सबरीमाता मंदिर में महिलाओं की एंट्री मामले में SC ने कहा- आप किसी धर्म को खोखला नहीं कर सकते

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के 9 जज की संविधान पीठ ने बुधवार को कहा कि सामाजिक कल्याण और सुधार के नाम पर किसी धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता। संविधान पीठ ने यह भी कहा कि किसी भी अदालत के लिए लाखों लोगों की आस्था को गलत ठहराना मुश्किल है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (Chief Justice Surya Kant) की अगुवाई वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने यह टिप्पणी सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) सहित विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। मंदिर का प्रबंधन कर रहे त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बहस के चौथे दिन धार्मिक मामलों में जनहित याचिका की स्वीकार्यता के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि क्या अदालत किसी ऐसे व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर सकता है जो उस धर्म से संबंधित नहीं है, लेकिन उस धर्म की किसी धार्मिक प्रथा पर सवाल उठा रहा हो? इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि किसी अदालत के लिए सबसे मुश्किल काम शायद यह घोषणा करना हो सकता है कि लाखों लोगों की आस्था गलत या भ्रामक है। जस्टिस नागरत्ना ने भी इसी तरह की चिंताएं जाहिर की और कहा कि ऐसी जहनित याचिकाओं पर तब तक विचार नहीं करना चाहिए, जब तक कि याचिकाकर्ता का उस मामले से कोई सीधा संबंध न हो। उन्होंने कहा कि ‘सामाजिक सुधार के नाम पर किसी भी धर्म के मूल स्वरूप को बदला नहीं जा सकता। 9 जजों की पीठ कर रही सुनवाईवरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि 9 जजों की इस संविधान पीठ को इस मामले की पेचीदगियों को सुलझाना होगा, लेकिन ऐसा करते समय उन्हें आवश्यकता के सिद्धांत को इस मामले में हावी नहीं होने देना चाहिए। टीडीबी की ओर से संविधान पीठ को तर्क दिया कि संवैधानिक सुरक्षा केवल जरूरी धार्मिक प्रथाओं तक ही सीमित नहीं रख सकते, और यह तय करना अदालतों का काम नहीं है कि कोई धार्मिक प्रथा ‘जरूरी’ है या नहीं। वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि संविधान पीठ को यह भी बताया गया कि किसी समुदाय की मान्यताओं और प्रथाओं का मूल्यांकन उस समुदाय की अपनी मान्यताओं के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत समुदाय की मान्यता स्वीकार करने के लिए बाध्य है, और उस मान्यता पर फैसला सुनाना अदालत का काम नहीं है। सिंघवी ने पीठ से कहा कि आप किसी ‘खिलौने की दुकान’ या किसी रेस्टोरेंट से नहीं निपट रहे हैं। आप एक ऐसे देवता से निपट रहे हैं जो शाश्वत ब्रह्मचारी हैं, जो गृहस्थ आश्रम के सभी रूपों से दूर रहते हैं। इसलिए, यह तर्क दिया जा सकता है कि 11 साल क्यों नहीं, 49 साल क्यों नहीं। अनुच्छेद में ‘सामाजिक सुधार’ शब्द का इस्तेमाल क्यों?जस्टिस सुंदरेश ने सवाल किया कि अनुच्छेद 25(2)(बी) में ‘सामाजिक सुधार’ वाक्यांश का इस्तेमाल क्यों किया गया, जबकि अनुच्छेद 25 की शुरुआत में ‘सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या स्वास्थ्य’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसके जवाब में वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि ऐसा शायद कुछ ऐसी प्रथाओं से निपटने के लिए किया गया हो, जिन्हें किसी भी निष्पक्ष मापदंड पर सही नहीं ठहराया जा सकता। नैतिकता के आधार पर कानून रद्द नहीं कर सकतेजस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि कानून को संवैधानिक नैतिकता के आधार पर रद्द नहीं कर सकते। इसे संविधान के भाग-3 का उल्लंघन करने के आधार पर या विधायी अक्षमता के आधार पर रद्द कर सकते हैं। अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि संवैधानिक नैतिकता जैसा कोई भी सिद्धांत एक बाहरी मानक लेकर आता है, जिसे संभालना बहुत खतरनाक हो जाता है। संवैधानिक नैतिकता के खतरे को संभाल नहीं सकतेसीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि संवैधानिक नैतिकता का खतरा इसे आंकने के उन मानकों से है, जिन्हें संभाला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके लिए पूरी तरह से व्यक्तिपरकता और व्यक्तिगत राय की जरूरत होती है। इस पर सिंघवी ने कहा कि यह एक बेकाबू घोड़ा है, एक डायनासोर है, जिस पर मेरे लॉर्ड्स (जजों) सवारी नहीं कर सकते।
अनिल अंबानी पर ED का शिकंजा, RHFL–RCFL लोन घोटाले में दो पूर्व अधिकारी गिरफ्तार

नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज करते हुए रिलायंस समूह के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को गिरफ्तार किया है। ये दोनों लंबे समय से अनिल अंबानी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। लोन धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांचयह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े कथित लोन धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में की गई है। एजेंसी का आरोप है कि फर्जी या मुखौटा कंपनियों के जरिए बैंक ऋण का दुरुपयोग किया गया। अमिताभ झुनझुनवाला हिरासत में अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के बाद अमिताभ झुनझुनवाला को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश कर आगे की विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की गई। बता दें कि झुनझुनवाला मार्च 2003 से सितंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक रहे हैं, जो RHFL और RCFL की होल्डिंग कंपनी है। जांच एजेंसियां इस अवधि में हुए वित्तीय लेनदेन और फैसलों की भी पड़ताल कर रही हैं। इससे पहले CBI ने भी अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि फर्जी वित्तीय प्रस्तुतियों और फंड हेराफेरी के जरिए LIC को करीब 3,750 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। जांच में फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।
महिला आरक्षण में ‘कोटा के भीतर कोटा’: SC-ST महिलाओं को भी मिलेगा एक-तिहाई आरक्षण, जानिए बिल में क्या है नया?

नई दिल्ली। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान अब पहले से आरक्षित सीटों पर भी लागू किया जाएगा। इसके तहत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में से एक-तिहाई सीटें उसी वर्ग की महिलाओं के लिए तय होंगी। आरक्षण के भीतर आरक्षण का फॉर्मूलासरकारी सूत्रों के मुताबिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत महिला आरक्षण सभी श्रेणियों सामान्य, SC और ST पर समान रूप से लागू किया जाएगा। यानी हर श्रेणी की लगभग एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे “कोटा के भीतर कोटा” की व्यवस्था लागू होगी। परिसीमन के बाद बढ़ेंगी सीटेंवर्तमान में लोकसभा की करीब 24 प्रतिशत सीटें SC और ST वर्ग के लिए आरक्षित हैं। परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ने के साथ यह अनुपात भी उसी हिसाब से बढ़ेगा। इसके बाद महिला आरक्षण लागू होने पर SC और ST वर्ग में भी महिलाओं के लिए अलग कोटा तय होगा। सरकार का दावासरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन के बाद सभी राज्यों की लोकसभा सीटें समान अनुपात में बढ़ाई जाएंगी, जिससे किसी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों की सीटों में कटौती के आरोपों को सरकार ने खारिज किया है। विपक्ष पर आरोपसरकारी पक्ष का कहना है कि जनगणना और परिसीमन को लेकर विपक्ष का रुख लगातार बदल रहा है। 2023 में जहां विपक्ष ने जनगणना का इंतजार न करने की बात कही थी, वहीं अब वह प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। सरकार ने इसे पूरी तरह तय प्रक्रिया बताते हुए किसी भी बदलाव से इनकार किया है।
अमरावती यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, SIT कर रही जांच

नई दिल्ली /अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में लड़कियों को झांसा देकर यौन उत्पीड़न करने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद (19) के घर पर बुलडोजर चलाया। परतवाड़ा निवासी अयान अहमद को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है और वह एक राजनीतिक दल का कार्यकर्ता भी है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें अदालत ने 21 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। मामले की जांच के लिए आईपीएस डॉ. शुभम कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। जांच अब कई गंभीर पहलुओं पर केंद्रित है, जिनमें संगठित शोषण नेटवर्क, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के आरोप शामिल हैं। भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने दावा किया है कि यह नेटवर्क अन्य शहरों तक फैला हो सकता है। वहीं प्रशासन ने कहा है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो और फोटोपुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले में 180 से अधिक लड़कियों के शोषण और 350 से ज्यादा आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के प्रसार की आशंका है। आरोपियों ने कथित तौर पर ट्यूशन और कोचिंग सेंटरों के बाहर लड़कियों को निशाना बनाया। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनसे अब तक 18 वीडियो और 39 तस्वीरें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में उजेर इकबाल खान, तबरेज खान तसलीम खान और मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर शामिल हैं। पुलिस ने पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज से गुजरा माल्टा का ध्वज लगा जहाज…

दुबई। माल्टा (Malta.) का ध्वज लगे एक जहाज (Ship) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz.) से पश्चिम की ओर यात्रा शुरू की। यह पहला कच्चा तेल (Crude oil.) ले जाने वाला टैंकर बताया जा रहा है, जब से अमेरिका (America.) ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई है। यह जानकारी दुनिया भर में जहाजों की निगरानी करने वाले शिपिंग ट्रैकिंग मॉनिटर के हवाले से दी गई है। माल्टा का ध्वज लगा तेल टैंकर अगियोस फैनोरियोस-I के गुरुवार को इराक के बसरा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है, जहां अमेरिका की नाकेबंदी लागू नहीं है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में लगभग दो दिन तक रुका रहा और फिर उसने दोबारा मार्ग तय किया। इस बीच, अमेरिका की नौसेना ने कहा कि वह ईरान के आसपास व्यापारिक जहाजों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने क्षेत्र में मौजूद व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है कि वे जहाजों को रोक सकते हैं और नाकेबंदी लागू करने के लिए बल प्रयोग कर सकते हैं। नौसेना के रेडियो संदेश में कहा, ईरानी बंदरगाहों की ओर या वहां से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जा सकता है और जब्त किया जा सकता है। यह संदेश अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) की ओर से सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है। एक सैन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर पुष्टि की कि यह संदेश इस समय क्षेत्र के सभी जहाजों को प्रसारित किया जा रहा है। रेडियो संदेश में आगे कहा गया, अगर आप नाकेबंदी का पालन नहीं करेंगे, तो बल प्रयोग किया जाएगा।
MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav ) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है। विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए। राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है। दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्य प्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।
महिलाओं को 33% आरक्षण… आज संसद में पेश होंगे 3 बिल… सत्तापक्ष के पास LS में 67 और RS में 21 सीट कम

नई दिल्ली। संसद (Parliament) में आज एकसाथ तीन-तीन विधेयक पेश किए जाने वाले हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections) से पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया को अमली जामा पहना दिया जाए। लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए आज से संसद का विशेष सत्र रखा गया है। इसमें लोकसभा में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए बिल लाया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इन्हीं से संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (‘Women’s Empowerment Act’) के तहत महिलाओं को मिलने वाला कोटा परिसीमन और जनगणना से जुड़ा है। केंद्र सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करने और महिला आरक्षण लागू करने की योजना बना रही है। सरकार कैसे पास कराएगी विधेयक? जानें नंबर गेमपरिसीमन विधेयक को छोड़कर, अन्य दो विधेयक संविधान संशोधन विधेयक हैं। इन्हें पारित करने के लिए संसद में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। विपक्ष का वॉकआउट बहुमत के आंकड़े को कम कर सकता है। लोकसभा दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 360 है। सत्ताधारी NDA के पास 293 सदस्य हैं। यानी उसे अभी भी 67 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। राज्यसभा में बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 163 है। NDA की वर्तमान ताकत 142 के आसपास है, जो उसे बहुमत के आंकड़े से 21 सीट दूर रखती है। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के समर्थक हैं, लेकिन सरकार द्वारा इसे परिसीमन और 2029 के चुनावों से जोड़ने के कारण वे इन विधेयकों का विरोध करने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय संतुलन का डरविपक्ष का तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण केवल NDA को लाभ पहुंचाएगा। इसके अलावा, यह दक्षिण भारतीय राज्यों की संसदीय शक्ति को कम कर सकता है और उन्हें हाशिए पर धकेल सकता है। राहुल गांधी का आरोपकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर आरोप लगाया कि सरकार की योजना 2029 के लिए सीटों का अपनी सुविधानुसार सीमाओं में बदलाव करने की है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संवैधानिक सुरक्षा उपायों को हटाकर पूरी शक्ति सरकार द्वारा नियुक्त आयोग को देता है। लोकसभा की सीटों में भारी वृद्धिप्रस्तावित विधेयकों के तहत परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 815 तक हो सकती है। केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए यह संख्या 35 हो सकती है। वर्तमान में राज्यों से 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 सदस्य चुनकर आते हैं। क्षेत्रीय दलों का बदलता रुखBJD और BRS जैसे दल अक्सर मुद्दों के आधार पर सरकार का समर्थन करते रहे हैं> उन्होंने परिसीमन के मुद्दे पर अपना रुख कड़ा कर लिया है। इससे सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सरकार का भरोसा- सब साथ हैंतमाम विरोधों के बावजूद सरकार का दावा है कि उनके पास पर्याप्त आंकड़े हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कोई भी दल सिद्धांत रूप में महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहा है और इस भावना के साथ सभी एक साथ हैं।
MP: खजुराहो में लोहे की रॉड से बंदर भगाना पड़ा महंगा… हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से जिंदा जला युवक

छतरपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खजुराहो (Khajuraho) से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पर बंदर भगाने की कोशिश कर रहे एक युवक को लोहे की रॉड का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया और इस दौरान वह ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन लाइन (High tension line) की चपेट में आ गया। जिसके चलते उसे इतना जोरदार झटका लगा कि वह जिंदा जल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुई इस दर्दनाक घटना का एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक के साथ हुए इस हादसे को देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना खजुराहो रेलवे स्टेशन के पास स्थित ‘द खजुराहो हेरिटेज रिसॉर्ट’ में हुई। मृतक की पहचान प्रदीप रायकवार उर्फ रिंकू के रूप में हुई है, जो कि उसी रिसॉर्ट में नौकरी करता था। युवक ने केवल पांच दिन पहले ही इस होटल में काम करना शुरू किया था। जिसके बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बंदर भगाने के लिए उठा लाया लोहे का पाइपइस घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है, उसमें प्रदीप रिसॉर्ट में बने गार्डन में आए बंदर को भगाने के लिए लोहे की एक लंबी छड़ उठाकर ले जाता हुआ दिखाई देता है। इसके बाद वह उसी छड़ की मदद से बंदर को डराते हुए भगाता नजर आ रहा है। इस दौरान वह उस छड़ को बार-बार उठाकर जमीन पर पटकता है, ताकि उससे होने वाली आवाज से बंदर डर जाए। धमाके की आवाज के साथ जल गया युवकवहीं जब वह बंदर वहां से भाग जाता है, तो वह युवक उस लोहे की रॉड को बिल्कुल सीधा ऊपर की ओर उठाकर वापस आता है, इसी दौरान वह रॉड ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा जाती है और टकराते ही धमाके के साथ प्रदीप के शरीर से आग लग जाती है, जिसके चलते वह वहीं गिर जाता है और झुलसने से उसकी मौत हो जाती है। धमाके की आवाज सुन बाहर आईं दो कर्मचारीबाहर हुए धमाके की आवाज सुनकर रिसॉर्ट की दो महिला कर्मचारी दौड़कर बाहर आती हैं, जिनमें से एक युवक के पास तक जाती है और उसकी हालत देखकर डर के मारे चीख उठती हैं। इसके बाद वह महिला युवक को दो बार भैया-भैया कहते हुए आवाज भी देती है, और फिर बाकी लोगों को बुलाने के लिए चीखते हुए अंदर चली जाती है। इस हादसे की जानकारी मिलने पर बमीठा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम होने के बाद युवक के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि रिसॉर्ट की छत के करीब से निकली हाईटेंशन की लाइन नियमों के अनुसार लगाई गई है, या इसमें विभाग या होटल प्रबंधन की लापरवाही है।
MP: सीधी में 4 पुलिसकर्मियों की शर्मनाक करतूत… नशे में मरीज के बेड में सोए, डस्टबिन में किया पेशाब

सीधी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीधी जिले (Sidhi district) से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के अंदर ड्यूटी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों (Four Policemen) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वे मरीज के बेड पर सोते और अस्पताल परिसर में अनुशासनहीन हरकत करते नजर आए। वीडियो में एक पुलिसकर्मी को डस्टबिन में पेशाब करते हुए भी देखा गया। घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप है। मामले में चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो 13 अप्रैल को सामने आया। आरोप है कि सभी पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे और पुलिस की गरिमा के खिलाफ व्यवहार कर रहे थे। उनकी वर्दी भी पास में टंगी हुई दिखाई दी। कैदी की सुरक्षा में तैनात थे पुलिसकर्मीबताया जा रहा है कि ये पुलिसकर्मी 28 मार्च से जिला अस्पताल में भर्ती एक अंडरट्रायल कैदी की सुरक्षा में तैनात थे। इस टीम का नेतृत्व सहायक उप-निरीक्षक नर्मदा प्रसाद प्रजापति कर रहे थे। टीम में कांस्टेबल उदयराज सिंह, जितेंद्र सिंह और मनीष तिवारी शामिल थे। नशे में धुत होकर उत्पात मचायामामले की आंतरिक जांच में पुष्टि हुई कि पुलिसकर्मियों ने शराब के नशे में यह अनुशासनहीनता की। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित थाना प्रभारी द्वारा उचित निगरानी नहीं की गई, जिससे यह घटना हुई। सीधी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप लगाए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान सभी को सीधी के रिजर्व सेंटर से अटैच कर दिया गया है और उन्हें विभागीय नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई भी जारी है।
आज का राशिफल 16 अप्रैल 2026: मिथुन और मीन राशि को मिलेगा आर्थिक लाभ

नई दिल्ली। 16 अप्रैल 2026 को ग्रहों की विशेष चाल और चंद्रमा का मेष राशि में गोचर मिलकर कई राशियों के लिए नए अवसर और आर्थिक उतार-चढ़ाव के संकेत दे रहे हैं। इस दिन सूर्य और शुक्र की युति जहां कुछ राशियों के लिए लाभदायक साबित होगी, वहीं कुछ को खर्च और सावधानी की जरूरत भी रहेगी। ग्रहों की स्थिति का प्रभावआज चंद्रमा मेष राशि में सूर्य के साथ युति बना रहा है, जिससे आत्मविश्वास और नई शुरुआत के अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं एकादश और दशम भाव की सक्रियता आर्थिक लाभ के योग बना रही है। दूसरी ओर, अष्टम और द्वादश भाव के प्रभाव से अनचाहे खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए वित्तीय मामलों में सतर्कता जरूरी है। मेष राशि आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ने की संभावना है। निवेश से बचें और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। करियर: काम की गति धीमी रह सकती है, कोई बड़ा निर्णय फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। वृषभ राशि आर्थिक स्थिति: आय बढ़ सकती है लेकिन खर्च भी साथ बढ़ेंगे। संतुलन जरूरी है। करियर: कार्यस्थल पर दबाव रहेगा, लेकिन नए अवसर भी मिल सकते हैं। मिथुन राशि (लाभकारी संकेत) आर्थिक स्थिति: आर्थिक लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं। संपर्कों से फायदा मिलेगा। करियर: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, मेहनत से पहचान मिलेगी। कर्क राशि आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी जरूरी। करियर: पद और जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। सिंह राशि आर्थिक स्थिति: अनिश्चितता रहेगी, निवेश से बचें। करियर: अचानक बदलाव संभव हैं, धैर्य रखें। कन्या राशि आर्थिक स्थिति: स्थिति स्थिर रहेगी लेकिन अचानक खर्च संभव है। करियर: काम में सराहना मिलेगी। तुला राशि आर्थिक स्थिति: सामान्य स्थिति, खर्च पर नियंत्रण रखें। करियर: जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वृश्चिक राशि आर्थिक स्थिति: जोखिम से बचें, खर्च बढ़ सकते हैं। करियर: काम का दबाव अधिक रहेगा। धनु राशि आर्थिक स्थिति: घर संबंधी खर्च बढ़ सकते हैं। करियर: ध्यान भटक सकता है, सतर्क रहें। मकर राशि आर्थिक स्थिति: आय-व्यय में उतार-चढ़ाव रहेगा। करियर: मेहनत से ही सफलता मिलेगी। कुंभ राशि आर्थिक स्थिति: खर्च पर नियंत्रण जरूरी है। करियर: बातचीत और कम्युनिकेशन से लाभ मिलेगा। मीन राशि (सबसे शुभ संकेत) आर्थिक स्थिति: आय बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं, आर्थिक उन्नति के योग। करियर: थोड़ी उलझन के बावजूद स्थिर प्रगति के संकेत।