स्कूल परिसर में आगजनी से नुकसान, प्रधानाध्यापक ने दर्ज कराई शिकायत

नई दिल्ली। सतना शहर के महदेवा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय की बगिया में आगजनी की गंभीर घटना सामने आई है। अज्ञात असामाजिक तत्वों ने स्कूल परिसर में आग लगा दी, जिससे सैकड़ों पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए। इस घटना ने न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया, बल्कि स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया है। मामले में प्रधानाध्यापक आलोक त्रिपाठी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। छुट्टी के बाद दिया गया घटना को अंजामजानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4:30 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्टाफ परिसर से चला गया था। इसके बाद अज्ञात लोगों ने सुनसान का फायदा उठाकर बगिया में आग लगा दी। रविवार को अवकाश के दिन वार्ड पार्षद अच्छेलाल कोल ने परिसर में आग लगी देखी और तुरंत इसकी सूचना स्कूल के प्रधानाध्यापक को दी। मशक्कत के बाद बुझी आग, तब तक भारी नुकसानसूचना मिलते ही प्रधानाध्यापक और पार्षद मौके पर पहुंचे और काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक करीब एक सैकड़ा पेड़-पौधे पूरी तरह झुलस चुके थे। घटना को जानबूझकर अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएंप्रधानाध्यापक आलोक त्रिपाठी के अनुसार, स्कूल परिसर में अब तक 2 हजार से अधिक पौधों का रोपण और संरक्षण किया गया है, जिनमें करीब 600 वृक्ष विकसित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की आगजनी की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, जिससे लगातार पर्यावरण को नुकसान हो रहा है।
खुशियों का जश्न बना मातम ,नाहरकोला में शादी के बीच चाकू चले, पुलिस पर भी हमला

इटारसी/ नर्मदापुरम । नर्मदापुरम जिले के नाहरकोला गांव में शादी समारोह के दौरान डीजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जिसमें एक व्यक्ति की मौत और आरक्षक समेत 6 लोग घायल हो गए जिले के शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नाहरकोला में एक शादी समारोह उस वक्त भयावह हिंसा में बदल गया जब मामूली सा डीजे बजाने का विवाद अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया खुशियों और जश्न का माहौल देखते ही देखते चीख पुकार और अफरा तफरी में बदल गया और कुछ ही देर में पूरा गांव दहशत के साए में आ गया बताया जा रहा है कि शादी समारोह में डीजे को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी शुरुआत में यह एक सामान्य बहस लग रही थी लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और फिर चाकू निकल आए इस दौरान हुई ताबड़तोड़ चाकूबाजी में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की लेकिन हमलावर इतने उग्र थे कि उन्होंने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया इस दौरान आरक्षक ओम जाट बीच बचाव करने आगे आए तो आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए उनके पेट हाथ और पैर पर कई गहरे घाव आए हैं बताया जा रहा है कि उन्हें कुल 9 गंभीर चोटें लगी हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है इस हिंसक झड़प में आरक्षक सहित कुल 6 लोग घायल हुए हैं सभी घायलों को तुरंत नर्मदापुरम के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और गंभीर रूप से घायल लोगों को बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें मारपीट और चाकूबाजी का खौफनाक दृश्य देखा जा सकता है यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच डर और आक्रोश दोनों बढ़ा रहा है गांव में इस घटना के बाद से भारी तनाव का माहौल है और लोग सहमे हुए हैं पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और लगातार दबिश दी जा रही है पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटी छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा किस तरह समाज के लिए खतरा बनती जा रही है एक मामूली विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन ली और कई लोगों को जिंदगी और मौत के बीच झूलने पर मजबूर कर दिया
रीवा में बनेगा प्रयागराज जैसा केबल ब्रिज, 165 करोड़ की लागत से बदलेगी तस्वीर

नई दिल्ली। रीवा में ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या से राहत दिलाने के लिए एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। कमिश्नर बंगले से ढेकहा तिराहे तक 165 करोड़ रुपए की लागत से फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत बीहर नदी पर प्रयागराज के यमुना पुल की तर्ज पर एक अत्याधुनिक केबल ब्रिज बनाया जाएगा। यह ब्रिज विंध्य क्षेत्र का पहला केबल ब्रिज होगा, जिससे शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। मजबूत केबल्स पर टिका होगा हाईटेक ब्रिजइस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी देते हुए राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि यह केबल ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण होगा। पुल का पूरा ढांचा मजबूत धातु की केबल्स पर टिका रहेगा, जो इसे पारंपरिक पुलों से अलग और अधिक आकर्षक बनाएगा। यह तकनीक न केवल मजबूती देती है, बल्कि पुल की खूबसूरती को भी बढ़ाती है। जाम से मिलेगी राहत, सफर होगा आसानरीवा शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते लंबे समय से फ्लाईओवर की मांग की जा रही थी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचना भी पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। आधुनिक पहचान की ओर बढ़ेगा रीवाकरीब 165 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के सौंदर्य और विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। केबल ब्रिज के निर्माण से रीवा को एक आधुनिक शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी और यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में विकास का प्रतीक बनेगा।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, 2 घंटे तड़पती रही महिला; अस्पताल में बवाल

नई दिल्ली। सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह एक 30 वर्षीय प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हो गया। मृतका की पहचान संध्या अहिरवार के रूप में हुई है, जिन्हें प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों व स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। “2 घंटे तड़पती रही, गलत इंजेक्शन से बिगड़ी हालत”परिजनों का आरोप है कि संध्या को समय पर इलाज नहीं मिला। उन्होंने बताया कि भर्ती के बाद वह करीब 2 घंटे तक दर्द से तड़पती रही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। रविवार रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत और ज्यादा खराब हो गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है और उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताया है। मौत के बाद चेहरा तक नहीं देखने दिया, परिजनों का आरोपगुस्साए परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद उन्हें संध्या का चेहरा तक देखने नहीं दिया गया। इस बात से आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने अस्पताल गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बंडा से रेफर होकर आई थी प्रसूताजानकारी के मुताबिक, संध्या अहिरवार को 17 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर बंडा अस्पताल से रेफर कर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार रात दर्द बढ़ने पर उसे लेबर रूम में शिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।
विधायक का बेटे के लिए खुला ऐलान ,SDPO को चुनौती करेरा किसी के बाप का नहीं सियासत गरमाई

शिवपुरी । शिवपुरी जिले की सियासत उस वक्त गरमा गई जब पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया वीडियो में विधायक का आक्रामक अंदाज और पुलिस अधिकारी को दी गई खुली चुनौती चर्चा का केंद्र बन गई है इस पूरे मामले ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा की है बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नई बहस छेड़ दी है वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ को सीधे तौर पर चुनौती देते नजर आ रहे हैं उनका कहना है कि करेरा किसी के बाप का नहीं है और उनका बेटा दिनेश लोधी वहां जाएगा और चुनाव भी लड़ेगा विधायक के इस बयान ने यह साफ कर दिया कि वे अपने बेटे के पक्ष में खुलकर खड़े हैं और किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं दरअसल पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है जब विधायक के छोटे बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से कथित रूप से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की थी शुरुआत में विधायक ने खुद सोशल मीडिया के जरिए यह कहा था कि उनके लिए जनता सबसे ऊपर है और कानून अपना काम करेगा लेकिन घटनाक्रम तेजी से बदलता नजर आया बताया जा रहा है कि हादसे के दो दिन बाद जब दिनेश लोधी को करेरा एसडीओपी के सामने पेश किया गया तब एसडीओपी आयुष जाखड़ ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि वह भविष्य में करेरा क्षेत्र में नजर न आएं इसी बात ने विवाद को और हवा दे दी और विधायक का रुख अचानक बदल गया वीडियो में विधायक का गुस्सा साफ झलकता है वे कहते हैं कि उनके बेटे के साथ हुए मामूली एक्सीडेंट को बेवजह बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया और पुलिस अनावश्यक रूप से सख्ती दिखा रही है उनका यह भी कहना है कि उनका बेटा न केवल करेरा जाएगा बल्कि वहां से चुनाव भी लड़ेगा यह बयान स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा करने के लिए काफी है क्योंकि इसे सीधे तौर पर एक राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं एक ओर जहां कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर चर्चा हो रही है वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के आचरण और उनके बयानों को लेकर भी बहस तेज हो गई है विधायक का यह बयान क्या सिर्फ एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है या इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति छिपी है यह आने वाले समय में साफ होगा फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग यह देख रहे हैं कि प्रशासन और सरकार इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाती है
Illegal Sand Mining : चंबल में अवैध रेत पर सर्जिकल स्ट्राइक! ड्रोन निगरानी और 93 एसएएफ जवान तैनात

HIGHLIGHTS: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सख्त कार्रवाई चंबल नदी किनारे 93 SAF जवान तैनात ड्रोन कैमरों से 24 घंटे निगरानी चार प्रमुख पॉइंट पर सुरक्षा व्यवस्था संयुक्त टास्क फोर्स की लगातार गश्त Illegal Sand Mining : ग्वालियर। चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के 93 जवानों की तैनाती की है, जो नदी किनारे 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग करेंगे। ड्रोन से निगरानी, हर गतिविधि पर नजर राजघाट क्षेत्र में अब ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने दो ड्रोन तैनात किए हैं, जिनसे अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में ड्रोन की संख्या और बढ़ाने की योजना है, ताकि किसी भी तरह की हलचल को तुरंत पकड़ा जा सके। ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, पोते ने दादी का हाथ चबाया; नशे में किया हंगामा चार अहम पॉइंट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था राजघाट से लेकर रेत मंडी तक चार प्रमुख स्थानों पर जवान तैनात किए गए हैं। चंबल राजघाट और पुल क्षेत्र में 50 जवान तीन शिफ्ट में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। सिकरौदा नहर, वन विभाग की जांच चौकियों और राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रेत मंडी पर भी सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, जिससे अवैध परिवहन पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। टेंट लगाकर 24 घंटे पहरेदारी, संयुक्त गश्त जारी एसएएफ के जवान नदी किनारे टेंट लगाकर लगातार पहरेदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही खनन, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स सभी संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रही है। फिलहाल निगरानी के बाद इलाके में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं मिली है। Astro Tips: इस सुगंधित वस्तु से मजबूत होते हैं चंद्र शुक्र गुरु अवैध खनन पर लगेगी पूरी तरह लगाम? लगातार हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए यह अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इस सख्ती के बाद अवैध रेत कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सीएम ने विजेता टीम को दिया 1 लाख का इनाम, क्षीर सागर मैदान बनेगा स्टेडियम

नई दिल्ली। उज्जैन में रविवार देर रात क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर नजर आया, जब डॉ. मोहन यादव अचानक क्षीर सागर मैदान में चल रहे फिरोजिया ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पहुंच गए। रात करीब 12 बजे मुख्यमंत्री के मैदान में पहुंचते ही माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों को देखकर उन्होंने कहा कि यह नजारा उज्जैन के खेल प्रेमियों के जुनून को साफ दर्शाता है। उन्होंने हल्के अंदाज में यह भी कहा कि मैच के दौरान भाषण देना ठीक नहीं लगता, क्योंकि लोग यहां सिर्फ खेल का आनंद लेने आते हैं। विजेता टीम को 1 लाख का इनाम, खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसलामुख्यमंत्री ने फाइनल मुकाबले के बाद विजेता टीम को 1 लाख रुपए और उपविजेता टीम को 51 हजार रुपए का अतिरिक्त नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। इस घोषणा से खिलाड़ियों और आयोजकों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करते हैं और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका देते हैं। साथ ही उन्होंने जिले के अन्य खेल स्थलों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी काम करने की बात कही। क्षीर सागर मैदान बनेगा आधुनिक स्टेडियमइस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए क्षीर सागर मैदान को आधुनिक स्टेडियम के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना मजबूत होने से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और वे राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकेंगे। यह घोषणा उज्जैन के खेल जगत के लिए एक बड़ा तोहफा मानी जा रही है। 21 साल पुरानी परंपरा, फिरोजिया ट्रॉफी का खास महत्वफिरोजिया ट्रॉफी का आयोजन 12 अप्रैल से शुरू हुआ था, जिसका फाइनल मुकाबला रविवार को खेला गया। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट पिछले 21 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसे उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया के पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में आयोजित किया जाता है। इस लंबे समय से चली आ रही परंपरा ने स्थानीय स्तर पर कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देने का काम किया है।
क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा

देवास । देवास जिले के नेवरी इलाके में एक साधारण सा खेल अचानक ऐसी त्रासदी में बदल गया जिसने पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया खेत के पास बने एक खाली मैदान में बच्चे रोज की तरह क्रिकेट खेल रहे थे हंसी ठिठोली और खेल का उत्साह अपने चरम पर था तभी खेलते खेलते गेंद पास के एक पुराने कुएं में जा गिरी किसी ने नहीं सोचा था कि यही एक छोटी सी घटना दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगी करीब पंद्रह वर्षीय देवेंद्र सबसे पहले गेंद निकालने के लिए कुएं में उतरा बताया जा रहा है कि कुएं में पानी का स्तर काफी ज्यादा था और फिसलन भी थी जैसे ही वह नीचे पहुंचा उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगा ऊपर खड़े उसके साथियों के बीच अचानक चीख पुकार मच गई इसी बीच अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में सोलह वर्षीय राजवीर बिना कुछ सोचे समझे कुएं में कूद पड़ा लेकिन यह बहादुरी दोनों के लिए भारी पड़ गई दोनों एक दूसरे को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन पानी की गहराई और घबराहट ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया कुछ ही पलों में दोनों पानी में समा गए ऊपर खड़े बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मातम का माहौल है सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह रही कि देवेंद्र का उसी दिन जन्मदिन था जिस दिन उसकी जिंदगी खत्म हो गई वह अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा था पिता के निधन के बाद मां ने बेटे के सहारे ही जिंदगी को थाम रखा था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था बेटे का शव देखते ही मां का विलाप हर किसी की आंखें नम कर गया राजवीर भी अपने परिवार का चहेता था और उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया दोनों बच्चों की दोस्ती और एक दूसरे के लिए जान जोखिम में डालने की कोशिश अब गांव के हर व्यक्ति के दिल को चुभ रही है पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा गांव में हर व्यक्ति इस हादसे को याद कर सहम उठा है और यह सवाल हर किसी के मन में है कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाती तो शायद ये दो जिंदगियां बच सकती थीं यह हादसा एक कड़वी सीख भी छोड़ गया है कि खुले कुएं और असुरक्षित स्थान बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं एक छोटी सी लापरवाही कब बड़ी त्रासदी बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है
जेल अस्पताल में फांसी लगाकर बंदी ने दी जान, 2 साल से काट रहा था सजा

नई दिल्ली। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र केंद्रीय जेल में सोमवार सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे जेल के अस्पताल वार्ड नंबर-3 के बाथरूम में बंदी का शव गमछे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक, जेलर और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। 2024 से जेल में था बंद, हत्या का मामला चल रहा थामृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा (58) के रूप में हुई है, जो 16 अगस्त 2024 से जेल में बंद था। वह संजीवनी नगर क्षेत्र का निवासी था और उसके खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज था। बताया जा रहा है कि वह शुगर जैसी बीमारी से भी पीड़ित था। फिलहाल उसका केस अदालत में विचाराधीन था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह जेल अस्पताल में भर्ती था, जहां उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिजनों को दी गई सूचनाघटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों को भी सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। जेल प्रशासन का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। एक दिन पहले भोपाल जेल में भी हुआ था ऐसा ही मामलाइस घटना से एक दिन पहले भोपाल की सेंट्रल जेल में भी एक बंदी ने आत्महत्या कर ली थी। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने जेल परिसर की गौशाला में पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज में शव रखवाकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
फिर चर्चा में ट्रंप का ‘नोबेल कनेक्शन’: मचाडो बोलीं—वह ऐसे नेता…

वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप और नोबेल पुरस्कार को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इस बार वजह बनी हैं कोरिना मचाडो, जिन्होंने ट्रंप की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें ऐसा नेता बताया है, जिसने वेनेजुएला की आज़ादी के लिए जोखिम उठाया। मचाडो ने क्या कहा? मैड्रिड में आयोजित एक कार्यक्रम में मचाडो ने कहा कि दुनिया ट्रंप को ऐसे नेता के रूप में देखती है, जिन्होंने वेनेजुएला को तानाशाही से मुक्त कराने के प्रयास में अपने देश के नागरिकों की जान तक खतरे में डाली। उन्होंने यह भी साफ किया कि अपने फैसलों को लेकर उन्हें कोई पछतावा नहीं है। ‘नोबेल पदक’ को लेकर क्यों मचा विवाद? रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, जिसके बाद उन्होंने अपना पदक ट्रंप को सौंप दिया। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी। हालांकि, नोबेल समिति ने स्पष्ट किया कि पुरस्कार किसी एक व्यक्ति को ही दिया जाता है इसे न ट्रांसफर किया जा सकता है, न साझा यानी पदक भले किसी के पास हो, लेकिन सम्मान का अधिकार मूल विजेता के पास ही रहता है। ट्रंप और नोबेल—पुराना रिश्ता ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रोकने का दावा करते हुए खुद को इस पुरस्कार का दावेदार बताया था। लेकिन समिति ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए उनके नाम पर विचार नहीं किया। वेनेजुएला की राजनीति भी बनी वजह इस पूरे मामले के पीछे निकोलस मादुरो सरकार के खिलाफ अमेरिकी रुख भी एक अहम कारण रहा। मचाडो ने इसे वेनेजुएला के लिए ऐतिहासिक बताया, जबकि कई विशेषज्ञ इसे राजनीतिक रणनीति मानते हैं। ट्रंप और नोबेल पुरस्कार को लेकर विवाद नया नहीं है, लेकिन मचाडो के ताजा बयान ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है। यह मामला सिर्फ एक पदक का नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति, छवि और प्रभाव की जंग का हिस्सा बन चुका है।