शरीर की गर्मी शांत करने के लिए पिएं ये देसी ड्रिंक्स, पित्त भी रहेगा कंट्रोल

नई दिल्ली। तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर सीधे शरीर पर पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में ‘पित्त’ बढ़ जाता है, जिससे सिरदर्द, एसिडिटी, मुंह के छाले, चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में खानपान के जरिए शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी हो जाता है। Gulkand और पान का शरबत-ठंडक का असरदार उपायगुलकंद और पान से बना शरबत शरीर को अंदर से ठंडक देता है। यह पाचन सुधारने, एसिडिटी कम करने और शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में मददगार होता है। गर्मियों में इसे नियमित रूप से लेना काफी फायदेमंद हो सकता है। खजूरादी मंथ-ताकत और ठंडक दोनोंआयुर्वेदिक पेय खजूरादी मंथ शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कमजोरी दूर करने में मदद करता है। यह खासतौर पर एनीमिया और ज्यादा प्यास लगने की समस्या में राहत देता है। Amla और Sabja seeds- नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंकआंवला और सब्जा सीड्स का मिश्रण एक तरह का प्राकृतिक टॉनिक है। यह पित्त को संतुलित करने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल कम करने, दिल को स्वस्थ रखने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी कारगर है। नारियल और Kokum पेय-गर्मी से राहतनारियल और कोकम से बना पेय शरीर के हार्मोन संतुलन में मदद करता है और गर्मी को कम करता है। यह गैस, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में उपयोगी है। Sea buckthorn जूस-इम्यूनिटी बूस्टरसीबकथॉर्न का जूस गर्मियों में शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखते हैं। गर्मियों में शरीर को ठंडा और संतुलित रखने के लिए इन प्राकृतिक पेयों का सेवन बेहद फायदेमंद है। ये न सिर्फ पित्त को शांत करते हैं, बल्कि शरीर को ऊर्जा और मजबूती भी देते हैं।
Unlimited प्लान में भी क्यों उड़ जाता है डेटा, समझें कारण और बचाने के तरीके

नई दिल्ली। आज के समय में Airtel, Reliance Jio और Vodafone Idea (Vi) अपने यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा की सुविधा दे रही हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि उनका डेली डेटा जल्दी खत्म हो जाता है और पूरे दिन इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर पाते। क्यों जल्दी खत्म हो जाता है डेटा?दरअसल, इसका मुख्य कारण यह है कि कई बार यूजर्स का फोन पूरी तरह 5G नेटवर्क पर नहीं रहता। अगर स्मार्टफोन 5G सपोर्टेड नहीं है या यूजर 5G कवरेज एरिया में नहीं है, तो फोन अपने आप 4G नेटवर्क पर शिफ्ट हो जाता है। ऐसे में अनलिमिटेड 5G का फायदा नहीं मिलता और डेली 4G डेटा तेजी से खत्म हो जाता है। 5G Standalone मोड करें ऑनइसके अलावा, फोन में बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स भी डेटा खत्म होने की बड़ी वजह बनते हैं। कई ऐप्स बिना इस्तेमाल के भी इंटरनेट का उपयोग करते रहते हैं, जिससे डेटा जल्दी खत्म हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर 5G नेटवर्क को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके लिए मोबाइल नेटवर्क सेटिंग में जाकर Preferred Network Type में 5G का विकल्प चुनना जरूरी है। साथ ही, 5G Standalone मोड ऑन रखने से फोन बार-बार 4G पर स्विच नहीं करेगा। Data Saver और Battery Saver बंद करेंइसके अलावा, फोन में Data Saver और Battery Saver जैसे फीचर्स को बंद रखना भी जरूरी है, क्योंकि ये कई बार 5G कनेक्टिविटी को प्रभावित करते हैं। यूजर्स को यह भी सलाह दी जाती है कि वे अपने फोन में बैकग्राउंड ऐप्स के डेटा इस्तेमाल को सीमित करें। सही सेटिंग्स और सावधानी बरतकर यूजर्स अपने डेली डेटा को लंबे समय तक चला सकते हैं और अनलिमिटेड 5G का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की तबीयत बिगड़ने से राजनीतिक हलचल तेज अस्पताल में सफल सर्जरी के बाद राहत

नई दिल्ली।आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण की तबीयत एक प्रशासनिक बैठक के दौरान अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। बैठक के दौरान उन्हें अस्वस्थता महसूस हुई और स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच के बाद आवश्यक सर्जरी की प्रक्रिया अपनाई जो सफलतापूर्वक पूरी की गई। सर्जरी के बाद उनकी स्थिति को स्थिर बताया गया है और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिनों तक पूर्ण आराम करने की सलाह दी है ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ हो सकें और किसी भी प्रकार की जटिलता से बचा जा सके। उनकी तबीयत में सुधार के संकेत मिल रहे हैं हालांकि पूर्ण रिकवरी में समय लग सकता है। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें पहले नजदीकी चिकित्सा केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में बेहतर सुविधा के लिए बड़े अस्पताल में स्थानांतरित किया गया जहां विशेषज्ञों की टीम ने विस्तृत जांच की। जांच के दौरान यह निर्णय लिया गया कि उनकी स्थिति को देखते हुए सर्जरी आवश्यक है। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल में उन्हें विशेष देखभाल में रखा गया है और मेडिकल टीम उनकी रिकवरी को लेकर सतर्क है। इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। उनके समर्थक और प्रशंसक लगातार उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। पवन कल्याण की पत्नी ने भी उनकी सेहत में सुधार की जानकारी देते हुए लोगों को आश्वस्त किया है कि वह चिकित्सकीय देखरेख में धीरे धीरे बेहतर हो रहे हैं। परिवार और करीबी लोग अस्पताल में मौजूद रहकर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पवन कल्याण लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे थे और इसी कारण उन्होंने अपने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी सीमित भागीदारी की थी। अचानक तबीयत बिगड़ने की इस घटना ने सभी को चिंतित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि सर्जरी सफल रही है और आने वाले दिनों में उनकी स्थिति में और सुधार की उम्मीद है। पवन कल्याण न केवल एक सक्रिय राजनेता हैं बल्कि तेलुगु फिल्म उद्योग के एक प्रसिद्ध अभिनेता भी हैं। अपने अभिनय करियर में उन्होंने कई सफल फिल्मों के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। राजनीति में उन्होंने जनसेना पार्टी की स्थापना कर राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल के वर्षों में वे राज्य की नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उनकी तबीयत को लेकर जारी यह स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और चिकित्सकीय टीम लगातार उनकी रिकवरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। परिवार और समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं और पूरे प्रदेश में उनके स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
तेज रफ्तार ने ली चार जिंदगियां ,अनूपपुर में ट्रैक्टर गड्ढे में पलटा ,बड़ा हादसा

अनूपपुर । अनूपपुर जिले में रविवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया जब एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरे गड्ढे में जा पलटा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के इंजन और ट्रॉली के बीच दबकर चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए। जानकारी के अनुसार यह हादसा करन पठार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ठाड़ पाथर गांव के पास हुआ। डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव से चार दोस्त सुबह लगभग साढ़े पांच बजे ट्रैक्टर लेकर अनूपपुर के पौनी गांव गिट्टी लेने के लिए निकले थे। ट्रैक्टर में ट्रॉली खाली थी और सभी युवक रोजमर्रा के काम के लिए निर्माण सामग्री लेने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही ट्रैक्टर ठाड़ पाथर गांव के पास एक मोड़ पर पहुंचा वहां सड़क का संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार के कारण वाहन अचानक नीचे उतर गया। देखते ही देखते ट्रैक्टर गहरे गड्ढे में पलट गया और उसमें सवार सभी युवक भारी मशीनरी के नीचे दब गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने अपनी ओर से ट्रैक्टर को हटाने की कोशिश की लेकिन भारी वजन और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर करन पठार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े छह बजे चारों शवों को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला जा सका। हादसे में जान गंवाने वालों में अंकुश उइके उम्र चौबीस वर्ष जो ट्रैक्टर का चालक और मालिक था शामिल है। इसके अलावा ब्रजेश पेंदो उम्र अठारह वर्ष रवींद्र कुमार गोयल उम्र अठारह वर्ष और प्रकाश मार्को उम्र सत्रह वर्ष भी इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। सभी मृतक डिंडौरी जिले के भीमकुंडी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी जैसे ही मृतकों के गांव भीमकुंडी पहुंची पूरे गांव में कोहराम मच गया। एक साथ चार युवकों की मौत से गांव में मातम का माहौल छा गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि सभी युवक मेहनतकश थे और रोजाना काम के लिए आसपास के क्षेत्रों में जाते थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण खोना माना जा रहा है हालांकि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है ताकि वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। यह हादसा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और ग्रामीण मार्गों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बारात में रास्ते को लेकर बड़ा बवाल ,शाजापुर में दो पक्ष भिड़े छह घायल ,पांच थानों का पुलिस बल तैनात

शाजापुर । शाजापुर जिले के बेरछा क्षेत्र में शनिवार रात एक बारात के दौरान उपजा मामूली सा विवाद देखते ही देखते बड़े हिंसक टकराव में बदल गया। घटना रात लगभग नौ से दस बजे के बीच की बताई जा रही है जब बेरछा बायपास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास से हिंदू समाज की बारात गुजर रही थी। इसी दौरान रास्ते से एक ट्रक निकालने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो धीरे धीरे उग्र हो गई और मारपीट में तब्दील हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और लाठी डंडों के साथ हमला शुरू हो गया। इस घटना में छह बाराती घायल हो गए जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। फरियादी रवि समोरा उम्र बत्तीस वर्ष निवासी बेरछा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ट्रक चालक शाहरूख शेख ने पहले बारात के लोगों से गाली गलौज की और कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद वह कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर वापस आया और बारातियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान सूरज भिलाला पर चाकू से वार किया गया जबकि राजू मिस्त्री द्वारा अरिहंत जैन पर हमला किया गया जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिनमें शाहरूख शेख, फखरूद्दीन का बेटा, वसीम पिता हनीफ खां, पप्पू पिता शरीफ खां, राजू पिता नसीरूद्दीन, इकरार पिता अकरम खां, अनिश पिता हन्नु पटेल, सद्दाम मंसूरी और ताजउद्दीन पिता अकबर खां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और सुरक्षा कारणों से उन्हें अन्य थाने में रखा गया है। एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय ने बताया कि यह विवाद वाहन को रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था जिसमें एक वाहन मुस्लिम समाज के चालक द्वारा चलाया जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा और बाद में मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस के अनुसार घायल पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत भारी पुलिस बल तैनात किया। सुंदरसी, सलसलाई, सुनेरा, अकोदिया और शाजापुर थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। रात करीब एक बजे एसडीएम मनीषा वास्कले और नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। विवाद के बाद थाने पर भी भारी भीड़ जमा हो गई जहां प्रदर्शन और नारेबाजी की स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तीखी टिप्पणी की और कार्रवाई की मांग की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। थाने में देर रात तक हंगामे और बहस का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के जुलूस की मांग की जिसे लेकर अधिकारियों और भीड़ के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका और लोग शांत होकर वापस लौटे।
भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी से निवेश और तकनीक के नए रास्ते खुलने की संभावना, एशिया में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का भारत आगमन एशिया की बदलती राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। रविवार को उनका विशेष प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के लिए प्रस्थान हुआ और सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उच्च स्तरीय शिखर वार्ता प्रस्तावित है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला अवसर माना जा रहा है, जहां व्यापार, तकनीक, रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है, जिसका प्रभाव दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर देखा जा रहा है। ऐसे में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सहयोग को ऊर्जा स्थिरता और वैकल्पिक आपूर्ति नेटवर्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देश मिलकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित और संतुलित बनाने की कोशिशों पर जोर दे सकते हैं। भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और अब यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहकर रणनीतिक सहयोग के व्यापक दायरे में प्रवेश कर चुकी है। विशेष रूप से शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की रुचि बढ़ी है। इन क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और निवेश को लेकर नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान करेंगी। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत में कार्यरत कोरियाई कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। भारत वर्तमान में दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए एक प्रमुख उत्पादन केंद्र और विशाल उपभोक्ता बाजार के रूप में तेजी से उभर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में कोरियाई निवेश पहले से ही मजबूत स्थिति में है और आने वाले समय में इसमें और विस्तार की संभावना है। इस साझेदारी से भारत में रोजगार सृजन और तकनीकी हस्तांतरण को भी गति मिल सकती है। शिखर वार्ता के बाद दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की अनिश्चितताओं को कम करने के लिए साझा रणनीति पर विचार कर सकते हैं। इसके साथ ही महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की उपलब्धता और उनके प्रसंस्करण में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी चर्चा आगे बढ़ने की उम्मीद है। यह पहल वैश्विक स्तर पर औद्योगिक उत्पादन और तकनीकी विकास को नई मजबूती दे सकती है। इसके बाद राष्ट्रपति ली जे म्युंग का वियतनाम दौरा भी प्रस्तावित है जहां वे नई सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ऊर्जा सहयोग, व्यापार विस्तार और आवश्यक खनिजों की आपूर्ति जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। दक्षिण कोरिया अपनी विदेश नीति के तहत तेजी से उभरती एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के साथ साझेदारी को गहरा करने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास दोनों को बढ़ावा मिल सके।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग ने संसद में राजनीतिक तापमान बढ़ाया, विपक्ष एकजुट

नई दिल्ली। संसद के मौजूदा सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक संयुक्त रणनीति के तहत नए रिमूवल नोटिस की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके सहित INDIA गठबंधन के प्रमुख दल इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि हाल के समय में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठे हैं और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में सामने आई शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की पक्षपात की आशंका लोकतंत्र की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसी आधार पर विपक्ष संसद में इस विषय को औपचारिक रूप से उठाने की तैयारी कर रहा है ताकि आयोग की भूमिका और कार्यशैली पर व्यापक चर्चा हो सके। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़ा हुआ है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया अत्यंत सख्त और जटिल मानी जाती है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव लाना आवश्यक होता है और उसे पारित करने के लिए विशेष बहुमत की जरूरत होती है। विपक्ष इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अपने सांसदों का समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल हटाने की प्रक्रिया शुरू करना नहीं बल्कि सरकार और आयोग पर नैतिक और राजनीतिक दबाव बनाना भी हो सकता है। सरकारी पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर अब तक संयमित रुख अपनाया गया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाने से पहले ठोस और प्रमाणित आधार होना चाहिए। वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक निगरानी और जवाबदेही का हिस्सा बताते हुए संसद के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है। राजनीतिक माहौल में यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब देश में आगामी चुनावी गतिविधियों की तैयारियां भी तेज हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। विपक्ष का मानना है कि यदि संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर होता है तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। यही कारण है कि यह मुद्दा अब संसद में एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है।
रिपोर्ट में खुलासा: बैंकिंग सेक्टर की सेहत बेहतर, बढ़ती मांग दे रही मजबूती

नई दिल्ली। भारत का बैंकिंग सेक्टर फिलहाल मजबूत स्थिति में बना हुआ है। FICCI और Indian Banks’ Association (आईबीए) के ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक, एसेट क्वालिटी में सुधार, मजबूत कैपिटल बेस और रिटेल व एसएमई सेक्टर में बढ़ती क्रेडिट मांग बैंकिंग सेक्टर को मजबूती दे रही है। क्रेडिट मांग और बैलेंस शीट से मिला सपोर्टरिपोर्ट के अनुसार, बैंकों की बैलेंस शीट पहले से ज्यादा मजबूत हुई है और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में स्थिर गतिविधियों के चलते लोन की मांग बनी हुई है। खासकर नॉन-फूड क्रेडिट में लगातार वृद्धि की उम्मीद जताई गई है, जो सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। मौद्रिक नीति में स्थिरता की उम्मीदसर्वे में शामिल विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में मौद्रिक नीति में बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौजूदा नीति ढांचा विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने के लिहाज से उपयुक्त माना जा रहा है। हालांकि, सहकारी बैंकों के कुछ प्रतिभागियों ने 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना जताई है। पीएसबी ज्यादा आशावादी, निजी बैंक सतर्करिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) भविष्य को लेकर ज्यादा आशावादी हैं। बेहतर एसेट क्वालिटी और मजबूत पूंजी स्थिति के चलते वे कॉरपोरेट लोन में बढ़ती मांग देख रहे हैं।वहीं निजी बैंक क्रेडिट ग्रोथ को लेकर संतुलित और चयनात्मक रुख अपना रहे हैं, जबकि विदेशी बैंक कॉरपोरेट और संस्थागत निवेश पर फोकस रखते हुए मध्यम स्तर का आशावाद दिखा रहे हैं। रिटेल और एसएमई सेक्टर बने ग्रोथ इंजनसेवा और रिटेल सेक्टर से लोन की मांग बैंकिंग ग्रोथ का प्रमुख आधार बनी हुई है। रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाएं और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने से क्रेडिट डिमांड को बल मिल रहा है।साथ ही, एमएसएमई सेक्टर में भी लोन की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, जो छोटे व्यवसायों में बढ़ती गतिविधियों और नीतिगत समर्थन का संकेत है। क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान 11–13%सर्वे में करीब 46% प्रतिभागियों का मानना है कि नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 11% से 13% के बीच रह सकती है। रिटेल लोन भी मजबूत बना रहेगा, जो बैंकिंग सेक्टर के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा। साइबर सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चुनौतीरिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बैंकों के सामने साइबर सुरक्षा जोखिम सबसे बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दायरे के साथ इस जोखिम को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई गई है। कुल मिलाकर, मजबूत एसेट क्वालिटी, बढ़ती क्रेडिट मांग और स्थिर आर्थिक माहौल के चलते भारत का बैंकिंग सेक्टर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है, हालांकि साइबर सुरक्षा जैसे जोखिमों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
सीएम मोहन यादव का उज्जैन दौरा: सड़क लोकार्पण से लेकर सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav रविवार को Ujjain के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे शहर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। हेलीपेड परिसर में नए गेस्ट हाउस का लोकार्पणमुख्यमंत्री सबसे पहले पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड परिसर पहुंचेंगे, जहां अतिथियों की सुविधा के लिए बनाए गए नवीन गेस्ट हाउस का लोकार्पण करेंगे। इससे पहले इस परिसर में स्थायी बैठने और ठहरने की व्यवस्था नहीं थी, जिसे अब बेहतर बनाया गया है। Akshaya Tritiya पर सामूहिक विवाह-निकाह समारोहइसके बाद मुख्यमंत्री कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां Akshaya Tritiya के अवसर पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में कुल 112 जोड़ों (100 विवाह और 12 निकाह) का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक जोड़े को 49 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ के रूप में आयोजननगर निगम द्वारा इस कार्यक्रम को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे और आयोजन की सराहना भी करेंगे। देवास रोड पर नई सड़क का लोकार्पणशाम 5 बजे मुख्यमंत्री देवास रोड पर कोठी रोड से विक्रम नगर तक बनी नई कनेक्टिविटी सड़क का लोकार्पण करेंगे। करीब 2100 मीटर लंबी और 18 से 24 मीटर चौड़ी इस सड़क के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मार्ग पर डिवाइडर, पाथवे और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने पूरी की तैयारियांमुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। यह दौरा उज्जैन में विकास कार्यों को गति देने और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
आगर मालवा में खतरनाक रिफाइनरी का खुलासा, जहरीले रसायनों से चल रहा था गुप्त कारोबार

आगर मालवा । आगर मालवा जिले के खिरनी तकिया क्षेत्र में फैली लगातार तेज और असहनीय दुर्गन्ध ने आखिरकार एक बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश कर दिया। यह मामला शहर के मस्जिद गली स्थित एक मकान से जुड़ा है जहां गुप्त रूप से बिना किसी लाइसेंस के चांदी रिफाइनिंग का काम लंबे समय से चल रहा था। स्थानीय लोगों ने कई दिनों से इलाके में फैल रही बदबू और स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर की शिकायतें की थीं जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। कोतवाली पुलिस को मिली सूचना के आधार पर जब टीम ने संबंधित मकान पर छापा मारा तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। मकान के पीछे बने एक बड़े हाल में चांदी गलाने की पूरी अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी। वहां भारी मात्रा में खतरनाक रसायन और आधुनिक मशीनरी मौजूद थी जिनका उपयोग चांदी के शुद्धिकरण और गलाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस अवैध यूनिट में नाइट्रिक एसिड हाइड्रोक्लोरिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड जैसे अत्यंत खतरनाक रसायनों का उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा कास्टिक सोडा यूरिया और विभिन्न प्रकार के औद्योगिक पाउडर भी बड़ी मात्रा में पाए गए। मौके से गैस भट्टियां तराजू धातु के सांचे और गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए जो इस अवैध कारोबार को संचालित करने में इस्तेमाल हो रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 1500 लीटर खतरनाक रसायन जब्त किए और पूरी यूनिट को सील कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि रासायनिक अपशिष्ट को सीधे नालियों में बहाया जा रहा था जिससे इलाके में प्रदूषण फैल रहा था और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आबिद उम्र 30 वर्ष और उसके पिता मोजुद्दीन उम्र 50 वर्ष को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बिना किसी वैध अनुमति के चांदी रिफाइनिंग का काम करने की बात स्वीकार की है। अधिकारियों के अनुसार यह पूरा संचालन पूरी तरह गैरकानूनी था और पर्यावरण सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है।