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Illegal Sand Mining : चंबल में अवैध रेत पर सर्जिकल स्ट्राइक! ड्रोन निगरानी और 93 एसएएफ जवान तैनात

Illegal Sand Mining

HIGHLIGHTS:

  • सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सख्त कार्रवाई
  • चंबल नदी किनारे 93 SAF जवान तैनात
  • ड्रोन कैमरों से 24 घंटे निगरानी
  • चार प्रमुख पॉइंट पर सुरक्षा व्यवस्था
  • संयुक्त टास्क फोर्स की लगातार गश्त

 

CHMBAL ILLEGAL MINING
CHMBAL ILLEGAL MINING

Illegal Sand Mining : ग्वालियर। चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के 93 जवानों की तैनाती की है, जो नदी किनारे 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग करेंगे।

ड्रोन से निगरानी, हर गतिविधि पर नजर

राजघाट क्षेत्र में अब ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने दो ड्रोन तैनात किए हैं, जिनसे अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में ड्रोन की संख्या और बढ़ाने की योजना है, ताकि किसी भी तरह की हलचल को तुरंत पकड़ा जा सके।

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चार अहम पॉइंट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

राजघाट से लेकर रेत मंडी तक चार प्रमुख स्थानों पर जवान तैनात किए गए हैं। चंबल राजघाट और पुल क्षेत्र में 50 जवान तीन शिफ्ट में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। सिकरौदा नहर, वन विभाग की जांच चौकियों और राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रेत मंडी पर भी सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, जिससे अवैध परिवहन पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

टेंट लगाकर 24 घंटे पहरेदारी, संयुक्त गश्त जारी

एसएएफ के जवान नदी किनारे टेंट लगाकर लगातार पहरेदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही खनन, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स सभी संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रही है। फिलहाल निगरानी के बाद इलाके में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं मिली है।

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अवैध खनन पर लगेगी पूरी तरह लगाम?

लगातार हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए यह अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इस सख्ती के बाद अवैध रेत कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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