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Piyush Mishra confession : पीयूष मिश्रा का चौंकाने वाला खुलासा! शराब की लत में मां को कहा भला-बुरा, लड़कियों को किए गंदे फोन

  नई दिल्ली।बॉलीवुड के बहुमुखी कलाकार Piyush Mishra ने एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी के उस दौर को याद किया है, जब शराब की लत ने उनके रिश्तों और करियर पर गहरा असर डाला। अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर पीयूष मिश्रा ने खुलकर स्वीकार किया कि नशे की हालत में उन्होंने ऐसे काम किए, जिन पर आज उन्हें पछतावा होता है। “शराब नहीं पीने वालों को नीरस समझता था” एक पॉडकास्ट बातचीत में पीयूष मिश्रा ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह शराब को ‘कूल’ मानते थे। जो लोग शराब नहीं पीते थे, उन्हें वह नीरस समझते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि यह सोच गलत थी और धीरे-धीरे उन्हें इसका एहसास हुआ। शराब की लत: “खतरनाक बीमारी, जिसका पता ही नहीं चलता” पीयूष मिश्रा ने शराब की लत को एक गंभीर बीमारी बताते हुए कहा कि इसकी सबसे बड़ी समस्या यही है कि इंसान को पता ही नहीं चलता कि वह इसकी गिरफ्त में आ चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आता है जब शरीर खुद शराब की मांग करने लगता है और व्यक्ति उस पर नियंत्रण खो देता है। उनके अनुसार, मेडिकल साइंस के पास इसका पूर्ण इलाज नहीं है और इससे बाहर निकलने के लिए मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती बेहद जरूरी है। मां को कहा भला-बुरा, सुबह कुछ याद नहीं रहता था पीयूष मिश्रा ने अपनी जिंदगी के सबसे कड़वे अनुभव साझा करते हुए बताया कि शराब के नशे में उन्होंने अपनी मां को भी भला-बुरा कहा। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय वह खुद को रोक नहीं पाए, जबकि अंदर से उन्हें एहसास था कि वह गलत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में वह कई बार ऐसी हरकतें कर जाते थे, जो उनके स्वभाव के बिल्कुल विपरीत थीं। “लड़कियों को किए गंदे फोन कॉल” पीयूष मिश्रा ने यह भी खुलासा किया कि शराब के नशे में उन्होंने कई बार लड़कियों को आपत्तिजनक फोन कॉल किए। हैरानी की बात यह थी कि अगले दिन उन्हें इन घटनाओं की कोई याद नहीं रहती थी। जब लोग उन्हें इन कॉल्स के बारे में बताते थे, तो वह खुद यकीन नहीं कर पाते थे कि उन्होंने ऐसा किया है। उन्होंने माना कि उस समय वह अपने नियंत्रण में नहीं होते थे। काम के दौरान कभी नहीं पी, फिर भी असर पड़ा हालांकि पीयूष मिश्रा ने यह भी साफ किया कि उन्होंने कभी अपने काम के दौरान शराब नहीं पी। न तो उन्होंने नशे में एक्टिंग की और न ही गाने लिखे। फिर भी, उनकी इस आदत का असर उनके प्रोफेशनल जीवन पर पड़ा। लोग उनके साथ काम करने से कतराने लगे और उनकी छवि प्रभावित हुई। “अब भी अल्कोहलिक हूं, लेकिन खुद पर काबू है” पीयूष मिश्रा ने बताया कि वह आज भी खुद को अल्कोहलिक मानते हैं, लेकिन अब उन्होंने अपनी क्रेविंग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी सीमाओं को समझते हैं और पहले जैसी स्थिति नहीं रही।

Shreyas Iyer fine : Shreyas Iyer पर BCCI का बड़ा एक्शन! लाखों का जुर्माना, क्या IPL से भी होगा बैन?

  नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर रही Punjab Kings के कप्तान Shreyas Iyer पर एक बार फिर Board of Control for Cricket in India (BCCI) का शिकंजा कस गया है। लगातार दूसरी बार स्लो ओवर रेट के दोषी पाए जाने पर अय्यर पर भारी जुर्माना लगाया गया है, जिससे उनकी कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहले मुकाबले में भी अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि, चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में एक बार फिर वही गलती दोहराने पर अब जुर्माना बढ़ाकर 24 लाख रुपये कर दिया गया है। इतना ही नहीं, इस बार पूरी टीम को भी इसकी सजा भुगतनी पड़ी है। पूरी टीम पर भी गिरी गाज आईपीएल की आधिकारिक रिलीज के अनुसार, चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान स्लो ओवर रेट बनाए रखने के कारण यह कार्रवाई की गई। नियमों के मुताबिक, यह इस सीजन में Punjab Kings का दूसरा उल्लंघन था। ऐसे में कप्तान पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर सहित बाकी खिलाड़ियों पर 6 लाख रुपये या उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) जुर्माना ठोका गया है। Guna Worker Bribe Case : 200 रूपए की रिश्वत लेते पकड़या कर्मचारी, नौकरी से धोना पड़ा हाथ ! क्या श्रेयस अय्यर पर लगेगा बैन? सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या Shreyas Iyer पर मैच खेलने से प्रतिबंध लग सकता है? दरअसल, पहले आईपीएल में नियम था कि अगर कोई टीम एक सीजन में तीन बार स्लो ओवर रेट की दोषी पाई जाती है, तो उसके कप्तान पर एक मैच का बैन लगाया जाता था। लेकिन 2025 सीजन से पहले इस नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब नए नियमों के तहत कप्तान पर सीधे बैन नहीं लगाया जाता, बल्कि जुर्माने के साथ डिमेरिट पॉइंट सिस्टम लागू किया गया है। ऐसे में फिलहाल अय्यर पर किसी भी तरह के बैन का खतरा नहीं है। डिमेरिट पॉइंट सिस्टम क्या है? नए नियमों के अनुसार, स्लो ओवर रेट जैसे मामलों में खिलाड़ियों और कप्तानों को डिमेरिट अंक दिए जाते हैं। लेवल-1 अपराध पर 25% से 75% तक मैच फीस काटी जा सकती है।  लेवल-2 (गंभीर) मामलों में 4 डिमेरिट पॉइंट दिए जाते हैं। हर 4 डिमेरिट पॉइंट पर 100% मैच फीस तक का जुर्माना या अतिरिक्त सजा मिल सकती है। हालांकि, यह पॉइंट्स भविष्य में बैन का कारण बन सकते हैं, लेकिन सिर्फ स्लो ओवर रेट के आधार पर तुरंत प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। कप्तानी पर उठने लगे सवाल लगातार दूसरी बार स्लो ओवर रेट की गलती दोहराने के बाद Shreyas Iyer की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन बार-बार की ये चूक आगे चलकर टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों में पंजाब किंग्स इस गलती से सीख लेकर अपने खेल के साथ-साथ अनुशासन में भी सुधार करती है या नहीं।

IPL 2026 Points Table: पंजाब किंग्स की लंबी छलांग, RR से छिना नंबर-1 का ताज

  IPL 2026 Points Table: नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, पॉइंट्स टेबल में उतार-चढ़ाव भी तेज हो गया है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली Punjab Kings ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 5 बार की चैंपियन Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर पॉइंट्स टेबल में लंबी छलांग लगा दी है। इस जीत के साथ पंजाब ने न सिर्फ लगातार दूसरी जीत दर्ज की, बल्कि सीधे नंबर-1 का ताज भी अपने नाम कर लिया। मोहाली में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया था, लेकिन पंजाब किंग्स ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 18.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और ऊंचा कर दिया है, जबकि चेन्नई की कमजोर गेंदबाजी एक बार फिर उजागर हो गई। टॉप-4 में इन टीमों का दबदबा पॉइंट्स टेबल में फिलहाल Punjab Kings शीर्ष पर काबिज है, जबकि Rajasthan Royals दूसरे स्थान पर खिसक गई है। इसके अलावा डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru और Delhi Capitals भी टॉप-4 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। दिल्ली कैपिटल्स का अगला मुकाबला Mumbai Indians से है, जहां दोनों टीमें लगातार दूसरी जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेंगी। वहीं राजस्थान रॉयल्स की नजर फिर से टेबल टॉपर बनने पर होगी। पॉइंट्स टेबल में किस टीम की क्या स्थिति अब तक के मुकाबलों के बाद पंजाब किंग्स 2 मैचों में 2 जीत और 4 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। राजस्थान, आरसीबी, दिल्ली और मुंबई जैसी टीमें 2-2 अंकों के साथ पीछे हैं, लेकिन उनका नेट रन रेट काफी मजबूत है। दूसरी ओर Sunrisers Hyderabad एक जीत और एक हार के साथ मिड-टेबल में है। वहीं Gujarat Titans, Lucknow Super Giants और Kolkata Knight Riders को अभी तक जीत का खाता खोलने का इंतजार है। चेन्नई सुपर किंग्स की हालत खराब, वापसी की चुनौती ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली Chennai Super Kings के लिए सीजन की शुरुआत बेहद खराब रही है। टीम अपने शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है और पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि पंजाब के खिलाफ मैच में चेन्नई के बल्लेबाजों ने 209 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाज इस स्कोर को बचाने में पूरी तरह नाकाम रहे। लगातार दो हार के बाद अब टीम के सामने वापसी की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अगर आने वाले मैचों में गेंदबाजी में सुधार नहीं हुआ, तो चेन्नई के लिए प्लेऑफ की राह मुश्किल हो सकती है। पंजाब किंग्स ने शानदार प्रदर्शन कर पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 स्थान हासिल किया, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स लगातार दो हार के बाद सबसे नीचे पहुंच गई है। अब आगे के मुकाबले टेबल की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं।

Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर!

Gold Jewellery: नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) अब सोने के गहनों (Gold Jewellery) की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग नियमों (Hallmarking rules.) को और सख्त करने की तैयारी में है। इसके तहत, हर आइटम के लिए एक खास पहचान संख्या (HUID) का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। इसका मकसद नकली सामान पर रोक लगाना और उसकी पहचान को बेहतर बनाना है। यूनिक ID का दोबारा नहीं हो सकेगा इस्तेमाल मिंट की एक खबर में सूत्र के हवाले से बताया गया है कि नई व्यवस्था के तहत हर गहने को उसके डिजाइन, आकार और अन्य विशेषताओं के आधार पर एक अलग पहचान संख्या दी जाएगी। यह संख्या किसी भी हालत में दोबारा इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी, भले ही गहने एक जैसे क्यों न दिखें। वहीं, एक बार जब कोई ज्वेलरी आइटम पिघला दिया जाता है तो उसे दी गई यूनिक ID का दोबारा इस्तेमाल किसी दूसरे प्रोडक्ट के लिए नहीं किया जा सकेगा। इससे सर्टिफिकेशन की नकल या गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी। क्यों लिया जा रहा फैसला? सूत्र ने बताया कि यह फैसला उन बढ़ती शिकायतों को देखते हुए लिया गया है, जिनमें किसी खास हॉलमार्क ID और शुद्धता के स्तर के साथ खरीदे गए गहनों की प्योरिटी बाद में अलग पाई गई। यह बात संज्ञान में आई है कि एक ही यूनिक ID का इस्तेमाल कई चीजों के लिए किया जा रहा है। हालांकि, शिकायतों की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया गया है। इंडस्ट्री का मिल रहा समर्थन आदित्य बिड़ला ज्वेलरी की कंपनी इंद्रिया के सीईओ संदीप कोहली ने कहा कि यह पहल कॉर्पोरेट ज्वेलर्स के साथ पार्टनरशिप में शुरू की जा रही है और धीरे-धीरे इसे ज्वेलरी के पूरे इकोसिस्टम तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरीके से थर्ड पर्टी द्वारा हमारे प्रोडक्ट के HUID नंबरों की डुप्लीकेशन या गलत इस्तेमाल का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि हॉलमार्क निशानों की तस्वीरें उनके प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाएंगी, जिससे भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकली या जाली निशानों की पहचान करके उन्हें रोका जा सकेगा। कंपनी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ मिलकर इस बदलाव को अपने सिस्टम में शामिल कर रही है। 2025 में पायलट प्रोजेक्ट बता दें कि अक्टूबर 2025 में उपभोक्ता मामलों के विभाग ने अपनी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स विंग BIS के जरिए, 25 जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका मकसद ज्वेलरी की डिटेल्स को डिजिटली रिकॉर्ड करना था। BIS ने इंटीग्रेटेड कैमरों और वजन करने वाले सिस्टम का इस्तेमाल करके अपने पोर्टल पर हर हॉलमार्क वाली ज्वेलरी आइटम की फोटो और वजन रिकॉर्ड किया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी। हॉलमार्किंग की शुरुआत साल 2000 में हुई थी और 2021 से इसे अलग-अलग चरणों में अनिवार्य कर दिया गया, जो अब लगभग 400 जिलों तक पहुंच चुका है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, तब से अब तक 580 मिलियन से ज़्यादा सोने की चीजों पर हॉलमार्क लगाया जा चुका है, जिसका औसत हर महीने 10 मिलियन से ज्यादा है।

पाकिस्तान में 458 रुपये पहुंचे पेट्रोल के रेट… भारत में अब तक नहीं बढ़ी कीमतें

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price Today) में आज फिर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। वहीं, डीजल का रेट दिल्ली में आज शनिवार को 87.67 रुपये प्रति लीटर है। बता दें, दुनिया भर में इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil Prices) में जारी तेजी की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, घरेलू स्तर पर भारत सरकार ने आम-आदमी को अबतक इससे बचा कर रखा है। पाकिस्तान में 458 रुपये प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोलपाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाने की घोषणा की। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में क्रमश: 43 प्रतिशत और 55 प्रतिशत की भारी बढोतरी की है। इस फैसले के तहत, पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये से 137.23 रुपये प्रति लीटर (करीब 42.7 प्रतिशत) बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत 335.86 रुपये से 184.49 रुपये प्रति लीटर (करीब 55 प्रतिशत) बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके साथ, केरोसिन तेल की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये कर दी गई है। देश के अलग-अलग शहरों में किस रेट पर बिक रहा पेट्रोल (Petrol Rate)दिल्ली – 94.77 रुपयेमुंबई – 104.21 रुपयेकोलकाता – 103.94 रुपयेचेन्नई – 100.75 रुपयेअहमदाबाद – 94.49 रुपयेबेंगलुरू – 102.92 रुपयेहैदराबाद – 107.46 रुपयेजयपुर – 104.72 रुपयेलखनऊ – 94.69 रुपयेपुणे – 104.04 रुपयेचंडीगढ़ – 94.30 रुपयेइंदौर – 106.48 रुपये डीजल का क्या है अलग-अलग शहरों में रेट (Diesel Rate)मुंबई – 92.15 रुपयेकोलकाता – 90.76 रुपयेचेन्नई – 92.34 रुपयेअहमदाबाद – 90.17 रुपयेबेंगलुरू – 89.02 रुपयेहैदराबाद – 95.70 रुपयेजयपुर – 90.21 रुपयेलखनऊ – 87.80 रुपयेपुणे – 90.57 रुपयेचंडीगढ़ – 82.45 रुपयेइंदौर – 91.88 रुपयेपटना – 93.80 रुपये पिछले दिनों प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इंडियन ऑयल ने इजाफा किया था। जिसके बाद दिल्ली में XP100 पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल का रेट 91.49 रुपये से 92.99 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल

इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर में एलपीजी गैस कनेक्शन (LPG Gas Connection) लेने की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) ने नए गैस कनेक्शन के लिए उपयोग में आने वाले ऑनलाइन पोर्टल को एक महीने के लिए बंद कर दिया है। इसके चलते अब नागरिकों को नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु कम से कम एक माह तक इंतजार करना होगा। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मोहनलाल मारू ने बताया कि विभागीय स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कारणों के चलते पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी। एक महीने बाद जब पोर्टल फिर से शुरू किया जाएगा, तब ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे। घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरअधिकारी मारू ने यह भी बताया कि जिन उपभोक्ताओं को तत्काल गैस की आवश्यकता है, उनके लिए विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की गंभीर असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक नियमित कनेक्शन देने की प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हो जाती। उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान यदि किसी नागरिक को गैस संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होती है, तो वे अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से सभी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को यथासंभव राहत मिल सके। यह एक अस्थायी व्यवस्थापोर्टल बंद होने से शहर के कई लोगों को अस्थायी रूप से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने की तैयारी में थे। हालांकि, विभाग का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और जल्द ही सभी सेवाएं फिर सामान्य कर दी जाएंगी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें, ताकि आगामी समय में गैस कनेक्शन की प्रक्रिया को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।

LPG की किल्लत के बीच बढ़ी स्टोव की डिमांड… केरोसिन नहीं मिलने से मजदूर पलायन को मजबूर

नई दिल्ली। एलपीजी किल्लत (Gas Crisis) के कारण आम लोग खासकर मजदूर वर्ग खासे परेशान हैं। आसानी से सिलिंडर (Gas Cylinder) नहीं मिलने के कारण हालात ऐसे हो गए हैं कि साल पहले घरों से गायब केरोसिन स्टोव (Kerosene Stove) विकल्प के रूप में एक बार फिर जरूरत बनकर उभर रहा है। केंद्र सरकार ने आपात परिस्थितियों को देखते हुए केरोसिन तेल की बिक्री की अनुमति तो दे दी है, लेकिन बाजार में तेल उपलब्ध नहीं होने से लोग परेशान हैं। इस कारण मजदूर वर्ग पलायन करने को भी मजबूर हैं। सदर बाजार और चांदनी चौक जैसे थोक बाजारों में केरोसिन स्टोव की कमी देखी जा रही है। कभी इन बाजारों में स्टोव की भरमार होती थी, लेकिन बदलते समय के साथ इनकी मांग लगभग समाप्त हो गई थी। पहले सिलिंडर उसके बाद इंडक्शन उपयोग के कारण व्यापारियों ने धीरे-धीरे इसे बेचना छोड़ दिया। अब गैस संकट के चलते स्टोव की मांग अचानक बढ़ी है तो बाजार इसकी आपूर्ति करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। केरोसिन-डीजल स्टोव के दाम बढ़ेजो साधारण स्टोव पहले 400 से 600 रुपये में आसानी से मिल जाते थे, उनकी कीमत अब 1500 से 1800 रुपये तक पहुंच गई है। बड़े स्तर पर उपयोग होने वाली केरोसिन-डीजल भट्टियों के दाम 30 हजार रुपये तक पहुंच गया है। बावजूद बाजार में आसानी से नहीं मिल रहा है। सदर बाजार के व्यापारी सुरेश ने बताया कि उनके परिवार का पुराना व्यवसाय स्टोव बेचना था, लेकिन केरोसिन के उपयोग में कमी आने के कारण उन्होंने यह काम छोड़ दिया। नई पीढ़ी के लिए केरोसिन स्टोव बना चुनौतीनई पीढ़ी के अधिकांश लोग केरोसिन स्टोव का उपयोग करना नहीं जानते हैं। मुनिरका में काम करने वाली घरेलू सहायिका मीना ने बताया कि उनका सिलिंडर खत्म हो चुका है। वह कई बाजारों में स्टोव की तलाश कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कहीं नहीं मिला। वहीं, आरके पुरम में रहने वाली गृहिणी प्रेरणा ने बताया कि उनके घर में पिछले तीन दशकों से केवल गैस चूल्हे का उपयोग हो रहा है। उन्होंने कभी स्टोव पर खाना नहीं बनाया, अब यह स्थिति उनके लिए नई और चुनौतीपूर्ण बन गई है। बढ़ रहा पलायन, बस अड्डों-स्टेशनों पर लोगों की भीड़रोजी रोटी की तलाश में घर से हजारों किलोमीटर दूर पहुंचे मजदूर वर्ग के लिए एलपीजी संकट से पेट भरना भी मुश्किल हो गया है। इन संकटों से जूझ रहे खासकर मजदूर वर्ग के लोग अपने घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। इस कारण बड़ी संख्या में पलायन कर रहे लोगों की भीड़ इन दिनों बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों पर देखी जा रही है। सिलेंडर न मिलने, बाहर खाने की महंगाई और काम की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग घर जाना ही मुनासिक समझ रहे हैं। आनंद विहार बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। कई लोग बैग और सामान के साथ बसों और ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए। उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली बसों में भीड़ अधिक रही। यात्रियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गैस नहीं मिलने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है।

मध्य भारत से लेकर कश्मीर से तक तेज बारिश का अलर्ट… MP-महाराष्ट्र में होगी ओलावृष्टि!

भोपाल। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत (North-Western India.) इस समय दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभों (Strong Western Disturbances) के प्रभाव में है. इसका सीधा असर कश्मीर से लेकर मध्य भारत (Central India) तक देखने को मिलेगा. इस क्षेत्र में ओलावृष्टि होने की संभावना है. शुक्रवार और शनिवार को कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain) भी हो सकती है. IMD ने बताया कि मध्य भारत में 7 अप्रैल तक गरज और बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा, 3 अप्रैल को मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उससे सटे गुजरात क्षेत्र में और 4 अप्रैल को पूर्वी मध्य प्रदेश समेत छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हो सकती है. विभाग ने यह भी बताया कि इस हफ्ते देश के ज्यादातार हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश दर्ज की गई. इस बीच, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में ओलावृष्टि होने की खबरें मिली हैं। मार्च महीने में, देश पर आठ पश्चिमी विक्षोभों का असर पड़ा, जबकि सामान्य तौर पर इनकी संख्या 5 या 6 होती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बारिश लाने वाली हवाओं की एक प्रणाली है जो भूमध्य सागर और ईरान के ऊपर से पैदा होती है. यह ‘सबट्रॉपिकल पछुआ जेट स्ट्रीम’ के सहारे भारत पहुंचती है और हिमालय से टकराकर बारिश व बर्फबारी करती है। इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों के महीनों यानी दिसंबर से मार्च के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।

गर्मियों में आंखों की सुरक्षा: जानें आसान उपाय और एक्सरसाइज

नई दिल्ली ।  गर्मियों में तेज धूप गर्म हवा और डिजिटल उपकरणों की बढ़ती निर्भरता ने आंखों की सेहत को गंभीर खतरे में डाल दिया है। लंबे समय तक मोबाइल कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन के संपर्क में रहना आंखों में जलन सूखापन धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ा देता है। ऐसे में अपनी आंखों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार गर्मियों में आंखों को स्वस्थ और तनावमुक्त रखने के लिए कुछ आसान और प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं। सबसे पहले आता है 20-20-20 नियम। इसके अनुसार हर 20 मिनट स्क्रीन पर काम करने के बाद 20 फीट लगभग 6 मीटर दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें। यह छोटा अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है फोकस बदलने से तनाव कम होता है और आंखों की थकान भी दूर होती है। इसके अलावा आई पामिंग एक बेहद सरल और असरदार तरीका है। इसके लिए सुबह और शाम 2-3 मिनट दोनों हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और बंद आंखों पर हल्के से रखें। इससे आंखों को तुरंत गहरा आराम मिलता है और धूप या स्क्रीन से होने वाले तनाव में कमी आती है। गर्मियों में आंखों की देखभाल के लिए त्राटक अभ्यास भी लाभकारी है। इसके लिए मोमबत्ती की लौ या किसी काले बिंदु पर बिना पलक झपकाए कुछ सेकंड तक नजर टिकाएं और फिर आंखें बंद कर लें। यह अभ्यास आंखों को मजबूत बनाने के साथ-साथ ध्यान की क्षमता को भी बढ़ाता है। सिर्फ स्क्रीन टाइम ही नहीं बल्कि आंखों की साधारण एक्सरसाइज भी जरूरी है। आंखों को ऊपर-नीचे दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाना चाहिए। पास और दूर की वस्तुओं पर फोकस बदलना भी आंखों की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है। गर्मियों में आंखों को ठंडक देने के लिए पानी के छींटे भी फायदेमंद हैं। बाहर आने या लंबे काम के बीच समय-समय पर आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारने से राहत मिलती है। इसके अलावा स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना अच्छी रोशनी में काम करना और रोजाना पर्याप्त नींद लेना भी आंखों की थकान और जलन को कम करने में मदद करता है। आंखों की देखभाल केवल डिजिटल उपकरणों और गर्मी तक सीमित नहीं है। पर्याप्त पानी पीना हरी सब्जियों और विटामिन ए युक्त आहार लेना और धूल-मिट्टी से बचाव भी आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। गर्मियों में ये छोटे-छोटे उपाय अपनाकर आप अपनी आंखों को न सिर्फ स्वस्थ रख सकते हैं बल्कि तेज रोशनी स्क्रीन और धूल से होने वाली परेशानियों से भी बच सकते हैं। यही नहीं नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी बनी रहती है आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और आंखें लंबे समय तक तनावमुक्त रहती हैं।

गर्मियों का सुपरफ्रूट खरबूजा: शरीर को ठंडक और त्वचा को निखार देने वाला फल

नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां शरीर को अत्यधिक पसीना और पानी की कमी से जूझना पड़ता है, वहीं ऐसे फलों का सेवन जो ठंडक पहुंचाएं और स्वास्थ्य बनाए रखें, बेहद जरूरी है। खरबूजा इसी श्रेणी में एक बेहतरीन फल माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, खरबूजा गर्मियों के लिए वरदान के समान है। यह न केवल प्यास बुझाता है बल्कि शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है। खरबूजे में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है। साथ ही इसमें उच्च मात्रा में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी और पोटेशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की ऊर्जा बनाए रखने, पाचन क्रिया सुधारने और त्वचा तथा आंखों की सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं। आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्तशामक फल माना गया है। गर्मियों में यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है, पेट को ठंडक पहुंचाता है और हृदय को राहत देता है। इसे कटकर, जूस बनाकर या सलाद में शामिल कर रोजाना खाया जा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, खरबूजा न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है बल्कि यह सस्ता और आसानी से उपलब्ध भी है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सेवन करना चाहिए। खरबूजे के नियमित सेवन से शरीर हाइड्रेट रहता है। गर्मी में पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, लेकिन खरबूजा प्राकृतिक रूप से पानी की पूर्ति करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुधारता है, कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है और पेट को साफ रखता है। विटामिन सी से भरपूर खरबूजा रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, जिससे गर्मियों में होने वाली वायरल और अन्य बीमारियों से बचाव होता है। यह वजन नियंत्रित करने में भी मददगार है क्योंकि कम कैलोरी होने के साथ-साथ फाइबर से भरा होने के कारण पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। त्वचा और आंखों की देखभाल में भी खरबूजा कारगर है। इसमें मौजूद विटामिन ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। गर्मियों में धूप और पसीने से जो त्वचा प्रभावित होती है, खरबूजा उसे निखारने में मदद करता है। इसके अलावा, विटामिन ए आंखों की रोशनी बनाए रखने और आंखों की थकान कम करने में सहायक होता है। इस प्रकार, गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा तथा आंखों के स्वास्थ्य के लिए खरबूजा एक सुपरफ्रूट के रूप में उभरता है। चाहे कटकर खाएं, जूस बनाकर पिएं या सलाद में डालकर सेवन करें, यह फल गर्मियों में हर घर का अनमोल साथी बन सकता है।