Chambalkichugli.com

‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस धमाका: Ranveer Singh ने ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’, ‘KGF’ को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली।  Ranveer Singh की फिल्म ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) अपने 26वें दिन के पड़ाव पर पहुंच चुकी है। इतने दिनों में इस फिल्म ने कमाल किया है। लोगों ने फिल्म को काफी ज्यादा पसंद किया है। केवल इस पार्ट को नहीं बल्कि इसके पहले पार्ट को भी। फिल्म देखने के बाद लोग फिल्म की काफी तारीफ करते हुए नजर आए यहां तक की कई बड़े-बड़े सेलेब्स में भी इस फिल्म की काफी तारीफ की है। फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए है और हर दिन फिल्म की कमाई तेजी से आगे बढ़ रही है। 3000 करोड़ के पार पहुंची दोनों पार्टधुरंधर’ के दोनों पार्ट ने मिलकर करीब 3000 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली है। दोनों हिस्सों की कमाई मिला दें तो ये वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। ‘धुरंधर’ ने जहां सिनेमाघरों में 1300 करोड़ से अधिक की कमाई के साथ अपना प्रदर्शन थामा था और देश की सबसे अधिक कमाई करने वाली चौथी फिल्म बनी थी, वहीं ‘धुरंधर 2’ ने ग्लोबल लेवल पर अब तक 1700 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है। वहीं ‘धुरंधर 2’ ने ग्लोबल लेवल पर अब तक 1700 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है। वहीं भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने अब तक 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इस फिल्म के दोनों हिस्सों को मिला दें तो इसने ग्लोबल लेवल पर 3000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इस फिल्म की कास्ट की बात करें तो, Ranveer Singh के अलावा इस फिल्म में Akshaye Khanna, R. Madhavan, Arjun Rampal, Sanjay Dutt, Sara Arjun, Rakesh Bedi और Vikas Navlakha सहित कई लोग नजर आएं। इन फिल्मों को दी मातखास बात यह है कि ‘धुरंधर 2’ अभी सिनेमाघरों में चल रही है। इस तरह से ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने अब कमाई के मामले में बाकी अन्य फ्रेंचाइजी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। इनमें ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’ और ‘केजीएफ’ जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी फिल्में शामिल हैं।

डिप्टी सीएम से सीएम तक का सफर: Samrat Choudhary की नई जिम्मेदारी और बढ़ी तनख्वाह

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाल ली है। करीब दो दशकों बाद सत्ता का समीकरण बदलता नजर आ रहा है और इसे ‘सम्राट युग’ की शुरुआत माना जा रहा है। सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य की राजनीति में नई दिशा की उम्मीद जताई जा रही है। सैलरी और भत्तों में बदलावमुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी हुई है। अब उन्हें हर महीने करीब 2 लाख 15 हजार रुपये वेतन मिलेगा। इससे पहले डिप्टी सीएम के तौर पर उनकी आय कम थी, लेकिन अब राज्य के शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद उन्हें यह नई सैलरी और भत्ते मिलेंगे। अगर देश के अन्य मुख्यमंत्रियों से तुलना करें तो सैलरी के मामले में बिहार मध्यम स्तर पर आता है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री को सबसे ज्यादा वेतन मिलता है दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बिहार से ज्यादा सैलरी पाते हैं Yogi Adityanath (उत्तर प्रदेश CM) को करीब 3.65 लाख रुपये प्रति माह मिलते हैं बंगला और सुरक्षामुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी को पटना में VVIP सरकारी आवास मिलेगा। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। अब उनके पास हाई लेवल सुरक्षा, सरकारी वाहन और पूरा काफिला होगा। मुख्यमंत्री को सरकारी काम के लिए मुफ्त हवाई और रेल यात्रा की सुविधा मिलती है। इसके अलावा उन्हें और उनके परिवार को बेहतर मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री बनने से बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने कार्यकाल में राज्य को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

10वीं-12वीं का इंतजार खत्म: MP Board रिजल्ट जारी, जानिए चेक करने का आसान तरीका

नई दिल्ली।मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 2026 (MP Board Result 2026) जारी कर दिया है। बोर्ड ने आज 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे परिणाम घोषित किए, जिसका इंतजार लाखों छात्रों को था। इस साल करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे। रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला, जिसके चलते छात्रों को थोड़ी दिक्कत भी हो सकती है। ऐसे में वैकल्पिक तरीकों से रिजल्ट चेक करना बेहतर विकल्प माना जा रहा है। CBSE कब कर सकता है रिजल्ट जारी, इस लिंक पर क्लिक कर जानिए ऐसे चेक करें MP Board Result 2026छात्र अपना रिजल्ट कई तरीकों से आसानी से देख सकते हैं। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in या mpresults.nic.in पर जाएं“MP Board 10th/12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करेंअपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करेंस्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड भी कर सकते हैंइसके अलावा DigiLocker ऐप और UMANG प्लेटफॉर्म के जरिए भी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है। SMS और अन्य तरीकों से भी मिलेगा रिजल्टअगर वेबसाइट स्लो हो जाए तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से तय फॉर्मेट में मैसेज भेजना होता है, जिसके बाद रिजल्ट फोन पर ही मिल जाता है। रिजल्ट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल प्रतिशत और पास/फेल स्टेटस जैसी जानकारी दी जाती है। बोर्ड ने इस साल एक और बड़ा बदलाव किया है। अब सप्लीमेंट्री परीक्षा की जगह “सेकंड मेन एग्जाम” का विकल्प दिया गया है, जिससे छात्र अपने नंबर सुधार सकते हैं। कुल मिलाकर, MP Board का रिजल्ट छात्रों के लिए एक अहम मोड़ होता है, जो उनके आगे के करियर की दिशा तय करता है। ऐसे में सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने रिजल्ट की जानकारी ध्यान से जांचें और आगे की योजना सही तरीके से बनाएं।

आईएसआई से जुड़े जासूसी नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़, 53 खातों में पहुंचा विदेशी पैसा, एनआईए करेगी गहन जांच

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से उजागर हुए जासूसी नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आईएसआई से जुड़े इस मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच की कमान संभालने जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच पत्राचार शुरू हो चुका है। विदेशी फंडिंग का बड़ा नेटवर्क सामने आयाएसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों के 53 बैंक खातों में करीब 1.27 करोड़ रुपये विदेश से भेजे गए। ये खाते पंजाब, पश्चिम बंगाल और बिहार में संचालित हो रहे थे। इनमें सबसे अधिक रकम बिहार के भागलपुर से जुड़े खाते में ट्रांसफर की गई। रेलवे गतिविधियों की रिकॉर्डिंग भेजी गई विदेशजांच एजेंसियों को पता चला है कि सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरे के जरिए ट्रेनों की आवाजाही की करीब आठ घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग तैयार कर पाकिस्तान भेजी गई। तकनीकी जांच में इस बात की पुष्टि होने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। कई देशों तक फैला नेटवर्कइस जासूसी गिरोह के तार सिर्फ पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यूके, मलेशिया और सऊदी अरब तक जुड़े पाए गए हैं। शुरुआती जांच कौशांबी थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें एसआईटी, खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संगठनों ने मिलकर काम किया। अब तक 29 संदिग्ध हिरासत मेंगाजियाबाद और हापुड़ से अब तक 29 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें छह नाबालिग भी शामिल हैं। इस नेटवर्क का खुलासा 14 मार्च को सुहैल मलिक और साने इरम समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ। इसके बाद 20 और 21 मार्च को अन्य संदिग्ध पकड़े गए, जबकि 24 मार्च को दिल्ली, शामली और कौशांबी से तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया से हुई भर्ती और संपर्कजांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सदस्य समीर उर्फ शूटर ने 2023 में हथियारों के साथ अपने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे। इन्हीं पोस्ट को देखकर सुहैल मलिक और नौशाद अली ने उससे संपर्क किया। बाद में उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर पाकिस्तान में बैठे सरफराज के निर्देश पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। दो साल से सक्रिय था नेटवर्क, बड़ी साजिश की थी तैयारीजांच एजेंसियों के अनुसार, यह जासूसी नेटवर्क करीब दो साल से सक्रिय था। पाकिस्तान में बैठा सरफराज भारत में एक मजबूत जासूसी तंत्र तैयार कर रहा था, जिसका मकसद संवेदनशील जानकारियां जुटाकर भविष्य में बड़ी साजिश को अंजाम देना था। आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट, फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है। एनआईए करेगी आगे की विस्तृत जांचडीसीपी सिटी धवल जायसवाल के मुताबिक, जासूसी से जुड़े सबूतों के साथ-साथ मनी ट्रेल की भी गहन जांच की जा रही है। विदेशी फंडिंग के कई अहम सुराग मिलने के बाद अब इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

युद्ध का नया चेहरा: यूक्रेन के रोबोटों के सामने रूसी सैनिकों ने डाले हथियार, जेलेंस्की का बड़ा दावा

कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है, जहां विज्ञान-कथा जैसी बातें हकीकत बनती नजर आ रही हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि उनकी सेना के ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन ने मिलकर एक रूसी सैन्य ठिकाने पर कब्जा कर लिया। रोबोटों के आगे झुके दुश्मन सैनिकसबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन में यूक्रेन का कोई भी सैनिक सीधे तौर पर शामिल नहीं था। दुश्मन सैनिकों को रोबोटिक सिस्टम्स के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा। माना जा रहा है कि दुनिया के किसी भी युद्ध में इस तरह की यह पहली घटना है। हालांकि ऑपरेशन की लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है। भविष्य की जंग का संकेतअगर जेलेंस्की का दावा सही साबित होता है, तो यह युद्ध के बदलते स्वरूप का बड़ा उदाहरण बन सकता है। उनके सलाहकार अलेक्जेंडर कामिशिन के अनुसार आने वाले समय में अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल यूक्रेन अपनी करीब 30 प्रतिशत पैदल सेना को रोबोट से बदलने की क्षमता रखता है। बिना सैनिक नुकसान के ऑपरेशन सफलराष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरा मिशन पूरी तरह मानव रहित प्लेटफॉर्म के जरिए अंजाम दिया गया। इस दौरान किसी भी यूक्रेनी सैनिक की जान जोखिम में नहीं पड़ी और बिना किसी नुकसान के दुश्मन के ठिकाने पर कब्जा कर लिया गया। हजारों मिशन पूरे कर चुके रोबोटजेलेंस्की के मुताबिक यूक्रेन के रेटेल टर्मिट, अर्दल और जमी जैसे रोबोटिक सिस्टम्स ने पिछले तीन महीनों में 22,000 से अधिक मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि जहां पहले सैनिकों को खतरनाक इलाकों में भेजा जाता था, अब वहां रोबोट तैनात किए जा रहे हैं, जिससे हजारों सैनिकों की जान बचाई जा रही है।

श्रीशैलम का रहस्यमयी मंदिर: जहां ज्योतिर्लिंग बदलता है रंग और दिव्य सर्प करता है सुरक्षा

नई दिल्ली । भारत के प्राचीन मंदिरों में कई ऐसे स्थान हैं जो रहस्यों और आस्था से भरे हुए हैं। ऐसा ही एक अद्भुत मंदिर आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित है, जिसे श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर कहा जाता है। यह पवित्र धाम नल्लमाला की पहाड़ियों और कृष्णा नदी के किनारे बसा हुआ है। यह स्थान ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। यहां भगवान शिव को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग और माता शक्ति को भ्रामरांबा शक्ति पीठ के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहां पुरुष और स्त्री ऊर्जा का दिव्य संगम देखने को मिलता है, जो इस स्थान को और भी विशेष बनाता है। ज्योतिर्लिंग का बदलता रंग श्रीशैलम के इस पवित्र ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा जाता है कि यह दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलता है। सुबह यह हल्का सफेद दिखाई देता है, दोपहर में पीला और शाम को इसमें लालिमा झलकती है। लोककथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां पांच गुप्त शिवलिंगों की स्थापना की थी।मल्लिकार्जुन नाम की पौराणिक कथा मल्लिकार्जुन नाम के पीछे एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि देवी पार्वती ने शिवलिंग पर मल्लिका चमेली के फूल अर्पित किए थे, जिससे वह शिवलिंग सुरक्षित रहा और भगवान शिव प्रकट हुए। तभी से भगवान को मल्लिकार्जुन नाम से जाना जाता है और उन्हें चमेली के फूल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।दिव्य सर्प करता है मंदिर की रक्षा लोक मान्यताओं के अनुसार 16वीं सदी से एक दिव्य नाग अंपला इस मंदिर की रक्षा करता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह सर्प अदृश्य रूप में मंदिर की परिक्रमा करता है और भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसे नाग देवता का स्वरूप माना जाता है। दक्षिण कैलाश के रूप में प्रसिद्ध धाम प्राचीन ग्रंथों में इस पवित्र स्थल को दक्षिण कैलाश के नाम से वर्णित किया गया है। एक मान्यता यह भी है कि माता पार्वती ने यहां भौंरे का रूप धारण कर तपस्या की थी, जिसके कारण उन्हें भ्रामरांबा नाम से पूजा जाता है। साथ ही एक लोककथा यह भी प्रचलित है कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश एक अदृश्य लेखा-जोखा रखते हैं, जिसमें हर भक्त के कर्म दर्ज होते हैं। मान्यता है कि यहां साधना करने से व्यक्ति की चंद्र-शक्ति और सूर्य-ऊर्जा में संतुलन आता है और जीवन में आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

हार के बाद खुलासा: KKR की नाकामी पर कप्तान अंजिक्य रहाणे का बड़ा बयान

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का खराब प्रदर्शन जारी है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 32 रन की हार के बाद टीम को इस सीजन में चौथी हार झेलनी पड़ी, जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा। इस हार के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टीम की असफलता की असली वजह साफ तौर पर बताई। रहाणे ने बल्लेबाजी को बताया सबसे बड़ी कमजोरीमैच के बाद रहाणे ने माना कि KKR की हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी रही। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए CSK को 200 रन से नीचे रोक दिया, जो इस पिच पर अच्छा प्रयास था। लेकिन बल्लेबाजी यूनिट इसका फायदा नहीं उठा पाई। पावरप्ले में धीमी शुरुआत बनी हार की वजहKKR की पारी की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले में धीमी शुरुआत रही। टीम शुरुआती ओवरों में सिर्फ 36-37 रन ही बना सकी, जिससे रनचेज का दबाव लगातार बढ़ता गया। रहाणे के मुताबिक बल्लेबाजों को न तो मोमेंटम मिला और न ही कोई साझेदारी बन पाई, जो हार का मुख्य कारण बना। गेंदबाजों की तारीफ, लेकिन बल्लेबाजों पर सवालजहां कप्तान ने गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना की, वहीं बल्लेबाजी यूनिट पर सीधा सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब गेंदबाजों ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा, तब बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। टीम का मनोबल बनाए रखने की अपीललगातार हार के बावजूद रहाणे ने खिलाड़ियों से सकारात्मक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कठिन समय है, लेकिन टीम को हर मैच में सुधार करते हुए आगे बढ़ना होगा और आत्मविश्वास बनाए रखना होगा। कार्तिक त्यागी की जमकर तारीफहार के बीच रहाणे ने युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी की विशेष तारीफ की। उन्होंने कहा कि त्यागी लगातार मेहनत कर रहे हैं और 148 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं, जो टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। CSK की रणनीति और मजबूत गेंदबाजीदूसरी ओर CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने टीम की जीत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम धीरे-धीरे अपनी लय में आ रही है और खिलाड़ी अपने रोल को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं। गेंदबाज नूर अहमद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके और KKR की रनचेज को पूरी तरह रोक दिया। KKR का लगातार गिरता प्रदर्शनइस हार के साथ KKR का सीजन बेहद खराब चल रहा है। टीम 5 में से 4 मैच हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया है। लगातार खराब प्रदर्शन ने टीम की प्लेऑफ उम्मीदों को भी मुश्किल में डाल दिया है।

वैशाख अमावस्या पर रहेगा पंचक का प्रभाव, रखें विशेष सावधानी, भूलकर भी न करें ये काम

नई दिल्ली। अमावस्या तिथि पितरों की पूजा और आत्मिक शुद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है। लेकिन इस बार वैशाख अमावस्या पर पंचक का प्रभाव भी रहेगा, जिससे यह समय ज्योतिषीय दृष्टि से अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार इस दौरान की गई गलतियां जीवन में बाधाएं, अशांति और परेशानियां बढ़ा सकती हैं। 17 अप्रैल को अमावस्या, पहले से चल रहे हैं पंचक 17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्या मनाई जाएगी। पंचक 13 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह से शुरू होकर 17 अप्रैल को दोपहर 12:02 बजे समाप्त होंगे। ऐसे में अमावस्या का स्नान-दान और पितृ कर्म पंचक के प्रभाव में संपन्न होंगे।इन कार्यों से बचना माना गया आवश्यक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ कार्यों से बचना बेहद जरूरी है। जैसे कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन या जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य टालने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा दक्षिण दिशा की यात्रा से बचना भी शुभ माना गया है।लकड़ी, निर्माण और खरीदारी में बरतें सावधानी पंचक के दौरान लकड़ी या ज्वलनशील वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा पलंग या बिस्तर जैसी वस्तुएं खरीदना भी अशुभ माना जाता है। इसी तरह घर के निर्माण की शुरुआत या छत डालने का काम भी इस समय नहीं करना चाहिए। रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह अमावस्या की रात को नकारात्मक शक्तियों की सक्रियता की मान्यता के चलते सुनसान जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही बुजुर्गों और पितरों के सम्मान का विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है, क्योंकि इस दिन इसका उल्लंघन अत्यंत अशुभ माना जाता है।शुभ फल पाने के लिए किए जाने वाले उपाय इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना और गंगाजल का छिड़काव करना भी सकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से बचाव के उपाय के रूप में बताया गया है।

‘धुरंधर’ की रिकॉर्ड तोड़ कमाई, भारतीय सिनेमा में नया माइलस्टोन

नई दिल्ली। रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसे अब तक किसी भी भारतीय फिल्म सीरीज़ ने हासिल नहीं किया था। ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की संयुक्त कमाई अब दुनियाभर में 3000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है, जिससे यह भारत की पहली ऐसी फिल्म फ्रेंचाइज बन गई है जिसने यह ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ है। ‘धुरंधर 2’ का दमदार बॉक्स ऑफिस प्रदर्शनट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के 27 दिनों में भारत में करीब 1094.58 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहीं इसका इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 1310.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्ल्डवाइड स्तर पर फिल्म ने अब तक लगभग 1718.62 करोड़ रुपये की कमाई की है।फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में बनी हुई है और लगातार कमाई कर रही है, जिससे इसके आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है। पहले पार्ट ने भी किया था शानदार प्रदर्शनफ्रेंचाइज का पहला पार्ट ‘धुरंधर’, जो 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुआ था, उसने भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया था। फिल्म ने वर्ल्डवाइड करीब 1307.35 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, जबकि भारत में इसका नेट कलेक्शन 840.20 करोड़ रुपये रहा था। कुल मिलाकर 3000 करोड़ क्लब में एंट्रीदोनों फिल्मों की कमाई को जोड़ने पर ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 3025.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी के साथ यह भारतीय सिनेमा की पहली फ्रेंचाइज बन गई है जिसने 3000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’ और ‘KGF’ को पीछे छोड़ाइस रिकॉर्ड के साथ ‘धुरंधर’ ने भारतीय सिनेमा की कई ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइज जैसे ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’ और ‘KGF’ को पीछे छोड़ दिया है। इंडस्ट्री में इसे अब तक का सबसे बड़ा बॉक्स ऑफिस मील का पत्थर माना जा रहा है। आदित्य धर का निर्देशन और स्टारकास्टफिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है और इसे एक हाई-ऑक्टेन स्पाई-थ्रिलर के तौर पर पेश किया गया है। फिल्म में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं, जबकि आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, राकेश बेदी, सारा अर्जुन समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।

आध्यात्मिक अनुभव या चमत्कार? Akshay Kumar ने बताया वैष्णो देवी का खास किस्सा

 नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसे वह आज भी एक आध्यात्मिक अनुभव मानते हैं। यह घटना उनके जन्म और माता-पिता की वैष्णो देवी यात्रा से जुड़ी है, जिसे वे एक तरह का “चमत्कार” बताते हैं। माता-पिता की मन्नत से हुआ था अक्षय का जन्मअक्षय कुमार के मुताबिक, उनके माता-पिता ने माता वैष्णो देवी के दरबार में संतान की मन्नत मांगी थी। उन्होंने प्रार्थना की थी कि उन्हें एक बच्चा मिले और कहा था कि वह बच्चा थोड़ा शरारती स्वभाव का हो। इस मन्नत के कुछ समय बाद ही अक्षय कुमार का जन्म हुआ। एक साल बाद फिर वैष्णो देवी पहुंचे थे माता-पिताअक्षय ने बताया कि जब वह लगभग एक साल के थे, तो उनके माता-पिता माता वैष्णो देवी का आभार व्यक्त करने के लिए दोबारा कटरा यात्रा पर गए। लेकिन इसी यात्रा के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जिसने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया। बुखार और बेहोशी की हालत में पहुंचा बच्चाकटरा पहुंचते ही अक्षय कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार हो गया, जो 103 से बढ़कर 104 डिग्री तक पहुंच गया। उस समय क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं भी सीमित थीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने तक सलाह दी कि बच्चे को तुरंत दिल्ली ले जाया जाए। मां के विश्वास ने बदली कहानीहालात बेहद चिंताजनक होने के बावजूद अक्षय की मां ने यात्रा रोकने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर माता रानी ने यह बच्चा दिया है, तो वही उसे संभालेंगी। परिवार ने यात्रा जारी रखी और मंदिर तक पहुंचा। मंदिर में हुआ बदलाव, जिसे बताया चमत्कारअक्षय के अनुसार, मंदिर में पूजा और दर्शन के दौरान ही उनकी तबीयत में अचानक सुधार होने लगा। जब एक व्यक्ति ने उनके पिता से कहा कि बच्चा मुस्कुरा रहा है, तो परिवार ने देखा कि सच में उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। बुखार भी अचानक सामान्य हो गया।