Chambalkichugli.com

एमपी में महिला शक्ति का उभार, हर चौथी MSME की कमान महिलाओं के हाथ

भोपाल । मध्यप्रदेश में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSME क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी ने राज्य की अर्थव्यवस्था में एक नई ऊर्जा भर दी है हालिया आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब हर चौथी MSME इकाई का संचालन महिलाओं के हाथ में है जो महिला सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर पेश करता है प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 फरवरी 2026 तक मध्यप्रदेश में कुल 8 लाख 87 हजार 87 MSME इकाइयां पंजीकृत हैं इनमें से 2 लाख 28 हजार 959 इकाइयों का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाएं केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे उद्यमी बनकर अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं पिछले छह वर्षों के दौरान महिलाओं के रोजगार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है वर्ष 2020 21 में जहां MSME क्षेत्र में महिलाओं की संख्या केवल 1 लाख 53 हजार 493 थी वहीं 2025 26 तक यह संख्या बढ़कर 10 लाख 7 हजार 995 तक पहुंच गई है यह लगभग छह गुना से अधिक की वृद्धि है जो यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है उद्यम पोर्टल के माध्यम से यह बदलाव और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आता है 2020 21 में राज्य में महिला स्वामित्व वाले MSME की संख्या मात्र 14 हजार 239 थी लेकिन धीरे धीरे यह संख्या तेजी से बढ़ती गई 2022 23 में यह आंकड़ा 2 लाख 7 हजार 795 तक पहुंच गया और 2023 24 में यह बढ़कर 7 लाख 44 हजार 746 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया हालांकि 2025 26 के ताजा आंकड़ों में यह संख्या 2 लाख 28 हजार 959 दर्ज की गई है जो पंजीकरण और अपडेटेड डेटा के आधार पर परिवर्तन को दर्शाता है यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे लाखों महिलाओं की मेहनत संघर्ष और आत्मनिर्भर बनने की कहानी छिपी है ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब छोटे उद्योग हस्तशिल्प खाद्य प्रसंस्करण और सेवा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं राष्ट्रीय स्तर पर तुलना की जाए तो महाराष्ट्र MSME पंजीकरण में सबसे आगे है जबकि महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के मामले में आंध्र प्रदेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया है उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भी इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं पूरे देश में उद्यम पोर्टल पर अब तक 3 करोड़ से अधिक महिला नेतृत्व वाले MSME पंजीकृत हो चुके हैं जो भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है मध्यप्रदेश में यह बदलाव न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है बल्कि सामाजिक बदलाव का भी संकेत है महिलाएं अब घर की चारदीवारी से निकलकर व्यवसाय और उद्योग के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है बल्कि समाज में उनकी भूमिका भी और मजबूत हुई है कुल मिलाकर MSME क्षेत्र में महिलाओं की यह बढ़ती भागीदारी आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म का गाना ‘तलाश’ बना भावनात्मक कहानी का अहम हिस्सा..

नई दिल्ली:   फिल्मी संगीत की दुनिया में लंबे अंतराल के बाद मशहूर गायक रब्बी शेरगिल ने एक बार फिर अपनी दमदार वापसी दर्ज कराई है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी की आने वाली फिल्म ‘मैं एक्टर नहीं हूं’ का नया गाना ‘तलाश’ रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है और दर्शकों के बीच इसे लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। इस गाने ने न केवल फिल्म की कहानी को लेकर जिज्ञासा बढ़ाई है बल्कि संगीत प्रेमियों के बीच भी एक नई हलचल पैदा कर दी है। रब्बी शेरगिल की आवाज की खासियत हमेशा से उनकी गहराई और भावनात्मक पकड़ रही है, और ‘तलाश’ में भी यही प्रभाव साफ नजर आता है। यह गाना अकेलेपन, आत्ममंथन और रिश्तों की जटिल भावनाओं को बेहद संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करता है। इसे फिल्म की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो किरदारों की मानसिक स्थिति और उनके भीतर चल रहे संघर्ष को प्रभावी ढंग से सामने लाता है। फिल्म के मुख्य अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने इस सहयोग को लेकर अपनी खुशी व्यक्त की है। उनके अनुसार रब्बी शेरगिल की आवाज हमेशा से उनके लिए खास रही है और इस फिल्म में उनका गाना शामिल होना कहानी को और भी गहराई देता है। उन्होंने कहा कि ‘तलाश’ सुनने के बाद यह महसूस होता है कि यह केवल एक गीत नहीं बल्कि फिल्म की भावनात्मक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निर्देशक आदित्य कृपलानी ने भी इस गाने को फिल्म के लिए एक अहम मोड़ बताया है। उनके अनुसार यह गीत कहानी की भावनात्मक संरचना को मजबूत करता है और दर्शकों को किरदारों के भीतर झांकने का अवसर देता है। फिल्म में दिखाए गए अकेलेपन और रिश्तों की उलझनों को यह गाना और अधिक प्रभावशाली बनाता है। ‘मैं एक्टर नहीं हूं’ एक ऐसी कहानी पर आधारित है जिसमें दो अलग-अलग जीवन जी रहे किरदार एक डिजिटल माध्यम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ते हैं। यह मुलाकात धीरे-धीरे एक भावनात्मक यात्रा में बदल जाती है, जहां दोनों अपने भीतर छिपी कमजोरियों और भावनाओं का सामना करते हैं। फिल्म का फोकस मानवीय रिश्तों, मानसिक संघर्ष और आत्म-खोज जैसे विषयों पर केंद्रित है। रब्बी शेरगिल की यह वापसी उनके प्रशंसकों के लिए एक खास पल बन गई है, क्योंकि लंबे समय बाद उनकी आवाज एक बार फिर बड़े पर्दे पर सुनाई दे रही है। ‘तलाश’ ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है और अब इसके रिलीज का इंतजार और भी गहराई से किया जा रहा है।

जन नायकन’ लीक मामले में साइबर क्राइम की बड़ी और निर्णायक कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार..

नई दिल्ली:   तमिल फिल्म इंडस्ट्री की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ के ऑनलाइन लीक मामले में साइबर क्राइम विंग ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या नौ हो गई है। जांच एजेंसियों ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी फिल्म की अनधिकृत कॉपी तैयार करने और उसे इंटरनेट पर फैलाने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। साइबर क्राइम विंग के अनुसार यह कार्रवाई गहन डिजिटल ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के बाद की गई, जिसमें आरोपियों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई। मुख्य आरोपी एक फिल्म प्रोजेक्ट में फ्रीलांस असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान उसने एडिटिंग स्टूडियो में मौजूद फिल्म की सामग्री तक अनधिकृत पहुंच बनाई और महत्वपूर्ण रील्स को अवैध रूप से कॉपी कर लिया। बाद में इन्हीं चोरी किए गए फुटेज को जोड़कर पूरी फिल्म की पाइरेटेड कॉपी तैयार की गई और अन्य सहयोगियों की मदद से इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित कर दिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साइबर क्राइम विंग ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि डिजिटल पाइरेसी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध या संदिग्ध कंटेंट को डाउनलोड, शेयर या स्ट्रीम करने से बचें। फिल्म ‘जन नायकन’ एक बड़े बजट की बहुप्रतीक्षित परियोजना है, जिसमें प्रमुख भूमिकाओं में थलापति विजय और पूजा हेगड़े नजर आ रहे हैं। इस लीक घटना के बाद फिल्म उद्योग में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है और कई फिल्मी हस्तियों ने इस तरह की घटनाओं पर सख्त नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

देवास में पुरानी रंजिश ने ली जान 19 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, 6 पर केस

देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया जहां गुरुवार देर रात भवानी सागर क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना में एक 19 वर्षीय युवक की जान चली गई जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है जानकारी के अनुसार मृतक युवक लड्डू उर्फ शुभम पिता महेश नाथ अपने घर पर भोजन कर रहा था तभी उसके दोस्त गौतम का फोन आया जिसने बताया कि कुछ लोग उसे रोककर विवाद कर रहे हैं स्थिति को समझते हुए लड्डू रात करीब एक बजे मौके पर पहुंचा और विवाद को शांत कराने की कोशिश करने लगा लेकिन मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया बताया जा रहा है कि पहले से चली आ रही पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया इसी दौरान दो आरोपियों ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी गोली सीधे लड्डू के सीने में लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई वहीं गौतम के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया घटना के बाद आरोपियों ने हथियारों से मारपीट भी की और मौके पर मौजूद एक कार में तोड़फोड़ की जिससे स्थिति और भयावह हो गई परिजन और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने लड्डू को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल गौतम को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक लड्डू टेकरी क्षेत्र में नारियल प्रसाद और फोटो की दुकान चलाता था परिजनों का आरोप है कि आरोपी उससे वसूली की मांग करते थे और इससे पहले भी उसकी बाइक को आग के हवाले किया जा चुका था हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि दोनों पक्षों पर पहले से कई मामले दर्ज हैं नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने इस मामले में वरुण बाली सहित रितिक सिहोते तुषार सिहोते मट्टू सिहोते राहुल शूटर और विपिन बाली समेत अन्य के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग टीमों को इंदौर और अन्य स्थानों पर रवाना किया है चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद मुख्य आरोपी वरुण बाली भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती पाया गया है जिससे पूरे मामले में कई नए पहलू सामने आने की संभावना है पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि अस्पताल में भी उन्हें धमकियां दी गईं कि एक को मार दिया है अब दूसरे को भी देख लेंगे परिजनों ने सुरक्षा की मांग की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है इस वारदात ने एक बार फिर शहर में कानून व्यवस्था और आपसी रंजिश के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं

राष्ट्रीय विकास और जनसंख्या नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों के प्रतिनिधित्व को सुरक्षित रखना संघीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।

नई दिल्ली:भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्यों के प्रतिनिधित्व और जनसंख्या के आधार पर सीटों के आवंटन को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण बहस छिड़ गई है। हाल ही में सदन की कार्यवाही के दौरान देश के भविष्य की राजनीतिक दिशा और संघीय ढांचे की स्थिरता को लेकर गहरी चिंताएं व्यक्त की गईं। इस चर्चा का मुख्य केंद्र आगामी परिसीमन और उसके संभावित परिणाम रहे जो आने वाले दशकों में भारतीय राजनीति के स्वरूप को पूरी तरह बदल सकते हैं। यह तर्क दिया गया कि यदि भविष्य में लोकसभा सीटों का निर्धारण केवल जनसंख्या वृद्धि के मानकों पर किया जाता है तो इससे उन राज्यों के राजनीतिक प्रभाव में भारी कमी आने की आशंका है जिन्होंने राष्ट्रीय लक्ष्यों जैसे परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को सफलतापूर्वक लागू किया है। विशेष रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों के संदर्भ में यह एक गंभीर विषय बन गया है क्योंकि उनके बेहतर सामाजिक और शैक्षिक प्रदर्शन का परिणाम उन्हें संसद में कम प्रतिनिधित्व के रूप में भुगतना पड़ सकता है। संसदीय पटल पर प्रस्तुत किए गए तर्कों और विश्लेषण के अनुसार यदि भविष्य में केवल जनसंख्या को ही आधार बनाया गया तो देश के राजनीतिक मानचित्र पर एक बड़ा असंतुलन पैदा हो सकता है। आंकड़ों के माध्यम से यह रेखांकित किया गया कि यदि वर्तमान जनसंख्या वृद्धि की दर और प्रस्तावित परिसीमन का मेल होता है तो भविष्य में उत्तर भारत के केवल छह या सात प्रमुख राज्यों के सहयोग से ही केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली सरकार का गठन संभव हो जाएगा। ऐसी स्थिति में देश के अन्य हिस्सों विशेषकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत की राजनीतिक भागीदारी और उनकी आवाज का महत्व केंद्र सरकार के निर्णयों में काफी कम हो सकता है। यह संभावना न केवल क्षेत्रीय असंतुलन को बढ़ावा दे सकती है बल्कि भारतीय लोकतंत्र की उस मूल भावना के लिए भी चुनौती बन सकती है जो विविधता में एकता और सभी क्षेत्रों की समान भागीदारी पर आधारित है। चर्चा के दौरान यह बात भी प्रमुखता से रखी गई कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में कानून निर्माण की प्रक्रिया में हर भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्र का समान महत्व होना चाहिए। संघीय शासन प्रणाली की सफलता इसी बात पर निर्भर करती है कि देश का प्रत्येक नागरिक और हर राज्य स्वयं को निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था में प्रभावी रूप से प्रतिनिधित्व पाता हुआ महसूस करे। यदि सीटों के पुनर्गठन के बाद राजनीतिक सत्ता का केंद्र पूरी तरह से कुछ विशिष्ट राज्यों तक सीमित हो जाता है तो इससे उन राज्यों के भीतर असुरक्षा और उपेक्षा की भावना पैदा हो सकती है जिन्होंने विकास के मानकों पर शानदार कार्य किया है। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए यह अनिवार्य माना गया कि परिसीमन को केवल एक सांख्यिकीय प्रक्रिया के रूप में न देखकर इसे एक न्यायसंगत वितरण प्रणाली के रूप में विकसित किया जाए। इस विषय पर विचार करते हुए यह सुझाव दिया गया कि नीति निर्माताओं को परिसीमन के नियमों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बेहतर शासन और जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों को पुरस्कृत किया जाए न कि उनकी संसदीय शक्ति को कम करके उन्हें दंडित किया जाए। सदन में इस विचार पर बल दिया गया कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में केवल संख्या बल ही सत्ता का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए बल्कि क्षेत्रीय योगदान और विकास के पैमानों को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में एक गहरा विभाजन देखने को मिल सकता है जो संघीय सहयोग और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है। अंततः यह संपूर्ण चर्चा इस निष्कर्ष की ओर इशारा करती है कि भारतीय लोकतंत्र के समक्ष आने वाले वर्षों में प्रतिनिधित्व का संकट एक बहुत बड़ी चुनौती के रूप में सामने आएगा। इस जटिल मुद्दे के समाधान के लिए सभी राजनीतिक दलों और संवैधानिक संस्थाओं को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। संघीय ढांचे को अटूट रखने के लिए ऐसे समाधान खोजने की आवश्यकता है जो जनसंख्या के संतुलन के साथ-साथ क्षेत्रीय अस्मिता और राज्यों के विशिष्ट योगदान को भी सुरक्षित रख सकें। भविष्य में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत का नेतृत्व इस संवेदनशील मुद्दे पर किस प्रकार की आम सहमति बनाता है ताकि देश का हर हिस्सा स्वयं को राष्ट्र की मुख्यधारा का एक सशक्त और अपरिहार्य अंग समझता रहे।

संघर्ष से सफलता तक ड्रोन, दीदी सरूपी मीणा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

भोपाल । मध्यप्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित आजीविका मिशन लगातार सकारात्मक बदलाव ला रहा है इस मिशन ने न केवल महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा है बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त भी बनाया है ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी रायसेन जिले के सांची विकासखंड के ग्राम रतनपुर गिरधारी की रहने वाली श्रीमती सरूपी मीणा की है जिन्होंने संघर्षों से निकलकर सफलता की नई मिसाल कायम की है सरूपी मीणा की प्रारंभिक जीवन की परिस्थितियां काफी कठिन थीं वे दसवीं तक शिक्षित थीं और उनके पति कृषि कार्य करते थे जिससे परिवार की आय सीमित थी आर्थिक तंगी के कारण वे आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख सकीं लेकिन उनके अंदर आगे बढ़ने और कुछ करने की इच्छा हमेशा बनी रही कुछ वर्ष पहले गांव में आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के गठन और महिलाओं को जोड़ने का अभियान चलाया गया इसी दौरान मिशन के कर्मचारियों ने उन्हें समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित किया शुरू में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं लेकिन सरूपी मीणा ने हिम्मत दिखाते हुए समूह से जुड़ने का निर्णय लिया समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की आदत अपनाई और वहीं से उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई समूह से ऋण लेकर उन्होंने अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू की और साथ ही सीआरपी यानी कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य करना शुरू किया जिससे उन्हें मानदेय मिलने लगा धीरे धीरे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी और उनकी मासिक आय चार से पांच हजार रुपये तक पहुंच गई इसके बाद उन्होंने किराना दुकान शुरू की और बैंक सखी के रूप में भी काम किया जिससे उनकी पहचान और आय दोनों में वृद्धि हुई इन प्रयासों के साथ उन्होंने सीएससी सेंटर का संचालन भी शुरू किया जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगी निरंतर मेहनत और लगन से उन्होंने स्नातक तक की पढ़ाई भी पूरी कर ली उनके प्रयासों को देखते हुए उन्हें सांची में रूरल मार्ट के संचालन की जिम्मेदारी मिली जहां वे स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री का कार्य करती हैं इससे उन्हें न केवल आर्थिक लाभ मिला बल्कि स्थानीय महिलाओं के उत्पादों को भी बाजार मिला वर्ष 2023 24 में उन्हें नमो ड्रोन योजना के तहत एक महत्वपूर्ण अवसर मिला जिसके अंतर्गत उनका चयन किया गया और उन्हें ग्वालियर में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया प्रशिक्षण के बाद उन्हें निःशुल्क ड्रोन प्रदान किया गया साथ ही कंपनी के इंजीनियरों ने भी उन्हें तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया इसके बाद उन्होंने खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशकों के छिड़काव का कार्य शुरू किया जिससे कृषि कार्य अधिक आसान और प्रभावी हो गया इस तकनीकी कार्य से उन्हें प्रति वर्ष लगभग तीन लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है सरूपी मीणा आज न केवल आत्मनिर्भर हैं बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन चुकी हैं वे कहती हैं कि आजीविका मिशन ने उनके जीवन को नई दिशा दी है और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है उनकी यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं

पश्चिम बंगाल में सीएम योगी की रैलियों से चुनावी माहौल हुआ और अधिक तीव्र और प्रतिस्पर्धात्मक

नई दिल्ली:   पश्चिम बंगाल का चुनावी परिदृश्य शनिवार को उस समय और अधिक सक्रिय हो गया जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में एक के बाद एक कई जनसभाओं और रोड शो के जरिए राजनीतिक माहौल को तेज कर दिया। उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल तक फैले इस दौरे को पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित कर जनसमर्थन को मजबूत करने पर जोर दिया गया। दौरे की शुरुआत कूच बिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा क्षेत्र से हुई, जहां मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यह इलाका राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है और यहां की चुनावी गतिविधियां अक्सर व्यापक प्रभाव डालती हैं। सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और अधिक उत्साहित कर दिया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा को नया आयाम मिला। इसके बाद मुख्यमंत्री का अगला कार्यक्रम जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने एक और जनसभा के माध्यम से मतदाताओं को संबोधित किया। इस क्षेत्र में विकास, बुनियादी सुविधाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को केंद्र में रखकर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया गया। यहां भी भारी भीड़ और लोगों की सक्रिय भागीदारी ने चुनावी वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया। दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने बांकुरा जिले में रोड शो किया, जो जंगलमहल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र माना जाता है। रोड शो के दौरान सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली और राजनीतिक उत्साह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को लेकर पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसके चलते पूरे इलाके में चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों और रोड शो में उमड़ती भीड़ को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कई स्थानों पर लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि चुनावी मुकाबला और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक होता जा रहा है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी इस कार्यक्रम ने नया उत्साह पैदा किया है। पूरे दौरे के दौरान यह स्पष्ट दिखाई दिया कि राजनीतिक दल मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जनसभाओं और रोड शो के दौरान बना माहौल आने वाले समय में चुनावी समीकरणों को और अधिक प्रभावित कर सकता है।

नागरिकों को ऑनलाइन कंटेंट की पुष्टि के बाद ही उस पर भरोसा करने की सलाह..

नई दिल्ली: डिजिटल माध्यमों पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के बीच एक वायरल वीडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर स्पष्टता दी गई है, जिसमें वित्त मंत्री को एक उच्च रिटर्न निवेश योजना का समर्थन करते हुए दिखाने का दावा किया गया था। जांच के बाद इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई तकनीक से निर्मित बताया गया है। इस मामले ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली गलत सूचनाओं की चुनौती को उजागर किया है। जांच में यह स्पष्ट किया गया है कि वीडियो में किए गए दावे पूरी तरह असत्य और भ्रामक हैं। इसमें दिखाए गए निवेश प्रस्ताव के तहत कम समय में असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का वादा किया गया था, जो वास्तविक वित्तीय ढांचे और सरकारी नीतियों से मेल नहीं खाता। किसी भी सरकारी संस्था या जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा ऐसी किसी निवेश योजना का समर्थन नहीं किया गया है। नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने वाले ऐसे आकर्षक निवेश दावों पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें। किसी भी वित्तीय योजना की वास्तविकता की जांच केवल अधिकृत और विश्वसनीय स्रोतों के माध्यम से ही की जानी चाहिए। गलत जानकारी पर आधारित निर्णय आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की सामग्री अक्सर लोगों को धोखा देने और उनकी व्यक्तिगत तथा बैंकिंग जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से तैयार की जाती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के कारण अब फर्जी वीडियो और भी अधिक वास्तविक प्रतीत होने लगे हैं, जिससे आम उपयोगकर्ताओं के लिए उनकी पहचान करना कठिन हो गया है। डिजिटल सुरक्षा से जुड़े मामलों में यह भी देखा गया है कि पहले भी कई बार फर्जी संदेशों के माध्यम से लोगों को बैंकिंग अपडेट या अन्य सेवाओं के नाम पर भ्रमित करने की कोशिश की गई है। ऐसे मामलों में उपयोगकर्ताओं को संदिग्ध लिंक या फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है, जो साइबर धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकता है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें और यदि कोई असामान्य या संदिग्ध सूचना मिले तो उसे संबंधित माध्यमों पर रिपोर्ट करें ताकि गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके। डिजिटल युग में सूचनाओं की तेजी से बढ़ती उपलब्धता के बीच सतर्कता और जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय माने जा रहे हैं, जिससे नागरिक स्वयं को और अपने वित्तीय हितों को सुरक्षित रख सकते हैं।

भिण्ड में गैस संकट थाने से हो रहा सिलेंडर वितरण, उपभोक्ता परेशान

भिंड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के गोहद अनुभाग में रसोई गैस की गंभीर किल्लत ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि प्रशासन को अस्थायी व्यवस्था के तहत पुलिस थाने के परिसर से गैस सिलेंडरों का वितरण करना पड़ रहा है इस अनोखी व्यवस्था ने जहां प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर किया है वहीं उपभोक्ताओं की परेशानियों को भी बढ़ा दिया है जानकारी के अनुसार गोहद क्षेत्र में लगभग 25 हजार से अधिक की आबादी गैस आपूर्ति की समस्या से जूझ रही है पूर्व में यहां संचालित एक गैस एजेंसी बंद हो जाने के बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन आसपास की अन्य एजेंसियों में स्थानांतरित कर दिए गए थे लेकिन एक ही एजेंसी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने के कारण आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई गैस सिलेंडरों की नियमित सप्लाई बाधित होने के बाद लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा जिससे घरों में खाना बनाने जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है और बार बार चक्कर लगाने पड़ते हैं स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ प्रबंधन के उद्देश्य से प्रशासन ने पुलिस की निगरानी में गैस वितरण की व्यवस्था शुरू की है जिसके तहत थाने परिसर को अस्थायी वितरण केंद्र बनाया गया है यहां सिलेंडरों का वितरण नियंत्रित तरीके से किया जा रहा है ताकि अव्यवस्था और विवाद की स्थिति से बचा जा सके हालांकि यह व्यवस्था लोगों के लिए असुविधाजनक साबित हो रही है उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस जैसी आवश्यक सेवा के लिए थाने तक आना एक असामान्य स्थिति है और यह दर्शाता है कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है कई लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही भी मान रहे हैं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और संबंधित एजेंसियों को आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं अधिकारियों का यह भी कहना है कि फिलहाल भीड़ नियंत्रण और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की निगरानी में यह अस्थायी व्यवस्था की गई है इस पूरी स्थिति ने गैस आपूर्ति प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है और यह सवाल खड़ा किया है कि आखिर इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई फिलहाल उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही नियमित आपूर्ति बहाल होगी और उन्हें इस तरह की असुविधा से राहत मिलेगी वहीं प्रशासन पर भी दबाव है कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने

भिंड में बस-ऑटो टक्कर 1.5 साल की मासूम की मौत, 6 घायल, चालक फरार

भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है अटेर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार यात्री बस ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी इस भीषण दुर्घटना में डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश के बायां जैतपुरा निवासी अरविंद कनेरे अपने परिवार के साथ मुरैना जिले के पोरसा में एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे जब वे चौम्हो इलाके के पास पहुंचे तो उन्होंने ऑटो को सड़क किनारे खड़ा किया इसी दौरान पीछे से तेज गति में आ रही एक यात्री बस ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हादसे में डेढ़ साल की बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जिससे परिवार में कोहराम मच गया अन्य छह घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है घटना के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर दी है और जांच शुरू कर दी गई है पुलिस का कहना है कि बस की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हादसे होते रहते हैं लेकिन इसके बावजूद यातायात नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते जिससे लोगों की जान जोखिम में बनी रहती है इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वे सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बस चालक ने लापरवाही से वाहन चलाया या किसी तकनीकी कारण से यह हादसा हुआ यह दर्दनाक घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है मासूम बच्ची की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है और लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं फिलहाल प्रशासन द्वारा घायलों के इलाज और आरोपी चालक की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं