एलोवेरा और हल्दी से पाएं ग्लोइंग स्किन, दाग-धब्बों से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली। गर्मियों में तेज धूप, धूल और प्रदूषण की वजह से त्वचा पर दाग-धब्बे, मुंहासे और डलनेस आम समस्या बन जाती है। ऐसे में एलोवेरा और हल्दी का प्राकृतिक फेस पैक बिना ज्यादा खर्च के त्वचा को निखारने का आसान तरीका माना जाता है। एलोवेरा और हल्दी क्यों फायदेमंद हैं? एलोवेरा के फायदेएलोवेरा में विटामिन A, C, E और कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह त्वचा को गहराई से नमी देता है, जलन और सूजन को कम करता है और सनबर्न से राहत दिलाता है। इसके नियमित उपयोग से त्वचा मुलायम और हाइड्रेट रहती है। हल्दी के फायदेहल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। यह मुंहासों को कम करता है, दाग-धब्बों को हल्का करता है और स्किन टोन को बेहतर बनाता है। एलोवेरा-हल्दी फेस पैक कैसे बनाएं? 2 बड़े चम्मच ताजा एलोवेरा जेल लेंआधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएंचाहें तो 1 चम्मच शहद या दही भी मिला सकते हैंसभी चीजों को अच्छे से मिलाकर पेस्ट तैयार करेंइस्तेमाल करने का तरीका चेहरे को साफ करके इस पेस्ट को 10–15 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें। इसे हफ्ते में 2–3 बार लगाने से त्वचा में धीरे-धीरे निखार आने लगता है। क्या फायदे मिलते हैं?दाग-धब्बे कम होते हैंत्वचा साफ और ग्लोइंग बनती हैडेड स्किन हटती हैपिंपल्स की समस्या में राहत मिलती हैस्किन हाइड्रेट और फ्रेश रहती है सावधानीसंवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले पैच टेस्ट जरूर करें, क्योंकि हल्दी कुछ लोगों में हल्की जलन या एलर्जी कर सकती है। कुल मिलाकर यह एक आसान, सस्ता और प्राकृतिक उपाय है जो नियमित इस्तेमाल से त्वचा की सेहत और चमक दोनों को बेहतर बना सकता है।
हेल्दी डाइट टिप्स: रोटी को बनाएं प्रोटीन रिच, पाएं जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली। गेहूं की रोटी भारतीय भोजन का सबसे आम हिस्सा है, लेकिन सिर्फ गेहूं की रोटी शरीर की प्रोटीन की जरूरत को पूरा नहीं कर पाती। ऐसे में अगर आटे में कुछ पौष्टिक चीजें मिलाई जाएं तो वही साधारण रोटी एक हेल्दी और प्रोटीन-रिच डाइट में बदल सकती है। गेहूं की रोटी में मिलाएं ये प्रोटीन-युक्त चीजें –सोयाबीन का आटासोयाबीन को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। गेहूं के आटे में थोड़ी मात्रा में सोया आटा मिलाने से रोटी का प्रोटीन स्तर काफी बढ़ जाता है। यह मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी फायदेमंद है। बेसन (चना आटा)चना दाल से बना बेसन प्रोटीन से भरपूर होता है। इसे आटे में मिलाकर रोटी बनाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है। रागी का आटारागी में प्रोटीन के साथ कैल्शियम और आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने और खून की कमी दूर करने में मदद करता है। क्विनोआ का आटाक्विनोआ आजकल सुपरफूड के रूप में जाना जाता है। इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर के विकास और रिकवरी के लिए जरूरी हैं। बीज और मेवे (सीड्स)चिया सीड्स, अलसी और कद्दू के बीज प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं। इन्हें पीसकर आटे में मिलाने से रोटी ज्यादा पौष्टिक बन जाती है। बादाम और मूंगफली का पाउडर भी ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है। दालों का पाउडरमूंग, चना या उड़द दाल को हल्का भूनकर उसका पाउडर बनाकर आटे में मिलाने से प्रोटीन की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। कैसे बनाएं और फायदा क्या हैइन सभी चीजों को गेहूं के आटे में सीमित मात्रा में मिलाकर सामान्य रोटी की तरह ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे न सिर्फ स्वाद बेहतर होता है, बल्कि शरीर की ताकत, इम्युनिटी और पाचन क्षमता भी मजबूत होती है।
चेन्नई सुपर किंग्स की गेंदबाजी पर संकट, स्टार तेज गेंदबाज के बाहर होने से बढ़ी मुश्किल…

नई दिल्ली/चेन्नई में आईपीएल 2026 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स को एक बड़ा और निराशाजनक झटका लगा है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज खलील अहमद चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। यह खबर उस समय सामने आई है जब टीम टूर्नामेंट में अपनी लय मजबूत करने की कोशिश कर रही थी और गेंदबाजी विभाग से लगातार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। जानकारी के अनुसार कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए पिछले मुकाबले में खलील अहमद को गेंदबाजी के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हुआ था। दर्द के बावजूद उन्होंने कुछ देर तक गेंदबाजी जारी रखी, लेकिन बाद में उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। शुरुआती आकलन के बाद उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई गई और आगे की जांच में चोट की गंभीरता सामने आई। मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि खलील अहमद को ग्रेड 2 क्वाड्रिसेप्स टियर हुआ है। इस तरह की चोट से उबरने के लिए आमतौर पर कई हफ्तों का आराम और रिहैबिलिटेशन जरूरी होता है। इसी कारण यह साफ हो गया है कि वह इस पूरे सीजन में उपलब्ध नहीं रहेंगे। खलील अहमद का बाहर होना चेन्नई सुपर किंग्स के लिए रणनीतिक रूप से भी बड़ा नुकसान माना जा रहा है। उन्होंने इस सीजन की शुरुआत में नई गेंद से प्रभावी गेंदबाजी की थी और पावरप्ले में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी गेंदबाजी ने टीम को शुरुआती ओवरों में संतुलन दिया था, जिससे मध्य ओवरों में कप्तान के पास विकल्प बढ़ जाते थे। हालांकि उनके विकेटों की संख्या अधिक नहीं रही, लेकिन उनकी इकॉनमी और निरंतर दबाव बनाने की क्षमता टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही थी। ऐसे में उनका अचानक बाहर होना गेंदबाजी संयोजन को कमजोर कर सकता है और टीम की रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है। अब चेन्नई सुपर किंग्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके विकल्प को तलाशने की है। टीम के पास कुछ युवा भारतीय गेंदबाज मौजूद हैं, लेकिन खलील जैसे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और नई गेंद से असर डालने वाले खिलाड़ी की भरपाई करना आसान नहीं होगा। टीम प्रबंधन को अब गेंदबाजी आक्रमण में नए संतुलन की तलाश करनी होगी ताकि टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा बनी रहे। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह झटका ऐसे समय पर आया है जब हर मैच का परिणाम प्लेऑफ की दौड़ को प्रभावित कर रहा है और टीम को लगातार बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है।
छतरपुर स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा युवक

छतरपुर । छतरपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब जम्मू से लौट रहे 19 वर्षीय युवक रामप्रसाद अहिरवार ट्रेन से उतरते समय प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस गया। यह घटना कुरुक्षेत्र ट्रेन के रुकने के दौरान करीब सुबह 6:30 से 7 बजे के बीच हुई, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन से उतरते समय बिगड़ा संतुलनजानकारी के अनुसार, ग्राम पाली निवासी रामप्रसाद अहिरवार जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, नीचे उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह में जा गिरा। युवक अचानक फंस गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया। समय रहते रोकी गई ट्रेन, टला बड़ा हादसाघटना के तुरंत बाद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने शोर मचाकर लोको पायलट को सूचना दी। समय रहते ट्रेन को रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। अगर ट्रेन थोड़ा भी आगे बढ़ जाती तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी। 15–20 मिनट चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना के बाद रेलवे कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। करीब 15 से 20 मिनट तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सब्बल और अन्य उपकरणों की मदद से प्लेटफॉर्म के किनारे का हिस्सा तोड़ा गया, जिसके बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं। गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्तीहादसे में रामप्रसाद को जांघ और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। तत्काल एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। ड्यूटी डॉक्टर के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उसे निगरानी में रखा गया है। रेलवे सुरक्षा पर उठे सवालइस घटना के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होते, जिससे ऐसे हादसे होने का खतरा बना रहता है। वहीं रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर ट्रेन से उतरते समय सावधानी बरतने की जरूरत और रेलवे सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करती है।
MI vs PBKS से पहले बड़ा बदलाव संभव, रोहित शर्मा की जगह मिल सकता है युवा दानिश मालेवर को मौका

नई दिल्ली/मुंबई में खेले जाने वाले आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले मुंबई इंडियंस को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पंजाब किंग्स के खिलाफ होने वाले इस अहम मैच से पहले टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की फिटनेस पर सवाल बने हुए हैं। पिछले मुकाबले में हैमस्ट्रिंग समस्या के कारण उनके असहज दिखने के बाद उनकी उपलब्धता पर अनिश्चितता बनी हुई है। अगर वह आज के मैच से बाहर रहते हैं, तो टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में एक युवा चेहरे को मौका दे सकता है और इसी कड़ी में 22 वर्षीय दानिश मालेवर का नाम तेजी से सामने आ रहा है। दानिश मालेवर विदर्भ से आने वाले एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी आक्रामक और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी से पहचान बनाई है। मुंबई इंडियंस ने उन्हें आईपीएल 2026 की नीलामी में उनके बेस प्राइस पर टीम में शामिल किया था। भले ही उन्हें अब तक आईपीएल में खेलने का ज्यादा अवसर नहीं मिला हो, लेकिन घरेलू स्तर पर उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान लगातार खींचा है और उन्हें भविष्य का उभरता सितारा माना जा रहा है। उनके करियर की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक दलीप ट्रॉफी में उनका शानदार डेब्यू रहा, जहां उन्होंने पहले ही मैच में दोहरा शतक लगाकर चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया था। इस पारी ने उनकी तकनीक और लंबी पारी खेलने की क्षमता को साबित किया। इसके अलावा उन्होंने बहुत कम पारियों में ही तेज गति से हजार रन का आंकड़ा पार कर अपनी निरंतरता का परिचय दिया है, जो किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। टी20 प्रारूप में भले ही उनका अनुभव सीमित रहा हो, लेकिन स्थानीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से खूब सुर्खियां बटोरी हैं। एक मुकाबले में तेजतर्रार शतक लगाकर उन्होंने यह संकेत दिया कि वह छोटे प्रारूप में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं और दबाव की परिस्थितियों में भी आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। रोहित शर्मा की स्थिति को लेकर टीम प्रबंधन फिलहाल सतर्क है और अंतिम निर्णय मैच से ठीक पहले लिए जाने की संभावना है। अगर वह पूरी तरह फिट नहीं होते हैं, तो मुंबई इंडियंस को ओपनिंग संयोजन में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसे में दानिश मालेवर को मौका मिलने की संभावना बढ़ जाती है, जो उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। अगर दानिश को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाता है, तो उन पर तुरंत प्रदर्शन का दबाव होगा क्योंकि उन्हें एक बड़े मुकाबले में जिम्मेदारी संभालनी होगी। मुंबई इंडियंस की आक्रामक बल्लेबाजी शैली को देखते हुए उनकी आक्रामक तकनीक टीम के गेम प्लान में फिट बैठती है, जिससे उनके डेब्यू की संभावनाएं और मजबूत हो जाती हैं।
प्रियंक मिश्रा ने संभाली भोपाल की कमान विकास और बेहतर प्रशासन का दिया भरोसा

भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है जहां प्रियंक मिश्रा ने 35वें कलेक्टर के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने राजधानी को देश की सर्वश्रेष्ठ राजधानी बनाने का संकल्प व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि उनका पूरा फोकस विकास, बेहतर प्रशासन और जनसेवा पर रहेगा। कार्यभार संभालने के बाद प्रियंक मिश्रा ने अपने पहले बयान में ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने कहा कि भोपाल केवल मध्यप्रदेश की राजधानी ही नहीं बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। ऐसे में राजधानी की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है और इसी दृष्टिकोण के साथ वे काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश की अहम भूमिका है और उस लक्ष्य को हासिल करने में भोपाल की भागीदारी निर्णायक होगी। प्रियंक मिश्रा ने अपने संबोधन में यह स्वीकार किया कि भोपाल में पहले भी अच्छा काम हुआ है और प्रशासन ने कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि उसी परंपरा को आगे बढ़ाया जाए और जो काम पहले से हो रहे हैं उन्हें और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही जहां सुधार की जरूरत है वहां नई रणनीति और नवाचार के जरिए बदलाव लाया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि शहर के बुनियादी ढांचे, यातायात व्यवस्था, साफ सफाई और नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजधानी होने के कारण भोपाल की छवि पूरे प्रदेश और देश के सामने एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत होती है इसलिए इसे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट बनाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। नए कलेक्टर के इस विजन से प्रशासनिक अमले में भी नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों से समन्वय बनाकर काम करने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि टीमवर्क के जरिए ही बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी व्यवस्था पर भी उन्होंने जोर दिया। भोपाल के नागरिकों के लिए भी यह एक उम्मीद भरा संदेश है कि शहर को नई दिशा देने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। अब देखना होगा कि प्रियंक मिश्रा अपने इस विजन को जमीन पर किस तरह उतारते हैं और भोपाल को वास्तव में देश की सबसे बेहतर राजधानी बनाने की दिशा में कितनी तेजी से कदम बढ़ाते हैं।
श्योपुर में गर्मी का कहर, पारा 40°C के पार, जनजीवन प्रभावित

मध्यप्रदेश श्योपुर । मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में अप्रैल के मध्य में ही भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ते तापमान के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। 40 डिग्री तक पहुंचा तापमानमौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास बना हुआ है। लगातार बढ़ते तापमान ने गर्मी को और अधिक असहनीय बना दिया है। पिछले कुछ दिनों के रिकॉर्ड देखें तो 11 अप्रैल को भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि 10 अप्रैल को यह 34 डिग्री था। इसके बाद लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो तेज गर्मी का स्पष्ट संकेत है। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटातेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं और सिर व चेहरे को कपड़े से ढककर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। घरों में बढ़ा कूलर और AC का उपयोगगर्मी बढ़ने के साथ ही अब घरों में कूलर और एयर कंडीशनर का उपयोग भी बढ़ गया है। वहीं बाजारों में ठंडे पेय पदार्थ, जूस और आइसक्रीम की मांग में तेजी देखी जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनीमौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो अप्रैल के अंत तक भीषण गर्मी और अधिक गंभीर रूप ले सकती है। सावधानी बरतने की अपीलप्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
एम्स दिल्ली में फैकल्टी भर्ती 2026: 26 पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू, मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा अवसर

नई दिल्ली:देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल एक अग्रणी मेडिकल संस्थान में फैकल्टी स्तर पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर सहित कुल 26 पदों को भरा जाएगा, जिससे चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और विशेषज्ञ उपचार सेवाओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह अवसर उन योग्य चिकित्सकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो उच्च स्तरीय शिक्षण और मेडिकल रिसर्च में करियर बनाना चाहते हैं। इस भर्ती में विभिन्न प्रमुख विभाग शामिल किए गए हैं, जिनमें नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, सामुदायिक चिकित्सा, पल्मोनरी मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, पैथोलॉजी, साइटोपैथोलॉजी, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, यूरोलॉजी और एनेस्थेसियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही कुछ विशेष पद ऑन्को एनेस्थेसियोलॉजी और संबंधित इकाइयों के लिए भी निर्धारित किए गए हैं, जो कैंसर उपचार और उससे जुड़े चिकित्सा कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी और निर्धारित तिथि से आवेदन शुरू होकर तय अंतिम तिथि तक स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास भारतीय चिकित्सा परिषद के मानकों के अनुसार मान्यता प्राप्त चिकित्सा डिग्री के साथ संबंधित विषय में स्नातकोत्तर योग्यता जैसे एमडी, एमएस, डीएम या एमसीएच होना आवश्यक है। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र में शिक्षण या अनुसंधान अनुभव भी अनिवार्य शर्तों में शामिल है, जिससे चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इस भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना अंतिम आवेदन तिथि के आधार पर की जाएगी। हालांकि आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी, जिसमें प्रारंभिक पात्रता जांच, स्क्रीनिंग, शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन शामिल हैं। अंतिम चयन के बाद उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान प्रदान किया जाएगा, जो उच्च स्तरीय मेडिकल फैकल्टी पदों के अनुरूप होगा। आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार निर्धारित किया गया है, जिसमें सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग शुल्क और आरक्षित वर्ग के लिए रियायती शुल्क रखा गया है। दिव्यांग उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क में पूर्ण छूट दी गई है, जिससे यह भर्ती प्रक्रिया अधिक समावेशी और समान अवसर आधारित बन सके। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज सावधानीपूर्वक अपलोड करें और अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। चयनित उम्मीदवार संस्थान में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और देश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान देंगे।
मुरैना में 80 सीटों वाला सैनिक स्कूल शुरू, रक्षा मंत्रालय के सहयोग से होगी पढ़ाई

मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अब सैनिक स्कूल की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी। रक्षा मंत्रालय भारत सरकार और टीएसएस स्कूल प्रबंधन के बीच PPP (Public-Private Partnership) मोड पर हुए करार के बाद 80 सीटों वाला नया सैनिक स्कूल शुरू कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू हुआ संचालनइस योजना के तहत सैनिक स्कूल का संचालन रक्षा मंत्रालय और टीएसएस स्कूल प्रबंधन मिलकर करेंगे। 2026 सत्र से इसकी औपचारिक शुरुआत की जा रही है। रक्षा मंत्रालय की टीम पहले ही स्कूल परिसर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुकी है। 80 सीटों पर प्रवेश, सभी सीटें भरीस्कूल प्रबंधन के अनुसार इस सत्र में 80 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिन पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। देशभर से छात्र इस स्कूल में दाखिला लेने के लिए पहुंचे हैं। स्कूल परिसर में नई बिल्डिंग और हॉस्टल की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। सैन्य अनुशासन के साथ चलेगा स्कूलसैनिक स्कूल का संचालन पूरी तरह सैन्य अनुशासन और प्रशिक्षण आधारित होगा। केंद्र से आई टीम ने स्कूल का कार्यभार संभाल लिया है। नायक अकबर खान को इस सैनिक स्कूल का इंचार्ज नियुक्त किया गया है। उनके अनुसार जरूरत के अनुसार शिक्षकों और प्रशिक्षण स्टाफ की तैनाती की जाएगी। चयन और प्रवेश प्रक्रियास्कूल प्रबंधन के मुताबिक, छात्रों का चयन पहले ही कर लिया गया है और ऑनलाइन परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों ने अपनी पसंद से इस स्कूल को चुना है। क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धिइस सैनिक स्कूल की शुरुआत को मुरैना और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे अब स्थानीय छात्रों को रक्षा सेवाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।
फिल्म ‘गाइड’ की शूटिंग के दौरान सांप वाले सीन की मांग पर उठे सवाल और अभिनेत्री का स्पष्ट इनकार

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान ने अपने लंबे और सफल करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया है, लेकिन फिल्म ‘गाइड’ से जुड़ा एक पुराना किस्सा आज भी सबसे ज्यादा चर्चित घटनाओं में शामिल माना जाता है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है, जिसमें उनके अभिनय और डांस परफॉर्मेंस ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा था। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान सामने आया एक प्रसंग आज भी फिल्म जगत में दिलचस्प उदाहरण के रूप में देखा जाता है। बताया जाता है कि फिल्म के अंग्रेजी संस्करण की शूटिंग के दौरान एक दृश्य को लेकर निर्देशक की ओर से एक असामान्य मांग सामने रखी गई थी। इस दृश्य में अभिनेत्री से अपेक्षा की गई थी कि डांस करते समय वह एक सांप के साथ ऐसा सीन करें जिसमें उसे चूमने जैसा भाव दिखाया जाए। यह सुझाव उस समय के हिसाब से काफी अप्रत्याशित और असहज करने वाला माना गया, जिससे सेट पर एक अलग तरह की स्थिति बन गई थी। वहीदा रहमान ने इस प्रस्ताव पर तुरंत अपनी असहमति व्यक्त की थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह उनके लिए सहज नहीं है और वह इस तरह का दृश्य करने में असमर्थ हैं। उनका मानना था कि केवल प्रभाव पैदा करने के लिए इस तरह की मांग उचित नहीं है और कलाकार की अपनी सीमाएं और सम्मान भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इस सीन को करने से साफ इनकार कर दिया था। इस घटना के बावजूद फिल्म की शूटिंग जारी रही और ‘गाइड’ को बाद में भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में स्थान मिला। फिल्म में वहीदा रहमान के अभिनय और नृत्य को बेहद सराहा गया और यह फिल्म उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। दर्शकों ने उनके प्रदर्शन को काफी पसंद किया और यह फिल्म आज भी एक क्लासिक मानी जाती है। यह पूरा प्रसंग इस बात को दर्शाता है कि सिनेमा में रचनात्मकता के साथ कलाकार की सहमति और सहजता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। वहीदा रहमान का यह निर्णय यह साबित करता है कि एक कलाकार अपने सिद्धांतों पर कायम रहते हुए भी महान प्रदर्शन कर सकता है और अपने करियर में ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।