पहाड़ों के बीच सुकून तलाशने वालों के लिए जन्नत से कम नहीं है शानगढ़!

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की सैंज घाटी में स्थित शानगढ़ एक ऐसा शांत और प्राकृतिक गांव है जो अपनी अनछुई सुंदरता और सादगी के कारण विशेष पहचान रखता है। ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों और विशाल हरित मैदानों के बीच बसा यह स्थान शहरों की भागदौड़ से दूर एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराता है। यहां पहुंचते ही वातावरण की शांति और ठंडी हवा मन को सुकून देती है और ऐसा महसूस होता है जैसे जीवन की गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई हो। शानगढ़ की सबसे बड़ी विशेषता इसके विस्तृत घास के मैदान हैं जो दूर तक फैले हुए हैं और चारों ओर हरियाली का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं। देवदार के ऊंचे पेड़, लकड़ी से बने पारंपरिक घर और पहाड़ी जीवनशैली इस गांव की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाते हैं। यहां का जीवन आज भी सरल और प्रकृति के करीब है जहां लोग अपनी परंपराओं को संजोकर रखते हैं। आधुनिकता का प्रभाव सीमित होने के कारण यहां का वातावरण शुद्ध और प्राकृतिक बना हुआ है। यह स्थान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर स्थानीय आस्था का केंद्र है जहां लोगों की गहरी श्रद्धा जुड़ी हुई है। मंदिर के आसपास बने लकड़ी के छोटे ढांचे और पारंपरिक स्थापत्य शैली इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। शांत वातावरण में स्थित यह धार्मिक स्थल ध्यान और आत्मिक शांति के लिए उपयुक्त माना जाता है। शानगढ़ का मौसम पूरे वर्ष बदलता रहता है और हर मौसम इसकी सुंदरता को एक नया रूप देता है। वसंत और गर्मियों के दौरान यहां के घास के मैदान हरे और जीवंत हो जाते हैं तथा हल्की धूप वातावरण को और सुखद बना देती है। गर्मियों में भी यहां का तापमान अपेक्षाकृत ठंडा रहता है जिससे यह स्थान मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत पाने के लिए उपयुक्त बन जाता है। शरद ऋतु में सेब और अखरोट के बागान इस क्षेत्र की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। सर्दियों में ठंडी हवाएं और हल्की बर्फ इसे एक शांत और आकर्षक रूप प्रदान करती हैं। मानसून के समय इस क्षेत्र में यात्रा सावधानी से करनी चाहिए क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद अन्य मौसमों में यहां का सफर बेहद मनमोहक होता है और हर मोड़ पर प्राकृतिक दृश्य यात्रियों को आकर्षित करते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है जो यात्रा को रोमांचक और यादगार बना देता है। शानगढ़ में पर्यटकों के लिए होमस्टे की सुविधा उपलब्ध है जहां उन्हें स्थानीय जीवनशैली को करीब से देखने का अवसर मिलता है। यहां का पारंपरिक भोजन और सरल आतिथ्य पर्यटकों के अनुभव को और भी खास बना देता है। यह गांव उन लोगों के लिए एक आदर्श स्थान है जो प्रकृति के बीच शांति और सुकून के पल बिताना चाहते हैं और भीड़भाड़ से दूर एक सादगी भरा अनुभव तलाश रहे हैं।
iPhone 17 Pro Max जैसा लुक, लेकिन आधी कीमत में Flipkart पर Infinix का धमाका

नई दिल्ली। स्मार्टफोन बाजार में नए लॉन्च हुए Infinix Note 60 Pro की आज पहली सेल आयोजित की जा रही है। कंपनी ने इसे हाल ही में लॉन्च किया था और अब 20 अप्रैल को यह फोन Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इस फोन को प्रीमियम डिजाइन और दमदार फीचर्स के कारण बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। खास बात यह है कि इसकी कीमत मिड-रेंज में होने के बावजूद इसमें कई हाई-एंड फीचर्स दिए गए हैं। कीमत और ऑफर्सInfinix Note 60 Pro की शुरुआती कीमत ₹31,999 (8GB RAM + 128GB स्टोरेज) रखी गई है। वहीं 256GB स्टोरेज वेरिएंट ₹34,999 में उपलब्ध है। पहली सेल के दौरान ग्राहकों को SBI, ICICI, Yes Bank, Bank of Baroda और IDFC Bank के कार्ड पर ₹3,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। इसके अलावा 12 महीने तक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी दिया जा रहा है। डिस्प्ले और डिजाइनफोन में 6.78 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 4500 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन दिया गया है। डिजाइन के मामले में यह फोन प्रीमियम लुक देता है, जो इसे इस प्राइस रेंज में खास बनाता है। परफॉर्मेंस और प्रोसेसरइस स्मार्टफोन में Qualcomm Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जिससे यूजर्स को स्मूद और तेज परफॉर्मेंस मिलती है। यह फोन गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। कैमरा और फीचर्सकैमरा की बात करें तो इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा (OIS के साथ) और 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा दिया गया है। वहीं सेल्फी के लिए 13MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है। यह फोन 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है। बैटरी और चार्जिंगफोन में 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक बैकअप देती है। इसके साथ 90W फास्ट चार्जिंग और 30W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है। Infinix Note 60 Pro में IP64 डस्ट और स्प्लैश रेसिस्टेंस, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और NFC जैसे फीचर्स भी शामिल हैं। Infinix Note 60 Pro इस प्राइस सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है। दमदार बैटरी, शानदार डिस्प्ले और आकर्षक ऑफर्स के साथ यह फोन ग्राहकों को लुभाने में सफल हो सकता है।
खेल का महाकुंभ उज्जैन में सम्पन्न, फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल में CM की बड़ी घोषणाएं

उज्जैन । उज्जैन शहर में आयोजित फिरोजिया ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। क्षीर सागर मैदान पर खेले गए इस फाइनल मैच में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों को अंत तक रोमांच से बांधे रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में देर रात तक भारी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में मौजूद रहे, जिससे शहर में क्रिकेट और खेल के प्रति गहरा जुनून देखने को मिला। फाइनल मुकाबला 12 से 19 अप्रैल तक चली इस प्रतियोगिता का समापन था, जिसमें दोनों टीमों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर विजेता टीम के लिए 1 लाख रुपये और उपविजेता टीम के लिए 51 हजार रुपये की नगद राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हैं और उनमें अनुशासन तथा टीम भावना को मजबूत बनाते हैं। सीएम ने उज्जैन में खेल सुविधाओं के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि नानाखेड़ा स्टेडियम, माधव नगर मैदान और दशहरा मैदान का आधुनिकरण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षीरसागर मैदान को भी एक आधुनिक खेल स्टेडियम के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यह प्रतियोगिता पिछले 21 वर्षों से आयोजित की जा रही है और इसका आयोजन सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा उनके स्वर्गीय पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में किया जाता है। इस बार आयोजन में महिला क्रिकेट मैच और मातृशक्ति सम्मान समारोह भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिससे कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम भी मिला। फाइनल मुकाबले के बाद पूरे आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। खिलाड़ियों के प्रदर्शन और दर्शकों की भारी भागीदारी ने यह साबित किया कि उज्जैन में खेल संस्कृति लगातार मजबूत हो रही है।
अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ ने वीकेंड पर पकड़ी रफ्तार, कलेक्शन में उछाल

नई दिल्ली। अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म भूत बंगला (Bhooth Bangla) लगातार सुर्खियों में छाई हुई है। आपको बता दें, इस फिल्म में वीकेंड का फायदा उठाकर काफी अच्छा कलेक्शन कर लिया है। तो चलिए उसकी रिपोर्ट जानते हैं। फैंस भी ट्विटर पर इस फिल्म की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं काफी अच्छा रिव्यु इस फिल्म को दे रहे हैं यह एक कॉमेडी हॉरर फिल्म हैं। फिल्म का कलेक्शनरिलीज के पहले दिन से ही फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और पहले वीकेंड में इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया. दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज ने यह साफ कर दिया है कि अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी आज भी बॉक्स ऑफिस पर मचा सकती है।भूत बंगला’ के तीसरे दिन के कलेक्शन ने बॉक्स ऑफिस पर हलचल मचा दी है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने रविवार को अब तक 23 करोड़ की शानदार कमाई कर ली है। फिल्म का कुल कलेक्शनहॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ के लिए पहला वीकेंड बेहद शानदार रहा। फिल्म ने महज तीन दिनों में 58 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।जबकि ग्रॉस कलेक्शन 69.37 करोड़ तक पहुंच चुका है। दर्शकों के बीच अक्षय और प्रियदर्शन का पुराना जादू फिर से सिर चढ़कर बोल रहा है, जिससे फिल्म की कमाई में हर दिन जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। फिल्म के कास्टइस फिल्म से प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी पूरे 14 साल बाद स्क्रीन पर वापस लौटी है।इससे पहले ये दोनों ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’ और ‘खट्टा मीठा’ जैसी कई कल्ट फिल्में दे चुके हैं, यही वजह है कि फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। और अब जब फिल्म रिलीज हो गई है तो बस चढ़कर सिनेमाघर पहुंच रहे हैं। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, तब्बू, राजपाल यादव, असरानी और जीशु सेनगुप्ता जैसे बड़े हुए कलाकार भी अहम रोल में हैं।
ग्वालियर GRP कांड: वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित

ग्वालियर । ग्वालियर शहर में रेलवे स्टेशन पर तैनात शासकीय रेलवे पुलिस GRP पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। अवैध वसूली और दो वेंडरों के साथ मारपीट के मामले में ब्रॉडगेज BG और नैरोगेज NG थानों में पदस्थ कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पूरा मामला शनिवार देर रात का बताया जा रहा है। ग्वालियर की आर.के. कंपनी की किचन में काम करने वाले वेंडर अमित धाकरे और राघव सिंह बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस में ऑर्डर का खाना सप्लाई करने जा रहे थे। दोनों वेंडरों के पास IRCTC द्वारा जारी वैध पहचान पत्र भी मौजूद था। इसके बावजूद GRP कर्मियों द्वारा उन्हें रोके जाने और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं। पीड़ित वेंडरों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें रोका और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में दोनों वेंडरों को गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी रहा। घटना के बाद स्टेशन परिसर में भी कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी जैसे ही सामने आई मामला ग्वालियर से लेकर भोपाल तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच दल तत्काल ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच के आधार पर GRP ब्रॉडगेज और नैरोगेज थानों में तैनात आरक्षक योगेश जाट मनोज जाट आशीष चौरसिया विकास सोलंकी नमन कुमार और निहाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई GRP पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा द्वारा की गई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कठोर कार्रवाई संभव है। वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर वेंडरों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर और निष्पक्ष जांच नहीं होती तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहेगी। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह पूरा मामला रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आम लोगों का कहना है कि यदि वैध पहचान पत्र होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं होती हैं तो सिस्टम में सुधार की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
सरकार की बड़ी स्कॉलरशिप योजना, विदेश में शिक्षा के लिए मिलेगा फंड

नई दिल्ली। सरकार ने छात्रों के लिए एक बड़ा मौका दिया है। National Overseas Scholarship (NOS) के तहत इस साल 125 स्कॉलरशिप दी जा रही हैं, जिससे छात्र विदेश में मास्टर्स और पीएचडी कर सकते हैं। यह योजना खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए शुरू की गई है, ताकि वे विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर सकें। इस स्कीम को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय चलाता है और इसका उद्देश्य छात्रों को ग्लोबल स्तर पर पढ़ाई का मौका देना है। इस स्कॉलरशिप के तहत ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, ट्रैवल, वीजा और हेल्थ इंश्योरेंस तक का खर्च सरकार उठाती है। कौन कर सकता है National Overseas Scholarship में आवेदनइस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन वही छात्र कर सकते हैं जो SC, डिनोटिफाइड/नोमैडिक ट्राइब्स, लैंडलेस लेबर या ट्रेडिशनल आर्टिजन कैटेगरी से आते हैं। योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास कम से कम 60% अंक होना जरूरी है। मास्टर्स के लिए ग्रेजुएशन और पीएचडी के लिए पोस्टग्रेजुएशन जरूरी है। उम्र सीमा 35 साल से कम होनी चाहिए और परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सबसे जरूरी शर्त यह है कि छात्र के पास विदेश की टॉप 500 QS रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटी से एडमिशन ऑफर होना चाहिए। कैसे होता है चयन और कितनी मिलती है स्कॉलरशिपइस योजना के तहत हर साल कुल 125 सीटें दी जाती हैं, जिसमें 30% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं। चयन प्रक्रिया दो चरणों में होती है। पहले चरण में यूनिवर्सिटी की रैंकिंग के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। अगर रैंकिंग समान होती है तो उम्मीदवार के अंकों को देखा जाता है। ज़्यादा जानेंबच्चों के नामकरण सेवाबॉलीवुड समाचारटेक्नोलॉजी अपडेटइस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को पूरी फाइनेंशियल मदद मिलती है। पीएचडी के लिए 4 साल और मास्टर्स के लिए 3 साल तक सहायता दी जाती है। कुल मिलाकर, यह स्कीम उन छात्रों के लिए सुनहरा मौका है जो विदेश में पढ़ाई का सपना देखते हैं लेकिन आर्थिक वजहों से पीछे रह जाते हैं।
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच '2030 का मास्टरप्लान' तैयार; 50 बिलियन डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य के साथ शुरू हुआ आर्थिक दोस्ती का नया स्वर्णिम युग!

नई दिल्ली। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई जिसमें दोनों देशों ने अपने रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई मजबूती देने पर सहमति जताई। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के बीच व्यापक चर्चा हुई जिसमें व्यापार विस्तार, निवेश सहयोग, तकनीकी विकास, सांस्कृतिक आदान प्रदान और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर गहन विचार किया गया। बैठक के बाद दोनों देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई नए कदमों की घोषणा की और आने वाले वर्षों में साझेदारी को अधिक व्यापक और परिणाममुखी बनाने का संकल्प दोहराया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध पिछले कई वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की नींव और अधिक गहरी हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोनों देशों को एक मजबूत साझेदार बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी इंडो पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग पर विशेष जोर दिया गया और दोनों देशों ने मौजूदा व्यापार को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। वर्तमान में यह व्यापार लगभग 27 बिलियन डॉलर के स्तर पर है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वित्तीय सहयोग को आसान बनाने, औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने और निवेश के नए अवसर खोलने पर सहमति बनी। इसके लिए एक नए वित्तीय सहयोग मंच की शुरुआत की गई है जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक लेनदेन और निवेश प्रक्रिया अधिक सरल हो सकेगी। औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। इसके साथ ही आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एक नया संवाद तंत्र शुरू किया गया है। भारत में कोरियाई कंपनियों के लिए औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी सहमति बनी है जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक नए डिजिटल सहयोग मंच की शुरुआत की जा रही है जो नवाचार और तकनीकी विकास को नई गति देगा। इसके अलावा जहाज निर्माण, इस्पात उद्योग और पर्यावरण अनुकूल विकास परियोजनाओं में भी संयुक्त प्रयासों पर सहमति बनी है। सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। दोनों देशों ने फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। शिक्षा, अनुसंधान और पर्यटन के क्षेत्र में लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी नई पहल की जाएगी। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों ने भविष्य में सांस्कृतिक उत्सवों और आदान प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों ने साझा दृष्टिकोण अपनाते हुए वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर सहमति जताई और एक शांतिपूर्ण और संतुलित वैश्विक व्यवस्था के निर्माण की दिशा में सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया।
युवक की पिटाई मामले में OBC नेता का SP को अल्टीमेटम, वीडियो हुआ वायरल

टीकमगढ़। जिले के बुडेरा थाना क्षेत्र के लार गांव में जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान युवक से मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर ओबीसी महासभा ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन के जिला प्रभारी नीलेश यादव ने एसपी को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो महासभा स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होगी। जन्मदिन समारोह में डांस के दौरान बढ़ा विवादजानकारी के अनुसार, लार गांव में गौतम परिवार के यहां जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें आर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम भी चल रहा था। इसी दौरान आरोप है कि डांस कर रही कलाकारों पर एक युवक द्वारा अश्लील टिप्पणी की गई। मामला बढ़ने पर वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। युवक की लाठी-डंडों से पिटाई का आरोपविवाद के बाद करीब 10 से 12 लोगों ने मिलकर रोहित लोधी नामक युवक के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। बताया जा रहा है कि रोहित ने डांस कर रही लड़कियों को बचाने का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस को शिकायत, अब तक कार्रवाई नहींघटना के बाद पीड़ित पक्ष और डांस कर रही लड़कियों ने बुडेरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में रामकुमार गौतम, मुकेश गौतम, मनोज गौतम और बादल गौतम सहित अन्य लोगों पर छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। OBC महासभा ने दी सख्त चेतावनीमामले को लेकर ओबीसी महासभा के जिला प्रभारी नीलेश यादव ने एसपी से मुलाकात कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई और कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो महासभा स्वयं आरोपियों को पकड़कर सार्वजनिक जुलूस निकालने को मजबूर होगी। उनके इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है। पुलिस पर दबाव, जांच जारीमहासभा के बयान के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
मुरैना में बाल विवाह पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, बारात के बीच पहुंची टीम

मुरैना। उत्तम पुरा के गोटे नगर स्थित गोविंद वाटिका मैरिज गार्डन में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक बाल विवाह प्रशासन की सतर्कता से रुक गया। बारात समय पर पहुंच चुकी थी, मेहमान खाना खा रहे थे और शादी की रस्में शुरू होने ही वाली थीं, तभी महिला बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। जांच में दुल्हन की उम्र 18 वर्ष से कम पाए जाने पर तत्काल विवाह प्रक्रिया रोक दी गई। बारात पहुंची, खाना चल रहा था, तभी पहुंची टीमजानकारी के अनुसार, यह विवाह उत्तम पुरा निवासी गर सिंह नरवरिया की पुत्री और कैलारस के कंचनपुरा (टिकतगढ़) निवासी रामबरन के पुत्र के बीच तय था। रविवार को कैलारस से बारात धूमधाम से गोटे नगर पहुंची थी। मैरिज गार्डन में बारातियों के स्वागत के साथ भोजन भी शुरू हो चुका था और माहौल पूरी तरह विवाह समारोह में बदल चुका था। लेकिन इसी बीच प्रशासन को सूचना मिली कि दुल्हन नाबालिग है, जिसके बाद तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया। दस्तावेज जांच में खुला मामला, तुरंत रोकी गई शादीमहिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर मधु आर्य के नेतृत्व में टीम और स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की। जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। इसके बाद टीम ने तत्काल विवाह रोकने का निर्णय लिया और पंचनामा तैयार किया। दुल्हन को समझाइश देकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। प्रशासन की सख्ती से टला बड़ा विवादअधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश दी कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और यदि भविष्य में नियमों का उल्लंघन किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से एक संभावित अवैध विवाह टल गया, हालांकि विवाह रुकने से दोनों परिवारों में मायूसी छा गई। दूल्हे के पिता ने जताई नाराजगी, बोले- समाज में हुई बदनामीदूल्हे के पिता रामबरन ने कहा कि उन्हें लड़की की उम्र कम होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि अचानक शादी रुकने से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी अपमान महसूस हुआ है। उनका कहना था कि “हम बारात लेकर आए थे, लेकिन अब बिना दुल्हन के लौटना पड़ रहा है, जिससे समाज में हमारी जग हंसाई हुई है।” दुल्हन पक्ष ने माना निर्णय, उम्र पूरी होने के बाद होगी शादीदुल्हन के पिता गर सिंह ने प्रशासन के निर्णय को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी बेटी की उम्र अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन किया जाएगा और उम्र पूरी होने के बाद ही विवाह का नया मुहूर्त निकाला जाएगा। प्रशासन ने दी सख्त चेतावनीमहिला बाल विकास विभाग के डीपीओ ओ.पी. पांडेय ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानून के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार से विवाह की कोशिश की गई तो संबंधित पक्षों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीम को सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई, ताकि कानून का उल्लंघन न हो।
MORENA CHILD MARRIAGE : खाना खा रही थी बारात, तभी पहुंच गई पुलिस—मुरैना में आधे घंटे पहले रुका बाल विवाह!

HIGHLIGHTS: मुरैना में समय रहते रुका बाल विवाह बारात पहुंचने के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई दस्तावेज जांच में उम्र 18 से कम पाई गई बारात बिना दुल्हन के लौटी दोबारा शादी की कोशिश पर सख्त चेतावनी MORENA CHILD MARRIAGE : ग्वालियर। मुरैना के उत्तम पुरा इलाके में प्रशासन ने समय रहते एक बाल विवाह रुकवा दिया। बता दें कि गोटे नगर स्थित गोविंद वाटिका मैरिज गार्डन में बारात पहुंच चुकी थी और मेहमानों का खाना चल रहा था। इसी दौरान महिला बाल विकास विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शादी की प्रक्रिया को रोक दिया। अशोकनगर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, बड़ा हादसा टला दस्तावेज जांच में खुला राज, उम्र निकली 18 से कम सूचना मिलने पर टीम ने दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवा दिया। बताया जा रहा है कि अगर टीम आधा घंटा और देर से पहुंचती, तो शादी संपन्न हो जाती। बारात लौटी बैरंग, परिवारों में मायूसी प्रशासन की कार्रवाई के बाद बारात बिना दुल्हन के लौट गई। दूल्हे के पिता ने कहा कि उन्हें लड़की की उम्र की जानकारी नहीं थी और इस घटना से उन्हें सामाजिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि “हम दुल्हन लेने आए थे, लेकिन अब बिना दुल्हन के लौटना पड़ रहा है। रतलाम में DJ विवाद बना खून-खराबा, युवक की चाकू से हत्या परिजनों ने मानी बात, 18 के बाद होगी शादी दुल्हन के पिता ने प्रशासन की कार्रवाई को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी बेटी अभी 18 साल की नहीं हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब बेटी के बालिग होने के बाद ही शादी का मुहूर्त निकाला जाएगा। प्रशासन की सख्त चेतावनी, दोबारा कोशिश पर कार्रवाई महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर दोबारा नाबालिग की शादी की कोशिश की गई, तो बाल विवाह कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पंचनामा बनाकर लड़की को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।