जबलपुर अपार्टमेंट में गुंडों का उत्पात, मारपीट-गाली से दहशत में रहवासी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Jabalpur के गोरखपुर थाना क्षेत्र स्थित नर्मदा एवेन्यू अपार्टमेंट में बदमाशों के आतंक से रहवासी खौफ में हैं। अपार्टमेंट में रहने वाले 50 से अधिक परिवारों ने एसपी और एएसपी से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। रहवासियों ने आरोपियों के खिलाफ सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे हैं। अपार्टमेंट में घुसकर गाली-गलौज और मारपीटरहवासियों के मुताबिक, गोरखपुर निवासी शैवाल नायक उर्फ बमबम अपने साथियों के साथ देर रात अपार्टमेंट में घुस आता है और गाली-गलौज करता है। विरोध करने पर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की जाती है। 9 अप्रैल की रात करीब 11:10 बजे आरोपी नशे की हालत में परिसर में घुसा और हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं और बच्चों के सामने अभद्रताघटना के दौरान महिलाएं और बच्चे भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि बदमाशों ने उनके सामने भी अभद्र व्यवहार किया, जिससे पूरे परिसर में दहशत फैल गई। करीब 15 मिनट तक गार्ड संजय झारिया—जो आंशिक रूप से दिव्यांग हैं के साथ मारपीट होती रही। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। डायल 112 पर सूचना, लेकिन देर से पहुंची पुलिसस्थानीय लोगों ने रात 11:16 बजे डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए। इस देरी को लेकर भी रहवासियों में नाराजगी है। पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएंरहवासियों का कहना है कि 15 जनवरी से 10 अप्रैल के बीच इस तरह की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। इसकी शिकायत गोरखपुर थाने, एसपी कार्यालय और नगर निगम में भी की गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डर का माहौल, कुछ परिवार छोड़ रहे फ्लैटलगातार हो रही घटनाओं से अपार्टमेंट में भय का माहौल बन गया है। कई परिवारों ने फ्लैट खाली करने की तैयारी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। Pallavi Shukla का आश्वासन-जांच कर होगी सख्त कार्रवाईएएसपी Pallavi Shukla ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिल चुकी है। वे खुद मौके पर जाकर जांच करेंगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अपार्टमेंट जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
रीयल लाइफ से प्रेरित किरदारों की बढ़ती मांग: अब दर्शकों को नायक की अच्छाई से ज्यादा विलेन की वजह आ रही पसंद

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के आधुनिक दौर में एक दिलचस्प और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब दर्शक केवल सफेद और काले यानी पूरी तरह अच्छे या पूरी तरह बुरे किरदारों तक सीमित नहीं रहना चाहते। अस्सी और नब्बे के दशक के उस सीधे-सादे फॉर्मूले का अंत हो चुका है, जहां नायक हमेशा आदर्शवादी होता था और खलनायक केवल नफरत का पात्र। आज के समय में पर्दे पर ग्रे शेड यानी भूरे रंग के किरदारों का दबदबा बढ़ गया है। दर्शक अब खलनायक को केवल एक अपराधी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी सोच और अनुभव वाले इंसान के रूप में देख रहे हैं जिसकी अपनी एक जटिल जीवन यात्रा है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह किरदारों की मनोवैज्ञानिक गहराई है। आज के निर्माता और लेखक विलेन को केवल बुरा दिखाने के बजाय उसके अतीत, मजबूरी और उन सामाजिक परिस्थितियों को भी उजागर कर रहे हैं जिन्होंने उसे उस रास्ते पर धकेला। जब दर्शक देखते हैं कि किसी किरदार की बुराई के पीछे बचपन का कोई आघात, गरीबी, धोखा या समाज का अन्याय है, तो वे उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। इस कारण अब विलेन केवल नफरत का प्रतीक नहीं रह गया है, बल्कि एक ऐसा पात्र बन गया है जिसके प्रति दर्शक सहानुभूति या कम से कम समझ पैदा कर लेते हैं। यही कारण है कि ‘एंटी-हीरो’ का चलन आज अपने चरम पर है। एक और बड़ा कारण विलेन का स्मार्ट और प्रभावशाली होना है। पुराने सिनेमा में विलेन अक्सर दिमागी रूप से कमजोर या केवल गुस्से वाला दिखाया जाता था, लेकिन आज का विलेन नायक से भी अधिक बुद्धिमान, रणनीतिकार और आकर्षक व्यक्तित्व वाला होता है। वह दिमाग से खेलता है और कई बार नायक को भी मात दे देता है। इसके साथ ही, आज के दौर के बड़े कलाकार भी नकारात्मक भूमिकाएं निभाने में रुचि दिखा रहे हैं। उनके दमदार अभिनय, अद्वितीय लुक्स और बेहतरीन संवाद अदायगी ने विलेन को नायक के बराबर या उससे भी बड़ा आकर्षण बना दिया है। दर्शक अब नायक की सादगी से ज्यादा विलेन की स्टाइल और स्क्रीन प्रेजेंस के दीवाने हो रहे हैं। आज का दर्शक पहले से कहीं अधिक समझदार और तार्किक हो चुका है। उसे काल्पनिक दुनिया के बजाय वास्तविक जीवन की झलकियां पसंद आती हैं, जहां कोई भी इंसान पूरी तरह दूध का धुला नहीं होता। फिल्मों में जब विलेन भ्रष्टाचार, अन्याय और सत्ता के दुरुपयोग जैसे वास्तविक मुद्दे उठाता है, तो वह समाज का आईना बन जाता है। अब नायक और खलनायक के बीच की रेखा बहुत धुंधली हो गई है; कई बार नायक भी अपने उद्देश्यों के लिए गलत रास्ते अपनाता है। यही वजह है कि आज का सिनेमा अधिक वास्तविक और प्रभावशाली हो गया है, जहां विलेन अब कहानी का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभर रहा है।
शिवपुरी में दर्दनाक हादसा: सेंटरिंग से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में पलटी, युवक की मौत

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले के इंदार थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। इंदार गांव के बाहर पुलिया के पास सेंटरिंग सामग्री से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रॉली के नीचे दबने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू, तब तक हो चुकी थी मौतघटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद ट्रॉली के नीचे दबे युवक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मकान की छत के लिए ला रहा था सेंटरिंग का सामानमृतक की पहचान खरेह गांव निवासी 33 वर्षीय कृष्णवीर लोधी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह अपने जीजा के यहां ईसागढ़ से मकान की छत डालने के लिए सेंटरिंग का सामान लेकर लौट रहा था। उसके जीजा सेंटरिंग का काम करते हैं। इसी दौरान पुलिया के पास ट्रॉली अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांचMadhya Pradesh Police की इंदार थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण वाहन का संतुलन बिगड़ना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के खतरे की ओर इशारा करता है। थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी खामी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
चीख-पुकार और भारी मेकअप के दौर से निकलकर अब मनोवैज्ञानिक गहराई और देसी लोककथाओं तक पहुंचा डर

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में हॉरर फिल्मों का सफर बेहद दिलचस्प रहा है। अस्सी और नब्बे के दशक में हॉरर का मतलब केवल पुरानी हवेलियां, अंधेरी रातें, चेहरे पर भारी मेकअप और डरावनी आवाजों तक सीमित था। उस दौर में कहानियों का ढांचा बहुत सरल हुआ करता था और दर्शकों का मुख्य उद्देश्य केवल डर का अनुभव करना था। हालांकि, समय के साथ दर्शकों की सोच और सिनेमाई तकनीक में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। अब हॉरर केवल डराने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि इसे एक गंभीर सिनेमा की तरह देखा जाने लगा है, जहां कहानी के पीछे तर्क, भावनाएं और किरदारों की मनोवैज्ञानिक यात्रा भी महत्वपूर्ण हो गई है। आज के दौर में हॉरर फिल्मों में सिर्फ डरावने दृश्य दिखाना काफी नहीं रह गया है। आधुनिक निर्माता अब ऐसे कथानक तैयार कर रहे हैं जिनमें सस्पेंस, मिस्ट्री और इमोशन का सटीक संतुलन हो। दर्शक अब भूत-प्रेत से ज्यादा कहानी के मोड़ और किरदारों के मानसिक संघर्ष में दिलचस्पी लेते हैं। फिल्मों में अब मनोवैज्ञानिक कोण यानी साइकोलॉजिकल एंगल जोड़ा जा रहा है, जिससे डर और भी वास्तविक और गहरा लगने लगा है। यह बदलाव दर्शाता है कि दर्शक अब पहले से अधिक समझदार हो चुके हैं और वे केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक विचारोत्तेजक अनुभव की तलाश में रहते हैं। इस बदलाव ने हॉरर को ड्रामा और थ्रिलर के साथ मिश्रित कर एक नया आयाम दिया है। सिनेमा के इस विकास में उन्नत तकनीक और वीएफएक्स की भूमिका अतुलनीय रही है। पहले के समय में सीमित संसाधनों के कारण डरावने दृश्य उतने प्रभावशाली नहीं लगते थे, लेकिन आज अत्याधुनिक ग्राफिक्स और साउंड डिजाइन ने डर को एक नया एहसास दिया है। अब दर्शक स्क्रीन पर केवल डर देखते नहीं, बल्कि उसे महसूस करते हैं। अचानक छाई खामोशी और बेहतरीन विजुअल्स दर्शकों को कहानी के भीतर तक खींच ले जाते हैं। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने भी इस जॉनर को नई आजादी दी है। यहां निर्माताओं को बिना किसी दबाव के डार्क और गहरी कहानियों को विस्तार से दिखाने का मौका मिल रहा है, जिससे इस विषय की पहुंच व्यापक स्तर पर बढ़ी है। वर्तमान में भारतीय हॉरर सिनेमा में एक और बड़ा बदलाव देसी कहानियों और लोककथाओं के इस्तेमाल के रूप में देखा जा रहा है। अब निर्माता विदेशी कहानियों की नकल करने के बजाय अपने ही देश की मिट्टी से जुड़ी लोककथाओं, गांवों और परंपराओं को पर्दे पर उतार रहे हैं। ये कहानियां दर्शकों को अपने आसपास की याद दिलाती हैं, जिससे डर और भी सजीव हो उठता है। फिल्म निर्माताओं के लिए भी यह जॉनर एक सुरक्षित विकल्प साबित हो रहा है, क्योंकि एक मजबूत कहानी होने पर बिना किसी बड़े सुपरस्टार के भी फिल्म सफल हो सकती है। आज हॉरर सिनेमा निरंतर नए प्रयोगों के साथ विकसित हो रहा है और दर्शकों को एक अलग तरह का रोमांच प्रदान कर रहा है।
भारत-दक्षिण कोरिया रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार, राष्ट्रपति पहुंचे दिल्ली

नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung रविवार को भारत के लिए रवाना हो गए हैं। यह दौरा भारत और वियतनाम दो प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के साथ रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। राष्ट्रपति ली आज नई दिल्ली पहुंचेंगे। सोमवार को Narendra Modi के साथ शिखर वार्ताराष्ट्रपति ली सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच यह हाल के वर्षों में तीसरी आमने-सामने की बैठक होगी, जो पहले G7 Summit और G20 Summit के दौरान हुई बातचीत के बाद हो रही है। ऊर्जा सप्लाई और सप्लाई चेन पर रहेगा खास ध्यानइस बैठक में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते ग्लोबल एनर्जी मार्केट में आई अनिश्चितता प्रमुख मुद्दा रहेगा। दोनों देश ऊर्जा सप्लाई चेन को स्थिर करने और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम इंडस्ट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिफेंस सेक्टर में साझेदारी बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा। भारत में कोरियाई कंपनियों को मिलेगा बढ़ावाराष्ट्रपति ली भारत में कोरियाई कंपनियों के ऑपरेशन को मजबूत करने और नए निवेश के अवसर तलाशने के लिए एक बिजनेस फोरम में भी शामिल हो सकते हैं। भारत को दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोडक्शन हब और बड़ा उपभोक्ता बाजार माना जाता है। वियतनाम दौरे पर भी जाएंगे राष्ट्रपति लीभारत दौरे के बाद Lee Jae-myung मंगलवार को Hanoi (वियतनाम) के लिए रवाना होंगे। वहां वह To Lam और प्रधानमंत्री Le Minh Hung सहित अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ऊर्जा सप्लाई चेन और जरूरी खनिजों पर सहयोग एजेंडे में शीर्ष पर रहेगा। रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयामयह दौरा दक्षिण कोरिया की कूटनीतिक पहुंच को मजबूत करने और तेजी से बढ़ती एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंधों को गहरा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच यह शिखर वार्ता न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ग्लोबल संकेतों से तय होगी बाजार की दिशा, जानें किन फैक्टर्स पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। खासकर US–Iran peace talks पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी। दोनों देशों के बीच जारी दो हफ्तों का युद्धविराम खत्म होने जा रहा है, ऐसे में किसी भी तरह का घटनाक्रम ग्लोबल मार्केट और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव से बढ़ेगी चिंताStrait of Hormuz के बार-बार बंद होने की खबरों से कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और बाजार की चाल दोनों प्रभावित हो सकती हैं। तिमाही नतीजों से बनेगा सेंटीमेंटअगले हफ्ते कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे पेश करेंगी, जिनमें Infosys, HCLTech, Nestlé India, SBI Life Insurance और Adani Green Energy शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रदर्शन से बाजार की दिशा तय होने में मदद मिलेगी। घरेलू आर्थिक आंकड़े भी रहेंगे अहमभारतीय बाजार के लिए घरेलू डेटा भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा। 20 अप्रैल: इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट22 अप्रैल: Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति के मिनट्स23 अप्रैल: पीएमआई (PMI) डेटा ये आंकड़े आर्थिक गतिविधियों की गति और भविष्य की दिशा का संकेत देंगे। बीते हफ्ते बाजार में रही तेजी पिछला सप्ताह शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रहा। BSE Sensex 943.29 अंक (1.22%) बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआNifty 50 302.95 अंक (1.26%) चढ़कर 24,353.55 पर बंद हुआ वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। सेक्टर परफॉर्मेंस: डिफेंस और एनर्जी सबसे आगे बीते हफ्ते सेक्टोरल इंडेक्स में शानदार बढ़त देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस टॉप गेनर रहाइसके बाद एनर्जी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और पीएसई सेक्टर में तेजी दर्ज की गई यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल बना हुआ है। अगले हफ्ते बाजार की दिशा ग्लोबल घटनाओं, खासकर अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों और तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। साथ ही घरेलू आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करेंगे।
आईपीएल 2026: 'सुपर संडे' के महामुकाबले में भिड़ेंगे दिग्गज, वैभव सूर्यवंशी और स्टार खिलाड़ियों पर रहेगी नजर

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के रोमांचक सफर में आज का दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास है क्योंकि ‘सुपर संडे’ के अवसर पर दो बड़े और हाई-प्रोफाइल मुकाबले खेले जाएंगे। आज के मैचों में 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी से लेकर मथीशा पथिराना और ऋषभ पंत जैसे बड़े नामों के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। प्रशंसकों के लिए यह रविवार मैदान पर कड़े संघर्ष और रणनीतिक कौशल का गवाह बनने वाला है। दिन का पहला मुकाबला कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। इस मैच में राजस्थान की टीम अपनी लय बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी। राजस्थान के लिए युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं, जो पिछले मैच की असफलता को भुलाकर आज एक यादगार पारी खेलना चाहेंगे। दूसरी ओर, अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता की टीम इस सीजन में अब तक अपनी पहली जीत की तलाश में है। कोलकाता के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना का टीम से जुड़ना है, जो अपनी घातक गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। शाम का दूसरा मुकाबला पंजाब और लखनऊ के बीच न्यू चंडीगढ़ के नवनिर्मित स्टेडियम में रात 7 बजकर 30 मिनट पर खेला जाएगा। पंजाब की टीम इस सीजन में अब तक अजेय रही है और अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब की बल्लेबाजी और लक्ष्य का पीछा करने की क्षमता इस समय टूर्नामेंट में सबसे प्रभावी नजर आ रही है। पंजाब की टीम अपनी इस जीत की लय को घरेलू दर्शकों के सामने बरकरार रखना चाहेगी। वहीं लखनऊ की टीम के लिए यह मुकाबला वापसी करने का एक बड़ा मौका है। टीम के लिए सबसे सुखद खबर कप्तान ऋषभ पंत की फिटनेस को लेकर है। कोहनी की चोट से उबरने के बाद यह पुष्टि हो गई है कि वे पूरी तरह फिट हैं और आज के महत्वपूर्ण मैच में टीम की कमान संभालेंगे। दो पुराने दोस्तों, श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत के बीच की यह कप्तानी जंग खेल के स्तर को और भी ऊंचा ले जाएगी। आज के इन दो मुकाबलों के परिणाम अंक तालिका के समीकरणों को बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अंडरग्राउंड भोपाल मेट्रो का बड़ा कदम दुर्गावती ने बनाई 10 मीटर सुरंग दूसरी मशीन भी तैयार

भोपाल । भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के नीचे नए चरण में प्रवेश कर चुकी है जहां अत्याधुनिक तकनीक के साथ सुरंग निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है टनल बोरिंग मशीन दुर्गावती ने 24 मीटर की गहराई में उतरने के बाद 10 मीटर से अधिक सुरंग तैयार कर ली है जिसमें 7 मीटर अस्थायी और 3 दशमलव 3 मीटर स्थायी संरचना शामिल है इस उपलब्धि के साथ ही परियोजना को नई गति मिली है और अब दूसरी टीबीएम को भी जमीन के भीतर उतारने की तैयारी की जा रही है जिससे दोनों दिशाओं से खुदाई का काम एक साथ शुरू हो सकेगा इस परियोजना के तहत कुल 3 दशमलव 39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण किया जाना है जिसमें दो प्रमुख स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे मेट्रो अधिकारियों के अनुसार अगले दो वर्षों में इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है गहराई में सुरंग निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सतह पर कंपन बेहद कम महसूस होता है जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी बिना बाधा के काम संभव हो पाता है पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्नत मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सुरक्षा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है प्रदेश में पहली बार दो टनल बोरिंग मशीनों का एक साथ उपयोग किया जा रहा है जो इस परियोजना को तकनीकी दृष्टि से खास बनाता है यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच बनाई जा रही है जो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे अहम क्षेत्रों को जोड़ेगी टीबीएम तकनीक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह संवेदनशील और घनी शहरी आबादी के नीचे भी सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके भोपाल नगर निगम लोक निर्माण विभाग रेलवे पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है शहर में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन पर काम जारी है जिसमें सुभाषनगर से एम्स तक 6 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर पहले से संचालित हो रहा है अब सुभाषनगर से करोंद के बीच दूसरे चरण में अंडरग्राउंड सेक्शन तैयार किया जा रहा है जहां टीबीएम को रेड सी प्लाजा के पास से आगे बढ़ाया गया है इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर में भोपाल और नादरा नाम के दो स्टेशन बनाए जाएंगे जिनकी लंबाई करीब 180 मीटर होगी सुरंग निर्माण पूरा होने के बाद नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो फिर से जमीन के ऊपर आएगी इन स्टेशनों को तीन स्तरों में विकसित किया जाएगा जहां ग्राउंड लेवल पर प्रवेश और निकास के साथ टिकट काउंटर और दुकानें होंगी कॉनकोर्स लेवल पर टिकटिंग ऑटोमेटिक गेट और प्रतीक्षालय की सुविधा मिलेगी जबकि प्लेटफॉर्म लेवल पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे इस तरह भोपाल मेट्रो परियोजना न केवल शहर के यातायात को नई दिशा दे रही है बल्कि आधुनिक तकनीक और सटीक योजना के साथ भविष्य के शहरी विकास की मजबूत नींव भी रख रही है
IPL 2026: उभरते सितारे प्रफुल हिंगे पर भरोसा, वरुण आरोन ने जताई उम्मीद

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के डबल हेडर के बाद Sunrisers Hyderabad के तेज गेंदबाजी कोच Varun Aaron ने टीम के युवा गेंदबाजों की खुलकर तारीफ की। जियोहॉटस्टार के ‘मैच सेंटर लाइव’ शो में उन्होंने खासतौर पर Prafull Hinge और Eshan Malinga को लेकर बड़ा बयान दिया। Eshan Malinga-‘अंडररेटेड लेकिन खतरनाक गेंदबाज’आरोन ने कहा कि ईशान मलिंगा इस सीजन के सबसे अंडररेटेड गेंदबाजों में से एक हैं। उनके मुताबिक, मलिंगा 145 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, उनके पास तेज बाउंसर और सटीक यॉर्कर है, जो उन्हें डेथ ओवर्स में बेहद खतरनाक बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मलिंगा भविष्य में नई गेंद से भी प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। ‘प्लान पर भरोसा और दबाव से दूरी जरूरी’गेंदबाजी रणनीति पर बात करते हुए आरोन ने कहा कि फ्लैट विकेट पर गेंदबाजों को अपनी योजना पर पूरा भरोसा रखना होता है। उन्होंने बताया कि टीम गेंदबाजों के फीडबैक को महत्व देती है और उसी के आधार पर रणनीति बनाई जाती है। कोचिंग स्टाफ का मुख्य संदेश यही है कि युवा गेंदबाज बिना अतिरिक्त दबाव के आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी करें। Prafull Hinge के प्रदर्शन पर भरोसा बरकरारप्रफुल हिंगे ने Rajasthan Royals के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच बने। हालांकि Chennai Super Kings के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 4 ओवर में 60 रन खर्च किए और सिर्फ 1 विकेट ले सके। ‘यही आईपीएल है-सीखने का मंच’आरोन ने हिंगे के प्रदर्शन को लेकर कहा कि आईपीएल में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं। एक मैच में शानदार प्रदर्शन और दूसरे में महंगे साबित होना इस लीग का हिस्सा है। उन्होंने हिंगे के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि दबाव में भी उन्होंने वापसी की और यॉर्कर डालकर अपनी काबिलियत दिखाई। लंबे समय तक टीम में रहेंगे हिंगेआरोन ने विश्वास जताया कि Prafull Hinge में लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है। उनका मानना है कि इस तरह के अनुभव युवा खिलाड़ी को मजबूत बनाते हैं और भविष्य में वह टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित होंगे। आईपीएल 2026 में युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीमों के लिए नई उम्मीद लेकर आ रहा है। जहां एक ओर ईशान मलिंगा अपनी धारदार गेंदबाजी से प्रभावित कर रहे हैं, वहीं प्रफुल हिंगे में भविष्य का स्टार बनने की झलक दिखाई दे रही है।
ईडन गार्डन्स पिच रिपोर्ट: कोलकाता और राजस्थान के बीच महामुकाबला, स्पिनर्स या बल्लेबाज कौन मारेगा बाजी?

नई दिल्ली। कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर आज कोलकाता और राजस्थान के बीच एक बेहद रोमांचक मुकाबला होने जा रहा है। भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू होने वाले इस मैच में दोनों टीमों की नजरें अपनी स्थिति मजबूत करने पर टिकी हैं। राजस्थान की टीम जहां इस सीजन में शानदार फॉर्म में है, वहीं कोलकाता की टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर जीत की राह पर लौटने की कोशिश करेगी। दिन का मैच होने के कारण पिच का व्यवहार और मौसम की भूमिका इस मुकाबले में निर्णायक साबित हो सकती है। ईडन गार्डन्स की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन आज के मैच में कहानी थोड़ी अलग हो सकती है। यह इस सीजन का पहला दिन का मैच है, जिसके चलते भीषण गर्मी और उमस का असर सतह पर साफ दिखेगा। तेज धूप के कारण पिच के सूखने की संभावना है, जिससे खेल के आगे बढ़ने के साथ सतह धीमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में तेज गेंदबाजों के मुकाबले स्पिनरों को अधिक मदद मिलने की उम्मीद है। वरुण चक्रवर्ती, सुनील नरेन और रवि बिश्नोई जैसे अनुभवी धीमे गेंदबाज अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। मैदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां अब तक हुए 103 मुकाबलों में से 58 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीत दर्ज की है। हालांकि, दोपहर के मैच में पहले बल्लेबाजी करना भी एक रणनीति हो सकती है क्योंकि बाद में पिच और धीमी हो सकती है। इस मैदान पर औसत स्कोर 164 के आसपास रहता है, लेकिन छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड के कारण यहां बड़े स्कोर भी बनते रहे हैं। दोनों टीमों के बीच पिछला रिकॉर्ड भी काफी संतुलित है, जहां 32 मुकाबलों में कोलकाता ने 16 और राजस्थान ने 14 जीत हासिल की हैं, जो दोनों के बीच होने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। राजस्थान की कप्तानी संभाल रहे रियान पराग अपनी टीम को पिछले मैच की हार से उबारकर फिर से जीत के ट्रैक पर लाना चाहेंगे। दूसरी ओर, अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली कोलकाता की टीम के लिए यह मुकाबला अपनी लय वापस पाने जैसा है। दोपहर के समय तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे खिलाड़ियों की फिटनेस और सहनशक्ति की भी कड़ी परीक्षा होगी। टॉस जीतने वाला कप्तान पिच की नमी और गर्मी को ध्यान में रखते हुए फैसला लेगा, क्योंकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग मिल सकती है, लेकिन मध्य ओवर पूरी तरह स्पिनरों के नियंत्रण में रहने की संभावना है।