भिंड में भीषण गर्मी का कहर, दिन के साथ रात में भी बढ़ा तापमान

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में गर्मी अब विकराल रूप ले चुकी है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं, जबकि रात का तापमान भी लगातार बढ़ने से राहत लगभग खत्म हो गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में लू चलने की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं। तापमान 41 डिग्री पार, रातें भी गर्मगुरुवार को जिले में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में तेज धूप के साथ चल रही गर्म हवाओं ने जनजीवन पर सीधा असर डाला है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है और लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं। रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को नींद में परेशानी हो रही है और कूलर-पंखे भी पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे हैं। लू के संकेत, प्रशासन सतर्कमौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए आने वाले दिनों में लू चलने की आशंका जताई जा रही है। तापमान में और वृद्धि होने पर दोपहर के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्टजिला स्वास्थ्य विभाग ने लू और हीट स्ट्रोक को लेकर अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएस यादव ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय घर के अंदर रहें, पर्याप्त पानी पिएं और ठंडे स्थानों पर ही रहें। अस्पतालों में बढ़ रहे मरीजगर्मी बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। वायरल बुखार और डिहाइड्रेशन के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार अचानक बढ़ी गर्मी के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। बचाव के लिए जरूरी सावधानियांविशेषज्ञों का कहना है कि लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी का सेवन करें।
एमपी में सरकारी कर्मचारियों को राहत, DA बढ़कर 257% हुआ, एरियर भी मिलेगा किस्तों में

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने छठवें वेतनमान के तहत वेतन पाने वाले शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते DA में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस निर्णय से कर्मचारियों की आय में इजाफा होगा और उन्हें लंबित एरियर का लाभ भी मिलेगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। जनसंपर्क अधिकारी संतोष मिश्रा के अनुसार महंगाई भत्ता अब 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नई दर 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी जबकि इसका वास्तविक भुगतान 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर मई 2026 के वेतन के साथ किया जाएगा। इसके साथ ही 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि का एरियर कर्मचारियों को एकमुश्त नहीं बल्कि 6 समान किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 के बीच दिया जाएगा जिससे उन्हें चरणबद्ध आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अवधि में सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों अथवा उनके नामांकित परिजनों को एरियर की राशि एक साथ प्रदान की जाएगी। महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा जबकि इससे कम राशि को नजरअंदाज किया जाएगा। साथ ही इसे अन्य किसी उद्देश्य के लिए वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा। प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों को भी फायदा सरकार ने उपक्रमों निगमों मंडलों और अनुदान प्राप्त संस्थाओं से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को भी इस बढ़ोतरी का लाभ देने का निर्णय लिया है। नई दरों के तहत पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 323 प्रतिशत और चौथे वेतनमान के कर्मचारियों का 1465 प्रतिशत हो जाएगा। इन कर्मचारियों के लिए भी बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान 1 अप्रैल 2026 से मई 2026 वेतन के साथ शुरू होगा। वहीं 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक का एरियर 6 समान किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 के बीच दिया जाएगा। विशेष प्रावधान के तहत सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में एरियर की पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी ताकि उनके परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके।
वरदराज पेरुमल मंदिर की अनोखी जलवास परंपरा, कांचीपुरम में आस्था और इतिहास का संगम..

नई दिल्ली: तमिलनाडु का प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर कांचीपुरम सदियों से धार्मिक आस्था और परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इसी पवित्र नगर में स्थित वरदराज पेरुमल मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिर माना जाता है। द्रविड़ शैली की भव्य वास्तुकला से सुसज्जित यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए बल्कि अपनी अनूठी परंपराओं के कारण भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष स्थान रखता है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार यह मंदिर भगवान विष्णु के वरदराज पेरुमल स्वरूप की आराधना का केंद्र है, जहां वे अपनी दिव्य शक्ति और कृपा के प्रतीक के रूप में पूजे जाते हैं। मंदिर परिसर में विशाल गोपुरम, विस्तृत प्रांगण और बारीक नक्काशी इसकी प्राचीन कला और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। माना जाता है कि यह स्थान सदियों से भक्तों की आस्था और विश्वास का केंद्र रहा है और यहां आने वाले श्रद्धालु इसे अत्यंत पवित्र मानते हैं। इस मंदिर की सबसे विशिष्ट परंपराओं में से एक भगवान विष्णु की प्रतिमा से जुड़ी जलवास की प्रथा है। मान्यता के अनुसार प्रतिमा को एक पवित्र जल कुंड में लंबे समय तक रखा जाता है और विशेष अवसरों पर ही भक्तों को इसके दर्शन प्राप्त होते हैं। इस परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है और इसे दिव्य संरक्षण और आध्यात्मिक शक्ति से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि प्रतिमा वर्षों तक जल में रहने के बावजूद अपनी संरचना में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं दिखाती, जिससे इसकी पवित्रता और भी विशेष मानी जाती है। मंदिर से जुड़ी एक अन्य प्रसिद्ध मान्यता गर्भगृह में स्थित दो छिपकलियों से संबंधित है, जिन्हें लेकर श्रद्धालुओं में विशेष विश्वास देखा जाता है। परंपरा के अनुसार इन छिपकलियों के दर्शन को शुभ माना जाता है और इसे जीवन में समृद्धि और बाधाओं के निवारण से जोड़कर देखा जाता है। यह मान्यता मंदिर को अन्य धार्मिक स्थलों से अलग और विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। जलवास परंपरा के कारण भगवान विष्णु की प्रतिमा को लंबे अंतराल के बाद ही बाहर निकाला जाता है और इसी कारण भक्तों को इसके दर्शन का अवसर भी विशेष समय पर ही प्राप्त होता है। वर्तमान परंपरा के अनुसार अगली बार प्रतिमा के दर्शन कई वर्षों बाद होने की संभावना बताई जाती है, जिससे यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत प्रतीक्षित और दुर्लभ माना जाता है। वरदराज पेरुमल मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है, जहां हर परंपरा और विश्वास गहरी आध्यात्मिक भावना से जुड़ा हुआ दिखाई देता है।
पंडोखर धाम में Happu Singh की हास्य प्रस्तुति, ठहाकों से गूंजा परिसर

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के पंडोखर धाम में बुधवार रात भक्ति और मनोरंजन का अनोखा संगम देखने को मिला। टीवी के लोकप्रिय हास्य कलाकार योगेश त्रिपाठी उर्फ ‘हप्पू सिंह’ के आगमन से पूरा धाम परिसर उत्साह और उमंग से भर गया। श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की भारी भीड़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गुरुशरण महाराज से लिया आशीर्वादधाम पहुंचने के बाद हप्पू सिंह ने पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक चर्चा में भी हिस्सा लिया और पंडोखर धाम की परंपराओं व धार्मिक माहौल की सराहना की। मंच पर आते ही गूंजे ठहाकेजैसे ही योगेश त्रिपाठी मंच पर पहुंचे, पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। अपने खास अंदाज और चुटीले संवादों से उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि पूरा परिसर ठहाकों से गूंजता रहा और लोग हंसी के इस माहौल में डूब गए। मेले जैसा नजर आया माहौलकार्यक्रम के दौरान धाम परिसर में मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। दूर-दूर से आए श्रद्धालु और दर्शक इस खास पल का आनंद लेते नजर आए। कई लोग अपने पसंदीदा कलाकार के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर इन यादगार पलों को संजोते दिखे। देर रात तक चला कार्यक्रमहंसी और भक्ति से सराबोर यह आयोजन देर रात तक चलता रहा। उपस्थित लोगों ने न सिर्फ मनोरंजन का आनंद लिया, बल्कि आध्यात्मिक वातावरण का भी अनुभव किया।
400 से अधिक बार महादेव का किरदार निभाकर तरुण खन्ना ने साझा किया अनुभव…

नई दिल्ली: भारतीय टेलीविजन और थिएटर जगत के चर्चित अभिनेता तरुण खन्ना ने अपने करियर और विशेष रूप से भगवान शिव के किरदार को लेकर एक गहरा और भावनात्मक अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अब तक 400 से अधिक बार महादेव का किरदार निभाया है और यह भूमिका उनके लिए केवल अभिनय तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने उनके व्यक्तित्व और जीवन दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल दिया है। तरुण खन्ना के अनुसार इस किरदार को बार बार निभाने से उनके स्वभाव में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां छोटी बातों पर प्रतिक्रिया देने की प्रवृत्ति रहती थी, वहीं अब उनके भीतर धैर्य और संतुलन की भावना काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि इस भूमिका ने उनके अंदर कहीं दबी हुई विनम्रता को फिर से जीवित कर दिया है, जो समय और अनुभव के साथ कहीं पीछे छूट गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि हर बार मंच पर या स्क्रीन पर इस किरदार को निभाना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है क्योंकि यह केवल अभिनय नहीं बल्कि भावनाओं और आस्था से जुड़ा विषय है। यही कारण है कि हर प्रस्तुति से पहले उन्हें हल्की घबराहट महसूस होती है, ताकि किरदार की गरिमा और प्रभाव में किसी तरह की कमी न रह जाए। तरुण खन्ना ने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें यह समझाया है कि अभिनय केवल संवाद बोलने का नाम नहीं है, बल्कि उसमें भावनाओं की गहराई और जिम्मेदारी भी शामिल होती है। उन्होंने बताया कि मंच पर लाइव परफॉर्मेंस की चुनौती अलग होती है, जहां एक ही मौके में पूरी ऊर्जा के साथ प्रदर्शन करना पड़ता है, जबकि टेलीविजन पर बार बार रीटेक का अवसर मिलता है। उनका कहना है कि थिएटर का अनुभव उनके लिए अधिक संतोषजनक है क्योंकि वहां दर्शकों की प्रतिक्रिया तुरंत मिलती है और कलाकार को अपने प्रदर्शन की वास्तविक अनुभूति होती है। इसी वजह से वे मंचीय प्रस्तुति को अधिक चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली मानते हैं। तरुण खन्ना ने यह भी कहा कि कलाकारों की सार्वजनिक छवि बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि दर्शक उन्हें उनके किरदारों के साथ साथ वास्तविक जीवन में भी देखते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि उनका व्यवहार और सोच समाज पर सकारात्मक प्रभाव छोड़े। उनके अनुसार महादेव का किरदार उनके जीवन का हिस्सा बन चुका है, जिसने उन्हें न केवल एक बेहतर अभिनेता बनाया बल्कि एक अधिक शांत और संतुलित इंसान भी बनाया है।
गुना में छात्रा ने खाया जहर, 12वीं में फेल होने से थी तनाव में खौफनाक कदम, हालत स्थिर

गुना। मध्यप्रदेश के गुना में परीक्षा परिणाम के बाद मानसिक तनाव का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र की आजाद कॉलोनी में रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा ने 12वीं बोर्ड में फेल होने के बाद चूहामार दवा खाकर आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब स्थिर है। रिजल्ट के 6 घंटे बाद उठाया खतरनाक कदमजानकारी के अनुसार, छात्रा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा की छात्रा थी और शहर के महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में पढ़ती थी। बुधवार को घोषित हुए बोर्ड परीक्षा परिणाम में वह अनुत्तीर्ण हो गई। परिजनों ने बताया कि रिजल्ट आने के करीब 6 घंटे बाद वह गहरे तनाव में चली गई और शाम करीब 5 बजे घर में रखी चूहामार दवा खा ली। समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जानजहर खाने के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, तब परिजनों को इसकी जानकारी हुई। तुरंत उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। ‘बहुत मेहनत की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद जैसा नहीं आया’उपचार के दौरान छात्रा ने बताया कि यह उसका 12वीं का पहला प्रयास था और उसने काफी मेहनत की थी। अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन असफलता ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके कारण उसने यह कदम उठा लिया। प्रशासन और पुलिस की अपीलप्रशासन और पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता। असफलता के बाद भी आगे कई मौके मिलते हैं। शिक्षा विभाग ने भी फेल छात्रों को दोबारा अवसर देने की बात कही है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। बढ़ती मानसिक दबाव की समस्यायह घटना दिखाती है कि परीक्षा परिणाम के समय छात्रों पर मानसिक दबाव कितना अधिक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में परिवार और समाज को बच्चों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।
मध्यप्रदेश में निगम मंडलों पर बड़ा फैसला, नाम तय दिल्ली से मिली हरी झंडी ,जल्द जारी होगी सूची

भोपाल । मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों एक बार फिर हलचल तेज हो गई है जहां निगम मंडलों और विभिन्न प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया को अब अंतिम रूप दे दिया गया है और सूत्रों के अनुसार संभावित नामों की सूची को दिल्ली से हरी झंडी भी मिल चुकी है। ऐसे में अब जल्द ही आधिकारिक सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है जिससे कई नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। राजनीतिक और संगठनात्मक संतुलन साधने के लिहाज से इन नियुक्तियों को बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन किया है। संभावित सूची के अनुसार अनुसूचित जाति आयोग के लिए कैलाश जाटव का नाम सामने आ रहा है जबकि अनुसूचित जनजाति आयोग की जिम्मेदारी भगत सिंह नेताम को दी जा सकती है। वहीं युवा आयोग के लिए प्रवीण शर्मा का नाम चर्चा में है जो युवा वर्ग को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसी तरह लघु उद्योग निगम के लिए विनोद गोटिया का नाम आगे चल रहा है हालांकि उनकी रुचि पर्यटन विकास निगम में बताई जा रही है। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के लिए संजय नगाइच का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से कटनी विकास प्राधिकरण में शशांक श्रीवास्तव और ओरछा विकास प्राधिकरण में अखिलेश अयाची को जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा वित्त विकास निगम के लिए दीपक सक्सेना और कोल विकास प्राधिकरण के लिए रामलाल रौतेल के नाम पर भी सहमति बनने की बात कही जा रही है। इन संभावित नियुक्तियों के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। भोपाल से जुड़े कई पूर्व मंत्रियों के नाम इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं जिनमें लालसिंह आर्य अरविंद भदौरिया रामनिवास रावत उमाशंकर गुप्ता कमल पटेल रामपाल सिंह और इमरती देवी जैसे अनुभवी चेहरे शामिल हैं। इसके साथ ही अंचल सोनकर संजय शुक्ला अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर को भी अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं विधायकों और पूर्व विधायकों को भी इस बार नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। अजय बिश्नोई शैलेंद्र जैन प्रदीप लारिया ध्रुव नारायण सिंह अभिलाष पांडे और आशीष शर्मा जैसे नाम भी चर्चा में हैं जिन्हें विभिन्न निगम मंडलों या प्राधिकरणों में जिम्मेदारी दी जा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी एक ओर जहां संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी ओर असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति भी साफ नजर आ रही है। अब सभी की नजर आधिकारिक सूची पर टिकी है जो किसी भी वक्त जारी हो सकती है और प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकती है।
अशोकनगर में पेड़ से गिरकर व्यक्ति की दर्दनाक मौत, टहनियां काटते समय हुआ हादसा

अशोकनगर । मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में एक दर्दनाक हादसे में पेड़ से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना ईसागढ़ क्षेत्र के लहदपुर गांव की है, जहां 41 वर्षीय राजेश प्रजापति अपने घर के पास पेड़ पर चढ़कर लकड़ियां काट रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे को नीचे उतारकर खुद चढ़े थे पेड़ परजानकारी के अनुसार, शुरुआत में राजेश का बेटा पेड़ पर चढ़कर टहनियां काट रहा था। लेकिन किसी खतरे की आशंका के चलते राजेश ने उसे नीचे उतार दिया और खुद पेड़ पर चढ़ गए। वे करीब 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर टहनियां काट रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया। सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषितपेड़ से गिरते ही राजेश के सिर में गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है। घरेलू काम के दौरान हुआ हादसापरिजनों ने बताया कि राजेश घर के उपयोग के लिए लकड़ियां काट रहे थे। यह एक सामान्य घरेलू काम था, जो अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया। पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाईपुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है।
आकाश चोपड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी बहस, युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय का आरोप..

नई दिल्ली: बेंगलुरु में खेले गए आईपीएल 2026 के 23वें मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराकर अंकतालिका में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। इस मुकाबले में आरसीबी की जीत में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा, खासकर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, लेकिन इसके बावजूद उन्हें यह सम्मान नहीं दिया गया। आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था और गेंदबाजों ने इस निर्णय को पूरी तरह सही साबित किया। लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम को आरसीबी के गेंदबाजी आक्रमण ने दबाव में रखते हुए 20 ओवर में 146 रनों पर सीमित कर दिया। इस दौरान सभी गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया, लेकिन रसिख सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने चार ओवर में 24 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह प्रभावित किया। भुवनेश्वर कुमार ने तीन विकेट, क्रुणाल पांड्या ने दो विकेट और जोश हेजलवुड ने एक विकेट हासिल किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी ने 15.1 ओवर में पांच विकेट पर 149 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। हालांकि जीत में गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक रही, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जोश हेजलवुड को दिया गया। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि आंकड़ों के आधार पर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन अधिक प्रभावशाली माना जा रहा था। उनके चार विकेट और किफायती गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया था। इस निर्णय को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है ताकि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन हो सके। इसी बीच मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी के साथ इस तरह का निर्णय उचित नहीं लगता और इससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है। यह पूरा मामला अब क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर आरसीबी की जीत की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर असंतोष भी देखने को मिल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या केवल नाम और अनुभव के आधार पर नहीं बल्कि पूरे प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार तय होना चाहिए।
सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर-भोपाल मार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजपूत ढाबे के पास ट्रैवलर और स्विफ्ट कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में स्विफ्ट कार का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। टक्कर इतनी भीषण, कार का अगला हिस्सा चकनाचूरप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार चालक को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भिजवाया। सड़क निर्माण की लापरवाही बनी हादसे की वजहग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुर्घटना के पीछे सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही मुख्य कारण है। सड़क का एक हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे एक साइड काफी नीची हो गई है और वहां गिट्टियां बिखरी हुई हैं। ऐसी स्थिति में वाहन चालक खराब हिस्से से बचने के लिए पक्की और ऊंची सड़क पर ही चलना चाहते हैं। इसी कारण दोनों ओर से आने वाले वाहन एक ही लेन में आ जाते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। लगातार हादसों से लोगों में आक्रोशस्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके निर्माण कार्य की गति धीमी है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। प्रशासन पर उठे सवालइस घटना के बाद निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो यह मार्ग और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।