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नीम की प्राकृतिक शक्ति से लिवर स्वास्थ्य को नया सहारा..

नई दिल्ली ।आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अनियमित खानपान, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, तनाव और शारीरिक सक्रियता की कमी ने इस महत्वपूर्ण अंग पर गहरा असर डाला है। इसी बीच आयुर्वेद में सदियों से उपयोग हो रहा नीम एक बार फिर चर्चा में है, जिसे लिवर के लिए प्राकृतिक सहायक और शरीर की आंतरिक सफाई में मददगार माना जाता है। हजुरगंज और आसपास के क्षेत्रों में भी लोग अब पारंपरिक जड़ी बूटियों की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। लिवर पर बढ़ता आधुनिक जीवनशैली का दबाव चिकित्सकीय दृष्टिकोण के अनुसार लिवर शरीर का वह हिस्सा है जो विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पाचन प्रक्रिया को नियंत्रित करने और ऊर्जा संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन गलत खानपान और असंतुलित दिनचर्या के कारण इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। शुरुआती स्तर पर थकान, अपच, भूख में कमी और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। आयुर्वेद में नीम का विशेष स्थान आयुर्वेदिक ग्रंथों में नीम को अत्यंत महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष माना गया है। इसकी पत्तियां, छाल और अन्य भागों का उपयोग परंपरागत रूप से शरीर की शुद्धि और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जाता रहा है। नीम की कड़वाहट को इसके औषधीय गुणों का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह शरीर में जमा विषैले तत्वों को कम करने में सहायक होता है और लिवर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। नीम के सेवन के पारंपरिक तरीके ग्रामीण और आयुर्वेदिक परंपराओं में नीम की ताजी पत्तियों का सेवन सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती रही है। कुछ लोग नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीते हैं, जबकि कई स्थानों पर इसे उबालकर उसके पानी का उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि यह प्रक्रिया शरीर की आंतरिक सफाई में मदद करती है और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाती है। हालांकि विशेषज्ञ हमेशा संतुलित मात्रा और सही मार्गदर्शन में इसके उपयोग की सलाह देते हैं। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सहायक नीम को केवल लिवर तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि यह संपूर्ण शरीर के लिए उपयोगी बताया गया है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह रक्त शुद्धि में सहायक होता है और त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। मुंहासे, दाग धब्बे और अन्य त्वचा विकारों में इसके उपयोग की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसके अलावा यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाने में भूमिका निभाता है, जिससे मौसमी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। आधुनिक जीवन में फिर बढ़ी प्राकृतिक उपायों की मांग बदलती जीवनशैली और बढ़ते दुष्प्रभावों के बीच लोग फिर से प्राकृतिक और पारंपरिक उपचारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। नीम जैसे औषधीय पौधों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक औषधि का उपयोग सोच समझकर और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए ताकि इसका लाभ सुरक्षित रूप से प्राप्त हो सके। संतुलित उपयोग ही है सही तरीका स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि नीम जैसे शक्तिशाली औषधीय पौधे का उपयोग लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर पर विपरीत प्रभाव भी डाल सकती है। इसलिए इसे सीमित और नियंत्रित रूप में ही अपनाना चाहिए। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ यदि प्राकृतिक उपायों को जोड़ा जाए तो लिवर स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

गोवा की साध्वी सैल बनी मिस इंडिया 2026, राजनंदिनी फर्स्ट और अद्वैता रहीं सेकंड रनरअप

भुवनेश्वर। शनिवार को भुवनेश्वर के केआईआईटी (KIIT, Bhubaneswar) में 61वें मिस इंडिया प्रतियोगिता (61st Miss India Grand Finale) का आयोजन हुआ जहां साल 2026 का मिस इंडिया वर्ल्ड खिताब (Miss India World title year 2026) गोवा की साध्वी सैल (Sadhvi sail) ने अपने नाम किया। साध्वी ने टॉप 3 में उत्तर प्रदेश की अद्वैता और महाराष्ट्र की राजनंदिनी को पछाड़कर यह खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में राजनंदिनी मिस इंडिया 2026 की फर्स्ट रनरअप और अद्वैता सेकंड रनरअप बनीं। कई सेलेब्स हुए शामिल, हुईं धमाकेदार परफॉर्मेंसइस इवेंट में सेलिना जेटली, मधुर भंडारकर, जीनत अमान, टेंरेस लुईस, अमाल मलिक, नेहा धूपिया शामिल नजर आए। इवेंट को मनीष पॉल और सारा जेन डियाज ने होस्ट किया। वहीं लॉरेन गॉटलिब और ईशान खट्टर की डांस परफॉर्म देखने को मिली। साथ ही जुबिन नौटियाल अपनी सुरीली आवाज से इवेंट में समा बांधते दिखे। ईशान खट्टर इवेंट में पहुंचे ईशान खट्टर अपने डांस परफॉर्म से पहले 61वें मिस इंडिया इवेंट में पहुंचे। उन्होंने सभी प्रतियोगियों को शुभकामनाएं दीं। वह भी इस इवेंट का हिस्सा बनकर और अपनी डांस परफाॅर्मेंस को लेकर उत्साहित थे। जीनत अमान और नेहा धूपिया के अलावा कई सेलेब्स इवेंट में नजर आएमिस इंडिया इवेंट के रेड कारपेट पर जीनत अमान, नेहा धूपिया, डायरेक्टर मधुर भंडारकर, सिंगर अमाल मलिक जैसे कई सेलेब्स दिखाई दिए। कुछ सेलेब्स इस इवेंट के जज बने तो कुछ यहां पर परफाॅर्म करने पहुंचे। सेलिना जेटली भी ग्लैमरस लुक में दिखींएक लंबे वक्त के बाद सेलिना जेटली ग्लैमर वर्ल्ड में एक्टिव हुईं। वह भी मिस इंडिया इवेंट में शामिल हुईं। उनका गाउन लुक काफी चर्चा में रहा। मनीष पॉल ने होस्ट किया इवेंट, सिंगर जुबिन नौटियाल ने गाया गानामिस इंडिया के स्टेज पर मनीष पॉल ने इवेंट को होस्ट किया। जज से सबको रूबरू करवाया। इसके बाद सिंगर जुबिन नौटियाल ने अपनी मीठी, सुरीली आवाज में गाना गया। इस परफॉर्मेंस के दौरान मिस इंडिया का गाउन राउंड भी हुआ। मिस इंडिया का ताज जीतने के लिए प्रतियोगी काफी मेहनत करती दिखीं। मिस इंडिया टॉप 15 प्रतियोगियों ने दिया अपना परिचयमिस इंडिया इवेंट में 30 प्रतियोगी शामिल हुई थीं। एक अहम राउंड के बाद केवल 15 प्रतियोगी रह गईं। सबने जज के सामने अपना परिचय दिया। ब्यूटी पेजेंट में रह गईं टॉप 8 प्रतियोगी, ईशान खट्टर ने किया डांसआगे चलकर इस कॉम्पिटिशन में सिर्फ 8 प्रतियोगी ही बची थीं। इसके बाद लॉरेन गॉटलिब ने जबरदस्त डांस परफॉर्मेंस दी। इसके बाद एक्टर ईशान खट्ट ने भी जबरदस्त डांस किया। इवेंट में समा ही बांध दिया। मिस इंडिया 2026 के फाइनल में फर्स्ट रनरअप राजनंदिनी पवार और सेकंड रनरअप डॉ. श्री अद्वैता बनी हैं। साध्वी सैल के सिर पर मिस इंडिया 2026 का ताज सजा। मिस इंडिया बनकर वह काफी खुश हैं। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले Chardham दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगेआज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं। केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनायाकेदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। 70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोकधामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे। धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्तइस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है। धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्यगंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।

उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में, आंधी-बारिश के बाद भी राहत नहीं…. तापमान 45 डिग्री के पार

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम (North-West) और उसके आसपास के इलाकों में बारिश (Rain), अंधड़ और ओलावृष्टि (Thunderstorms) के बावजूद भीषण गर्मी (Extreme heat) से राहत नहीं मिली है। कई राज्यों के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में यह 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पश्चिम से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत को तपती गर्मी से राहत मिलने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन राज्यों में आसमान से आग बरसने और लू चलने के आसार हैं। हालांकि, जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से लेकर पूर्वी हिमालयी क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) तक 12 राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी यही स्थिति है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तरपूर्वी भारत को छोड़कर देश के शेष हिस्सों में अधिकतम तापमान 36-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे अधिक तापमान बांदा में 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गयाा। विभाग के अनुसार, इस सप्ताह भारत के पूर्वी तट पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और विदर्भ के अलग-अलग क्षेत्रों में 21 अप्रैल तक लू चलने की पूरी संभावना है। दिल्ली में शुक्रवार को हुई बारिश ने चढ़ते तापमान पर ब्रेक लगा दिया था। वहीं, शनिवार को फिर सूर्यदेव ने अपने तेवर दिखाए। दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। इस दौरान अधिकतम तापमान 39.5 और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री दर्ज हुआ। हालांकि, फरवरी और मार्च में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पास जरूर पहुंचा था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 से 24 अप्रैल के बीच तापमान में लगातार गर्मी बनी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। शुरुआती दिनों यानी 19 से 21 अप्रैल तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि हवा मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से हल्की से मध्यम गति में चलेगी। इसके बाद 22 से 24 अप्रैल तक मौसम अधिकतर साफ रहने का अनुमान है। हिमाचल के ऊना में पारा 35 के पारहिमाचल प्रदेश के ऊना में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान है। ऊना के अलावा प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और कुल्लू में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। रविवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। 20 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। कुल्लू जिले के मणिकरण-बरशैनी मार्ग पर घटिगढ़ में बारिश के कारण हुए भीषण भूस्खलन से शनिवार सुबह कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। राजस्थान के चूरू में पारा 42.8 डिग्रीराजस्थान के कई हिस्सों में शनिवार को दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। चूरू राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था। ओडिशा में 15 जिलों में पारा 40 के पार…ओडिशा में भी प्रचंड गर्मी पड़ रही है और 15 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। बोलंगीर जिले का तितलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद झारसुगुड़ा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इनके अलावा,40 डिग्री से ऊपर तापमान वाले जिलों में भवानीपटना, संबलपुर, नुआपड़ा, तालच, सुंदरगढ़, अंगुल, क्योंझार और मलकानगिरी भी शामिल थे।

MP: ग्वालियर में खुले पड़े सीवर चैंबर में गिरने से एक मजदूर की मौत

ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ग्वालियर (Gwalior) के झांसी रोड थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां खुले पड़े सीवर चैंबर (Open Sewer Chamber) में गिरने से एक मजदूर की जान चली गई. मृतक की पहचान सौरभ बाथम (Saurabh Batham) के रूप में हुई है, मजदूरी कर गुजारा करता था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सीवर चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था. बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की. ऐसे में सवाल है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस हादसे का इंतजार कर रहे थे? यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी ओफो की बगिया की है. यहां शुक्रवार की शाम सनसनी फैल गई. एक खुले हुए सीवर चैंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक गिर गया. स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सौरभ को बाहर निकाला. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी- डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सौरभ शराब पीने का आदी था। आशंका जताई जा रही है कि नशे की हालत में वह खुले चैंबर को देख नहीं पाया और उसमें गिर गया. इस घटना के बाद इलाके में नगर निगम की लापरवाही को लेकर लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. अगर समय रहते चैंबर को ढका गया होता तो शायद सौरभ की जान बच जाती। घटना के बाद इलाके में गुस्सा फूट पड़ा है. स्थानीय लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई और इसे लापरवाही बताया. वहीं इस मामले की सूचना मिलते ही झांसी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा।

होर्मुज को लेकर अमेरिका और दुनिया को ब्लैकमैल नहीं कर सकता ईरान… ट्रंप ने दी चेतावनी

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर दोबारा प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने ईरान (Iran) को चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान अमेरिका और दुनिया को ब्लैकमैल नहीं कर सकता। बता दें, शुक्रवार को लेबनान (Lebanon.) में हुए सीजफायर का स्वागत करते हुए ईरान (Iran) ने होर्मुज पर लगे प्रतिंबध को हटा दिया था। हालांकि, जब ट्रंप होर्मुज के पास लगे अमेरिकी ब्लाकेड को हटाने से इनकार कर दिया, तो शनिवार को ईरान ने फिर से होर्मुज के दरवाजे बंद कर दिए। होर्मुज पर बदलते हालात पर ट्रंप ने शनिवार को ओवेल ऑफिस में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “हम उनसे बात कर रहे हैं। वे स्ट्रेट को फिर से बंद करना चाहते हैं। जैसा कि वे वर्षों से करते आ रहे हैं और वे हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते।” इससे पहले ईरानी सेना की कमांड ने एक होर्मुज पर अमेरिकी कमांड को वादाखिलाफी बताया। ईरान की तरफ से कहा गया कि ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ लगाए गए अमेरिकी ब्लाकेड को न हटाकर अमेरिका ने अपना वादा तोड़ा है। बयान में आगे कहा गया, “जब तक अमेरिका ईरान आने वाले सभी जहाजों के लिए आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल नहीं करता, होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति सख्त नियंत्रण में रहेगी।” शनिवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को अपने देश और दुनिया के सामने रखते हुए ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि होर्मुज पर वापस नियंत्रण हासिल कर लिया गया है। ईरान की तरफ से होर्मुज पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयास में ही दो भारतीय तेल टैंकरों के ऊपर गोलीबारी की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर सरकार ने ईरानी राजदूत को भी समन किया है। बता दें, 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट ने पूरे विश्व को ऊर्जा संकट में धकेल दिया है। हमले के कुछ दिन बाद ही ईरान ने होर्मुज के ऊपर प्रतिबंध लगा दिया, जिसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। पांच हफ्तों की लड़ाई के बाद अमेरिका और ईरान ने सीजफायर की घोषणा कर दी, लेकिन इजरायल ने लेबनान पर हमला करना जारी रखा। इसकी वजह से ईरान ने होर्मुज को खोलने से इनकार कर दिया। अमेरिकी और ईरान के बीच हुई वार्ता के बाद इजरायल ने भी लेबनान के साथ सीजफायर का ऐलान कर दिया। इसके बाद ईरान ने शुक्रवार को सीजफायर की अवधि तक होर्मुज के रास्ते व्यापारिक जहाजों के लिए खोल दिए। लेकिन फिर ट्रंप के बायन के बाद व्यवस्था बिगड़ गई।

MP: नीमच में सनसनीखेज घटना… घर की छत पर बिना कपड़े-खाने के तड़पती मिली महिला

नीमच। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच जिले (Neemuch district) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 40 साल की महिला (40 Year Old Woman) को उसके ही घर की छत पर बेहद विचलित कर देने वाली स्थिति में पाया गया। सीमा सोनी नाम की यह महिला पिछले पांच महीनों से चिलचिलाती धूप में बिना कपड़ों के, एक गंदी चादर के सहारे जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि वह मुश्किल से बोल पा रही थी। जब अधिकारियों ने उसे पुकारा तो उसके मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- खाना। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमा पहले काफी मिलनसार स्वभाव की थी, लेकिन मानसिक बीमारी की चपेट में आने के बाद उसने खुद को दुनिया से अलग कर लिया था। कई लोगों को तो यह तक लगा कि वह कहीं बाहर चली गई है। कैसे हुआ खुलासा?विभाग की परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव ने बताया कि उन्हें वीडियो फुटेज और कॉल्स के जरिए इस भयावह स्थिति की सूचना मिली थी। जब टीम इंदिरा नगर भगवानपुरा इलाके में पहुंची, तो सीमा को गंभीर रूप से कुपोषित और डिप्रेशन की स्थिति में पाया गया। उन्हें तुरंत खाना और पानी दिया गया और फिर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर, सीमा के पति अजीत सोनी ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिवार उनकी देखभाल कर रहा था। पति के अनुसार, सीमा साल 2016 से ही मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं और उनका इलाज अहमदाबाद और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में कराया जा चुका है। उन्होंने छत पर रहने की बात को जायज ठहराते हुए तर्क दिया कि घर में निर्माण कार्य चल रहा था, जिस कारण उन्हें वहां रखा गया था। फिलहाल, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सीमा की जान बचाना है।

गर्मी में ठंडक का तड़का बूंदी से आगे ये 7 यूनिक रायता रेसिपी बना देंगी स्वाद दोगुना

नई दिल्ली । गर्मियों के मौसम में दही से बने रायते न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को अंदर से ठंडक भी देते हैं जैसे जैसे तापमान बढ़ता है वैसे वैसे डाइट में हल्के और हाइड्रेटिंग फूड्स को शामिल करना जरूरी हो जाता है ऐसे में रायता एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आता है जो पाचन सुधारने से लेकर शरीर को ठंडा रखने तक कई फायदे देता है अक्सर लोग बूंदी का रायता खाकर बोर हो जाते हैं लेकिन अब समय है कुछ नए और हेल्दी विकल्पों को अपनाने का खीरे से लेकर फलों तक कई ऐसी रायता रेसिपी हैं जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल हैं खीरे का रायता गर्मियों में सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि खीरे में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और एसिडिटी व जलन से राहत देता है दही के साथ मिलकर यह पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है लौकी का रायता उन लोगों के लिए खास है जो वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं इसमें कम कैलोरी और हाई फाइबर होता है जो आसानी से पच जाता है यह शरीर को ठंडक देने के साथ दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है मखाना रायता स्वाद और हेल्थ का अनोखा कॉम्बिनेशन है हल्के रोस्टेड मखाने दही के साथ मिलकर क्रंची टेक्सचर देते हैं मखाना कैल्शियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और लंबे समय तक भूख को नियंत्रित करता है चुकंदर का रायता न केवल देखने में आकर्षक होता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है इसमें आयरन की मात्रा अधिक होती है जो खून की कमी को दूर करने में मदद करता है साथ ही यह ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है पुदीना रायता गर्मियों में एक नेचुरल कूलेंट की तरह काम करता है यह पेट की गैस और भारीपन को कम करता है और लू के असर से बचाने में भी मदद करता है इसकी ताजगी खाने के स्वाद को और बढ़ा देती है मिक्स वेज रायता में खीरा टमाटर प्याज और गाजर जैसी सब्जियां शामिल होती हैं जो विटामिन और फाइबर से भरपूर होती हैं यह शरीर को पोषण देने के साथ धूप के असर से भी बचाव करता है फ्रूट रायता बच्चों और बड़ों दोनों के लिए एक स्वादिष्ट विकल्प है इसमें अंगूर अनार केला और सेब जैसे फल मिलाए जाते हैं जो इसे एक हेल्दी डेजर्ट बना देते हैं यह तुरंत एनर्जी देने के साथ शरीर को ठंडक भी प्रदान करता है कुल मिलाकर गर्मियों में इन यूनिक रायता रेसिपीज को अपनाकर न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाया जा सकता है बल्कि सेहत को भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है

अक्षय तृतीया पर इन वस्तुओं से रहें दूर सोना चांदी के साथ ये गलत खरीदारी ला सकती है पनौती

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और समृद्धि देने वाला पर्व माना जाता है इस दिन सोना चांदी जमीन और वाहन जैसी कीमती वस्तुओं की खरीदारी को विशेष रूप से शुभ समझा जाता है मान्यता है कि इस दिन शुरू किए गए कार्य का फल लंबे समय तक और अक्षय रूप में मिलता है यानी उसका शुभ प्रभाव कभी समाप्त नहीं होता वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी यह शुभ तिथि 19 अप्रैल सुबह 10 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगी इस दौरान कई महत्वपूर्ण शुभ योग भी बन रहे हैं जिनमें सर्वार्थ सिद्धि योग अमृत सिद्धि योग और गज केसरी योग शामिल हैं साथ ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग इस दिन को और अधिक फलदायी बना रहा है हालांकि इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है लेकिन ज्योतिष और लोक मान्यताओं के अनुसार कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है माना जाता है कि गलत चीजें खरीदने से घर में अशांति आर्थिक बाधाएं या मानसिक तनाव बढ़ सकता है विशेषज्ञों के अनुसार इस दिन लोहे और स्टील से बनी वस्तुएं जैसे बर्तन या मशीनरी घर लाना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है इसी तरह प्लास्टिक की वस्तुएं भी अशुभ मानी जाती हैं जो घर की समृद्धि पर असर डाल सकती हैं इसके अलावा काले रंग की वस्तुओं को भी इस दिन न खरीदने की सलाह दी जाती है क्योंकि काला रंग शनि और नकारात्मक ऊर्जा से संबंधित माना जाता है धारदार या नुकीली चीजें जैसे चाकू कैंची या सुई आदि भी इस दिन घर लाना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि यह तनाव और विवाद का कारण बन सकता है कांच से बनी वस्तुओं को भी राहु ग्रह से जोड़कर देखा जाता है इसलिए इन्हें भी इस दिन खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है साथ ही इस दिन किसी को उधार देना या लेना भी अशुभ माना जाता है क्योंकि इससे आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन पैसों से जुड़े निर्णय भी सोच समझकर लेने चाहिए और अनावश्यक खर्च या उधारी से बचना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहे कुल मिलाकर अक्षय तृतीया का दिन जितना शुभ माना जाता है उतना ही जरूरी है कि इस दिन सही और गलत खरीदारी के बारे में जागरूक रहा जाए ताकि इस पर्व का पूरा लाभ प्राप्त किया जा सके

Parshuram Jayanti: आज भगवान परशुराम जयंती, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व

नई दिल्ली । शस्त्र और शास्त्र के महान ज्ञाता भगवान परशुराम की जयंती 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन अक्षय तृतीया का भी विशेष संयोग बन रहा है। भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाने वाले परशुराम जी की पूजा शक्ति धर्म और न्याय की स्थापना के लिए की जाती है। जानें शुभ मुहूर्त का समय वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से होगी जो 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7:29 से दोपहर 12:20 तक रहेगा जबकि सुबह 6:49 से 10:57 बजे तक का समय भी पूजन के लिए अनुकूल माना गया है। पूजा करने की विधि सुबह स्नान कर स्वच्छ या पीले वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में भगवान परशुराम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाकर पूजा शुरू करें और अक्षत फूल विशेषकर पीले या सफेद पुष्प अर्पित करें। इसके बाद फल मिठाई या गुड़-चना का भोग लगाएं और “ॐ जमदग्नये विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुराम प्रचोदयात्” मंत्र का 11 या 21 बार जप करें। अंत में आरती कर प्रसाद वितरण करें। परशुराम जी की पौराणिक कथा मान्यता के अनुसार परशुराम जी के पिता ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका थीं। कठोर तपस्या के बाद उन्हें यह दिव्य पुत्र प्राप्त हुआ। जन्म के समय उनका नाम ‘राम’ रखा गया था। भगवान शिव की कृपा से उन्हें परशु (फरसा) प्राप्त हुआ और तभी से वे परशुराम कहलाए। उन्हें चिरंजीवी होने का वरदान भी प्राप्त है। परशुराम जी एक ऐसे ब्राह्मण योद्धा थे जिन्होंने शास्त्र और शस्त्र दोनों में महारत हासिल की। उनका जीवन यह संदेश देता है कि शक्ति का उपयोग हमेशा धर्म और न्याय के लिए होना चाहिए। रामायण और महाभारत में भूमिका पौराणिक ग्रंथों के अनुसार परशुराम जी ने भगवान राम और भगवान कृष्ण दोनों के युग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रामायण काल में उनका सामना भगवान राम से हुआ जबकि महाभारत काल में वे भीष्म द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं के गुरु रहे। मान्यता है कि परशुराम जी ने अधर्म और अत्याचार को समाप्त करने के लिए 21 बार क्षत्रियों का संहार किया। उनका जीवन धर्म की रक्षा और न्याय की स्थापना का प्रतीक माना जाता है।