करोड़ों के मालिक Salman Khan फिर भी रहते हैं सादगी से, 22 साल पुराना खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान आज इंडस्ट्री के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर्स में से एक हैं। एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये चार्ज करने और रियलिटी शो बिग बॉस से सालाना भारी कमाई के बावजूद सलमान खान आज भी मुंबई के एक साधारण दो बेडरूम के अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके इस फैसले को लेकर अक्सर फैंस हैरान रहते हैं, लेकिन इसके पीछे उनकी अपनी सोच और जीवनशैली का बड़ा कारण है। साधारण जीवन जीना पसंद करते हैं सलमान खानसलमान खान कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि उन्हें अपने परिवार के बेहद करीब रहना पसंद है। वे अपने माता-पिता के साथ समय बिताना ज्यादा जरूरी मानते हैं, इसलिए उन्होंने कभी बड़े और आलीशान घर की तरफ खास ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि उन्हें ज्यादा लग्जरी की जरूरत नहीं है। 22 साल पुराना बयान बना चर्चा का कारणसाल 2004 में फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ के सेट पर दिए गए एक इंटरव्यू में सलमान खान ने अपने छोटे घर में रहने की असली वजह बताई थी। उन्होंने कहा था कि वे आज भी दो बेडरूम के अपार्टमेंट में इसलिए रहते हैं क्योंकि अगर भविष्य में उनका काम नहीं चला, तो उनके पास कम से कम एक सुरक्षित घर तो रहेगा। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा था कि उन्हें ज्यादा जरूरत नहीं है, बस एक साइकिल काफी है।उनका यह बयान अब फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनकी सादगी पर चर्चा कर रहे हैं। फिल्मों को लेकर भी रखी थी बेबाक रायइसी इंटरव्यू में सलमान खान ने अपनी कुछ सुपरहिट फिल्मों जैसे ‘तेरे नाम’ और ‘करण अर्जुन’ पर भी मजाकिया अंदाज में बात की थी। उन्होंने कहा था कि कई बार उन्हें लगता है कि इन फिल्मों में उन्होंने ज्यादा कुछ खास नहीं किया, बल्कि पूरी मेहनत डायरेक्टर और टीम की थी। फिर भी दर्शकों ने उनके किरदारों को खूब पसंद किया।सलमान का कहना था कि कभी-कभी कम मेहनत के बावजूद तारीफ मिल जाती है, जबकि कई बार पूरी मेहनत के बाद भी उतनी सराहना नहीं मिलती। वर्क फ्रंट पर क्या चल रहा है?फिलहाल सलमान खान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘मातृभूमि’ चर्चा में है, जिसकी कुछ शूटिंग दोबारा की गई है। इसके अलावा वे एक एक्शन फिल्म में भी नजर आएंगे, जिसे साउथ के मशहूर निर्देशक वामशी पेडिपल्ली बना रहे हैं और दिल राजू इसका निर्माण कर रहे हैं। इस फिल्म में नयनतारा के भी उनके साथ नजर आने की संभावना है और इसे अगले साल ईद पर रिलीज करने की तैयारी है।
अंडमान सागर में पलटी बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं से भरी नाव… 250 लोगों के डूबने की आशंका

पोर्ट ब्लेयर। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने मंगलवार को बताया कि अंडमान सागर (Andaman Sea.) में बांग्लादेशी नागरिकों (Bangladeshi citizens) और रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya refugees) को ले जा रही एक नाव पलटने से बच्चों समेत करीब 250 लोगों के लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने एक बयान में कहा, “यह नाव (ट्रॉलर) दक्षिणी बांग्लादेश के टेकनाफ से रवाना हुई थी और मलेशिया जा रही थी। बताया जा रहा है कि तेज़ हवाओं, समुद्र में उफान और नाव में क्षमता से ज़्यादा लोगों के होने के कारण यह डूब गई।” नाव पर सवार लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है। म्यांमार के सताए हुए मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय, रोहिंग्या के हज़ारों लोग हर साल अपने देश में हो रहे दमन और गृहयुद्ध से बचने के लिए समुद्र के रास्ते अपनी जान जोखिम में डालकर भागते हैं। अक्सर वे कामचलाऊ नावों का इस्तेमाल करते हैं। नाव पर सवार रोहिंग्या लोग संभवतः बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार में बने विशाल शिविरों से निकल रहे थे। इन शिविरों में दस लाख से ज़्यादा ऐसे शरणार्थी रहते हैं, जिन्हें म्यांमार के पश्चिमी राज्य रखाइन से भागने पर मजबूर होना पड़ा था। ये लोग यहाँ बेहद खराब हालात में गुज़ारा करते हैं। नाव में 280 लोग सवार थेरखाइन राज्य में सेना और ‘अराकान आर्मी’ (एक जातीय अल्पसंख्यक विद्रोही समूह) के बीच इलाके पर कब्ज़े को लेकर ज़बरदस्त लड़ाई होती रही है। इस ताज़ा घटना के पीछे की सही वजहें अभी साफ नहीं हैं, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस नाव में 280 लोग सवार थे और यह 4 अप्रैल को बांग्लादेश से रवाना हुई थी। UNHCR के बयान में कहा गया, “यह दुखद घटना लंबे समय से चले आ रहे विस्थापन के गंभीर नतीजों और रोहिंग्या लोगों के लिए किसी स्थायी समाधान के न होने को दर्शाती है।” पिछले साल भी दो नाव डूबी थीबयान में यह भी कहा गया कि यह घटना “म्यांमार में विस्थापन की मूल वजहों को दूर करने और ऐसे हालात बनाने के लिए तुरंत ज़रूरी प्रयासों की याद दिलाती है, ताकि रोहिंग्या शरणार्थी अपनी मर्ज़ी से, सुरक्षित और सम्मान के साथ अपने घर लौट सकें।” अंडमान सागर म्यांमार, थाईलैंड और मलय प्रायद्वीप के पश्चिमी तटों के साथ-साथ फैला हुआ है। पिछले साल UNHCR ने बताया था कि मई महीने में म्यांमार के तट के पास दो नाव दुर्घटनाओं में समुद्र में 427 रोहिंग्या लोगों के मारे जाने की आशंका थी।
अमेज़न का ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव, स्पेस रेस में मचा हलचल

नई दिल्ली। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Amazon ने अंतरिक्ष और सैटेलाइट इंटरनेट की दौड़ में अब तक का सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। कंपनी ने $11.57 अरब (करीब ₹1,07,838 करोड़) में सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनी Globalstar को खरीदने का ऐलान किया है। इस डील के बाद एलन मस्क की Starlink और जेफ बेजोस की Amazon के बीच स्पेस टेक्नोलॉजी में मुकाबला और तेज हो गया है। सैटेलाइट इंटरनेट में Amazon की बड़ी छलांगAmazon पहले से ही अपने प्रोजेक्ट ‘Kuiper’ के तहत सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क बना रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2029 तक लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में करीब 3,200 सैटेलाइट्स तैनात किए जाएं। Globalstar की एंट्री के बाद Amazon का नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा, क्योंकि कंपनी के पास पहले से ही 200 से ज्यादा सैटेलाइट्स मौजूद हैं। इस अधिग्रहण से Amazon को न सिर्फ टेक्नोलॉजी बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि ग्लोबल स्तर पर अपनी पकड़ भी मजबूत करने का मौका मिलेगा। Direct-to-Device टेक्नोलॉजी से बदलेगा इंटरनेट का भविष्यGlobalstar की सबसे बड़ी ताकत उसकी Direct-to-Device (D2D) टेक्नोलॉजी है। इस तकनीक की मदद से मोबाइल फोन सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकते हैं, यानी इसके लिए किसी टावर या ग्राउंड नेटवर्क की जरूरत नहीं होती। यह तकनीक उन क्षेत्रों में बेहद उपयोगी है जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंचता या इमरजेंसी सेवाओं के लिए कनेक्टिविटी की जरूरत होती है। Amazon का फोकस अब इसी तकनीक को बड़े पैमाने पर विकसित करने पर है, जिसे कंपनी 2028 तक लॉन्च करने की योजना बना रही है। Apple के साथ साझेदारी रहेगी बरकरारGlobalstar पहले से ही Apple के साथ काम कर रही है। iPhone और Apple Watch में मिलने वाले Emergency SOS और Find My जैसे फीचर्स इसी सैटेलाइट नेटवर्क पर आधारित हैं। Amazon ने स्पष्ट किया है कि इस डील के बाद भी Apple के साथ साझेदारी जारी रहेगी।Apple ने 2024 में Globalstar में करीब $1.5 बिलियन का निवेश कर 20% हिस्सेदारी हासिल की थी, जिससे यह कंपनी पहले से ही तकनीकी रूप से मजबूत स्थिति में थी। Starlink की चुनौती और मस्क की बढ़तएलन मस्क की कंपनी SpaceX का Starlink फिलहाल सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में सबसे आगे है। कंपनी के पास करीब 10,000 से ज्यादा सैटेलाइट्स का विशाल नेटवर्क है और यह 90 लाख से अधिक यूजर्स को सेवा दे रही है।Starlink हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट देने के साथ-साथ अब D2D तकनीक पर भी तेजी से काम कर रही है। ऐसे में Amazon के लिए यह प्रतिस्पर्धा आसान नहीं होगी, लेकिन Globalstar की तकनीक से उसे नई मजबूती जरूर मिलेगी। स्पेस में नई ‘टेक वॉर’ की शुरुआतविशेषज्ञों का मानना है कि यह डील केवल एक कंपनी अधिग्रहण नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष में प्रभुत्व की नई जंग की शुरुआत है। जहां एक तरफ Elon Musk अपने Starlink नेटवर्क को विस्तार दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ Jeff Bezos की Amazon अब आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है।Globalstar की टेक्नोलॉजी और Amazon की फाइनेंशियल ताकत मिलकर आने वाले समय में सैटेलाइट इंटरनेट की दुनिया को पूरी तरह बदल सकती है।
ईरान युद्ध से धीमी हुई विश्व की आर्थिक गति… IMF ने घटाया वृद्धि दर का अनुमान.. महंगाई बढ़ने का आशंका

वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund (IMF) ने मंगलवार को कहाकि ईरान युद्ध (Iran War) ने इस वर्ष विश्व की आर्थिक गति (World Economic Dynamics) को धीमा कर दिया है। इसके चलते 2025 की तुलना में वृद्धि दर में गिरावट आने की आशंका है। आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 2026 के लिए 3.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले जनवरी महीने में इसके 3.3 फीसदी रहने की संभावना जताई गई थी। यह 2025 में अनुमानित 3.4 प्रतिशत वृद्धि से धीमी होगी। बढ़ गईं तेल और गैस की कीमतेंईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने और पड़ोसी देशों में तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर जवाबी हमलों के कारण दुनिया भर में तेल एवं गैस की कीमतों में तेजी आई है। इसके परिणामस्वरूप, आईएमएफ ने इस साल वैश्विक मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं 2025 के लिए यह 4.1 फीसदी था। युद्ध पहले तक सब सही थायुद्ध से पहले तक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था ने आश्चर्यजनक रूप से मजबूती दिखाई थी। इन नीतियों ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और कभी आयात के लिए लगभग पूरी तरह से खुला बाजार रहे अमेरिका के चारों ओर आयात कर की दीवार खड़ी कर दी थी। लेकिन इससे नुकसान कम हुआ। इसका एक कारण यह भी था कि पिछले साल ट्रंप द्वारा घोषित शुल्क मूल रूप से कम थे। क्या बोले आईएमएफ चीफडेटा केंद्रों और कृत्रिम मेधा में भारी निवेश के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी और बढ़ती उत्पादकता ने भी विश्व अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने मुद्राकोष के नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य के साथ ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने इस गति को रोक दिया है। गौरिंचास ने लिखा कि आईएमएफ का यह मानना था कि फारस की खाड़ी में संघर्ष अल्पकालिक होगा और इस वर्ष ऊर्जा की कीमतों में 19 फीसदी की हल्की वृद्धि होगी। उन्होंने आगे चेताया कि हालांकि इससे कहीं अधिक खराब हो सकते हैं। एक सीरियस सिनैरियो में, जिसमें ऊर्जा संकट अगले साल तक जारी रहता है और केंद्रीय बैंकों को मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वैश्विक वृद्धि 2026 और 2027 में घटकर दो फीसदी हो सकती है। उन्होंने कहाकि अस्थायी युद्धविराम की हाल की खबरों के बावजूद, कुछ नुकसान पहले ही हो चुका है और आगे के जोखिम अभी भी बहुत अधिक हैं। अमेरिका का क्या हालआईएमएफ ने इस साल अमेरिका की वृद्धि दर के अपने अनुमान को थोड़ा घटाकर 2.3 फीसदी कर दिया है। मुद्राकोष के अनुमान के अनुसार, यूरो मुद्रा साझा करने वाले 21 यूरोपीय देश इस साल सामूहिक रूप से 1.1 फीसदी की वृद्धि हासिल करेंगे, जो 2025 के 1.4 फीसदी से कम है। यूरोप प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से बुरी तरह प्रभावित है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना उन कर्ज में डूबे गरीब देशों की है जो ऊर्जा आयात करते हैं और सरकारी खर्च और कर राहत बढ़ाकर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सहारा देने में असमर्थ हैं। रूस पर ज्यादा असर नहींइस संघर्ष से उभरने वाले एक प्रमुख देश रूस है, जो ऊर्जा निर्यातक होने के नाते उच्च कीमतों से लाभान्वित होगा। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित रूसी अर्थव्यवस्था के लिए आईएमएफ ने अपने अनुमान को बढ़ाकर 1.1 फीसदी कर दिया है, जो अभी भी मामूली है।
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर…. सोना-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Price) में आज लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान (America and Iran War) के बीच फिर से बातचीत की संभावनाओं की वजह से आज इंटरनेशनल मार्केट (International Market) गोल्ड और सिल्वर का रेट (Gold Silver Price) फिर से बढ़ा हुआ है। मौजूदा परिस्थितियों की वजह से दुनिया भर में एनर्जी संकट गहरा गया है। बता दें, पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच एक दौर की बातचीत हो गई है। लेकिन यह पूरी वार्ता विफल रही थी। दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता तब नहीं हो पाया था। क्या है गोल्ड का ताजा रेट (Gold Latest Price)COMEX gold की कीमतों में आज शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़ोतरी देखने को मिली। जिसके बाद यह 4855 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले के सत्र में सोने का भाव 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ा था। COMEX Silver के रेट भी आज बुधवार को बढ़ोतरी देखने को मिली है। चांदी की कीमतों में उछाल के बाद यह 79 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गई थी। क्यों बढ़ रहा सोने और चांदी का रेट (Why Gold Silver prices rising)ब्लूमबर्ग के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत आने वाले दिनों में हो सकती है। न्यूयार्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले दो दिनों में बातचीत शुरू होने के संकेत दिए हैं। इन खबरों की वजह से मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। वहीं, डॉलर इंडेक्स 0.3 प्रतिशत लुढ़क चुका है। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से मेटल की कीमतों में 8 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। कहां तक जाएगा सोने और चांदी का रेट (Gold Silver Price Outlook)Augmon से जुड़ी रेनिशा कहती हैं कि सोने और चांदी इस समय भी बुल रन पर सवार हैं। हालांकि, आगे का रास्ता काफी अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। रेनिशा का कहना है टेक्निकल स्तर पर, “गोल्ड 4800 से 4850 डॉलर (154000 रुपये से 155000 रुपये तक) के आस-पास रेसिस्टेंस दिखा रहा है। अगर कीमतें इसके ऊपर गई तो यह फिर 5000 डॉलर (160000 रुपये) के स्तर तक जा सकती हैं।” चांदी के विषय में एक्सपर्ट की राय है कि यह 77 डॉलर (246000 रुपये) के स्तर पर रेसिस्टेंस दिखा रहा है। इसके ऊपर जाने की स्थिति में चांदी का दाम 82 डॉलर से 87 डॉलर (255000 रुपये से 265000 रुपये) के स्तर तक पहुंच सकता है।”
5 घंटे तक ‘मृत’ घोषित शख्स अचानक जिंदा, अस्पताल में हुआ चौंकाने वाला चमत्कार

नई दिल्ली। रूस के साइबेरिया क्षेत्र(Siberia Region)के याकुतिया (Yakutia) में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे डॉक्टर “मेडिकल चमत्कार” मान रहे हैं। एक व्यक्ति, जो कड़ाके की ठंड में करीब 5 घंटे तक बिना सांस और बिना धड़कन के पड़ा रहा, उसे डॉक्टरों ने क्लिनिकली मृत घोषित कर दिया था। लेकिन बाद में “ग्रेजुअल थॉइंग” तकनीक की मदद से उसे दोबारा जीवन मिल गया। -20°C ठंड में बेसुध पड़ा मिला शख्सरिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यक्ति शराब के नशे में बाहर गिर पड़ा था। उस समय तापमान लगभग -20 डिग्री सेल्सियस (-4°F) था। राहगीरों ने जब उसे देखा तो वह पूरी तरह बेहोश था और शरीर में कोई हरकत नहीं थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को न पल्स मिली, न सांस और न ही ECG में कोई हार्टबीट। डॉक्टरों ने नहीं छोड़ी उम्मीदमिरनी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत उसे “ग्रेजुअल रीवॉर्मिंग” (धीरे-धीरे गर्म करने की प्रक्रिया) पर रखा।डॉक्टरों ने करीब 4 घंटे तक उसके शरीर का तापमान धीरे-धीरे बढ़ाया—25°C से 34°C तक।यदि शरीर को अचानक गर्म किया जाता, तो दिल और नसों के फटने का खतरा था। इसलिए बेहद सावधानी से इलाज किया गया। फिर लौटी धड़कनजब शरीर का तापमान 34°C के करीब पहुंचा, तो डॉक्टरों ने CPR और जीवन रक्षक दवाएं दीं।करीब 25 मिनट बाद मॉनिटर पर हल्की हार्टबीट दिखाई दी-और यहीं से उसकी वापसी शुरू हो गई। ठंड बनी ‘रक्षक’, नहीं तो मौत तय थीडॉक्टरों के अनुसार, यह मामला इसलिए खास है क्योंकि अत्यधिक ठंड ने शरीर को “प्रिजर्वेशन मोड” में डाल दिया था। इस स्थिति में शरीर की ऑक्सीजन जरूरत बहुत कम हो जाती है, जिससे अंग लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं। 5 दिन में अस्पताल से चला गया घरसबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 24 घंटे कोमा में रहने के बाद वह व्यक्ति पूरी तरह होश में आया।सिर्फ 5 दिन बाद वह बिना किसी गंभीर दिमागी या अंग क्षति के अपने पैरों पर चलकर अस्पताल से बाहर चला गया।
अमेरिकी नाकेबादी की चीनी टैंकर ने ली परीक्षा… होर्मुज से गुजरने के बाद लिया यू-टर्न

तेहरान। अमेरिका (America) ने हाल ही में ईरान (Iran.) के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval blockade) लगा दी है। इसका मतलब है कि कोई भी जहाज ईरान के बंदरगाहों (Iranian Ports) पर नहीं जा सकता या वहां से नहीं आ सकता। यह ब्लॉकेड 13 अप्रैल को लागू हुआ। इसका मकसद ईरान के तेल व्यापार को रोकना है। खासतौर से उन जहाजों को रोका जा रहा है जो ईरानी बंदरगाहों (Iranian Ports) या तटीय क्षेत्रों में आते-जाते हैं। अब एक चीनी कंपनी से जुड़े टैंकर ने इस नाकेबंदी की परीक्षा ली है जिसका दुनिया भर में खूब चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस चीनी टैंकर का नाम रिच स्टारी है। यह चीन की शंघाई Xuanrun शिपिंग कंपनी का है। अमेरिका ने 2023 में इसे प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि यह ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था। टैंकर में लगभग 2.5 लाख बैरल मेथेनॉल (एक तरह का केमिकल) था। ब्लॉकेड शुरू होते ही यह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और खाड़ी से बाहर निकल गया। स्ट्रेट से निकलने में कैसे सफल रहा चीनी टैंकरपहले टैंकर होर्मुज के पास पहुंचकर वापस मुड़ गया। कुछ घंटों बाद फिर आगे बढ़ा और सफलतापूर्वक बाहर निकल गया। बाहर निकलने के बाद उसने यू-टर्न कर लिया। इसका गंतव्य ओमान का बंदरगाह था, लेकिन बाद में बदल दिया गया। इस दौरान उसने अपनी चीनी मालिकाना जानकारी भी सार्वजनिक कर दी। कई अन्य जहाज भी इसी समय स्ट्रेट पार कर चुके हैं। सीजफायरइस घटना से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। चीन ने अमेरिका के इस ब्लॉकेड की कड़ी निंदा की है और इसे खतरनाक बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है। शिपिंग कंपनियां अब सतर्क हो गई हैं क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। यह घटना दिखाती है कि नाकेबंदी कितना प्रभावी है और आगे क्या हो सकता है।
टाटा का बड़ा दांव: ₹1500 करोड़ निवेश से चीन को कड़ी टक्कर, बदलता मैन्युफैक्चरिंग गेम

नई दिल्ली।भारत की दिग्गज कंपनी Tata Group ने iPhone मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब ₹1,500 करोड़ का नया निवेश कर टेक इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस निवेश के साथ कंपनी का लक्ष्य भारत को एप्पल का प्रमुख ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब Apple अपनी सप्लाई चेन को चीन से धीरे-धीरे बाहर निकालकर भारत जैसे देशों में शिफ्ट कर रहा है। iPhone मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती पकड़रिपोर्ट्स के अनुसार, अब अमेरिका में बिकने वाले 70% से ज्यादा iPhones भारत में तैयार हो रहे हैं। इसमें Tata Electronics और Foxconn जैसी कंपनियों की अहम भूमिका है।टाटा की एंट्री और लगातार बढ़ते निवेश ने भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग मैप पर मजबूत स्थिति दिलाई है। ₹1,500 करोड़ निवेश से बड़ा विस्तारTata Sons ने अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट की अधिकृत पूंजी बढ़ाकर ₹6,250 करोड़ कर दी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ाने की तैयारी में है।इसके अलावा, टाटा ने पहले ही Pegatron की भारत यूनिट में 60% हिस्सेदारी खरीदकर iPhone सप्लाई चेन में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। लगातार बढ़ रहा निवेश और उत्पादन क्षमताFY26 में Tata Group ने लगभग ₹3,000 करोड़ का निवेश Tata Electronics में किया है।पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपने इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार का तेजी से विस्तार किया है, जिससे उत्पादन और निर्यात दोनों में बढ़ोतरी हुई है।FY25 में कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम बढ़कर ₹66,206 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना वृद्धि दर्शाती है। सेमीकंडक्टर में भी बड़ा दांवटाटा सिर्फ iPhone मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है। कंपनी अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारी निवेश कर रही है।गुजरात में लगभग $14 बिलियन का फेब्रिकेशन प्लांटअसम में चिप असेंबली और टेस्टिंग यूनिटये दोनों प्रोजेक्ट भारत को टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत करेंगे। भारत बन सकता है ग्लोबल टेक हबविशेषज्ञों का मानना है कि टाटा और Apple की साझेदारी भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बना सकती है।चीन के दबदबे को चुनौती देते हुए भारत तेजी से नई सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बनता जा रहा है।
देश में गर्मी दिखाने लगी तीखे तेवर… कई शहरों में तापमान पहुंचा 40 डिग्री के आसपास

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों के दौरान हल्की बारिश के बाद अब गर्मी (Heat wave ) ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत (North India) के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (Temperature 40 degrees Celsius) के आसपास पहुंच गया है और अगले पांच दिनों के दौरान इसके 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है। राजस्थान में कई जगह तो पहले ही तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो गया है। इस सप्ताह, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने और उमस भरे मौसम रहने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में कुछ स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तटीय महाराष्ट्र, ओडिशा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर आंधी आई। वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ, नगालैंड, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी दर्ज की गई। दिल्ली, यूपी और राजस्थान में शुष्क मौसम के साथ तेज धूप का असर दिखने लगा है। कोलकाता में भी उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जो आने वाले पांच दिनों में 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश में बांदा 40.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा आज रात सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभमौसम विभाग ने बताया कि बुधवार की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 15 से 18 अप्रैल के दौरान हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा और बर्फबारी हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के दौरान छिटपुट वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को बारिश होने और 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 17 और 18 अप्रैल को हल्की ओलावृष्टि भी हो सकती है। पूर्वोत्तर में कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसारअसम और मेघालय में 18 अप्रैल तक छिटपुट बारिश, गरज और चमक के साथ 30-50 किमी की गति से हवा चल सकती है। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर बिजली गिरने की संभावना है। 15 से 17 अप्रैल के दौरान नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी यही स्थिति रहेगी। 15 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में और 18 अप्रैल को असम, मेघालय और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में बाड़मेर व ओडिशा में टिटलगढ़ रहा सबसे गर्मराजस्थान में पिछले 24 घंटों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। चुरू, चितौड़गढ़, कोटा और बाड़मेर में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। प्रदेश में बाड़मेर में सबसे अधिक तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 और 18 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों, विशेषकर जोधपुर और बीकानेर डिवीजनों में, अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना है। ओडिशा में कई स्थानों पर लू चल रही है। टिटलगढ़ में सबसे अधिक 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
MP: भैरूंदा में शिवानंद महाराज का बड़ा दावा- बोले- यहां से 'BJP का एक भी विधायक जीता तो मूंछ-मुंडी कटवा दूंगा

सीहोर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore district) के भैरूंदा में आयोजित सातदेव महायज्ञ (Saatdev Mahayagna) के दौरान शिवानंद महाराज (Shivanand Maharaj) का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में महाराज ने बीजेपी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए बड़ा दावा किया है. वीडियो में शिवानंद महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि पूरे जिले में अगर एक भी विधायक जीत गया तो वह अपनी मूंछ कटवा देंगे और यहां तक कि अपनी मुंडी भी कटवा लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यहां से न कोई सांसद जीतेगा और न ही कोई विधायक. साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह जिसे कहेंगे वही चुनाव जीतेगा और लाख कोशिश के बावजूद दूसरे उम्मीदवार जीत नहीं पाएंगे.शिवानंद महाराज का विवादित बयानअपने बयान में महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने उनके कार्यक्रम का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को भी कार्यक्रम में आने से रोक दिया गया था और उन्हें रोककर रखा गया. महाराज ने यह भी कहा कि उन्हें किसी की जरूरत नहीं है और 2028 में जीतकर दिखाने की चुनौती दी। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलइस पूरे बयान के दौरान अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है. वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।