महंगे प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा, घर पर तैयार करें असरदार Vitamin C सीरम

नई दिल्ली । आज के समय में बढ़ते प्रदूषण, धूल-मिट्टी और तनावपूर्ण जीवनशैली का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देने लगा है। चेहरा बेजान, थका हुआ और डल नजर आने लगता है। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय अब नेचुरल और घरेलू उपायों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है Vitamin C सीरम, जो त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारने में बेहद कारगर माना जाता है। Vitamin C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है। यह त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे स्किन टाइट और युवा बनी रहती है। इसके नियमित उपयोग से दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन और सूरज की किरणों से होने वाला नुकसान कम होता है, जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है। बाजार में मिलने वाले Vitamin C सीरम अक्सर महंगे होते हैं और उनमें केमिकल्स भी मिलाए जाते हैं। ऐसे में आप घर पर बेहद आसान तरीके से कम खर्च में इसे तैयार कर सकते हैं। पहला तरीका संतरे के पाउडर से सीरम बनाने का है। इसके लिए एक चम्मच संतरे का पाउडर, दो बड़े चम्मच गुलाब जल, दो चम्मच एलोवेरा जेल और आधा कप उबला हुआ ठंडा पानी लें। संतरे का पाउडर बनाने के लिए संतरे के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस लें। अब एक कटोरे में संतरे का पाउडर, गुलाब जल और एलोवेरा जेल मिलाएं और उसमें पानी डालकर अच्छी तरह घोल लें। इस मिश्रण को डार्क ग्लास की बोतल में भरकर फ्रिज में रखें ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे। दूसरा आसान तरीका नींबू और एलोवेरा से सीरम बनाने का है। इसके लिए एक चम्मच एलोवेरा जेल, एक चम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच ताजा नींबू का रस लें। सभी चीजों को मिलाकर एक साफ कांच की बोतल में भर लें। ध्यान रखें कि नींबू की मात्रा अधिक न हो, क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है। इस सीरम का उपयोग करने का सही तरीका भी जानना जरूरी है। इसे हमेशा चेहरे को अच्छी तरह साफ करने के बाद ही लगाएं। 2 से 3 बूंदें लेकर हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर मसाज करें। रात में सोने से पहले इसका इस्तेमाल सबसे अधिक लाभकारी होता है। यदि दिन में उपयोग करें तो इसके बाद मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन जरूर लगाएं, क्योंकि Vitamin C त्वचा को सूर्य के प्रति संवेदनशील बना सकता है। घर पर बने ये सीरम 7 से 10 दिनों तक फ्रिज में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। हालांकि ये प्राकृतिक होते हैं, फिर भी पहली बार उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। इस तरह कम खर्च में घर पर तैयार किया गया Vitamin C सीरम न केवल आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाएगा, बल्कि आपको पार्लर जैसा निखार भी देगा। नियमित उपयोग से आप खुद अपनी त्वचा में सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकते हैं।
ग्वालियर के 87 स्कूलों का रिजल्ट जीरो, नौनिहालों के भविष्य पर बड़ा सवाल

ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में कक्षा 5वीं और 8वीं के हालिया परीक्षा परिणामों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के 87 स्कूल ऐसे सामने आए हैं, जहां एक भी छात्र पास नहीं हो पाया। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि प्राथमिक शिक्षा की नींव कहीं न कहीं कमजोर हो रही है। इन 87 स्कूलों में 39 सरकारी और 48 निजी स्कूल शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 17 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक-एक छात्र था और वह भी परीक्षा में असफल हो गया। यह स्थिति बताती है कि समस्या केवल संसाधनों या ढांचे की नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और निगरानी में भी कमी हो सकती है। जानकारी के अनुसार, जिन स्कूलों का परिणाम शून्य रहा है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर या शिक्षकों की कमी जैसी कोई स्पष्ट समस्या सामने नहीं आई है। इसके बावजूद एक भी छात्र का पास न होना शिक्षा प्रणाली की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों की जवाबदेही और पढ़ाई के प्रति गंभीरता जैसे पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत है। इस पूरे मामले पर ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कक्षा 5वीं और 8वीं जैसे आधारभूत स्तर पर इस तरह का परिणाम आना बेहद गंभीर विषय है। प्रशासन द्वारा अब इस पूरे मामले की गहन समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर के अनुसार, स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की नियमितता और पढ़ाने के तरीके सहित कई पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि आखिर किन कारणों से इतने बड़े पैमाने पर छात्र असफल हुए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस दिशा में सख्त कदम उठाए जाएंगे। शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के साथ ही स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष योजनाएं और बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह के परिणामों से बचा जा सके। यह मामला न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि अगर प्राथमिक स्तर पर शिक्षा मजबूत नहीं होगी, तो आगे की पढ़ाई और करियर पर भी इसका असर पड़ेगा। नौनिहालों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए जरूरी है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णय कितने प्रभावी साबित होते हैं और क्या आने वाले वर्षों में इन स्कूलों के परिणामों में सुधार हो पाता है या नहीं।
Parvati Kondla : दूषित पानी और GBS सिंड्रोम को मात देकर 67 वर्षीय महिला घर लौटी

Parvati Kondla : इंदौर । इंदौर भागीरथपुरा की 67 वर्षीय पार्वती कोंडला ने एक ऐसा संघर्ष जीता जिसे देखकर डॉक्टर और परिजन दोनों हैरान हैं। दूषित पानी से फैलने वाले बैक्टीरिया के कारण उनके शरीर में गिलियन-बैरे सिंड्रोम उत्पन्न हो गया जिसने उनकी नसों को प्रभावित कर लकवा पैदा कर दिया। इस दौरान 36 लोगों की मौत हुई लेकिन पार्वती ने 72 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ी और अंततः जीत हासिल की। 28 दिसंबर को पार्वती के पति भेरूलाल कोंडला को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। शुरू में मामूली संक्रमण का अंदेशा था लेकिन जल्द ही दूषित पानी में मौजूद कैम्पीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया ने उनके नर्वस सिस्टम पर हमला कर दिया। उसी दिन पार्वती को स्कीम 78 स्थित विवेक मेमोरियल अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में रेफर किया गया और फिर 2 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। GBS सिंड्रोम में शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही नसों को खत्म कर देता है। देखते ही देखते पार्वती का शरीर लकवाग्रस्त हो गया और किडनियों ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर बचने की संभावना केवल 3-4 प्रतिशत बताई। इसके बाद उन्हें 16 दिन वेंटिलेटर और 22 दिन ICU में रखा गया। जब फेफड़ों ने साथ छोड़ दिया तो ट्रेकोस्टोमी कर गले में छेद बनाकर सांस लेने का रास्ता बनाया गया। 18 दिन तक पार्वती पूरी तरह बेहोश रहीं। भागीरथपुरा का यह मामला शासन की निगरानी में था। केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कई बार अस्पताल पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया कि वे किसी की बात की चिंता न करें। 72 दिनों के इलाज का खर्च लगभग 19.50 लाख रुपए शासन द्वारा कवर किया गया। 48 दिन बाद पार्वती को HDU में रेफर किया गया और धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 6 मार्च को उनका ट्रेकोस्टोमी सिस्टम बंद किया गया और धीरे-धीरे लिक्विड डाइट शुरू की गई। 9 मार्च को उन्हें डिस्चार्ज किया गया। अब CMHO डॉ. माधव हसानी की टीम उनकी मॉनिटरिंग कर रही है। घर लौटने के बाद भी पार्वती की लड़ाई खत्म नहीं हुई। बेटे प्रदीप के अनुसार फिजियोथेरेपिस्ट केयर टेकर और दवाओं का खर्च महीने का 60-70 हजार रुपए आ रहा है। उन्हें दिन में 9 बार लिक्विड डाइट दी जाती है जिसमें 6 बार दूध और प्रोटीन और 3 बार अन्य लिक्विड ट्यूब के जरिए दिए जाते हैं। हालांकि घर आने के बाद उन्होंने हाथ उठाना और परिजनों को पहचान कर जवाब देना शुरू कर दिया है पर उनकी रिकवरी अभी भी चल रही है। प्रदीप ने कहा कि डॉक्टरों की मेहनत परिवार की श्रद्धा और मां की इच्छाशक्ति ने उन्हें मौत से वापस लौटाया। पार्वती की यह कहानी न सिर्फ जिंदगी की जंग जीतने का उदाहरण है बल्कि लोगों के लिए प्रेरणा भी है कि संकट और मुश्किलें कितनी भी बड़ी हों सही समय पर इलाज परिवार का सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
BHOPAL NEWS : भोपाल स्कूल में भय का माहौल, 600 से ज्यादा छात्र छोड़ चुके स्कूल

BHOPAL NEWS : भोपाल । पंचशील नगर स्थित शासकीय नूतन सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं और छात्रों के लिए सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। सालों से प्रतिष्ठित यह स्कूल अब असुरक्षा और भय के माहौल में संघर्ष कर रहा है। पहले यहां करीब 800 छात्र पढ़ते थे, लेकिन अब संख्या घटकर लगभग 200 रह गई है। स्कूल के आसपास नशाखोरों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। छात्राएं और स्थानीय लोग बताते हैं कि रोजाना नशे में धुत लोग गेट के पास फब्तियां कसते हैं, आवाजें लगाते हैं और छेड़छाड़ करते हैं। छात्रा अनन्या ने बताया कि रास्ते में नशाखोरों की वजह से हर दिन डर के साए में गुजरता है। छात्रा निशा ने भी बताया कि कभी-कभी लड़के कमेंट पास करते हैं और एक बार तो बदतमीजी की कोशिश भी हुई, लेकिन शिक्षिका के आने पर वे भाग गए। छात्र शुभम ने बताया कि स्कूल में लगभग 40 दृष्टिहीन छात्र पढ़ते हैं, जो रोजाना 1 से 1.5 किमी पैदल आते हैं और कई बार बदसलूकी का सामना करते हैं। ऐसे माहौल में पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो गया है। स्कूल परिसर में भी सुरक्षा गंभीर समस्या बनी हुई है। प्रिंसिपल डॉ. अभिषेक बैस ने बताया कि एक साल पहले कुछ लोग स्कूल में घुसे और बाथरूम में एक व्यक्ति की हत्या कर शव जला दिया। यहां तलवार और महिलाओं के कपड़े भी मिल चुके हैं। कई बार स्कूल के गेट के ताले तोड़ दिए गए, बेंच उठाई या तोड़ी गईं, और छात्रों से चाकू दिखाकर पैसे लूटे गए। पंजाब किंग्स के हेड कोच ने बताया IPL में स्टार खिलाड़ी चुनने का राज, श्रेयस अय्यर नंबर वन स्कूल के बाहर का माहौल भी भयावह है। मीट शॉप्स, बार्बर शॉप्स और शराब पीने वाले लोग स्कूल के पास जमा रहते हैं। केवल 100 मीटर के दायरे में पूरा क्षेत्र नशाखोरी का केंद्र बन चुका है। छात्राएं और महिलाएं स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि अतिक्रमण और असामाजिक गतिविधियों के कारण स्कूल परिसर तक सुरक्षा की गंभीर कमी है। इस भयावह माहौल के कारण पिछले दो साल में 600 से ज्यादा छात्र-छात्राएं स्कूल छोड़ चुके हैं। छात्राओं की संख्या घटकर महज 12–15 रह गई है। जो बच्चे आते हैं, उनका ध्यान पढ़ाई पर कम और सुरक्षा पर ज्यादा रहता है। पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र स्लम है और यहां असामाजिक गतिविधियां होती रहती हैं। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और स्कूल प्रबंधन को संपर्क नंबर दिए गए हैं। हालांकि, अभिभावक और शिक्षक मानते हैं कि मौखिक शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रिंसिपल बैस का कहना है कि कभी प्रतिष्ठित रहा यह स्कूल अब अपनी पहचान बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। शराबी और असामाजिक तत्व दिन और रात परिसर में घुस आते हैं। शिकायतें विधायक, कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। यह स्थिति स्कूल के अस्तित्व और छात्रों की सुरक्षा पर सीधा असर डाल रही है। अभिभावक डरते हैं कि यदि उन्होंने स्कूल की स्थिति उजागर की तो बच्चों को स्कूल से हटवा दिया जाएगा। ऐसे में पढ़ाई और सुरक्षित शिक्षा का अधिकार गंभीर संकट में है।
group travel ideas : दोस्तों के साथ बनाए इन जगहों पर घूमने का प्लान, सफर बनेगा खास

group travel ideas : नई दिल्ली। अप्रैल का महीना घूमने के लिए एकदम परफेक्ट माना जाता है क्योंकि अभी हल्की-हल्की गर्मी शुरू ही हुई होती है। ऐसे में आप आसानी से घूम सकते हैं वरना बाद में गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। अगर आपको अपने दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जाना है लेकिन सही जगह समझ नहीं आ रही है तो चलिए आपको कुछ खास जगह के बारे में बताते हैं जहां आप जाकर अच्छा अनुभव का सकते हैं। इन जगहों पर जरूर जाएं दोस्तों संग मौजमस्ती करने के लिए गोवा बेस्ट डेस्टिनेशन है। गोवा अपने बीच के लिए फेमस है। इस महीने में गोवा में ज्यादा पर्यटकों की भीड़ नहीं होती है ऐसे में आप गोवा जाकर अपने दोस्तों के साथ कई सारी एक्टिविटीज कर सकते हैं। हरियाली देखने के लिए ये जगहें है बेस्ट कुर्ग एक ऐसा हिल स्टेशन है जहां का मौसम सुहावना रहता है। यहां चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। ऐसे में आप दोस्तों के साथ यहां आ सकते हैं। अगर आप पहाड़ चाय का बागवान ये सब देखना चाहते हैं। तो ये जगह आपके लिए काफी खास हो सकती है। यहां का नजारा हरियाली, बागान और प्राकृतिक सुंदरता लोगों को आकर्षित करती है। दोस्तों के साथ इस जगह पर घूमने के लिए जा सकते हैं। इसके अलावा आप केरल का मुन्नार प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा पेश करता है। केरल का खूबसूरत हिल स्टेशन मुन्नार अपनी हरियाली, चाय बागानों और ठंडे मौसम के लिए मशहूर है। यहां घूमने के लिए कई शानदार जगहें हैं। ऋषिकेश भी है खास ऋषिकेश वैसे तो एक धार्मिक जगह है, लेकिन धीरे-धीरे ये एक बेहतरीन टूरिस्ट प्लेस बन गई है। जहां पर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जा सकते हैं। ऋषिकेश में घूमने के साथ-साथ आप कई प्रकार की एक्टिविटी भी कर सकते हैं।
Glowing Skin Tips : स्किन को फ्रेश और हेल्दी रखें, ट्रैवल और ऑफिस में ये ब्यूटी प्रोडक्ट्स न भूलें

Glowing Skin Tips : नई दिल्ली।आज के समय में ऑफिस जाना ट्रैवल करना और उसके साथ-साथ अपनी स्क्रीन का ध्यान रखना काफी मुश्किल हो जाता है। अगर आप ट्रैवलिंग के साथ-साथ अपने स्क्रीन का ध्यान रखना चाहती हैं तब यह खबर आपके लिए काफी जरूरी है। जब भी हम कहीं बाहर जाते हैं, तो सोचते हैं कि अपने बैग में ऐसा क्या-क्या रखें। जिससे कि हमारा चेहरा फ्रेश और सुंदर बना रहा। तो चलिए आपको इससे जुड़ी खास जानकारी देते हैं। फेस क्लींजर या फेस वॉश सबसे जरूरी होता है कि अगर आप बाहर जा रहे हैं तब चेहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए जरूरी होता है स्किन को साफ रखना, ऑयल, दिनभर की धूल-मिट्टी और मेकअप को हटाने के लिए अच्छा फेस क्लींजर या फेस वॉश होना जरूरी है। इसलिए आप अपने स्किन टाइप के हिसाब से क्लींजर और फेस वॉश को रख सकती हैं। जो आपकी काफी मदद करेगा। फेस मास्क ऑफिस जाते समय या फिर आप कहीं और ट्रेवल कर रही हैं धूप और धूल की वजह से फेस पर गंदगी की परत जम जाती है। इसके लिए फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। जब आप बाहर जाएं, तो बैग में फेस मास्क जरूर रख लें। यह ब्यूटी प्रोडक्ट आपके बहुत काम आएगा। लिप बाम फेस के साथ-साथ होंठों की देखभाल करना जरूरी है। फटे और ड्राय होंठ बहुत दर्द होते हैं और हमारा लुक भी खराब कर देते हैं। इसलिए लिप बाम को अपने पास जरूर रखना चाहिए। ताकि ये आपके होंठों की देखभाल सही ढंग से करें।फेस के साथ-साथ होंठों की देखभाल करना जरूरी है। फटे और ड्राय होंठ बहुत दर्द होते हैं और हमारा लुक भी खराब कर देते हैं। इसलिए लिप बाम को अपने पास जरूर रखना चाहिए। ताकि ये आपके होंठों की देखभाल सही ढंग से करें। मॉइस्चराइजिंग क्रीम स्किन को कोमल और मुलायम बनाने के लिए आपके पास मॉइस्चराइजिंग क्रीम होना जरूरी है। इसलिए इसको बाहर जाते समय मॉइस्चराइजिंग क्रीम ले जाना न भूलें। के साथ ही अगर आप रात में ट्रेवल कर रही हैं तो कोई नाइट क्रीम या फिर सीरम जरूर अपने पास रखें।इससे आपका फेस अगली सुबह फ्रेश और ग्लोइंग रहेगा।
IPL player ranking : पंजाब किंग्स के हेड कोच ने बताया IPL में स्टार खिलाड़ी चुनने का राज, श्रेयस अय्यर नंबर वन

IPL player ranking : नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के शुरुआती दौर में पंजाब किंग्स ने धमाकेदार प्रदर्शन किया है। पहले दो मैच जीतकर अंकतालिका में पहले स्थान पर काबिज़ पंजाब के हेड कोच रिकी पोंटिंग ने खुलासा किया कि उनकी रणनीति और टीम चयन में श्रेयस अय्यर नंबर वन थे। पोंटिंग की रणनीति और नए सीजन का बदलाव पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 में फाइनल खेला था और इस बार टीम को बिल्कुल नए अंदाज में तैयार किया गया है। पोंटिंग ने बताया कि पिछले साल की टीम से कुछ खिलाड़ियों को ही बनाए रखते हुए पूरी टीम को फिर से तैयार किया गया। उन्होंने कहा, “सिर्फ प्रभसिमरन और शशांक को रखने से मुझे अपनी पसंद के खिलाड़ियों के साथ काम करने का मौका मिला। श्रेयस जाहिर तौर पर मेरी लिस्ट में नंबर एक थे।” उन्होंने आगे बताया कि टीम के भारतीय टॉप ऑर्डर खिलाड़ी, जैसे श्रेयस अय्यर, अर्शदीप और युजवेंद्र चहल, टीम की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी थे। पोंटिंग ने बताया कि टीम के विदेशी खिलाड़ी भी पिछले सीजन की तरह आरामदायक माहौल में शामिल हुए। हरप्रीत बरार को न खिलाने का कारण हरप्रीत बरार को अब तक मौका न देने पर पोंटिंग ने कहा, “टीम का संतुलन देखने के बाद दूसरे स्पिनर को फिट करना मुश्किल था। श्रेयस को पहले दो मैचों में इसकी कीमत चुकानी पड़ी।” उन्होंने बरार की तारीफ करते हुए कहा कि उनका घरेलू सीजन शानदार रहा और टीम में आने का सही अवसर अभी इंतजार कर रहा है। लेकिन टीम में स्थान देने के लिए एक मुश्किल फैसला करना होगा। युजवेंद्र चहल की बॉलिंग का विश्लेषण पूर्व खिलाड़ी हरभजन सिंह ने चहल की गेंदबाजी के बारे में कहा कि वह क्लासिकल स्पिनर हैं। बॉल हवा में फ्लाइट लेकर बल्लेबाज को भ्रमित करती है, जिससे ऊंचा शॉट मारने पर भी गेंद ज्यादा दूरी तय नहीं कर पाती। पोंटिंग ने भी कहा कि इस समय कुलदीप और चहल ही सच्चे स्पिनर हैं। शुरुआती सफलता और आगे की चुनौती पंजाब किंग्स ने पहले दो मैच जीतकर टीम की ताकत दिखाई। रिकी पोंटिंग की रणनीति, श्रेयस अय्यर की कप्तानी और चहल का अनुभव टीम को धमाकेदार शुरुआत देने में कामयाब रहे। अब टीम का अगला मुकाबला ईडन गार्डन्स में है, जो हाई-स्कोरिंग गेम होने की उम्मीद है।
GWLIOR HEAVY RAINFALL : ग्वालियर में तेज़ बारिश के साथ गिरे ओले, भोपाल IMD ने जारी किया था अलर्ट !

HIGHLIGHTS: ग्वालियर-चंबल अंचल में 4 अप्रैल को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि तेज आंधी और तूफान के कारण जनजीवन प्रभावित मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया सड़क यातायात और दैनिक गतिविधियों में व्यवधान वीडियो रिपोर्ट में ओलों की बरसात दिखी GWLIOR HEAVY RAINFALL : ग्वालियर। 4 अप्रैल को ग्वालियर-चंबल अंचल में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। बता दें कि तेज आंधी और तूफान के साथ हुई बारिश ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित किया। कुछ स्थानों पर ओलों की बरसात हुई, जिनकी वीडियो रिपोर्ट भी सामने आई है। Vastu Tips: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को करें ये आसान उपाय मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने संभाग के कई जिलों में आगामी समय में तेज बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने नागरिकों से सड़क मार्ग पर सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल: हवा और जमीन पर हमला करने वाला बहु भूमिका फाइटर जनजीवन पर असर तेज बारिश और ओलों के कारण कई जगहों पर पानी भराव और यातायात प्रभावित हुआ। लोगों को सुबह और दोपहर के समय बाहर जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अचानक मौसम में बदलाव से शहर में हल्की ठंडक का माहौल बना है, लेकिन जनजीवन प्रभावित हुआ है। Dhurandhar के ‘रहमान डकैत’ रोल पर हुआ ड्रामा! तीन स्टार्स ने कहा ‘ना’, कास्टिंग डायरेक्टर ने सब बताया तापमान में गिरावट का अनुमान भारी बारिश और ओले के कारण इलाके के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। यहाँ देखें वीडियो…
IPL cricket records : एक पारी, शानदार विकेट! IPL के उन 3 गेंदबाजों की कहानी जो छक्का लगाने में सफल हुए

IPL cricket records : नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19 सीजन में अब तक सिर्फ तीन ही गेंदबाज ने किसी पारी में 6 विकेट लेने का कारनामा किया है। यह रिकॉर्ड अपने आप में बेहद खास है, क्योंकि आईपीएल में बल्लेबाजी की ताकत और रन बनाने की गति के बीच 6 विकेट लेना कोई साधारण उपलब्धि नहीं। आइए जानते हैं इन तीन गेंदबाजों और उनके धमाकेदार प्रदर्शन के बारे में। 1. सोहेल तनवीर: CSK के खिलाफ 6 विकेट पहला नाम है सोहेल तनवीर का। 4 मई 2008 को राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए तनवीर ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 4 ओवरों में सिर्फ 14 रन देकर 6 विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन के चलते CSK की पूरी टीम 109 रन पर सिमट गई। मैच में राजस्थान ने 14.2 ओवरों में 8 विकेट खोकर जीत हासिल की। इस दौरान ग्रीम स्मिथ ने 35 नाबाद रन, जबकि स्वप्निल असनोदकर ने 32 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। तनवीर की इस पारी ने उन्हें आईपीएल इतिहास में पहले गेंदबाज के रूप में दर्ज करवा दिया, जिन्होंने 6 विकेट का कमाल किया। 2. एडम जांपा: RPS के लिए 6 विकेट दूसरे नाम पर हैं एडम जांपा। 10 मई 2016 को राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (RPS) की ओर से खेलते हुए जांपा ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 4 ओवर में 19 रन देकर 6 विकेट लिए। विशाखापत्तनम में खेले गए इस मुकाबले में SRH सिर्फ 137 रन ही बना सकी। शिखर धवन ने 33 रन, जबकि केन विलियम्सन ने 32 रन बनाए। हालांकि मैच में RPS की टीम 133 रन बनाकर 8 विकेट खोकर हार गई, लेकिन जांपा की इस गेंदबाजी ने उन्हें इतिहास में दर्ज कर दिया। 3. अल्जारी जोसेफ: MI की जीत में 6 विकेट तीसरा और आखिरी नाम है अल्जारी जोसेफ का। 6 अप्रैल 2019 को मुंबई इंडियंस (MI) की ओर से खेलते हुए जोसेफ ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 3.4 ओवरों में 12 रन देकर 6 विकेट चटकाए। इस पारी में एक ओवर मेडन भी शामिल था। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 136 रन बनाए, जिसमें किरोन पोलार्ड ने 26 गेंदों में 46 नाबाद रन खेलकर टीम को मजबूत स्कोर दिया। जोसेफ की धारदार गेंदबाजी के सामने SRH की पूरी टीम 17.4 ओवरों में 96 रन पर सिमट गई, और मुंबई इंडियंस ने 40 रन से जीत दर्ज की।
ये 7 टीमें बनीं IPL में जीत के रिकॉर्ड की मालिक, जानें किसने क्या हासिल किया

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 19वां सीजन चल रहा है, और इस दौरान कुल 7 टीमों ने ‘जीत का शतक’ यानी 100 या उससे ज्यादा मैच जीतने का गौरव हासिल किया है। आइए, विस्तार से जानते हैं इन टीमों के प्रदर्शन और रिकॉर्ड के बारे में। 1. मुंबई इंडियंस (MI)पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई इंडियंस ने अब तक 277 मैच खेले हैं। इनमें 152 जीत और 122 हार शामिल हैं। इसके अलावा टीम के 4 मैच टाई (2 टाई+जीत, 2 टाई+हार) और 2 मैच बेनतीजा रहे। मुंबई इंडियंस की ताकत हमेशा से उसकी लगातार जीत और फाइनल में पहुंचने की क्षमता रही है। 2. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)5 बार की आईपीएल चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने 255 मैच खेले हैं, जिनमें 142 जीत दर्ज की। टीम ने 110 हार झेली, जबकि 1 मैच टाई (टाई+हार) और 2 मैच बेनतीजा रहे। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में CSK हमेशा फाइनल में दावेदार रही है। 3. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)तीन बार का चैंपियन KKR ने अब तक 267 मैच खेले, जिनमें 135 जीत और 126 हार शामिल हैं। टीम के 4 मैच टाई (1 टाई+जीत, 3 टाई+हार) और 2 मैच बेनतीजा रहे। केकेआर ने भी आईपीएल में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है। 4. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)बीते सीजन का खिताबी सूखा खत्म करने वाली RCB ने अब तक 272 मैच खेले, जिनमें 133 जीत और 132 हार दर्ज की गई। टीम के 3 मैच टाई (2 टाई+जीत, 1 टाई+हार) रहे, जबकि 4 मैच बेनतीजा रहे। विराट कोहली और फाफ डू प्लेसिस जैसे स्टार खिलाड़ियों ने टीम को खिताब के करीब पहुंचाया। 5. पंजाब किंग्स (PBKS) PBKS ने अब तक 265 मैच खेले, जिनमें 121 जीत और 139 हार शामिल हैं। 4 मैच टाई (3 टाई+जीत, 1 टाई+हार) और 1 मैच का नतीजा नहीं निकला। टीम ने कई बार मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन खिताब की राह में उतनी सफलता नहीं मिली। 6. दिल्ली कैपिटल्स (DC)दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक 267 मैच खेले, जिनमें 119 जीत और 140 हार दर्ज की। टीम के 5 मैच टाई (4 टाई+जीत, 1 टाई+हार) और 3 मैच बेनतीजा रहे। पिछले सीजन में DC ने फाइनल तक का सफर तय कर दर्शकों को रोमांचित किया। 7. राजस्थान रॉयल्स (RR)साल 2008 में आईपीएल का पहला संस्करण जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स ने अब तक 237 मैच खेले, जिनमें 115 जीत और 115 हार दर्ज हैं। टीम के 4 मैच टाई (2 टाई+जीत, 2 टाई+हार) और 3 मैच बेनतीजा रहे। RR की शुरुआत ही धमाकेदार रही थी और कई युवा खिलाड़ियों ने यहाँ से अपने करियर की पहचान बनाई।