को बढ़ावा दे रही है। ये विकास भारत को उच्च मूल्य वाली चीजों की ओर ले जा रहे हैं।