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देहरादून में जनसुनवाई के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

नई दिल्ली। देहरादून में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान प्रदेशभर से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़े कई मामलों पर तत्काल संज्ञान लिया गया और समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को तेज, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत के निपटारे में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी और हर मामले की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे न केवल समस्याओं का समाधान तेजी से होता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार आता है। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को मौके पर ही राहत मिलने से उनके चेहरों पर संतोष देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जनता तक पहुंचे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। राज्य में लागू नई नीतियों और विकास कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि नई पहल से राज्य में रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी भी देखने को मिली, जहां उन्होंने सरकारी योजनाओं पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवा विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में भी जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

Mumbai drug case: मुंबई के हाई-प्रोफाइल ₹252 करोड़ ड्रग केस में जिन सेलिब्रिटीज के नाम सामने आए थे,

   Mumbai drug case:  नई दिल्ली : मुंबई में सामने आए करीब ₹252 करोड़ के बड़े ड्रग मामले को लेकर चल रही जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती चरण में इस केस ने तब सुर्खियां बटोरी थीं जब पूछताछ के दौरान कुछ चर्चित नामों का जिक्र सामने आया था। लेकिन अब जांच से जुड़े अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि अब तक किसी भी सेलिब्रिटी के खिलाफ प्रत्यक्ष या ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं, जिससे उन्हें इस मामले से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके। यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब एक बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा किया गया था, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैले कनेक्शन होने की बात सामने आई थी। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क केवल देश तक सीमित नहीं था, बल्कि विदेशों में भी इसके तार जुड़े हुए थे। इसी कड़ी में एक आरोपी से पूछताछ के दौरान कुछ नाम सामने आए, जिनके आधार पर मीडिया और सोशल चर्चाओं में हलचल बढ़ गई। ब्रेस्ट कैंसर को मात देकर भावुक हुईं छवि मित्तल, साझा किया दर्द, संघर्ष और नई शुरुआत का सफर हालांकि जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति का नाम केवल बयान के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। कानून के अनुसार किसी भी तरह की कार्रवाई या निष्कर्ष के लिए पुख्ता सबूत, वित्तीय रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्य जरूरी होते हैं। इसी वजह से जिन लोगों के नाम सामने आए, उनके खिलाफ अभी तक कोई कानूनी कदम नहीं उठाया गया है। जांच का फोकस फिलहाल डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, पैसों के लेन-देन और अन्य तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों में केवल बयान काफी नहीं होते, बल्कि पूरे नेटवर्क को समझने के लिए गहन जांच की आवश्यकता होती है। यह मामला अगस्त 2022 में तब शुरू हुआ था जब एक व्यक्ति को मेफेड्रोन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे जांच का दायरा बढ़ता गया और एक बड़े सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। आगे चलकर इस नेटवर्क से जुड़ी कुछ फैक्ट्रियों और सप्लाई चेन का भी पता लगाया गया, जहां से बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद की गई थीं। SILVER-GOLD MARKET: निवेशकों की बिकवाली भारी पड़ी, एक हफ्ते में सोना 500 और चांदी 7,000 रुपये से ज्यादा कमजोर हालांकि जांच के दौरान कुछ नाम सामने आने से मामला हाई-प्रोफाइल बन गया, लेकिन अब तक की स्थिति यह है कि किसी भी चर्चित व्यक्ति के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। इसी कारण जांच एजेंसियां बेहद सावधानी से आगे बढ़ रही हैं ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति का नाम बिना आधार के प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है और आने वाले समय में अदालत में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह जांच अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है, जहां असली नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की पहचान पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

ब्रेस्ट कैंसर को मात देकर भावुक हुईं छवि मित्तल, साझा किया दर्द, संघर्ष और नई शुरुआत का सफर

नई दिल्ली। कई बार जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां इंसान का पूरा नजरिया बदल जाता है। अभिनेत्री छवि मित्तल के जीवन में भी ऐसा ही एक बड़ा बदलाव ब्रेस्ट कैंसर के रूप में आया, जिसने न केवल उनकी सेहत को प्रभावित किया, बल्कि उन्हें जीवन को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर भी दिया। अब इस कठिन दौर से बाहर आए उन्हें चार साल पूरे हो चुके हैं और इस मौके पर उन्होंने अपनी यात्रा को भावनात्मक रूप से साझा किया। छवि मित्तल ने एक वीडियो और अपने संदेश के जरिए बताया कि उनकी जिंदगी में कुछ ऐसे पल आए जिन्होंने सब कुछ बदल दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई आना, मां बनना और फिर कैंसर का सामना करना—ये तीन ऐसे अनुभव रहे जिन्होंने उन्हें पूरी तरह बदल दिया। इन अनुभवों ने उन्हें यह समझाया कि जीवन हमेशा एक जैसा नहीं रहता, बल्कि हर बड़ा अनुभव उसे नई दिशा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर लोग चाहते हैं कि मुश्किल समय खत्म होने के बाद जिंदगी पहले जैसी हो जाए, लेकिन सच्चाई यह है कि कुछ घटनाओं के बाद जीवन कभी पहले जैसा नहीं रहता। उनके अनुसार यह बदलाव नुकसान नहीं, बल्कि एक नई समझ और परिपक्वता की शुरुआत होता है।अपने संदेश में छवि मित्तल ने उन लोगों को भी जवाब दिया जिन्होंने उन्हें लंबे समय तक अपने अनुभव साझा करने पर आलोचना की। कुछ लोगों ने इसे बार-बार चर्चा में लाने की कोशिश बताया, लेकिन छवि के अनुसार केवल वही लोग ऐसा सोच सकते हैं जिन्होंने किसी गहरे संघर्ष या बीमारी का सामना नहीं किया हो। उनके लिए यह विषय केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है। छवि ने यह भी स्वीकार किया कि कैंसर से ठीक होने की प्रक्रिया सीधी नहीं होती। यह एक लंबा और उतार-चढ़ाव भरा सफर होता है, जिसमें कुछ दिन बेहद सकारात्मक होते हैं तो कुछ दिन मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण। उनके अनुसार असली संघर्ष तब शुरू होता है जब लोग मान लेते हैं कि मरीज पूरी तरह ठीक हो चुका है, जबकि अंदरूनी लड़ाई अभी भी जारी रहती है। उन्होंने उस दिन को भी याद किया जब सर्जरी के बाद उन्हें कैंसर-मुक्त घोषित किया गया था। यह पल उनके लिए नई जिंदगी की शुरुआत जैसा था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद की यात्रा और भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि वहीं से असली जीवन को फिर से समझने और जीने की शुरुआत हुई। छवि मित्तल ने अपने संदेश में उन सभी लोगों के लिए सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया जो किसी गंभीर बीमारी से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की यात्रा अलग होती है और किसी भी परिस्थिति में खुद को समय देना सबसे जरूरी है। उन्होंने अपनी पोस्ट का अंत इस भावना के साथ किया कि यह केवल एक रिकवरी नहीं, बल्कि एक नए जीवन का उत्सव है। उनके लिए यह दिन जन्मदिन की तरह है, क्योंकि यह उनकी दूसरी जिंदगी की शुरुआत का प्रतीक है। साल 2022 में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलने के बाद छवि मित्तल ने लंबी सर्जरी और उपचार का सामना किया था। तब से वह लगातार अपने अनुभव साझा कर रही हैं, ताकि दूसरों को भी यह संदेश मिल सके कि कठिन परिस्थितियों के बाद भी जीवन सुंदर और सार्थक हो सकता है।

मोहनीश बहल की पत्नी आरती की सादगी के आगे फीकी पड़ती हैं कई हसीनाएं, देखें खास झलक

नई दिल्ली।हिंदी सिनेमा की दिग्गज अदाकारा नूतन आज भी अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता और दमदार फिल्मों के लिए याद की जाती हैं। अपने दौर में उन्होंने जिस तरह से सादगी और गहराई भरे किरदार निभाए, वह आज भी मिसाल माने जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके परिवार में एक ऐसी शख्सियत भी शामिल हैं, जो अपनी खूबसूरती और सादगी के कारण अक्सर चर्चा में आ जाती हैं। नूतन की बहू आरती बहल एक समय में फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री का हिस्सा रह चुकी हैं, हालांकि बाद में उन्होंने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली। शादी के बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान परिवार पर केंद्रित कर लिया और सार्वजनिक जीवन से काफी हद तक दूर हो गईं। इसके बावजूद उनकी मौजूदगी और पुरानी तस्वीरें समय-समय पर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं, जिनमें उनकी सादगी और आकर्षक व्यक्तित्व की खूब सराहना होती है। हाल ही में आरती बहल और उनके पति मोहनीश बहल की शादी की सालगिरह की कुछ झलकियां सामने आईं, जिसमें दोनों के बीच गहरा प्रेम और आपसी समझ साफ दिखाई देती है। इस खास मौके पर शेयर की गई तस्वीरों ने एक बार फिर लोगों का ध्यान उनकी ओर खींच लिया और प्रशंसकों ने उन्हें बेहद खूबसूरत और ग्रेसफुल बताया। आरती बहल और मोहनीश बहल की शादी 1990 के दशक की शुरुआत में हुई थी और इस जोड़े की दो बेटियां हैं, जिनमें प्रनूतन बहल भी शामिल हैं, जो खुद अभिनय की दुनिया में कदम रख चुकी हैं। परिवार में सिनेमा की मजबूत विरासत होने के बावजूद आरती ने हमेशा खुद को लाइमलाइट से दूर रखा और एक सादा जीवन जीना पसंद किया। नूतन, जो अपने समय की सबसे प्रतिष्ठित अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं, एक प्रतिष्ठित फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके परिवार में कला और अभिनय की परंपरा गहराई से जुड़ी रही है। इसी विरासत का हिस्सा आज भी उनका परिवार किसी न किसी रूप में आगे बढ़ा रहा है। आज आरती बहल भले ही फिल्मों में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन उनकी शालीनता और सहज व्यक्तित्व उन्हें अक्सर चर्चा में बनाए रखता है। सोशल मीडिया पर जब भी उनकी तस्वीरें सामने आती हैं, लोग उनकी तुलना पुरानी दौर की अभिनेत्रियों की ग्रेस से करते हुए उनकी सराहना करते हैं।

NITI Aayog: नीति आयोग को मिला बड़ा महत्व, पीएम मोदी ने बताया देश की नीति-निर्माण व्यवस्था का मजबूत स्तंभ

   NITI Aayog: नई दिल्ली। देश की विकास और नीति-निर्माण प्रणाली में नीति आयोग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। केंद्र सरकार के अनुसार यह संस्था न केवल नीतियों को आकार देने का काम कर रही है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास को गति देने में भी अहम योगदान निभा रही है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग को भारत की नीति-निर्माण व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्था सहकारी संघवाद को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने यानी ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीति आयोग आज एक ऐसे मंच के रूप में उभर चुका है जहां नवाचार, दीर्घकालिक सोच और प्रभावी रणनीति पर काम किया जाता है। SWATI MALIWAL JOINS BJP: AAP को एक और झटका: स्वाति मालीवाल BJP में शामिल, मोदी-शाह की तारीफ कर केजरीवाल पर जमकर किए हमले हाल ही में सरकार द्वारा नीति आयोग का पुनर्गठन किया गया, जिसके बाद इसके नए नेतृत्व को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्रधानमंत्री ने नए उपाध्यक्ष और अन्य पूर्णकालिक सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे अपने कार्यकाल में प्रभावशाली और परिणाम देने वाला कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यह टीम देश की नीति निर्माण प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने में योगदान देगी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि नीति आयोग का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने में भी सहायता करना है। यह संस्था केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत बनाकर विकास को संतुलित दिशा देने का कार्य कर रही है। मोहनीश बहल की पत्नी आरती की सादगी के आगे फीकी पड़ती हैं कई हसीनाएं, देखें खास झलक इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से नए उपाध्यक्ष के अनुभव की सराहना की। अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में नीति आयोग की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी। सरकार का मानना है कि ऐसे अनुभवी विशेषज्ञों की भागीदारी से नीतियों की गुणवत्ता और कार्यान्वयन क्षमता दोनों में सुधार होगा। नीति आयोग देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए काम करता है। यह केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों को भी अपनी कार्ययोजना में शामिल करता है। इसका उद्देश्य भारत को एक समग्र विकास मॉडल की ओर ले जाना है, जहां हर क्षेत्र को समान अवसर मिल सके। वर्तमान समय में जब भारत तेजी से आर्थिक और सामाजिक बदलावों से गुजर रहा है, नीति आयोग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था सरकार को नीतिगत सुझाव देने के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के विकास मॉडल का विश्लेषण कर बेहतर समाधान प्रस्तुत करने का काम करती है। SILVER-GOLD MARKET: निवेशकों की बिकवाली भारी पड़ी, एक हफ्ते में सोना 500 और चांदी 7,000 रुपये से ज्यादा कमजोर प्रधानमंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नीति आयोग को भविष्य की विकास रणनीति के केंद्र में देख रही है। आने वाले समय में यह संस्था देश के विकास एजेंडे को दिशा देने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है, जिससे भारत के ‘विकसित राष्ट्र’ बनने के लक्ष्य को गति मिलेगी।

Government Policy: नए उपाध्यक्ष के तौर पर सक्रिय हुए अशोक लाहिड़ी, पीएम से मुलाकात में विकास एजेंडे पर चर्चा..

 Government Policy: नई दिल्ली। नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद वरिष्ठ अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी ने राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद हुई एक महत्वपूर्ण औपचारिक बैठक मानी जा रही है, जिसमें देश की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श की संभावना रही। अशोक लाहिड़ी लंबे समय से भारत की आर्थिक नीति निर्माण प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं और उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उनके अनुभव को देखते हुए नीति आयोग में उनकी नियुक्ति को सरकार के आर्थिक दृष्टिकोण को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस नई जिम्मेदारी के साथ नीति आयोग में कार्यशैली और प्राथमिकताओं में भी बदलाव की उम्मीद की जा रही है। सरकार का फोकस इस समय विकास, निवेश और आर्थिक सुधारों को गति देने पर है, ऐसे में लाहिड़ी की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लाहिड़ी का करियर चार दशकों से अधिक का रहा है, जिसमें उन्होंने मुख्य आर्थिक सलाहकार और विभिन्न वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ काम किया है। उनकी विशेषज्ञता खास तौर पर वित्तीय नीति और मैक्रो-इकोनॉमिक प्लानिंग में मानी जाती है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश तेजी से बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल के बीच अपनी विकास रणनीतियों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। इस संदर्भ में नीति आयोग में उनकी भूमिका नीति निर्माण को और अधिक व्यावहारिक और डेटा आधारित बनाने में मदद कर सकती है। प्रधानमंत्री से उनकी यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे आने वाले समय की नीति दिशा और प्राथमिकताओं के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

Aam Aadmi Party: AAP में बगावत पर सियासी संग्राम: 7 सांसदों के BJP में जाने पर बोले संजय सिंह, यह असंवैधानिक, सदस्यता रद्द हो

   Aam Aadmi Party: नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की खबर के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अवैध और असंवैधानिक करार दिया है।  संजय सिंह ने कहा कि राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों का यह कदम संसदीय नियमों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति को पत्र लिखकर इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग करेंगे। मोहनीश बहल की पत्नी आरती की सादगी के आगे फीकी पड़ती हैं कई हसीनाएं, देखें खास झलक पार्टी के प्रति जिम्मेदारी पर उठाए सवाल संजय सिंह ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें पार्टी ने अवसर और पहचान दी, उनसे अपेक्षा थी कि वे जनता और संगठन के हित में काम करेंगे। उन्होंने खासतौर पर पंजाब के संदर्भ में कहा कि इन नेताओं को राज्य और पार्टी के विस्तार में योगदान देना चाहिए था। IOL VACANCY: आईओएल में नौकरी का बड़ा मौका, इंजीनियर और मैनेजमेंट पदों पर 6 वैकेंसी, आवेदन 15 मई तक सोशल मीडिया पर भी उठाया मुद्दा संजय सिंह ने यह भी दावा किया कि पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम और फेसबुक को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे व्हाट्सऐप और अन्य माध्यमों के जरिए पार्टी का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्यसभा में इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जाता है और क्या वाकई इन सांसदों की सदस्यता पर कोई कार्रवाई होती है। फिलहाल इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमाने वाला है।

IOL VACANCY: आईओएल में नौकरी का बड़ा मौका, इंजीनियर और मैनेजमेंट पदों पर 6 वैकेंसी, आवेदन 15 मई तक

IOL VACANCY: नई दिल्ली। देहरादून स्थित इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने युवाओं के लिए रोजगार का एक नया अवसर जारी किया है। कंपनी ने प्रोजेक्ट इंजीनियर सहित कुल 6 पदों पर भर्ती की घोषणा की है, जो अनुबंध आधारित होगी। इस भर्ती में तकनीकी और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए अवसर शामिल हैं। जारी की गई भर्ती में प्रोजेक्ट इंजीनियर, सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर और सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर जैसे पद शामिल हैं। प्रत्येक पद पर दो-दो रिक्तियां निर्धारित की गई हैं। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 15 मई तय की गई है।इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता के रूप में उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग, फिजिक्स या मैनेजमेंट से जुड़ी डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ बीई, बीटेक या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा अनिवार्य रखा गया है। उम्मीदवारों की आयु सीमा पद के अनुसार निर्धारित की गई है, जिसमें न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 से 40 वर्ष के बीच हो सकती है। आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी। इसमें पहले आवेदन की स्क्रीनिंग की जाएगी, उसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा। अंतिम चयन मेरिट सूची और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार 40,000 रुपये से लेकर 1,80,000 रुपये प्रति माह तक का वेतन दिया जाएगा। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित फॉर्म डाउनलोड कर उसे सावधानीपूर्वक भरना होगा। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न कर फॉर्म को तय पते पर डाक के माध्यम से भेजना होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन की एक प्रति भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और एक प्रतिष्ठित संगठन के साथ जुड़कर अनुभव हासिल करना चाहते हैं।

Scindia Inaugurates CSR Project: कोलारस बनेगा रक्षा हब; सिंधिया ने शिवपुरी में की ₹2500 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट की घोषणा

Scindia Inaugurates Shivpuri Hostel

HIGHLIGHTS: कोलारस में बनेगा ₹2500 करोड़ का रक्षा संयंत्र करीब 2000 लोगों को मिलेगा रोजगार 19.68 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात छात्रावास, पंचायत भवन और सीवेज प्लांट का भूमिपूजन कई क्षेत्रों में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास   Scindia Inaugurates CSR Project: ग्वालियर। शिवपुरी-कोलारस दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्षेत्र को बड़ी औद्योगिक सौगात दी है। बता दें कि उन्होंने ₹2500 करोड़ की लागत से कोलारस में रक्षा संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की। यह संयंत्र कोलारस से करीब 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और बॉम्बे-ग्वालियर हाईवे के संगम पर बनेगा, जिससे क्षेत्र की पहचान अब कृषि से आगे बढ़कर औद्योगिक हब के रूप में होगी। रोजगार और विकास को मिलेगी नई रफ्तार इस परियोजना से करीब 2000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। स्थानीय युवाओं को बड़े स्तर पर नौकरी के अवसर मिलेंगे। साथ ही टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध कोलारस अब देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। AAP को एक और झटका: स्वाति मालीवाल BJP में शामिल, मोदी-शाह की तारीफ कर केजरीवाल पर जमकर किए हमले 19.68 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने 19.68 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत बालक और बालिका छात्रावास, जनपद पंचायत भवन, बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की शुरुआत की गई। सीवेज प्लांट और CSR प्रोजेक्ट से बदलेगा शहर कोलारस में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का भूमिपूजन किया गया, जिससे स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। साथ ही बदरवास के बुडा डोंगर में अदानी सीएसआर परियोजना का उद्घाटन भी किया गया। यह क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। KYC प्रक्रिया में बड़ा बदलाव संभव, वित्त मंत्री ने आसान और एकीकृत सिस्टम की उठाई मांग.. विकास कार्यों की लंबी सूची सिंधिया के दौरे के दौरान सड़क परियोजनाएं, सीएम राइज स्कूल, आवास योजनाएं और कई अन्य कार्यों का उद्घाटन व भूमिपूजन किया जाएगा। 27 अप्रैल को मेधावी छात्रों से संवाद के साथ यह दौरा समाप्त होगा, जिसमें शिक्षा और विकास दोनों पर जोर रहेगा।  

Delhi Capitals: दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल में बनाया अनोखा रिकॉर्ड, टॉस जीतने की लगातार 9वीं सफलता ने खींचा ध्यान

Delhi Capitals: नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कई दिलचस्प आंकड़े और रिकॉर्ड सामने आ रहे हैं। इसी बीच दिल्ली कैपिटल्स ने एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टीम ने लगातार नौ मैचों में टॉस जीतकर आईपीएल इतिहास में एक खास उपलब्धि अपने नाम की है।शनिवार को खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने एक बार फिर टॉस जीत लिया। यह मैच पंजाब किंग्स के खिलाफ खेला गया, जिसमें दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इस जीत के साथ ही टीम का लगातार टॉस जीतने का सिलसिला नौ मैचों तक पहुंच गया। इस समय दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी अक्षर पटेल के हाथों में है। उनकी नेतृत्व क्षमता में टीम ने इस सीजन लगातार सात टॉस जीते हैं, जबकि पिछले सीजन के अंतिम दो मैचों में भी टीम ने टॉस अपने नाम किया था। इस तरह यह रिकॉर्ड एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा बन गया है, जो अब आईपीएल इतिहास में दर्ज हो चुका है। इस उपलब्धि के साथ दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल की दो बड़ी टीमों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स भी लगातार नौ-नौ मैचों में टॉस जीतने का कारनामा कर चुकी हैं। अब दिल्ली भी इसी सूची में शामिल होकर शीर्ष स्तर पर पहुंच गई है। क्रिकेट में टॉस जीतना किसी भी टीम के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे मैच की शुरुआत की दिशा तय होती है। हालांकि टॉस जीतना मैच के परिणाम की गारंटी नहीं होता, लेकिन यह टीम को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने में मदद जरूर करता है। वर्तमान सीजन की बात करें तो दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन अभी तक मिला-जुला रहा है। टीम ने छह में से तीन मुकाबलों में जीत हासिल की है और अंक तालिका में छठे स्थान पर बनी हुई है। दूसरी ओर पंजाब किंग्स शानदार फॉर्म में नजर आ रही है और छह में से पांच मैच जीतकर शीर्ष स्थान पर काबिज है। शनिवार के मुकाबले में दोनों टीमों ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे यह साफ था कि दोनों टीमें अपने मौजूदा संयोजन पर भरोसा जता रही हैं। दिल्ली जहां अपनी लय पकड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं पंजाब लगातार अपनी जीत की लय को बनाए रखना चाहती है। दिल्ली कैपिटल्स का यह लगातार टॉस जीतने का रिकॉर्ड भले ही किस्मत से जुड़ा संयोग माना जाए, लेकिन यह टीम के लिए चर्चा का बड़ा विषय जरूर बन गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ‘टॉस की किस्मत’ टीम को आगे आने वाले मैचों में जीत की ओर भी ले जा पाती है या नहीं।