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मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे यहां परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में अस्प प्रवास पर रीवा पहुंचेंगे और यहां से हेलीकाप्टर द्वारा अपरान्ह 1.40 बजे मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) जिले के परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे शक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे शक्तेशगढ़ से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और 5:05 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से विमान द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

Dhurandhar 2 OTT Release: थिएटर रिलीज के बाद जानिए OTT पर कब और कहां देखी जा सकती है धुरंधर 2?

नई दिल्ली। रणवीर सिंहकी फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू के साथ सिर्फ 3 दिनों में 339 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। धुरंधर ने 102 करोड़ की ओपनिंग की थी। वहीं शनिवार की भी फिल्म ने 113 करोड़ की जबरदस्त कमाई की। अब आज पहले संडे के कलेक्शन का इंतजार हो रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि फिल्म 120 करोड़ पार करेगी। वहीं इस बीच ऐसी भी ऑडियंस है जो फिल्म की OTT रिलीज को लेकर एक्साइटेड है। धुरंधर 2 जून में जियो हॉटस्टार पर दस्तक दे सकती है। धुरंधर 2 इस दिन दे सकती है OTT पर दस्तककिसी भी फिल्म के लिए थिएटर रिलीज के बाद OTT प्लेटफार्म पर स्ट्रीम होने का समय 4 से 6 हफ्ते होता है। यानी इतने समय बाद फिल्म को OTT पर उतार दिया जाता है। लेकिन पिंकविला और इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक धुरंधर 2 को OTT पर रिलीज होने में 45 से 60 दिन लग सकते हैं। इसकी एक वजह धुरंधर 2 ला लंबे समय तक थिएटर पर टिके रहना भी है। अगर ऐसा होता है तो ये फिल्म मई के अंत या जून में जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम जो सकती है। धुरंधर की OTT रिलीज5 दिसंबर 2025 को आई फिल्म धुरंधर ने भी थिएटर पर धूम मचाई थी। इस फिल्म ने देश में 840 करोड़ की नेट कमाई की। वर्ल्डवाइड 1300 करोड़ ग्रॉस से अधिक बिजनेस किया था। फिल्म थिएटर पर आंधी लाने के 55 दिनों के अंदर नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई थी। ऐसे में धुरंधर 2 लेकर माना जा रहा है कि ये फिल्म जून की शुरुआत में OTT पर आ सकती है। खास बात ये है कि धुरंधर का दूसरा पार्ट नेटफ्लिक्स पर नहीं बल्कि महंगी डील के बाद जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। धुरंधर 2 की अब तक की कमाईकमाई की बात करें तो धुरंधर 2 धूम मचा रही है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू के दिन 43 करोड़ कमाए। ओपनिंग डे 102.55 करोड़, शुक्रवार को 80.72 और शनिवार को सबसे ज्यादा 113 करोड़। फिल्म अब तक कुल 339.27 कमा चुकी है। अब आज रविवार की कलेक्शन का इंतजार हो रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि आज रणवीर की फिल्म रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। ट्रेड के मुताबिक पहले वीकेंड के बाद फिल्म 450 करोड़ पार कर लेगी। आने वाले समय में धुरंधर 2 का धमाका जारी रहने वाला है।

कुंभ राशि में चंद्र मंगल की युति से बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन राशियों की चमक सकती है किस्मत

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह समय समय पर अपनी स्थिति और चाल बदलते रहते हैं जिससे कई तरह के शुभ और अशुभ योग बनते हैं। इसी क्रम में कुंभ राशि में चंद्रमा और मंगल की युति बनने जा रही है जिससे महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है जो धन सुख सुविधा तरक्की और नए अवसरों का संकेत देता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जबकि मंगल ऊर्जा साहस और भूमि संपत्ति से जुड़ा ग्रह है। इन दोनों ग्रहों की युति व्यक्ति के जीवन में आर्थिक मजबूती और करियर में प्रगति के संकेत देती है। आइए जानते हैं किन राशियों पर इस राजयोग का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता हैमेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह योग लाभकारी साबित हो सकता है। आय में वृद्धि के संकेत हैं और लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर और व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और किसी बड़े सौदे से लाभ होने की संभावना है। कर्क राशि कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लाने वाला हो सकता है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा और धन लाभ के योग बनेंगे। साथ ही बचत में बढ़ोतरी हो सकती है और परिवार से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी पहचान मजबूत होगी और सम्मान में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं।

एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय

भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते 4 दिनों करीब 98 घंटे से सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण 45 जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। इनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब यह सिस्टम आगे बढ़ चुका है और मौसम साफ होने के साथ तेज गर्मी बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं जताई है। हालांकि मार्च के आखिरी सप्ताह में एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। शनिवार को भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा और राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में सबसे कम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा और दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव और सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह और उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री तथा मंडला और खजुराहो में 29.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 29.4 डिग्री, जबलपुर 29.5 डिग्री, इंदौर 30.6 डिग्री, ग्वालियर 28.4 डिग्री और उज्जैन 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। केला, पपीता और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। धार और खरगोन समेत कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते अब मुआवजे की मांग उठने लगी है। पिछले चार दिनों में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा और मंडला समेत कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई। वहीं अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना और मंडला जिलों में ओले गिरे। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस साल अप्रैल और मई महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।

व्रत में कुछ नया ट्राई करें समा चावल अप्पे देंगे स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन

नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर व्रत रखने वाले लोग ऐसे भोजन की तलाश में रहते हैं जो हल्का भी हो और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी दे ऐसे में समा चावल के अप्पे एक बेहतरीन और स्वादिष्ट विकल्प बनकर सामने आते हैं यह डिश न केवल बनाने में आसान है बल्कि पोषण से भी भरपूर है और पूरे दिन आपको एक्टिव बनाए रखने में मदद करती है सामा चावल जिसे वरई या मोरधन भी कहा जाता है व्रत के दौरान सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले अनाजों में शामिल है इसकी खासियत यह है कि यह जल्दी पचता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखता है जब इसे दही मूंगफली और हल्के मसालों के साथ मिलाया जाता है तो यह एक संतुलित और हेल्दी स्नैक बन जाता है खास बात यह है कि अप्पे पैन में बनने के कारण इसमें बहुत कम तेल का इस्तेमाल होता है जिससे यह और भी हेल्दी हो जाता है इस स्वादिष्ट रेसिपी को बनाने के लिए सबसे पहले एक कप समा चावल को अच्छी तरह धोकर दो से तीन घंटे के लिए भिगो लें इसके बाद इसे पीसकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें अब इस पेस्ट में आधा कप दही मिलाएं और एक उबला हुआ मैश किया आलू डालें इसके साथ बारीक कटी हरी मिर्च कद्दूकस अदरक मूंगफली पाउडर सेंधा नमक जीरा और हरा धनिया डालकर सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स कर लें अब अप्पे पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें और हर खांचे में थोड़ा सा घी या तेल डालें तैयार बैटर को इसमें डालें और धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं जब अप्पे एक तरफ से सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं तो उन्हें पलटकर दूसरी तरफ भी अच्छी तरह सेक लें कुछ ही मिनटों में आपके गर्मागर्म क्रिस्पी अप्पे तैयार हो जाएंगे अगर आप इन्हें और ज्यादा कुरकुरा बनाना चाहते हैं तो बैटर में थोड़ा सा सिंघाड़े का आटा मिला सकते हैं स्वाद को और बढ़ाने के लिए ऊपर से हल्का नींबू रस डालें और कोशिश करें कि तेल का उपयोग कम से कम हो ताकि यह डिश पूरी तरह हेल्दी बनी रहे सामा चावल के अप्पे व्रत के दौरान एक परफेक्ट स्नैक हैं जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन प्रदान करते हैं यह न केवल आपकी भूख को शांत करते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषण और ऊर्जा भी देते हैं जिससे आप पूरे दिन तरोताजा और सक्रिय महसूस करते हैं

खुशहाल रिलेशनशिप के लिए जरूरी टिप्स छोटी आदतें लाएंगी बड़ा बदलाव

नई दिल्ली:  आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्तों को संभालना पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है काम का दबाव बदलती प्राथमिकताएं और डिजिटल दुनिया में बढ़ती दूरी अक्सर लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को कमजोर कर देती है ऐसे में एक मजबूत और खुशहाल रिश्ता बनाए रखने के लिए कुछ बुनियादी बातों को अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है किसी भी रिश्ते की नींव मजबूत कम्युनिकेशन पर टिकी होती है जब दो लोग खुलकर अपने विचार भावनाएं और परेशानियां एक दूसरे के साथ साझा करते हैं तो गलतफहमियों की गुंजाइश काफी कम हो जाती है अक्सर लोग छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं या मन में दबाकर रखते हैं जो बाद में बड़े विवाद का रूप ले लेती हैं इसलिए सही समय पर खुलकर बातचीत करना रिश्ते को स्वस्थ बनाए रखने का पहला कदम है भरोसा हर रिश्ते की सबसे अहम कड़ी होती है यह एक ऐसा धागा है जो दो लोगों को गहराई से जोड़ता है एक बार अगर विश्वास टूट जाए तो उसे दोबारा बनाना आसान नहीं होता इसलिए ईमानदारी और पारदर्शिता को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए छोटे छोटे झूठ भी लंबे समय में रिश्ते को कमजोर कर सकते हैं व्यस्त दिनचर्या के बावजूद एक दूसरे के लिए समय निकालना बेहद जरूरी है साथ बिताए गए पल चाहे कितने ही छोटे क्यों न हों वे रिश्ते में नजदीकियां बढ़ाते हैं कभी साथ बैठकर बातचीत करना या एक साथ समय बिताना भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है हर व्यक्ति की सोच और स्वभाव अलग होता है इसलिए एक दूसरे का सम्मान करना और उनकी भावनाओं को समझना रिश्ते को संतुलित बनाए रखता है असहमति होना स्वाभाविक है लेकिन उसे संभालने का तरीका ही रिश्ते की दिशा तय करता है धैर्य और समझदारी से बात करने पर बड़े से बड़ा विवाद भी आसानी से सुलझाया जा सकता है रिश्तों में छोटी छोटी खुशियों का भी बड़ा महत्व होता है एक प्यारी सी तारीफ एक छोटा सा सरप्राइज या एक स्नेहभरा संदेश भी दिन को खास बना सकता है ऐसे छोटे प्रयास रिश्ते में ताजगी बनाए रखते हैं और अपनापन बढ़ाते हैं किसी भी रिश्ते में झगड़े होना सामान्य बात है लेकिन जरूरी यह है कि उन्हें सही तरीके से सुलझाया जाए गुस्से में प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत रहकर समाधान पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि भावनाओं में बहकर लिया गया फैसला अक्सर रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खुद का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है जब व्यक्ति मानसिक और भावनात्मक रूप से संतुलित होता है तभी वह किसी रिश्ते को बेहतर तरीके से निभा सकता है आत्मसम्मान और अपनी खुशी को बनाए रखना एक स्वस्थ और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते की पहचान है मजबूत रिश्ते का आधार प्यार विश्वास समय और समझदारी पर टिका होता है यदि इन बातों को जीवन में अपनाया जाए तो कोई भी रिश्ता न केवल टिकाऊ बन सकता है बल्कि उसमें हमेशा खुशियां और संतुलन बना रह सकता है

एयरलाइंस को संकट के समय बड़ी राहत… सरकार ने घरेलू उड़ानों के टिकटों पर से हटाया प्राइस कैप

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध (West Asia War) की वजह से बढ़ते ऊर्जा संकट पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी बीच एयरलाइंस (Airlines) को इस संकट से उबारने के लिए सरकार (Government) ने एक राहत दी है। उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Aviation) ने दिसंबर में घरेलू उड़ानों के टिकटों पर लगाई गई अस्थायी मूल्य सीमा को हटा लिया है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि दिसंबर में स्थिति बिगड़ने की वजह से ऐसा किया गया था, अब जबकि स्थिति सामान्य है, और पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से इसे हटाया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि अगर इसका गलत इस्तेमाल किया गया, तो फिर से लागू किया जाएगा। मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि 23 मार्च से यह प्राइस कैप आधिकारिक तौर पर हट जाएगा। इसके साथ ही डीजीसीए ने आदेश दिया है कि सभी एयरलाइंस के किराए पर बराबर नजर रखी जाएगी। आदेश में कहा गया, “वर्तमान स्थिति अब स्थिर हो चुकी है, क्षमता बहाल हो गई है और पूरे सेक्टर में संचालन सामान्य हो गया है, इसलिए समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 23 मार्च 2026 से किराया सीमा हटा दी जाए।” इसके साथ ही आदेश में जोड़ा गया कि अगर हवाई यात्रियों की संख्या वृद्धि के दौरान एयरलाइंस ने गलत तरीके से टिकटों की कीमत में वृद्धि की तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।” गौरतलब है कि सरकार की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट की वजह से एयरलाइंस को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए 18 मार्च को एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट के अधिकारी मंत्रालय पहुंचे थे। वहां पर इन्होंने किराए सीमा को हटाने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन एजेंसियों ने इस संबंध में सरकार को पत्र भी लिखा था। आपको बता दें, सरकार की तरफ से घरेलू उड़ानों के किराए पर यह मूल्य सीमा 6 दिसंबर को लगाई गई थी। इस दौरान सरकार द्वारा लागू किए गए एक नियम की वजह से इंडिगो की बहुत सारी फ्लाइट्स कैंसिल हो गई थीं, जिसकी वजह से अव्यवस्था फैल गई थी। उस समय सरकार ने सीमित क्षमता के दौर में यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया था। अधिकतम एकतरफा किराया ₹18,000 तय किया गया था।

राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान… बोले- देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल… NCC कैडेटों की संख्या में होगी भारी वृद्धि

नई दिल्ली। देश की रक्षा तैयारियों (Country Defense Preparedness) और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने बड़ी घोषणाएं की हैं। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (Sainik School Ghorakhal) के डायमंड जुबली समारोह (Diamond Jubilee Celebration) को संबोधित करते हुए उन्होंने देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने और एनसीसी (NCC) कैडेटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। रक्षा मंत्री ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के मूल्यों को समाहित करने के उद्देश्य से नेशनल कैडेट कोर (NCC) के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हमने एनसीसी में रिक्तियों की संख्या बढ़ा दी है। पहले जहां भर्ती का लक्ष्य 17 लाख (1.7 मिलियन) था, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख (2 मिलियन) करने का निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक बच्चों को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक संस्कार सीखने का अवसर मिलेगा।” सैन्य उन्मुख शिक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत देश में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये संस्थान न केवल रक्षा सेवाओं के लिए युवाओं को तैयार करते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए भी उन्हें सक्षम बनाते हैं। रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश की अनुमति देने के सरकार के फैसले को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि महिला कैडेटों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के बराबर हैं। घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की गौरवशाली विरासतसमारोह के दौरान उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की विरासत की सराहना की। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस अकेले स्कूल ने अब तक 800 से अधिक छात्र नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) को दिए हैं। इसके अलावा, सीडीएस (CDS) और एएफसीएटी (AFCAT) जैसे विभिन्न माध्यमों से 2,000 से अधिक कैडेट यहां से निकलकर देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों की शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्टता की जमकर तारीफ की। कैडेटों में जोश भरते हुए राजनाथ सिंह ने अनुशासन और तत्परता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा, “मैं सभी बच्चों से कहना चाहता हूं- ‘तैयार रहें, हमेशा तैयार रहें।’ हर परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रखें। चुनौतियों से पार पाने के लिए मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस अनिवार्य है।” उन्होंने अंत में कहा कि एक सशक्त राष्ट्र तभी बनता है जब उसके नागरिक किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों।

लंबे युद्ध की तैयारी….. फूड सप्लाई सुरक्षित करने में जुटा ईरान, खाद्यान से भरे 6 जहाज होर्मुज से गुजरे

तेहरान। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर ईरान (Iran) की सख्त पहरेदारी है। तेल वाले जहाजों को यहां से गुजरने की मनाही है। सिर्फ इक्का-दुक्का जहाज ही, ईरान की सहमति से इधर से जा रहे हैं। इस बीच ईरान ने कुछ और जहाजों को भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है। यह कार्गो जहाज हैं, जिन पर खाद्यान्न और अन्य कृषि पदार्थ लदे हुए हैं। अमेरिका (America) के साथ चल रहे युद्ध के बीच ईरान अपने देश में फूड सप्लाई को सुरक्षित रखना चाहता है। इसे इस तरह भी देखा जा रहा है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो ईरान में भुखमरी की हालत न पैदा होने पाए। यह सभी जहाज ग्रीक मैनेजमेंट की निगरानी वाले हैं। बता दें कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से बहुत कम जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे हैं। इसमें भी पश्चिम के जहाजों के लिए तो यह रास्ता लगभग बंद ही है। 11 मार्च को स्टार ग्वानेथ नाम का जहाज यहां से गुजर रहा था, जिस पर मिसाइल से हमले हुए थे। 15 और 16 मार्च को गुजरेमरीन ट्रैकिंग डेटा के आंकड़ों के मुताबिक कम से कम छह जहाज, 15 और 16 मार्च के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे हैं। इन सभी ने उत्तरी खाड़ी के बेहद महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्र, ईरान के इमाम खुमैनी बंदरगाह पर माल उतारा। एनालिस्ट फर्म केपलर के मुताबिक नौ मार्च के बाद से पोर्ट पर माल उतारने के बाद पांच अन्य जहाज भी होर्मुज से होकर गुजरे हैं। इन सभी ने वैकल्पिक शिपिंग लेन का उपयोग किया। इन जहाजों में से एक, गियाकोमेटी था, जिसमें कनाडाई सोयाबीन ले जाई गई। इसने शुक्रवार को खाड़ी में प्रवेश किया। इनके आने का उद्देश्य घरेलू खाद्य आपूर्ति को बनाए रखना दिखाई देता है। बता दें कि ईरान अपनी खाद्य जरूरतों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खुद पैदा करता है। वहीं, अनाज और तेल बीजों के आयात पर निर्भर रहता है। इनका इस्तेमाल कुकिंग ऑयल और पशु चारे के लिए किया जाता है। अनाज स्टोर करने पर जोरग्रेन कंसल्टेंसी सॉइकॉन के मैनेजिंग डायरेक्टर आंद्रे सिजोव के मुताबिक, ईरान हर साल करीब 1.5 मिलियन टन मक्के का उत्पादन करता है। वहीं, ब्राजील से 8 मिलियन से 10 मिलियन टन तक का आयात भी करता है। उन्होंने बताया कि कृषि इस देश के लिए एक बड़ी परेशानी है। वजह, यहां पर पानी की कमी के चलते उत्पादन ठीक नहीं रहता। यह किसानों के लिए एक बड़ी समस्या है। बता दें कि युद्ध से पहले ईरान ने करीब 4 मिलियन टन गेहूं का रणनीतिक भंडार तैयार कर लिया था। यह चार महीने तक उसकी घरेलू मांग को पूरा करने में सक्षम है। कृषि मंत्री गोलामरेजा नूरी गेजेलजेह ने हाल ही में कहा कि बेकरीज को लगभग दो महीने के आटे का आवंटन किया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वह घबराकर खरीदारी न करें। गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के चलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी कर रखी है। बहुत ही सीमित संख्या में यहां से जहाजों का आना-जाना हो रहा है। होर्मुज को लेकर ईरान की सख्ती के चलते वैश्विक व्यापार को बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। गौरतलब है कि दुनिया के तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है। अब यहां से सप्लाई बंद होने के चलते तेल और गैस की कीमतों में काफी ज्यादा इजाफा हो रहा है।

Afghanistan में एक ही दिन में दो बार आया भूकंप… 4.5 और 4.6 रही तीव्रता

काबुल। अफगानिस्तान (Afghanistan) में शनिवार देर रात 4.6 तीव्रता (Magnitude 4.6) का भूकंप (Earthquake) दर्ज किया गया। यह जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Centre for Seismology- NCS) ने दी है। एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप रात 10:43 बजे (भारतीय समयानुसार) आया और इसकी गहराई करीब 82 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप (Earthquake) का केंद्र देश के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में स्थित था। एक ही दिन में दूसरा झटकाइससे पहले शनिवार सुबह भी 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया था। उस झटके की गहराई लगभग 130 किलोमीटर बताई गई थी। लगातार आ रहे झटकों से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। लंबे समय से संघर्ष और सीमित संसाधनों के कारण यहां की आबादी इन आपदाओं से उबरने में कठिनाइयों का सामना करती है। क्यों आता है भूकंप?पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा। कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।