देश में इस साल सामान्य से कम होगी मॉनसूनी बारिश….IMD ने जताई कई क्षेत्रों में सूखे की आशंका

नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department- IMD) ने कहा है कि इस साल सामान्य से भी कम मॉनसूनी बारिश (Monsoon Rain) होगी। वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) को लेकर लंबी अवधि का पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा कि इस साल देश में मॉनसूनी बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है, जिससे खेतीबाड़ी, पशुपालन और जल संसाधनों पर बुरा असर पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल मॉनसूनी बारिश सामान्य से कम यानी 92% (±5%) रह सकती है। यह लंबी अवधि यानी 1971 से 2020 तक के औसत 87 सेंटीमीटर के अनुमान पर आधारित है। इसका मतलब है कि बारिश सामान्य से थोड़ी कम हो सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमानों में कहा है कि इस साल अल नीनो का प्रभाव रह सकता है, जिसकी वजह से न केवल प्रचंड गर्मी पड़ेगी बल्कि बारिश भी कम होगी। विभाग ने कहा है कि अप्रैल से जून 2026 के दौरान अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) की तटस्थ स्थितियाँ रहने की सबसे अधिक संभावना है। इसके बाद, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मौसम के दौरान अल नीनो की मजबूत स्थिति बनने की बहुत अधिक संभावना है। इस वजह से मॉनसून कमजोर रह सकता है और सामान्य से कम बारिश हो सकती है। IMD के मुताबिक, अप्रैल से जून तक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन इसके बाद मॉनसून के दौरान अल-नीनो बनने की संभावना अधिक है। किन इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिशIMD ने देश भर के लिए जारी लंबी अवधि के पूर्वामुमानों में कहा है कि भौगोलिक रूप से, देश के कई हिस्सों में मौसमी वर्षा सामान्य से कम रहने की अधिक संभावना है। हालांकि, IMD ने पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने ये भी बताया कि फिलहाल हिंद महासागर में तटस्थ हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की स्थितियाँ बनी हुई हैं। यानी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं और समयपर मॉनसून के दस्तक देने की संभावना है। कहां-कहां सूखे के आसार?IMD ने कहा कि जनवरी से मार्च 2026 के दौरान उत्तरी गोलार्ध का हिम आवरण (Snow Cover) और साथ ही यूरेशिया का हिम आवरण भी सामान्य से थोड़ा ही कम रहा है, जो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के विकसित होने और मॉनसूनी मौसमी वर्षा के लिए अनुकूल है। IMD के दीर्घ अवधि वाले इस पूर्वानुमान के दस्तावेज में फिलहाल सूखा घोषित होने वाली जगहों की सूची नहीं दी गई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश/सूखे जैसे हालात बनने की आशंका ज्यादा बताई गई है, उनमें उत्तर भारत के कई हिस्से, खासकर गंगा के मैदानी और आसपास के पठारी क्षेत्र शामिल हैं। कुछ इलाकों में बेहतर बारिश की उम्मीदइसके अलावा मध्य भारत के बड़े हिस्से के सूखा से प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है। ये वैसे इलाके हैं, जहां सामान्य से कम बारिश के अनुमान जताए गए हैं। पश्चिम भारत के कुछ हिस्से और आंतरिक क्षेत्रों में भी कम बारिश के संकेत दिए गए हैं। IMD के मैप में दिखाया गया है कि देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्से और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्से जैसे कुछ इलाकों में बारिश इनके मुकाबले बेहतर स्थिति में रह सकता हैं। सामान्य से कम बारिश का क्या असरमौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून के कमजोर रहने और सामान्य से कम बारिश होने की दशा में खेती पर दबाव बढ़ सकता है क्योंकि कम बारिश से बुवाई, फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है खेती की बढ़ सकती है। मॉनसूनी बारिश का खेतीबाड़ी पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा करते हुए IMD के वैज्ञानिकों ने बताया कि कम बारिश की मार आम आदमी तक को परेशान कर सकता है। इसकी वजह से सब्जी-दाल महंगी हो सकती है और कमजोर मॉनसून का असर फूड सप्लाई पर पड़ सकता है, जिससे खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। खेतीबाड़ी से लेकर ऑटो सेक्टर तक असरमौसम विज्ञानियों ने बताया कि खेतीबाड़ी बाधित होने की दशा में ग्रामीण आमदनी पर भी असर पड़ सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, खेती कमजोर होने से गांवों में नकदी कम आएगी, जिसका असर ग्रामीण खर्च और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। कम बारिश से ट्रैक्टर और टू-व्हीलर की बिक्री भी प्रभावित हो सकती है और ग्रामीण मांग कमजोर होने से ऑटो कंपनियों की बिक्री पर असर पड़ सकता है।
MP: मंडला में एक घर में 795 कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स बरामद… नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका

मंडला। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंडला (Mandla) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक घर से सैकड़ों की संख्या में कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स (Dogs Reproductive Organs) बरामद हुए हैं. इस पूरे मामले ने नसबंदी (Sterilization) के नाम पर बड़े घोटाले की आशंका को जन्म दे दिया है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल, नगर पालिका मंडला (Municipality Mandla) ने कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया गया था, जिसमें प्रति नसबंदी 679 रुपये तय किए गए थे. जबलपुर की एक प्राइवेट एनजीओ ‘मां अंबे एंटरप्राइजेज’ को यह ठेका दिया गया था, लेकिन आरोप है कि एजेंसी ने शहर में एक भी कुत्ते की नसबंदी नहीं की। तय समय में काम शुरू न करने पर 2 अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया था. इसी बीच एक एनिमल एक्टिविस्ट निशा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि जिस कमरे में एनजीओ के लोग ठहरे थे, वहां संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। शिकायत के बाद नगर पालिका, पुलिस, तहसीलदार और पशु चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. छापे के दौरान दो कंटेनरों में फॉर्मलीन में डूबे 795 कुत्तों के अंग बरामद किए गए, जिनमें 518 नर और 277 मादा कुत्तों के अंग शामिल हैं। शिकायतकर्ता निशा सिंह का आरोप है कि इन अंगों को बाहर से लाकर स्टॉक में रखा गया था, ताकि इन्हें दिखाकर नसबंदी के नाम पर फर्जी बिल पास कराए जा सकें। पशु चिकित्सकों ने भी जताई हैरानीपशु चिकित्सक सुमित पटेल ने बताया कि नसबंदी प्रक्रिया में नर कुत्तों के टेस्टिकल्स और मादा कुत्तों के ओवरी व यूट्रस निकाले जाते हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर अंगों का मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। नगर पालिका ने FIR के लिए दिया आवेदनइस मामले में मंडला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजेंद्र नाफड़े ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर निकला था. जबलपुर की एजेंसी ने इसका टेंडर भरा था. उनका टेंडर सैंक्शन भी हुआ था, लेकिन एजेंसी लने कोई काम नहीं किया. उनको दो-तीन नोटिस भी दिए गए थे, तो काम नहीं करने से 2 अप्रैल को उनका टेंडर निरस्त कर दिया गया था. इसकी सूचना भी उन्हें दे दी गई थी। 7 अप्रैल को पशु प्रेमी ने शिकायत दर्ज कराई कि प्राइवेट कंपनी ने जहां रूम लिया था, वहां पर कुत्तों के कुछ संदेहास्पद अंग है. इस संबंध में कलेक्टर की ओर से जांच के निर्देश दिए गए थे, जिस पर तहसीलदार के मार्गदर्शन में नगर पालिका, कोतवाली थाने और वेटरनरी की टीम ने उस कमरे का निरीक्षण किया तो वहां कुछ अंग पाए गए। गजेंद्र नाफड़े ने बताया कि यह अंग कहां से ले गए, इसका क्या उद्देश्य था, यह तो जांच का विषय है. इस संबंध में हमने थाना प्रभारी को एफआईआर के लिए आवेदन दिया है. वो उसकी जांच कर रहे हैं और वह अंग कहां से आए थे. यह जांच के बाद ही पता चलेगा। सरकार अधिकारी के अनुसार, टेंडर के तहत एक नसबंदी के एवज में 679 रुपये की दर निर्धारित की गई थी. लेकिन एजेंसी ने कोई नसबंदी नहीं की. काम शुरू होने के पहले ही यह मामला सामने आ गया और इस मामले के सामने आने के पहले ही उनका ठेका निरस्त किया जा चुका था। नगर पालिका ने इस मामले में पुलिस को शिकायत सौंप दी है. मंडला एसपी का कहना है कि सभी पक्षों से पूछताछ और जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये अंग कहां से आए और इसके पीछे किसका खेल है?
MP: भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चौकाने वाला मामला… युवाओं को लगी खून लेने की लत

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया (Government Hospital Hamidia) के मनोरोग विभाग में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने डॉक्टरों को भी सोच में डाल दिया है. यहां हमीदिया अस्पताल में पिछले एक साल में अब तक ऐसे 5 युवा इलाज के लिए पहुंचे हैं, जिन्हें ब्लड कंपोनेंट्स (Blood Components) लेने की आदत पड़ गई है. अब तक आपने शराब, सिगरेट और ड्रग्स जैसे नशों के बारे में सुना होगा. लेकिन यह मामला एक नए और खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करता है. जहां कुछ युवा खून के तत्वों को ही ताकत बढ़ाने का जरिया मान रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इन सभी युवाओं की उम्र 18 से 25 साल के बीच है और इन मामलों में एक समान पैटर्न देखने को मिला है. जैसे ही परिवार को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने युवाओं की गतिविधियों पर रोक लगा दी. कई दिनों तक समझाने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बाद युवक चिड़चिड़े और आक्रामक हो गए. हालत बिगड़ने पर परिवार उन्हें मनोरोग विशेषज्ञों के पास काउंसलिंग के लिए लेकर पहुंचे। डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में तीन मुख्य वजहें सामने आई हैं जिज्ञासा, गलत जानकारी और अवैध माध्यमों की उपलब्धता. बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो इस प्रवृत्ति को बढ़ा रहे हैं, जहां यह दावा किया जाता है कि प्लाज्मा या अन्य ब्लड कंपोनेंट्स लेने से ताकत बढ़ती है. तनाव कम होता है और शरीर में ऊर्जा आती है। हालांकि, विशेषज्ञ इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बिना किसी चिकित्सकीय जरूरत के ब्लड कंपोनेंट्स लेना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. इससे इंफेक्शन, एलर्जी, सूजन और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है यानी जिस फायदे की उम्मीद में यह कदम उठाया जा रहा है. वह सिर्फ एक भ्रम है, जबकि नुकसान बेहद गंभीर हो सकते हैं। विशेषज्ञों की चेतावनीहमीदिया अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. जय प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, युवा जिसे ताकत समझ रहे हैं, वह सिर्फ एक ‘हाइपोथेटिकल’ यानी काल्पनिक सुख है। इसके वास्तविक परिणाम बेहद खतरनाक हैं. इससे से गैंग्रीन का खतरा यानी गलत तरीके से इन्फ्यूजन लेने से अंग सड़ सकते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर ने चेताया कि HIV और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है. वहीं, बिना डॉक्टरी सलाह के ब्लड कंपोनेंट लेना तत्काल ‘एनाफिलेक्टिक शॉक’ दे सकता है. यही नहीं, शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर सूजन और अंग भी फेल हो सकते हैं।
मौसंबी के छिलके हैं कचरा नहीं खजाना, जानिए 4 आसान और असरदार उपयोग..

नई दिल्ली ।मौसंबी का जूस पीकर अक्सर लोग इसके छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वास्तव में ये छिलके कई तरह से बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। मौसंबी एक पौष्टिक फल है, और इसके छिलकों में भी प्राकृतिक तेल, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा, घर की सफाई और ताजगी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। सही तरीके से इनका उपयोग करने पर ये छिलके रोजमर्रा की कई समस्याओं का आसान और सस्ता समाधान बन सकते हैं। मौसंबी के छिलकों का सबसे लोकप्रिय उपयोग त्वचा की देखभाल में किया जाता है। इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को साफ करने और उसे निखार देने में सहायक हो सकते हैं। छिलकों को धूप में सुखाकर उनका पाउडर तैयार किया जा सकता है, जिसे गुलाब जल या दही के साथ मिलाकर फेस पैक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। यह त्वचा को ताजगी देने के साथ-साथ दाग-धब्बों को हल्का करने में भी मदद कर सकता है। नियमित उपयोग से त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है। इसके अलावा मौसंबी के छिलके घर की सफाई में भी काफी उपयोगी हैं। इनमें मौजूद प्राकृतिक ऑयल किचन की सतह, सिंक और अन्य जगहों पर जमी चिकनाई को हटाने में मदद करते हैं। छिलकों को रगड़कर इस्तेमाल करने से सतह साफ होने के साथ-साथ हल्की खुशबू भी फैलती है, जिससे घर अधिक स्वच्छ और ताजगी भरा महसूस होता है। यह एक प्राकृतिक क्लीनर के रूप में काम कर सकता है। मौसंबी के छिलकों का उपयोग घर में प्राकृतिक फ्रेशनर के रूप में भी किया जा सकता है। इन्हें सुखाकर अलमारी या कमरे के कोनों में रखने से नमी और बदबू को कम करने में मदद मिलती है। इससे वातावरण में ताजगी बनी रहती है और रासायनिक फ्रेशनर की जरूरत कम हो जाती है। इसके अलावा इन छिलकों का एक और उपयोग कीट नियंत्रण में भी देखा जाता है। इनकी तेज प्राकृतिक सुगंध कुछ हद तक मच्छरों और छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है, जिससे यह एक सरल और घरेलू उपाय बन जाता है। इस तरह मौसंबी के छिलके केवल कचरा नहीं बल्कि एक उपयोगी प्राकृतिक संसाधन हैं, जिन्हें अपनाकर हम न सिर्फ पैसे बचा सकते हैं बल्कि अपने घर को भी अधिक स्वच्छ, सुगंधित और स्वस्थ बना सकते हैं।
GWALIOR CRIMES : रेसकोर्स ओवरब्रिज पर मिली हड्डियों की बोरियां, गौवंश का सिर मिलने से फैली सनसनी

HIGHLIGHTS: रेसकोर्स ओवरब्रिज पर तीन संदिग्ध बोरियां बरामद बोरियों में मिलीं जानवरों की हड्डियां एक बोरी में गौवंश का सिर मिलने से मामला संवेदनशील पुलिस ने बोरियां जब्त कर जांच शुरू की CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश जारी GWALIOR CRIMES : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब रेस कोर्स ओवरब्रिज पर तीन संदिग्ध बोरियां मिलने की सूचना सामने आई। बता दें कि स्थानीय लोगों ने जब बोरियों से बदबू आने पर झांककर देखा तो उसमें जानवरों की हड्डियां नजर आईं। जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Aaj Ka Rashifal 14 April 2026: शुक्ल योग में चमकेगा भाग्य, इन 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ तीन बोरियों में मिलीं हड्डियां और गौवंश का सिर पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद जब बोरियों को खोला गया तो उसमें बड़ी मात्रा में जानवरों की हड्डियां बरामद हुईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक बोरी में गौवंश का सिर भी मिला, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ा दी है। महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक कदम: टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा प्राइज पूल घोषित पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने तुरंत तीनों बोरियों को जब्त कर लिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हड्डियों के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे, ताकि यह साफ हो सके कि ये हड्डियां किन जानवरों की हैं और इन्हें यहां क्यों फेंका गया। महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक कदम: टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा प्राइज पूल घोषित CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आशंका जताई जा रही है कि रात के समय किसी वाहन से इन बोरियों को यहां फेंका गया होगा। पुलिस आरोपियों की पहचान करने की कोशिश में जुटी हुई है। ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के नाम पर छात्रा से एक लाख रुपये की साइबर ठगी.. इलाके में बढ़ा तनाव घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
मानसिक शांति और शरीर की आंतरिक ठंडक बनाए रखने में चंदन सहायक माना जाता है

नई दिल्ली। भीषण गर्मी के मौसम में जब तापमान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे समय में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में कई प्राकृतिक उपायों को शरीर के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। इन्हीं में से एक प्रमुख और प्राचीन औषधि है चंदन, जिसे अपनी शीतल प्रकृति और औषधीय गुणों के कारण विशेष स्थान प्राप्त है। चंदन एक सुगंधित लकड़ी है, जिसका वानस्पतिक नाम सैंटलम एल्बम लिन बताया जाता है। इसका सबसे उपयोगी भाग इसका हार्टवुड होता है, जिसे औषधीय प्रयोगों में अधिक प्रभावी माना जाता है। पारंपरिक आयुर्वेद में चंदन को शरीर को ठंडक प्रदान करने, मानसिक शांति देने और कई शारीरिक विकारों को संतुलित करने वाली प्राकृतिक औषधि के रूप में जाना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार चंदन शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करने में सहायक होता है, जिससे गर्मी के मौसम में होने वाली जलन, थकान और कमजोरी जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। इसकी शीतल प्रकृति शरीर और मन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे व्यक्ति को ठंडक और सुकून का अनुभव होता है। आयुर्वेदिक दृष्टि से चंदन को रक्त से जुड़ी समस्याओं में भी उपयोगी माना गया है। माना जाता है कि यह शरीर में रक्त को शुद्ध करने और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है, जिससे डायबिटीज से पीड़ित लोगों को राहत मिल सकती है। चंदन का उपयोग मूत्र संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी बताया गया है। विशेष रूप से पेशाब में जलन और बार-बार पेशाब आने जैसी स्थितियों में यह राहत प्रदान कर सकता है। इसकी शीतलता शरीर के अंदरूनी ताप को नियंत्रित करती है, जिससे मूत्र मार्ग से जुड़ी समस्याओं में सुधार देखने को मिलता है। त्वचा संबंधी परेशानियों में भी चंदन का प्रयोग पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। इसके लेप से त्वचा पर होने वाले मुंहासे, जलन और सूजन जैसी समस्याओं में आराम मिलने की बात कही जाती है। यह त्वचा को ठंडक प्रदान कर उसे शांत करने में सहायक होता है। इसके अतिरिक्त चंदन मानसिक तनाव को कम करने और हृदय को शांति प्रदान करने में भी उपयोगी माना जाता है। इसकी सुगंध और ठंडक देने वाले गुण शरीर को आंतरिक रूप से संतुलित रखते हैं, जिससे मानसिक स्थिरता बनी रहती है।
Aaj Ka Rashifal 14 April 2026: शुक्ल योग में चमकेगा भाग्य, इन 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली।14 अप्रैल 2026, मंगलवार का दिन वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि में रहेगा। शतभिषा नक्षत्र और शुक्ल योग का प्रभाव दिन को विशेष रूप से शुभ और ऊर्जा से भरपूर बना रहा है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह दिन कई राशियों के लिए अवसर और सफलता लेकर आएगा। मेष राशि (Aries)आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। परिवार के साथ मिलकर पुरानी समस्याएं सुलझेंगी, लेकिन क्रोध और जल्दबाजी से बचें। वृषभ राशि (Taurus)नौकरी में उतार-चढ़ाव रहेगा। बॉस से तालमेल जरूरी है। निवेश से लाभ मिल सकता है, संतान से खुशी मिलेगी। मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए दिन बेहद शुभ है।सरकारी टेंडर या सरकारी कामों में सफलता मिलने के योग हैं। बॉस प्रसन्न रहेंगे और आर्थिक मामलों में सुधार होगा। कर्क राशि (Cancer)काम में लापरवाही नुकसान दे सकती है। ससुराल पक्ष से आर्थिक लाभ संभव है। आत्मविश्वास बनाए रखें। सिंह राशि (Leo)सरकारी योजनाओं से लाभ मिलेगा। जीवनसाथी से हल्का विवाद हो सकता है, सावधानी रखें। कन्या राशि (Virgo)स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बिजनेस में विस्तार के अवसर मिलेंगे, लेकिन गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। तुला राशि (Libra)नए लोगों से लाभ मिलेगा। धन मामलों में सावधानी जरूरी है। वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है। वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों को करियर में बड़ी सफलता मिलने के योग हैं।रुके हुए काम पूरे होंगे और कर्ज से राहत मिल सकती है। धनु राशि (Sagittarius)घर में मांगलिक कार्य के योग हैं। खर्च बढ़ सकता है लेकिन खुशियां भी आएंगी। मकर राशि (Capricorn)निवेश के अच्छे अवसर मिलेंगे। जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर निर्णय लें। कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के लिए दिन आर्थिक रूप से मजबूत रहेगा।आय बढ़ने के संकेत हैं और नए संपर्कों से लाभ मिलेगा। मीन राशि (Pisces)आत्मविश्वास बढ़ेगा। यात्रा और आर्थिक लाभ के योग हैं, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें।