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गेहूं खरीदी पर सियासी संग्राम तेज सरकार के दावों पर कांग्रेस का बड़ा हमला

भोपाल । मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा खरीदी का कोटा बढ़ाने के दावों के बीच अब कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार भले ही 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का दावा कर रही हो लेकिन असल स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पिछले पंद्रह दिनों के आंकड़े ही सरकार की पोल खोलने के लिए काफी हैं। उनके अनुसार इस अवधि में लगभग 2.25 लाख किसानों से केवल 9.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो पाई है जबकि राज्य में कुल 19.04 लाख किसानों से खरीदी किया जाना बाकी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मध्यप्रदेश में वास्तविक आवश्यकता लगभग 160 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी की है लेकिन वर्तमान गति को देखते हुए यह लक्ष्य बेहद दूर दिखाई दे रहा है। चौधरी का कहना है कि अगर इसी रफ्तार से काम चलता रहा तो पूरी खरीदी प्रक्रिया को पूरा होने में करीब छह महीने का समय लग सकता है जो किसानों के हित में बिल्कुल भी नहीं है। कांग्रेस नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल विज्ञापनों के जरिए उपलब्धियां दिखाने में लगी हुई है जबकि जमीनी स्तर पर किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गेहूं की खरीदी को घुन या मिट्टी का हवाला देकर रोक दिया जा रहा है जिससे किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में खड़े हैं लेकिन खरीदी प्रक्रिया धीमी होने के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है। चौधरी ने यह भी कहा कि सरकार को किसानों को भ्रमित करना बंद करना चाहिए और वास्तविक स्थिति को स्वीकार करते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार 24 घंटे के भीतर खरीदी प्रक्रिया को तेज करे ताकि किसानों को राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसानों से किए गए वादों को निभाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी हर साल एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहता है क्योंकि बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में खरीदी की धीमी रफ्तार न केवल किसानों की आय को प्रभावित करती है बल्कि राज्य की कृषि व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वास्तव में खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

Summer Travel Guide: भीषण गर्मी में राहत देने वाली खूबसूरत जगहें, घूमने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन

नई दिल्ली। इस समय गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और लगतार गर्मी बढ़ती ही जाएगी। गर्मियों की तपती धूप से राहत पाने के लिए ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश हर किसी को होती है। भारत में कई ऐसे खूबसूरत हिल स्टेशन और ठंडी जगहें हैं, जहां आप गर्मी से बचकर आरामदायक छुट्टियां बिता सकते हैं। चलिए जानते हैं वो घूमने की जगहें। वैली ऑफ फ्लावर्सउत्तराखंड की मशहूर वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक गर्मियों में बेहद खूबसूरत लगती है। यहां चारों तरफ रंग-बिरंगे फूल और हरियाली देखने को मिलती है, जो ट्रेकिंग के शौकीनों को खास अनुभव देती है। यहां आने के बाद आपका मन जहां से जाने को बिलकुल भी नहीं करेगा। यहां आप कई तस्वीरें भी खींच सकती हैं। मनालीइस समय मनाली जाने का अच्छा ऑप्शन हैं। गर्मियों के लिए ये सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन में से एक है। यहां का ठंडा मौसम, बर्फ से ढके पहाड़ और हरी-भरी वादियां पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती हैं। आप यहां रोहतांग पास, सोलंग वैली और एडवेंचर एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। गुलमर्गअगर आप कश्मीर की खूबसूरती देखना चाहते हैं, तो गुलमर्ग जरूर जाएं। यहां का ठंडा मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य इसे “धरती का स्वर्ग” बनाता है। आप यहां केबल कार राइड और बर्फीले नजारों का आनंद ले सकते हैं।यहां के नजारे ही इतने प्यारे होते हैं कि आप यहां आने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जुकू वैलीनागालैंड की जुकू वैली ट्रेक अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। यहां हरे-भरे मैदान और खूबसूरत फूल देखने को मिलते हैं, जो इसे एक अलग और यादगार ट्रेकिंग डेस्टिनेशन बनाते हैं। शिलॉन्गशिलॉन्ग को ‘पूर्व का स्कॉटलैंड’ कहा जाता है और यह भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों में से एक है। यहां का ठंडा और सुहावना मौसम, हरियाली से भरी पहाड़ियां और झरने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। गर्मियों में भी यहां का तापमान काफी आरामदायक रहता है, इसलिए यह घूमने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, तेज गर्मी में सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्याएं बढ़ीं

नई दिल्ली । प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ने के साथ ही लोगों की सेहत पर इसका सीधा असर दिखने लगा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण अस्पतालों और क्लीनिकों में हीट स्ट्रोक, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी शिकायतों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति लापरवाही करने पर गंभीर रूप भी ले सकती है। हीट स्ट्रोक क्या है और कैसे होता हैहीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान नियंत्रण से बाहर हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। तेज धूप में लंबे समय तक रहने, पर्याप्त पानी न पीने और अत्यधिक शारीरिक श्रम करने से यह स्थिति बनती है। इसमें शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे दिमाग और अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं। सिरदर्द और चक्कर आने के मुख्य कारणगर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी (डिहाइड्रेशन) होने लगती है, जिससे ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है। इसी कारण लोगों को सिरदर्द, कमजोरी, थकान और चक्कर आने की शिकायत होती है। कई बार तेज धूप में अचानक बाहर निकलने से भी यह समस्या बढ़ जाती है। किन लोगों को ज्यादा खतराबुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बाहर काम करने वाले मजदूर इस मौसम में ज्यादा जोखिम में रहते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणविशेषज्ञों के अनुसार हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों में तेज सिरदर्द, चक्कर, मतली, त्वचा का लाल होना, अत्यधिक पसीना या अचानक पसीना बंद हो जाना शामिल है। गंभीर स्थिति में मरीज बेहोश भी हो सकता है, जो आपातकालीन स्थिति मानी जाती है। गर्मी से बचाव के उपायडॉक्टर सलाह देते हैं कि दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या ओआरएस का सेवन करें। तली-भुनी चीजों से भी बचना चाहिए। कब लें तुरंत चिकित्सा सहायताअगर किसी व्यक्ति को तेज चक्कर, बेहोशी, लगातार उल्टी या शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है।

गर्मी में डिहाइड्रेशन के मामले बढ़े, शरीर में पानी की कमी से बिगड़ सकती है सेहत

नई दिल्ली । तेज गर्मी और लू के बीच इन दिनों डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिन्हें कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी शिकायतें हो रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह समस्या समय रहते ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है। डिहाइड्रेशन क्या है और कैसे होता हैडिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर में पानी की मात्रा जरूरत से कम हो जाती है। गर्मी में अधिक पसीना आने और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो जाती है। इससे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं। डिहाइड्रेशन के सामान्य लक्षणपानी की कमी होने पर शरीर कई संकेत देता है। इनमें अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, सिरदर्द, कमजोरी, चक्कर आना, पेशाब का रंग गहरा होना और थकान शामिल हैं। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोशी तक महसूस कर सकता है। किन लोगों में ज्यादा खतराविशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और खुले में काम करने वाले मजदूर डिहाइड्रेशन के अधिक शिकार होते हैं। इसके अलावा जो लोग कम पानी पीते हैं या अधिक शारीरिक मेहनत करते हैं, उनमें भी इसका खतरा ज्यादा रहता है। गर्मी में डिहाइड्रेशन बढ़ने के कारणतेज धूप में लंबे समय तक बाहर रहना, पसीने के साथ शरीर से नमक और पानी का अधिक निकलना, और पानी की पर्याप्त मात्रा में पूर्ति न होना इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन भी शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है। बचाव के आसान उपायडॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्मी में हर कुछ समय पर पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। नारियल पानी, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन भी फायदेमंद होता है। हल्के और सूती कपड़े पहनें और धूप में बाहर निकलने से बचें। कब हो जाए सावधानअगर किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी महसूस हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी होता है।

धूल और गर्मी से एलर्जी व खांसी-जुकाम का बढ़ता खतरा, बदलते मौसम में रखें सावधानी

नई दिल्ली । तेज गर्मी और उड़ती धूल का मिश्रण इन दिनों लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। शहरों और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते तापमान के साथ हवा में मौजूद धूलकण सांस संबंधी समस्याओं को बढ़ा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस मौसम में एलर्जी, खांसी, जुकाम और गले की परेशानी के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। धूल और गर्मी कैसे बनती है बीमारी की वजहगर्म मौसम में सड़कें सूख जाती हैं और वाहनों की आवाजाही से धूल लगातार हवा में फैलती रहती है। यह धूल जब सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करती है तो नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करती है। इससे एलर्जी ट्रिगर होती है और लोगों को छींक, नाक बहना, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं होने लगती हैं। किन लोगों को ज्यादा खतराविशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों पर इसका असर ज्यादा होता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग भी जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे लोगों में हल्की धूल भी गंभीर खांसी-जुकाम का कारण बन सकती है। एलर्जी और जुकाम के सामान्य लक्षणइस मौसम में सबसे आम लक्षणों में बार-बार छींक आना, नाक बंद या बहना, गले में खराश, आंखों में जलन और लगातार खांसी शामिल हैं। कई बार यह स्थिति बढ़कर सांस लेने में परेशानी और अस्थमा अटैक तक भी पहुंच सकती है। बदलते मौसम में क्यों बढ़ती है समस्यागर्मी के मौसम में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है और नाक-गला भी सूखने लगता है। ऐसे में धूल और बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। हवा में नमी कम होने के कारण एलर्जी फैलाने वाले कण ज्यादा देर तक वातावरण में बने रहते हैं। बचाव के लिए क्या करेंडॉक्टर सलाह देते हैं कि इस मौसम में बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग जरूर करें। घर के अंदर नियमित सफाई रखें और धूल जमा न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। सुबह और शाम के समय ज्यादा धूल भरे इलाकों से बचना चाहिए। कब लें डॉक्टर की सलाहअगर खांसी-जुकाम 5–7 दिन से ज्यादा चले, सांस लेने में परेशानी हो या बुखार लगातार बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

Daily Horoscope Libra: आज तुला राशि वालों को मिलेगा कार्यस्थल पर सहयोग, लेकिन वाणी पर रखें नियंत्रण

नई दिल्ली। 24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) का दिन तुला राशि के जातकों के लिए कई मामलों में राहत और सुधार लेकर आ सकता है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति संकेत दे रही है कि लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। सुबह से ही मन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी, जिससे दिन की शुरुआत बेहतर तरीके से होगी। स्वास्थ्य में सुधार, लेकिन लापरवाही से बचेंइस दिन तुला राशि वालों के स्वास्थ्य में सुधार के योग बन रहे हैं। जो लोग लंबे समय से किसी छोटी-बड़ी बीमारी या थकान से परेशान थे, उन्हें राहत महसूस हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खानपान और दिनचर्या में लापरवाही न करें। मौसम के बदलाव का असर शरीर पर पड़ सकता है, इसलिए संतुलित आहार और पर्याप्त आराम जरूरी रहेगा। परिवार में मिलेगा सहयोग और अपनापनपरिवार के मामलों में यह दिन काफी अच्छा रहने वाला है। घर के सदस्यों के बीच आपसी सहयोग और समझ बढ़ेगी। किसी पुराने मतभेद का समाधान भी निकल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की ओर से सहयोग मिलने से मानसिक तनाव कम होगा और घर का माहौल शांत और सकारात्मक रहेगा। प्रेम जीवन में मिल सकता है सुखद सरप्राइजतुला राशि के जातकों के लिए प्रेम जीवन में भी सकारात्मक संकेत हैं। पार्टनर की ओर से कोई रोमांटिक सरप्राइज या खुशखबरी मिल सकती है, जिससे रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। अविवाहित लोगों के लिए भी किसी खास व्यक्ति से मुलाकात के योग बन रहे हैं, जो भविष्य में रिश्ते का रूप ले सकती है। करियर में वरिष्ठों का समर्थन, लेकिन वाणी पर संयम जरूरीकार्यस्थल पर दिन सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे रुके हुए कार्यों में गति आ सकती है। हालांकि, इस दौरान वाणी पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा। अधिक बोलने या किसी विवाद में पड़ने से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार, लेकिन सतर्कता जरूरीआर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं और कोई रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। लेकिन पुरानी संपत्ति या निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि नुकसान की संभावना बनी हुई है। किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय से पहले सलाह लेना उचित रहेगा।

बाहर का खाना खाने से फूड पॉइज़निंग का खतरा, लापरवाही पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली । आज के समय में बाहर का खाना लोगों की लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी हों या छात्र, ज्यादातर लोग स्ट्रीट फूड, ढाबे या रेस्टोरेंट का खाना पसंद करते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यही आदत कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकती है। सबसे बड़ा खतरा फूड पॉइज़निंग का होता है, जो दूषित भोजन या गंदे पानी से फैलने वाले बैक्टीरिया के कारण होता है। कैसे होता है फूड पॉइज़निंग का खतराफूड पॉइज़निंग तब होती है जब खाना बैक्टीरिया, वायरस या टॉक्सिन से संक्रमित हो जाता है। बाहर के खाने में कई बार साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता। कच्चे या अधपके भोजन, लंबे समय तक खुले में रखे गए पकवान, गंदे तेल का बार-बार उपयोग और दूषित पानी इस समस्या को और बढ़ा देते हैं। स्ट्रीट फूड में हाथों की स्वच्छता की कमी भी संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बनती है। फूड पॉइज़निंग के शुरुआती लक्षणफूड पॉइज़निंग होने पर शरीर तुरंत संकेत देने लगता है। मरीज को पेट दर्द, मरोड़, उल्टी, दस्त और कमजोरी महसूस होती है। कई मामलों में हल्का बुखार और डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत भी आ सकती है। किन लोगों के लिए ज्यादा खतराविशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग फूड पॉइज़निंग के अधिक शिकार हो सकते हैं। इन लोगों में संक्रमण तेजी से फैलता है और शरीर पर इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। स्ट्रीट फूड और बाहर का खाना कितना सुरक्षितस्ट्रीट फूड भले ही स्वाद में लाजवाब हो, लेकिन सुरक्षा के मामले में हमेशा भरोसेमंद नहीं होता। कई जगहों पर साफ पानी, स्वच्छ बर्तन और सही तरीके से खाना स्टोर करने की व्यवस्था नहीं होती। इसी कारण कई बार लोग एक ही समय में बड़ी संख्या में बीमार हो जाते हैं। कैसे रखें खुद को सुरक्षितविशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाहर खाना खाते समय कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। हमेशा साफ-सुथरी जगह से ही खाना लें, ताजा और गर्म भोजन का ही सेवन करें, कटे हुए फल या खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें। खाने से पहले हाथ धोना या सैनिटाइज़र का उपयोग करना भी संक्रमण के खतरे को कम करता है। कब लें डॉक्टर की सलाहअगर किसी व्यक्ति को लगातार उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द या कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

संतोषी माता व्रत कथा: शुक्रवार को करें संतोषी माता व्रत, जानें पूरी कथा

नई दिल्ली । शुक्रवार का दिन देवी संतोषी माता को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक शुक्रवार का व्रत करते हैं तथा व्रत कथा का श्रवण या पठन करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस व्रत में विशेष रूप से गुड़ और चने का भोग लगाया जाता है और मन, वचन व कर्म से शुद्धता का पालन किया जाता है। सात बेटों वाली मां और सबसे छोटे बेटे की कहानी की शुरुआतपौराणिक कथा के अनुसार एक गांव में एक वृद्ध महिला रहती थी, जिसके सात पुत्र थे। छह पुत्र मेहनती और कमाने वाले थे, जबकि सबसे छोटा पुत्र बेरोजगार और निकम्मा था। मां हमेशा छह बेटों का जूठा भोजन सातवें पुत्र को दे देती थी। यह देखकर पत्नी ने पति को सच्चाई दिखाने की सलाह दी।एक दिन त्योहार पर घर में विशेष भोजन बना। छोटे बेटे ने छुपकर देखा कि मां सभी बेटों को प्रेम से भोजन करा रही है, लेकिन अंत में जूठा बचाकर उसी को देती है। यह देखकर वह दुखी होकर परदेश चला जाता है। परदेश में संघर्ष और सफलतापरदेश में वह एक साहूकार के यहां नौकरी करने लगता है। अपनी मेहनत, ईमानदारी और समझदारी से वह कुछ ही समय में व्यापारी का भरोसेमंद बन जाता है और धीरे-धीरे एक बड़ा सेठ बन जाता है। भाग्य उसके साथ बदलने लगता है। पत्नी का संघर्ष और संतोषी माता का व्रतदूसरी ओर उसकी पत्नी घर में अत्याचार सहती रहती है। एक दिन जंगल में उसे कुछ महिलाएं संतोषी माता का व्रत करती दिखती हैं। वे उसे व्रत की विधि बताती हैं कि श्रद्धा से गुड़-चना लेकर शुक्रवार का व्रत करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।पत्नी श्रद्धा से व्रत शुरू करती है और संतोषी माता से अपने पति की वापसी की प्रार्थना करती है। माता की कृपा से बदल गया भाग्यसंतोषी माता उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसके पति को स्वप्न में मार्गदर्शन देती हैं। धीरे-धीरे उसका व्यापार बढ़ता है और वह अपने गांव लौट आता है। दोनों पति-पत्नी का पुनर्मिलन होता है और घर में सुख-समृद्धि आ जाती है। व्रत भंग और माता का कोपकथा में आगे बताया गया है कि पत्नी जब व्रत का उद्यापन करती है तो कुछ बच्चों की शरारत के कारण खटाई खिलाई जाती है, जिससे व्रत भंग हो जाता है और कष्ट वापस आ जाते हैं। बाद में वह फिर से माता से क्षमा मांगती है और विधिपूर्वक व्रत पूरा करती है। अंत में सुख-समृद्धि की प्राप्तिसंतोषी माता उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे एक सुंदर पुत्र का आशीर्वाद देती हैं। घर में सुख, शांति और समृद्धि लौट आती है।

Summer Special Recipe: ठंडक देने वाला खीरे का रायता, घर पर बनाएं स्वादिष्ट और हेल्दी डिश

नई दिल्ली  गर्मी का मौसम आते है शरीर में पानी की कमी होने लगती है इसलिए हमें ज्यादातर पानी वाले फल ही खाने चाहिए, जिससे हाइड्रेटेड रहे। इसके साथ ही आप खीरे का रायता (Cucumber Raita) भी खा सकते हैं ये काफी स्वादिष्ट ऑप्शन है। खीरा प्राकृतिक रूप से ठंडक देने वाला होता है और दही पाचन को बेहतर बनाता है, इसलिए इन दोनों का संयोजन गर्मियों के लिए एक परफेक्ट डिश माना जाता है। लेकिन अब सवाल उठता हैं अगर इसे बनाना नहीं आता तो क्या करें। तब परेशान होने की बात नहीं हैं हम आपके लिए इसकी खास रेसिपी लेकर आए हैं। खीरे का रायता बनाने की सामग्री2 मध्यम आकार के खीरे1 कप ताजा दही1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडरस्वादानुसार नमक1/4 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडरथोड़ी सी हरी धनिया पत्ती (बारीक कटी हुई)वैकल्पिक: 1 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई) बनाने की विधिसबसे पहले खीरे को अच्छे से धो लें और छील लें। इसके बाद खीरे को कद्दूकस कर लें। यदि खीरे में ज्यादा पानी हो, तो हल्का सा निचोड़ लें ताकि रायता ज्यादा पतला न हो। अब एक बाउल में दही लें और उसे अच्छे से फेंट लें ताकि वह स्मूद हो जाए। फेंटे हुए दही में कद्दूकस किया हुआ खीरा डालें और अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद इसमें नमक, काली मिर्च और भुना जीरा पाउडर डालकर मिक्स करें। यदि आप थोड़ा तीखा पसंद करते हैं, तो इसमें बारीक कटी हरी मिर्च भी डाल सकते हैं। अंत में ऊपर से हरी धनिया डालकर सजाएं। चाहें तो थोड़ा सा भुना जीरा पाउडर ऊपर से छिड़क दें, इससे स्वाद और भी बढ़ जाएगा। अब आपका ठंडा-ठंडा खीरे का रायता तैयार है। इसे आपक रोटी चावल या फिर ऐसे ही खा सकते हैं। इसको खाने का फायदाखीरा शरीर में पानी की कमी को दूर करता है और दही पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह रायता गर्मी में लू से बचाने में भी मदद करता है और पेट को हल्का रखता है। इस तरह खीरे का रायता न केवल स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। गर्मियों में इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

aaj Ka Rashifal 24 April 2026: मेष से मीन तक जानें आज का पूरा भविष्यफल

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल हर राशि के जीवन पर असर डालती है। 24 अप्रैल 2026 का दिन कुछ लोगों के लिए सफलता और लाभ लेकर आएगा, तो कुछ को सतर्क रहने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन तक का विस्तृत राशिफल। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए यह दिन निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला रहेगा। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन सफलता के लिए विनम्रता और ईमानदारी जरूरी होगी। पार्टनर के साथ समय बिताना संबंधों को बेहतर बनाएगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। वृषभ राशिवृषभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। रिश्तों में स्थिरता आएगी और खुशियां बढ़ेंगी। किसी बाहरी हस्तक्षेप से बचें और अपने फैसले खुद लें। मिथुन राशिआर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अच्छा समय है। प्रेम संबंधों में संवाद बेहतर होगा। कर्क राशिपरिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। आय के नए स्रोतों पर विचार कर सकते हैं। प्रेम जीवन मजबूत रहेगा। सिंह राशिजीवन में बड़े बदलाव के संकेत हैं। वित्तीय योजनाओं में सोच-समझकर कदम उठाएं। आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कन्या राशिकरियर और आय में उतार-चढ़ाव संभव है। वैवाहिक जीवन में गलतफहमियां हो सकती हैं। यह दिन आत्मविश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। तुला राशिपरिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा। करियर पर ध्यान देने की जरूरत है, वरना अवसर हाथ से निकल सकते हैं। वृश्चिक राशिकाम में असंतुलन की स्थिति बन सकती है, लेकिन नए प्रोजेक्ट की संभावना भी है। धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। धनु राशिफिलहाल बड़ी जिम्मेदारी लेने से बचें। पार्टनर के साथ समय बिताना फायदेमंद रहेगा। मकर राशिसंबंधों में विश्वास और समझ बढ़ाने की जरूरत है। विवाह संबंधी निर्णय अभी टालना बेहतर रहेगा। कुंभ राशिआध्यात्मिकता की ओर रुझान बढ़ेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और प्रेम संबंध मधुर रहेंगे। मीन राशिप्रतिष्ठा को लेकर सतर्क रहें। करियर और आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है।