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पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने शनिवार को पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष को अस्थिर बताते हुए कहा कि इससे हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। राजनाथ सिंह ने यह टिप्पणी पश्चिम एशिया की स्थिति की निगरानी के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल शामिल हुए। राजनाथ सिंह ने मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल की तारीफ कीरक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘जमीनी स्थिति अनिश्चित और अस्थिर है और भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।’ सोशल मीडिया पोस्ट में सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जोखिमों को कम करने के लिए तेजी और प्रभावी ढंग से कदम उठा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’ के गठन को मंजूरी दिए जाने का भी उल्लेख किया, जिसे 12,980 करोड़ रुपये की गारंटी के साथ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्थिर समुद्री मार्गों के बीच भी भारतीय व्यापार के लिए निरंतर और सस्ती बीमा सुविधा सुनिश्चित करना है। रक्षा मंत्री ने कहा, यह अहम फैसला भारत के समुद्री व्यापार को सस्ती और निरंतर बीमा कवरेज देगा, जिससे आयात-निर्यात संचालन की सुरक्षा और स्थिरता मजबूत होगी। यह देश के व्यापार तंत्र को और मजबूत, सुरक्षित और लचीला बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।’ बैठक में बताया गया कि वैश्विक आपूर्ति में झटकों के बावजूद भारत ने ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए रखा है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी हैं। भारत के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉकवर्तमान में भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) का 60 दिनों से अधिक का स्टॉक है। वहीं एलएनजी का करीब 50 दिन और एलपीजी का लगभग 40 दिन का भंडार उपलब्ध है, जिसमें घरेलू उत्पादन का भी योगदान है। सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता हासिल की है और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है। अप्रैल और मई 2026 के लिए आयात की जरूरतें काफी हद तक सुरक्षित कर ली गई हैं, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहेगी।

Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना

नई दिल्ली। बढ़ती एलपीजी कीमतें (Rising LPG prices) और कई जगहों पर सप्लाई की दिक्कतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हर महीने महंगा होता सिलेंडर (Cylinder Expensive) अब घर के बजट पर भारी पड़ रहा है। ऐसे समय में लोग ऐसे ऑप्शन तलाश रहे हैं जो सस्ते हों, भरोसेमंद हों और लंबे समय तक राहत दे सकें। Indian Oil ने एक ऐसा समाधान पेश किया है जो LPG संकट के बीच बड़ा समाधान बनकर सामने आया है। कंपनी ने ‘Surya Nutan’ नाम का इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम (Solar Cooking System ) लॉन्च किया है, जिस पर बिना LPG, PNG गैस और यहां तक कि बिना बिजली के भी खाना बनाया जा सकता है। यह सिस्टम सूरज की रोशनी से चलता है। खास बात यह है कि एक बार लगाने के बाद यह लंबे समय तक आपका खर्च कम कर सकता है। अगर आप इस कुकिंग सिस्‍टम को बुकिंग कराना चाहते हैं तो यहां हम आपको इसे बुक करने का प्रोसेस कीमत आगे बता रहे हैं। ‘Surya Nutan’ सोलर कुकिंग सिस्टम क्या है?‘Surya Nutan’ एक इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम है जिसे घर के अंदर इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आपको चूल्हा बाहर धूप में रखने की जरूरत नहीं होती। यह सिस्टम पूरी तरह से किचन से जुड़ा रहता है और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके खाना बनाता है। इसे Indian Oil Corporation के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर ने तैयार किया है, जिससे साफ है कि यह एक मेड-इन-इंडिया टेक्नोलॉजी है। ऐसे काम करता है यह सोलर चूल्हाइस सिस्टम में घर की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जो सूरज की रोशनी को एनर्जी में बदलते हैं। यह एनर्जी एक केबल के जरिए सीधे किचन में लगे कुकटॉप तक पहुंचती है। खास बात यह है कि इसमें “हाइब्रिड सिस्टम” दिया गया है, यानी यह सोलर के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरी एनर्जी से भी चल सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर धूप नहीं है या बारिश हो रही है, तब भी आप बिना परेशानी खाना बना सकते हैं। Surya Nutan की कीमतइस सोलर कुकिंग सिस्टम को तीन अलग-अलग मॉडल्स में पेश किया है, ताकि लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से चुन सकें। इसकी शुरुआती कीमत करीब 12,000 रुपये रखी गई है, जबकि इसका टॉप या प्रीमियम मॉडल लगभग 23,000 रुपये तक जाता है। खास बात यह है कि प्रीमियम वेरिएंट इतना पावरफुल है कि यह एक आम 4 लोगों के परिवार के पूरे दिन का खाना आराम से बना सकता है। ऐसे करें सोलर चूल्हे के लिए अप्लाईअगर आप इस सोलर कुकिंग सिस्टम को खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसकी प्री-बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए आपको Indian Oil Corporation की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, ईमेल और परिवार में कितने लोग हैं जैसी जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसके अलावा, आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सिंगल या डबल बर्नर का ऑप्शन भी चुनना होगा। सारी डिटेल भरने के बाद फॉर्म सबमिट करना होता है, जिसके जरिए आपकी प्री-बुकिंग दर्ज हो जाती है। हर मौसम में करेगा कामलोगों को अक्सर लगता है कि सोलर कुकिंग सिर्फ धूप में ही काम करती है, लेकिन ‘Surya Nutan’ के साथ ऐसा नहीं है। यह सिस्टम ऐसी टेक्नोलॉजी के साथ आता है जो कम धूप या बारिश के समय भी काम कर सकता है। यानी आपको मौसम की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

अक्षय तृतीया पर चमके-सोना चांदी….., जानिए पिछले 10 सालों में कितनी बढ़ी कीमतें ?

नई दिल्ली। अक्षय तृतीया 2026 (Akshaya Tritiya 2026) का त्योहार कल यानी 19 अप्रैल को है। 10 साल पहले यानी 2016 में अक्षय तृतीया के समय पर 10 ग्राम गोल्ड की कीमत (Gold Price) 30,100 रुपये थी। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार कल यानी शुक्रवार को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। यानी अगर किसी निवेशक ने 2026 में अक्षय तृतीया के समय पर 10,000 रुपये का निवेश किया होगा उसका इनवेस्टमेंट बढ़कर 45000 रुपये हो गया होगा। निवेशकों का तगड़ा फायदा हुआ है। बता दें, 10 साल में सोने का रेट 400 प्रतिशत बढ़ा है। चांदी के रेट में पिछले 10 साल में तेज इजाफा (Silver price histroy)2016 में अक्षय तृतीया के त्योहार के समय पर 1 किलोग्राम चांदी का रेट 41200 रुपये था। जोकि शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 247930 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यानी 10 साल में चांदी की कीमतों में 2,06,730 रुपये बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले एक साल में 50% बढ़ा सोने का रेट (Gold price surged 50 percent in one year)2025 में अक्षय तृतीया के समय पर गोल्ड का रेट 95500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। जोकि अब 151000 रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। यानी बीते साल अक्षय तृतीया की तुलना में इस बार सोने का रेट 50% से अधिक बढ़ चुका है। आज क्या है 24 से 14 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Price Today)इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 24 कैरेट गोल्ड का रेट शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, 23 कैरेट गोल्ड का रेट 150752 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट गोल्ड का रेट 138644 रुपये, 18 कैरेट गोल्ड का रेट 113519 रुपये और 14 कैरेट गोल्ड का रेट 88544 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। इससे पहले 16 अप्रैल को गोल्ड का रेट 153305 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी महज दो दिन में गोल्ड की कीमतों में करीब 2000 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, अप्रैल के महीने में गोल्ड का रेट लगभग स्थिर ही बना हुआ है। रिकॉर्ड हाई से क्यों गिरा गोल्ड का रेट? (Why Gold get cheaper)इसी साल एक समय पर गोल्ड का रेट 175000 रुपये को पार कर गया था। लेकिन वहां से गोल्ड की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना माना जा रहा है। वहीं, निवेशकों की तरफ से मुनाफावसूली भी जमकर देखने को मिली है।

19 अप्रैल से शुरू होगी Chardham Yatra 2026, जानें कब खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट

नई दिल्ली। Chardham Yatra 2026 का इंतजार अब खत्म हो गया है। उत्तराखंड की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा इस साल 19 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कब खुलेंगे चारों धाम के कपाटयात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। वहीं, बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। इस तरह कुछ ही दिनों के भीतर चारों धाम के द्वार खुल जाएंगे और पूरी यात्रा शुरू हो जाएगी। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु पहले यमुनोत्री, फिर गंगोत्री, उसके बाद केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन करते हैं। क्या है Chardham Yatra का महत्व और तैयारियांचार धाम यात्रा का धार्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस यात्रा को करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार भी सरकार ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी बेहतर बनाया जा रहा है। अगर आप भी इस साल चार धाम यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो समय रहते रजिस्ट्रेशन कराना और यात्रा की पूरी तैयारी करना जरूरी है, क्योंकि सीजन के दौरान भारी भीड़ देखने को मिलती है।

भारत-चीन के बीच सुधरते रिश्ते….दोनों देशों के बीच पहली बार हुई SCO द्विपक्षीय वार्ता

शांघाई। द्विपक्षीय सहयोग (Bilateral Cooperation) को बढ़ावा देने के प्रयासों और हाल ही में दोनों देशों के बीच सुधरे संबंधों के बीच, भारत और चीन (India and China) ने 16-17 अप्रैल को अपनी पहली शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization- SCO) द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की। साल 2024 में पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य गतिरोध के सुलझने के बाद से यह कदम दोनों देशों के बीच सुधरते कूटनीतिक रिश्तों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। बैठक के मुख्य विषय और चर्चाविदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने SCO नेताओं द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने और संगठन की भविष्य की रूपरेखा को लेकर अपने-अपने विचार साझा किए। भारत और चीन ने SCO से जुड़े मामलों में आपसी विचार-विमर्श और सहयोग को लगातार जारी रखने और उसे और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने संयुक्त रूप से विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की। इस दौरान सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी (संपर्क) और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित SCO ढांचे के भीतर सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई। बहुपक्षीय मंचों (BRICS और SCO) पर बढ़ता सहयोगसाल 2024 में सीमा विवाद सुलझने के बाद से दोनों देश ब्रिक्स (BRICS) और SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन गए थे। आगामी उच्च स्तरीय दौरेबीजिंग ने भारत की मौजूदा ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए अपना पूर्ण समर्थन जताया है। इसके तहत, चीनी विदेश मंत्री वांग यी 14-15 मई को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत का दौरा कर सकते हैं। इसके अलावा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी सितंबर में होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने की उम्मीद है। SCO को लेकर भारत का स्पष्ट रुखभारत इस यूरेशियन समूह (SCO) में अपनी सदस्यता को अत्यधिक महत्व देता है और इसके उद्देश्यों को लेकर उसका रुख बिल्कुल स्पष्ट है। भारत का मानना है कि SCO का प्राथमिक और मूल उद्देश्य क्षेत्र में आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद का डटकर मुकाबला करना है। भारत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए SCO को एक महत्वपूर्ण मंच मानता है। लेकिन भारत की स्पष्ट शर्त है कि इस तरह की कोई भी पहल सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का पालन करे, जो कि SCO चार्टर का भी मुख्य हिस्सा है। पीएम मोदी का कड़ा संदेशभारत के इसी रुख को दोहराते हुए पिछले साल तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि जो कनेक्टिविटी संप्रभुता को दरकिनार करती है, वह अंततः अपना भरोसा और अर्थ दोनों खो देती है।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे

कोलंबो। कूटनीतिक (Diplomatic) और जन-केंद्रित गतिविधियों के तहत, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (Vice President CP Radhakrishnan) 19 अप्रैल से श्रीलंका के दो दिवसीय दौरे (Sri Lanka two-day Visit) पर रहेंगे। यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति की श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात होगी। साथ ही वे भारतीय मूल के तमिल समुदाय से भी जुड़ेंगे। भारतीय मूल के 15 लाख तमिलों को संबोधित करेंगेयह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। वह श्रीलंका निवासी करीब 15 लाख भारतीय मूल के तमिलों को संबोधित कर उनसे चर्चा भी करेंगे। क्या रहेगा उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम?श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा के अनुसार, उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या और विपक्ष के नेता से मुलाकात के साथ-साथ श्रीलंकाई तमिल दलों और भारतीय मूल के तमिल राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शामिल है। झा ने कहा, उपराष्ट्रपति श्रीलंकाई विपक्ष के नेता से भी मिलेंगे।

इस हॉलीवुड फिल्म से लिया गया था ‘बाजीगर’ का वो खौफनाक सीन, देख सिहर उठेंगे आप

नई दिल्ली। रोमांस के किंग कहे जाने वाले Shah Rukh Khan ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं, लेकिन फिल्म Baazigar में उनका निगेटिव रोल आज भी फैंस के रोंगटे खड़े कर देता है। यह फिल्म न सिर्फ सुपरहिट रही, बल्कि इसने शाहरुख की इमेज को भी पूरी तरह बदल दिया। छत से धक्का देने वाला सीन था कॉपी?फिल्म का सबसे चर्चित और शॉकिंग सीन जब शाहरुख का किरदार Shilpa Shetty के किरदार को छत से नीचे धक्का दे देता है असल में हॉलीवुड फिल्म A Kiss Before Dying से इंस्पायर्ड बताया जाता है। यह हॉलीवुड फिल्म 1991 में रिलीज हुई थी, जबकि बाजीगर 1993 में आई। दोनों फिल्मों के इस सीन में काफी समानता देखी गई है, जिसने इसे और भी चर्चित बना दिया। क्या थी ‘बाजीगर’ की कहानीबाजीगर की कहानी बदले की आग में जल रहे एक शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है। वह अपनी दुश्मनी निकालने के लिए एक ही परिवार की दो बहनों को अपने प्यार के जाल में फंसाता है। इस दौरान उसकी असली मंशा सामने आती है, जो फिल्म को थ्रिल और सस्पेंस से भर देती है। शाहरुख नहीं थे पहली पसंददिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे। मेकर्स ने पहले Anil Kapoor को अप्रोच किया था, लेकिन उन्होंने इस रिस्की किरदार को करने से मना कर दिया। इसके बाद Salman Khan से भी बात हुई, लेकिन वह अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थे। अंत में जब शाहरुख को कहानी सुनाई गई, तो उन्होंने तुरंत हां कर दी। स्टोरी सुनते ही मान गए थे शाहरुखडायरेक्टर के मुताबिक, जब शाहरुख को कहानी सुनाई गई तो वह इतने प्रभावित हुए कि तुरंत उठकर गले लगा लिया और फिल्म करने के लिए हामी भर दी। यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। आज भी यादगार है ये फिल्मबाजीगर आज भी बॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। इसके डायलॉग्स, गाने और खासकर शाहरुख का निगेटिव किरदार दर्शकों के दिलों में आज भी जिंदा है। वर्क फ्रंट पर शाहरुख खान Shah Rukh Khan आखिरी बार Dunki में नजर आए थे। इससे पहले 2023 में उनकी Jawan और Pathaan जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में रिलीज हुई थीं। अब वह जल्द ही फिल्म King में नजर आने वाले हैं, जिसमें उनके साथ Suhana Khan, Deepika Padukone और Abhishek Bachchan अहम भूमिकाओं में होंगे। इस फिल्म को Siddharth Anand डायरेक्ट कर रहे हैं। ‘बाजीगर’ का यह सीन भले ही हॉलीवुड से प्रेरित हो, लेकिन शाहरुख खान की दमदार एक्टिंग ने इसे भारतीय सिनेमा में आइकॉनिक बना दिया। यही वजह है कि यह फिल्म आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है।

शूटिंग खत्म, लेकिन किस्मत अटकी-आज तक रिलीज नहीं हो पाईं ये फिल्में

नई दिल्ली। बॉलीवुड में फिल्म बनाना लंबी और मेहनत भरी प्रक्रिया होती है—स्टार्स, डायरेक्टर्स और पूरी टीम सालों तक काम करती है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि शूटिंग पूरी होने के बावजूद फिल्में रिलीज तक नहीं पहुंच पातीं। आज हम आपको ऐसी ही फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जो बनकर तैयार हैं लेकिन अब तक पर्दे से दूर हैं। Chakda ‘Xpress – अनुष्का शर्मा का रुका हुआ कमबैक Anushka Sharma ने इस फिल्म की शूटिंग साल 2022 में पूरी कर ली थी। इसमें वह भारतीय महिला क्रिकेटर Jhulan Goswami का किरदार निभा रही हैं। फिल्म को Netflix पर रिलीज होना था और इसे अनुष्का के कमबैक के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब तक इसकी रिलीज डेट सामने नहीं आई है। The Battle of Bhima Koregaon – ऐतिहासिक कहानी, रिलीज अटकी इस फिल्म में Arjun Rampal लीड रोल में हैं। कहानी 1818 की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है, जिसमें सिद्धनक महार की वीरता को दिखाया गया है। फिल्म की शूटिंग काफी पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक इसकी रिलीज को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई। Sanaa – फेस्टिवल में तारीफ, थिएटर में इंतजार Radhika Madan स्टारर इस फिल्म का प्रीमियर कई फिल्म फेस्टिवल्स में हो चुका है और इसे सराहना भी मिली। बावजूद इसके, फिल्म अब तक थिएटर या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं हो पाई है। Section 84 – अमिताभ बच्चन की फिल्म पर सस्पेंस Amitabh Bachchan, Abhishek Banerjee और Diana Penty स्टारर इस फिल्म की शूटिंग 2023 में पूरी हो चुकी थी। लेकिन अब तक मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। Shlok – The Desi Sherlock – बॉबी देओल की स्पाई थ्रिलर अटकी Bobby Deol की यह स्पाई थ्रिलर फिल्म 2022 में ही बनकर तैयार हो गई थी। इसे Kunal Kohli ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म के जरिए Ananya Birla ने एक्टिंग डेब्यू किया था, लेकिन रिलीज अब तक नहीं हो सकी। Shoebite – पूरी फिल्म, फिर भी रिलीज नहीं Amitabh Bachchan की यह फिल्म Shoojit Sircar के निर्देशन में बनी थी। फिल्म पूरी तरह तैयार है, लेकिन कानूनी और प्रोडक्शन से जुड़े कारणों के चलते यह आज तक रिलीज नहीं हो पाई। इन फिल्मों का अटका रहना यह दिखाता है कि फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ शूटिंग पूरी होना ही काफी नहीं होता। रिलीज के लिए कई और पहलुओं का सही होना जरूरी है चाहे वह कानूनी मुद्दे हों, प्लेटफॉर्म की रणनीति या मार्केटिंग प्लान।

रियलिज़्म के नाम पर बिंदास भाषा, इन फिल्मों ने मचा दी थी सनसनी

नई दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ और उसके सीक्वल ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ अपनी कहानी से ज्यादा संवादों में इस्तेमाल हुई गालियों को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ी हुई है—कुछ लोग इसे रियलिस्टिक बताते हैं तो कुछ इसे ओवरडोज मानते हैं। हालांकि, फिल्मों में कच्ची और तीखी भाषा का इस्तेमाल कोई नया ट्रेंड नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसी फिल्में आ चुकी हैं जिन्होंने अपनी बोल्ड डायलॉग डिलीवरी से सिनेमा में अलग पहचान बनाई। Gangs of Wasseypur – देसी गालियों का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’Anurag Kashyap की इस फिल्म को गालियों के इस्तेमाल का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। बिहार की देहाती भाषा और कच्चे संवादों ने फिल्म को रियल और रॉ बना दिया। यहां गालियां सिर्फ शब्द नहीं थीं, बल्कि कहानी का हिस्सा बन गईं। Delhi Belly – शहरी स्लैंग का बेबाक अंदाजAamir Khan के प्रोडक्शन में बनी इस डार्क कॉमेडी फिल्म ने शहरी गालियों को मेनस्ट्रीम में ला दिया। ‘एफ-वर्ड’ जैसे शब्दों का खुलकर इस्तेमाल उस समय काफी चौंकाने वाला था, लेकिन युवाओं ने इसे खूब पसंद किया। Omkara – देसी बोली में तीखापनVishal Bhardwaj ने शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ को देसी अंदाज में पेश करते हुए उत्तर प्रदेश की कड़क भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया। इससे किरदार और भी असली और प्रभावशाली लगे। Bandit Queen – विवादों में घिरी कड़वी सच्चाईShekhar Kapur की इस फिल्म में फूलन देवी की जिंदगी को बिना किसी लाग-लपेट के दिखाया गया। इसकी भाषा और सीन्स को लेकर सेंसर बोर्ड से लंबी लड़ाई चली, लेकिन फिल्म ने सिनेमा में रियलिज्म की नई परिभाषा दी। Udta Punjab – सिस्टम की सच्चाई दिखाती कच्ची भाषापंजाब के ड्रग संकट पर बनी इस फिल्म में किरदारों की हताशा और गुस्से को दिखाने के लिए गालियों का खुलकर इस्तेमाल किया गया। सेंसर बोर्ड के साथ इसकी लड़ाई भी काफी चर्चा में रही। Satya – अंडरवर्ल्ड की असली भाषाRam Gopal Varma की इस कल्ट क्लासिक फिल्म में मुंबई अंडरवर्ल्ड की कड़वी हकीकत को दिखाने के लिए सड़कछाप भाषा और गालियों का बेहतरीन इस्तेमाल हुआ। इससे किरदारों की खौफनाक छवि और मजबूत बनी। Animal – एग्रेसिव भाषा का नया ट्रेंडRanbir Kapoor स्टारर इस फिल्म ने हाल के समय में अपने हिंसक संवादों और तीखी भाषा से काफी विवाद खड़ा किया। Sandeep Reddy Vanga की इस फिल्म ने बड़े बजट के सिनेमा में ‘वर्बल एग्रेसन’ को नया आयाम दिया। ‘धुरंधर’ को लेकर चल रही बहस के बीच यह साफ है कि फिल्मों में गालियों का इस्तेमाल हमेशा से कहानी को ज्यादा रियल और प्रभावी बनाने के लिए किया जाता रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि समय के साथ इसकी तीव्रता और स्वीकार्यता बदलती गई है।

एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा

भोपाल। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को जहां लू जैसी गर्म हवाएं चलीं, वहीं कई जिलों में बादलों की आवाजाही भी बनी रही। रतलाम में तापमान रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। रविवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। अप्रैल महीने में यह दूसरी बार है जब प्रदेश में मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। इससे पहले 1 से 9 अप्रैल के दौरान पूरे राज्य में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला था। इसके बाद तेज गर्मी ने जोर पकड़ लिया। अब करीब 10 दिन बाद मौसम विभाग, भोपाल ने फिर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पहली बार 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान इस सीजन में पहली बार प्रदेश का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। उमरिया में 43.8 डिग्री और मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। खजुराहो (छतरपुर) में 42.9 डिग्री, गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह और नौगांव में 42.5 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और सतना में तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया। तेज गर्मी से बचाव के लिए सलाह जारी गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवायजरी भी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में ज्यादा देर तक बाहर न रहने, हल्के और सूती कपड़े पहनने की भी अपील की गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।